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सीएम नायब सिंह सैनी की कड़ी चेतावनी: आईपीएस पूरन आत्महत्या मामले में होगी सख्त कार्रवाई

चंडीगढ़ हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में पहली बार मुख्यमंत्री नायब सैनी का बयान आया है। आज पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। अगर किसी व्यक्ति को कोई तंग करेगा तो सरकार उसे नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी। विपक्ष को ऐसे मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। परिवार के साथ अन्याय हुआ है तो न्याय देने का काम हमारी सरकार करेगी। वहीं, शुक्रवार रात को सीएम हाउस में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा और आईएएस अफसर राज शेखर वुंडरू से मीटिंग की थी। सूत्रों के मुताबिक हरियाणा सरकार डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हटा सकती है। इस मामले में रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया को हटा दिया गया। उनकी जगह सुरेंद्र सिंह भौरिया को एसपी बनाया गया है। आज भी नहीं हो सका पोस्टमॉर्टम वाई पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम आज भी नहीं हो पाया। डॉक्टर्स, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स और वीडियोग्राफी टीम चंडीगढ़ पीजीआई की मॉर्च्युरी में पहुंची, लेकिन परिवार का कोई सदस्य नहीं आया। चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर का कहना है कि परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। उनका इंतजार किया जा रहा है। वहीं, पूरन कुमार के परिवार और अनुसूचित समाज ने 31 सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी का कहना है कि जब तक हरियाणा के डीजीपी कपूर और एसपी नरेंद्र बिजारणिया अरेस्ट नहीं हो जाते, तब तक परिवार पोस्टमॉर्टम नहीं कराएगा। कल दोपहर 2 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारे में महापंचायत होगी। परिवार का आरोप शनिवार सुबह डेडबॉडी चंडीगढ़ के सेक्टर-16 गवर्नमेंट अस्पताल से पीजीआई शिफ्ट की गई थी। परिवार ने आरोप लगाया था कि उनकी मर्जी के खिलाफ डेडबॉडी जबरदस्ती पीजीआई ले गए। चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा और आईजी पुष्पेंद्र कुमार सेक्टर 24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पर आए और करीब 45 मिनट बात की। डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि हमने परिवार के सदस्यों से बात की और उनसे जल्द से जल्द पोस्टमार्टम करवाने का अनुरोध किया। उनकी कुछ शिकायतें हैं और हम उन पर काम कर रहे हैं। जांच चल रही है। एसआईटी का गठन किया गया है और आईजी इसका नेतृत्व कर रहे हैं। परिवार की सहमति के बाद ही पोस्टमार्टम होगा। डॉक्टरों का पैनल बनाकर पोस्टमार्टम किया जाएगा। परिवार ने अभी पोस्टमार्टम को लेकर सहमति नहीं दी है। सड़कों पर उतरे लोग हरियाणा कैडर के सीनियर आईपीएस ऑफिसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले ने तूल पकड़ लिया है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। आज कांग्रेस ने प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग ने भी रोष जताया। हिसार में रविदास महासभा ने मीटिंग बुलाई है। रोहतक में भी सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरे और एसपी आवास का घेराव किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद कुमारी सैलजा और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र अमनीत पी कुमार के घर शोक व्यक्त करने पहुंचे। वहीं, हरियाणा कैबिनेट की बैठक स्थगित हो गई है। हरियाणा आईएएस अधिकारी संघ ने वाई पूरन कुमार के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। इसके साथ ही उन्होंने अमनीत पी कुमार को समर्थन देते हुए चंडीगढ़ पुलिस और और हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि वे अमनीत कुमार की मांगों को पूरा करे और इस पूरे मामले की गंभीरता, संवेदनशीलता और परिस्थितियों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करे।

स्टेट गेम्स में पहली बार खिलाड़ियों का नया टेस्ट, हरियाणा खेल जगत में 13 साल बाद उत्सव

