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CM सैनी का विपक्ष को जवाब- ’24 फसलों पर MSP नेशनल रिकॉर्ड’

पंचकूला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) पर खरीद को लेकर विपक्ष को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि राज्य में 24 फसलों की खरीद एक 'नेशनल रिकॉर्ड' है और यह एक सच्चाई है, नारा नहीं। दरअसल, कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया है कि 24 फसलों के लिए MSP दिया जा रहा है और आरोप लगाया है कि हरियाणा में इतनी फसलें नहीं उगाई जाती हैं। इस पर सैनी ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे पर डेटा-बेस्ड चर्चा की जाए तो सच्चाई साफ हो जाएगी। सैनी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि किसान प्रदर्शनों में फंसे रहें, जबकि सरकार उनकी खुशहाली और राज्य की तरक्की पक्का करने के लिए काम कर रही है। विपक्ष पर जमकर बरसे सैनी हरियाणा विधानसभा में बजट सेशन से एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने कहा ने MSP पर 24 फसलों की खरीद एक नेशनल रिकॉर्ड है… यह कोई नारा नहीं बल्कि एक सच्चाई है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि जब कोई पॉलिटिकल पार्टी जनता के बीच अपनी पहचान खोने लगती है, तो वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आरोपों का सहारा लेती है। मुख्यमंत्री ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर BJP के खिलाफ हाल ही में लगाए गए "ऑपरेशन लोटस" के आरोपों को लेकर भी निशाना साधा, और उन्हें बेबुनियाद और "पॉलिटिकल फ्रस्ट्रेशन" की निशानी बताया। प्रस्तावित भारत-US ट्रेड डील पर सैनी ने कहा कि इससे हरियाणा जैसे खेती वाले राज्यों के किसानों को बासमती चावल, डेयरी प्रोडक्ट्स, फलों, सब्जियों और प्रोसेस्ड फूड के लिए अमेरिकी मार्केट तक पहुंच खुलने से फायदा होगा। इसी तरह, यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापार से टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और हेवी इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर में एक्सपोर्ट के मौके बनेंगे, जिससे राज्य की इकॉनमी मजबूत होगी।

बिजली निगम को एक्साइज ड्यूटी राशि को लेकर 25 साल बाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने लगभग 25 वर्ष पुराने विवाद  पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हरियाणा की बिजली प्रसारण कंपनी को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने केंद्र 58 सरकार को निर्देश दिया है कि विलंब ही से लौटाई गई उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) की राशि पर निर्धारित दर से ब्याज का भुगतान किया जाए। यह मामला हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) से जुड़ा है, जिसने 1980 के दशक के अंतिम वर्षों में स्टील स्ट्रक्चर टावरों के निर्माण (फैब्रिकेशन) पर जारी कारण बताओ नोटिस के बाद पूर्व विरोध दर्ज कराते हुए लगभग 30 लाख रुपये की एक्साइज ड्यूटी जमा यह कराई थी। कंपनी का कहना था कि यह राशि दबाव में और आपत्ति के साथ जमा कराई गई थी। हाई कोर्ट ने निगम की याचिका स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि कंपनी को केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम 1944 की धारा 11 बीबी के तहत ब्याज पाने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि जब अपीलीय प्राधिकारी ने 1987 और 1990 में कंपनी के पक्ष में निर्णय दे दिया था, तब विभाग को समय पर रिफंड जारी करना चाहिए था। रिकार्ड के अनुसार, बिजली निगम ने मामले को आगे अपीलीय न्यायाधिकरण तक ले जाकर संदर्भआवेदन दायर किए, जो अंततः खारिज हो गए। इसके बावजूद 1989 और 1990 के दौरान कंपनी द्वारा कई पत्र लिखे जाने के बाद भी रिफंड राशि 29 दिसंबर 2000 को स्वीकृत की गई। ब्याज का प्रश्न अनिर्णीत ही रहा, जिसके कारण मुकदमा वर्षों तक चलता रहा। अदालत ने अपने फैसले में यह भी उल्लेख किया कि चूंकि राशि विरोध स्वरूप जमा की गई थी और अपीलीय आदेश कंपनी के पक्ष में थे, इसलिए विभाग की ओर से की गई देरी का खामियाजा याचिकाकर्ता पर नहीं डाला जा सकता।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के 28 फरवरी तक ऑनलाइन करें आवेदन

