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भारी वाहनों की पार्किंग से सर्विस लेन जाम, आम लोगों को हो रही परेशानी

धौलपुर  शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या44 पर दोनों तरफ सर्विस लेन की हालत खराब है। ग्वालियर और आगरा रोड की सर्विस लेन पर सुबह से ही भारी वाहन आकर खड़े हो जाते हैं। यह वाहन दिनभर यहां सर्विस लेन पर खड़े रहते हैं जिससे यातायात बाधित रहता है और हादसे का खतरा बना रहता है। यहां गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स की तरफ की जा रही सर्विस लेन पर इन दिनों खासा ट्रेफिक है। वाटरवक्र्स चौराहे पर हाइवे क्रॉसिंग को बंद करने से सामने की तरफ से लांग साइड से वाहन आने से और समस्या खड़ी हो गई है। रही सही कसर यहां सर्विस लेन पर खड़े हो रहे भारी वाहनों ने कर रखी है। जिससे यहां पर जाम की स्थिति बन रही है। शुरुआत में इन वाहनों को हटाया गया लेकिन फिर से जस की तस स्थिति बनी हुई है। ग्वालियर रोड की सर्विस लेन की स्थिति अधिक खराब है। गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स चौराहे के बीच भारी वाहन खड़े रहते हैं। यहां पर मिस्त्रियों की दुकानें हैं और वाहन यहां दिनभर खड़े रहते हैं। जिससे सर्विस लेन पर जगह कम पड़ जाती है। मिस्त्रियों की दुकानें हाइवे की सर्विस लेन किनारे बनी हुई हैं। यहां दुकानों होने से साइड से गुजर रहे नाली की भी सफाई नहीं हो पाती है। इसी तरह आगे वाटरवक्र्स चौराहे से सागरपाडा तक अनाधिकृत रूप से कब्जा बना हुआ है। आगे की तरफ तो सर्विस लेन पर गड्ढे हो रहे हैं। जिससे निकलना भी दूभर हो रहा है। शहर में कृषि उपज मंडी, चोपड़ा मंदिर कट और आगे राजाखेड़ा बाइपास की तरफ हालात खराब है। यहां पर वाहन रेंग रेंग कर आगे निकल पा रहे हैं। वहीं, केन्द्रीय बस स्टैंड की तरफ भी अव्यवस्था है। यहां आरएसी लाइन से बस स्टैंड तक दुपहिया वाहन चालक मुश्किल से २० किमी प्रति किलोमीटर से भी कम रफ्तार में चल पा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त चौराहा गुलाब बाग का भी हाल बेहाल है। यहां जगदीश तिराहे से चौराहे की तरफ आने वाले ट्रेफिक रेंगता हुआ बढ़ता है। चौराहे के पास अनाधिकृत रूप से पार्किंग हो रही है। गत दिनों सफाई के लिए नगर परिषद ने दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया और सफाई की। जिसके बाद फिर से नाले पर ही कब्जा कर लिया। दुकानों की पार्किंग भी सडक़ पर हो रही है। जिससे जाम की स्थिति बन रही है।  