चंडीगढ़ हरियाणा में ओलिंपिक संघ स्टेट गेम्स की शुरुआत 2 नवंबर से होगी। गुरुग्राम से हरियाणा के सीएम नायब सैनी इन गेम्स की शुरुआत करेंगे। इस दौरान ओलिंपिक संघ अध्यक्ष पीटी ऊषा भी मौजूद रहेंगी। हरियाणा ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन जसविंद्र मीनू बैनीवाल ने कहा कि 2018 हरियाणा की खेल नीति में शामिल गेम्स को इसमें शामिल किया गया है। स्टेट गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को डोप टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना होगा। खिलाड़ियों का रैंडम सैंपल लिया जा सकता है। जिसके लिए गेम्स के दौरान नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) की टीम मौजूद रहेगी। आपको बता दें कि हरियाणा ओलिंपिक संघ प्रदेश में 13 साल बाद स्टेट गेम्स करवाने जा रहा है। प्रदेशभर में यह गेम्स ओलिंपिक संघ प्रदेश के 11 स्थानों होंगे। हरियाणा ओलिंपिक संघ के स्टेट गेम्स में वेटलिफ्टिंग, फेंसिंग, आर्चरी, टेनिस, हैंडबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, नेटबॉल, बास्केटबॉल, कुश्ती, कबड्डी, जूडो, बैडमिंटन, साइक्लिंग, वॉलीबॉल, ट्रायथलन, स्विमिंग, वॉटरपोलो, बॉक्सिंग, कराटे, फुटबॉल, नौकायान, शूटिंग गेम्स शामिल होंगे। विजेता खिलाड़ियों को मिलेंगे सर्टिफिकेट, ग्रुप-डी की नौकरी के लिए होगा मान्य हरियाणा ओलिंपिक संघ के द्वारा आयोजित स्टेट गेम्स के विजेता खिलाड़ियों को सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। सर्टिफिकेट के द्वारा स्पोर्ट्स विभाग से खिलाड़ी ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बनवा सकेंगे। हरियाणा सरकार की खेल नीति 2018 के अनुसार ये ग्रेडेशन सर्टिफिकेट ग्रुप-डी की नौकरी के लिए मान्य होगा।   इन शहरों में होंगे गेम्स इन खेलों का आयोजन चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, झज्जर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक और हिसार शहर अपेक्षित सेंटर में होगा। प्रदेश में शूटिंग रेंज नहीं होने के कारण शूटिंग की व्यवस्था दिल्ली की करणी रेंज पर होगी। हर खेल में 8 बेस्ट टीम लेंगी हिस्सा टीम प्रतियोगिताओं में हरियाणा की 8 टीमें हिस्सा लेंगी। मेजबान जिले की एक टीम को हिस्सा लेने की अनुमति होगी। हरियाणा पुलिस व एचएसआईआईडीसी, हरियाणा पावर, स्पोर्ट्स यूनिविर्सिटी राई, शाह सतनाम सिंह खेल एकेडमी की टीम भी हिस्सा ले सकती हैं।  

सुरजेवाला का बड़ा आरोप: परिवार की इजाजत के बिना पीजीआई ले जाया गया पूरण कुमार का शव

चंडीगढ़ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और IPS वाई पूरन कुमार के आकस्मिक निधन के बाद आज उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।  शुक्रवार रात करीब 10 बजे गृह सचिव सुमिता मिश्रा की IAS अमनीत पी कुमार से बैठक हुई, जिसमें वाई पूरन कुमार के शव का पोस्टमार्टम करवाने पर चर्चा की गई। तो वहीं परिवार ने आरोप लगाया है कि शव को शिफ्ट बिना उनकी सहमति के किया गया. परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना उचित कार्रवाई के पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। परिवार के रुख के कारण अब तक अंतिम संस्कार स्थगित है और PGI में शव की सुरक्षा के लिए पुलिस मौजूद है।  कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शोक व्यक्त करने चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा, सांसद दीपेंद्र हुडडा, वरुण मुलाना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान, कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री गीता भुक्कल और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह वाई पूरन कुमार के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि तो आप सोच सकते हैं कि आम साधारण व्यक्ति को न्याय कैसे मिलेगा यह ऐसे व्यक्ति जो खुद आईजी पोस्टेड हैं। एडीजीपी रैंक में है आईआईएम अहमदाबाद से निकल कर आए हैं। इस से ज्यादा रैंक लेकर आईपीएस में आए पत्नी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी है । अगर उन्हें न्याय नहीं मिल सकता तो जातिगत भेदभाव के शिकार होकर व्यवस्थागत भेदभाव के शिकार होकर अगर एक वरिष्ठ एडीजीपी अधिकारी को आत्महत्या करनी पड़े तो देश के और खास तौर से हरियाणा प्रदेश के हालात क्या है।  आप अंदाजा लगा सकते हैं क्या कारण है कि एक एडीजीपी रैंक के अधिकारी को पुलिस स्टेशन में मंदिर में दर्शन करने की इजाजत नहीं । क्या कारण है कि एक एडीजीपी रैंक के दलित अधिकारी को पिता की मृत्यु पर घर जाने की इजाजत नहीं क्या कारण है ।  

