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बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ा अभियान, हरियाणा में 78 बच्चों को मिला नया जीवन

कैथल/चंडीगढ़. ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत मानवता व संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायी मिसाल देखने को मिली। एमडीडी ऑफ इंडिया और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीमों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 78 जरूरतमंद बच्चों को रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया। इन बच्चों में गुमशुदा, बाल श्रमिक, भीख मांगने वाले, कूड़ा बीनने वाले तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे शामिल रहे। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीम सेन ने बताया कि अप्रैल 2026 की मासिक समीक्षा रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों का सफलता पूर्वक निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है अपनी कैथल जिला की पुलिस पर जिन्होंने अभियान के दौरान 18 गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया गया, जबकि 20 बच्चों को बाल श्रम के चंगुल से मुक्त करवाया गया। बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके इसके अतिरिक्त 22 बच्चों को भीख मांगने की विवशता से बाहर निकालकर सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया गया तथा आठ कचरा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने बताया कि एक परित्यक्त मासूम बच्ची को भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाते हुए विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) में शिफ्ट किया गया, ताकि उसे बेहतर भविष्य और पारिवारिक संरक्षण मिल सके। इस अभियान के दौरान हर बच्चे की काउंसलिंग, चिकित्सा जांच, सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई। भीम सेन अग्रवाल ने कहा कि हर बच्चा देश का भविष्य है और उसे भय, शोषण तथा असुरक्षा से मुक्त वातावरण देना समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।” उन्होंने बताया कि सीडब्ल्यूसी की टीम लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा दोबारा असुरक्षित परिस्थितियों में न पहुंचे।

कैथल के युवकों पर हमले का खुलासा, नंबर प्लेट देखकर आरोपियों ने किया हमला

कैथल/चंडीगढ़. उत्तराखड़ के ऋषिकेश में पूंडरी क्षेत्र के दो युवकों को नग्न कर पिटाई करवाने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मारपीट करने वाले अन्य युवकों की तलाश की जा रही है। मामले में जिस महिला के साथ युवकों की बहस हुई थी, वे महिला भी अब सामने आई है। महिला ने इंटरनेट मीडिया पर आकर छेड़छाड़ की बात पूरी तरह से नकारा है। कहा कि मेरी युवकों से बहस हुई थी, वहां पर मौजूद लोगों ने हरियाणा का नंबर देखते ही उनकी की पिटाई शुरू कर दी। एसपी देहात ऋषिकेश जया बलूनी ने दो आरोपितों की गिरफ्तारी की भी पुष्टि की है। एसपी ने कहा कि युवकों को पीटना गलत है, कोई बात हुई है तो पुलिस को सूचना देनी थी, कानून को हाथ में लेना ठीक नहीं है। मारपीट करने वाले आरोपितों की पुलिस तलाश कर रही है। ये था मामला पूंडरी क्षेत्र निवासी सतबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 मई को वह अपने साथियों सोनू , सतीश कुमार , प्रदीप कुमार व विक्रम सिंह के साथ कार से ऋषिकेश घूमने आए थे। कालेकी ढाल पर एक महिला से हुई गलतफहमी के बाद मौके पर भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ ने बिना कारण जाने उन्हें बुरी तरह पिटना शुरू कर दिया, साथ ही उनकी कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, उन्होंने कोई छेड़छाड़ या गलत इशारा नहीं किया था। ऋषिकेश कोतवाली एसपी जया बलोनी ने बताया कि आरोपितों की तलाश में पुलिस टीम गठित की गई। भरत विहार ट्रक यूनियन पार्किंग क्षेत्र में दबिश देकर घटना में शामिल 47 वर्षीय अशोक थापा व नरेश कश्यप निवासी कालेकी ढाल को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि बाकी दो नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। अज्ञात आरोपितों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मौके पर बनाए गए वीडियो खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कोई विवाद सामने आता है तो लोग कानून को अपने हाथ में न लें, घटना की जानकारी पुलिस को दें। एसपी ने बताया कि बताया कि महिला से जानकारी ली गई, लेकिन उनकी पुत्री से छेड़छाड़ जैसी बात सामने नहीं आई। एचआर नंबर गाड़ी देखते ही लोगों ने किया हमला पीड़ित सतीश ने आरोप लगाया कि वेन्यू एचआर08एएल 9398 नंबर की गाड़ी देखते ही सड़क पर मौजूद लोगों ने हमला कर दिया। हमने ऐसा कोई काम नहीं किया , जिससे किसी नाबालिग को परेशानी हो, भीड़ ने बिना कारण जाने ही गालियां दी और मारपीट की। ऋषिकेश पुलिस को शिकायत दी है, पुलिस कार्रवाई करने में लगी है। युवकों ने बताया कि हरियाणा के लोगों को जानबूझ कर टारगेट किया जा रहा है, जो गलत है। लड़की मां बोली, ईशारा किया था, कोई छेड़छाड़ नहीं की वहीं लड़की की मां ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है। महिला ने बताया कि ऋषिकेश मैं शाम को बाजार में जा रही थी, एचआर नाम की गाड़ी भी हमारे साथ चल रही थी। मेरी बेटी ने कहा कि अंकल कुछ इशारे कर रहे हैं। मैंने पास जाकर कहा कि कोई दिक्कत है तो गाड़ी रोक लो, युवकों ने गाड़ी रोक ली, जैसे ही हम उनसे बातचीत करने लगे, दोनों पक्षों की आवाज भी ऊंची थी, इसी दौरान वहां पर काफी गाड़ियों भी रूक गई और युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। मैंने रोकने की बहुत कौशिश की, लेकिन ज्यादा भीड़ होने के कारण मेरी बात किसी ने नहीं सुनी, इसके बाद डायल 112 को फोन किया, पुलिस मौका पर पहुंचकर युवकों को अपने साथ ले गई। महिला ने बताया कि छेड़खानी जैसा कुछ नहीं हुआ, बिना कारण जाने ही भीड़ में मौजूद लोगों ने उनपर हमला कर दिया।

नायब सरकार की नई पहल, DSR तकनीक अपनाने वाले किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन

करनाल. कृषि उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि लगातार गिरते हुए भू-जल स्तर को सुधारने के लिए विभाग की तरफ से जिला के किसानों से डीएसआर विधि से धान की बिजाई करने की अपील की गई है। विभाग द्वारा धान की सीधी बिजाई अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित करने के लिए काफी व्यापक योजना बनाई गई है। विभाग द्वारा जिला में धान की सीधी बिजाई पर 30 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा गया है जिसमें प्रति एकड़ 4500 रुपये अनुदान के तौर पर धान की सीधी बिजाई अपनाने वाले किसानों के खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से दी जायेगी। किसान धान की सीधी बिजाई पर अनुदान हेतु मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 15 जून तक अपना पंजीकरण करवा सकते है। इस योजना के अतिरिक्त डीएसआर मशीन भी इच्छुक किसानों को दिए जाने की योजना है। मशीन के कुल मूल्य का 50 प्रतिशत या 40 हजार रुपये है जो भी कम हो प्रति मशीन पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए है। धान की सीधी बिजाई मशीन पर अनुदान के लिए किसान ट्रैक्टर की वैध आरसी के साथ मेरी फसल मेरा ब्यौरा, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाता संख्या इत्यादि जानकारी को साथ लेकर विभाग के पोर्टल पर आवेदन दे सकते है।

गैंगस्टर नेटवर्क में टर्किश हथियारों की बढ़ती पैठ, जिगाना और PX-5 पिस्टल पर एजेंसियों की नजर

