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स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती, हरियाणा में 24 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति

चंडीगढ़. चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग शहरों में 24 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की है। इनमें बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट शामिल हैं। रेवाड़ी को सबसे अधिक चार डॉक्टर मिले हैं जिनमें मेडिसिन और स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र और सोनीपत को 3-3, अंबाला, पानीपत, करनाल, फरीदाबाद व पलवल में दो-दो और पंचकूला, दादरी व सिरसा में एक-एक डॉक्टरों की तैनाती की गई है। सबसे ज्यादा 12 स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती हुई है जिससे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए एनएचएम के माध्यम से भर्ती करने का फैसला किया था। राज्य में करीब 195 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं। इन सभी पदों को एनएचएम के माध्यम से भरा जाना है। इन पदों पर इंटरव्यू भी समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे। एमबीबीएस व डिप्लोमा वाले डॉक्टरों को एक लाख व एमडी-डीएनबी वाले विशेषज्ञ को डेढ़ लाख रुपये वेतन मिलेगा। नूंह में तैनाती पर 50 हजार अतिरिक्त मिलेंगे।

दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर गरमाई सियासत, शिक्षा मंत्री बोले- सैनी सरकार अपराधियों पर करती है तुरंत कार्रवाई

पानीपत. हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने गुरुवार को पानीपत में जनता दरबार लगाकर आमजन की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने न केवल जन शिकायतों का मौके पर निपटारा किया, बल्कि मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखे राजनीतिक बाण भी छोड़े। ढांडा ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था और बंगाल चुनाव के परिणामों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। अगले 24 घंटे में सलाखों के पीछे होता है अपराधी हाल ही में कांग्रेसी नेता सचिन कुंडू को मिली रंगदारी की धमकी के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सरकार पर किए गए हमलों का जवाब देते हुए महिपाल ढांडा ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता यह कभी नहीं बताएंगे कि आज नायब सिंह सैनी की सरकार में अगर कोई अपराधी फोन पर धमकी देने का दुस्साहस करता है, तो वह अगले 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे होता है। विपक्ष पर जमकर साधा निशाना ढांडा ने कहा, कांग्रेस के लोगों को सिर्फ झूठ की राजनीति करनी आती है। वे गलत आंकड़ें पेश कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि हरियाणा पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस और उसके गठबंधन के लोगों ने गुंडागर्दी और डरा-धमका कर सत्ता हथियाने का काम किया है, जिससे हमेशा जनता का ही नुकसान हुआ है। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, बंगाल में ममता सरकार ने हमेशा नृशंस हत्याएं करवाई हैं। वहां बहन-बेटियों की इज्जत को सड़कों पर नीलाम किया गया है। झूठे वादे कर जनता को छला गया और गैंग बनाकर लोगों को भय के साये में जीने पर मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर बेइंतहा अत्याचार किए गए, लेकिन अब वहां की जनता जागरूक हो रही है और बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राजनीतिक बयानों से इतर, महिपाल ढांडा ने जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने बिजली, पानी, सड़क और पुलिस प्रशासन से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। ढांडा ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम व्यक्ति का उदय है और किसी भी आम नागरिक को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर नहीं होने दिया जाएगा।