खाद लेने से पहले किसानों को करना होगा यह काम, सरकार ने जारी किया नया आदेश

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने खाद वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए इसे अब पूरी तरह ‘मेरी फसल–मेरा ब्यौरा’ (एमएफएमबी) पोर्टल से जोड़ दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसानों को पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने इस प्रणाली को पंचकूला में सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि इस व्यवस्था को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। मंजूरी के बाद इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) को ‘मेरी फसल–मेरा ब्यौरा’ (एमएफएमबी) पोर्टल से जोड़ दिया गया है। विभाग की ओर से किसानों को पंजीकरण कराने के लिए मैसेज भेजने शुरू कर दिए हैं। कृषि विभाग के अनुसार, किसानों को खाद उपलब्ध कराने के फिलहाल कोई अतिरिक्त नियम या शर्त नहीं रखी गई है। सिर्फ पोर्टल पर पंजीकरण कराना पर्याप्त है। प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन पर किसान का पंजीकरण नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही खाद दी जाएगी। प्रदेश में नई व्यवस्था बुधवार से लागू कर दी गई है। अब किसान केवल आधार कार्ड दिखाकर खाद नहीं ले सकेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और बायोमेट्रिक मशीन पर किसान का अंगूठा लगने के बाद ही खाद वितरित की जाएगी।   यह बदलाव ऐसे समय किया गया है जब खाद की किल्लत और मारामारी की खबरें आ रही हैं। खरीफ सीजन के बाद अब रबी सीजन के लिए भी खाद खरीदने के लिए किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बीच सरकार खाद की तस्करी और गैर-कृषि कार्यों में खाद का दुरुपयोग रोकने की कोशिश कर रही है।  

अमनीत पी कुमार की पारिवारिक त्रासदी में मंत्री अनिल विज का सहयोग और सांत्वना

चंडीगढ़ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज पर आईपीएस अधिकारी वाई पुरन कुमार की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके चंडीगढ़ स्थित निवास पहुंच कर परिजनों को ढांडस बंधाया।इस मौके पर उन्होंने वाई पुरन कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।   इसके पश्चात, मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि वे आज यहां परिजनों के दुख में शामिल होने के लिए आए है। उल्लेखनीय है कि श्री विज ने वाई पुरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनित पी कुमार से मुलाकात कर सांत्वना दी। इसके अलावा, श्री विज आज अमनित पी कुमार के भाई, दोनों बेटियों और वाई पुरन कुमार के भाईयों सहित अन्य परिजनों से भी मिले और उनके दुख में शामिल हुए।  

