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हड़ताल नहीं चलेगी! हरियाणा सरकार ने डॉक्टरों पर लगाया 6 महीने का एस्मा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने डॉक्टरों की हड़ताल पर सख्त कार्रवाई करते हुए प्रदेश में अगले 6 महीने के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (ESMA) लगा दिया है. सरकार ने हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1974 (1974 का 40) की धारा 4 (क) की उप-धारा (1) के तहत डॉक्टरों की हड़ताल पर रोक लगा दी है. सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि एस्मा 8 दिसंबर से लागू होगा और अगले छह महीने की अवधि के लिए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकेंगे. आदेश में कहा गया है कि हरियाणा के राज्यपाल ने भी इस बात को माना है कि गंभीर रूप से बीमार और अन्य मरीजों की देखभाल सुनिश्चित करने और जन साधारण के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का निर्वाध परिदान बनाए रखने के लिए कोई भी हड़ताल सार्वजनिक स्वास्थ्य और समुदाय के जीवन के लिए आवश्यक सेवाओं पर गंभीर रूप से असर डालेगी. 6 महीने तक डॉक्टरों की हड़ताल पर रोक आदेश में आगे कहा गया है कि अब हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम 1974 (1974 का 40) की धारा 4 (क) की उप धारा (1) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते राज्य में एस्मा लगाया जा रहा है जो कि अगले छह महीने तक डॉक्टरों के किसी भी प्रकार के हड़ताल पर रोक लगाता है.   दरअसल, हरियाणा में सभी सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के डॉक्टरों ने मंगलवार को प्रमोशन से जुड़े मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया. डॉक्टरों के इस ऐलान से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के बेपटरी हो जाने का अंदेशा था. हरियाणा के चिकित्सा अधिकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग में शामिल होने के बाद प्रमोशन के सीमित अवसरों से निराश हैं. हड़ताल को लेकर डॉक्टरों का क्या कहना था? हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टरों का कहना था कि उनके अधिकतर सहयोगियों को अपने पूरे करियर में केवल एक ही बार प्रमोशन मिलती है. कुछ डॉक्टरों की यह भी शिकायत थी कि वर्तमान नीति के तहत 75 फीसदी एसएमओ पद पदोन्नति के जरिए भरे जाते हैं जबकि 25 फीसदी सीटें सीधी भर्ती के लिए आरक्षित हैं. डॉक्टरों का तर्क है कि सीधी भर्ती वाले एसएमओ अपने करियर में बहुत आगे बढ़ जाते हैं, कुछ तो महानिदेशक के पद तक पहुंच जाते हैं, जबकि सेवारत डॉक्टर स्थिर रहते हैं.  

रेलू राम और उनके परिवार के 8 सदस्यों की हत्या: आधी रात को बेटी-दामाद ने फार्म हाउस में फैला दीं लाशें