कुरुक्षेत्र  गांव रतनगढ़ के पास एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से बरामद हथियार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क की ओर गंभीर संकेत दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपितों के कब्जे से पीएक्स-5 टर्किश पिस्टल बरामद की गई हैं। पिछले कुछ समय से भारत में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क में टर्किश हथियारों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। जानकारी के अनुसार, जोराकी, रेटे और जिगाना जैसी टर्किश पिस्टल्स अब अलग-अलग राज्यों में अपराधियों के बीच लगातार देखी जा रही हैं। हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय सूत्रों के अनुसार, ये टर्किश पिस्टल्स मूल रूप से तुर्किये में स्पोर्ट्स शूटिंग और सेल्फ-डिफेंस के लिए वैध रूप से तैयार की जाती हैं, लेकिन बाद में इनका बड़ा हिस्सा अवैध तस्करी नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच जाता है। यहां से यह हथियार यूरोप, पश्चिम एशिया और बाल्कन देशों के रास्ते होते हुए दक्षिण एशिया तक लाए जाते हैं। भारत में इन हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय है, जिसमें हथियारों को छोटे-छोटे खेपों में अलग-अलग देशों के डीलरों तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद इन्हें सीमा पार तस्करी, कोरियर नेटवर्क, फर्जी बिलिंग और छिपे हुए लाजिस्टिक चैनलों के जरिए भारत लाया जाता है। कई मामलों में इन्हें पार्ट्स में अलग-अलग भेजकर बाद में असेंबल करने की भी बात सामने आई है। गैंगस्टरों की पसंद बनी टर्की मेड जिगाना पिस्टल जिगाना पिस्टल, जिसे तुर्किये की ड्यूरेबल और हाई-रिलायबिलिटी सेमी-आटोमैटिक पिस्टल माना जाता है और हाल के वर्षों में गैंगस्टर नेटवर्क में खास तौर पर चर्चित रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन टर्किश हथियारों का बढ़ता उपयोग संगठित अपराध के बदलते स्वरूप और अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई नेटवर्क की सक्रियता को दर्शाता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि आखिर ये आधुनिक टर्किश हथियार किन अंतरराष्ट्रीय रास्तों से भारत में प्रवेश कर रहे हैं और किन स्थानीय संपर्कों के जरिए गैंगस्टरों तक पहुंच रहे हैं। टीटी-30 और ग्लाक इससे पहले थी मनपसंद विदेशी हथियारों के मामले में इससे पहले गैंगस्टरों के बीच टीटी-30 और ग्लाक पिस्टल सबसे ज्यादा लोकप्रिय मानी जाती थीं। लंबे समय तक रूस के टीटी-30 (स्टार-30 के नाम से भी जाना जाता) के चाइनीज माडल भारत के गैंग नेटवर्क में खूब इस्तेमाल हुए। वहीं पिछले कुछ सालों से आस्ट्रिया मेड ग्लाक गैंगस्टरों के बीच काफी लोकप्रिय थी। हालांकि अब पुराने टीटी और ग्लाक की जगह अब टर्की मेड पिस्टल्स जैसे जिगाना और अन्य हाई-एंड माडल तेजी से ले रहे हैं।

करनाल: खट्टर का गांवों का दौरा, 10 गांवों में योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

करनाल करनाल में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र के तहत कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी की। मंत्री ने बताया कि उनका यह दौरा 10 गांवों को कवर करने के लिए तय किया गया है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि क्षेत्र में विकास योजनाएं किस तरह आगे बढ़ रही हैं, कहां दिक्कतें हैं और किन जगहों पर सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर बार करनाल आने पर वे इसी तरह जमीनी स्तर पर कामकाज की समीक्षा करते हैं। आरक्षण और सुप्रीम कोर्ट टिप्पणी पर प्रतिक्रिया IAS अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आरक्षण का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नीतियों का उद्देश्य कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है, न कि पहले से सक्षम वर्गों को अतिरिक्त लाभ देना। पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर विपक्ष को जवाब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, आपूर्ति श्रृंखला और भू-राजनीतिक तनावों का असर तेल की कीमतों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान जैसे वैश्विक हालात और सप्लाई बाधाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर केवल आलोचना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई देशों में ईंधन कीमतें भारत से कहीं अधिक बढ़ी हैं। सरकार की योजनाओं पर जोर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार लगातार विकास और गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है।

खिलाड़ियों के पक्ष में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ग्रुप-D भर्ती रद्द करने पर लगी रोक

