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बेटे की मौत के बाद भटकता रहा परिवार, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिलाया हक

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत मुआवजा पाने से वंचित एक महिला को राहत प्रदान की है। अदालत के हस्तक्षेप के बाद हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास ने आश्वासन दिया कि यदि मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज त्रुटि को ठीक कर लिया गया है तो मुआवजा आवेदन के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। जस्टिस जगमोहन बंसल ने भावना द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिका के अनुसार भावना के 26 वर्षीय बेटे की 9 मई 2024 को मृत्यु हो गई थी। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के अनुसार परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम थी, जिससे परिवार दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने का पात्र था। बेटे की मृत्यु के बाद याचिकाकर्ता ने 23 मई 2024 को आनलाइन आवेदन कर मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास ने 16 दिसंबर 2024 को दावा खारिज कर दिया। दावा अस्वीकार करने का कारण यह बताया गया कि मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार पहचान पत्र में मृतक के पिता के नाम को लेकर विसंगति थी। इस तकनीकी त्रुटि के कारण आवेदन मंजूर नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने बाद में संबंधित विभाग से त्रुटि दूर करवाई और 4 मार्च 2025 को संशोधित मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया। लेकिन समस्या यह रही कि ऑनलाइन पोर्टल पर दोबारा आवेदन करने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था। इसके बाद उन्होंने कई प्रतिनिधित्व देकर मामले में राहत की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि याचिकाकर्ता ने वास्तव में मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण को परिवार पहचान पत्र के अनुरूप संशोधित करवा लिया है तो हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास का मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोर्टल दोबारा खुलवाने पर विचार करेगा, ताकि वह अपना दावा पुन प्रस्तुत कर सके। याचिकाकर्ता की ओर से भी इस व्यवस्था पर सहमति जताई गई। दोनों पक्षों की सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास, पंचकूला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करे। इसके बाद संबंधित प्राधिकारी उसके दावे पर आगे की कार्रवाई करेगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिनके वैध दावे केवल दस्तावेजी त्रुटियों या तकनीकी कारणों से लंबित या अस्वीकृत हो जाते हैं।

अब बिना निगरानी नहीं मिलेगी कफ सिरप, हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

अंबाला. खांसी की सीरप अब सिर्फ एक सामान्य दवा नहीं, बल्कि निगरानी के दायरे में आने वाला उत्पाद बन गई है। केंद्र सरकार ने ड्रग्स नियमों में अहम बदलाव करते हुए उन प्रावधानों में संशोधन कर दिया है, जिनके तहत कुछ सीरप को विशेष छूट प्राप्त थी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 9 जून 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद अब कफ सीरप और अन्य सीरप आधारित दवाओं की बिक्री, भंडारण और नियामकीय निगरानी पहले से अधिक सख्त कर दी गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने ड्रग्स रूल्स-1945 के शेड्यूल-के में संशोधन करते हुए सीरियल नंबर-13 के अंतर्गत आइटम नंबर-7 से सीरप शब्द को हटा दिया है। यह बदलाव सुनने में छोटा लग सकता है, लेकिन इसका असर दवा कारोबार, मेडिकल स्टोरों और उपभोक्ताओं तक दिखाई देगा। हरियाणा में भी जारी किए निर्देश विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में कफ सीरप के दुरुपयोग और नशे के लिए इस्तेमाल की घटनाएं बढ़ी हैं। कई राज्यों में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की है। ऐसे में सरकार ने नियामकीय ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हरियाणा में भी इस अधिसूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। राज्य औषधि नियंत्रक रिपन मेहता ने सभी अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अनुसूचित दवाओं की बिक्री केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर सुनिश्चित की जाए। नियमों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बिक्री रिकॉर्ड, प्रिस्क्रिप्शन सत्यापन और स्टॉक प्रबंधन को लेकर रहना होगा अधिक सतर्क इस बदलाव का सीधा असर मेडिकल स्टोर संचालकों पर पड़ सकता है। अब उन्हें दवा बिक्री के रिकार्ड, प्रिस्क्रिप्शन सत्यापन और स्टॉक प्रबंधन को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। वहीं उपभोक्ताओं को भी कुछ सीरप खरीदने के लिए चिकित्सकीय सलाह और पर्ची की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि अधिसूचना में किसी विशेष ब्रांड या उत्पाद का नाम नहीं दिया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि सरकार सीरप आधारित दवाओं की निगरानी को और कड़ा करना चाहती है यानी अब मेडिकल स्टोर पर जाकर एक कफ सीरप दे दो कहना पहले जितना आसान नहीं रह सकता। अधिकारियों को निर्देश जारी किए – ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक्स अधिनियम के तहत अनुसूचित दवाइयां बिना चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेची जा सकती। कफ सीरप से संबंधित हाल ही में जारी अधिसूचना के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। – रिपन मेहता, राज्य औषधि नियंत्रक, हरियाणा।