एयू मैराथन को CM ने दिखाई हरी झंडी

जयपुर. गुलाबी नगरी में रविवार सुबह आयोजित एयू जयपुर मैराथन 2026 में फिटनेस, उत्साह और ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों धावकों की कदमताल ने जयपुर को एक बार फिर देश की प्रमुख रनिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर दिया। आयोजन स्थल पर युवाओं और फिटनेस समूहों की सक्रिय भागीदारी से उत्सव जैसा माहौल रहा। रामनिवास बाग से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मैराथन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने भी रन में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रातः जल्दी उठकर दौड़ने और व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है तथा पूरे दिन शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को धरातल पर उतारने के लिए स्वस्थ जीवनशैली एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से व्यायाम को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर देश-प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की। इस दौरान अभिनेता मिलिंद सोमन ने मुख्य दौड़ में भाग लेते हुए न केवल तेज गति से रन किया, बल्कि रास्ते में रुककर पुश-अप्स कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान उनके चारों ओर मौजूद युवा और बच्चे भी उन्हीं की तरह फिटनेस एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित दिखे। संस्कृति युवा संस्था और वर्ल्ड ट्रेड पार्क के संयोजन में आयोजित इस मैराथन को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का सहयोग मिला। संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने इस मैराथन को केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए मैराथन को जनआंदोलन बनाने की पहल बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर ने एक बार फिर साबित किया है कि यहां खेल और सामाजिक सरोकार साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। दौड़ के विभिन्न वर्गों में प्रोफेशनल धावकों से लेकर स्कूली बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भ्ज्ञी हिस्सा लिया। रास्ते में जगह-जगह पानी, ऊर्जा पेय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था रही। जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लाइव म्यूजिक ने प्रतिभागियों का उत्साह बनाए रखा।

आम बजट से भीलवाड़ा की टेक्सटाइल सिटी को लगेंगे पंख

जयपुर/भीलवाड़ा. सहमे बाजार और महंगाई की मार झेल रही जनता के बीच आज पेश हुए केंद्रीय बजट में चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा से राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कपड़ा उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजस्थान का भीलवाड़ा जिला कपड़ा उद्योग में सिरमौर है और बजट घोषणा में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना होने से वस्त्रनगरी के कपड़ा उद्योग को पंख लगने तय हैं। सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर, 8 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर और 8 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इस वित्त मंत्री की बजट घोषणा से इस औद्योगिक हब को मानों 'बूस्टर डोज' मिल गई है। उद्यमियों ने कहा कि बजट में 'मेगा टेक्सटाइल पार्क' की घोषणा हुई है जिससे अब यह शहर वैश्विक पटल पर चीन और वियतनाम जैसे देशों को सीधी टक्कर देने वाला है। वित्तमंत्री ने बजट में ये की घोषणाएं बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मॉर्डन किया जाएगा और टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम पर नया प्लान लॉन्च किया जाएगा। SME सेक्टर को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा की गई है, इसके साथ ही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल (Mahatma Gandhi Gram Swaraj Initiative) को भी लॉन्च किया जाएगा। बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 5 प्वाइंट प्लान लॉन्च किया जाएगा और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है. खादी और हैंडीक्राफ्ट टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा गया है। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा- वित्त मंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 'चैलेंज मोड' में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या? रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे। प्रमुख घोषणाएं… वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल। वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा। रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव

राजस्थान में ₹2,585 प्रति क्विंटल है समर्थन मूल्य पर शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद

जयपुर. राजस्थान के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया आज 1 फरवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा। राज्य सरकार ने खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू की है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार किसान 1 फरवरी से 25 जून 2026 तक गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए “गेहूं खरीद के लिए किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल” शुरू किया गया है। किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए अद्यतन जन आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का पैसा सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भुगतान में देरी की समस्या भी नहीं आएगी। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने बैंक खाते को जन आधार से लिंक करा लें। राज्य में गेहूं की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2026 तक की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में 383 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड, तिलम संघ, नाफेड, एनसीसीएफ तथा इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पंजीकरण, खरीद तिथि और अन्य सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएंगी। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14435 जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।

साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत: जांच तेज, आश्रम में SIT-FSL की बड़ी कार्रवाई

