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ASI की खुदकुशी से मचा हड़कंप, सुसाइड नोट में IPS पूरन कुमार पर गंभीर आरोप

रोहतक  हरियाणा के रोहतक में साइबर सेल में तैनात एक एएसआई ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज मिला है. मृतक एएसआई ने अपने सुसाइड नोट में दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एएसआई ने लिखा है कि वाई पूरन कुमार भ्रष्टाचार में लिप्त थे और जातिवाद का सहारा लेकर सिस्टम को हाईजैक कर रहे थे. नोट में एएसआई ने कहा कि उसने “भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ शहादत” दी है और इस परिवार के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, मृतक एएसआई किसी अहम केस की जांच टीम का हिस्सा था, जो आईपीएस वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार से जुड़े मामले से संबंधित थी.  फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है. सुसाइड नोट और वीडियो को फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में ले लिया है. सुसाइड नोट में क्या लिखा  अपने सुसाइड नोट में एएसआई ने लिखा, 'संदीप कुमार S/O दयानन्द, गांव- जुलाना, जींद से हूं. मैने अपनी जिंदगी में हमेशा सच्चाई का साथ दिया है. मुझे सच्चा और नेक आदमी बहुत पसंद है मेरे दादाजी और छोटे दादाजी देश के लिए लड़े सेना में रहे. छोटे दादाजी तो 7 साल बर्मा में देश कि लड़‌ाई में कै में रहे. मेरी रगों में देशभक्ति है. देश और समाज से बड़ा कोई नहीं है. मैं भगत सिंह को अपना आदर्श मानता हूं क्योंकि उन्होंने देश कोआजाद करवाने में में जगाया है. लीजेंड थे. अगर भगत सिंह जैसे ना होते तो देश क्या देश आजाद होता? वो भाग सकते थे लेकिन नहीं भागे हमारी नस्लों को प्रेरणा देता है… आज समाज में एक बड़ा मुद्दा है भ्रष्टाचार और जातिवाद. हमेशा सच्चाई और आदर्श में बाधित करते हैं. हरियाणा में IAS अधिकारी और व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं परन्तु BJP कि सरकार में कुछ ईमानदार अफसर थे जिन्होंने काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगा दी है. जो डीजीपी साहब ईमानदार और निडर व्यक्ति हैं. शुरुआत में बहुत ज्यादा कठिनाईयां आई मुझे माहौल में ढलने में. पर मेरा मन हमेशा सत्य के साथ था और रहेगा. इस नोट में उन्होंने आगे लिखा,  'हम अपराध पर लगाम लगाने में बहुत ज्यादा प्रयास किए और काफी हद तक बहुत से अफसरों का सहयोग मिला और अच्छा मार्गदर्शन मिला. सही के लिए प्रेरित किया परंतु आईजी पूरन कुमार का तबादला रोहतक रेंज में होते ही उन्होंने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती आईजी दफ्तर में कर दी और ईमानदार कर्मठ कर्मियों का तबादला कर दिया. उन्होंने जातिवाद का जहर हमारे मुलाजिमों में घोला. मुलाजिमों को आईजी दफ्तर में बुलाकर फाइलों के नाम पर डराकर पैसे लिए. और बिना शिकायत के रोहतक रेंज से फाइलें मंगाकर उनमें छोटी- मोटी कमियां निकालकर उन्हें मेंटली टॉर्चर किया. एसआईएस सुनील, गनमैन सुशील पैसे ऐंठते थे. महिला पुलिस को ऑफिस में बुलाकर ट्रांसफर के नाम पर परेशान करके यौन शोषण किया गया और सामान्य नागरिकों, व्यापारियों को बुलाकर फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया गया और मोटी रिश्वत ऐंठी गई. अपराध को बढ़ावा ही नहीं दिया बल्कि जुल्म की पराकाष्ठा की.' अपने नोट में उन्होंने कहा, 'कोई आवाज उठाने की कोशिश करता तो कहता कि मेरा बाल भी बांका… घरवाली आईएएस है और साला एमएलए है और पूरी फैमिली एससी आयोग में है. मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा. यहीं से आईजी पूरन कुमार को भ्रष्टाचार करने की ताकत मिलती थी और उन्होंने दबाकर भ्रष्टाचार किया. उच्च अधिकारियों और सीएम की जानकारी में यह बात आने पर उनका ट्रांसफर किया गया. ट्रांसफर के बाद एक व्यापारी, जिसे बदमाशों और गुंडों द्वारा पहले भी धमकी दी गई थी, उसको अपने ऑफिस में बुलाकर बेईज्जत किया औऱ मां-बहन की गालियां दी. उनके (व्यापारी) ऑफिस में जाकर गनमैन सुशील कुमार ने पैसे लिए जिसकी सीसीटीवी फुटेज और वॉयस रिकॉर्डिंग पेश करके जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. आईजी साहब का केस में नाम आने पर उन्होंने जातिगत आयोग का सहारा और राजनीतिकरण रंग देने के लिए झूठा सुसाइड नोट तैयार करके आत्महत्या की. जिस बारे में केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए यह कदम उठाया और आईएएस वाली ईमानदार अफसरों को टारगेट करने का मौका मिल गया. पूरे हरियाणा में जातिगत जहर घोलकर ईमानदार और कर्मठ अधिकारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं.' अंत में संदीप कुमार ने लिखा,  'यह सच्चाई और ईमानदारी की भ्रष्टाचार से लड़ाई है. इसमें सच्चाई सामने आनी चाहिए. आईएएस पत्नी अपना भ्रष्टाचार उजागर ना हो, संपत्ति की जांच ना हो, यह ढोंग कर रही है. परंतु सच्चाई नहीं हारनी चाहिए. यह हमारे देश और समाज के लिए आगे बढ़ने में बहुत ही जरूरी है. हमारे समाज के काले कव्वै और भ्रष्टाचारी इस लड़ाई को कम करने की कोशिश में हैं. यह भूल गए कि हमारी रगों में देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हुई है. मेरे जैसे 100 जानें कुर्बान लेकिन देश नहीं झुकेगा और सच्चाई की जीत होगी. इस सच्चाई और ईमानदारी की लड़ाई में मैं पहली आहूति दे रहा हूं.'

