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पानी की किल्लत दूर करने हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, पंचायतों के लिए खुलेंगे जीरो बैलेंस बैंक अकाउंट

भिवानी. जन स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में पहली बार पंचायतों के जीरो बैलेंस बैंक खाते खाेलेगा। पंचायतों के खातों में बजट डाला जाएगा। गांव की पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए पंचायतों को ही आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। देखरेख से लेकर लाइनों की मरम्मत आदि का कार्य खुद पंचायत ही अपने स्तर पर करवाएंगी। गांव से पानी के बिल के रूप में जितनी राशि एकत्रित की जाएगी, उतनी राशि विभाग पंचायत के खाते में डालेगा। गांवों में पानी के बिल करोड़ों में बकाया है। ऐसे में बिलों की उगाही करने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी जा रही है ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। गांव की आधी आबादी बनेगी सहयोगी गांव की आधी आबादी को इस व्यवस्था को सुधारने में भागीदार बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं यह कार्य आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर भी इसे सार्थक कदम माना जा रहा है। गांव में 500 की आबादी पर एसएसजी की एक महिला होगी तैनात। ये महिला प्रतिदिन पानी के तीन सेंपल एकत्रित करेगी। प्रति सेंपल 10 रुपये उसे मिलेंगे। इसी प्रकार जो राशि बिल की एकत्रित की जाएगी उस पर उसे 10 प्रतिशत राशि मिलेगी। इस तरह से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी यह सार्थक पहल मानी जा रही है। योजना की खास बातें  प्रदेश की 6237 ग्राम पंचायतों में लागू होगी व्यवस्था पंचायतों के इंडियन बैंक में जीरो बैलेंस खाते खुलेंगे गांव की महिलाएं करेंगी पानी बिल वसूली वसूली राशि का 10 प्रतिशत महिलाओं को प्रोत्साहन रोज कम से कम तीन पानी के सैंपल लेने होंगे प्रति सैंपल 10 रुपये मिलेगा 500 की आबादी पर एक महिला की तैनाती होगी। स्वयं सहायता समूह की महिला का 12वीं पास होना जरूरी जितनी बिल वसूली, उतनी ही राशि विभाग पंचायत खाते में डालेगा सलाहकार अधिकारी अशोक भाटी ने कहा कि सरकार गांवों में पेयजल व्यवस्था को केवल सरकारी तंत्र पर निर्भर नहीं रखना चाहती। इसी सोच के तहत पंचायत आधारित मॉडल तैयार किया गया है। पंचायतें अपने स्तर पर बेहतर निगरानी कर सकती हैं। महिलाओं की भागीदारी से बिल वसूली, गुणवत्ता जांच और डिजिटल रिकार्ड व्यवस्था मजबूत होगी।

नूंह में भीषण एक्सीडेंट, यूपी पुलिस के 5 जवानों की मौत

नूंह   हरियाणा के नूंह जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर  बड़ा हादसा हो गया, जिसमें यूपी पुलिस के पांच कर्मियों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले पांचों पुलिसकर्मी यूपी के जालौन जिले में तैनात थे। यह घटना धुलावत टोल प्लाजा के पास हुई। पुलिस ने बताया कि पलवल की तरफ से आ रही काली एसयूवी का चालक एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका नियंत्रण बिगड़ गया और वह आगे चल रहे दूसरे वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद एसयूवी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें अंदर बैठे लोग फंस गए। ताऊरू सदर थाने के प्रभारी शीश राम यादव ने कहा, ''हादसे में मारे गए सभी लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान थे, जो जालौन में तैनात थे। हमने जालौन के एसपी को सूचना दे दी है।''पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि टक्कर की तेज आवाज और धूल के गुबार से सड़क पर घबराहट फैल गई। दूसरे वाहनों ने तुरंत बचाव के लिए ब्रेक लगाए और कुछ समय के लिए ट्रैफिक रुक गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस को एसयूवी से शव निकालने में काफी दिक्कत हुई। पुलिस के अनुसार, वाहन से मिले पहचान पत्र के जरिए मृतकों की पहचान की गई।रेस्क्यू टीम को शव निकालते समय एक पुलिसकर्मी का आईडी कार्ड मिला, जिससे उनकी पहचान सब-इंस्पेक्टर मोहित कुमार यादव के रूप में हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया।पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त एसयूवी को एक्सप्रेसवे से हटाया गया, ताकि ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सके।