NeoLiv Golf One की धमाकेदार एंट्री, लॉन्च होते ही पूरा प्रोजेक्ट हुआ सोल्ड आउट

फरीदाबाद  फरीदाबाद ने प्रॉपर्टी धमाका कर गुड़गांव और नोएडा को भी पछाड़ दिया है. यहां गोल्फ थीम वाली लग्जरी प्लॉटेड टाउनशिप में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है. जहां लांचिंग के महज 6 घंटे के भीतर ही 1251 करोड़ रुपये की कीमत के प्लॉट हाथों-हाथ बिक गए. यह कारनामा एनसीआर में गोल्फ थीम वाले लग्जरी प्लॉट काटने वाली कंपनी नियोलिव ने किया है. बता दें कि फरीदाबाद में नियोलिव गोल्फ वन (NeoLiv Golf One) नाम की टाउनशिप के लांच होते ही पूरा प्रोजेक्ट बिक गया. सिर्फ 6 घंटों के अंदर 1,251 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई. इस प्रोजेक्ट को देश के बड़े निवेशकों, हाई नेटवर्थ खरीदारों (HNI) और एनआरआई ग्राहकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसके चलते इसकी सभी यूनिट्स बेहद कम समय में बिक गईं. कैसा है यह प्रोजेक्ट, क्या है खास? करीब 47 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 181 से 388 वर्ग गज तक के प्रीमियम रेजिडेंशियल प्लॉट्स उपलब्ध हैं. इसकी खास थीम गोल्फ ग्रीन्स पर आधारित है, जो इसे एक लग्जरी और आधुनिक टाउनशिप का रूप देती है. फरीदाबाद के सेक्टर 98 और 99A में स्थित यह प्रोजेक्ट एनसीआर की सबसे बड़ी और शानदार प्लॉटेड टाउनशिप्स बताया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में प्लॉट्स की कीमत लगभग 2,37,436 रुपये प्रति वर्ग मीटर यानी करीब 2 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र के रियल एस्टेट बाजार में एक नया रिकॉर्ड और बड़ा मानक माना जा रहा है. कैसे अलग हैं इसके प्लॉट नियोलिव की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि इस रिकॉर्ड तोड़ सफलता के पीछे सबसे बड़ी वजह एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जो एनसीआर के प्लॉटेड सेगमेंट में मौजूद अन्य प्रोजेक्ट्स से बिल्कुल अलग है. ‘नियोलिव गोल्फ वन’ को एक खास गोल्फ-लिविंग टाउनशिप के रूप में विकसित किया गया है. इसे सिर्फ गोल्फ कोर्स के पास नहीं, बल्कि पूरे गोल्फ लैंडस्केप को केंद्र में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे लोगों को प्रीमियम और अलग तरह का रहने का अनुभव मिल सके. भारत में 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम करने से मिले अनुभव का फायदा इस प्रोजेक्ट में साफ दिखाई देता है. नियोलिव ने बेहतर डिजाइन, मजबूत मास्टर प्लानिंग और लोगों को लंबे समय तक रहने का शानदार अनुभव देने पर विशेष ध्यान दिया है. यह प्रोजेक्ट केवल कीमत या लोकेशन के कारण नहीं, बल्कि अपनी बेहतरीन सोच और प्रीमियम विजन की वजह से लोगों को पसंद आया है. खरीदार इसे एक खास और लंबे समय तक मूल्य देने वाले अवसर के रूप में देख रहे हैं. इसे लेकर नियोलिव (NeoLiv) के फाउंडर और सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा, ‘नियोलिव गोल्फ वन को मिली इस जबरदस्त प्रतिक्रिया से हम बेहद सम्मानित और उत्साहित महसूस कर रहे हैं. भारत के अब तक के सबसे बड़े प्लॉटेड लॉन्च का मात्र छह घंटों में पूरी तरह बिक जाना सिर्फ एक सेल्स उपलब्धि नहीं, बल्कि नियोलिव की प्रोडक्ट सोच और विजन पर लोगों के मजबूत भरोसे का प्रमाण है. हमारा हमेशा से मानना रहा है कि अच्छी योजना और अलग पहचान वाले प्रोजेक्ट हर तरह के बाजार में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, और इसी विश्वास ने पहले दिन से इस गोल्फ-ग्रीन्स टाउनशिप को आकार दिया.’ फरीदाबाद बनता जा रहा प्रॉपर्टी का केंद्र दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद फरीदाबाद एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे माइक्रो-मार्केट्स में शामिल हो गया है. शहर में प्रीमियम प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स की मांग में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. इस ग्रोथ को मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिसमें अमृता अस्पताल जैसी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं.  