रोहतक SP सस्पेंड, IPS पूरन सुसाइड केस के फाइनल नोट में नाम आने के बाद कार्रवाई

रोहतक हरियाणा सरकार ने शनिवार को रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया का तबादला कर दिया. कुछ दिन पहले ही आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. खुदकुशी से पहले उन्होंने एक नोट छोड़ा था. इस नोट में बिजारनिया सहित आठ वरिष्ठ पुलिसकर्मियों पर "जाति-आधारित भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार" का आरोप लगाया गया था. एक आधिकारिक आदेश के अनुसार आईपीएस अधिकारी सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है और बिजारनिया की नियुक्ति का आदेश अलग से जारी किया जाएगा. 2001 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी वाई पूरन कुमार (52) ने मंगलवार को सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. पूरन की पत्नी ने की एफआईआर में संसोधन की मांग पूरन के परिवार वालों ने आईपीएस अधिकारी के शव का पोस्टमार्टम कराने की अनुमति नहीं दी है. उनका शव 5 दिनों से शवघर में रखा गया है. वहीं मृतक पुलिसकर्मी की नौकरशाह पत्नी ने एफआईआर में अधूरी जानकारी पर सवाल उठाया है. मृतक पुलिस अधिकारी की पत्नी, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने एफआईआर में "सभी आरोपियों के नाम सटीक रूप से दर्शाने" के लिए संशोधन की मांग की है. जांच के लिए गठित की गई कमेटी चंडीगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को 'आत्महत्या' मामले की जांच" के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार एसआईटी का नेतृत्व करेंगे. वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने शाम को सेक्टर 24 स्थित अपने आवास पर अमनीत पी कुमार और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की. बाद में पत्रकारों से कहा, "मैं परिवार का दर्द साझा करने आया हूं. मैं उन्हें यह भी बताने आया हूं कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा.  पत्नी ने न्याय मिलने तक पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर को लिखे एक पत्र में अमनीत पी. ​​कुमार ने एफआईआर में जोड़ी गई "एससी/एसटी एक्ट की कमजोर धाराओं" में संशोधन की भी मांग की है. पुलिस अधिकारी की पत्नी ने "न्याय मिलने" तक अपने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है. चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार देर शाम मृतक पुलिस अधिकारी के एक फाइनल सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट की कुछ धाराओं के आरोपों के साथ एक एफआईआर दर्ज की. मृतक पुलिस अधिकारी ने कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम लिए थे और विशेष रूप से हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया पर उत्पीड़न का उल्लेख किया था.

शर्मनाक वीडियो वायरल: राम मंदिर के सामने युवक ने किए आपत्तिजनक इशारे, पुलिस ने दर्ज की FIR

हांसी  हांसी में एक युवक ने महिला का सलवार-सूट पहनकर अश्लील वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया । युवक बाइक पर विश्वकर्मा चौक और राम मंदिर के पास पहुंचा। यहां उसने गंदे इशारे किए। साथ ही सपाटे भी मारे। इसके बाद कुछ देर तक अश्लील डांस भी किया। वीडियो सामने आने के बाद जागड़ा समाज के लोगो ने युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हांसी पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।     वीडियो में हांसी शहर में एक युवक ने भगवान विश्वकर्मा चौक और राम मंदिर के पास सार्वजनिक रूप से भद्दे इशारे किए। युवक ने निजी अंगों को छूते हुए आसपास जाते हुए लोगों की तरफ भी इशारे किए। युवक ने राम मंदिर के सामने भी अभद्र हरकतें कीं। इस चौक के पास तोरण द्वार और श्री श्याम मंदिर भी स्थित हैं, जिनसे लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। यहां हजारों की संख्या में लोग आते हैं। महिलाएं और बच्चे भी रोजाना मंदिर में आते हैं।  

सर्दियों की चेतावनी: हरियाणा के 5 शहरों में 18 डिग्री से नीचे पारा, मौसम विभाग की भविष्यवाणी

चंडीगढ़ हरियाणा में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास ज्यादा होता है। हालांकि दिन में धूप निकलने से तापमान में वृद्धि दर्ज की जा सकती है, लेकिन हवाओं में नमी के चलते गर्मी का अहसास नहीं होता। वहीं पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी देखा जा सकता है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में आए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हवा में मौजूद नमी के कारण सुबह और रात में तापमान गिर रहा है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आगे जाने से 14 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान मौसम साफ रहने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं में फिर से बदलाव उत्तर और उत्तर पश्चिमी होने से रात के तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है।  8 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी हवाओं का दौर शुरू हुआ था। इससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। हिसार में 10 सितंबर को न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं 5 शहर हिसार, करनाल, फरीदाबाद, कैथल और महेंद्रगढ़ में तापमान 18 डिग्री से नीचे चल रहा है। वहीं दक्षिण हरियाणा के नारनौल में अधिकतम तापमान लगातार चौथे दिन भी तापमान सामान्य से 7.4 डिग्री कम रहा। इसी तरह रोहतक में तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम चल रहा है।  बता दें कि हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के कारण अक्टूबर के 9 दिनों में करीब 30 एमएम बारिश हो चुकी है। आमतौर पर इस दौरान 4 एमएम बारिश होती है, मगर इस बार 649 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। इससे पहले 2004 में पूरे अक्टूबर में 58.4 एमएम बारिश हुई थी। बारिश के कारण हरियाणा के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।