भाजपा की शानदार जीत पर हरियाणा में उत्साह, CM सैनी और उनकी पत्नी ने मनाया जश्न

लाडवा. भाजपा को तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत पर मंगलवार को कस्बे के अग्रसेन चौक पर जलेबी बांटकर जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर चटखारे लिए और गोहाना की जलेबी के घटनाक्रम को लेकर संवाद करते हुए कटाक्ष भी किए। इस दौरान मुख्यमंत्री अपनी धर्मपत्नी सुमन सैनी के साथ कार्यकर्ताओं के साथ जश्न में शामिल हुए और जलेबी का लुत्फ लिया। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास नीति के तहत काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी लगातार जनता का विश्वास जीत रही है। भाजपा ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तीसरी बार केंद्र में और हरियाणा प्रदेश में सत्ता प्राप्त की है। पार्टी की नीति अंतोदय की रही है, जिसमें अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति का विकास करना प्राथमिकता है। मौके पर मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी, मीडिया को-आर्डिनेटर तुषार सैनी, डाक्टर गणेश दत्त, शिव गुप्ता, गोपी चंद गनगौरी, पूनम सैनी, सन्नी कालड़ा, नरेंद्र सिंघल मौजूद थे। देश के 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले का 'सेमीफाइनल' माना जा रहा था। परिणामों ने देश की राजनीति की नई दिशा तय कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने तीन राज्यों में जीत दर्ज कर अपना दबदबा साबित किया है, वहीं दक्षिण में कांग्रेस ने पकड़ मजबूत की है।

श्रमिक-उद्योग टकराव कम करने की तैयारी, हरियाणा सरकार करेगी लेबर कानूनों में बदलाव

चंडीगढ़. हरियाणा में उद्योगों और श्रमिकों के विवाद सुलझाने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद गठित करने के बाद अब सरकार ने नियमों में भी बदलाव की तैयारी कर ली है। श्रम विभाग ने इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड में बदलाव के लिए प्रारूप जारी कर दिया है। इसी तरह नए लेबर कोड लागू करने के लिए ड्राफ्ट जारी कर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। नए नियमों को इंडस्ट्रियल रिलेशन (हरियाणा) रूल-2026 का नाम दिया गया है। विवादों को सुलझाने में श्रम आयुक्त, उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्तों की विशेष भूमिका होगी, जो नियोक्ताओं और श्रमिक यूनियनों के बीच मध्यस्थ की भूमिका में होंगे। समझौते को लिखित रूप से लिया जाएगा। क्या कहते हैं ने लेबर कोड? नए लेबर कोड के अनुसार पूरे राज्य में वेतन, बोनस, ओवरटाइम, न्यूनतम मजदूरी और कर्मचारियों के अधिकारों की एक समान व्यवस्था लागू होगी। राज्य सलाहकार बोर्ड बनाया जाएगा, जिसमें कर्मचारी, नियोक्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह बोर्ड वेतन नीतियों पर सुझाव देगा। कर्मचारियों को उनके काम की प्रकृति अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल के आधार पर वेतन मिलेगा। अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से वेतन तय किया जाएगा। न्यूनतम वेतन तय करते समय केवल बेसिक मजदूरी नहीं, परिवार का पूरा खर्च ध्यान में रखा जाएगा। इसमें भोजन, कपड़े, किराया, बिजली, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरतें शामिल होंगी। मजदूरी को घंटे, दिन और महीने के हिसाब से तय किया जाएगा। महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा। हर कर्मचारी को हर सप्ताह कम से कम एक अनिवार्य छुट्टी मिलेगी। ओवरटाइम, नाइट शिफ्ट, वेतन कटौती, जुर्माना और बोनस के स्पष्ट नियम लागू होंगे ताकि मनमानी कम हो। सभी कंपनियों और संस्थानों को अब कर्मचारियों का वेतन रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, बोनस, कटौती और वेतन पर्ची डिजिटल या लिखित रूप में रखना जरूरी होगा। वहीं, व्यापारियों, दुकानदारों और व्यावसायिक संस्थानों को राहत देते हुए नया नियम लागू किया है। अगर कोई संस्थान श्रमिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 के तहत पंजीकृत हो जाता है तो उसे अलग से दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान कानून के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया सरल होगी, सरकारी औपचारिकताएं कम होंगी और कारोबारियों का समय व पैसा बचेगा। अन्य श्रम और व्यावसायिक नियम पहले की तरह लागू रहेंगे और संस्थानों को उनका पालन करना होगा।

