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अजमेर में बम धमकी से हड़कंप: दरगाह और कलेक्ट्रेट को कराया खाली, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अजमेर अजमेर में गुरुवार दोपहर अजमेर दरगाह और कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई, जिसमें लिखा गया कि अजमेर कुडनकुलम परमाणु संयंत्र, कलेक्टर कार्यालय और दरगाह गरीब नवाज में 4 RDX IED लगाए गए हैं। पुतिन के आते ही विस्फोट हो जाएगा। सुरक्षा इंतजाम और सर्च ऑपरेशन धमकी मिलने के बाद कलेक्ट्रेट और दरगाह परिसर को खाली करवा दिया गया। पुलिस और इंटेलिजेंस टीमों ने मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। चार थानों की पुलिस, सीआईडी और एटीएस की टीम लगातार परिसर की तलाशी में लगी हुई है। अजमेर एसपी वंदिता राणा ने बताया कि “कलेक्ट्रेट को मिले ईमेल में दरगाह और कलेक्ट्रेट को उड़ाने की धमकी दी गई है। सभी विभाग सक्रिय हैं। कलेक्ट्रेट पूरी तरह से चेक किया गया है और अब दरगाह परिसर की तलाशी जारी है। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।” सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई धमकी के बाद दरगाह और कलेक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस तैनात की गई है। सर्च ऑपरेशन के दौरान मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड से परिसर के हर हिस्से की जांच की जा रही है। तीन साल बाद दरगाह को पूरी तरह से खाली करवाया गया है। सितंबर 2022 में, जब बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना दरगाह जियारत करने आई थीं, तब भी सुरक्षा के मद्देनज़र परिसर खाली करवाया गया था। इस दौरान कुछ खादिम सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी में चेकिंग में शामिल हैं।

सर्दी ने बढ़ाई रफ्तार: शेखावाटी में यलो अलर्ट, फतेहपुर में ठंड की दस्तक

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से कड़ाके की सर्दी का दौर तेज होने जा रहा है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। हिमालय पर आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता नजर आ रहा है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। शेखावाटी क्षेत्र में सुबह और शाम कपकपाने वाली ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 4, 5 और 6 दिसंबर के लिए झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। सीकर में हल्की बारिश के बाद मंगलवार रात तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बढ़ती सर्द हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में रात के समय ओस जमने लगी है। गुरुवार सुबह कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। सीकर, नागौर और शेखावाटी के अन्य इलाकों में विजिबिलिटी प्रभावित हुई। सोमवार को सबसे कम तापमान लूणकरणसर (बीकानेर) में 4.7°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में ता पमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस दौरान जबरदस्त शीतलहर का प्रभाव भी रहेगा। प्रदेश में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में 3.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं बीकानेर के लूणकरणसर में भी पारा 3.2 डिग्री रहा।  सीकर में बुधवार देर शाम हल्की बारिश हुई जिसके चलते वहां पारे में तेज गिरावट देखने को मिली। अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान की बात करें तो  गंगानगर में 6.9°C, चूरू में 9°C, बीकानेर  9.3°C, अलवर  8°C  और जैसलमेर में 10°C रहा। वहीं दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। इसमें सीकर में  24.5°C, पिलानी में 26.2°C जयपुर में 26.6°C व अलवर  26.5°C पारा दर्ज किया गया।