चंडीगढ़. पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व विमुक्त जनजाति के विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। 28 फरवरी तक www.scholarships.gov.in पर छात्र आवेदन कर सकते हैं। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सरकारी या निजी शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना के तहत उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि कोई भी छात्र पैसों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति के विद्यार्थी पीएमएस-एससी श्रेणी तथा अन्य पिछड़ा वर्ग या विमुक्त जनजाति के विद्यार्थी पीएम-यशस्वी घटक-2 के तहत आवेदन कर सकते हैं। आवेदक हरियाणा का निवासी हो और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

बंगाल में भाजपा का बड़ा दावा, ममता सरकार की विदाई तय – बोले गौरव गौतम

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार में मंत्री गौरव गौतम ने दावा किया है कि आगामी चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की इस बार विदाई तय है। चंडीगढ़ में आईएएनएस से बातचीत में मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि ममता बनर्जी बौखला गई हैं। इस बार उन्हें सत्ता खिसकती हुई दिख रही है। उन्होंने कहा कि हिंसा से देश नहीं चल सकता और ममता बनर्जी हिंसा से प्रदेश चलाना चाहती हैं। मुझे लगता है जनता इसका करारा जवाब देगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनेगी। हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने 2 मार्च को पेश होने जा रहे हरियाणा के बजट को लेकर कहा कि इस बार भारत का बजट भी ऐतिहासिक रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे पेश किया। इस बार खेलों के क्षेत्र में 33 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है। चाहे युवाओं के स्टार्टअप हों, एआई हो या एमएसएमई, हर प्रकार से इस बार बजट को भारत सरकार ने बढ़ाया है। मुझे लगता है कि इस बार हरियाणा का बजट भी युवाओं और खेलों के लिए ऐतिहासिक और अच्छा होगा। हमने मांग की है कि हमारे स्टेडियम अच्छे हों, हमारी कैश अवार्ड राशि समय से पहुंचे और समय पर हमारे युवाओं को उपकरण मिलें। इसके लिए अच्छा बजट पेश होगा और युवाओं व खेलों पर केंद्रित बजट होगा। विपक्ष पर तंज कसते हुए गौरव गौतम ने कहा कि मुझे लगता है कि मीडिया में बने रहने के लिए विपक्ष अपनी भूमिका निभाएगा। विपक्ष हरियाणा के हितों के मुद्दों की बात ज्यादा करता नहीं है। सिर्फ हंगामा करके मीडिया में अपनी प्रजेंस दिखाता है। वे हर बार ऐसा ही करते हैं और करते रहेंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे वाले बयान पर गौरव गौतम ने कहा, "मैं उनके बात से सहमत हूं। उन्होंने जो कहा है वह अच्छा ही कहा है।"

प्रायोगिक परीक्षा के आज अंक अपलोड न करने पर देना होगा तगड़ा जुर्माना

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि वीरवार को समाप्त हो जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक अंक अपलोड नहीं करने वाले विद्यालयों पर प्रति विद्यार्थी 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि देरी की स्थिति में विद्यालय मुखिया को जिम्मेदार मानते हुए उनसे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। 19 फरवरी तक वेबसाइट पर अंक भरना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो उसे जुर्माने के साथ 20 से 23 फरवरी तक अंक अपलोड करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया का कहना है कि किसी स्कूल के बच्चों के अंक अपलोड नहीं किए गए है तो उन्हें तय समय में अपलोड करवा दिया जाएगा।