वेस्ट टू वेल्थ: पॉलिटेक्निक छात्रों ने बनाई सस्ती रीसाइक्लिंग मशीन

अंबाला  बदलते समय के साथ साथ जहां प्लास्टिक कचरा एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बनकर उभर रहा है, वहीं अंबाला के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के छात्रों ने इस समस्या को अवसर में बदलते हुए एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है. दरअसल चार छात्रों की टीम ने मिलकर एक ऐसी मशीन तैयार की है, जो वेस्ट प्लास्टिक को 3डी प्रिंटिंग फिलामेंट में बदलकर उपयोगी वस्तुओं का निर्माण करती है. 7000 में तैयार किया प्रोजेक्ट बता दे कि इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसे मात्र 7000 रुपये की लागत में तैयार किया गया है और इसे बनाने में छात्रों को करीब एक महीने का समय लगा है. छात्रों ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में इस मशीन को विकसित किया, जो अब न केवल तकनीकी नवाचार का उदाहरण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है. खासतौर पर इस मशीन की कार्यप्रणाली बेहद सरल और प्रभावी है, इसमें सबसे पहले प्लास्टिक की बोतल को एक कटिंग प्लेट में लगाया जाता है, जहां से वह पतली-पतली स्ट्रिप्स में कट जाती है. इसके बाद इन स्ट्रिप्स को हीटर के माध्यम से गर्म किया जाता है, जिससे वे पिघलकर एक पतले धागे यानी फिलामेंट का रूप ले लेती हैं. यही फिलामेंट 3डी प्रिंटर में इस्तेमाल होकर विभिन्न प्रकार के मॉडल और उत्पाद तैयार करता है. प्लास्टिक कचरे का होगा सही उपयोग वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए इस प्रोजेक्ट से जुड़े छात्र सुहैल ने बताया कि आज के दौर में 3डी प्रिंटिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में इस मशीन के जरिए न केवल प्लास्टिक कचरे का सही उपयोग किया जा सकता है, बल्कि इससे छोटे स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं.उन्होंने कहा कि इस तकनीक की मदद से चाबी के छल्ले, खिलौने, कार्टून कैरेक्टर और अन्य सजावटी वस्तुएं आसानी से बनाई जा सकती हैं, जिन्हें बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा सकता है.उन्होंने बताया कि यह पहल उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो कम संसाधनों में कुछ नया करने का सपना देखते हैं.जहां एक ओर लोग प्लास्टिक कचरे को जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं इस मशीन की मदद से प्लास्टिक कचरे को आय का साधन बनाया जा सकता हैं ओर आने वाले समय में यह “वेस्ट टू वेल्थ” का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आएगा. मशीन के अंदर हीटर मशीन की है मुख्य भूमिका वही राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के अध्यापक अजय ने बताया कि यह मशीन वेस्ट प्लास्टिक को रीसाइकलिंग करके एक बेहतर प्रोडक्ट बनाने में काफी सक्षम है. क्योंकि जिस तरह से लोग अक्सर पानी पीकर प्लास्टिक बोतल को इधर-उधर फेंक देते हैं, तो यह मशीन उस बोतल का उपयोग करके उसे एक 3D मॉडल में बदल देगी. उन्होंने कहा कि जल्द छात्रों द्वारा तैयार की गई इस मशीन को वह मार्केट में भी लॉन्च करेंगे, ताकि जो भी लोग बेरोजगार है उन्हें इस मशीन से एक बेहतर रोजगार मिल सके. उन्होंने बताया कि वैसे तो यह मशीन अभी छोटे साइज में तैयार की गई है लेकिन अगर इसे थोड़े बड़े आकार में बनाया जाए तो यह बड़े स्तर पर भी स्टैचू तैयार कर सकती है. उन्होंने कहा कि इसके अंदर जो हीटर मशीन और पावर सप्लायर है वह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और साथ ही स्पीड मोटर कंट्रोलर कंप्यूटर की कमांड के बाद कार्य करता है. जिसके बाद यह मशीन काफी कम समय में अलग-अलग तरह के प्लास्टिक मॉडल बना देती है ओर जिसका लोग घरों में सजावट के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं.