हिसार. 23 अगस्त 2001. अगस्त का महीना और बरसात का सीजन. रात के 12 बजे रहे थे. हालांकि, अब तक पूर्व विधायक रेलू राम और उनकी पत्नी सोए नहीं थे. अपने फार्म हाउस में दोनों पति पत्नी के बीच किसी बात पर बहसबाजी औऱ चर्चा हो रही थी. किसी को अंदेशा नहीं था कि यह उनकी जिदंगी की आखिरी रात होगी. फिर उसी रात को घर में रेलू राम की बेटी की एंट्री हुई और फिर जो कुछ हुआ, वो डराने वाला था. एक के बाद एक, कुल आठ लोगों का लाशें घर में बिछी हुई थी. फर्श पर मानों खून की नदियां बह रही थी. जैसे ही आठ लोगों की हत्या की खबर फैली तो पूरा इलाका हैरान रह गया. दरअसल, यह कहानी हिसार के बरवाला के पूर्व विधायक रेलू राम और उनके परिवार के कुल आठ लोगों की हत्या से जुड़ी है. इस मामले में अब हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया के दामाद संजीव कुमार और बेटी सोनिया और की रिहाई को लेकर याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस वजह से यह हत्याकांड फिर से चर्चा में आ गया है. रेलू राम की बेटी सोनिया ने संजीव के साथ लव मैरिज की थी. हालांकि, परिवार इस शादी के खिलाफ था. सोनिया जूडो खिलाड़ी थी और संजीव के साथ उसकी मुलाकात भी ट्रेनिंग के दौरान हुई थी. क्यों की गई थी हिसार के बरवाला के पूर्व विधायक रेलू राम समेत 8 लोगों की हत्या पूर्व विधायक रेलू राम पुनिय़ा की बेटी सोनिया अपने पिता की संपति में हिस्सा चाहती थी. लेकिन वह उन्हें प्रॉपर्टी देने के इच्छुक नहीं थे. 23 अगस्त को सोनिया का जन्मदिन था और वह पति के साथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से हिसार जा रही थी. इस दौरान सोनिया को लितानी गांव में पिता के फार्महाउस पहुंचते पहुंचते करीब रात के 12 बज गए थे. जब पर घर में पहंची तो देखा कि उसके पिता और मां में कहासुनी हो रही है और प्रॉपर्टी को लेकर ही वह झगड़ रहे थे. सोनिया ने देखा कि उनके पिता अपनी संपति में उन्हें हिस्सा देने के बिलकुल खिलाफ थे. बस फिर क्या था, सोनिया ने अपने पति के साथ मिलकर पिता और पूरे परिवार को मारने की प्लानिंग बनाई. सोनिया और संजीव ने अपनी पिता रेलू राम पूनिया (50), मां कृष्णा देवी (41), सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पोता लोकेश (4) और दो पोतियों शिवानी (2) और प्रियंका (14) के अलावा, 45 दिन की प्रीति की रॉड से बेरहमी से हत्या कर दी. सोनिया और संजीव ने घर में आठ लांशें बिछा दी. हालांकि, वह कार लेकर वहां से फरार गई और सोचा कि अब खुद की जिदंगी को भी खत्म कर देगी. लेकिन ऐसा नहीं कर पाई. सोनिया फिर दोबारा घर लौटी और जहर की आधी शीशी पीकर जान देने के कोशिश की. लेकिन, वह अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हुई. बाद में पुलिस ने दोनों पति पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था. तीन साल तक कोर्ट में चला था केस और हुई थी फांसी की सजा फिर तीन साल केस चला और 2004 में हिसार की अदालत ने संजीव और सोनिया को फांसी की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ दोनों सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लेकिन राहत नहीं मिली और 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा करो बरकरार रखा. हिसार पुलिस की जांच में पता चला था कि इस नरसंहार की मुख्य वजह जमीन-जायदाद का बंटावारा ही था. इस पूरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था. क्योंकि अब प्रदेश में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें एकसाथ आठ लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया हो. सोनिया अपने पति के साथ जूडो एकादमी खोलना चाहती थी औऱ इसलिए पिता से थोड़ी बहुत संपति मांग रही थी.  सोनिया और संजीव ने पहले गोली मारने का प्लान था सोनिया और संजीव ने पहले प्लान बनाया था कि पूरे परिवार को गोलियां मारेंगे. प्लान के अनुसार, सोनिया के जन्मदिन की पार्टी के बहाने पटाखे के शोर में गोलियां चलेंगे. हालांकि, फिर उन्हें लगा कि पटाखों के शोर से पिता और मां की नींद टूट सकती है. इसलिए लोहे की रॉड से हत्या की गई. कौन थे हिसार के बरवाला के पूर्व विधायक रेलू राम पुनिया हिसार से पूर्व विधायक रेलू राम की कहानी बेहर रोचक है. उन्हें कामयाबी के रास्ते में जाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी थी. रेलू राम का बचपन काफी गरीबी में गुजरा था और वह अपने परिवार का गुजारा करने के लिए लोगों की भैंसें चराते थे. हालांकि, बाद में वह नौकरी की तराल में दिल्ली चले गए. यहां पर उन्हें ट्रकों की धुलाई और साफ सफाई का काम मिला. यहां पर एक सेठ के पास नौकरी के दौरान रेलू राम की जिदंगी को नई दिशा मिली और उन्हें कच्चे तेल का कारोबार शुरू कर दिया. यहीं से रेलू राम की जिदंगी पलट गई और उन्होंने बड़े पैमानी पर पैसा बना. ऐस पैसे से उन्होंने बड़े पैमाने पर जमीन फरीदाबाद और दिल्ली में कोठी के अलावा, कई दुकानें खरीदीं. गौर रहे कि रेलू राम ने दो शादियां की थी. रेलू राम ने आजाद लड़ा था चुनाव जानकारी के अनुसार, साल 1996 में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने जा रहे थे. इस बीच रेलू राम ने चुनाव लड़ने का मन बनाया. किसी भी पार्टी से टिकट नहीं मिला तो रेलू राम पूनिया ने बरवाला से आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया. उन्हें चुनाव में रेलगाड़ी का चुनाव चिह्न मिला. बताते हैं कि उस चुनाव में ‘रेलू राम की रेल चलेगी, बिन पानी बिन तेल चलेगी.’ नारा खूब चला. इस चुनाव में रेलू राम की जीत हुई और फिर उन्होंने हिसार में 2 एकड़ जमीन में कोठी बनवाई. कहते हैं कि इस कोठी के दूसरे फ्लोर तक कारें जाती थीं. पहले दी थी फांसी फिर हाईकोर्ट ने बदला फैसला हिसार कोर्ट ने इस मामले में दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन 2025 में हाईकोर्ट ने फांसी को उम्रकैद में बदल दिया. हालांकि, मामला फिर सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा और सुप्रीम कोर्ट ने लोअर कोर्ट के फैसले को सही माना और फांसी की सजा को बरकार रखा. 23 अगस्त 2007 … Read more