राजस्थान एसआईआर में अव्वल, 99.5% प्रपत्र डिजिटलीकरण के साथ दूसरे चरण में बढ़त

जयपुर  बिहार के बाद देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जारी है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एसआईआर के दूसरे चरण में एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है। इस बीच राजस्थान ने ईएफ के डिजिटलाइजेशन में पहला स्थान हासिल किया है। आयोग द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, देशभर में 47.5 करोड़ से अधिक यानी 93 प्रतिशत से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है। इस अभियान के तहत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे व्यापक मतदाता सत्यापन कार्य में 99.83 प्रतिशत यानी 50.88 करोड़ से भी अधिक मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि कुल 5.46 करोड़ गणना प्रपत्रों में से 5.43 करोड़ से अधिक ईसीआई-नेट पर अपलोड कर दिए गए हैं, जिससे निर्धारित समय से पहले 99.5 प्रतिशत गणना पूरी हो गई है। यह असाधारण प्रगति राजस्थान के मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे और सुव्यवस्थित क्षेत्रीय समन्वय को दर्शाती है, जो दर्शाती है कि कैसे तकनीक और जमीनी स्तर के प्रयास एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं। राजस्थान मतदाता मानचित्रण में भी अग्रणी है, जहां राज्य ने कुल मिलाकर 95 प्रतिशत से अधिक मानचित्रण पूरा कर लिया है। विशेष रूप से, नौ विधानसभा क्षेत्रों कपासन, बायतु, सलूंबर, लोहावट, नगर, सीकरी, ओसियां, शाहपुरा और बामनवास ने 99 प्रतिशत मानचित्रण का आंकड़ा पार कर लिया है। कपासन सबसे आगे है, जहां 2.73 लाख मतदाताओं में से 99.46 प्रतिशत का मानचित्रण हो चुका है, जिसका अर्थ है कि अब केवल लगभग 1,500 व्यक्तियों को ही संशोधन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता है। मानचित्रण से बेहतर सटीकता, बेहतर मतदाता सेवाएं, और बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के सुचारू मतदाता सूची सत्यापन सुनिश्चित होता है। यह प्रगति 46,000 मतदान केंद्रों पर कार्यरत बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के प्रयासों का परिणाम है। राजस्थान डिजिटलीकरण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है, जहां बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, झालावाड़, फलौदी, भरतपुर, चूरू, दौसा, और बारां ने 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण हासिल कर लिया है और देश के लिए आदर्श बन गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर केवल आंकड़ों पर आधारित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और सटीकता के साथ निभाई जाने वाली एक सामूहिक जिम्मेदारी है। राजस्थान का प्रदर्शन अधिक सटीक, मतदाता-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

जयपुर में 8 दिसंबर को होगी 12 बटालियन कॉन्स्टेबल भर्ती की फिजिकल टेस्ट

जयपुर राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती वर्ष 2025 की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। 12वीं बटालियन आरएसी (आईआर) विकासपुरी, नई दिल्ली ने शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं शारीरिक मापतौल परीक्षा की तारीख की घोषणा कर दी है, जिसका आयोजन जयपुर में किया जाएगा। कमांडेंट 12वीं बटालियन आरएसी (आईआर) केवल राम ने बताया कि सफल उम्मीदवारों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मापतौल परीक्षण की तिथि 8 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में उपस्थित होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक निर्देश शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले सफल अभ्यर्थियों को कुछ महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। सभी सफल अभ्यर्थियों को राजस्थान पुलिस की वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर प्रिंट आउट लाना होगा। उम्मीदवारों को भर्ती 2025 की विज्ञप्ति के बिंदु संख्या 16 में वर्णित नियमानुसार स्वास्थ्य एवं फिटनेस प्रमाण-पत्र व प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों की पूर्ण पालना करते हुए परीक्षा में सम्मिलित होना होगा। सफल उम्मीदवारों को सुबह 6 बजे राजस्थान पुलिस अकादमी पहुंचा होगा। 

पहली बार SMS अस्पताल में CRS व HIPEC सर्जरी सफल, कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत

जयपुर राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। कॉलेज के शल्य ऑन्कोलॉजी विभाग ने पहली बार साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) और हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (HIPEC) प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। यह अत्याधुनिक तकनीक अब राज्य के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में भी उपलब्ध हो गई है, जिससे उन्नत पेरिटोनियल कैंसर से जूझ रहे मरीजों को जीवनदायी उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर विभाग की ओर से एक लाइव सर्जिकल वर्कशॉप भी आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर से आए चिकित्सकों, सर्जनों और ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों ने भाग लिया। वर्कशॉप का टाइम वर्कशॉप सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 3:30 बजे तक चली, जहां प्रतिभागियों को CRS और HIPEC की जटिल प्रक्रिया के हर चरण का लाइव अवलोकन कराया गया। कार्यक्रम का संचालन एसएमएस मेडिकल कॉलेज के शल्य ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष और आयोजन सचिव डॉ. सुरेश सिंह ने किया। ये मरीजों का जीवनकाल बढ़ाने कारगर कदम-डॉ. सुरेश सिंह डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि CRS+HIPEC उन्नत कैंसर उपचार की एक विशेष तकनीक है, जो उन मरीजों के लिए अत्यधिक प्रभावी मानी जाती है जिनमें कैंसर पेट की झिल्ली (पेरिटोनियम) तक फैल चुका हो। उन्होंने कहा, “यह उपचार पेरिटोनियल कार्सिनोमैटोसिस वाले चुनिंदा मरीजों में जीवनकाल बढ़ाने और बीमारी नियंत्रण में बेहद कारगर सिद्ध होता है। अब इस सुविधा का सरकारी स्तर पर उपलब्ध होना राजस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।” अत्यधिक महंगी सर्जरी है, लेकिन चिंता की बात नहीं सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि राज्य सरकार ने इस जटिल और अत्यधिक महंगी सर्जरी को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में शामिल कर दिया है। यानी AYUSHMAN कार्ड रखने वाले पात्र मरीजों को CRS और HIPEC का पूरा इलाज बिल्कुल निशुल्क मिलेगा। सामान्यतः इस प्रक्रिया का खर्च निजी अस्पतालों में कई लाख रुपये तक आता है, ऐसे में गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा। क्या है CRS + HIPEC तकनीक? साइटोरिडक्शन सर्जरी (CRS) एक अत्यधिक जटिल ऑपरेशन है, जिसमें पेट के अंदर फैले हर दृश्य ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया जाता है। कई मामलों में ओमेंटम, पेरिटोनियम और प्रभावित आंत के हिस्सों को भी निकाला जाता है ताकि कैंसर के बोझ को अधिकतम रूप से कम किया जा सके। सूक्ष्म कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करती है इसके बाद उसी ऑपरेशन में HIPEC किया जाता है। इसमें गर्म कीमोथेरेपी दवा (लगभग 42°C) को एक विशेष HIPEC मशीन की सहायता से 60-90 मिनट तक पेट की गुहा में प्रवाहित किया जाता है। यह दवा सीधे कैंसरग्रस्त क्षेत्र पर प्रभाव डालती है और बचे हुए सूक्ष्म कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करती है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि दवा पूरे शरीर में नहीं जाती, जिससे दुष्प्रभाव कम होते हैं और उपचार अधिक असरदार बनता है। किन मरीजों को सबसे अधिक लाभ? CRS + HIPEC तकनीक मुख्य रूप से उन्नत ओवरी कैंसर अपेंडिक्स कैंसर कोलन कैंसर पेरिटोनियल मेसोथेलियोमा पेट की झिल्ली में फैले अन्य कैंसरों में उपयोगी मानी जाती है। इस प्रक्रिया ने कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में सिद्ध किया है कि यह चुनिंदा मरीजों के जीवनकाल को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाती है। राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि इस अत्याधुनिक सर्जरी के सरकारी अस्पताल में शुरू होने से राज्य के कैंसर उपचार ढांचे को बड़ा मजबूत आधार मिलेगा। अब मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों के बजाय एसएमएस जैसे उच्चस्तरीय सरकारी संस्थान में उत्कृष्ट और सुलभ उपचार की सुविधा मिलेगी।