हरियाणा में 402 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं मंजूर

चंडीगढ़. राज्य में जल संरक्षण और टिकाऊ खेती को नई दिशा देते हुए राज्यस्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने 402.41 करोड़ रुपये की सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के तहत चार परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएंगी। वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरी होने वाली इन योजनाओं से 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया आधुनिक ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली के दायरे में आएगा। इससे 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इसमें भिवानी के लिए 95.78 करोड़ रुपये, झज्जर के लिए 114.68 करोड़ रुपये, कुरुक्षेत्र के लिए 77.17 करोड़ रुपये और महेंद्रगढ़ के लिए 114.78 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

सीवरेज समस्या को लेकर मंत्री के PA से बदतमीजी पर इंजीनियर सस्पेंड

सिरसा. जन स्वास्थ्य विभाग (सीवरेज) के कार्यकारी अभियंता बलविंदर नैन को सरकार ने निलंबित कर दिया है। उनके सस्पेंशन आदेश में इसकी वजह नहीं बताई गई। इससे पहले राज्य मंत्री कृष्ण बेदी के पीए और अधिकारी के बीच सीवरेज समस्या को लेकर हुई फोन पर बहस चर्चा का विषय बनी हुई है। बलविंदर नैन फतेहाबाद में तैनात थे और सिरसा का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। मंगलवार रात को राज्य मंत्री कृष्ण बेदी सिरसा में नप उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा के लिए पहुंचे थे। भाजपा पार्षद राजन शर्मा ने मंत्री के समक्ष सीवरेज लाइन डाले जाने की लंबित समस्या उठाई। पार्षद के अनुसार, सीवरेज लाइन का टेंडर पहले ही हो चुका है। कार्यवाही के निर्देश दिए पर नहीं उठाया ठोस कदम उपायुक्त ने कार्यकारी अभियंता को कार्यवाही के निर्देश दिए थे, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायत मिलने के बाद मंत्री ने अपने पीए को तत्काल अधिकारी से बात करने को कहा। रात 10 बजकर 20 मिनट पर पार्षद के मोबाइल से काल की गई तो बलविंदर नैन का फोन व्यस्त चल रहा था। फिर मंत्री के पीए ने काल की। पीए ने सीवरेज समस्या की बात कही तो अधिकारी ने जवाब दिया कि रात दस बजे के बाद सीवरेज का कौन सा काम होता है। राजन ने बताया कि सुबह दोबारा काल की तो उन्होंने फिर से यही बात दोहराई कि रात को सीवरेज समस्या का समाधान थोड़ा होता है।

MD यूनिवर्सिटी के कुलसचिव को राज्यपाल ने किया बहाल

रोहतक. महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक दो दिन पहले हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। सरकार की स्पष्ट मनाही के बावजूद कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक बुलाकर भर्तियों को अंतिम मंजूरी देने की कोशिश, फिर कुलसचिव और वरिष्ठ प्रोफेसर का निलंबन और उसके बाद राज्यपाल की ओर से कुलसचिव की बहाली, इन घटनाओं ने रोहतक से लेकर चंडीगढ़ तक हलचल मचा दी। शिक्षक व छात्र संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और विवादित भर्तियों को खारिज करने की मांग की है। दरअसल, 20 फरवरी को कुलपति प्रो.राजबीर सिंह का कार्यकाल पूरा होना है। इससे पहले 302वीं ईसी बैठक बुलाई गई। 14 जनवरी को उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार ने निर्देश जारी कर बैठक को पुनर्निर्धारित करने और बिना सरकारी अनुमति कोई नियुक्ति आदेश जारी न करने को कहा था। 17 फरवरी को किया था निलंबित इसके बावजूद बैठक हुई और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी। 17 फरवरी को अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्चतर शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर 302वीं बैठक को सरकार के निर्देशों का उल्लंघन बताया और प्रस्तावित 304वीं ईसी बैठक को भी स्थगित करने के निर्देश दिए। इस बैठक में 302वीं बैठक की पुष्टि कर भर्तियों पर अंतिम मुहर लगनी थी। इसके बाद 17 फरवरी की रात करीब 11 बजे कुलपति ने उन्हें निलंबित कर दिया। आदेश उनके निवास पर भेजे गए। इसी बीच कुलसचिव डा. कृष्ण कांत गुप्ता ने आदेश जारी कर शाखा अधिकारियों को बैठक में भाग न लेने के निर्देश दिए। वरिष्ठ प्रोफेसर डा. नसीब सिंह गिल को भी उसी रात निलंबित किया गया, जबकि उस समय उनके बेटे की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसे अमानवीय बताते हुए शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल को भी बुलाना पड़ा। मामला तब पलटा जब बुधवार सुबह 11:40 बजे राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने डा. कृष्ण कांत की बहाली के आदेश जारी कर दिए और 304वीं बैठक को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया। इस मामले में जनसंपर्क निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने बताया कि कार्यकारी परिषद की बुधवार को निर्धारित बैठक स्थगित कर दी गई है। कुलाधिपति ने निलंबन निरस्त किया – सरकार सर्वोपरि है। आदेशों का पालन होना चाहिए। कुलाधिपति ने निलंबन निरस्त किया। सरकार के निर्देश मानते हुए ईसी बैठक स्थगित कर दी गई है। मैं कुलपति का सम्मान करता हूं और राज्यपाल का आभार व्यक्त करता हूं। – डा. कृष्ण कांत गुप्ता, कुलसचिव, एमडीयू।