अब तय समय में मिलेंगी पुलिस और प्रशासनिक सेवाएं, हरियाणा में नई व्यवस्था लागू

चंडीगढ़ हरियाणा गृह विभाग की 33 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम (राइट टू सर्विस), 2014 के दायरे में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत अब विभिन्न लाइसेंस, सत्यापन, अनुमति और एनओसी से जुड़ी सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर सेवाएं प्रदान करनी होंगी। ऐसा नहीं होने पर नागरिक शिकायत और अपील भी कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया, यदि लाइसेंस की अवधि समाप्त नहीं हुई है और आवेदन उसी जिले में किया गया है, तो 15 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस सत्यापन वाले मामलों में यह प्रक्रिया 22 दिनों में पूरी होगी। हथियार लाइसेंस में हथियार जोड़ने या हटाने, हथियार खरीदने की अवधि बढ़ाने तथा धरना, प्रदर्शन, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति जैसी सेवाएं 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी। विदेशियों के आगमन और प्रस्थान का पंजीकरण तत्काल किया जाएगा। इसके अलावा एफआईआर या डीडीआर की प्रति भी तुरंत या ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। लाउडस्पीकर उपयोग की अनुमति, मेले, प्रदर्शनी, खेल आयोजनों के लिए एनओसी, अजनबी सत्यापन, विदेशी नागरिकों के आवासीय परमिट का विस्तार और पुराने वाहनों के लिए एनओसी जैसी सेवाओं की समय-सीमा 5 दिन तय की गई है। घरेलू सहायक, किरायेदार, कर्मचारी और चरित्र सत्यापन, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट तथा खोई हुई संपत्ति के निस्तारण से संबंधित सेवाएं 21 दिनों के भीतर पूरी की जाएंगी। पेट्रोल पंप और सिनेमा हॉल स्थापित करने के लिए एनओसी 15 दिनों में जारी होगी। सिनेमा लाइसेंस जारी करने में 30 दिन और उसके नवीनीकरण में 25 दिन का समय लगेगा। इसके अलावा पेट्रोलियम और विस्फोटक नियमों के तहत विभिन्न एनओसी, आतिशबाजी भंडारण एवं बिक्री अनुमति तथा लाइसेंस नवीनीकरण जैसी सेवाओं के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। ऑनलाइन शिकायतों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सत्यापन का निपटारा 60 दिनों में किया जाएगा। सरकार ने प्रत्येक सेवा के लिए नामित अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारियों की भी नियुक्ति की है। यदि किसी नागरिक को तय समय में सेवा नहीं मिलती है तो वह अधिनियम के तहत अपील कर सकेगा। इससे सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों को समयबद्ध सेवाएं मिलने की उम्मीद है।  

खादी को बढ़ावा देने की पहल, मुख्यमंत्री सैनी ने लाभार्थियों को सौंपी बी-बॉक्स और मशीनें