चंडीगढ़. हरियाणा में ग्रुप-डी भर्ती के तहत एक्सीलेंट स्पोर्ट्स पर्सन (ईएसपी) श्रेणी में चयनित उम्मीदवारों को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने चयन रद करने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाते हुए याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। अदालत ने यह अंतरिम राहत उस समय प्रदान की, जब राज्य सरकार की ओर से जारी संशोधित चयन सूची के आधार पर पहले से नियुक्त उम्मीदवारों की उम्मीदवारी समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप मौदगिल की अदालत में हुई। राजेंद्र और अन्य उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ग्रुप-डी भर्ती के तहत ईएसपी श्रेणी में उनका चयन किया गया था और वे पिछले कई महीनों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने और जाइनिंग के बाद अब संशोधित सूची जारी कर चयन रद करना पूरी तरह मनमाना और कानून के विपरीत है।याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील जसबीर मोर ने अदालत को बताया कि 18 मई 2026 को जारी संशोधित सूची के माध्यम से उन उम्मीदवारों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई, जो पहले ही चयनित होकर नौकरी जाइन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के सत्यापन से जुड़ा है। खेल विभाग हरियाणा द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर संशोधित सूची तैयार की गई और उसी आधार पर चयन रद करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।याचिका में यह भी कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों की जांच की जा चुकी थी। ऐसे में लंबे समय तक सेवा लेने के बाद उम्मीदवारों को हटाने का प्रयास न केवल प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। वहीं याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि सभी याचिकाकर्ता वर्तमान में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं और अचानक की गई कार्रवाई से उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में वर्तमान स्थिति को बरकरार रखा जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि आदेश पारित होने के समय जो स्थिति थी, वही अगली सुनवाई तक जारी रहेगी। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को निर्देश दिए कि वे अगली तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले अपना जवाब दाखिल करें और उसकी अग्रिम प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता को भी उपलब्ध कराएं। मामले की अगली सुनवाई अब 2 सितंबर 2026 को होगी। हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से फिलहाल उन खिलाड़ियों को राहत मिली है, जिनकी नियुक्ति संशोधित सूची के बाद खतरे में पड़ गई थीं।

भीषण गर्मी में गुरुग्राम को झटका, 7 बिजली घर ठप होने से सप्लाई बाधित

गुरुग्राम  दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिजली संकट गहरा गया है। गुरुग्राम में सेक्टर-72 के 220 केवीए बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर फूंक गया। ऐसे में इससे जुड़े 7 बिजली घर ठप गए। इस कारण इन बिजली घरों से अटैच कई सेक्टर की बत्ती गुल हो गई है। वहीं बिजली संकट के चलते रैपिड मेट्रो सेवा भी एकक घंटे प्रभावित रही। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर जला जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के सेक्टर 38 से 57 तक पावर सप्लाई ठप हो गई है। वहीं सेक्टर 72 में भी ट्रांसफार्मर जल गया। यहां 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर फूंकने से 7 बिजली घर ठप हो गए हैं। इसके अलावा गुरुग्राम सेक्टर 18 भी बिजली नहीं आने से प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से लोग परेशान हो गए हैं। गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित 220 KVA पावर स्टेशन के मुख्य ट्रांसफॉर्मर में आग लगने के बाद बिजली गुल हो गई। इससे शहर के कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गई। 7-8 घंटे में फॉल्ट दुरुस्त होगा बिजली विभाग के अनुसार, तत्काल राहत की उम्मीद नहीं है, देर रात तक बिजली सप्लाई शुरू हो सकती है। वहीं ट्रांसफार्मर ठीक होने में 8 से 10 घंटे लगेंगे। देर रात तक सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है। मेट्रो ने क्या कहा? DMRC प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित HVPNL के सबस्टेशन से बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण रैपिड मेट्रो प्रभावित हुई। HVPNL सबस्टेशन गुरुग्राम शहर और येलो लाइन के गुरुग्राम सेक्शन को बिजली सप्लाई करता है। रैपिड मेट्रो में शाम 7:50 बजे से 8:33 बजे तक ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। हालांकि, येलो लाइन पर सेवाएं स्टैंडबाय सबस्टेशन के माध्यम से नियंत्रित रहीं और इस दौरान सामान्य रूप से चलती रहीं। सेक्टर-72 सबस्टेशन के माध्यम से HVPNL द्वारा बिजली सप्लाई बहाल किए जाने के बाद रैपिड मेट्रो की सामान्य सेवाएं भी पुनः शुरू कर दी गईं।  