स्वच्छता सर्वे में करनाल अव्वल और हिसार-रोहतक ने भी दिखाई मजबूती

हिसार. प्रदेश में स्वच्छता की स्थिति को परखने के लिए कराए गए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रैपिड फीडबैक सर्वे ने शहरी निकायों की तस्वीर को आईने की तरह सामने रख दिया है। दो दिवसीय सर्वे में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के आठ अहम पैमानों पर 23 शहरी स्थानीय निकायों का मूल्यांकन किया गया। करनाल ने 7.5 अंक हासिल कर स्वच्छता की दौड़ में पहला स्थान प्राप्त किया, वहीं हिसार और रोहतक 7-7 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर रहे। सर्वे में सात निकायों की स्थिति गुड श्रेणी में रही, जबकि कई शहर औसत और नीड अटेंशन की श्रेणी में पाए गए। यह रिपोर्ट आने वाले समय में स्वच्छता की बेहतर योजना और मजबूत क्रियान्वयन की दिशा तय करने का आधार बनेगी। स्वच्छता की कसौटी पर हिसार–रोहतक की साझा चमक एसडब्ल्यूएम रैपिड फीडबैक सर्वे में शहरी निकायों की तस्वीर साफ हुई है। स्वच्छता के मैदान में इस बार करनाल ने सबसे आगे निकलते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रैपिड फीडबैक सर्वे में 10 में से 7.5 अंक पाकर करनाल ने बाजी मारी, जबकि हिसार और रोहतक 7–7 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर रहे। प्रदेश सरकार की ओर से 11–12 फरवरी 2026 को हुए इस दो दिवसीय सर्वे में कुल 23 शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) शामिल की। सर्वे का उद्देश्य: आगामी स्वच्छता की योजना की नींव इस रैपिड फीडबैक सर्वे का उद्देश्य केवल अंक बांटना नहीं, बल्कि स्वच्छता की वास्तविक स्थिति को समझकर आगे की ठोस योजना बनाना है। विशेषकर बाजारों, सार्वजनिक शौचालयों, बस स्टैंडों और शहर की समग्र सफाई व्यवस्था को परखते हुए आठ प्रमुख मानकों पर आकलन किया गया। आठ कसौटियां, जिन पर परखी गई स्वच्छता दृश्यमान सफाई कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण कचरा प्रोसेसिंग व निपटान शौचालयों तक पहुंच और उपयोग जल निकासी प्रबंधन सफाई कर्मियों के वेलफेयर कार्य आईईसी (सूचना–शिक्षा–संचार) व जन-जागरूकता यूएलबी नेतृत्व व निगरानी शीर्ष, मध्य और निचले पायदान की तस्वीर प्रथम: करनाल — 7.5 अंक द्वितीय: हिसार, रोहतक — 7–7 अंक तृतीय: अंबाला सिटी, कैथल, पंचकूला, भिवानी — 6.5–6.5 अंक ये रहे नीचले पायदान पर सबसे नीचे नूंह मेवात 0.5 अंक नीचे से दूसरे स्थान पर चरखी दादरी 2.5 अंक नीचे तृतीय स्थान पर हांसी 3.5 अंक 10 में से किस कैटेगरी में किस निकाय को मिले कितने अंक गुड : करनाल 7.5, रोहतक-7, हिसार-7, अंबाला सिटी-6.5, कैथल-6.5, पंचकुला 6.5 और भिवानी 6.5 मध्यम: एवरेज : जींद-6, पानीपत-6, यमुनानगर-6, सोनीपत-6, रेवाड़ी-6, थानेसर-6, फतेहाबाद-5.5, सिरसा-5.5, झज्जर-5 नीचे पायदान: नीड अटेंशन : नारनौल-4.5, फरीदाबाद-4.5, गुरुग्राम-4.5, पलवल-4, हांसी-3.5, चरखीदादरी-2.5 और नूंह मेवात-0.5 प्रदेश की 23 यूएलबी में हुए सर्वे में आठ मानकों पर हिसार का दूसरा स्थान उत्साहवर्धक है। स्वच्छता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का यह परिणाम है। शहर की स्वच्छता और बेहतर हो इसके लिए नगर निगम प्रशासन कार्य कर रहा है। – नीरज, निगमायुक्त, हिसार     निगमायुक्त नीरज के दिशा-निर्देशों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से लेकर निरंतर मानिटरिंग तक, हर स्तर पर काम हुआ है। दो दिवसीय सर्वे में दूसरा स्थान अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वच्छता में किए कार्य की मुहर है। मेरी आमजन से अपील है कि वे स्वच्छता में बढ़चढ़ कर अपनी भूमिका निभाएं। सभी के प्रयास से हरियाणा प्रदेश साफ, स्वच्छ और सुंदर होगा। – प्रवीण पोपली, मेयर, हिसार