गाय को चिकन मोमोज खिलाने वाला यूट्यूबर गुरुग्राम में गिरफ्तार, पैसों के लालच में किया था काम

गुरुग्राम गुरुग्राम में गाय को चिकन मोमोज खिलाते वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी यूट्यूबर को पकड़ लिया गया है। हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर पहले पीटा और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी युवक का कहना है कि कुछ लोगों ने उसका ब्रेनवॉश किया था और पैसों का लालच देकर गाय को मांस खिलाने को कहा था। लड़के ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और आगे ऐसा नहीं करने की बात कही। पुलिस ने उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोपी की पहचान 28 साल के ऋतिक चंदाना के रूप में हुई है जो न्यू कॉलोनी का रहने वाला है। चंदाना कई सोशल मीडिया चैनल्स चलाता है। उसके पिता दुकान चलाते हैं और मां एक निजी अस्पताल में डॉक्टर है। डीयू से पढ़ाई इंग्लिश ऑनर्स में बीए करने वाले आरोपी का कहना है कि उसे ऐसा करने के लिए लालच दिया गया था। जानकारी के अनुसार आरोपी 2 दिसंबर को सेक्टर-56 स्थित हुड्डा मार्केट में रेहड़ी पर चिकन मोमोज खा रहा था। उसने कुछ मोमोज खाए और बाकी वहां खड़ी एक गाय को खिला दिए। उसने इसका वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बारे में जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठन सक्रिय हो गए और उन्होंने आरोपी युवक की पहचान कर सोमवार को न्यू कॉलोनी से पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी युवक को सेक्टर-56 थाने में लेकर गए और शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने फॉलोअर्स के कहने पर और पैसे के लालच में आकर जानवर को चिकन मोमोज खिलाए थे। जांच अधिकारी इंद्र ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपी को शामिल जांच कर जमानत पर छोड़ दिया गया है। आरोपी युवक ने पकड़े जाने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के सामने कहा कि कुछ लोगों ने उसका ब्रेनवॉश किया था। उसको पैसों का लालच देकर ऐसा करने को कहा गया था। पुलिस लड़के के आरोपों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सच में उसे किसी ने ऐसा निर्देश दिया था।

Haryana Govt का बड़ा फैसला: पुलिस भर्ती नियम बदले, NCC उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी

चंडीगढ़  हरियाणा में पुलिस के करीब छह हजार पदों पर जल्द शुरू होने वाली भर्ती प्रक्रिया से पहले राज्य सरकार ने भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कॉन्स्टेबल और सब-इंस्पेक्टर दोनों पदों पर अब NCC प्रमाणपत्र धारकों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार, एनसीसी ‘A’ सर्टिफिकेट वालों को 1 अंक, ‘B’ सर्टिफिकेट पर 2 अंक और ‘C’ सर्टिफिकेट रखने वालों को 3 अंकों का वेटेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में संकेत दिए थे कि पुलिस भर्ती जल्द शुरू होगी। इसी क्रम में उनकी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंजाब पुलिस नियम 1934 में संशोधन को मंजूरी दी गई। ये बदलाव पंजाब पुलिस (हरियाणा संशोधन) नियम 2025 के रूप में अधिसूचित किए जाएंगे। संशोधन के तहत नियम 12.16 में बदलाव करके यह तय किया गया है कि PMT और PST पास करने वाले उम्मीदवारों में से विज्ञापित पदों की संख्या के 10 गुना उम्मीदवारों को नॉलेज टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।   नॉलेज टेस्ट पूरी तरह वस्तुनिष्ठ व बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगा, जिसमें उम्मीदवारों को 97% वेटेज दिया जाएगा। यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होगी। प्रश्न पत्र में सामान्य अध्ययन, विज्ञान, करंट अफेयर्स, तर्कशक्ति, गणित, कृषि, पशुपालन और संबंधित ट्रेड्स से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। प्रश्नों में कम से कम 10% हिस्सा बेसिक कंप्यूटर ज्ञान और कम से कम 20% हिस्सा हरियाणा से जुड़े विषयों पर आधारित होगा। कॉन्स्टेबल के लिए परीक्षा का स्तर 10+2 और सब-इंस्पेक्टर के लिए स्नातक स्तर का रहेगा। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए नॉलेज टेस्ट में 50% अंक अनिवार्य होंगे, जबकि आरक्षित श्रेणी वाले उम्मीदवारों को 10% की छूट दी जाएगी, जिसके तहत उन्हें कम से कम 40% अंक लाने होंगे।  कैबिनेट बैठक में हरियाणा राज्य अभियोजन विभाग की विधिक सेवा (समूह क) नियम 2013 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। यह बदलाव नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के अनुरूप अभियोजन ढांचे को मजबूत करेगा। BNSS के अनुसार राज्य और जिला स्तर पर लोक अभियोजकों और अभियोजन निदेशालय में कई नई जिम्मेदारियां जोड़ी गई हैं। इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पहले ही 48 नए पदों को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें 24 उप निदेशक और 24 सहायक निदेशक के पद शामिल हैं।

हिसार एयरपोर्ट से अब ज्यादा उड़ानें! विंटर शेड्यूल में बढ़ी फ्लाइट संख्या

हिसार हरियाणा के हिसार हवाई अड्डे को देश के हवाई नेटवर्क में और मजबूत बनाने की तैयारी चल रही है। इस साल 26 अक्टूबर 2025 से 28 मार्च 2026 तक चलने वाले विंटर सीजन में हिसार में उड़ानों की संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग 6% बढ़ाई जाएगी। हालांकि नया फ्लाइट शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है।  नए शेड्यूल के लागू होने से हिसार हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे यात्रियों को अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ानें मिलेंगी और एयरलाइंस को नए रूट पर ऑपरेशन करने का अवसर मिलेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों को ग्लोबल एविएशन हब बनने में मदद मिलेगी।  महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट में नया विंटर शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है। इसके तहत हिसार-जयपुर, हिसार-अयोध्या और हिसार-दिल्ली फ्लाइट अब सप्ताह में दो बार संचालित होंगी। वहीं हिसार-चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन उड़ान भरेगी। पहले हिसार-अयोध्या, हिसार-दिल्ली और हिसार-जयपुर फ्लाइट केवल सप्ताह में एक दिन ही उड़ान भरती थीं। चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में दो दिन यानी बुधवार और शनिवार उड़ान भरती थी। फिलहाल हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू करने की योजना नहीं बनाई गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, नया शेड्यूल एयरलाइंस के रीजनल कनेक्टिविटी विस्तार और टियर-2 व टियर-3 शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। हिसार, अमरावती, पूर्णिया और रूपसी के जुड़ने से स्थानीय और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। देशभर के 126 हवाई अड्डों से कुल 26,495 साप्ताहिक उड़ानों को मंजूरी दी गई है। ग्रीष्मकालीन अनुसूची 2025 में 129 हवाई अड्डों से 25,610 उड़ानों का संचालन हुआ था। हिसार और अमरावती जैसे नए हवाई अड्डे रीजनल कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाते हैं। वहीं सर्दियों के मौसम में अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, भावनगर, लुधियाना, पाकयोंग और श्रावस्ती हवाई अड्डों पर फ्लाइट संचालन स्थगित कर दिया गया है।

First Attempt में डबल सफलता! हरियाणा की मां-बेटे की जोड़ी ने साथ में कर दिखाया CET क्लियर

नारनौल महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल उपमंडल के कोजिन्दा गांव निवासी सेवानिवृत्त जेई हनुमान प्रसाद नारनौलिया के परिवार की यह कामयाबी शिक्षा के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बना रही है। 40 वर्षीय लक्ष्मी और 22 वर्षीय उज्ज्वल ने अपनी लगन और मेहनत के दम पर यह सफलता हासिल की। जब उज्ज्वल ने सीईटी फॉर्म भरने की तैयारी की, तो उसकी मां ने भी इच्छा जताई कि वे भी परीक्षा दें। बेटे ने ही दोनों के ग्रुप-सी के फॉर्म पहली बार भरे और दोनों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा पास कर ली। लक्ष्मी की जीवन यात्रा भी प्रेरणादायक है। अटेली के पास स्थित गांव तोबड़ा में 1985 में जन्मी लक्ष्मी की शादी केवल 18 साल की उम्र में कोजिन्दा गांव के मेनपाल से हो गई थी। विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई कभी नहीं छोड़ी। शादी के बाद उन्होंने एएनएम का डिप्लोमा पूरा किया और अब सीईटी परीक्षा में भी सफलता हासिल की है। उनके पति मेनपाल धारुहेड़ा की एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं जिसके कारण पूरा परिवार वहीं रहता है। उज्ज्वल ने भी अपनी मां के साथ परिवार का नाम रोशन किया है। बीकॉम करने के बाद वह फिलहाल गुरुग्राम विश्वविद्यालय से एमबीए कर रहा है। उसकी मेहनत ने साबित किया है कि घर से मिलने वाली प्रेरणा व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। लक्ष्मी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। वे पूरे एनसीआर में ‘सीड ऑटो टेक’ नाम से एनजीओ चलाती हैं, जिसका उद्देश्य गरीबों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराना है।  

ठिठुरन भरी सर्दी के लिए रहें तैयार—मौसम वैज्ञानिकों ने जताई कड़ी आशंका, जानें पूरा अपडेट

हिसार प्रदेश में पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा ठंड पड़ने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले दिसंबर की तुलना में इस बार दिसंबर में ठंड ज्यादा पड़ने वाली है। पिछले साल दिसबंर के पहले सप्ताह में तापमान औसतन ने न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से लेकर पांच डिग्री के आसपास रहा। इस दौरान 14 दिसंबर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा, जिसका केंद्र पाकिस्तान में होगा। हालांकि इसका अधिक असर हरियाणा में नहीं पड़ेगा। अलबत्ता कुछ हिस्सों में बादल छाएंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी। 10 और 11 दिसंबर को तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी, जिसके चलते ठंड बढ़ेगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने कहा कि हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील संभावित है। वहीं आज से उत्तर व उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से विशेषकर रात्रि तापमान में फिर से गिरावट की संभावना है, जिससे ठंड भी बढ़ सकती है। लेकिन 12 दिसंबर से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस दस्तक देगा जिससे अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी।   अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे यह 6 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं औसतन 24 डिग्री बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान भी करीब 1 डिग्री तक कम हो सकता है। 

चुनाव से पहले पंजाब में बड़ी कार्रवाई! सरकार ने किया हाई-प्रोफाइल अधिकारी का तबादला

नाभा पंजाब में ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों से पहले एक और बड़ा एक्शन हुआ है। चुनाव आयोग के आदेशों के बाद पंजाब सरकार ने नाभा की बीडीपीओ बलजीत कौर का तबादला कर दिया है। इस संबंध में लिखित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। पंजाब सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, नाभा की बीडीपीओ बलजीत कौर को चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्हें एस.ए.एस. नगर मुख्य कार्यालय में हाजिरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  

पर्यटन वाहनों पर नई पॉलिसी: NCR में 10 वर्ष से ज्यादा पुराने डीज़ल वाहन होंगे बैन