हिसार. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी से आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वोकल फार लोकल और विकसित भारत-2047 का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल की बहल को उपमंडल बनाने और सिवानी को हिसार में शामिल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आगामी समय में उचित कार्रवाई की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री को चरखे का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बाक्स भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी स्वदेशी का प्रतीक था। इसने बिना हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में प्रधानमंत्री ने हमें ‘खादी फार नेशन, खादी फार फैशन और खादी फार ट्रांसफार्मेशन’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को तीन हजार 645 मशीनें एवं टूल किट्स प्रदान की गई है। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बाक्स एवं बी-कालोनी, सिलाई मशीनें, टर्नवुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। बढ़ गया खादी का कारोबार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग दो करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। केवीआइसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का आनलाइन संवितरण किया गया है। पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि भिवानी जिले की जनता ने सदैव आपका साथ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनके अनुरोध पर लोहारू की दशकों से खाली पड़ी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया। किसान गरीब सहित हर वर्ग के हित में नीतियां लागू की। इस मौके पर बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक बाढ़डा उमेद पातुवास, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, सिवानी नगरपालिका की चेयरपर्सन वंदना केडिया, खादी ग्रामोद्योग के वित्तीय सलाहकार जे सरवनन, रवि महमिया और टोनी बराला सहित अन्य मौजूद रहे। मशीनें व टूल्स किए वितरित मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं — गांव गुरेरा, किकराल, नलोई, देवसर, ढाणी रामजस, ढाणी किशनलाल, ढाणी मिठ्ठी में जगमग योजना लागू करने की घोषणा। तीन करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च आएगा। लोहारू शहर में छह करोड़ 85 लाख की लागत से एक कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा। सिवानी के राजकीय महाविद्यालय में एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से मल्टीपर्पस हाल का निर्माण होगा। सिवानी सिंचाई मंडल की मंढोली डिस्ट्रीब्यूटरी शहरयारपुर व खरकड़ी माइनर की चार करोड़ की लागत से री-माडलिंग। लोहारू सिंचाई मंडल में कासनी, झांझड़ा, बहल, पातवान, सौरा , बड़दु चैना माइनर की री-माडलिंग के लिए आठ करोड़ छह लाख रुपए की राशि खर्च। सिवानी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सुविधा शुरू करने की घोषणा। किकराल रोड हाईवे बाईपास, सिवानी में ओवरब्रिज का निर्माण करने की घोषणा। सिवानी के नागरिक अस्पताल में चार करोड़ रुपए की लागत से पोस्टमार्टम की सुविधा 12 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बहल बस स्टैंड का निर्माण। सिवानी नगरपालिका के लिए नए भवन का निर्माण। लोहारू विधानसभा क्षेत्र के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण एवं सड़क निर्माण विभाग की 391.25 किलोमीटर की 120 सड़कों की मरम्मत व मार्केटिंग बोर्ड की 141.68 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत। लोहारू विधानसभा के खेतों के 25 किलोमीटर के रास्तों को पक्का किया जाएगा।

महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत नई सुविधा

 चंडीगढ़  हरियाणा में महिलाओं में समय से स्तन कैंसर की जांच के लिए आठ जिला अस्पतालों में फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (एफएफडीएम) मशीनें लगाई जाएंगी। ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत यह मैमोग्राफी मशीनें पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के साथ ही गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच, परामर्श, निदान और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य खरीद एवं क्रय समिति ने 11 फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। प्रत्येक मशीन की कीमत लगभग 1.18 करोड़ रुपये है। वर्तमान में मैमोग्राफी सेवाएं केवल अंबाला छावनी के उपमंडल नागरिक अस्पताल तथा झज्जर और रोहतक जिलों में उपलब्ध हैं। अब विभिन्न जिलों में स्तन कैंसर की जांच सुविधा उपलब्ध होने से रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव होगी और उपचार की सफलता दर में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पीएम केयर्स योजना के तहत हरियाणा को पांच अतिरिक्त मैमोग्राफी यूनिट आवंटित करने की मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के माध्यम से नौ मशीनों की मांग भेजी थी, जिसके विरुद्ध पांच मशीनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन अतिरिक्त मशीनों को रोगियों की संख्या, स्थानीय आवश्यकता और सेवा मांग के आधार पर अन्य जिलों में स्थापित किया जाएगा।

क्लब संचालकों से रंगदारी मांग, गैंगस्टरों ने वॉयस नोट से दी धमकी

पंचकूला पंचकूला में नाइट क्लब संचालकों को गैंगस्टरों द्वारा धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। बदमाशों ने वॉयस नोट भेजकर क्लब संचालकों से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है। धमकी में कहा गया है कि यदि रकम नहीं दी गई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और अगली गोली उनके नाम की होगी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। संबंधित क्लबों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है तथा पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से धमकी देने वालों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में क्लब, रेस्टोरेंट और कारोबारी प्रतिष्ठान गैंगस्टरों के निशाने पर रहे हैं। रंगदारी मांगने, धमकी देने और फायरिंग जैसी घटनाओं के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे व्यापारियों और क्लब संचालकों में चिंता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही क्लब संचालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जांच एजेंसियां भी मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

सिवानी से आत्मनिर्भरता का नया अध्याय, मुख्यमंत्री ने की विकास योजनाओं की घोषणा

हिसार  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी से आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वोकल फार लोकल और विकसित भारत-2047 का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल की बहल को उपमंडल बनाने और सिवानी को हिसार में शामिल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आगामी समय में उचित कार्रवाई की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री को चरखे का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बाक्स भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी स्वदेशी का प्रतीक था। इसने बिना किसी हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में प्रधानमंत्री ने हमें ‘खादी फार नेशन, खादी फार फैशन और खादी फार ट्रांसफार्मेशन’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को तीन हजार 645 मशीनें एवं टूल किट्स प्रदान की गई है। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बाक्स एवं बी-कालोनी, सिलाई मशीनें, टर्नवुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। बढ़ गया खादी का कारोबार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग दो करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। केवीआइसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का आनलाइन संवितरण किया गया है। पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि भिवानी जिले की जनता ने सदैव आपका साथ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनके अनुरोध पर लोहारू की दशकों से खाली पड़ी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया। किसान गरीब सहित हर वर्ग के हित में नीतियां लागू की। इस मौके पर बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक बाढ़डा उमेद पातुवास, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, सिवानी नगरपालिका की चेयरपर्सन वंदना केडिया, खादी ग्रामोद्योग के वित्तीय सलाहकार जे सरवनन, रवि महमिया और टोनी बराला सहित अन्य मौजूद रहे। मशीनें व टूल्स किए वितरित मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं     – गांव गुरेरा, किकराल, नलोई, देवसर, ढाणी रामजस, ढाणी किशनलाल, ढाणी मिठ्ठी में जगमग योजना लागू करने की घोषणा। तीन करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च आएगा     – लोहारू शहर में छह करोड़ 85 लाख की लागत से एक कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा।     – सिवानी के राजकीय महाविद्यालय में एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से मल्टीपर्पस हाल का निर्माण होगा।     – सिवानी सिंचाई मंडल की मंढोली डिस्ट्रीब्यूटरी शहरयारपुर व खरकड़ी माइनर की चार करोड़ की लागत से री-माडलिंग।     – लोहारू सिंचाई मंडल में कासनी, झांझड़ा, बहल, पातवान, सौरा , बड़दु चैना माइनर की री-माडलिंग के लिए आठ करोड़ छह लाख रुपए की राशि खर्च।     – सिवानी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सुविधा शुरू करने की घोषणा।     – किकराल रोड हाईवे बाईपास, सिवानी में ओवरब्रिज का निर्माण करने की घोषणा।     – सिवानी के नागरिक अस्पताल में चार करोड़ रुपए की लागत से पोस्टमार्टम की सुविधा     – 12 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बहल बस स्टैंड का निर्माण।     – सिवानी नगरपालिका के लिए नए भवन का निर्माण।     – लोहारू विधानसभा क्षेत्र के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण एवं सड़क निर्माण विभाग की 391.25 किलोमीटर की 120 सड़कों की मरम्मत व मार्केटिंग बोर्ड की 141.68 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत।     – लोहारू विधानसभा के खेतों के 25 किलोमीटर के रास्तों को पक्का किया जाएगा।  