जोधपुर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। इस मामले की तह तक जाने के लिए गठित SIT की टीम पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी हुई है। इसी कड़ी में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम भी आज एक बार फिर साध्वी के आश्रम पहुंची, जहां घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आश्रम परिसर से अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि मौत की असल वजह का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण का नहीं हुआ खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी की मौत का साफ कारण नहीं निकल पाया है। मगर मेडिकल सूत्रों के मुताबिक उनकी छोटी और बड़ी आंत में लाल निशान मिले हैं, जो अक्सर जहर के असर से होते हैं। अगर सच में जहर का शक सही है, तो आगे की जांच में यह साफ होगा। अब उनके आंतरिक अंगों (जैसे फेफड़े, यकृत, गुर्दा, आंत) की रासायनिक जांच हो रही है। FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ था या नहीं और अगर था, तो वह कैसे पहुंचा। पुलिस ने आश्रम के बाहर दो अस्थालाइन की बोतलें भी बरामद की हैं। इसके चलते सवाल उठ रहे हैं कि क्या साध्वी को अस्थमा की दिक्कत थी। अस्थमा के मरीजों को अक्सर डेक्सोना इंजेक्शन दिया जाता है, जो स्टेरॉयड है और फेफड़ों की सूजन कम करता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में यह खतरनाक भी हो सकता है।

शिवराज का बीकानेर से संदेश: पत्नी की तारीफ के लिए चाहिए साहस, किताब लिखने का मन भी है

भोपाल/बीकानेर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज के लिए जाने जाते हैं। राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान उन्होंने एक ऐसी घोषणा की, जिसने महफिल लूट ली। शिवराज ने कहा कि वे जल्द ही अपनी 'पत्नी पर एक किताब' लिखेंगे। दरअसल राजस्थान में शिवराज सिंह चौहान मंच से मेघवाल की किताब से मिली प्रेरणा पर यह बात कर रहे थे। यह दिलचस्प वाकया तब हुआ जब शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मेघवाल ने अपनी पत्नी को समर्पित एक किताब ‘एक सफर हमसफर के साथ’ लिखी है। इसी का जिक्र करते हुए शिवराज ने उनकी जमकर तारीफ की। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती, पत्नी की खुलकर तारीफ कर दे शिवराज ने मजाकिया लहजे में कहा, 'भाभी जी पर आपने जो किताब लिखी है, उसे मैं एक अद्भुत घटना मानता हूं। किसी में इतनी हिम्मत नहीं होती कि वह पत्नी की खुलकर तारीफ कर दे, वरना लोग कहने लगते हैं कि ये तो जोरू का गुलाम है।' अब तो मैं भी एक किताब लिख ही दूंगा उन्होंने आगे कहा कि मेघवाल के साहस को देख अब वे भी प्रेरित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए कहा, 'अब तो मैं भी एक किताब लिख ही दूंगा। सच में, जीवन में धर्मपत्नी का बहुत बड़ा योगदान होता है।' कैलाश खेर ने मंच से लोगों को सुनाई खरी-खोटी गायक कैलाश खेर जब भी मध्य प्रदेश आते हैं, तो अपने गानों के साथ-साथ लोगों को खरी-खोटी सुनाने से भी नहीं चूकते। हाल ही में उन्होंने सतना में एक कॉन्सर्ट किया था, जिसका एक वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में कैलाश खेर यह कहते नजर आ रहे हैं कि, ‘बहुत कम ऐसे कॉन्सर्ट होते हैं, जहां खाना भी चल रहा हो और गाना भी चल रहा हो। म्यूजिक को इज्जत तब मिलती है, जब खाना-वाना पहले डकार लिया जाए या फिर बाद में ठूंस लिया जाए।’ उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा- वैसे भी अपनों से ये कहने का बड़ा मन करता है कि बहुत खाते हो भाई। यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश खेर के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले मंदसौर में वे एक भाजपा विधायक के नाम को लेकर मजाक कर चुके हैं और वहां की जनता को गरीब भी कह दिया था।

