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सोमनाथ मंदिर को बताया भारत की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक, सीएम सैनी का विचार

 चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 ज्योतिर्लिंग की चर्चा करते हुए भारत सरकार द्वारा 11 मई को बनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर प्रकाश डाला है, नायब सैनी के विचार कुछ इस प्रकार है… हमारे देश में अनेक ऐसे पूजनीय स्थल हैं, जो हमारी आस्था और संस्कृति को मजबूत बनाते हैं। गुजरात स्थित श्री सोमनाथ मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि यह भारत के आध्यात्मिक संकल्प का जीवंत प्रतीक है। भगवान शिव के 12 आदि ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखने वाला सोमनाथ मंदिर, भारत के पवित्र भूगोल में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह प्रत्येक भारतीय के जीवन में रचा-बसा हुआ है, जिसके बिना वह अपने अस्तित्व की कल्पना नहीं कर सकता। भारत सरकार 11 मई तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रही है, जो सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद भी मंदिर के शाश्वत और अविनाशी होने का पर्व है। हरियाणा सरकार इस पर्व को उसी भव्यता, आध्यात्म और उत्साह से मनाएगी, जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। इस मंदिर ने सदियों तक आक्रमण और पुनर्निर्माण का अद्वितीय इतिहास देखा है। वर्ष 1026 में हुए आक्रमण के बाद भी हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ, जो भारतीय समाज की अटूट आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है। स्वतंत्रता के पश्चात सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और 11 मई 1951 को इसका प्राण-प्रतिष्ठा समारोह सम्पन्न हुआ। इस पर्व को मनाने का यही मूल उद्देश्य है कि कितने ही उतार-चढ़ाव आए, परंतु सोमनाथ हमारी अटूट आस्था का प्रतीक बना रहा और बना रहेगा। यह भारतीय जन मानस के हृदय में वास करता है। यह पर्व उन असंख्य महान विभूतियों को स्मरण करने का भी है, जो सोमनाथ मंदिर पर क्रूर हमलों के बावजूद उनके सम्मुख डटकर खड़े रहे। 1940 के दशक में स्वतंत्रता की भावना पूरे भारत में फैल रही थी, सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की नींव रखी जा रही थी। ऐसे में उन्हें सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा व्यथित कर रही थी। 13 नवंबर 1947 को दीपावली के समय सरदार पटेल ने सोमनाथ के जर्जर अवशेषों के सामने खड़े होकर समुद्र का जल हाथ में लेकर संकल्प लिया था कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण होगा। उनके आह्वान ने सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष को नये उत्साह से भर दिया। दुर्भाग्यवश सरदार पटेल अपने उस सपने को साकार होते नहीं देख सके, जिसके लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया था। इससे पहले कि जीर्णोद्धार के बाद सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खुलता, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पावन अवसर पर सोमनाथ के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है, क्योंकि बीते 75 वर्षों में यह मंदिर केवल पुनर्निर्माण का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास और अटूट आस्था का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अध्यक्ष होने के नाते भी इस विरासत को संजोकर रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। आज सोमनाथ मंदिर भव्य वास्तुकला, आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है। यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि देश की आत्मा से जुड़ा एक जीवंत तीर्थ है, जो हर दिन लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों को विश्वविख्यात कर हिंदू धर्म को प्रखर प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने विकास भी विरासत भी के मूल मंत्र से प्रेरित होकर सोमनाथ से काशी, कामाख्या से केदारनाथ, अयोध्या से उज्जैन तक आध्यात्मिक केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है। साथ ही, उनकी पारंपरिक पहचान को भी बरकरार रखा है। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व ने हिंदू धर्म को पुनर्जीवित किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस अदभुत धार्मिक शक्ति के दर्शन मात्र से ही आपको अविस्मरणीय अनुभूति होगी। – लेखक नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा

हल्दी से कैंसर पर वार! हरियाणा की यूनिवर्सिटी तैयार कर रही खास नैनो-जैल तकनीक

हिसार. महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर मामलों के बीच गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में हर्बल आधारित नैनो-जैल पर शोध शुरू किया गया है। फार्मास्युटिकल साइंसिज विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेखा राव इस शोध के माध्यम से ऐसी जैल विकसित करने पर काम कर रही हैं, जो शुरुआती स्तर पर कैंसर कोशिकाओं की पहचान और लक्षित उपचार में सहायक हो सके। शोध में गुरुग्राम स्थित डीपीजी यूनिवर्स कालेज की डॉ. वर्षा भी सहयोग कर रही हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित यह जैल प्रभावित हिस्से पर सीधे काम करने के सिद्धांत पर विकसित की जा रही है। इसमें हल्दी के सक्रिय तत्व ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल घटकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट कम रहने की संभावना जताई जा रही है। शोध पूरा होने पर इसका पेटेंट कराया जाएगा। जानें… क्या है नैनो-जैल तकनीक शोध के तहत विकसित की जा रही जैल नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को लक्षित कर दवा के प्रभाव को प्रभावित हिस्से तक केंद्रित करना है। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्तमान उपचार में दवाओं की अधिक मात्रा और उनके व्यापक प्रभाव से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। नैनो-जैल तकनीक इस चुनौती को कम करने की दिशा में उपयोगी हो सकती है। हरियाणा में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल लगभग 8 हजार से 10 हजार नए ब्रेस्ट कैंसर मामले सामने आने का अनुमान है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहरी क्षेत्रों में मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञ बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान और जागरूकता की कमी को प्रमुख कारण मानते हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी कई बार तीसरे या चौथे चरण में सामने आती है। साइड इफेक्ट कम करने का प्रयास इस जैल में हल्दी से प्राप्त ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल तत्वों का उपयोग किया जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि हर्बल बेस होने के कारण इसके दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं। जैल को त्वचा पर लगाने योग्य रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि प्रभावित हिस्से पर सीधे उपयोग संभव हो सके।

नायब सरकार की नई पहल: किसानों और लोगों को घर बैठे मिलेंगी बड़ी सुविधाएं

चंडीगढ़. हरियाणा में अब भवनों के निर्माण के लिए नक्शों की अनुमति ऑनलाइन तरीके से मिलेगी। इसके अलावा, किसानों को उनके वाट्सएप पर जे-फार्म भेजे जाएंगे, जिनके आधार पर वे 72 घंटे के भीतर अपनी फसल की पेमेंट प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों योजनाओं की शुरुआत की। हरियाणा सरकार ने चालू रबी खरीद सीजन के दौरान एमएसपी पर बेची गई गेहूं, सरसों व चना की फसलों के जे-फार्म किसानों के वाट्सएप पर भेजने की घोषणा की थी। छह मई तक 5 लाख 78 हजार किसानों द्वारा अपनी उपज मंडियों में बेची गई। इन किसानों को 13 लाख 77 हजार जे-फार्म जारी किए गए हैं। यह सुविधा प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है। अब किसानों को अपना जे-फार्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना पडे़गा। आसानी से मिलेगा अप्रूवल हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफार्म काम करेगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को घर बैठे ही प्लाट और निर्माण से जुड़ी मंजूरी बिना किसी देरी के आसानी से मिल सकेंगी। पहले चरण में, पुरानी नगर पालिकाओं या कोर क्षेत्रों में प्लांड रिहायशी प्लाटों की ऑनलाइन मंजूरी शुरू की गई है। इस सिस्टम से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और काम की जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्लेटफार्म की शुरुआत करते हुए कहा कि अब आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी व सरल बनेगी। नया सिस्टम लागू होने से पहले आर्किटेक्ट्स और नगर निकाय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने जानकारी दी कि जे-फार्म किसानों को वाट्सएप पर भेजकर योजना की शुरुआत की जा चुकी है। भविष्य में फसल की बिक्री के बाद समस्त जे-फार्म किसानों को उनके वाट्सएप नंबर पर ही मिलेंगे। किसानों की कितने हुई आवक? मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गेहूं खरीद के लिए मंडियों में व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदेश में एक अप्रैल से सात मई तक 84 लाख 18 हजार टन गेहूं की आवक हुई है। इसमें से 83 लाख 75 हजार टन गेहूं की बिक्री हेतु किसानों का बाायोमीट्रिक सत्यापन हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब तक 82 लाख 55 हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। एक सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाायोमीट्रिक सत्यापन के लिए किसानों को कोई परेशान नहीं थी, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं को ज्यादा दिक्कत थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक केएम पांडुरंग, शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीन आत्रे शामिल रहे।

हल्दी के ‘कुरकुमिन’ से कैंसर उपचार की नई उम्मीद, GJU में शुरू हुआ खास शोध

 हिसार  महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर मामलों के बीच गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) में हर्बल आधारित नैनो-जैल पर शोध शुरू किया गया है। फार्मास्युटिकल साइंसिज विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेखा राव इस शोध के माध्यम से ऐसी जैल विकसित करने पर काम कर रही हैं, जो शुरुआती स्तर पर कैंसर कोशिकाओं की पहचान और लक्षित उपचार में सहायक हो सके। शोध में गुरुग्राम स्थित डीपीजी यूनिवर्स कालेज की डॉ. वर्षा भी सहयोग कर रही हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित यह जैल प्रभावित हिस्से पर सीधे काम करने के सिद्धांत पर विकसित की जा रही है। इसमें हल्दी के सक्रिय तत्व ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल घटकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे साइड इफेक्ट कम रहने की संभावना जताई जा रही है। शोध पूरा होने पर इसका पेटेंट कराया जाएगा। जानें… क्या है नैनो-जैल तकनीक शोध के तहत विकसित की जा रही जैल नैनो फार्मूलेशन तकनीक पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं को लक्षित कर दवा के प्रभाव को प्रभावित हिस्से तक केंद्रित करना है। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्तमान उपचार में दवाओं की अधिक मात्रा और उनके व्यापक प्रभाव से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। नैनो-जैल तकनीक इस चुनौती को कम करने की दिशा में उपयोगी हो सकती है। हरियाणा में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल लगभग 8 हजार से 10 हजार नए ब्रेस्ट कैंसर मामले सामने आने का अनुमान है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहरी क्षेत्रों में मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषज्ञ बदलती जीवनशैली, तनाव, खानपान और जागरूकता की कमी को प्रमुख कारण मानते हैं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी कई बार तीसरे या चौथे चरण में सामने आती है। हर्बल तत्वों पर फोकस, साइड इफेक्ट कम करने का प्रयास इस जैल में हल्दी से प्राप्त ‘कुरकुमिन’ जैसे हर्बल तत्वों का उपयोग किया जाएगा। शोधकर्ताओं का मानना है कि हर्बल बेस होने के कारण इसके दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं। जैल को त्वचा पर लगाने योग्य रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि प्रभावित हिस्से पर सीधे उपयोग संभव हो सके।  

20 वार्डों और 204 मतदान केंद्रों पर 2.07 लाख मतदाता करेंगे मतदान

 पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकते हुए रोड शो, जनसभाएं और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाए। चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। अब उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का पूरा ध्यान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर रहेगा। इस बार नगर निगम चुनाव में सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में स्टार प्रचारकों को उतारकर पूरी ताकत दिखाई, जबकि कांग्रेस प्रचार के स्तर पर अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। कांग्रेस के कई बड़े नेता मीडिया से रूबरू तो हुए, लेकिन जनसभाओं और जमीनी प्रचार में उनकी सक्रियता कम दिखाई दी। इसके बावजूद कांग्रेस खेमे में उत्साह बना हुआ है। अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ा कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के पति और पार्टी नेता संजीव भारद्वाज ने दावा किया कि इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता के बीच काम कर रही है और अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ दिया गया है। सुधा भारद्वाज ने डोर शो करके प्रचार किया। बंसल ने किया 40 हजार से जीतने का दावा भाजपा पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आई। भाजपा के मेयर पद प्रत्याशी श्याम लाल बंसल ने दावा किया कि पार्टी लगभग 40 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि शहर में भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बन चुका है और पार्टी मेयर पद के साथ-साथ सभी 20 वार्डों में जीत हासिल करेगी। 204 मतदान केंद्र नगर निगम चुनाव के लिए 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वार्ड-1, 2, 3, 10, 11, 12 और 13 में 10-10 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि वार्ड-17 में सबसे अधिक 13 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो ईवीएम लगाई जाएंगी, एक मेयर और दूसरी पार्षद पद के लिए, ताकि मतदाता अलग-अलग मतदान कर सकें। 2,07,379 मतदाता चुनाव में कुल 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 8 हजार 227 पुरुष, 98 हजार 447 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वार्ड-17 में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि वार्ड-15 में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्वाचन व्यवस्था के तहत मेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनों के साथ 41 रिजर्व मशीनें रखी गई हैं। वहीं, पार्षद चुनाव के लिए 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्धारित की गई हैं। प्रशासन द्वारा पोलिंग स्टाफ की अंतिम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और मतदान केंद्रों पर ईवीएम वितरण की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए वार्ड-वार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मतदान 10 मई और मतों की गिनती 13 मई को Government Girls College Sector 14 में सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

गन्ना खेती को बढ़ावा: हरियाणा सरकार देगी किसानों को 5 हजार रुपये प्रति एकड़

पंचकूला. हरियाणा सरकार ने गन्ने की खेती को प्रोत्साहित करने व किसानों को अधिकाधिक लाभ प्रदान करने की योजना तैयार की है। 'गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन' के अंतर्गत अब जो किसान चार फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करेंगे, उन्हें हरियाणा सरकार की ओर से पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। पहले यह राशि किसानों को तीन हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मिलती थी। दो हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से इसमें बढ़ोतरी की गई है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कहा कि हरियाणा का किसान केवल अन्न पैदा करने वाला नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता का सशक्त आधार भी है, इसलिए किसान को मजबूत करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बताया कि पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में की थी, जिसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 15 अक्टूबर से करें आवेदन श्याम सिंह राणा ने बैठक में कहा कि बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि को प्राप्त करने के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को पोर्टल के माध्यम से 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। फरवरी 2027 के अंत तक भौतिक सत्यापन करने के बाद संबंधित किसान को प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि किसानों को एकल-आंख विधि से भी गन्ने की बिजाई करने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है, जो कि पहले तीन हजार रुपये प्रति एकड़ थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी, ताकि किसानों की फसल कटाई पर लागत कम हो सके। किसान अक्टूबर से दिसंबर तक पौध लगा सकते हैं कृषि मंत्री के अनुसार टिश्यू कल्चर के माध्यम से गन्ने की उत्पादकता में वृद्धि की जाएगी। इस विधि से तैयार हुई गन्ने की पौध को किसानों को मुफ्त उपलब्ध करवाया जाएगा। करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा यह पौध तैयार होगी। इस मिल से किसान अक्टूबर से दिसंबर तक पौध ले सकते हैं। राणा ने कहा कि इन सभी पहल से किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार और निदेशक राज नारायण कौशिक समेत कई अधिकारी शामिल हुए।