चंडीगढ़ में IPS अधिकारी की मौत पर जांच तेज, SIT अब पूरी तरह सक्रिय

चंडीगढ़ हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सुसाइड मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। टीम का नेतृत्व चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार करेंगे। इनके अलावा पांच आईपीएस और सीपीएस अधिकारियों को टीम में शामिल किया गया है। एसआईटी में शामिल अन्य सदस्यों में चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप सिंह, एसपी सिटी केएम प्रियंका, डीएसपी (ट्रैफिक) चरणजीत सिंह विर्क, एसडीपीओ (साउथ) गुरजीत कौर और एसएचओ (पश्चिम) जयवीर सिंह राणा शामिल हैं। चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सागर प्रीत ने शुक्रवार को एसआईटी गठन के संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया, "एफआईआर संख्या 156/2025, धारा 108/3(5) बीएनएस और 3(1)(आर) एससी/एसटी (पीओए) अधिनियम, 2013 के तहत पुलिस स्टेशन सेक्टर-11 (पश्चिम), चंडीगढ़ में आरोपों की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए आईजीपी, चंडीगढ़ की देखरेख में मामले की त्वरित, निष्पक्ष और गहन जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का तत्काल प्रभाव से गठन किया जाता है।" आदेश के अनुसार, एसआईटी मामले में सभी पहलुओं की समयबद्ध तरीके से जांच करेगी, जिसमें साक्ष्य जुटाना, गवाहों से पूछताछ, विशेषज्ञों की राय और कानूनी सलाह जैसे विषय शामिल हैं। जांच पूरी होने पर एसआईटी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी। आदेश में यह भी बताया गया है कि एसआईटी जरूरत के अनुसार अन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी शामिल कर सकती है। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वाई पूरन कुमार चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, उन्होंने अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अधिकारी ने 9 पन्नों का एक 'सुसाइड नोट' छोड़ा, जिसमें 15 सेवारत और पूर्व अधिकारियों के नाम हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने उनके 'सुसाइड नोट' में नामजद लोगों के खिलाफ सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की। फिलहाल, इस मामले पर राजनीति जारी है। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, "अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि भाजपा सरकार के तहत किसे न्याय मिलेगा। एक अधिकारी, जिसने बार-बार न्याय मांगा, लेकिन उसे इनकार कर दिया गया।" शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग चंडीगढ़ में परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा, "यह मौत अपने आप में कई सवाल खड़े करती है।"

हरियाणा IPS सुसाइड केस में बड़ा एक्शन: 14 अधिकारियों पर FIR, पत्नी ने उठाए SSP पर सवाल