चंडीगढ़ पुलिस ने गैंगस्टर मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, नाबालिग को काउंसलिंग की सलाह

चंडीगढ़  चंडीगढ़ पुलिस ने एक बड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए हत्या की साजिश को नाकाम किया और 12वीं कक्षा के छात्र को पकड़ा. 12वीं कक्षा के छात्र को गैंगस्टरों के लिए तरन तारन के पट्टी इलाके में हत्या करने का काम दिया गया था. हालांकि माता-पिता को नाबालिग को सौंप दिया गया है और काउंसलिंग की सलाह दी गई है. जानकारी के अनुसार, 12वीं कक्षा के छात्र गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था और करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका. उसी दौरान उसके परिवार ने स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज करवाई थी. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गैंगस्टरों ने उसे अमरकोट बस स्टैंड के पास एक डॉक्टर की दुकान पर फायरिंग करने के लिए कहा था, लेकिन हथियार चलाने का अनुभव न होने के कारण उसने मना कर दिया. बाद में यही वारदात गैंग के अन्य सदस्यों लव भट्टी और अमन शर्मा ने अंजाम दी. करीब 20 दिन बाद नाबालिग वापस घर लौट आया था. चंडीगढ़ पुलिस ने 12वीं कक्षा के छात्र को किस अपराध की साजिश में पकड़ा?     Aहत्या की साजिश     Bचोरी की योजना     Cनशीले पदार्थों की तस्करी     Dअपहरण की कोशिश पुलिस के मुताबिक हाल ही में गैंगस्टरों ने उसे फिर से एक्टिव किया और पट्टी पहुंचकर एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या करने का आदेश दिया. इसके लिए वह चंडीगढ़ में किसी दूसरे व्यक्ति की आईडी पर फर्जी सिम लेने की कोशिश कर रहा था. गैंगस्टर समय-समय पर उसे पैसे भी भेज रहे थे और अब उस पर लगातार दबाव और धमकियां डाल रहे थे. फिलहाल नाबालिग को उसके माता-पिता के हवाले कर काउंसलिंग की सलाह दी गई है. अभी छात्र का रिजल्ट आना बाकी है पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग सीधे तौर पर कुख्यात गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था. दोनों गैंगस्टर विदेश में बैठकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़ रहे थे.12वीं कक्षा का छात्र है और उसका रिजल्ट अभी आना बाकी है. करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई. मारपीट का भी बदला लेना चाहता था पूछताछ में पता चला कि इलाके में कुछ युवकों की ओर से मारपीट किए जाने के बाद नाबालिग बदला लेना चाहता था. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर गैंगस्टरों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका.  इतना ही नहीं, उसे फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर नए लड़कों की भर्ती करने का काम भी सौंपा गया था. चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को काबू कर लिया, जिससे एक संभावित गैंगवार और हत्या की वारदात टल गई.

राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी, अब 5G टेक्नोलॉजी से आसान होगा अनाज वितरण

मोहाली. हरियाणा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश के राशन डिपो पर लाभार्थियों को 2-जी मशीनों से राशन बंद कर 5-जी आधारित नई मशीनों के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का दावा है कि नई तकनीक से राशन वितरण प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी होगी। इस बारे में आल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी ने कहा कि प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से पुरानी ई-पॉस मशीनों को हटाकर नई 5-जी सक्षम मशीनें लगाई जा रही हैं। इन मशीनों का फायदा यह रहेगा कि इनमें तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी, बेहतर बायोमेट्रिक सिस्टम और रियल टाइम डाटा अपडेट जैसी सुविधाएं होंगी। जिससे नेटवर्क की समस्या कम होगी और उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों में इंतजार करने से मुक्ति मिल जाएगी। सोढ़ी ने राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे नई मशीनों के डिपो तक पहुंचने की प्रक्रिया के दौरान धैर्य रखें और मुनादी या आधिकारिक सूचना के बाद ही राशन लेने पहुंचें। यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में विभाग का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बता दें कि पिछले 9 वर्षों से उपयोग हो रही 2-जी मशीनें तकनीकी रूप से पुरानी भी थीं और उनसे डिपो पर अक्सर भीड़ और अव्यवस्था का माहौल रहता था। नई 5-जी तकनीक से अब अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) और डेटा प्रोसेसिंग की गति कई गुना बढ़ जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के राशन मिल सकेगा।

आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदी युवती, रीढ़ और पैर में फ्रैक्चर

हिसार  हरियाणा के हिसार के रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित चार मंजिला होटल डिजायर में बुधवार शाम को भीषण आग लग गई. इस दौरान होटल के पीछे बनी कमर्शियल बिल्डिंग में मौजूद एक बैंकर युवती ने आग की लपटें और धुआं देखकर घबराहट में दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी. घटना का वीडियो अब सामने आया है. वीडियो में दिख रहा है कि नीचे खड़े लोग युवती को बचाने के लिए कंबल फैलाकर खड़े हैं, लेकिन जैसे ही युवती छलांग लगाती है, आग और अफरा-तफरी के बीच लोगों के हाथ से कंबल छूट जाता है. इसके बावजूद युवती की जान बच गई, हालांकि नीचे गिरने से उसके रीढ़ और पैर में फ्रैक्चर हो गया. इसी दौरान होटल की दीवार से ईंट गिरने से एक महिला भी घायल हो गई. ईंट महिला के सिर पर लगी, जिससे उसे चोट आई. बताया जा रहा है कि होटल में लगी आग तेजी से फैल गई थी. आग के कारण होटल में लगे करीब 5 एसी फट गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. होटल स्टाफ ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. वहीं होटल की पार्किंग में खड़े कई वाहन भी आग की चपेट में आ गए. बाद में लोगों ने मौके पर पहुंचकर गाड़ियों को वहां से हटाया. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. लड़की के कूदने का वीडियो आया सामने गौर रह कि होटल की दूसरी मंजिल की खिड़की से कूदी, जिसका वीडियो सामने आया है. नीचे काफी संख्या में लोग कंबल लेकर खड़े थे और इस दौरान जैसी ही युवती कूदी तो कंबल में उसे लोगों ने थाम लिया. हालांकि, जमीन पर पैर लगने से चोट लग गई, लेकिन जान बच गई.युवती की पहचान नेहा के रूप में हुई है, जो कि 23 साल की है और इसी बिल्डिंग में एक दफ्तर में काम करती थी. दफ्तर की सीढ़ियों तक आग पहुंच गई थी और ऐसे में युवती ने छलांग लगाकर ही जान बचाने की सोची. युवती की स्पाइन में भी चोट लगी है और अस्पताल में उसे भर्ती करवाया गया है.

हरियाणा के शिक्षा मॉडल का दिखा असर, झज्जर स्कूलों को देखकर विदेशी प्रतिनिधिमंडल हुआ प्रभावित

झज्जर. हरियाणा में ''निपुण मिशन'' के सफल क्रियान्वयन ने अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। स्थानीय शिक्षा प्रणाली, विशेषकर बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की प्रगति को समझने के लिए आज एक दस सदस्यीय विदेशी प्रतिनिधिमंडल झज्जर पहुंचा। इस टीम ने जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन किया और यहां के सकारात्मक बदलावों की सराहना की। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने बहादुरगढ़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बालोर तथा राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय, नूना माजरा का दौरा किया। प्रतिनिधि मंडल में तंजानिया से सिमोन गेरवास व डोरीन क्रिस्टोफर, दक्षिण अफ्रीका से सिमोनी गेयर, ब्रिटिश काउंसिल से रचेल हिल्टन, रवांडा से पौलींन इंक्वाबेयर और कुवस्ते आगस्टीन सहित निपुण सेल से करण सभरवाल व अंजलि जैसे विशेषज्ञ शामिल थे। स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया। कक्षाओं में संवाद और नवाचार का अवलोकन प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कक्षाओं में जाकर शिक्षकों की शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को देखा। उन्होंने शिक्षकों को दी गई ''शिक्षण-अधिगम सामग्री'' , प्रिंट-रिच वातावरण और कक्षा रेडीनेस कार्यक्रम के साथ-साथ नवाचारों का भी जायजा लिया। विदेशी प्रतिनिधियों ने न केवल बच्चों से बातचीत की, बल्कि मिड-डे मील की व्यवस्था, स्वच्छता और पोषण मानकों का भी अवलोकन किया। विश्वस्तरीय माडल के रूप में उभरा निपुण मिशन प्रतिनिधिमंडल ने अपने देशों की शैक्षिक पद्धतियों के साथ तुलना करते हुए हरियाणा के निपुण मिशन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। सदस्यों ने कहा कि कक्षाओं में बच्चों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों का समर्पण अनुकरणीय है। उन्होंने एकमत होकर माना कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में हो रहे यह कार्य अन्य देशों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रितेन्द्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक और जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया ने इस दौरे को जिले के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता शिक्षकों और बच्चों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस अवसर पर डाइट प्राचार्य अनिल श्योराण, डीपीसी अनिल शर्मा, सीएमजीजीए खुशी, प्राचार्य पूनम व बलजीत सहित मेंटर प्रिया, ज्योति, सुमन सहवाग, मंजू और सुमन कुमारी आदि उपस्थित रहे।