नागौर कलक्टर की अनोखे अंदाज में हुई रिटायरमेंट पार्टी

नागौर. जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित की विदाई एक अनोखे और उत्साहपूर्ण तरीके से हुई, जिसमें बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका सम्मान किया गया। इस खास मौके पर कलक्ट्रेट शाखा के सभी अधिकारी, कार्मिक और आम नागरिक भावुक नजर आए। विभागीय नियमों के तहत पुरोहित अब सेवानिवृत्त हो गए हैं और उनके इस विदाई समारोह को एक विवाह समारोह जैसा रूप दिया गया था। बैंड बाजों की धुन के साथ उनकी विदाई का दृश्य किसी बारात से कम नहीं था। भावुक हुए अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त जिला कलक्टर के विदाई समारोह में कलक्ट्रेट और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों का भी बेहद भावुक माहौल था। अरुण कुमार पुरोहित ने अपने दो साल के कार्यकाल में सरल, सहज और शालीन व्यवहार से सबको प्रेरित किया। उनकी नवाचारों और कामकाजी शैली के कारण ये विदाई समारोह सभी के लिए यादगार और भावुक क्षण बन गया। कलक्टर की गाड़ी को दूल्हे की तरह सजाया गया और विदाई गीतों की धुन कलक्ट्रेट परिसर में गूंज रही थी। सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले एक भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी स्टाफ ने अपनी भावनाएं शेयर की। इसके बाद कलक्टर को सभागार में माल्यार्पण कर विदाई दी गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी ने बताया कि 'जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित हमेशा समय के पक्के थे और उन्होंने हर कार्य में सटीकता से योगदान दिया। वे न केवल विभागीय कार्यों में सक्रिय रहे, बल्कि आमजन की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ विचार-विमर्श करते थे। उनका व्यक्तित्व और कार्यशैली हमेशा प्रेरणादायक रही, और जब तक वे पद पर रहे, वे सभी को एक परिवार की तरह मानते रहे।'

राजस्थान में कल से ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट

जयपुर. राजस्थान समेत शेखावाटी में उत्तरी हवाएं चलने का असर लगातार दूसरे दिन भी नजर आया। सुबह कडाके की सर्दी के बाद दिनभर तल्ख धूप खिली। केन्द्रों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार चौबीस घंटे में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शेखावाटी के तीनों जिलों सहित अजमेर, भरतपुर जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। 1-2-3-4 फरवरी को इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग ने राजस्थान के कई हिस्सों जैसे भीलवाड़ा, राजसमंद, पाली में आज ओलावृष्टि और गरज चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिसमें अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग सहित शेखावाटी क्षेत्र के जिले शामिल है। वहीं 1 और 2 फरवरी को भी अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश (मावठ) का दौर जारी रहेगा। वहीं 1 अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, टोंक, कोटा, बूंदी, बारां कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, हनुमानगढ़ और चूरू में मेघगर्जन-वज्रपात का येलो अलर्ट भी जारी किया है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अंपायर प्रोफेसर रघुवीर सिंह राठौड़ की मौत