चंडीगढ़  हरियाणा के सीनियर IPS अफसर पूरन कुमार के सुसाइड केस में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित 14 अफसरों पर गुरुवार देर रात एफआईआर दर्ज कर ली गई।सेक्टर 11 थाने में घटना के तीसरे दिन सुसाइड नोट के आधार पर धारा 108 आरडब्ल्यू 3(5) बीएनएस और 3(1)(आर) पीओए (एससी/एसटी) अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई। पूरण कुमार ने अपने सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत 10 से अधिक अधिकारियों पर उत्पीड़न, जातिगत प्रताड़ना और सार्वजनिक अपमान के आरोप लगाए थे।    सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज इस मामले में पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत पी कुमार ने बुधवार को सेक्टर 11 थाने में डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की शिकायत दी थी। चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज करके सभी आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। जल्द आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। SSP को चिट्ठी में क्या लिखा? हरियाणा के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामला अभी शांत नहीं हुआ है। मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार रात को सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज किया था। बावजूद इसके एडीजीपी वाई पूरण कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस की महिला एसएसपी कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर एफआईआर को अधूरा बताया है। अमनीत पी कुमार ने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर में कई गंभीर खामियां हैं, जिनमें मुख्य आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं किए गए हैं। वहीं आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कमजोर धाराएं लगाई गई हैं। अमनीत पी कुमार ने पत्र में लिखा कि एफआईआर की प्रति उन्हें 9 अक्तूबर की रात 10:22 बजे स्वयं एसएसपी द्वारा उनके सेक्टर-24ए स्थित आवास पर सौंपी गई थी, लेकिन वह बिना हस्ताक्षर और अधूरी थी। उन्होंने कहा कि शिकायत में जिन दो अधिकारियों डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया के नाम दर्ज थे, उन्हें एफआईआर के कॉलम नंबर 7 में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) को भी जोड़ा जाए, क्योंकि वर्तमान में लगाई गई धाराएं कमजोर हैं और वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। उन्होंने एसएसपी से इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर एफआईआर में संशोधन और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाया कि आईपीएस वाई पूरण कुमार द्वारा छोड़े गए फाइनल नोट की प्रतियां अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। अमनीत ने मांग की है कि 7 अक्तूबर 2025 की दिनांक वाले दोनों नोट एक जो मृतक की जेब से और दूसरा लैपटॉप बैग से बरामद हुआ की प्रमाणित प्रतियां तुरंत उपलब्ध कराई जाएं, ताकि एफआईआर में उल्लिखित सामग्री की सच्चाई की पुष्टि की जा सके।    अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं वीरवार सुबह तक चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से पहले कानूनी राय लेने की बात कह रहे थे लेकिन रात होते-होते एफआईआर दर्ज कर ली गई। इस मामले में कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन भी अधिकारियों पर सुसाइड नोट में आरोप लगाए गए हैं उन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सुसाइड नोट में इनका नाम शामिल डीजीपी शत्रुजीत कपूर, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो, एडीजीपी संजय कुमार, आईजी पंकज नैन, आईपीएस कला रामचंद्रन, आईपीएस संदीप खिरवार, आईपीएस सिबार कविराज, पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, एसपी नरेंद्र बिजारणिया और अन्य का नाम है। किस अधिकारी पर क्या आरोप लगाए गए थे डीजीपी शत्रुजीत कपूर पंचकूला में सरकारी आवास आवंटन के दौरान वाई पूरण कुमार के केस में अतिरिक्त नियम लगा दिए थे। आधिकारिक वाहन वापस ले लिया गया। डीजीपी कार्यालय की ओर से जानबूझकर गुमनाम शिकायत दी। वार्षिक रिपोर्ट में लिखित रूप में जातिवादी टिप्पणी की गई। एडीजीपी अमिताभ ढिल्लो  आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर कार्यवाही करने की साजिश रचने व सार्वजनिक रूप से अपमानित व परेशान करने का आरोप। एडीजीपी संजय कुमार  सार्वजनिक रूप से परेशान और अपमानित करने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी व कपूर और ढिल्लों के साथ मिलकर प्रस्तावित विभागीय कार्यवाही की जानकारी मीडिया में लीक करने का आरोप  आईजी पंकज नैन  कपूर व ढिल्लों के साथ मिलकर निराधार व दुर्भावनापूर्ण शिकायतें तैयार करने का आरोप। आईपीएस कला रामचंद्रन डीजीपी के कहने पर झूठा हलफनामा दायर करने का आरोप। आईपीएस संदीप खिरवार व सिबास कविराज दोनों पर झूठे और परेशान करने वाले मामले में फंसाने की कोशिश। पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पीके अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद  तीनों बैचमेंट अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण, जाति आधारित मानसिक उत्पीड़न और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप। नरेंद्र बिजारणिया  डीजीपी के कहने पर परेशान करने का आरोप एडीजीपी के सुसाइड नोट में जिन-जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं उन सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।– कंवरदीप कौर, एसएसपी, चंडीगढ़ अमनीत सीएम से बोलीं- जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक पोस्टमार्टम और संस्कार नहीं होगा इससे पहले जापान दौरे से लौटे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार दोपहर 12.28 बजे एयरपोर्ट से सीधे सेक्टर 24 स्थित अमनीत पी कुमार के सरकारी आवास पर पहुंचे। अमनीत ने वीरवार को मुख्यमंत्री के सामने स्पष्ट कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सिस्टम ने पूरण कुमार की हत्या की है। जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक पूरण कुमार के शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं होगा। मुख्यमंत्री यहां करीब 44 मिनट तक रुके। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने लगभग 20 मिनट तक अमनीत पी कुमार से बातचीत की। इस दौरान अमनीत ने कहा कि सुसाइड नोट में उनके पति को प्रताड़ित करने का जिक्र है। इसके बाद साजिश के तहत रोहतक में मुकदमा करवाकर उनकी छवि को भी खराब किया गया।  इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने … Read more