नगर परिषद की कार्रवाई से हंगामा, दुकानदारों ने मुआवजे की मांग की

अंबाला  सेवा समिति स्कूल के नजदीक सरकारी नाले पर करीब छह माह पहले अवैध रूप से बनाए गए 22 खोखे नगर परिषद की टीम ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। इस कार्रवाई का खोखा संचालकों ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि एक-एक लाख रुपये खर्च करके इन खोखों को बनवाया था। जब खोखे तैयार हो गए और उन्होंने काम-धंधा शुरू कर दिया तो अब नगर परिषद की टीम ने बिना पूर्व सूचना के इन्हें तोड़ दिया। यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में हुई। कार्रवाई से आक्रोशित दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर करीब 22 लाख रुपये की लागत से ये खोखे तैयार किए थे। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब इन खोखों का निर्माण हो रहा था तब अधिकारी क्यों सोए थे और जबकि इसकी शिकायत भी उनके पास पहुंची थी लेकिन अब सारा पैसा लग गया और व्यापार शुरू हुआ तो उन्हें बेघर कर दिया गया। कर्ज लेकर बनाया था हमने कर्ज लेकर रोजगार का जुगाड़ किया था। प्रशासन ने बिना किसी ठोस विकल्प के हमारी रोजी-रोटी छीन ली है। अब हम अपने बच्चों का पेट कैसे भरेंगे। हमारे इन खोखों से किसी के आवागमन में कोई बाधा नहीं थी। कुछ लोगों ने सड़क पर रेहड़ी खड़ी करके कब्जा किया हुआ है। -सौरभ कुमार सबकुछ खत्म हो गया 50 साल से यहां तहबाजारी के तहत काम कर रहे हैं। नगर परिषद को किराया भी देते आए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि जिस प्रकार अन्य तहबाजारी की दुकानों का लोगों को मालिकाना हक मिला है। ऐसी सौगात उन्हें भी मिलेगी लेकिन आज सबकुछ खत्म हो गया। -गगनदीप सिंह। कैसे पालेंगे परिवार यह धक्काशाही है। गरीब के साथ हमेशा ऐसा होता आया है। पहले उन्हें यहां बसाने के निर्देश दिए गए और अब एकदम से उनकी दुकानों को तोड़ दिया गया है। ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे, समझ नहीं आ रहा। -प्रदीप कुमार प्रशासन ने कहा- बिना अनुमति हुआ था निर्माण दूसरी ओर, नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये खोखे सरकारी नाले के ऊपर बिना किसी अनुमति के रखे गए थे। नाले पर अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित हो रही थी। इससे आगामी मानसून में शहर में जलभराव का खतरा पैदा हो सकता था। अधिकारियों के मुताबिक, दुकानदारों को पहले चेतावनी दी गई थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सरकारी नाले पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। जब मौके पर जाकर जांच की गई तो हालात कुछ और नजर आए इसलिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध खोखों को हटा दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर किसी ने दोबारा कब्जे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर,अंबाला