डिजिटल क्लासरूम और 100% रिजल्ट: तिगांव स्कूल की बदली तस्वीर

फरीदाबाद  हरियाणा का ये स्कूल चर्चा का केंद्र बन गया है. फरीदाबाद के तिगांव गांव में स्थित सरकारी स्कूल की नई बिल्डिंग अब किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं लगती. चमचमाती बिल्डिंग, डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह स्कूल अब आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. एडमिशन का दौर चल रहा है और बड़ी संख्या में बच्चे यहां पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं. गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल तिगांव, जो अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा एक पुराना स्कूल माना जाता है, अब पूरी तरह नई पहचान के साथ सामने आया है. पहले यहां पुरानी बिल्डिंग में पढ़ाई होती थी लेकिन अब नई बिल्डिंग बनने के बाद स्कूल का पूरा माहौल बदल गया है. हालांकि पुरानी बिल्डिंग अभी भी मौजूद है. उसमें अब पढ़ाई नहीं होती है, पढ़ाई अब नई बिल्डिंग में होती है. हरियाणा सरकार की स्कीम ने बदली सूरत लोकल 18 से बातचीत में अंग्रेजी के प्रवक्ता सुनील नागर बताते हैं कि हरियाणा सरकार ने मॉडल संस्कृति स्कूल योजना के तहत शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की है. फरीदाबाद में ऐसे 6 स्कूल चुने गए हैं, जिनमें से एक तिगांव का यह स्कूल भी है. इस स्कूल को यहां तक पहुंचाने में मंत्री राजेश नागर का भी अहम योगदान रहा है. सुनील नागर ने बताया कि यह किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. न टीचिंग स्टाफ के लेवल पर और न ही सुविधाओं के मामले में. पूरी बिल्डिंग में कैमरे लगे हैं. डिजिटल क्लासरूम हैं. आरओ सिस्टम और वाटर कूलर की सुविधा है. सोलर प्लांट लगा हुआ है. इसलिए बिजली की कोई दिक्कत नहीं होती. 85 गांवों के बच्चे सुनील बताते हैं कि स्कूल में कंप्यूटर लैब और लैंग्वेज लैब भी है. हर क्लास डिजिटल है और पढ़ाई पूरी तरह आधुनिक तरीके से कराई जा रही है. स्कूल में 12 से 13 सेक्शन हैं और हर सेक्शन में करीब 40 बच्चे पढ़ते हैं. यह स्कूल आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों स्ट्रीम में चलता है जिसमें साइंस में मेडिकल और नॉन-मेडिकल दोनों विकल्प हैं. यहां 84 से 85 गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं. यहां तो उल्टा सिस्टम है लोग शहर से गांव में पढ़ने आते हैं. फरीदाबाद के सेक्टरों से भी बच्चे यहां एडमिशन लेने आते हैं. बच्चों की रुचि जांचने के लिए कभी-कभी टेस्ट लिया जाता है और कुछ मामलों में लकी ड्रॉ के जरिए भी एडमिशन दिया जाता है. यह स्कूल खास तौर पर गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए भी है. एडमिशन आसानी से ले सकते हैं. 100 प्रतिशत रिजल्ट स्कूल के प्रिंसिपल हंसराज ने बताते हैं कि इस स्कूल का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है. यहां से पढ़कर कई छात्र क्लर्क से लेकर IAS अधिकारी और मंत्री तक बने हैं. यह हमारे इलाके की बड़ी पहचान है. 2022 में इस स्कूल को हरियाणा बोर्ड से सीबीएसई में अपग्रेड किया गया था. इस बार भी 10वीं का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा है.