प्यार का दिखावा, फिर हत्या की साजिश: गर्भवती पत्नी का गला घोंटने वाला CA गिरफ्तार

गुरुग्राम हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। हरियाणा से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई जहां पहले पति ने पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। पति पेशे से चार्डेट अकाउंटेंट है जबकि पत्नी गुरुग्राम बैंक में काम करी थी। पत्नी 5 महीने की गर्भवती भी थी। सामने आई जानकारी के मुताबित पति ने सोझी समझी साजिश के तहत इस खौफनाक कांड को अंजाम दिया। पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। दोनों की शादी कुछ महीने पहले सितंबर 2025 में हुई थी। पति पत्नी वैलेंटाइन डे मनाने के बाद हिसार से वापस गुरुग्राम लौट रहे थे, तभी पति ने झज्जर के बादली थाना क्षेत्र के पासौर गांव के पास पत्नी की धार दार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों की पहचान 27 साल की महक और अंशुल धवन के तौर पर हुई है। पुलिस को खुद किया फोन झज्जर पुलिस ने कहा कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन किया और मामले को लूट की वारदात के रूप में पेश करने की कोशिश की। हालांकि, जब बादली पुलिस उसे अपराध स्थल पर ले गई, तो वह घटनाक्रम और हमलावरों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो अंशुल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। महक के पिता कृष्ण कथूरिया, जो हांसी में सब्जी की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी सितंबर 2025 में हुई थी। उन्होंने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो महक का शव खेतों में पड़ा था और उसकी गर्दन पर चोट के गहरे निशान थे। पिता ने आरोप लगाया कि अंशुल ने पहले महक का गला घोंटा फिर धार दार हथियार से वार किया। पुलिस ने बताया कि रास्ते में दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी ने अपने पिता को भी गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि किसी ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी है। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। संबंधित धाराओं के तहत FIR) दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।