विदेश में फंसे युवाओं के लिए राहत योजना, विशेष सहायता कोष बनाने की तैयारी

चंडीगढ़ विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में गए हरियाणा के युवाओं की मौतों और उनके परिवारों की बेबसी के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सहायता कोष बनाने का फैसला किया है। हाल के महीनों में सामने आए दर्दनाक मामलों खासकर यूक्रेन-रूस युद्ध में फंसे युवाओं ने इस जरूरत को और अधिक गंभीर बना दिया है, जहां परिवारों को शव वापस लाने के लिए महीनों इंतजार और भारी खर्च उठाना पड़ रहा है। हरियाणा विदेश सहयोग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकार ऐसी नीति तैयार कर रही है, जिसमें सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और शर्तें स्पष्ट होंगी। प्रस्तावित नीति के तहत केवल वैध वीजा पर विदेश गए लोगों को ही कवर किया जाएगा। सरकार न सिर्फ आर्थिक मदद देगी, बल्कि विदेशों में फंसे लोगों और उनके परिजनों को तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी। इसके लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों के साथ समन्वय कर शवों को भारत लाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि विदेश में दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में परिवारों को भारी आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। रूस से शव लाने में ही 20 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जो कई परिवारों के लिए काफी मुश्किल होता है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महीने ही रूस से हरियाणा के चार युवाओं के शव लाए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इसे लेकर काफी चिंता जता चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर इस मामले में कोई नीति बनाने को कहा था। इस पर अधिकारियों ने अपना प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब जल्द ही उच्च अधिकारी इसमें निर्णय लेंगे। इस संबंध में जल्द ही बैठक होने वाली है।  

हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा बढ़ाने की मांग खारिज

चंडीगढ़. हरियाणा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा में बने रहने की राहत देने वाले पुराने नियम पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 3 फरवरी 2026 से लागू संशोधित नियमों के बाद कोई भी कर्मचारी 58 वर्ष से आगे सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने इस संबंध में दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। मामले में श्याम लाल शर्मा व अन्य ने याचिकाएं दायर कर कहा था कि वे गंभीर दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं और पहले से लागू हरियाणा सिविल सेवा (जनरल) नियम, 2016 के नियम 143 के तहत उन्हें 60 वर्ष तक सेवा विस्तार दिया जा चुका था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार ने 3 फरवरी 2026 को नियमों में संशोधन कर दिव्यांग कर्मचारियों को इस लाभ से बाहर कर दिया, लेकिन यह संशोधन पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। उनका तर्क था कि एक बार सेवा विस्तार आदेश जारी होने के बाद उनका अधिकार “क्रिस्टलाइज” हो चुका था, जिसे बाद में छीना नहीं जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी? याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी कि संशोधित अधिसूचना में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू किया जाएगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अर्जित अधिकारों को बाद में नियम बदलकर समाप्त नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार ने केवल दिव्यांग कर्मचारियों को ही लाभ से बाहर किया, जबकि ग्रुप-डी कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को अब भी 60 वर्ष तक सेवा का लाभ दिया जा रहा है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। वहीं, हरियाणा सरकार और बिजली निगमों की ओर से कहा गया कि इसी मुद्दे पर पहले ही डिवीजन बेंच “रजनीश कुमार बनाम हरियाणा सरकार” मामले में फैसला दे चुकी है, जिसमें साफ कहा गया था कि 3 फरवरी 2026 के बाद कोई भी मौजूद कर्मचारी 60 वर्ष तक सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता। सरकार ने तर्क दिया कि सेवानिवृत्ति आयु सेवा शर्तों का हिस्सा है और राज्य को इसे बदलने का अधिकार है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डिवीजन बेंच पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि संशोधित नियम मौजूदा कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। अदालत ने कहा कि न्यायिक अनुशासन की मांग है कि पहले दिए गए डिवीजन बेंच के फैसले का समान रूप से पालन किया जाए। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की सभी दलीलों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं।