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स्वास्थ्य विभाग में उथल-पुथल: प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर विवाद बढ़ा, मंत्री ने दी प्रतिक्रिया

जयपुर सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सभी अस्पतालों के अधीक्षकों ने सोमवार को सामूहिक रूप से अपने इस्तीफ़े कॉलेज प्रिंसिपल को सौंप दिए। यह कदम चिकित्सा शिक्षा विभाग के हालिया आदेश के विरोध में उठाया गया, जिसमें कहा गया था कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल, नियंत्रक और संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षक निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। इस आदेश का चिकित्सकों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया। अधीक्षकों का कहना है कि यह निर्णय वरिष्ठ चिकित्सकों के अधिकारों का हनन है। आदेश के बाद राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA) भी खुलकर विरोध में उतर आया है। एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि इस तरह का आदेश क्यों जारी किया गया और इसके पीछे सरकार का उद्देश्य क्या है, इसकी स्पष्टता नहीं है। मंत्री बोले- अभी इस्तीफ़े नहीं मिले, मांगें हुईं थीं… मामले पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि उन्हें अब तक किसी अधीक्षक का इस्तीफ़ा प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने कुछ मांगें रखी थीं, जिन पर सरकार विचार कर रही है। मंत्री ने संकेत दिया कि यदि मांगें उचित लगती हैं तो उन पर निर्णय लिया जाएगा। चिकित्सा मंत्री ने यह भी कहा कि प्राचार्य और अधीक्षक जैसे पद पूर्णकालिक प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने के लिए होते हैं। यदि ये अधिकारी OPD चलाने और निजी तौर पर मरीज देखने में व्यस्त रहेंगे तो अस्पताल के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर सरकार ने यह आदेश जारी किया है। अलग से प्रशासक नियुक्त करने के संकेत मंत्री खींवसर ने कहा कि यदि प्राचार्य और अधीक्षक केवल मरीज देखना चाहते हैं और प्रशासनिक दायित्व निभाने में रुचि नहीं रखते, तो सरकार मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अलग से एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी नियुक्त करने पर विचार कर सकती है। क्या है विवादित आदेश? 11 नवंबर को जारी आदेश में कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं—     मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और अधीक्षक निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।     डॉक्टर सीधे प्रिंसिपल नहीं बनाए जा सकेंगे।     प्रिंसिपल पद के लिए 3 वर्ष अधीक्षक/अतिरिक्त प्रिंसिपल और 2 वर्ष HOD का अनुभव अनिवार्य।     प्रिंसिपल चयन के लिए 4 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई।     प्रिंसिपल और अधीक्षक को क्लीनिकल कार्य सिर्फ 25% तक सीमित किया गया।     दोनों पदाधिकारियों को यूनिट हेड या HOD नहीं बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के इस परिवर्तनकारी निर्णय के बाद पूरे राज्य में चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छिड़ गई है।

मंदिर जाते श्रद्धालु टाइगर के ‘सडन शो’ से हुए रूबरू, पल भर में बढ़ा रोमांच और जोखिम

 सवाई माधोपुर रणथंभौर टाइगर रिजर्व स्थित प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को बुधवार सुबह एक रोमांचक और डराने वाला अनुभव हुआ। मंदिर मार्ग पर अचानक टाइगर के आने से कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं की राह थम गई। बुधवार सुबह गणेश धाम से आगे मुख्य सड़क पर एक टाइगर आ गया और करीब 10 मिनट तक सड़क पर स्वतंत्र रूप से घूमता रहा। इससे त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की लंबी कतारें दोनों तरफ लग गईं। लोग अपने चौपहिया वाहनों में बैठे-बैठे ही टाइगर को देखते रहे और कई श्रद्धालुओं ने उसकी तस्वीरें व वीडियो कैमरे में कैद किए। इस दौरान वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं दिखा, जिससे श्रद्धालुओं में चिंता भी बढ़ी। हालांकि थोड़ी देर बाद टाइगर खुद ही सड़क छोड़कर जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद आवाजाही पुनः शुरू हो गई। बुधवार होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिनेत्र गणेश मंदिर पहुंच रहे थे। वहीं वन विभाग के नियमों के अनुसार बुधवार को जोन नंबर 1 से 5 तक साप्ताहिक अवकाश होता है, जिसके चलते पर्यटकों की आवाजाही नहीं थी। जानकारी के अनुसार, यह टाइगर बाघिन सुल्ताना का मेल शावक बताया जा रहा है, जो हाल ही में गणेश धाम से दुर्ग क्षेत्र की टेरिटरी में सक्रिय रूप से विचरण करता दिख रहा है। आज भी उसके अचानक सड़क पर आ जाने से कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।

कोटा का अनोखा रिकॉर्ड: देश का पहला शहर जहां ट्रैफिक लाइट नहीं, फिर भी व्यवस्थित ट्रैफिक

कोटा  अगर क‍िसी शहर में रेड स‍िग्‍नल न हो और एकदम ट्रैफ‍िक फ्री हो तो सोच‍िए आपको कैसा महसूस होगा? जी हां, इसकी कल्‍पना द‍िल्‍ली- एनसीआर वालों से बेहतर कौन कर सकता है. द‍िल्‍ली-एनसीआर में पीक टाइम के दौरान सड़क के ट्रैफ‍िक और भीड़भाड़ के बीच आपको एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में काफी समय लग जाता है. लेक‍िन इन सबके बीच देश का एक शहर ऐसा भी है, जो एकदम से ट्रैफ‍िक फ्री है. इतना ही नहीं, इस शहर की सड़कों पर आप फर्राटे से भागे चले जाते हैं. कारण सड़कों पर काफी कम ट्रैफ‍िक होना है. शहर में हर द‍िन आते हैं लाखों स्‍टूडेंट हम ज‍िस शहर की बात कर रहे हैं, वो है राजस्थान का कोचिंग हब बन चुका कोटा. जी हां, कोटा देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां एक भी ट्रैफिक लाइट नहीं है. इस शहर में हर द‍िन लाखों लोग और हजारों स्टूडेंट्स आते-जाते हैं, फ‍िर भी इस शहर की सड़कों पर जाम नहीं लगता. कोटा अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (UIT) की तरफ से इस चमत्कार को कर द‍िखाया गया है. अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (UIT) ने पूरे शहर में आपस में जुड़े हुए र‍िंग रोड्स का जाल बिछा दिया. अब आप कोटा में हर व्यस्त चौराहे को बाइपास कर सकते हो. यहां गाड़ी कभी रुकती नहीं. 24 से ज्यादा फ्लाईओवर और अंडरपास शहर में इस समय 24 से ज्यादा फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं. इनके जर‍िये आप मुख्य जंक्शन पर भी बिना ब्रेक लगाए सीधे न‍िकल सकते हैं. इस सबके कारण शहर में यात्रा का समय घटकर आधा रह गया है. इस बदलाव के बाद शहर में हादसों की संख्‍या में भी अबड़ी ग‍िरावट आई है. इतना ही नहीं शहर के अंदर पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी आई है और प्रदूषण भी घट गया है. कोटा में यह सब पॉस‍िबल हुआ है सोची-समझी प्लानिंग और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से. यहां पुराने स‍िग्‍नल सिस्टम को पूरी तरह खत्म किया जाने की तैयारी है. कोटा शहर पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है. जाम से परेशान दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों के ल‍िए यह शहर नया मॉडल बन गया है. स्मार्ट अर्बन डिजाइन और सही निवेश से ट्रैफिक की समस्या हमेशा के लिए खत्म की जा सकती है. लाखों लोग, हजारों कोचिंग स्टूडेंट्स, फिर भी कहीं रुकने की जरूरत नहीं, बस गाड़ी चलती रहती है. कोटा ने इस सब बदलाव के साथ कर द‍िखाया क‍ि देश में 'नॉन-स्टॉप सिटी' बनाना मुमकिन है. इसके बाद इस तरह का बदलाव लाने की बारी दूसरे शहरों की है.  

नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की

जयपुर नवनियुक्त मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात की। कागज़ों में इसे भले शिष्टाचार भेंट कहा गया हो, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में यह वह अहम मोड़ माना जाता है जहां सरकार और नौकरशाही अपने नए अध्याय की रूपरेखा तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री के लिए यह अवसर था नए मुख्य सचिव की कार्यशैली और उनकी प्राथमिकताओं को समझने का। वहीं वी. श्रीनिवास के लिए यह मुलाकात सरकार की विकास योजनाओं और शासन की दिशा का पहला संकेत थी। हल्के व्यंग्य में कहें तो तस्वीरों में मुस्कान भले सौम्य रही हो, लेकिन भीतर दोनों तरफ़ दिमाग़ आने वाले महीनों की रणनीति पर तल्लीनता से काम कर रहा था—कौन-सा विभाग प्राथमिकता पर, किन योजनाओं की रफ्तार तेज़ होनी है और किन फाइलों की धूल झाड़नी है। हालांकि मुलाकात का सकारात्मक संदेश स्पष्ट है—सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल को नए सिरे से मजबूत करने का यह शुरुआती संवाद आने वाले समय में तेज़ फैसलों और परिणामों की जमीन तैयार करता हुआ दिखाई देता है।

पर्यटन क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संवाद करेंगे CM भजनलाल शर्मा, प्री-समिट में होगी भागीदारी

जयपुर  आगामी 10 दिसम्बर को प्रस्तावित प्रवासी राजस्थानी दिवस के क्रम में पयर्टन विभाग द्वारा प्री-समिट का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर के निजी होटल में 27 नवम्बर को प्रस्तावित इस प्री-समिट में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शिरकत करेंगे। पर्यटन विभाग की प्री-समिट में दो सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले सत्र में ‘राजस्थान ए ईयर-राउण्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ और दूसरे सत्र में ‘राजस्थान राइजिंग- बिल्डिंग इंडियाज प्रीमियर एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन’ विषय पर विशेषज्ञो द्वारा पयर्टन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जावेगी। इसमें टूरिज्म, होटल तथा ट्रैवल सेक्टर्स के हितधारक और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा जयपुर के जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन प्रवासी समुदाय और राज्य सरकार के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक बड़ा मंच उपलब्ध करवाएगा। इस दौरान विभिन्न सेक्टर्स जैसे उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल आदि पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।

राजस्थान में शीतलहर का असर गहरा, सीकर में येलो अलर्ट घोषित

जयपुर उत्तर भारत से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं ने राजस्थान में सर्दी का असर बनाए रखा है। मौसम विभाग ने रविवार को सीकर जिले में कोल्ड-वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं जयपुर और अजमेर संभाग के जिलों में सुबह-शाम शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। शनिवार को राज्य के 13 शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार आगामी दिनों में भी प्रदेश में सुबह-शाम तेज सर्दी और हल्की शीतलहर का असर रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में तापमान सीकर फतेहपुर में 5°C और सीकर में 5.4°C तापमान दर्ज हुआ। सीकर, अजमेर और टोंक में सुबह-शाम शीतलहर का प्रभाव देखा गया। नागौर में न्यूनतम तापमान 6.1°C, चूरू 7.9°C, पिलानी 8.5°C, अलवर 8.4°C, वनस्थली (टोंक) 8.6°C, भीलवाड़ा 9.4°C, दौसा 6.9°C और झुंझुनूं 8.6°C रिकॉर्ड हुआ। अजमेर में 10°C, उदयपुर और जोधपुर 10.2°C, जयपुर 12.4°C, कोटा 13.1°C, बाड़मेर 15.4°C, जैसलमेर 12.6°C, बीकानेर 13.6°C, गंगानगर 10.7°C, डूंगरपुर 12.9°C और हनुमानगढ़ में 12.2°C तापमान दर्ज किया गया। दिन में भी बढ़ी ठंड, अधिकतम तापमान में गिरावट राज्य में दिन के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 1 डिग्री तक गिरा। बाड़मेर 32.4°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। जैसलमेर में 30.9°C, फलौदी 30°C, बीकानेर 31.3°C, अजमेर 27.8°C, जयपुर 28.4°C, सीकर 27.5°C और कोटा में 27.8°C दर्ज हुआ। उदयपुर शनिवार को सबसे ठंडा रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 25.6°C तक रहा। रविवार को सीकर में अलर्ट मौसम विभाग ने रविवार को सीकर में कोल्ड-वेव का येलो अलर्ट जारी किया है। जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में भी हल्की शीतलहर का असर रहेगा। हालांकि तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और सर्दी इसी तरह बनी रहेगी।  

कबाड़ गोदाम में लगी आग से हड़कंप, हाईवे जाम; भारी आर्थिक नुकसान

अजमेर अजमेर जिले के बांदरसिंदरी से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर कल रात बड़ा हादसा टल गया, जब बड़गांव के समीप होटल सुप्रीमो के पीछे स्थित एक कबाड़ गोदाम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देर रात लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोदाम से उठती तेज लपटें और काला धुआं दूर हाईवे से भी साफ दिखाई दे रहा था, जिससे हाईवे पर गुजर रहे वाहन चालक भी दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों ने आग और धुएं को देख तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना पर किशनगढ़ से दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। आग इतनी भीषण थी कि दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सिटी फायर टीम के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में कबाड़, प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। आग ने देखते ही देखते गोदाम में रखे हजारों रुपए के सामान को जलाकर राख कर दिया। आग बुझाने के दौरान छोटे-छोटे विस्फोट भी सुनाई दिए, जिनकी वजह गोदाम में रखी ज्वलनशील वस्तुएं बताई जा रही हैं। कड़ी मेहनत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया, जिससे आग आसपास के घरों और दुकानों तक फैलने से बच गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों को कुछ समय के लिए बाहर निकलना पड़ा। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य अनजाने कारण की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आगजनी के कारणों की विस्तृत जांच में जुटे हैं। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और गोदामों में ज्वलनशील सामग्री के उचित प्रबंधन की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

सड़क दुर्घटना में बड़ी जनहानि: श्रद्धालुओं से भरा टेंपो ट्रक से भिड़ा, छह की मौत

जोधपुर जोधपुर-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बालेसर थाना क्षेत्र में रामदेवरा दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा टेंपो सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जा भिड़ा। भीषण टक्कर में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार एमडीएम अस्पताल, जोधपुर में चल रहा है। मृतक और घायल सभी गुजरात के साबरकांठा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसा सुबह करीब 5:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-125 पर खारी बेरी गांव के पास हुआ। बालेसर थाना प्रभारी मूल सिंह भाटी ने बताया कि बाजरे की बोरियों से भरा ट्रक तेज गति में अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टेंपो से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया, जबकि ट्रक भी आगे जाकर पलट गया। टेंपो में आगे बैठे महेंद्र ने बताया कि सभी श्रद्धालु गुजरात के साबरकांठा जिले से रामदेवरा के दर्शन के लिए निकले थे। हादसे के बाद तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो ने जोधपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन रोककर घायलों की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। बालेसर, आगोलाई और हाईवे सेवा की तीन एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को पहले बालेसर सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जोधपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को बालेसर सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया है और ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद स्थल पर चीख-पुकार मच गई थी, और आसपास के वाहन चालकों ने भी बचाव कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फिलहाल हादसे की जांच जारी है।  

राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा का बिगुल फूंका, 16 नवंबर को होगी परीक्षा

अजमेर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एसटीएसई) 2025 का आयोजन 16 नंवबर रविवार को पूरे प्रदेश में किया जाएगा। इस परीक्षा को लेकर बोर्ड की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। प्रदेश के सभी 41 जिलों में परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं और संबंधित केंद्रों पर आवश्यक सामग्री एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। दो पारी में होगी परीक्षा बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि एसटीएसई परीक्षा कक्षा 10 और कक्षा 12 के मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा कल रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पारी में संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के ऑनलाइन प्रवेश-पत्र तथा परीक्षा केंद्रों के लिए आवश्यक केंद्र सामग्री बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सचिव राठौड़ के अनुसार, संस्था प्रधान अपने पूर्व प्रदत्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड की सहायता से प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराएंगे। वहीं, केंद्र अधीक्षक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक केंद्र सामग्री डाउनलोड कर सकते हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में डाउनलोड की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नियंत्रण कक्ष से पैनी नजर परीक्षा की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु बोर्ड कार्यालय में नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है, जो 15 और 16 नवंबर को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहेगा। प्रवेश-पत्र या केंद्र सामग्री डाउनलोड से संबंधित किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए परीक्षा केंद्रों को विशेष दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं। ऑनलाइन सामग्री डाउनलोड संबंधी सहायता के लिए ए.सी.पी. से 0145-2632865 और 0145-2627454 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं अन्य परीक्षा-संबंधी सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0145-2632866, 2632867 और 2632868 उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा परीक्षार्थी एवं परीक्षा केंद्र उप निदेशक (परीक्षा-1) से 0145-2425770 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर राजस्थान बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को समय पर परीक्षा सामग्री वितरण, सुरक्षा प्रबंध, निगरानी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड का कहना है कि इस परीक्षा से राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।

बिहार चुनाव परिणाम पर शेखावत का बयान—‘जनता ने सच का साथ दिया’

जोधपुर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों, जम्मू-कश्मीर विस्फोट और अंता उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों ने इस चुनाव में मजबूत एकजुटता का परिचय दिया और सामूहिक संगठन शक्ति का उपयोग करते हुए चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव में मुख्य मुकाबला ‘जंगल राज बनाम विकास’ के बीच था, और जनता ने जब चुनाव का समय आया, तो प्रचंड बहुमत देकर यह संदेश दिया कि अब देश की राजनीति का मुख्य आधार केवल और केवल विकास होगा। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि झूठे नैरेटिव गढ़कर, वोट चोरी जैसे अर्थहीन और आधारहीन आरोप लगाकर, संवैधानिक संस्थाओं पर लांछन लगाने वालों को जनता ने इस चुनाव में सख्त संदेश दिया है। शेखावत ने कहा कि देश में कई बार जनता ने सरकार बदलने के लिए घर से बाहर निकलकर अधिक मतदान किया, लेकिन इस बार जनता ने नकारात्मक और झूठ की राजनीति का जवाब देने के लिए लगभग 10% अधिक मतदान किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद के नेताओं ने चुनाव को हल्के स्तर पर ले जाने की कोशिश की। माननीय प्रधानमंत्री की माता जी से लेकर छठ मैया तक को उन्होंने नहीं बख्शा। बिहार की जनता ने इनके मुंह पर तमाचा मारकर जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया कि जो दल सरकार बनाने की बातें कर रहे थे, वे दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। शेखावत ने आगे कहा कि एनडीए के सभी घटक दल भाजपा, जदयू, लोजपा और जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ ने एक-दूसरे का समर्थन करते हुए 80 से 90% स्ट्राइक रेट हासिल किया। आतंकवाद पर सरकार का जीरो टॉलरेंस जम्मू-कश्मीर में हुए विस्फोट पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने कहा कि अभी तक पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दिल्ली हादसे से पहले ही सभी एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उससे पहले 2900 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने एक बड़े नुकसान को टाल दिया। शेखावत ने कहा, “सरकार का संकल्प है कि आतंकवाद के प्रति हमारा जीरो टॉलरेंस है। ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले, चाहे देश के भीतर हों या बाहर, उन्हें निश्तेनाबूत किया जाएगा।” अंता उपचुनाव पर कही ये बात अंता उपचुनाव पर शेखावत ने कहा कि उपचुनाव कई मुद्दों से जुड़े होते हैं और इन्हें सामान्य चुनाव की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि अंता सीट ज्यादातर समय भाजपा के पास रही है, लेकिन जो भी कारण रहे हैं, वह आत्म अवलोकन का विषय है। शेखावत ने कहा, “हम सभी इस पर विचार करेंगे और आगे इस बात पर काम करेंगे कि भाजपा सरकार की नीतियों का प्रभाव देश की जनता के हृदय तक पहुँचे।”