samacharsecretary.com

बेटी बचाओ अभियान को मिली सफलता: हरियाणा में गर्भपात घटा, लिंगानुपात 9 अंक बढ़ा

चंडीगढ़ हरियाणा पढ़ाओ अभियान को लेकर सरकार की सख्ती के चलते अवैध गर्भपात करवाने वाली महिलाओं में कमी आई है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत कम गर्भपात हुए हैं। इससे हजारों बेटियों की जान बची जिससे लड़कियों का लिंगानुपात गत वर्ष के 909 के मुकाबले इस वर्ष बढ़‌कर 918 तक जा पहुंचा है। अवैध लिंगानुपात की जांच एवं गर्भपात को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मंगलवार को लिंगानुपात में सुधार पर संतोष जताते हुए नया लक्ष्य निर्धारित किया गया। आरएस ढिल्लो ने एमटीपी किट की अवैध बिक्री तथा पीएनडीटी के मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन जिलों में पिछले वर्ष के मुकाबले में कम लिंगानुपात सामने आया है, उन जिलों के नोडल आफिसर अपने क्षेत्र में अवैध लिंग जांच तथा उसके बाद होने वाले गर्भपात के मामलों पर नजर रखें।  

फसल बीमा पर बड़ा सवाल: 116 करोड़ का क्लेम लंबित, किसान मुआवजे के लिए भटकने को मजबूर

चंडीगढ़ हरियाणा में प्रधानमंत्री फसार बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने वाले किसानों के 116 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों में फंस गए हैं। तीन साल से फसल खराबे के नुकसान की क्षति पूर्ति के लिए दावा (फ्लेग) कर यो इन किसानों को बीमा कंपनियां भुगतान नहीं कर रहीं। इससे भिवानी, सिरसा, मुंह और चरखी दादरी के किसान सर्वाधिक प्रभावित है। अधिकतर मामलों में फसल कटाई प्रयोगों पर विवाद है। बीमा कंपनियों को हठधर्मिता से नाराज प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अलैकलिस्ट करने की सिफारिश भी कर दी है।  हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने वाले किसानों के 116 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों में फंस गए हैं। तीन साल से फसल खराबे के नुकसान की क्षति पूर्ति के लिए दावा (क्लेम) कर रहे इन किसानों को बीमा कंपनियां भुगतान नहीं कर रहीं। इससे भिवानी, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी के किसान सर्वाधिक प्रभावित हैं। अधिकतर मामलों में फसल कटाई प्रयोगों पर विवाद है। हालांकि बीमा कंपनियों की हठधर्मिता से नाराज प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश भी कर दी है। डबवाली के इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सवाल उठाते हुए पूछा था कि राज्य में पिछले तीन वर्षों 2022-23, 2023-24 तथा 2024-25 के दौरान किसानों को हुए फसल नुकसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनियों के पास कुल कितनी मुआवजा राशि अभी बकाया है।   बकाया मुआवजे का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। क्या सरकार द्वारा भुगतान न करने या भुगतान में देरी करने वाली दोषी बीमा कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने माना कि तीन वर्षों से बीमा कंपनियों के पास 13 जिलों के किसानों के कुल 116 करोड़ 22 लाख रुपये बकाया हैं। इनमें अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और सोनीपत शामिल हैं। नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) के अस्वीकृत होने, बैंक खाते बंद होने और बीमित किसानों की मृत्यु के कारण 22 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा सका है। उन्होंने बताया कि रबी 2023-24 के लिए सरसों, गेहूं और चना के लिए फसल कटाई प्रयोगों से संबंधित विवादों के कारण क्षेमा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास 85 करोड़ 52 लाख रुपये लंबित हैं। जिला अटका हुआ क्लेम  भिवानी 64.55 करोड़ रुपये सिरसा 30.57 करोड़ रुपये 13.54 कारी इरुपये चरखी बदरी 7.36 करोड़ रुपये खरीफ 2024-25 के लिए क्यास के लिए इंश्योरेंस कंपनी के पास 30.47 करोड़ रुपये लंबित हैं। अब तक एग्रीकल्चर इंस्योरेंस कंपनी (एआइसी) ने सिरसा जिले में खरीफ 2014 के लिए, 79 करोड़ 4 लाख रुपये का भुगतान किया है। सिरसा के 44 गांवों से संबंधित लगभग 30 करोड़ 47 लाख रुपये के कालेम अब भी पेंडिंग हैं क्योंकि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ने जिल्ला स्तरीय निगरानी समिति के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की हुई है। यह प्रक्रियाधीन है। बीते तीन वितीय वर्षों में 223 किन्सानों को 14 लाख का क्लेम दिया गया है।