राज्यसभा उपचुनाव में नया ड्रामा: पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस में कस्टडी को लेकर झड़प

 चंडीगढ़ चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब पुलिस के जवानों के बीच आज झगड़ा हो गया. यह घटना मंगलवार को दिन दहाड़े सुखना झील के पास हुई, जिसके चलते वहां भारी हंगामा हुआ. पंजाब पुलिस एक उपचुनव एप्लिकेंट नवनीत चतुर्वेदी, को हिरासत में लेना चाहती थी, जिसने राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. चतुर्वेदी राजस्थान का निवासी है और उस पर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के हस्ताक्षर जाली करने का आरोप है. यह झगड़ा तब हुआ जब चंडीगढ़ पुलिस चतुर्वेदी को सुरक्षा कवर में ले जा रही थी. झगड़े का कारण नवनीत चतुर्वेदी की हिरासत थी. चतुर्वेदी ने अपने नामांकन में पंजाब से AAP के दस विधायकों को अपने प्रस्तावक (Proposer) के तौर पर बताया है.  AAP ने आरोप लगाया कि चतुर्वेदी ने विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए हैं. इसी आरोप के चलते पंजाब पुलिस चतुर्वेदी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी. चतुर्वेदी उस समय चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में था. सुखना झील के पास क्या हुआ? सुखना झील के पास जब चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में नवनीत चतुर्वेदी जा रहा था, तो पंजाब पुलिस के जवानों ने उसे जबरदस्ती हिरासत में लेने की कोशिश की. चंडीगढ़ पुलिस ने इसका विरोध किया, जिसके चलते दोनों पुलिस जवानों में खींचतान हुई और भारी हंगामा हुआ. चंडीगढ़ पुलिस ने चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस के हवाले नहीं किया. नामांकन स्क्रूटनी के बाद इंटरसेप्ट यह घटना आज यानी 15 अक्टूबर सुबह तब हुई, जब नवनीत चतुर्वेदी अपने नामांकन की स्क्रूटनी के बाद चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में जा रहा था. पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर चंडीगढ़ पुलिस के वाहन को इंटरसेप्ट किया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ SSP कंवरदीप कौर को मौके पर आकर मामले को शांत करना पड़ा. क्या है विवाद की वजह? इस पूरे विवाद की जड़ पंजाब में होने वाला राज्यसभा उपचुनाव है. राजस्थान के निवासी नवनीत चतुर्वेदी ने इस उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. हस्ताक्षर जाली करने के आरोप में पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, खतरे की शिकायत पर उसे चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा कवर दिया था.