गोरखपुर पंचायत की पहल, सरपंच ने दान की जमीन पर बनाई आधुनिक चौपाल

 फतेहाबाद  बदलते दौर के साथ हरियाणा के ग्रामीण आंचल की तस्वीर तेजी से बदल रही है। विकास की इस बयार में अब गांवों की पारंपरिक चौपालें भी आधुनिक और हाईटेक रूप अख्तियार करने लगी हैं। कभी केवल पेड़ की छांव या साधारण कमरों तक सीमित रहने वाली ये चौपालें अब वातानुकूलित और इंटरनेट जैसी शहरी सुविधाओं से जगमगा रही हैं। जिले के कई गांवों में पंचायतों ने इन सामाजिक सरोकार के केंद्रों को शानदार तरीके से विकसित किया है, जो न केवल ग्रामीणों के बैठने का स्थान हैं, बल्कि उनके मनोरंजन और आपसी भाईचारे का मुख्य आधार बन चुकी हैं। इसी कड़ी में जिले के ऐतिहासिक गांव गोरखपुर की पंचायत ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। गांव के सरपंच मंदीप योगी ने बताया कि उनके गांव में कई चौपालें हैं, जिनमें से मुख्य चौपाल को पूरी तरह से आधुनिक रंग-रूप में ढाल दिया गया है। इस चौपाल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके निर्माण के लिए सरपंच ने अपनी निजी जमीन पंचायत को दान में दी है। इस नवनिर्मित चौपाल में ग्रामीणों के लिए इंटरनेट से लेकर एसी तक की वीआईपी व्यवस्था की गई है। यहां गांव के बुजुर्ग नियमित रूप से बैठते हैं। सरपंच का मानना है कि इस चौपाल में आकर आपसी चर्चा करने और ताश खेलने से बुजुर्गों का मानसिक तनाव दूर होता है और वे अकेलापन महसूस नहीं करते। सरपंच ने दान की जमीन, गोरखपुर में तैयार की हाईटेक चौपाल गांव गोरखपुर के सरपंच मंदीप योगी ने ग्रामीण विकास में व्यक्तिगत योगदान देते हुए खुद की जमीन पंचायत को दान कर दी, जिस पर अब सर्वसुविधायुक्त चौपाल खड़ी है। पंचायत अब गांव की अन्य चौपालों का कायाकल्प करने की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है ताकि हर वर्ग को इसका लाभ मिले। ग्रामीण परिवेश में चौपाल केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव का वह सार्वजनिक और लोकतांत्रिक मंच है जहां ग्रामीण संस्कृति धड़कती है। गांव पीलीमंदोरी में भी पंचायत ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया है। पीलीमंदोरी में चौपाल के साथ बना शानदार विश्राम गृह गांव पीलीमंदोरी के सरपंच धर्मवीर गोरछिया ने बताया कि पंचायत ने न सिर्फ चौपाल को आधुनिक बनाया है, बल्कि इसके साथ एक सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह का भी निर्माण करवाया है। चौपाल में जहां हवादार पंखे और बैठने की उत्तम व्यवस्था है, वहीं विश्राम गृह में तमाम आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे गांव में आने वाले आगंतुकों को ठहराने में आसानी होती है। सरपंच धर्मवीर गोरछिया का कहना है कि चौपाल गांव का ऐसा मुख्य केंद्र है जहां राजनीति की बिसात बिछती है, सामाजिक नुक्कड़ सभाएं होती हैं और पंचायती फैसले लिए जाते हैं। अब इन चौपालों के हाईटेक होने से ग्रामीण बेहद खुश हैं।  

हिसार में मुफ्त साइकिल योजना पर सवाल, 8 साल में 54% बढ़ी कीमत

हिसार  आठ साल पहले हरियाणा के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 6 के अनुसूचित वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क साइकिल योजना शुरू की। ताकि जिन बच्चों का घर से स्कूल की दूरी 2 या इससे अधिक किलोमीटर दूर है तो साइकिल चलाकर वह बच्चा स्कूल पहुंच सकें, जिससे वह पढ़ाई से वंचित न रह जाए। लेकिन उपरोक्त निशुल्क योजना अभिभावकों की जेबें खाली कर रही है। कारण है कि शिक्षा निदेशालय ने 8 साल से प्रदेश के बाजारों का कोई रिव्यू नहीं किया। जिस कारण 2018 से लेकर 2026 तक 20 व 22 इंची साइकिलों की कीमत 54 प्रतिशत बढ़कर 6 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। जोकि अभिभावकों को भरना पड़ता है। जबकि सरकार अभी तक पुराने नियमानुसार केवल 46 प्रतिशत पैसा ही अभिभावकों को दे रही है। जिस कारण अभिभावकों की जेब पर बोझ बढ़ता है। बता दें कि निशुल्क साइकिल योजना के तहत सरकार 20 इंच की साइकिल के 2800 रुपये व 22 इंच की साइकिल के तीन हजार रुपये ही दे रही है। बच्चों को पसंद आती है 4500 रुपये की साइकिलें हर साल सरकारी स्कूलों में लगने वाले निशुल्क साइकिल मेले में बच्चों को 4500 रुपये व इससे अधिक कीमत की साइकिलें पसंद आती है। जोकि लंबे समय तक चलने वाली भी होती है और गुणवत्तायुक्त भी होती है। लेकिन सरकार की ओर तय कीमत की साइकिलें न तो गुणवक्तायुक्त होती है और न ही लंबे समय तक चलने वाली होती है। जिस कारण न बच्चे और न ही अभिभावक तय कीमत की साइकिलों में रूचि दिखाते हैं। शिक्षा निदेशालय ने निशुल्क साइकिल योजना के तहत प्रदेश के समस्त डीईओ को कुल एक करोड़ रुपये अलाट कर दिए है। कुछ दिन में समस्त डीईओ को 5-5 लाख रुपये मिल जाएंगे। ताकि मेले के सफल आयोजना में तय राशि को खर्चा जा सकें। इसके लिए डीईओ को आदेश दिए है कि वे विज्ञापन सहित अन्य प्रक्रियाएं शुरू कर दें। ताकि समय रहते मेला लगाया जा सकें। मेले में खाने-पीने का खर्चा कौन उठाएगा निशुल्क साइकिल योजना के तहत लगने वाले मेले में दूर-दराज से आए बच्चों व शिक्षकों के लिए रिफ्रेशमेंट उपलब्ध करवाया जाता है।जिसका पैसा सरकार बाद में जारी करती है। जिस कारण बड़ा सवाल रहेगा कि बीते साल की तरह इस साल भी रिफ्रेशमेंट का खर्चा कौन उठाएगा। हिसार के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने कहा कि मैंने अभी डीईईओ पद पर ज्वाइन किया है। मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।  

झज्जर में विकास को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री सैनी ने करोड़ों की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

झज्जर  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झज्जर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने भारत माता के अमर सपूत और महान योद्धा महाराणा प्रताप जी की जयंती के पावन अवसर पर उनके नाम पर स्थापित महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय के अति आधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र सहित कुल 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन सभी परियोजनाओं पर कुल 75 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत आई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत प्रेरणादायक, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है। शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी संकल्प की शक्ति को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं इस इलाके में कृषि एवं बागवानी विकास के साथ-साथ शिक्षा और जन सुविधाओं के एक नए अध्याय का शुभारंभ करेंगी। बागवानी और अनुसंधान क्षेत्र में बड़े कदम मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 दिसंबर 2024 को महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के मुख्य कैंपस का शिलान्यास किया गया था। इसी विश्वविद्यालय द्वारा अब झज्जर के रइया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 13 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से आधुनिक अनुसंधान केंद्र शुरू किया गया है। यह केंद्र झज्जर के साथ-साथ पूरे हरियाणा के किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इस केंद्र में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहाँ फल, सब्जी और पुष्प फसलों की उन्नत किस्मों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले इस विश्वविद्यालय द्वारा जींद, अंबाला, सोनीपत और करनाल में बागवानी अनुसंधान केंद्र खोले जा चुके हैं, जबकि चरखी दादरी में अनुसंधान केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके अलावा, आज मुनीमपुर में पुष्प उत्पादन एवं बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। कृषि विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय की मांग है कि हम हरित क्रांति से आगे बढ़कर 'वैल्यू क्रांति' और 'हॉर्टिकल्चर क्रांति' की ओर कदम बढ़ाएं। हमारी डबल इंजन सरकार कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम कर रही है। पिछले साढ़े 11 वर्षों में प्रदेश के भीतर बागवानी क्षेत्र का उल्लेखनीय विस्तार किया गया है और इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य में इजराइल तकनीक पर आधारित 14 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। आज प्रदेश के किसान सब्जी व फल उत्पादन, मधुमक्खी पालन और फूलों की खेती में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक 'एग्री बिजनेस' बन चुकी है। हमें कृषि चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सामूहिक प्रयासों से करना होगा, और यह अनुसंधान केंद्र उसी संकल्प का प्रतीक है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में 2000 एकड़ के क्लस्टर पर 'स्मार्ट एग्रीकल्चर' के नाम से प्राकृतिक खेती शुरू की जाएगी। इसके साथ ही मोरनी ब्लॉक को भी प्राकृतिक व जैविक ब्लॉक के रूप में विकसित किया जा रहा है। बादली विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़े ऐलान स्वास्थ्य व खेल: बादली उपमंडल में 50 बेड के अस्पताल का निर्माण करवाया जाएगा। वहीं, भिंडावास स्टेडियम को 'आदर्श स्टेडियम' का दर्जा दिया जाएगा, जहाँ चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। सड़कें और बुनियादी ढांचा: बादली विधानसभा क्षेत्र में 70 किलोमीटर लंबी 31 सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों का भी कायाकल्प होगा। माछरौली में बीडीपीओ भवन का निर्माण करवाया जाएगा। महाग्राम योजना और विकास ग्रांट: महाग्राम योजना के तहत बादली गांव में 50 करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन और 13 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल आपूर्ति का कार्य करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने बादली गांव के विकास कार्यों के लिए अलग से 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।