हाईकोर्ट का सख्त रुख: भूमि विस्थापितों के हक में फैसला, HSVP पर 3 लाख का जुर्माना

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भूमि विस्थापितों से बढ़ी हुई दरों पर प्लॉट की कीमत वसूलने के मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी सार्वजनिक प्राधिकरण अपनी ही लापरवाही और प्रशासनिक देरी का लाभ नहीं उठा सकता। अदालत ने HSVP द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया को मनमाना, अनुचित और कानून के खिलाफ बताया है। जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस दीपक मनचंदा की खंडपीठ ने 58 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए विवादित मूल्य निर्धारण से जुड़े प्रावधानों को रद्द कर दिया। इसके साथ ही नागरिकों को अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी में उलझाने के लिए HSVP पर 3 लाख रुपये का दंडात्मक जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने कहा कि जिन मामलों में प्लॉट के आवंटन में देरी पूरी तरह विकास प्राधिकरण की गलती से हुई हो, वहां विस्थापित व्यक्ति आवेदन की तारीख पर लागू दर के अनुसार ही भुगतान करने का हकदार होगा न कि वर्षों बाद बढ़ी हुई आरक्षित कीमत पर। न्यायालय ने दो टूक कहा कि प्रशासनिक देरी का बोझ नागरिकों पर नहीं डाला जा सकता। मामले में याचिकाकर्ता वे भूस्वामी थे, जिनकी जमीन शहरी विकास योजनाओं के तहत अधिग्रहित की गई थी। 2018 में जारी विज्ञापनों के अनुसार उन्होंने प्लॉट आवंटन के लिए आवेदन कर अग्रिम राशि जमा की थी, लेकिन HSVP ने छह से सात साल तक आवंटन पत्र जारी नहीं किए। जब 2025-26 में आवंटन किए गए, तो उनसे मौजूदा बढ़ी हुई दरों पर भुगतान की मांग की गई।   HSVP की इस दलील को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया कि 2018 के विज्ञापन में कीमत का उल्लेख नहीं था। कोर्ट ने कहा कि कीमत न बताना बाद में ज्यादा राशि वसूलने का आधार नहीं बन सकता। यह निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के शासन के सिद्धांतों के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने आवंटन पत्रों के विवादित खंडों को रद्द करते हुए HSVP को निर्देश दिया कि वह 2018 की नीति और पूर्व में दिए गए फैसलों के अनुरूप नई दरें तय करे। साथ ही सरकार को नसीहत दी कि समान परिस्थितियों वाले अन्य विस्थापितों को भी बिना भेदभाव समान लाभ दिया जाए, चाहे उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया हो या नहीं।

हरियाणा सरकार ने जारी किए ये आदेश, इस कर्मचारियों पर होंगे लागू

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने जिलों में प्रशासनिक कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, अतिरिक्त उपायुक्त के अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे, चुनाव ड्यूटी पर होने अथवा स्थानांतरण/सेवानिवृत्ति के कारण पद रिक्त होने की स्थिति में संबंधित जिले के जिला नगर आयुक्त को लिंक अधिकारी-2 नामित किया है। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनाव ड्यूटी पर जाने से पूर्व लिंक अधिकारी को अनिवार्य रूप से सूचित करेंगे।

सामाजिक ताना-बाना टूट रहा है— लिव-इन रिलेशनशिप पर हरियाणा में उत्तराखंड मॉडल की वकालत