हरियाणा पुलिस सतर्क: IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में हो सकता है बवाल

हरियाणा हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या से उपजे तनाव और असंतोष को देखते हुए हरियाणा सरकार को प्रदेश का माहौल खराब होने की चिंता सताने लगी है। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने सोमवार रात पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए अलर्ट जारी किया है। सरकार ने सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। मुख्य सचिव कार्यालय के राजनीतिक शाखा की ओर से यह निर्देश जारी किए गए, जिसमें सभी डीसी, एसपी, आईजीपी और पुलिस आयुक्तों को कानून-व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। सरकार के निर्देशों में कहा गया है कि हाल के दिनों में पूरन कुमार की मौत से जुड़े घटनाक्रमों को देखते हुए राज्य में सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है इसलिए सभी जिलों में स्थानीय संगठनों और सामुदायिक नेताओं से समन्वय बनाए रखते हुए हालात पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसी भी ऐसी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें जो शांति और सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। स्थिति की नियमित रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। राहुल गांधी के दौरे से सियासी पारा बढ़ा महापंचायत की तरफ से दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम का समय भी आज पूरा हो रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज अमनीत पी कुमार के आवास पहुंचेंगे। उनके साथ सोनिया गांधी के भी आने की चर्चा है। राहुल गांधी के इस दौरे से सियासी पारा बढ़ गया है। विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव बढ़ने के बीच डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने छुट्टी की अवधि के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन अब तक पूरन कुमार का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है। उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने पोस्टमार्टम की इजाजत देने से इनकार कर दिया और वह इस मांग पर कायम हैं कि सरकार को पहले सुसाइड नोट में नामजद सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। अब देखना ये होगा कि डीजीपी को छुट्टी पर भेजने के बाद वह पोस्टमार्टम के लिए राजी होंगी या नहीं। गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे आईपीएस कुमार के सुसाइड के बाद से प्रदेश में बने माहौल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा दौरा रद्द हो गया है। वह 17 अक्टूबर को सोनीपत में रैली को संबोधित करने वाले थे। प्रदेश की नायब सरकार के एक साल पूरा होने के अवसर पर होने वाली रैली भी स्थगित कर दी गई है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे। वह नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने आ रहे हैं। वे यहां एनएसजी के विशेष जवानों को संबोधित करेंगे और ब्लैक कैट स्पेशल ऑपरेशंस ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेंगे। समारोह के दौरान एनएसजी की मैग्जीन का भी विमोचन करेंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ प्रदेश में प्रदर्शन करेगा कुमार के परिवार के समर्थन में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगा। कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने बताया कि आज एक प्रतिनिधि मंडल सेक्टर 24 स्थित आवास पर पीड़ित परिवार से मिलेगा। सांत्वना देने के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कोई बड़ा और कड़ा निर्णय भी लिया जाएगा।