चुनावी शोर शांत, सियासी हलचल तेज: पंचकूला में हार-जीत के समीकरण बनने शुरू

पंचकूला. नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंकते हुए रोड शो, जनसभाएं और डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाए। चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। अब उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का पूरा ध्यान मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने पर रहेगा। इस बार नगर निगम चुनाव में सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में स्टार प्रचारकों को उतारकर पूरी ताकत दिखाई, जबकि कांग्रेस प्रचार के स्तर पर अपेक्षाकृत कमजोर नजर आई। कांग्रेस के कई बड़े नेता मीडिया से रूबरू तो हुए, लेकिन जनसभाओं और जमीनी प्रचार में उनकी सक्रियता कम दिखाई दी। इसके बावजूद कांग्रेस खेमे में उत्साह बना हुआ है। अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ा कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के पति और पार्टी नेता संजीव भारद्वाज ने दावा किया कि इस बार चुनाव परिणाम चौंकाने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता के बीच काम कर रही है और अंतिम फैसला जनता तथा भगवान पर छोड़ दिया गया है। सुधा भारद्वाज ने डोर शो करके प्रचार किया। बंसल ने किया 40 हजार से जीतने का दावा भाजपा पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आई। भाजपा के मेयर पद प्रत्याशी श्याम लाल बंसल ने दावा किया कि पार्टी लगभग 40 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि शहर में भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बन चुका है और पार्टी मेयर पद के साथ-साथ सभी 20 वार्डों में जीत हासिल करेगी। 204 मतदान केंद्र नगर निगम चुनाव के लिए 20 वार्डों में कुल 204 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वार्ड-1, 2, 3, 10, 11, 12 और 13 में 10-10 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि वार्ड-17 में सबसे अधिक 13 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर दो ईवीएम लगाई जाएंगी, एक मेयर और दूसरी पार्षद पद के लिए, ताकि मतदाता अलग-अलग मतदान कर सकें। 2,07,379 मतदाता चुनाव में कुल 2 लाख 7 हजार 379 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 8 हजार 227 पुरुष, 98 हजार 447 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। वार्ड-17 में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि वार्ड-15 में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है। 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्वाचन व्यवस्था के तहत मेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनों के साथ 41 रिजर्व मशीनें रखी गई हैं। वहीं, पार्षद चुनाव के लिए 204 ईवीएम के साथ 58 रिजर्व मशीनें निर्धारित की गई हैं। प्रशासन द्वारा पोलिंग स्टाफ की अंतिम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और मतदान केंद्रों पर ईवीएम वितरण की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए वार्ड-वार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मतदान 10 मई और मतों की गिनती 13 मई को Government Girls College Sector 14 में सुबह 8 बजे से शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

नियमितीकरण मामलों में अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर होगा पुनर्विचार, हाईकोर्ट का आदेश

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार, उसके बोर्डों, निगमों और विभिन्न विभागों में वर्षों से नियमितीकरण की आस लगाए बैठे हजारों कच्चे, अनुबंधित और अस्थायी कर्मचारियों के लिए हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने 98 अपीलों के संयुक्त निपटारे में स्पष्ट कर दिया कि कर्मचारियों के नियमितीकरण के दावों पर अब पुरानी नीतियों की सामान्य व्याख्या की बजाय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 16 अप्रैल 2026 को दिए गए ‘मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य’ निर्णय के आधार पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार, बिजली निगमों, नगर निगमों, हाउसिंग बोर्ड और अन्य सार्वजनिक संस्थाओं को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक कर्मचारी के मामले की व्यक्तिगत जांच कर छह माह के भीतर कारण युक्त यानी स्पीकिंग आर्डर पारित करें। मौजूदा सेवा स्थिति में कोई प्रतिकूल बदलाव नहीं अदालत ने यह भी साफ किया कि जब तक संबंधित कर्मचारी के दावे पर अंतिम प्रशासनिक निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उसकी मौजूदा सेवा स्थिति में कोई प्रतिकूल बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी फिलहाल कर्मचारियों को कार्यरत स्थिति से हटाने या नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई पर रोक जैसी सुरक्षा मिल गई है। खंडपीठ ने इससे पहले सिंगल बेंच द्वारा 22 जनवरी 2025 को दिए गए आदेश में संशोधन करते हुए कहा कि अब 1996, 2003, 2011, 2014 अथवा 2024 की नीतियों पर विचार सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय संवैधानिक सिद्धांतों के अधीन होगा। अदालत ने माना कि ‘उमा देवी’ फैसले और उसके बाद ‘योगेश त्यागी’ विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की अंतिम व्याख्या के बाद राज्य को प्रत्येक कर्मचारी के सेवा रिकार्ड, पात्रता और नीति की वैधता के अनुसार निर्णय लेना होगा। लंबित नियमितीकरण विवादों के समाधान का नया ढांचा तैयार हरियाणा सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि सभी कर्मचारियों के दावों की नये सिरे से जांच की जाएगी, जिसके बाद कोर्ट ने व्यापक बहस में जाने की बजाय पूरी प्रक्रिया को प्रशासनिक पुनर्विचार के लिए भेज दिया। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के दो सप्ताह के भीतर अपने विभाग को विस्तृत अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया गया है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे हरियाणा के विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित नियमितीकरण विवादों के समाधान का नया ढांचा तैयार हुआ है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य मामले में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए थे।  