चंडीगढ़  हरियाणा में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग उठने लगी है. बीजेपी विधायक लक्ष्मण यादव ने हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान जीरो ऑवर में यह मुद्दा उठाया. बीजेपी विधायक की अपनी ही सरकार से सख्त कानून लाने की मांग की बीजेपी विधायक का दावा है कि कई विधायक लिव-इन-रिलेशनशिप के खिलाफ हैं. वो जल्द ही सीएम से मिलेंगे और उत्तराखंड की तर्ज पर हरियाणा सरकार से भी लिव-इन रिलेशनशिप पर सख्त कानून लाने की मांग करेंगे. उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते प्रचरन पर चिंता जताई है. विधायक बोले- लिव-इन- रिलेशनशिप से रिश्ते खराब हो रहे उन्होंने कहा कि लिव-इन-रिलेशनशिप से सामाजिक ताना-बाना और पारिवारिक रिश्ते खराब हो रहे हैं. हमारी मांग कि उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर हरियाणा में भी लिव-इन-रिलेशनशिप का पंजीकरण शुरू किया जाए ताकि इस तरह के रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों का सरकार के पास पूरा आंकड़ा हो. विधायक ने मांग की है कि सरकार की और से लिव-इन-रिलेशनशिप के मानदंड तय करने के लिए कमेटी गठित करनी चाहिए.     रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव की मांग है कि समाज में लिव-इन-रिलेशनशिप की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह खराब हो रही है.     हरियाणा में भी लिव-इन-रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता देने के लिए उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर पंजीकरण जरूरी हो.     उत्तराखंड सरकार की और से समान नागरिक संहिता के अंतर्गत लिव-इन-रिलेशनशिप पंजीकरण का प्रावधान किया गया है, जिसके मानदंड और नियम तय किए गए हैं.     हरिद्वार में लिव-इन-रिलेशनशिप के 40 मामले सामने आए, जब पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए तो उनमें से 13 मामले ऐसे थे, जो पहले से ही शादीशुदा थे. लक्ष्मण यादव ने कहा कि पंजीकरण से महिला सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और पुरुष द्वारा महिला को छोड़ने के बाद हताशा में जीवन लीला को समाप्त करने वाले कदमों पर भी अंकुश लगेगा. उन्होंने कहा कि लिव-इन-रिलेशनशिप के मामलों में आत्महत्या का ग्राफ भी बढ़ रहा है. उनके रेवाड़ी जिले में तीन मामले सामने आए हैं. मुहिम से जुड़ने का आह्वान उन्होंने कहा कि सीएम से मुलाकात के दौरान वो लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों के लिए मानदंड और नियम बनाने के लिए कमेटी गठित करने की मांग करेंगे. इससे सामाजिक ताना-बाना नहीं बिगड़ेगा और पारिवारिक रिश्ते भी मौजूद रहेंगे.उन्होंने सामाजिक संस्थाओं को भी इस मुहिम में जुड़ने का आह्वान किया. गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार की और से मानदंड तय किया गया है कि यदि 6 महीने तक कोई लिव-इन-रिलेशनशिप को पंजीकरण नहीं कराता है तो उसे 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल सजा का प्रावधान है. विधायक बोले- कमेटी की मंजूरी अनिवार्य होनी चाहिए विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा लिव-इन-रिलेशनशिप में पंजीकरण से पहले सरकार द्वारा गठित कमेटी की मंजूरी अनिवार्य होनी चाहिए. यदि लिव-इन-रिलेशनशिप का रिश्ता 5 साल या इससे ज्यादा का है तो उसे शादी की मान्यता दी जाए, ताकि महिला की संतान को संपत्ति में हिस्सेदारी का हक मिल सके. हालांकि हरियाणा की विपक्षी पार्टियों अभी इस मुद्दे पर खामोश है और उनका कहना है कि जब हरियाणा सरकार कोई इस तरह का प्रस्ताव या कानून लेकर आएगी तब इस पर चर्चा की जाएगी.  

