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सावधान! बिना OTP के अकाउंट हो सकता है हैक, WhatsApp यूजर्स के लिए चेतावनी

हिसार. पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने आमजन को वॉट्सऐप पर सक्रिय एक नए और गंभीर साइबर फ्राड के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी की तरफ से घोस्ट पेयरिंग नामक एक खतरनाक हैकिंग कैंपेन को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसमें साइबर अपराधी बिना पासवर्ड, ओटीपी या सिम स्वैप के ही वॉट्सऐप अकाउंट को अपने कब्जे में ले लेते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस साइबर ठगी में अपराधी किसी परिचित के नाम से वॉट्सऐप पर एक संदिग्ध लिंक भेजते हैं। जैसे देखो यह फोटो। जैसे ही यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है। एक फर्जी फेसबुक या मीडिया व्यूअर पेज खुलता है, जो वेरिफिकेशन के बहाने मोबाइल नंबर डालने को कहता है। नंबर डालते ही हैकर्स वॉट्सऐप के फीचर का गलत इस्तेमाल कर अकाउंट को अपने डिवाइस से जोड़ लेते हैं। इस तरीके से ठग बैकग्राउंड में छिपकर यूजर के पुराने मैसेज पढ़ सकते हैं। रीयल-टाइम चैट देख सकते हैं और यूजर की ओर से उसके परिचितों को फोटो, वीडियो या मैसेज भेज सकते हैं। इससे न केवल निजता भंग होती है, बल्कि ठगी का दायरा तेजी से फैलता है। उन्होंने आमजन को सलाह दी कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी बाहरी वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर, ओटीपी या निजी जानकारी दर्ज न करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह हो कि उसका अकाउंट हैक हो गया है, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, वॉट्सऐप सेटिंग्स चेक करें और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे।

विदेश से पकड़ा गया कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान, 16 केस दर्ज

अंबाला  हरियाणा के विशेष कार्य बल ने 10 अप्रैल को गैंगस्टर साहिल चौहान उर्फ साहिल राणा को थाईलैंड से वापस लाकर बड़ी सफलता हासिल की है। वह अंबाला के शाहजादपुर का रहने वाला है और साल 2016 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। ये भी पढ़ें उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, डकैती और धमकी जैसे संगीन आरोप हैं। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला में उसका नेटवर्क फैला हुआ था। वह भूप्पी राणा और बंबीहा गिरोह से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज हैं और एक मामले में उसे 10 साल की सजा भी हो चुकी है। फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भागा, कई देशों में छिपता रहा साहिल चौहान धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार हो गया था। वह कोलकाता से ढाका, जकार्ता, बाली, मलेशिया, अंगोला, वियतनाम होते हुए थाईलैंड पहुंचा। पुलिस ने पहले ही उसकी तलाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। 17 मार्च 2026 को उसका पासपोर्ट जब्त किया गया। अब उसे वापस लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह 2026 में पांचवां मामला है जब हरियाणा की विशेष कार्य बल किसी अपराधी को विदेश से पकड़कर लाई है। साहिल चौहान * 10 अप्रैल को थाईलैंड से वापस लाया गया * कुल 16 आपराधिक मामलों में शामिल * हत्या, डकैती, रंगदारी जैसे गंभीर आरोप * 2016 से अपराध की दुनिया में सक्रिय * एक मामले में 10 साल की सजा हो चुकी * फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भागा * कई देशों में छिपते हुए आखिर थाईलैंड पहुंचा * 2026 में पांचवीं बार विदेश से अपराधी पकड़ा गया    

हिसार-सिरसा हाईवे पर किसानों का धरना, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