‘पूरा सिस्टम उलझा’, सरकार पर PCC चीफ डोटासरा का तीखा वार

जयपुर राजस्थान कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष माणिक्य लाल वर्मा की जयंती के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस से बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी कैबिनेट को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मैं तो हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि अपने मंत्रियों की सुनवाई करवा दें, क्योंकि आज उनकी भी कोई नहीं सुन रहा। डोटासरा ने भाजपा की ‘वर्कर्स सुनवाई’ पहल पर व्यंग्य करते हुए कहा कि असली समस्या मंत्रियों की सुनवाई न होना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव सुधांशु पंत ‘SA लगाकर’ निकल गए और अब मंत्री शिकायत कर रहे हैं कि SA उनकी फाइलें नहीं सुनता, जबकि SA कह रहा है कि मंत्री फाइलें भेजते ही नहीं। “सरकार का पूरा सिस्टम उलझा हुआ है और मंत्री खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं,” डोटासरा ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि जब मंत्री अपने प्रभारी जिलों में जाते हैं तो उनके पास कार्यकर्ता भी नहीं आते। “इनको फोन करके कार्यकर्ताओं को बुलाना पड़ता है, अपनी ही इज्जत बचाने की गुहार लगानी पड़ती है। इसका साफ मतलब है कि न जनता को विश्वास है, न कार्यकर्ताओं को कि ये कोई सुनवाई करेंगे,” उन्होंने कहा। डोटासरा ने दावा किया कि आज ऐसा परसेप्शन बन चुका है कि मंत्रियों की सुनवाई नहीं हो रही और अब तो मुख्यमंत्री की भी नहीं। ऐसे में आम जनता की सुनवाई होने की संभावना ही खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा, “यह कहते हैं कि 24 घंटे मंत्रियों के दरवाजे खुले हैं, पर मैं चुनौती देता हूं। किसी भी मंत्री का दरवाजा वास्तव में खुला दिखा दें।” खाद संकट पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि किसान खाद के लिए तरस रहे हैं और सरकार उन्हें लाठियां दे रही है। उन्होंने डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के हाल ही के स्टिंग पर भी सवाल उठाया और पूछा कि उसका लाभ क्या निकला आज स्थिति यह है कि असली हो या नकली, कोई भी खाद उपलब्ध नहीं है। सरकार को तो असली खाद का ज्ञान ही नहीं, क्योंकि सरकार ही असली नहीं है, उन्होंने तंज कसा।  

IMD अलर्ट: राजस्थान में मौसम पलटेगा, जयपुर-बीकानेर में शीतलहर के आसार

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से शीतलहर की चेतावनी जारी कर दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में राजस्थान में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ने वाला है। हिमालय पर अगले 48 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से आने वाले एक सप्ताह में तेज सर्दी पड़ने का अनुमान  है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज होगी। मौसम विभाग ने शेखावाटी क्षेत्र में सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई है। गुरुवार से शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनू में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है। खास तौर पर सीकर के फतेहपुर में मौसम में जबरदस्त गलन महसूस की जा रही है।  बीते 24 घंटों में मौसम पूरी तरह साफ रहा, दिन में धूप निकली, लेकिन शाम ढलते ही ठंड तेजी से बढ़ी। बीकानेर के लूणकरणसर में न्यूनतम तापमान 4.7°C रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।फतेहपुर में 6.6°C, गंगानगर 6.9°C, चूरू 9°C, बीकानेर 9.3°C, अलवर 8°C और जैसलमेर में 10°C तापमान दर्ज हुआ। उधर सीकर और पिलानी में मंगलवार को हल्की बढ़ोतरी के साथ न्यूनतम तापमान क्रमशः 12°C और 10.4°C रेकॉर्ड किया गया। दिन में भी ठंडक बनी रही और कई शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई। सीकर में 24.5°C, पिलानी में 26.2°C, जयपुर में 26.6°C और अलवर में 26.5°C अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें तो मौसम विभाग ने आज किसी भी राजमार्ग पर कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि जयपुर सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीतलहर चलने का अनुमान जारी किया गया है।

राजस्थानी गौरव का उत्सव: प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025 में 33 मेहमान बनेंगे राजकीय अतिथि

जयपुर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 10 दिसम्बर को आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ समारोह में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, प्रशासन और अन्य विभिन्न क्षेत्रों की 33 जानी-मानी हस्तियां राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। राजकीय अतिथियों के इस विशिष्ट सूची में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरि मोहन बांगुर, वेलस्पन लिविंग की सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपाली गोयनका, जेके सीमेंट के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर माधव सिंघानिया, हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल, आनंद ग्रुप की चेयरपर्सन अंजलि सिंह, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ उमेश चौधरी, DB कॉर्प लिमिटेड के प्रोमोटर और डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल, और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ मोतीलाल ओसवाल जैसे कई बड़े नाम है। ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार योगदान और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले इन 33 विशिष्ट लोगों को राजस्थान सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इसके तहत, उद्योग जगत की कुछ अन्य प्रमुख हस्तियां जिन्हें राजकीय अतिथि के तौर पर इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें प्रमुख हैं केईआई (KEI) लिमिटेड के चेयरमैन अनिल गुप्ता, चौधरी ग्रुप के चेयरमैन बिनोद चौधरी, नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट और सीईओ रोहित साबू, बोरोसिल रिन्यूएबल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री प्रदीप कुमार खेरुका, सोमानी सेरामिक्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीकांत सोमानी, और, बांग्लानाटक डॉट कॉम के फाउंडर डायरेक्टर अमिताव भट्टाचार्य भी शामिल हैं। इसके अलावा, अकादमिक जगत की विशिष्ट हस्तियों में प्रख्यात शिक्षाविद् और बिट्स, पिलानी के वाइस चांसलर प्रो. वी. रामगोपाल राव, आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. अशोक बनर्जी, आईआईटी जोधपुर के डायरेक्टर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश कोठारी, और नीति आयोग की विशिष्ट फेलो देबजानी घोष भी इस आयोजन में राजस्थान के राजकीय अतिथि के तौर पर ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं। जल की उपलब्धता राजस्थान के लिए अहम विषय है और इसी दृष्टि से इस क्षेत्र के कई विशेषज्ञ भी इस आयोजन में राजकीय अतिथि के तौर पर शामिल रहेंगे। इनमें हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा, इकोलैब इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष खंडेलवाल, , वेओलिया वॉटर टेक्नोलॉजीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (साउथ एशिया) और इंजीनियरिंग एंड प्रोक्योरमेंट के एशिया-पैसिफिक रीजन लीडर गोपाल मधुभूषण, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) की डायरेक्टर डॉ. देबोलिना कुंडू, आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ इंद्रनील दत्त जैसी जानी-मानी हस्तियां जल संसाधन पर आयोजित विशेष सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगी। इसके अलावा, इस समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल होंगी। इनमें डॉक्टर्स ऑफ राजस्थान इंटरनेशनल (DoRI) फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा स्कूल ऑफ मेडिसिन असिस्टेंट प्रोफेसर (न्यूरोलॉजी) डॉ. जयवीर सिंह राठौर, स्टार हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के क्लिनिकल डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) डॉ. विपिन गोयल, टाटा वन एमजी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर संजय झावर, और सीके बिड़ला हेल्थकेयर के सीईओ विपुल जैन जैसे विशेषज्ञ स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले सत्र में अपने विचार व्यक्त करेंगे। इनके अलावा, ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ में बैंकिंग और टूरिज्म क्षेत्र के विशेषज्ञों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की भी राजकीय अतिथि के रूप में मौजूदगी रहेगी। इनमें एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के फाउंडर, एमडी और सीईओ संजय अग्रवाल, वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर कमल बाली, ईजमाइट्रिप के सह-संस्थापक और सीईओ रिकांत पिट्टी, और विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी महावीर सिंघवी शामिल हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पिछले साल की गयी घोषणा के मद्देनजर 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' का यह पहला आयोजन 10 दिसंबर को होने जा रहा है। इस समारोह के मंच पर इन विशिष्ट राजकीय अतिथियों की उपस्थिति एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके तहत यह मंच राजस्थान और राज्य के प्रवासियों के बीच निरंतर संवाद कायम करने और राजस्थान के विकास और समृद्धि में प्रवासियों के सक्रिय सहयोग स्थापित करने का माध्यम बनेगा। साथ ही, कई सारे प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उपलब्धियों हेतु सम्मानित भी किया जाएगा।