पूरन कुमार खुदकुशी मामला गरमाया, खट्टर ने हालात पर काबू पाने भेजे भरोसेमंद लोग

हरियाणा हरियाणा में आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब इस मामले में राहुल गांधी के उतर आने से राजनीति भी तेज हो गई है। आज राहुल गांधी दिवंगत पूरन कुमार की पत्नी और परिवार से मिलने वाले हैं। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने 17 अक्तूबर को सोनीपत में होने वाली रैली को ही रद्द कर दिया है। यह रैली नायब सिंह सैनी सरकार के एक साल पूरा होने के मौके पर की जानी थी। ऐसा पहली बार हुआ है, जब नायब सिंह सैनी सरकार को हरियाणा में किसी मसले पर चिंताओं का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि नायब सिंह सैनी सरकार को नेतृत्व अकेला छोड़ने को तैयार नहीं है। पूर्व सीएम और फिलहाल केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खुद कमान संभाल ली है ताकि हालात ठीक किए जा सकें। खबर है कि उन्होंने अपने कुछ करीबियों को इस काम में लगाया है कि वे आईपीएस के परिवार को राजी कर लें ताकि पोस्टमार्टम हो सके और आगे की प्रक्रिया हो। आईपीएस की पत्नी पी. अमनीत कुमार ने कई मंत्रियों तक से बात करने से इनकार कर दिया और भाजपा के नेताओं को लौटा दिया। ऐसे में मनोहर लाल खट्टर ने अधिकारियों को ही जिम्मेदारी दी है कि वे परिवार को मनाएं। पी. अमनीत कुमार खुद भी आईएएस हैं और पति की खुदकुशी की खबर सुनकर जापान से लौटी थीं, जहां वह सीएम के साथ दौरे पर गई टीम का हिस्सा थीं। डीजीपी छुट्टी पर, एसपी का ट्रांसफर; फिर भी राजी नहीं परिवार अमनीत कुमार की मांग पर डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर छुट्टी पर भेज दिए गए हैं। रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया का ट्रांसफर हो चुका है। इसके बाद अब परिवार को राजी करने के प्रयास तेज हैं। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार खट्टर के मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया बीते 24 घंटे के अंदर दो बार पूरन कुमार के घर जा चुके हैं। करनाल के सांसद और पूर्व सीएम खट्टर का आज भी सूबे में होल्ड माना जाता है। कटारिया के साथ सोमवार को हरियाणा के अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष बिजेंद्र बड़गूजर भी गए थे। इसके अलावा सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह भी साथ थे। अमरजीत सिंह का नाम इसलिए अहम है क्योंकि वह पहले खट्टर के ओएसडी रहे हैं। नायब सिंह सैनी से बात करने के बाद भेजे दूत इस दौरान वह आईएएस अमनीत कुमार के घर पर ही रहा करते थे, जो पूरन कुमार की पत्नी हैं। उन्होंने भी परिवार से एक घंटे तक बात की और उन्हें मनाने का प्रयास किया। कहा जा रहा है कि कटारिया को भेजने से पहले खट्टर ने खुद नायब सिंह सैनी से बात की थी। कटारिया भी दलित परिवार से आते हैं और खट्टर के करीबी हैं। खट्टर के एक और करीबी तरुण भंडारी भी 4 बार परिवार से मिल चुके हैं। वह मनोहर लाल खट्टर के सीएम रहने के दौरान पब्लिसिटी एडवाइजर थे। इसके अलावा राज्य के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेश खुल्लर भी कई दिनों से परिवार से बात कर रहे हैं। मनोहर लाल खट्टर के एक नोट का क्यों हो रहा जिक्र अहम बात यह है कि खुद पूरन कुमार के सुसाइड नोट के हवाले से कहा जा रहा है कि खट्टर ने गृह सचिव को एक नोट लिखा था। इसमें कहा था कि इस मामले की पूरी जांच दोबारा से की जाए और तब तक उनके खिलाफ कार्रवाई को स्थगित रखा जाए। हरियाणा सरकार के मंत्री राब नरबीर सिंह भी परिवार से मिल चुके हैं। इसके अलावा मोदी सरकार के मंत्री रामदास आठवले भी परिवार से मुलाकात कर चुके हैं।  

शत्रुजीत कपूर की विदाई के बाद ओपी सिंह को हरियाणा DGP का चार्ज

हरियाणा आईपीएस अधिकारी वाई पूरन सिंह की खुदकुशी मामले में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को रातोंरात छुट्टी पर भेज दिया गया है। वहीं उनकी जगह पर एडीजीपी रैंक के सीनियर आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। ओपी सिंह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा हैं। वह हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन और एफएसएल मधुबन के निदेशक का कार्यभार संभाल रहे थे। पुलिस ने इस मामले में डीजीपी समेत उन सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जिनके नाम सुसाइड नोट में लिखे थे। गौरतलब है कि वाई.पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और रोहतक के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर तैनात थे। उन्होंने 7 अक्टूबर को कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। उनके आठ पन्नों के सुसाइड नोट में 13 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल थे, जिन पर उन्होंने उत्पीड़न और करियर को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें सबसे अधिक आरोप डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी पर थे। इस मामले में पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया को शनिवार को पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है। फिलहाल बिजारनिया को कोई नया पद नहीं दिया गया है। डीजीपी शत्रुजीत कपूर को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा गया है। इसके अलावा, चंडीगढ़ पुलिस ने वाई. पूरन कुमार की पत्नी से उनका लैपटॉप भी जांच के लिए मांगा है।

मौसम ने बदला मिज़ाज: हरियाणा में तेज ठंड, जानें अपने इलाके का तापमान

हरियाणा  हरियाणा में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। फरीदाबाद समेत कई जिलों में रात की ठंड बढ़ गई है। वहीं, बारिश के चलते खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे रबी की फसलों की बुआई के लिए यह मौसम अनुकूल साबित हो रहा है। फरीदाबाद में बढ़ा प्रदूषण, एक्यूआई फिर ‘खतरनाक’ दूसरी ओर, फरीदाबाद में दिवाली से पहले ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। खासकर बल्लभगढ़ क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में अचानक उछाल देखा गया है। शुक्रवार को यहां AQI 258 तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह केवल 162 था। शहर में लगी प्रदूषण मापने वाली कई मशीनें लगातार खराब हो रही हैं, जिससे सटीक डेटा लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। रविवार को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक बल्लभगढ़ का AQI वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हो सका। सेक्टर 16-A की मशीन भी काम नहीं कर रही थी। हालांकि सुबह 9 बजे तक बल्लभगढ़ में पीएम 2.5 का स्तर 185 और पीएम 10 का स्तर 150 रिकॉर्ड किया गया। तापमान में गिरावट, ठंडी रातें शुरू हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। हिसार, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में रात का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अक्टूबर के पहले नौ दिनों में ही करीब 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि आमतौर पर इस अवधि में केवल 4 मिमी बारिश होती है। इस बार बारिश सामान्य से 64.9% अधिक हुई है। 2004 के बाद यह पहली बार है जब अक्टूबर में इतनी अधिक वर्षा दर्ज की गई। तब पूरे महीने में 58.4 मिमी बारिश हुई थी। रबी फसलों के लिए अनुकूल मौसम बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। महेंद्रगढ़ की रात सबसे ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी रातों के चलते लोगों ने कूलर और एसी का इस्तेमाल बंद कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ने के बाद 14 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। दिन में हल्की धूप और रात में ठंड का यह मौसम रबी फसलों की बुआई के लिए उपयुक्त है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को इस समय सरसों, चना और गेहूं जैसी रबी फसलों की बुआई कर देनी चाहिए, ताकि फसल की पैदावार बेहतर हो।  