हिसार संयुक्त किसान मोर्चा ने नेशनल हाइवे जाम कर दिया है। जाम के बाद किसान धरना देकर विरोध जता रहे हैं। फसल खरीद को लेकर किसान विरोधी फैसलों के विरोध में किसानों ने शनिवार को सुबह 11 से 3 बजे तक लांधड़ी चिकनवास टोल के पास रोड़ जाम का एलान किया है। जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने 250 कर्मचारियों को तैनात किया है। हिसार- सिरसा हाइवे पर वाहनों को बरवाला रुट पर डायवर्ट किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक सरदानंद की अगुवाई में जाम का एलान किया गया है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद को लेकर की थोंपी गई शर्तों को किसी सूरत में नहीं मानेंगे। गेट पास और बायोमेट्रिक की जबरदस्ती बंद की जाए। किसान सरकार के नए खरीद नियमों के खिलाफ हैं। गेट पास , बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर नाम प्लेट को लेकर किसानों को बहुत दिक्कतें आएंगी। मंडियों के बाहर लंबी लाइनें लग जाएंगी। जब सरकार के पास किसान का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के जरिए पूरा ब्योरा है तो अब जबरदस्ती की शर्त लगाकर क्यों परेशान किया जा रहा है। सरकार कागजी जाल में फंसा कर उसे कुचल रही है। किसान एक ट्राली के साथ बायोमीट्रिक लगाने मंडी में आए या अपनी बची हुई फसल को बचाने का काम करे। किसान अपनी जमीन किसी को बटाई पर देता है, वह किराए पर किसी तीसरे व्यक्ति का ट्रैक्टर लेकर आता है तो तीनों का मिलान कैसे होगा। किसान नेता शमशेर नंबरदार ने बताया कि संयुक्त मोर्चा के आदेश अनुसार अगला फैसला लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि पुलिस के करीब 200 कर्मचारी लांधड़ी व मय्यड़ टोल पर तैनात किए गए हैं। एनएच पर मय्यड़ से अग्रोहा के बीच सभी प्रमुख चौक पर पुलिस बल तैनात है। फायर ब्रिगेड , एंबलुेंस को भी अलर्ट पर रखा गया है। एक इंस्पेक्टर के साथ 71 पुलिस कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। किसी तरह की शिकायत मिलने पर यह रिजर्व टीम तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। चिकनवास, अग्रोहा चौक पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। शहर में पुलिस के नाके लगाए गए हैं। 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी जमीन वहीं, शुक्रवार को सिरसा के गांव मीरपुर में 26 एकड़ गेहूं की फसल आग लगने से पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसान वीरेंद्र कुमार, ललित मोहन और अमित चंद का आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे रेलवे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन से किसी व्यक्ति द्वारा बीड़ी या जलती वस्तु फेंकने के कारण आग लगी। तेज हवा के चलते आग तेजी से खेतों में फैल गई और देखते ही देखते पकी फसल को चपेट में ले लिया। सूचना के बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और किसानों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक 26 एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी थी। महिलाओं ने बताया कि यह जमीन उन्होंने 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी। चार एकड़ फसल ही बच पाई है। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।  

सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल की रिहाई, काफिले के साथ निकला जेल से

हिसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। बदन पर सफेद कुर्ता-पायजामा, पैरों में ब्रांडेड शूज और चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल ने देशद्रोह मामले में शुक्रवार को 11 साल 5 महीने बाद जेल से बाहर कदम रखा। एहतियात के तौर पर पुलिस ने जेल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। इस वजह से ज्यादा लोग नहीं जुटे। कुछ लोग आए थे जो रोड के दोनों और व्यवस्थित तरीके से खड़े रहे और दूर से ही रामपाल को प्रणाम किया। जेल से बाहर आने के तीन मिनट में रामपाल लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ सोनीपत के लिए रवाना हो गया। शाम पांच बजकर 5 मिनट पर जैसे ही रामपाल जेल से बाहर आया गेट पर तैनात संतरी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इससे पहले सुबह करीब 10 बजे केस नंबर 428 में रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई। छह पुलिसकर्मियों और एक तहसीलदार की गवाही दर्ज की गई। अदालत ने सुनवाई अगली तारीख 16 मई तय की है। दोपहर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत में जमानती बॉन्ड भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। रामपाल की ओर से मिर्जापुर निवासी धर्मपाल और सतबीर बतौर जमानती अदालत में पेश हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन और सचिन दास की मौजूदगी में शाम करीब 4:30 बजे तक बेल बॉन्ड संंबधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद हाईकोर्ट से मिली जमानत आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। रिहाई से पहले जेल परिसर में ही रामपाल के साथ बंद अनुयायी बबीता और मनोज के भी बेल बॉन्ड जमा करवाए गए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। शाम 5 बजकर 5 मिनट पर जेल से बाहर आते ही रामपाल सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर सोनीपत स्थित पैतृक गांव धनाना रवाना हो गया। देशद्रोह के मामले में जेल में बंद रामपाल को हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को सशर्त जमानत दी थी। रामपाल को लेने के लिए दोपहर बाद 3.10 बजे परिजन वकीलों के साथ सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। वकील सचिन दास व एमएस नैन ने देशद्रोह और हत्या के मामले में एक-एक लाख रुपये के बेल बॉन्ड की प्रति और जमानत के आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। करीब पौने दो घंटे तक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रामपाल जेल से बाहर आया और मुख्य गेट के पास ही खड़ी गाड़ी में सवार हो गया। इसके बाद गाड़ियों का काफिला सोनीपत के लिए रवाना हो गया। काफिले में डिफेंडर, फॉर्च्यूनर गाड़ियां शामिल रहीं। हरियाणा पुलिस की एक गाड़ी काफिले को एस्कॉर्ट कर रही थी। हमें न्याय मिला, अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी जेल परिसर के बाहर रामपाल के भतीजे युद्धवीर ने बताया कि हमें बहुत लंबे समय बाद न्याय मिला है। धनाना से एक किलोमीटर पहले रामपाल का भव्य स्वागत किया जाएगा। उनका जेल से बाहर आना लाखों अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी है।  