लाइसेंस अनिवार्यता से दरगाह में उठी हलचल, सरवर चिश्ती ने किया विरोध

अजमेर अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत करवाने वाले खादिमों के लिए अब लाइसेंस अनिवार्य करने के दरगाह कमेटी के निर्णय ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। केंद्र सरकार और कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लागू की जा रही इस नई व्यवस्था के खिलाफ अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए साफ कहा है कि खादिम समाज इस आदेश को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। बता दें कि दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने 1 दिसंबर को विज्ञापन जारी कर जियारत कराने के लिए लाइसेंस आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5 जनवरी 2026 अंतिम तिथि तय की गई है। नाजिम का कहना है कि यह कदम पूरी तरह नियमों, कोर्ट निर्देशों और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप है, जिससे किसी के हित प्रभावित नहीं होंगे। लेकिन आदेश के जारी होते ही दरगाह में विरोध की लहर दौड़ गई। आदेश के विरोध में आयोजित बैठक में सैयद सरवर चिश्ती ने नाजिम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नाजिम की नियुक्ति ही अवैध है और दरगाह कमेटी का अस्तित्व भी संदेह के घेरे में है। ये तुगलकी फरमान नहीं चलेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नाजिम ने बिना चर्चा और संवाद के आदेश लागू कर खादिम समुदाय को अपमानित करने की कोशिश की है। सैयद सरवर चिश्ती ने बताया कि एक्ट में यह स्पष्ट प्रावधान है कि गरीब खादिमों के लिए मेंटेनेंस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, लेकिन दरगाह कमेटी इस दिशा में कुछ नहीं करती। चाबियों का रजिस्टर एक साल से गायब है और यहां दादागिरी की जा रही है,” उन्होंने कहा। चेतावनी देते हुए बोल कि आज हमारी बैठक में कुछ लोग ही आए, लेकिन यदि हमने आवाज दी तो 10 हजार खादिम दरगाह में भर जाएंगे। हमारे लाखों अनुयायी हैं, हमारी सहनशीलता को कमजोरी न समझा जाए।” सरवर चिश्ती ने यह भी आरोप लगाया कि हर साल उर्स से पहले जानबूझकर ऐसे आदेश जारी किए जाते हैं ताकि व्यवस्थाओं में बाधा उत्पन्न हो। “उर्स करीब है और अब नया बखेड़ा खड़ा कर दिया गया है। खादिम समुदाय कमजोर नहीं है। हमें हल्के में लेना बड़ी भूल होगी। दूसरी ओर कलेक्टर लोकबंधु, एसपी वंदिता राणा व अन्य अधिकारियों ने उर्स व्यवस्थाओं का जायजा लेने के दौरान चिश्ती की शिकायतें भी सुनीं। चिश्ती ने प्रशासन के सामने नाजिम पर कार्रवाई की मांग रखते हुए कहा कि दरगाह कमेटी मनमर्जी चलाने की कोशिश कर रही है, जबकि मंत्रालय से लेकर नियमों तक कहीं भी ऐसे आदेश का सीधा उल्लेख नहीं है। दरगाह में लाइसेंस व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ यह विवाद उर्स से पहले बड़ा मुद्दा बन चुका है। देखना होगा कि प्रशासन इस तनातनी को कैसे सुलझाता है और क्या खादिमों की आपत्तियों को ध्यान में रखकर कोई नई पहल की जाती है।