हरियाणा में किसानों और महिलाओं को बड़ी सौगात, 205 करोड़ रुपये खाते में भेजे गए

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार (08 मई, 2026) को चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से करोड़ों रुपये की लाभ राशि वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, और फसल मुआवजा समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित भी किया लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त जारी मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त आज जारी कर दी गई है। उन्होंने 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खाते में कुल 205 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। इसके अलावा, गैस सिलेंडर सब्सिडी के रूप में 11 लाख 23 हजार बहनों के खातों में 38 करोड़ 54 लाख रुपये भी भेजे गए। वहीं, अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने खरीफ 2025 की फसल नुकसान के लिए 1,50,583 किसानों को 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की। जे-फॉर्म अब वॉट्सऐप पर सीएम नायब सैनी ने इस दौरान एक नई ऐप की शुरुआत की, जिससे अब किसानों को अपनी फसल का जे-फॉर्म लेने के लिए आढ़तियों के पास नहीं जाना होगा। यह फॉर्म सीधे उनके वॉट्सऐप पर आएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है और किसानों को 16,481 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री ने 18 विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में 1146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि डाली। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़ा वर्ग (BC) के 64,923 विद्यार्थियों को 100 करोड़ 45 लाख रुपये की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया।

55 करोड़ की पार्किंग बनी विवाद का केंद्र, बैंक गारंटी और राजनीति में फंसा प्रोजेक्ट

 गुरुग्राम  गुरुग्राम शहरवासियों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार की गई सदर बाजार क्षेत्र की बहुचर्चित मल्टीलेवल पार्किंग एक बार फिर विवादों में घिर गई है। करीब 55.20 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह पार्किंग पांच दिन भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी और बुधवार को इस पर ताला लग गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी द्वारा बैंक गारंटी जमा नहीं करवाने के कारण पार्किंग को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इसे दो भाजपा नेताओं के बीच उद्घाटन को लेकर चली खींचतान का परिणाम माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद भी शुरू नहीं हो सकी व्यवस्था मुख्यमंत्री द्वारा 30 दिसंबर को मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इसके बाद भी पार्किंग आम लोगों के लिए शुरू नहीं हो सकी। नगर निगम चार महीने तक इसके संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी तय नहीं कर पाया। इसके बाद एक मई को विधायक मुकेश शर्मा ने नारियल फोड़कर पार्किंग को दोबारा शुरू कराया और 15 दिन तक मुफ्त पार्किंग सुविधा देने की घोषणा की गई। हालांकि व्यवस्था पांच दिन भी ठीक से नहीं चल सकी और बुधवार को पार्किंग बंद कर दी गई। बैंक गारंटी काे भी बताया एक वजह नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग निर्माण करने वाली एजेंसी अमर बिजनेस ने 55 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा नहीं करवाई है। इसी कारण एजेंसी को पूर्ण रूप से संचालन की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों का दावा है कि जरूरी औपचारिकताएं पूरी होते ही पार्किंग को दोबारा खोल दिया जाएगा। मेयर बोलीं-सेंसर और हैंडओवर प्रक्रिया अभी अधूरी मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि पार्किंग में सेंसर और अन्य तकनीकी कार्यों का हैंडओवर अभी पूरा होना बाकी है। एजेंसी के साथ एलओआइ (आशय पत्र) जारी हो चुका है और जल्द ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर पार्किंग दोबारा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहरवासियों को बेहतर पार्किंग सुविधा देने के लिए प्रयासरत है। 206 कारों और 190 बाइकों की क्षमता नगर निगम द्वारा सदर बाजार के समीप बनाई गई यह छह मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग शहर के सबसे बड़े पार्किंग प्रोजेक्ट्स में शामिल है। भवन में भूतल और पहली मंजिल पर दुकानों का निर्माण किया गया है, जिन्हें निगम लीज पर देगा। इसके अलावा तीन भूमिगत तल पार्किंग के लिए बनाए गए हैं। यहां एक साथ 206 कार और 190 बाइक खड़ी करने की क्षमता है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को अभी तक स्थायी रूप से पार्किंग सुविधा नहीं मिल पाई है।