चुनाव में सुरक्षा का सख्त पहरा: पंचकूला के संवेदनशील बूथों पर कमांडो, 1200 जवानों की तैनाती

पंचकूला. नगर निगम चुनाव के लिए 10 मई (रविवार) को मतदान होगा। चुनाव निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पंचकूला पुलिस ने कमर कस ली है। सोमवार को सेक्टर-4 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में पुलिस कमिश्नर (एडीजीपी) शिवास कविराज की अध्यक्षता में एक रणनीतिक बैठक हुई। इस बैठक में चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करते हुए सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए ताकि जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके। पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने बताया कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए करीब 1200 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले के कुल 85 लोकेशन पर 204 बूथों पर मतदान होना है। सभी बूथों पर पुलिस की कड़ी निगरानी सभी बूथों पर पुलिस की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाया जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित रह सके। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों को चिह्नित कर लिया है। इसमें 21 लोकेशन के 36 बूथों को संवेदनशील और 21 लोकेशन के 59 बूथों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहाँ अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और स्वैट कमांडो की तैनाती की जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चार टीयर गैस टीमें भी रिजर्व रखी गई हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और किसी भी गड़बड़ी या अव्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बॉर्डर से लेकर शहर तक कड़ी निगरानी जिले की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए पांच इंटर-स्टेट बार्डर नाकों पर 24 घंटे कड़ा पहरा लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर चुनाव से 48 घंटे पहले 20 विशेष नाके स्थापित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस कर्मियों को 55 बाडी कैमरों से लैस किया गया है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। चुनाव के दौरान 12 पेट्रोलिंग टीमें लगातार गश्त करेंगी, जबकि ईआरवी, राइडर और पीसीआर वाहन भी हर पल मुस्तैद रहेंगे। धारा 163 के तहत हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एसीपी व थाना प्रभारियों द्वारा शस्त्र जमा कराने की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है। भारी मात्रा में ड्रग्स और हथियार बरामद पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने के बाद से ही पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक की कार्रवाई में 538 ग्राम हेरोइन, 1.154 किलो चरस, 607 ग्राम अफीम, 18 किलो से अधिक चूरापोस्त और 180 पेटी अवैध शराब जब्त की गई है। इसके अलावा, अपराध पर लगाम कसते हुए आठ अवैध देशी कट्टे व पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। सभी अपराध इकाइयों, थाना व चौकी प्रभारियों को साफ आदेश दिए हैं कि अवैध शराब, नशा तस्करी और दबंगई करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाएं। बैठक में डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता, डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह सहित सभी एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे।

नायब सिंह सैनी का कुरुक्षेत्र में बड़ा बयान: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को बताया प्राथमिकता, विपक्ष पर हमला