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में चलने वाले पर्यटन और परिवहन वाहनों की अधिकतम संचालन आयु तय कर दी गई। इसके लिए हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 में संशोधन करते हुए हरियाणा मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2025 को मंजूरी प्रदान की गई। नए नियम लागू होने के बाद एनसीआर और गैर-एनसीआर क्षेत्रों में सभी प्रकार के परमिट वाले वाहनों को निर्धारित आयु सीमा के भीतर ही चलाया जा सकेगा। मंत्रिमंडल के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र में अखिल भारतीय पर्यटन परमिट पर चलने वाले वाहनों की अधिकतम आयु निर्धारित कर दी गई है। पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले वाहन अधिकतम 12 वर्ष चलेंगे। वहीं डीजल वाहनों को अधिकतम 10 वर्ष तक चलाया जा सकेगा। सरकार ने एनसीआर के बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए डीजल वाहनों पर कड़ी सीमा लागू की है, जबकि स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाहनों को कुछ अतिरिक्त वर्षों की राहत दी गई है। एनसीआर से बाहर, अखिल भारतीय पर्यटन परमिट वाले वाहनों की संचालन आयु समान रहेगी। पेट्रोल, सीएनजी या डीजल के सभी वाहनों की अधिकतम आयु 12 वर्ष तय की गई है। इस निर्णय से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिकों को संचालन अवधि में स्थिरता मिलेगी। इसी तरह कैबिनेट ने स्टेज कैरिज, अनुबंधित कैरिज, मालवाहक वाहन और स्कूल बसों की आयु भी तय की है। एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल, सीएनजी, विद्युत (इलेक्ट्रिक) और अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहन 15 वर्ष तक चल पाएंगे। वहीं डीजल वाहन 10 वर्ष तक ही दौड़ सकेंगे। इसी तरह गैर-एनसीआर क्षेत्रों में स्टेज कैरिज, अनुबंधित कैरिज, मालवाहक वाहन और स्कूल बसों (ईंधन कोई भी हो) की की अधिकतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है। सरकार का कहना है कि वाहनों की उम्र तय करने का यह कदम एनसीआर में प्रदूषण कम करने और पूरे प्रदेश में सुरक्षित व व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। नए नियम लागू होने के बाद परिवहन विभाग इनका कड़ाई से पालन करवाएगा।

सड़क हादसे में स्विमिंग कोच की दर्दनाक मौत, आरोपी मौके से भागा

बहादुरगढ़  बहादुरगढ़ में एक बार फिर से रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार स्विमिंग कोच की मौत का मामला सामने आया है। बहादुरगढ़ के बालौर बाईपास फ्लाईओवर के पास बीती रात यह हादसा हुआ। जहां एक तेज रफ्तार रेनॉल्ट ट्राइबर कार ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी, जिसके चलते स्कूटी सवार स्विमिंग कोच नवनीत खत्री की मौके पर ही मौत हो गई। नवनीत खत्री मूल रूप से बहादुरगढ़ के कुलासी गांव का रहने वाला था।  फिलहाल वह अपने परिवार सहित दिल्ली में रहता था। नवनीत दिल्ली के शिक्षा विभाग में बतौर तैराकी कोच काम करता था। नवनीत खत्री  बहादुरगढ़ की एच एल सिटी में भी तैराकों को अभ्यास करवा चुका है। सोमवार की देर रात वह  सड़क हादसे का शिकार हो गया। हादसा दिल्ली रोहतक मार्ग पर देर रात का बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल भिजवाया गया।  पुलिस ने मृतक स्विमिंग कोच के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। वहीं आरोपी कार चालक कार मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश भी पुलिस ने शुरू कर दी है। परिजनों के बहादुरगढ़ पहुंचने के बाद स्विमिंग कोच नवनीत खत्री के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बताया जाता है कि नवनीत खत्री घर से बजघेड़ा तैराकी कोचिंग देने और वँहा से एचएल सिटी जाने और फिर वापिस घर आने की कहकर घर से गया था। लेकिन नवनीत की जगह उसकी मौत की खबर ही उसके घर पहुंची। नवनीत की मौत से तैराकों और परिजनों में शोक की लहर है। नवनीत के तैयार किये हुए कई तैराक नेशनल स्तर पर उम्दा प्रदर्शन कर चुके हैं।