ड्रग तस्करों पर शिकंजा: यूपी से सप्लाई हो रही 90 लाख की हेरोइन नारकोटिक्स सेल ने पकड़ी

यमुनानगर उत्तर प्रदेश बॉर्डर से हरियाणा के यमुनानगर जिले में नशे की बड़ी खेत को यमुनानगर एंटी नाकोटिकस सेल की टीम ने पकड़ा है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 80 लाख रुपए है। दोनों नशा तस्कर उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यमुनानगर एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने 810 ग्राम हेरोइन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 90 लाख है।  एंटी नाकोटिक्स सेल की टीम को सूचना मिली थी कि नशा तस्कर यमुनानगर में नशे की बड़ी खेप लेकर आ रहा है। टीम ने नशा तस्कर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और एक नशा तस्कर रजनीश को यमुनानगर रेलवे स्टेशन के पास से 810 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने जब नशा तस्कर रजनीश से सख़्ती से पूछताछ की तो उसने कहा कि यह हेरोइन सहारनपुर में सुफियान के पास सप्लाई करनी थी। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि दोनों नशा तस्कर की क्राइम कुंडली खँगाली जाएगी और संबंधित थाने से इनका रिकॉर्ड भी लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुफियान सहारनपुर जिले का रहने वाला है जबकि रजनीश बरेली जिले का है। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की सप्लाई करना। ऐसे में कई बड़े सवाल खड़ा करता है। पुलिस को पूछताछ में अब यह पता लगाना है कि पकड़ी गई हेरोइन कहां सप्लाई करनी थी और इनके तार किन नशा तस्करों से जुड़े हैं। और यह नशा तस्करी कब से कर रहे थे।

शिकायतों पर सख्त रुख: खेल मंत्री गौतम ने कोच को किया सस्पेंड, विभाग में हड़कंप

चंडीगढ़ खेल मंत्री गौरव गौतम ने झन्जर जिले के गांव खरहर के ग्रामीणों द्वारा प्रशिक्षक अजय राठी के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही तथा बच्चों को नियमित प्रशिक्षण न देने संबंधी शिकायत पर कोच को निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। खेल विभाग ने सोमवार को कोच को निलंबित कर दिया और जांच अवधि तक हैड ऑफिस पंचकूला में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। पिछले ही महीने गांव खरहर जिला झज्जर में कार्यरत एथलैटिक्स कोच के ट्रांसफर हो जाने पर नए कोच अजय राठी को विभाग द्वारा स्थानांतरित किया गया था। इसके पश्चात नए कोच अजय राठी के खिलाफ लगातार मैदान पर अनुपस्थिति की शिकायत गांव के सरपंच और अन्य सदस्यों द्वारा डी. एस. ओ. झज्जर को भी दी गई परंतु कोई उचित कार्रवाई न होने के कारण गांववासियों ने खेल मंत्री को कोच के अनुचित व्यवहार से खिलाड़ियों के होने वाले नुकसान से अवगत करवाया था। खेल मंत्री ने जिला खेल अधिकारी और निजी खेल सलाहकार को औचक निरीक्षण के लिए भेजा जिसमें कोच सुबह की ट्रेनिंग से नदारद पाया गया। इस दौरान मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों ने भी अधिकारियों को अवगत करवाया कि संबंधित कोच मैदान पर सिर्फ शाम की ट्रेनिंग पर हफ्ते में 1-2 दिन मौजूद रहते हैं और अधिकांश खिलाड़ी स्वयं ही मैदान पर प्रैक्टिस करते हैं। इस संबंध में जब फोन के माध्यम से कोच से अनुपस्थिति का कारण पूछा गया तो कोच अजय द्वारा फोन पर भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। 

एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब स्कूलों को मिलेगी रैंकिंग, सरकारी और प्राइवेट स्कूल होंगे एक ही पैमाने पर