हरियाणा में बड़ा बदलाव: मामूली अपराधों पर अब जेल जाने की जरूरत नहीं

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने छोटे तकनीकी और प्रक्रियागत चूकों को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए जुर्माना और प्रशासनिक कार्रवाई के विकल्प को मंजूरी दे दी है। रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में हरियाणा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अध्यादेश-2025 को लागू करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।  इस अध्यादेश के तहत 17 विभागों के 42 राज्य अधिनियमों के 164 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया जाएगा। छोटे अपराधों के लिए अब जेल की बजाय चेतावनी और सुधार का मौका मिलेगा, जिससे राज्य में कारोबार करना और नियमों का पालन करना आसान होगा। यह अध्यादेश केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2025 में पारित बिल पर आधारित है, जिसका उद्देश्य नियामक बाधाओं को कम कर जनता और उद्यमियों के लिए जीवन और कारोबार को सरल बनाना है। कैबिनेट ने हरियाणा मानव इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस एवं एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत राज्य नियम बनाने को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत छह प्रशासनिक प्रभागों के आयुक्त लोकपाल के रूप में नियुक्त होंगे, जो एचआईवी और एड्स पीड़ितों की शिकायतों का निपटारा करेंगे। रोहतक, हिसार, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला में नियुक्त लोकपाल संबंधित जिले के सिविल सर्जनों के समन्वय से काम करेंगे। साथ ही, सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं एआरटी केंद्रों में रेट्रोवायरल थैरेपी (ART) दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

Namo Bharat Train हरियाणा में दौड़ेगी: दिल्ली से बावल तक, जानें कौन-कौन बनेगा स्टेशन

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने नमो भारत ट्रेन के पहले फेज में दिल्ली से रेवाड़ी के बावल तक रूट को मंजूरी दे दी है। पहले केवल दिल्ली से धारूहेड़ा तक ही इस ट्रेन के संचालन की अनुमति थी, लेकिन अब बावल तक विस्तार से यात्रियों को काफी लाभ होगा। योजना के तहत दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए राजस्थान के शाहजहांपुर तक नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना बनाई गई है। हरियाणा रैपिड मेट्रो ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) ने इस बदलाव के संदर्भ में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को पत्र भेजा है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पहले यह योजना धारूहेड़ा तक सीमित थी, लेकिन 18 सितंबर को हुई बैठक में इस पर असहमति जताई गई और ट्रेन के संचालन को बावल तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को भी पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्रेन का संचालन हरियाणा-राजस्थान सीमा पर स्थित बावल तक किया जाना चाहिए। डॉक्टर चंद्रशेखर खरे ने NCRTC को पत्र लिखा राव इंद्रजीत सिंह की आपत्ति के बाद 26 सितंबर को HMRTC के प्रबंध निदेशक डॉक्टर चंद्रशेखर खरे ने NCRTC को पत्र लिखकर नमो भारत ट्रेन के संचालन को धारूहेड़ा की बजाय बावल तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। पत्र में बताया गया है कि इस निर्णय पर विचार-विमर्श के बाद सरकार ने सहमति व्यक्त की है। डॉक्टर चंद्रशेखर खरे ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ट्रेन का संचालन केवल बावल तक होगा और अगर भविष्य में बावल से आगे विस्तार किया जाता है, तो उसका खर्च हरियाणा सरकार वहन नहीं करेगी। बावल हरियाणा का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है, इसलिए यहां यात्रियों की संख्या अधिक रहती है।   नमो भारत ट्रेन के स्टेशन नमो भारत ट्रेन के लिए दिल्ली में सराय काले खां, INA, मुनिरका और एरो सिटी में स्टेशन बनाए जाएंगे। गुरुग्राम में साइबर सिटी, इफको चौक, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, खेड़की दौला, मानेसर, पचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेड़ा, रेवाड़ी और बावल में भी स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। गुरुग्राम के चार स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे।  