हरियाणा में पावर कट पर जीरो टॉलरेंस, 4 घंटे से अधिक कटौती पर अफसरों पर गिरेगी गाज

चंडीगढ़. हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने गत छह माह के दौरान बिजली आपूर्ति में आए व्यवधान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को बिजली आपूर्ति की समय सीमा में बांध दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में अधिकतम दो घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की स्थिति में संबंधित बिजली अधिकारियों विशेष रूप से अधीक्षण अभियंता (एसई) जिम्मेदार होंगे, जिनके विरुद्ध निलंबन तक की कार्रवाई संभव होगी। लैंड रिकवरी एक्ट के तहत डिफॉल्टर बिजली उपभोक्ताओं से वसूली में ढिलाई बरतने पर विज ने कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर के बिजली अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। चंडीगढ़ में बिजली अधिकारियों की बैठक लेते हुए अनिल विज ने कहा कि राज्य में बिजली की कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम तथा पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर आने वाले सर्कल को अवॉर्ड दिया जाएगा। बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ तथा उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक बिक्रम सिंह की मौजूदगी में अनिल विज ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव का पद लंबे समय से रिक्त रहने के बावजूद विभागीय कार्यों में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है, इसके लिए अधिकारी सराहना के पात्र हैं। बिजली मंत्री ने ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन पर बल देते हुए निर्देश दिया कि मरम्मत कार्यों के दौरान मेंटीनेंस स्टाफ के पास आवश्यक उपकरण, सुरक्षा साधन एवं ट्रांसफार्मर ट्राली उपलब्ध होनी चाहिए। आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड ने आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएंगे। विज ने यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में स्थापित होने वाले सभी बिजली सबस्टेशन जलभराव वाले क्षेत्रों में न बनाए जाएं अथवा उन्हें संभावित जलस्तर से कम से कम दो फुट ऊंचाई पर स्थापित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। सबस्टेशनों के रखरखाव एवं अपग्रेडेशन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। वर्षा ऋतु से पूर्व बिजली लाइनों के समीप स्थित पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित करने के आदेश देते हुए विज ने कहा कि आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसकी सभी अधिकारियों को चिंता करनी होगी। बिजली उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाने के लिए विज ने एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। इस पोर्टल पर पूरे राज्य में उपयोग होने वाले उपकरणों का विवरण उपलब्ध रहेगा। बिजली चोरी के सभी मामले तीन माह में न्यायालय में होंगे पेश बिजली चोरी के मामलों की समीक्षा करते हुए अनिल विज ने निर्देश दिए कि अगले तीन माह में सभी लंबित मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। चालू वर्ष में 179 लोगों को बिजली चोरी के मामलों में गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2024-25 में 39 हजार 529 तथा 2025-26 में 56 हजार 953 एफआईआर दर्ज की गई हैं। विजिलेंस विंग ने आश्वासन दिया कि सभी मामलों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

फर्जी FD मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी ने 35 करोड़ खुद लिए

 पंचकुला हरियाणा के राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो ने गुरुवार को कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष पुष्पेंदर सिंह के बारे में बड़ा दावा किया। इसमें बताया गया है कि 150 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार पुष्पेंदर ने गबन की गई राशि में से लगभग 30–35 करोड़ रुपए व्यक्तिगत रूप से हासिल किए थे। 41 साल का पुष्पेंदर, पंचकुला का रहने वाला है। पुष्पेंदर को बुधवार को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पंचकुला नगर निगम के खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स से संबंधित कथित धोखाधड़ी के मामले में आत्मसमर्पण किया था। वह इस मामले में गिरफ्तार किए गए छठे व्यक्ति हैं। गुरुवार को उन्हें पंचकुला की एक अदालत में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी। अदालत ने मामले में पांच दिन की हिरासत दी। एक जांचकर्ता ने कहाकि इस पैसे का एक हिस्सा उन्होंने रैंगलर रुबिकॉन, मर्सिडीज़ जीएलएस और हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल खरीदने में इस्तेमाल किया। यह सभी फिलहाल दिल्ली में खड़ी हैं। पुष्पेंदर की मदद से इन्हें जब्त किया जाएगा। विजिलेंस ब्यूरो का तर्क विशेष जांच टीम ने अदालत को यह भी बताया कि तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, और नकली एफडी और संबंधित दस्तावेज तैयार करने के लिए इस्तेमाल हुए स्टांप्स हरियाणा के नरकंडा में रखे गए हैं। इन्हें भी आरोपी के संकेत पर बरामद किया जाना है। विजिलेंस ब्यूरो ने तर्क दिया कि इसी तरह की अन्य धोखाधड़ी के बारे में पूछताछ करने, सरकारी फंड के आगे के दुरुपयोग को रोकने और सह-आरोपी से पूछताछ के लिए पुष्पेंदर की हिरासत जरूरी थी। इसमें आगे कहा गया है कि बैंक दस्तावेज़, एक निजी डायरी और अपराध की आय से खरीदी गई संपत्ति के बारे में जानकारी हासिल करना भी जरूरी है। जांच के लिए, इस बड़े पैमाने पर जटिल वित्तीय धोखाधड़ी की कई परतों को उजागर करना के लिए यह सब करना होगा। अब तक कितनी गिरफ्तारी इस मामले में, विजिलेंस ब्यूरो ने इस साल 24 मार्च को कोटक महिंद्रा बैंक के अनाम अधिकारियों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की। यह रिपोअर् पंचकुला नगर निगम की रिपोर्ट के बाद दर्ज की गई। इसमें बैंक की फिक्स डिपॉज़िट रसीदों में लगभग 150 करोड़ रुपए की अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। अब तक मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दलिप कुमार राघव सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बैंक वापस कर चुका है बड़ी रकम इस केस में नगर निगम के जिस फंड में घोटाले का आरोप है, बैंक ने उसके 127 करोड़ रुपए पहले ही वापस कर दिए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था कि वे पंचकुला नगर निगम, सरकारी अधिकारियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ परा सहयोग कर रहे हैं। इसमें आगे कहा गया कि बैंक ने मानकों के मुताबिक और मामले की स्वतंत्र व व्यापक जांच के लिए पंचकुला पुलिस में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज की है।

IDFC बैंक में सरकारी फंड गबन मामले में CBI जांच तेज

चंडीगढ़ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा सरकार के खातों से 550 करोड़ रुपये के गबन के आरोपी दो आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में आईएएस अधइकारी राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार आरोपी हैं। सिंह 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उनके पास 3.22 करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं। इससे उन्हें 19 लाख रुपये की सालाना कमाई होती है। वहीं प्रदीप कुमार के पास पत्नी की संपत्ति के साथ कुल 7.03 करोड़ की संपत्ति है। कई जगहों पर संपत्तियां सिंह के 29 जनवरी 2026 को फाइल किए गए एनुअल प्रॉपर्टी रिटर्न के मुताबिक उन्होंने कुल 3.22 करोड़ की संपत्ति की बात बताई थी जो कि पट्टनी अफगान, गोहना और सोनीपत में है। यहां उनका एक 710 व्ग गज का प्लॉट है जिसकी कीमत 58 लाख रुपये, एक 77 लाख की कीमत वाला प्लॉट है। इसकेअलावा एक प्लॉट की कीमत 12 लाख रुपये है। गोहाना में भी 60 लाख की कीमत का प्लॉट है। इसके अलावा 6 रिहाइशी संपत्तियां हैं। सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी कई बिजनेस करती हैं। उनके पास पेट्रोल पंप, माइक्रोब्रीवरी, रेस्तरां, किराए पर घर देने, प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम भी है। उन्होंने बताया था कि उनका पैतृक घऱ हिंदू अनडिवाइडेट फैमिली के तहत सबका की है। आईएएस प्रदीप कुमार ने एपीआर में बताया था कि उनकी पत्नी के पास 3181.5 वर्ग गज की जमीन है। इसकी कीमत 1.25 करोड़ के करीब है। उन्होंने बताया कि यह जमीन पत्नी को उनके पिता ने उपहार में दी थी। उन्होंने बताया था कि गुरुग्राम सेक्टर 28 में उनके दो फ्लैट हैं जिन की कीमत 2.4 करोड़ के आसपास है। इसके अलावा गुरुग्राम में एक और फ्लैट है जो कि उनकी पत्नी के साथ उनके नाम पर है। इसकी कीमत 3.34 करोड़ रुपये है। हरियाणा सरकार को बड़ा नुकसान हरियाणा के सतर्कता विभाग ने इस मामले को संबंधित एजेंसी को सौंपते हुए कहा, ''यह मामला धोखाधड़ीपूर्ण बैंकिंग गतिविधियों और फर्जी लेनदेन से जुड़ा है, जिन्हें कथित तौर पर सरकारी धन को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट, एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड, कैप को फिनटेक सर्विसेज, आर.एस. ट्रेडर्स और अन्य संबंधित फर्म/व्यक्तियों सहित फर्जी संस्थाओं (शेल) के खातों में अंतरित करने के लिए व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।' सूत्रों ने बताया कि पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपों के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा राज्य के कोष को बैंक में 'सावधि जमा' (एसएफडी) के रूप में जमा किया जाना था, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर इसे अपने निजी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर लिया। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विभिन्न फर्जी (शेल) कंपनियों और छोटी आभूषण कंपनियों में भारी मात्रा में धनराशि अंतरित की गई है तथा अंततः सोने की खरीद और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के बहाने उसे निकाल लिया गया है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा था कि उसने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को मूलधन और ब्याज का 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया है, जो कि 583 करोड़ रुपये बनता है।

अंधविश्वास के जाल में फंसा कैथल का परिवार, तांत्रिक महिला ने दो साल में ऐंठे एक करोड़ से ज्यादा रुपये और पुलिस ने दर्ज किया केस

 कैथल कहावत है कि भ्रम का कोई इलाज नहीं। हरियाणा के कैथल में एक ऐसा ही मामला समाने आया है जहां एक परिवार जादू-टोनों के चक्र में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठा बुढ़ा खेड़ा गांव में जादू-टोना का प्रकोप बताकर एक परिवार से 1.07 करोड़ रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला तांत्रिक ने अपने पति, बेटे और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर परिवार को करीब दो वर्षों तक तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर उलझाए रखा और उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उन्हें बलि के नाम पर चामुंडा देवी धाम भी ले जाया गया जहां इंजेक्शन के माध्यम से उनके शरीर से खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया गया। इतना ही नहीं आरोपियों ने 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात भी हड़प लिए। जब परिवार की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और लगातार पैसों की मांग बढ़ती गई, तब पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दी। गांव बुढ़ा खेड़ा निवासी अमनदीप ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सुखबीर सिंह पिछले दो-तीन वर्षों से सिरदर्द और चक्कर की समस्या से जूझ रहे थे। कई प्रकार के उपचार करवाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। इसके साथ ही परिवार में आपसी कलह भी बनी रहती थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने उन्हें गांव की सुमन नामक महिला के बारे में बताया, जो झाड़-फूंक और तांत्रिक क्रियाएं करने का दावा करती थी। अमनदीप के मुताबिक, सुमन ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनके घर पर किसी ने जादू-टोना करवा रखा है और इससे मुक्ति पाने के लिए काली माता की बलि देनी होगी तथा बाबा भैरों नाथ का मंदिर बनवाना पड़ेगा। परिवार पहले से ही मानसिक रूप से परेशान था, इसलिए वे उसके झांसे में आ गए। जमीन बेचकर और एफडी तुड़वाकर दिए रुपये पीड़ित ने बताया कि सुमन के कहने पर उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और बैंक की एफडी तुड़वाकर करीब 76 लाख रुपये नकद तथा लगभग 7 लाख रुपये ऑनलाइन उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि सुमन उन्हें चामुंडा देवी धाम भी ले गई, जहां उसने इंजेक्शन के जरिए उनका खून निकालकर मंदिर में चढ़ाया। आरोपी ने यह भी कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदी जा चुकी है और जब मंदिर बनकर तैयार होगा तो उन्हें सोने का छत्र चढ़ाना होगा। जब परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए और पैसे देने में असमर्थता जताई और कहा कि वे पहले ही 80-90 लाख रुपये दे चुके हैं, तब भी आरोपियों ने पैसे की मांग जारी रखी। पीड़ित का कहना है कि उन्हें गुमराह कर सम्मोहन जैसी विधियों के माध्यम से उनसे 32 तोले चांदी और 6 तोले सोने के जेवरात तथा भारी रकम हड़प ली गई। जादू-टोना के नाम पर लोगों को बनाते हैं शिकार आरोप है कि सुमन, उसका पति बलराज, बेटा वंश और उचाना निवासी संजीव मिलकर लोगों को जादू-टोना के नाम पर झांसे में लेते हैं। ये लोग काली माता, भैरों बाबा और सबल सिंह बावरी के नाम का हवाला देकर लोगों से जेवर और पैसे ऐंठते हैं तथा बलि के नाम पर शरीर से खून निकालते हैं। इसके अलावा, ये आरोपित लोगों को हरिद्वार, कुरुक्षेत्र, पटियाला और बागड़ सहित विभिन्न स्थानों पर ले जाकर तांत्रिक क्रियाएं करवाते हैं। पीड़ितों का आरोप है कि यह गिरोह 100 से 150 लोगों से करीब 3-4 करोड़ रुपये तक की ठगी कर चुका है। सदर थाना के जांच अधिकारी मनु ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिमी विक्षोभ से हरियाणा के कई जिलों में बदला मौसम, रात के तापमान में आई 5 डिग्री तक की कमी

चंडीगढ़ पश्चिमी विक्षोभ के कारण वीरवार को यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, करनाल और कुरुक्षेत्र में बिखराव वाली बारिश दर्ज की गई। हवाओं की दिशा और गति में बदलाव, विशेषकर रात के समय उत्तरी हवाओं के सक्रिय होने से प्रदेश में रात्रि तापमान में गिरावट देखने को मिली। रात का तापमान 13 से 16 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। प्रदेश के सभी जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के साथ मौसम साफ होने के कारण सूर्य की तपिश में बढ़ोतरी से दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज हुई। चंडीगढ़ में रात का तापमान 12.3, पानीपत 13.0, महेंद्रगढ़ 14.3 और हिसार में 14.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट रही। 15 अप्रैल के बाद मौसम होगा गर्म 11 अप्रैल से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि शुरू होगी। सिरसा, फतेहाबाद, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में छिटपुट बारिश की संभावना है। शेष हरियाणा में मौसम आमतौर पर शुष्क और आंशिक बादल वाला रहेगा। 15 अप्रैल के बाद पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में और तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है जबकि रात्रि तापमान धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौटेगा।  

आयुष्मान योजना से हटेंगे हरियाणा के निजी अस्पताल, करोड़ों के बिल लंबित होने पर डॉक्टरों ने लिया कड़ा फैसला

चंडीगढ़ सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा संकट गहराता जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा ने संकेत दिए हैं कि राज्य के अस्पताल अब इस योजना को जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं। आईएमए की ओर से आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के सीईओ को भेजे गए पत्र में कई गंभीर खामियों और लंबित मुद्दों को उठाया गया है। अस्पतालों का कहना है कि योजना के तहत 15 दिन में भुगतान का प्रावधान है, लेकिन सितंबर 2025 से ही करोड़ों रुपये के बिल लंबित पड़े हैं। लगातार हो रही इस देरी से निजी अस्पतालों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है, जिससे सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो गया है। सात अप्रैल को हुई ऑनलाइन बैठक में राज्यभर के अस्पतालों ने बड़ा फैसला लेते हुए अपने सरेंडर लेटर आईएमए हरियाणा अध्यक्ष को सौंपने का निर्णय लिया। आईएमएने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो 20 अप्रैल 2026 से आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।   कमेटियां ठप, फैसले अटके जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री स्तर पर आईएमए प्रतिनिधियों को एम्पैनलमेंट और ग्रीवेंस कमेटियों में शामिल करने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। इससे अस्पतालों से जुड़े कई अहम फैसले लंबित हैं। पांच महीने से नहीं हुई बैठक पिछले पांच महीनों से मासिक बैठकें भी नहीं हुई हैं। इसके चलते नए अस्पतालों का पैनल में जुड़ना और नई स्पेशलिटी की मंजूरी पूरी तरह ठप पड़ी है। लाखों मरीजों पर पड़ेगा असर अगर अस्पतालों ने सेवाएं बंद कर दीं, तो इसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ेगा, जो इस योजना के तहत मुफ्त इलाज पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और अस्पतालों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला तो स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।