संशोधित चयन सूची पर विवाद के बीच हाईकोर्ट का यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

चंडीगढ़ चंडीगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है। Punjab and Haryana High Court ने हरियाणा ग्रुप-D भर्ती में एक्सीलेंट स्पोर्ट्स पर्सन (ESP) श्रेणी के चयनित उम्मीदवारों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं के संबंध में “यथास्थिति बनाए रखने” के आदेश दिए हैं। यानी अगली सुनवाई तक चयनित उम्मीदवार अपनी नौकरी जारी रख सकेंगे। संशोधित सूची के बाद बढ़ा था विवाद यह मामला उस समय सामने आया जब Haryana Staff Selection Commission द्वारा 18 मई 2026 को संशोधित चयन सूची जारी की गई। नई सूची के आधार पर उन उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो पहले ही चयनित होकर विभिन्न विभागों में नौकरी जॉइन कर चुके थे। स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट बना विवाद की वजह याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उनके सभी दस्तावेज और प्रमाणपत्रों की जांच पहले ही हो चुकी थी। इसके बावजूद महीनों तक सेवा लेने के बाद अब चयन रद्द करना पूरी तरह मनमाना और कानून के खिलाफ है। मामला मुख्य रूप से स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के सत्यापन से जुड़ा बताया गया। खेल विभाग की रिपोर्ट के आधार पर संशोधित सूची तैयार की गई थी। हाई कोर्ट ने क्या कहा? मामले की सुनवाई जस्टिस Sandeep Moudgil की अदालत में हुई।याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील Jasbir Mor ने दलील दी कि चयनित उम्मीदवार नियमित रूप से सेवाएं दे रहे हैं और अचानक की गई कार्रवाई से उनका रोजगार खतरे में पड़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि फिलहाल वर्तमान स्थिति बरकरार रखी जाए। अदालत ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं। अगली सुनवाई 2 सितंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 तय की है। फिलहाल इस अंतरिम आदेश से उन खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी सरकारी नौकरी संशोधित चयन सूची के बाद खतरे में पड़ गई थी।

HSSC सचिव के रवैये पर हाई कोर्ट नाराज, कोर्ट में पेश न होने पर थमाया अवमानना नोटिस

चंडीगढ़. हरियाणा की सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन के सचिव चिन्मय गर्ग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अवमानना कार्रवाई शुरू करने के संकेत दिए हैं। अदालत ने सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मामलों में अदालत के आदेशों को हल्के में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। मामला हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। सुनवाई के समय हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक बाल्यान अदालत में पेश हुए। उन्होंने न्यायालय को बताया कि आयोग के सचिव की ओर से जो हलफनामा दाखिल किया गया है, वह अदालत द्वारा उठाए गए सवालों और निर्देशों का संतोषजनक उत्तर नहीं देता। राज्य पक्ष ने कहा कि कुछ तथ्यों को और स्पष्ट करने की आवश्यकता है तथा विस्तृत जवाब तैयार करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए। इस पर जस्टिस संदीप मौदगिल ने राज्य सरकार को राहत देते हुए नया हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय तो दे दिया, लेकिन साथ ही सख्त टिप्पणी भी की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह “अंतिम अवसर” होगा और इसके बाद किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 तय कर दी। सुनवाई के दौरान सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब अदालत ने पाया कि एचएसएससी सचिव चिन्मय गर्ग स्वयं अदालत में उपस्थित नहीं हुए हैं। न्यायालय ने इस पर तुरंत राज्य के वकील से स्पष्टीकरण मांगा। अदालत को बताया गया कि सचिव उस समय एडवोकेट जनरल, हरियाणा के कार्यालय में मौजूद थे। यह जानकारी मिलते ही हाई कोर्ट ने तीखी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि पिछली सुनवाई में सचिव को व्यक्तिगत उपस्थिति से कोई छूट नहीं दी गई थी। इसके बावजूद उनका अदालत में उपस्थित न होना न्यायिक आदेशों की अनदेखी माना जाएगा। न्यायालय ने यह भी कहा कि जब कोई अधिकारी अदालत के समक्ष जवाबदेह होता है, तब उसका यह दायित्व बनता है कि वह स्वयं उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करे। केवल हलफनामा दाखिल कर देने से जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सचिव ने न्यायालय के आदेशों की “जानबूझकर और इरादतन अवहेलना” की है। अदालत ने माना कि न केवल समय पर स्पष्ट जवाब दाखिल नहीं किया गया बल्कि न्यायालय में अनुपस्थित रहकर सुनवाई प्रक्रिया को भी प्रभावित किया गया। इसी आधार पर सचिव के खिलाफ अवमानना कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि मामले को अत्यावश्यक श्रेणी में सूचीबद्ध किया जाए ।

महिला की गुहार सुन भावुक हुए CM नायब सैनी, लापरवाह अधिकारियों पर बरसे

कुरुक्षेत्र. विधानसभा हलके लाडवा के शिवाला रामकुंडी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को जन संवाद कार्यक्रम किया। इस दौरान मेहरा गांव निवासी धूप सिंह और महिला प्रियंका ने शिकायत रखते हुए बताया कि उनके खेत के रास्ते में ट्रांसफार्मर और खंभे लगाकर रास्ता रोक दिया है, जिससे वे खेती भी नहीं कर पा रहे हैं। इस दौरान महिला रोने लगी और कहा कि वह 19 शिकायतें दे चुकी है लेकिन रास्ता खाली नहीं हुआ। उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं। अब रास्ता नहीं मिला तो वह बेटे के साथ जहर खा लेगी। इस पर मुख्यमंत्री ने महिला को शांत कराया और फिर अधिकारियों को फटकार लगाई। मामले में एक्सईएन को फटकार लगाई तो उन्होंने कहा कि एक महीने पहले ही यहां ज्वाइन किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एसडीएम लाडवा को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। एसपी को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सैनी ने जन संवाद कार्यक्रम में अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आम नागरिकों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए जल्द ऑनलाइन नाम ठीक करने की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आरटीई के तहत बच्चे का प्राइवेट स्कूल में दाखिला करवाना सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के लिए 338 शिकायतें रजिस्टर्ड की गई थीं। मुख्यमंत्री करीब 10 शिकायकर्ताओं से ही मंच के माध्यम से सीधा संवाद कर पाए। उसके बाद उन्होंने नीचे उतर कर शिकायतकर्ताओं के पास जाकर उनकी शिकायतें लीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। 74 सीएम अनाउंसमेंट में से 38 का काम हो चुका पूरा मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि लाडवा हलके के विकास को गति देने के लिए उनके साढ़े 11 वर्षों के कार्यकाल में 74 सीएम अनाउंसमेंट हुई हैं। इनमें से 38 का काम पूरा हो चुका और बाकी पर काम जारी है। सरकार ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों पर पिछले साढ़े 11 वर्षों में 807 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 310 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। गंभीर मैटर हो तो बताओ, सबने हाथ उठाए तो सीएम वहीं पहुंचे मुख्यमंत्री शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में शिकायतें सुनने पहुंचे। 338 शिकायतें रजिस्टर्ड हुई थीं, लेकिन शुरू की 10 शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने के बाद मुख्यमंत्री मंच पर माइक से लोगों से मुखातिब होते हुए बोले- किसे का गंभीर मैटर हो तो बताओ। इस पर शिकायत लेकर पहुंचे सभी लोगों ने हाथ उठाए। मुख्यमंत्री मुस्कुराए और अपनी कुर्सी छोड़ खड़े हो गए। इसके बाद मुख्यमंत्री सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए हलके के लोगों के समीप पहुंच गए।