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने जताया शोक, DGP पर कार्रवाई की उठी आवाज

हरियाणा  हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड का मामला सुलझ नहीं रहा है। लगातार 6 दिन से आईपीएस के परिवार और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। आज यानी सोमवार को सातवां दिन है। परिवार की सहमति न मिलने की वजह से शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। वहीं उनके घर सांत्वना जताने के लिए नेताओं का तांता लगा हुआ है।  केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के घर आए हैं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने IPS Y पूरन कुमार के मामले में कहा कि पुरन कुमार हैदराबाद से थे और हरियाणा केडर के आईपीस थे उनके परिवार के साथ मुलाकात की है उनकी पत्नी IAS अधिकारी है। परिवार ने कहा है कि हमे हमेशा परेशान किया गया और गलत काम करने वाले दूसरे थे और आरोप IPS पर लगाया गया। वह बेहद अच्छे अधिकारी थे। इतना बड़ा अधिकारी आत्महत्या करता है तो इसका मतलब परेशान था। यहां के सीएम ने उनकी पत्नी से मुलाकात की है और कहा है कि जो आरोपी है उन पर कार्यवाही होगी। पार्टी के नेता मैने यहां भेजे डीजीपी पर सबसे बड़े आरोप है और एसपी पर आरोप है वही जिस तरह से पोस्टमार्टम नहीं हुआ है तो उसमे जल्द करवाई करने की कोशिश है, जिसमें की एसपी रोहतक को गिरफ्तार करने की जरूरत है वहीं डीजीपी पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। मैं मोदी जी के मंत्रिमंडल के जिस तरह शामिल हु तो वहीं दलित नेता होने के जाते मै यहां पर आया हूं और हम दुख व्यक्त करते है वही महाराष्ट्र में भी इस घटना पर रोष जताया है। नायब सैनी से मैने समय मांगा है और उनसे मुलाकात करूंगा, जिसमें कि डीजीपी पर एक्शन होना चाहिए और उन्होंने कहा है कि फिर हम अंतिम संस्कार करेंगे। आठवले ने कहा कि इनके परिवार के लोग भी मिले है। इस घटना से पता चलता है कि इतने साल होने के बाद भी भेदभाव दिखाई देता है। आठवले ने कहा कि मैं मुलाकात करूंगा और कहूंगा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। आठवले ने कहा कि IPS वह हरियाणा से थे तो मामला। यही चंडीगढ़ का है और राज्य सरकार का यह मामला है जिसमे की वह उनका ही मामला बनता है जिसमें कि कार्यवाही के आदेश देने चाहिए। इनके अलावा तेलंगाना के डिप्टी CM मल्लू भट्टी विक्रमार्का, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उदयभान और सतपाल ब्रह्मचारी दिवंगत आईपीएस वाई पूरण के घर पहुंचे। इसके अलावा दोपहर 12.20 बजे उद्योग मंत्री राव नरवीर अमनीत पी कुमार से मिलने पहुंचे और तकरीबन 40 मिनट रूके। अनुराग रस्तोगी 10.30 बजे पहुंचे और 12 बजे बाहर आए। इसके अलावा मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव तरुण भंडारी भी एक बजे अमनीत पी कुमार के आवास पर पहुंचे। इस दौरान आज तेलंगाना के डिप्टी CM मल्लू भट्टी विक्रमार्का पूरन कुमार की पत्नी से शोक जताने के लिए उनके चंडीगढ़ स्थित घर पर पहुंच गए हैं। पूरन कुमार मूलरूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। आंध्र प्रदेश से अलग होकर ही तेलंगाना राज्य बना है। इसके बाद तेलंगना के डिप्टी CM ने कहा कि DGP और SP को सस्पेंड कर तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। तेलंगाना सीएम रेड्डी ने भी परिवार से फोन पर बात की है। हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। एक दलित अधिकारी के साथ ऐसा हो रहा है तो दूसरे दलित कैसे सेफ हो सकते हैं। वाई पूरन कुमार को DGP लंबे समय से परेशान कर रहे थे। इसके अलावा चौधरी अभय सिंह चौटाला ने आज दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के असामयिक निधन के पश्चात उनके आवास पर जाकर शोक प्रकट किया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें एवं परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। बता दें रविवार को चंडीगढ़ पुलिस ने IPS वाई पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार को नोटिस भेजकर शव की पहचान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। चंडीगढ़ प्रशासन पोस्टमॉर्टम PGI के डॉक्टरों से कराएगी। इस बोर्ड में बैलिस्टिक एक्सपर्ट और मजिस्ट्रेट भी शामिल होगा। हालांकि IAS अफसर अमनीत, उनके पंजाब के बठिंडा से MLA भाई अमित रतन कोटफत्ता पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर को हटाने पर अड़े हुए हैं। सरकार रोहतक के SP नरेंद्र बिजारनियां को हटाकर उन्हें मनाने की कोशिश कर चुकी है।  