दिसंबर में बीसलपुर बांध गेट खुले, 22 साल में बना कीर्तिमान, तीन शहरों में जलभराव

टोंक राजस्थान की राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लाइफलाइन ने दिसंबर महीने की शुरूआत में वो कर दिया जो शायद अब तक प्रदेश के किसी भी बड़े बांध ने नहीं किया होगा। बीसलपुर डैम ने इस साल सोमवार को एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया हैं जो अब तक कभी नहीं बना। यह रिकॉर्ड है पहली बार दिसंबर माह में भी बांध का गेट खुला रहने का है। इसी के साथ इस साल 7 रिकॉर्ड बन गए हैं। इस साल बांध से इतना पानी छोड़ा गया है, जिससे डैम 3 बार से ज्यादा भर सकता था। इस सीजन में 140.581 टीएमसी पानी निकासी बनास नदी में की जा चुकी है। जबकि इससे पहले 2016 में डेढ़ महीने में 134.238 टीएमसी पानी की निकासी की गई थी। बांध अभी भी लबालब भरा हुआ है। बताया जा रहा है बारिश नहीं हुई तो भी तीन साल तक टोंक, अजमेर और जयपुर की करीब एक करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए पेयजल सप्लाई हो सकेगी। 22 साल के इतिहास में पहली बार 131 दिन निकासी करीब 22 साल पहले बना ये डैम जयपुर, टोंक, अजमेर जैसे जिलों की लाइफलाइन है। इसका भरा रहना, इन जिलों के लोगों के लिए अच्छा है। खास बात यह है कि अभी भी बांध से पानी की निकासी की जा रही है। सोमवार को पानी निकासी का 131वां दिन रहा। यह भी पहली बार है जब इतने दिन बांधी से पानी छोड़ा गया है। लबालब है बीसलपुर बांध बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर भरा हुआ है। अभी भी एक गेट को 10 मीटर खोलकर प्रति सेकेंड 601 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश बैरवा ने बताया कि इस साल अब तक 22 साल के बांध के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा पानी निकासी 140 टीएमसी से ज्यादा हो चुकी है और अभी भी पानी निकासी जारी है। साल 2019 में 64 दिन खुले थे गेट इस साल बीसलपुर बांध लबालब होने पर 24 जुलाई को बांध का एक गेट खोला था। फिर पानी बढ़ा तो कुछ दिन बाद अधिकतम 8 गेट इस साल खोले गए थे। इसके बाद पानी की आवक कम होने बांध का एकमात्र गेट खोलकर रखा गया, जिसे 90 दिन बाद 21 अक्तूबर को बंद किया था। इसी के साथ बीसलपुर बांध ने लगातार सबसे अधिक 90 दिन पानी निकासी का रिकॉर्ड बनाया था। वह भी टूट गया है। तेज बारिश से बढ़ी आवक, फिर खुले गेट अक्तूबर महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश होने से बांध में फिर से पानी की आवक बढ़ गई थी। इसके चलते पहली बार बांध के अक्तूबर माह के लास्ट वीक में 28 अक्तूबर को दोपहर को बांध का फिर एक गेट खोला गया। जबकि आखिरी गेट को 21 अक्तूबर को बंद कर दिया था। करीब सप्ताह भर बाद ही फिर एक गेट खोल दिया गया। बीसलपुर बांध परियोजना के एक्सईएन मनीष बंसल और जेईएन दिनेश बैरवा ने बताया कि बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक है। पानी की आवक के अनुसार बांध के लेवल को मेंटेन करते हुए निकासी की जा रही है। किस साल कितना पानी बनास नदी में छोड़ा बीसलपुर बांध के गेट अब तक 8 बार खोले जा चुके हैं। पहली बार इसमें 2004 में पानी रोका गया था।उस साल 26.18 टीएमसी पानी निकासी की गई थी। इसी तरह फिर 2006 में 43.25 टीएमसी, 2014 में 11.202 टीएमसी, 2016 में 134.238 टीएमसी, 2019 में 93.605 टीएमसी, 2022 में 13.246 टीएमसी, 2024 में 31.433 टीएमसी और इस साल 135 टीएमसी से ज्यादा पानी की निकासी बनास नदी में की गई है। बांध का कितना पानी किसके लिए आरक्षित बीसलपुर बांध प्रोजेक्ट के एक्सईएन मनीष बंसल ने बताया कि टोंक जिले में सिंचाई के लिए 8 टीएमसी पानी, पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी पानी आरक्षित है। इसके अलावा 8.15 टीएमसी वाष्पीकरण व अन्य खर्च माना गया है। बीसलपुर बांध के 18 गेट हैं जो 15 गुणा 14 मीटर की साइज के हैं। बांध की लंबाई 576 मीटर व समुद्रतल से ऊंचाई 322.50 मीटर है। बांध की कुल जल भराव में 68 गांव डूब चुके हैं। इसमें 25 गांव पूर्ण रूप से व 43 गांव आंशिक रूप से डूब क्षेत्र में आते हैं। बांध का जलभराव क्षेत्र 25 किलोमीटर है जिसमें कुल 21 हजार 300 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होती है। 83 हजार हेक्टेयर में होती बांध की नहरों से सिंचाई बीसलपुर बांध के निर्माण के साथ ही इसके नहरी तंत्र का निर्माण भी 2004 में पूरा हुआ था। टोंक जिले में सिंचाई के लिए बांध की 2 मुख्य नहरें हैं। एक नहर की कुल लंबाई 51.70 किलोमीटर व दूसरी की 18.65 किलोमीटर है। जिनसे जिले की करीब 83 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। मुख्य नहर से 69 हजार 393 हेक्टेयर व दूसरी से 12 हजार 407 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कार्य होता है।