कुरुक्षेत्र. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुवि में आयोजित सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र विषय पर आयोजित सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा की यह विषय महत्वपूर्ण है। नारी सशक्त होगी तो ही समाज सशक्त बनेगा। इसी धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने सर्व मानवजाति के लिए ज्ञान का कर्म का संदेश दिया था। महाभारत का कारण भी एक नारी का अपमान बना था। यह पावन भूमि हमें संदेश देती है जब न्याय की बात हो तो मौन नहीं बैठना चाहिए, निर्णय लेना जरूरी है। आज नारी सशक्तीकरण के लिए आवाज उठाना जरूरी है। संसद में महिलाओं के अधिकारों को कूचलने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले गुजरात को मॉडल बनाया। अब भारत का मान सम्मान पूरी दुनिया में गूंज रहा है। विकसित भारत के लिय भी 4 स्तंभों पर काम करने की बात कही थी । इसमे सबसे पहले महिला उसके बाद किसान और तीसरा युवाओं को रखा था। हरियाणा से शुरू हुआ था बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान चौथा गरीब को मजबूत करने की बात कही थी। 2014 में बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान हरियाणा से ही शुरु किया था। आज कई पंचायतों में बेटियों की संख्या ज्यादा है। उन्होने कहा था बेटियां किसी पर निर्भर नहीं, वह आत्मनिर्भर हैं। आज हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं। सेना में, चिकित्सा क्षेत्र में, न्याय के क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने जब नौकरी में सिफारिश को बंद किया तो आज योग्यता के दम पर महिला शक्ति आगे आ रही है। हर 20 किलोमीटर पर बेटियों को एक राजकीय महाविद्यालय बनाया गया है। हमने एक दिन का विशेष सत्र बुलाया था की संसद में विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया था। इसी को लेकर हमने सत्र बुलाया, लेकिन विपक्ष आया ही नहीं बाहर ही बैठ गए।

नायब सिंह सैनी सरकार का बड़ा कदम: अफ्रीकी देश तंजानिया के साथ 1 लाख एकड़ कृषि भूमि को लेकर समझौता

चंडीगढ़ हरियाणा के किसान अब केवल अपने राज्य में नहीं बल्कि पूर्वी अफ्रीका के देश तंजानिया में भी जमीनी खरीदकर खेती कर सकते हैं। राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर तंजानिया के साथ व्यापारिक संबंधों में विस्तार करने पर चर्चा की है। इसके बाद राज्य के किसानों का यहां पर जाकर जमीन खरीदना और खेती करवाना आसान हो गया है। हरियाणा सरकार तंजानिया में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके बाद यहां के किसानों और व्यापारियों ने भी इस पूर्वी अफ्रीकी देश के बाजारों में अवसरों की तलाश शुरू कर दी है हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इसे हरियाणा के किसानों और व्यापारियों के लिए एक बेहतर मौका करार दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि उद्यम करने में सक्षम बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र के समर्थन से तंजानिया में एक लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार सैनी ने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार सहयोग का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिसमें खनन, प्लाईवुड, कृषि और आईटी जैसे क्षेत्र शामिल है। इस योजना के लाभार्थी भिवानी के पास दादरी में रहने वाले सोमवीर घासोला भी हैं। इन्होंने तंजानिया में जमीन खरीदी है। घासोला ने तंजानिया की राजधानी डोडोमा के पास खनन व्यवसाय भी स्थापित किया है। भाषा से बात करते हुए घासोला ने कहा कि अफ्रीकी देश में बहुत सस्ती दरों पर उपजाऊ भूमि मिलती है। उस जमीन पर सभी प्रकार की फसलों को उगाया जा सकता है। यहां से वैश्विक बाजारों तक पहुंच भी आसानी से मिल जाती है, इससे यहां पर व्यापार और भी ज्यादा आसान हो जाता है। घासोला ने जमीन के एक बड़े हिस्से के बारे में कहा कि यह चावल, गन्ना, काजू और अन्य फसलें उगाने के लिए उपयुक्त है। इस योजना के एक और लाभार्थी शिव कुमार कंबोज ने भी कुछ महीने पहले ही तंजानिया में एक चीनी नागरिक से फैक्ट्री खरीदी थी। वह लगातार इस फैक्ट्री से लाभ कमा रहे हैं। अपने अनुभव को साझा करते हुए कंबोज ने कहा, "'हम तंजानिया के कारखाने में कच्चा माल तैयार करते हैं। उसे यहां लाते हैं और अपने लिए उपयोग करते हैं तथा प्लाईवुड व्यवसाय के अन्य उद्यमियों को भी देते हैं। हरियाणा सरकार का विदेशी सहयोग विभाग हमारी सहायता कर रहा है। मैं लगभग तीन साल पहले तंजानिया गया था। पिछले साल मैंने वहां एक कारखाना खरीदा था… वहां के लोग और सरकार बाहें फैलाकर हमारा स्वागत करते हैं।'' तंजानिया के साथ जारी इस योजना पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है और एक मजबूत वैश्विक पहचान बना रहा है। सिंह ने कहा कि हरियाणा ने न केवल विकसित देशों के साथ बल्कि अफ्रीकी देशों के साथ भी व्यापार और निवेश के अवसरों की तलाश की है। इस संबंध में हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल इस साल के अंत में सात दिनों के लिए तंजानिया का दौरा करेगा और 50वें दारे-सलाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (तंजानिया का प्रमुख व्यापार कार्यक्रम) में भाग लेगा, जहां एक हरियाणा पवेलियन भी स्थापित किया जाएगा। सिंह ने कहा कि अफ्रीकी देशों में समृद्ध खनिज संसाधन और सस्ती खेती के अवसर हैं।