सवार कुत्ते की टिकट नहीं कटने पर बस में तीखी बहस, अब जांच में सामने आएंगे सच

हरियाणा  हरियाणा रोडवेज की भट्टू से फतेहाबाद आ रही बस में रविवार को उस समय हंगामा हो गया, जब एक यात्री अपने पालतू कुत्ते को साथ लेकर बस में सवार हुआ और उसका टिकट नहीं काटा गया। घटना को लेकर बस परिचालक और टिकट जांच उड़नदस्ता टीम के बीच तीखी बहस हुई। मामला बढ़ने पर रोडवेज मुख्यालय ने परिचालक पर जांच बैठा दी है। कुत्ते की सीट के नीचे बैठने पर यात्रियों ने की आपत्ति जानकारी के अनुसार, भट्टू निवासी एक परिवार अपने डेढ़ साल के पालतू कुत्ते के साथ बस में सवार हुआ और कुत्ते को सीट के नीचे बैठा दिया। कुछ यात्रियों ने कुत्ते की उपस्थिति पर असहजता जाहिर की और इसकी शिकायत बस परिचालक कमलदीप से की। आरोप है कि परिचालक ने शिकायत को नजरअंदाज कर दिया और नियमानुसार कुत्ते का टिकट भी नहीं काटा। फ्लाइंग टीम ने मांगा टिकट, परिचालक से हुई बहस जब बस मिनी बाईपास पहुंची, तो वहां मौजूद टिकट जांच (फ्लाइंग) टीम ने कुत्ते को देखकर उसका टिकट मांगा। टिकट न मिलने पर टीम और परिचालक के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि परिचालक ने टीम का वीडियो बनाकर दबाव बनाने की कोशिश की, जबकि जांच टीम ने परिचालक पर राजस्व गबन का आरोप लगाते हुए मौके पर ही रिपोर्ट तैयार कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, कमलदीप पहले भी एक सवारी को टिकट न देने के मामले में निलंबित किया जा चुका है। जांच में दोष सिद्ध न होने पर हाल ही में उसे बहाल किया गया और दोबारा उसी रूट पर ड्यूटी दी गई थी। फतेहाबाद डिपो के ट्रैफिक मैनेजर सुरेंद्र ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को सोमवार को कार्यालय में तलब किया गया है। रोडवेज नियमों के अनुसार, जानवरों के लिए दो टिकट का किराया अनिवार्य हरियाणा रोडवेज नियमों के अनुसार, किसी भी पालतू जानवर को बस में ले जाने के लिए उसका किराया दो टिकटों के बराबर देना होता है। इसके अतिरिक्त, किसी जानवर को यात्रियों के बीच खुले में ले जाना भी नियमों के विरुद्ध है। ऐसा न करने पर परिचालक के खिलाफ गबन का मामला बन सकता है, क्योंकि इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है।