उदयपुर. लेक सिटी उदयपुर और क्रिकेट जगत के लिए एक दुखद खबर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले दिग्गज अंपायर और प्रख्यात शिक्षाविद् प्रोफेसर रघुवीर सिंह राठौड़ (88) का निधन हो गया। वे पिछले 15 दिनों से अस्वस्थ थे और उदयपुर के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, जहां शाम करीब चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बता दें कि प्रोफेसर राठौड़ का व्यक्तित्व बहुआयामी था। जहां एक ओर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की पिच पर सख्त अंपायरिंग की, वहीं दूसरी ओर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) में भूगोल के प्रोफेसर के रूप में हजारों छात्रों का भविष्य संवारा। उनके शिष्यों की सूची में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, पूर्व सांसद नमोनारायण मीणा और पूर्व आईएएस धर्मसिंह सागर जैसी दिग्गज हस्तियां शामिल हैं। अंपायरिंग करियर की प्रमुख उपलब्धियां प्रो. राठौड़ सेंट्रल जोन (राजस्थान, यूपी, एमपी, विदर्भ और रेलवे) से निकलने वाले अग्रणी अंतरराष्ट्रीय अंपायरों में से एक थे। करियर के मुख्य पड़ाव में अपना पहला टेस्ट मैच 1992 में चंडीगढ़ में भारत बनाम श्रीलंका के बीच कराया। साल 1993 में चेन्नई में भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट मैच में भी उन्होंने अंपायर की कमान संभाली। उन्होंने कुल सात अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में अंपायरिंग की, जिसमें पहला मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच था। तीन दशक तक संभाली उदयपुर क्रिकेट की कमान उनके घनिष्ठ मित्र और पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर बलवंत शर्मा ने बताया कि प्रो. राठौड़ का क्रिकेट प्रशासन में भी अतुलनीय योगदान रहा। वे 1966 से 1996 तक लगातार 30 वर्षों तक उदयपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव रहे। इसके बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी बलवंत शर्मा को सौंपी थी। खेल जगत में शोक की लहर उनके निधन की खबर मिलते ही वंडर क्रिकेट एकेडमी परिसर में एक शोक सभा आयोजित की गई। जिला क्रिकेट संघ के सचिव मनोज चौधरी, कोच और खिलाड़ियों ने मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उदयपुर के खेल प्रेमियों का कहना है कि प्रो. राठौड़ के निधन से एक युग का अंत हो गया है, जिन्होंने शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों को समान रूप से समृद्ध किया।

दौसा से कोटा के बीच 5 घंटे का सफर घटकर 2 घंटे में होगा पूरा

दौसा. जिलेवासियों के लिए खुश खबर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दौसा से कोटा बीच होली तक वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लक्ष्य तय किया है कि फरवरी तक शेष बचे कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि फरवरी या होली से पहले शेष कार्य को पूरा कर लिया जाए। दौसा जिले के छात्र-छात्रा बड़ी संख्या में कोटा पढाई करते हैं। दौसा से कोटा के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। ऐसे अधितकतर युवा सड़क मार्ग से ही सफर करते हैं। अभी पांच घंटे से ज्यादा लग रहे अभी दौसा से कोटा के लिए सड़क सही नहीं है। बीच में कई जगह काम चल रहा है। ऐसे में करीब पांच घंटे का समय लग रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह सफर कार से करीब दो घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे समय व धन दोनों की बचत होगी। एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू होने से कोटा संभाग के लोगों को भी फायदा होगा। वर्तमान में कोटा से दिल्ली पहुंचने में करीब 9 घंटे का समय लगता है। लेकिन, एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह सफर करीब 5 में पूरा होगा। यहां चल रहा कार्य वर्तमान में लाखेरी (बूंदी) और सवाई माधोपुर के बीच चल रहा निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दावा किया गया है कि जल्द ही इस हिस्से का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। वर्तमान में इस छोटे से टुकड़े के अधूरे होने के कारण ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ता है, लेकिन फरवरी से वाहन चालक बिना किसी बाधा के सीधे दिल्ली की ओर बढ़ सकेंगे। विकास की नई राह खुलेगी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा दौसा व कोटा संभाग के लिए विकास की नई राह खोलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है। सुगम परिवहन व्यवस्था से न केवल लोगों को फायदा होगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। दौसा वालों के लिए रणथम्भौर जाना आसान होगा। दरा टनल का काम मार्च तक होगा पूरा एक्सप्रेस-वे के दूसरे छोर यानी झालावाड़ की तरफ भी काम तेजी से चल रहा है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली दरा टनल का कार्य भी मार्च तक पूरा होने की संभावना है। यह टनल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, क्योंकि इसके पूरा होने से झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। इनका कहना है दौसा से कोटा के बीच अभी काम चल रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि फरवरी तक यातायात शुरू कर देंगे। इससे सफर सुगम हो जाएगा। दौसा से कोटा कार से करीब दो से सवा दो घंटे में पहुंच सकेंगे। -भरत सिंह जोइया, पीडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दौसा