भिवानी हरियाणा में पहली बार स्कूलों को रैंकिंग देने की तैयारी है। इसके लिए प्रथम चरण में 14,000 सरकारी स्कूलों और दूसरे में प्राइवेट स्कूलों का मूल्यांकन होगा। रैंकिंग साबित करेगी कौन सा स्कूल कितना अच्छा है। इसका आधार निर्धारित 181 बिंदु होंगे। इस रैंकिंग को सार्वजनिक किया जाए‌गा। इसका   फायदा यह होगा कि अभिभावकों और बच्चों को पता चल सकेगा कि कौन सा स्कूल कितना अच्छा है। उसके आधार पर प्रवेश को लेकर अभिभावक निर्णय ले सकेंगे। स्कूलों में बेहतर करने की भावना भी जागृत होगी। स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी। यह योजना अगले शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। प्रथम चरण में प्रदेश के लगभग 14,000 सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें 22 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। दूसरा चरण में प्राइवेट स्कूलों का भी श्रेणीबद्ध मूल्यांकन किया जाएगा। एक्रीडेशन आफ हरियाणा) पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता से काम पर ध्यान दिया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से आनलाइन सचालित होगी। स्कूल शिक्षा विभाग का उद्देश्य एक ऐसा पारदर्शी और निष्पक्ष सिस्टम बनाना है जिससे स्कूलों की कमियों का पता चल सके।  

एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाई बीजेपी, विधानसभा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आरोप

चंडीगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान भाजपा सरकार का रवैया पूरी तरह से जन-विरोधी और जनहित के मुद्दों से भागने वाला रहा। पूरे सत्र में सरकार ने विपक्ष के सवालों, प्रस्तावों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस ने चंडीगढ़ के स्टेटस, अरावली में खनन, किसानों की समस्याएं, बेरोजगार युवाओं, भर्ती घोटालों, एमएसपी, धान घोटाला, मनरेगा, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खिलाड़ियों की मौतें, एसवाईएल जल विवाद और भाजपा नेताओं की हेट स्पीच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए विभिन्न प्रस्ताव दिए थे। लेकिन विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस का एक भी स्थगन प्रस्ताव, कार्य स्थगन प्रस्ताव या अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वोट चोरी जैसे गंभीर खुलासे के बाद बीजेपी के भीतर छटपटाहट साफ नजर आ रही है। इसीलिए विधानसभा में जानबूझकर इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी चुनाव सुधार पर चर्चा का प्रस्ताव लेकर आई। जबकि यह विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आता। इसीलिए कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस वोट चोरी पर चर्चा के लिए अगले सत्र में विशेष प्रस्ताव लेकर आएगी। हुड्डा अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान हमने खेलों और खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया। हमारी स्पोर्ट्स पॉलिसी की वजह से हरियाणा का नाम पूरे देश में चमका था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसे बर्बाद कर दिया। कांग्रेस ने 300 से अधिक स्टेडियम बनाए थे, लेकिन अब उनकी दुर्दशा हो रही है। प्रदेश के दो होनहार युवा खिलाड़ी हार्दिक और अमन की असमय मौत हुई, जो कि सरकारी लापरवाही का नतीजा थी। हम इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाए, लेकिन सरकार जवाब देना तक उचित नहीं समझा। अरावली के लिए कांग्रेस ने अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव दिया, लेकिन इससे भी सरकार भाग गई। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में साफ है कि अरावली का विनाश हरियाणा पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालेगा। इससे प्रदूषण फैलेगा और हरियाणा के 'फेफड़ों' की तरह काम करने वाली यह पहाड़ियां नष्ट हो जाएंगी। इसपर हरियाणा सरकार का स्टैंड क्या है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने इसे क्यों नहीं बचाया और अब रिव्यू पिटीशन क्यों नहीं दाखिल कर रही? सरकार ने इसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसी तरह, कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव जलभराव, बढ़ते प्रदूषण, धान घोटाला और मनरेगा पर थे। मनरेगा की स्थिति इतनी खराब है कि 8 लाख लोग पंजीकृत हैं, लेकिन कुल 100 दिनों का रोजगार सिर्फ 