नई औद्योगिक नीति से छोटे व्यापारियों को फायदा, समयबद्ध भुगतान और बीमा सुरक्षा का प्रावधान

चंडीगड़ हरियाणा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) व छोटे व्यापारियों को नई औद्योगिक नीति में बड़ी राहत मिलने जा रही है। किसी भी स्वीकृत सब्सिडी, प्रोत्साहन राशि, सरकारी अनुदान या अन्य देय भुगतान में देरी होने पर उद्योग विभाग उद्यमियों व व्यापारियों को कुल राशि का आठ फीसदी वार्षिक ब्याज देगा। इसी तरह आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने पर स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम भी लागू की जाएगी। इससे उनको किफायती बीमा सुरक्षा मिलेगी और वे बड़े वित्तीय जोखिम से बच सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत उद्यमियों को इनवेस्ट हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। प्रारंभिक जांच के बाद पात्र किसी भी प्रोत्साहन राशि का 50 फीसदी हिस्सा सात कार्य दिवसों के भीतर जारी किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत जांच पूरी होने पर बाकी 50 फीसदी राशि 45 कार्य दिवसों में दी जाएगी। इन तय कार्य दिवसों के आगे बढ़ने पर प्रत्येक दिन के अनुसार ब्याज का लाभ स्वत: मिलेगा। पहले उद्योगों को सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि तो मिल रही है लेकिन भुगतान में देरी पर ब्याज देने या तय समय सीमा में स्वचालित निपटान की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। नई नीति पहली बार समयबद्ध भुगतान, अग्रिम 50 फीसदी रिलीज और देरी होने पर आठ फीसदी ब्याज की जवाबदेह प्रणाली लागू करेगी। एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम पहली से चल रही योजनाओं से अलग प्रदेश में व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना चल रही है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से दुर्घटना, मृत्यु या सीमित कारोबारी नुकसान को कवर किया जाता है। नई स्मॉल ट्रेडर्स एंड एमएसएमई इंश्योरेंस स्कीम इससे अधिक व्यापक होगी जिसमें आग, चोरी और प्राकृतिक आपदाओं से व्यापारिक संपत्ति व स्टॉक के नुकसान को व्यवस्थित सुरक्षा मिलेगी। एमएसएमई का बढ़ता दायरा वर्ष 2004 से 2014 के दौरान करीब 33 हजार एमएसएमई इकाइयां दर्ज थीं। राज्य का कुल औद्योगिक रोजगार वर्ष 2018-19 में 10.16 लाख से बढ़कर 2023-24 में 11.91 लाख हो गया। देश के एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र (इको सिस्टम) में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 9-10 फीसदी है। अर्थव्यवस्था को अधिक सुरक्षित करने वाला फैसला : राज चावला हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सचिव राज चावला के मुताबिक समयबद्ध भुगतान और बीमा सुरक्षा से निवेश का माहौल मजबूत होगा। इससे नए उद्योग आकर्षित होंगे और छोटे व्यापारियों का भरोसा बढ़ेगा। यह फैसला प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को अधिक सुरक्षित करने वाला साबित होगा।