2,100 लोगों को ही मिला। पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड देखें तो मनरेगा नियम के तहत मजदूरों को जो मुआवजा देना होता है, लेकिन एक भी व्यक्ति को मुआवजा नहीं दिया गया। नशे से होने वाली मौतें हरियाणा में पंजाब से भी ज्यादा हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर हमारे सभी साथियों ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन चर्चा ही नहीं हुई। भाजपा मंत्रियों और विधायकों की हेट स्पीच पर भी कोई जवाब नहीं आया। कांग्रेस ने सरकार को चंडीगढ़ का स्टेटस स्पष्ट करने को कहा। क्योंकि रोज अखबारों में पढ़ने को मिलता है कि चंडीगढ़ का स्टेटस बदल रहा है। कांग्रेस ने मांग करी कि स्पष्ट करो – चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है या नहीं? पिछले स्पीकर ने कहा था कि हमने फैसला कर लिया है, अलग जमीन लेकर विधानसभा बनाई जाएगी। लेकिन अब खबर आई है कि गृह मंत्रालय ने इससे इंकार कर दिया है। अगर चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है, तो हमारी जमीन लेने से कौन रोक सकता है? हुड्डा ने कहा किएसवाईएल के मामले में भी हरियाणा सरकार का स्टैंड स्पष्ट होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश 2002 में आया था, जो फाइनल हो चुका है। पंजाब ने एग्रीमेंट टर्मिनेट किया, तो 2004 में हमने (जब मैं सांसद था) राष्ट्रपति रेफरेंस करवाया। 2016 में फैसला आया। उसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मैं भी था। बैठक में फैसला हुआ कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने पीएम से मिलवाने जिम्मेवारी ली थी, लेकिन आज तक प्रधानमंत्री से मुलाकात नहीं हुई। सरकार ने सदन में वंदे मातरम पर चर्चा की। हमने पूछा कि इसका मकसद क्या है? वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है, जिसे संविधान सभा ने 1950 में अपनाया। क्या आप इसे बदल सकते हैं? इसी तरह, इलेक्टोरल रिफॉर्म्स का मुद्दा उठाया, जो हरियाणा विधानसभा के डोमेन में ही नहीं है। संसद, विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव इलेक्शन कमीशन की संवैधानिक बॉडी के अधीन हैं, यहां इसपर चर्चा हो ही नहीं सकती। यह सब बीजेपी अपनी विफलताएं छिपाने के लिए कर रही है। क्योंकि वो हरियाणा के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही और अब कह रही हैं कि एसआईआर पर चर्चा को तैयार हैं। हमने कभी एसआईआर का विरोध नहीं किया, लेकिन हम रिफॉर्म चाहते हैं। जैसे कि चुनाव बैलेट पेपर पर हों या वीवीपैट की पर्ची वोटर को दी जाए, ताकि पता चले वोट कहां गई। ईवीएम से वीवीपैट तक रिफॉर्म होने चाहिए। हुड्डा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें नंबर पर है। स्टेट वाइज डेब्ट इंडेक्स में 18 में से 15वें स्थान पर। ब्याज भुगतान राजस्व प्राप्तियों का 23% है। कैपिटल एक्सपेंडिचर 2018-19 में 16.4% से घटकर 2022-23 में 9.7% रह गया। 

सर्दी का कहर शुरू, घना कोहरा छाएगा दिनभर, मौसम विभाग का कोल्ड-डे रेड अलर्ट

हिसार लगातार ठंड बढ़ती नजर आ रही है। पूरे हरियाणा में हाड़ कंपा देने वाली ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।पूरा उतर भारत इस ठंड की चपेट में है।वही मौसम विभाग द्वारा 26 दिसंबर तक घने कोहरे और कोल्ड-डे का रेड अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और उत्तर हरियाणा के जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है क्रिसमस के बाद एकाएक ठंड और बढ़ेगी। हरियाणा में कोल्ड डे की स्थिति रहेगी। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार रात नारनौल 6.0°सी के साथ राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा। हालांकि औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.2°सी अधिक बना हुआ है। लेकिन आने वाले 4 दिनों में कोहरे और कोल्ड-डे की स्थिति जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। आज सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह (मेवात), रोहतक और जींद में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। वही कोहरे की वजह से वाहन चालकों को वाहन चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।साथ में वाहन की लाईट जलाकर वाहन सड़कों परो रेंगते नजर आए। वही कोहरे का असर से परिवहन सेवाओं और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है।