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सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के 5 साल बाद देश को मिलेगी पहली NDA-प्रशिक्षित महिला फाइटर पायलट

चंडीगढ़  भारतीय सैन्य इतिहास में 13 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। वर्ष 2021 में महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश देने संबंधी ऐतिहासिक फैसले के पांच वर्ष बाद देश को एनडीए रूट से पहली महिला फाइटर पायलट मिलने जा रही है। चरखी दादरी जिले के गांव छपार की बेटी ईशिता सांगवान आज भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में स्थायी कमीशन प्राप्त कर नया इतिहास रचेंगी। हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी डुंडीगल में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान ईशिता को स्थायी कमीशन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही वह एनडीए के पहले महिला बैच से फाइटर पायलट बनने वाली देश की पहली अधिकारी बन जाएंगी। देशभर में थीं केवल दो सीटें,पहली महिला फाइटर पायलट बनेंगी ईशिता ईशिता की सफलता उनकी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी है। वर्ष 2021 में जब महिलाओं के लिए एनडीए के द्वार खुले, तब वह 12वीं कक्षा की छात्रा थीं। पिता से इस अवसर की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने फाइटर पायलट बनने का लक्ष्य तय कर लिया। राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में केवल दो सीटें उपलब्ध थीं। ईशिता ने लिखित परीक्षा और एसएसबी साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ फाइटर पायलट बनने के लिए अनिवार्य कंप्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली (सीपीएसएस) परीक्षा भी पहली ही कोशिश में उत्तीर्ण कर ली। खड़कवासला से डुंडीगल तक तय किया गौरवपूर्ण सफर पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में तीन वर्ष की कठिन सैन्य प्रशिक्षण अवधि के दौरान ईशिता ने हर चुनौती का सामना किया। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स अकादमी, डुंडीगल में उन्नत उड़ान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। पासिंग आउट परेड के बाद वह भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम का हिस्सा बनकर देश की वायु सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगी। ईशिता एक शिक्षित परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता चरण सिंह सांगवान विद्यालय प्राचार्य हैं, जबकि माता अनीता सांगवान शिक्षिका हैं। परिवार के अनुसार उनकी सफलता में स्वर्गीय दादी लिछमा देवी के आशीर्वाद और परिवार के निरंतर सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जुड़वां बहन आस्था एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि भाई आर्यन पुणे से बीटेक कर रहे हैं। ईशिता सांगवान की यह उपलब्धि न केवल चरखी दादरी और हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह बदलते भारत की उस नई तस्वीर को भी रेखांकित करती है, जहां बेटियां अब हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और आसमान भी उनकी उड़ान को सीमित नहीं कर पा रहा।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट राहत: श्रीलंका ऑपरेशन पवन सैनिक को पूर्ण पेंशन लाभ

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने ऑपरेशन पवन के दौरान श्रीलंका में तैनात एक सैनिक को बड़ी राहत देते हुए सशस्त्र बल अधिकरण (एएफटी) के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें सैनिक को सामान्य विकलांगता पेंशन के बजाय वॉर इंजरी पेंशन देने और उसकी 50 प्रतिशत विकलांगता को 75 प्रतिशत मानकर पेंशन का लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऑपरेशनल एरिया में आतंकवादियों की तलाश के दौरान लगी चोट को सैन्य सेवा से असंबद्ध नहीं माना जा सकता। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मनचंदा की खंडपीठ केंद्र सरकार द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। केंद्र सरकार ने एएफटी के 29 मार्च 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। मामला भारतीय सेना की पैरा रेजीमेंट में तैनात रहे नायक नाहर सिंह से जुड़ा है जो ऑपरेशन पवन के दौरान श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के हिस्से के रूप में तैनात थे।केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सैनिक की बाईं आंख में लगी चोट पेड़ों की झाड़ियों और शाखाओं के टकराने से हुई थी। सरकार का तर्क था कि सैनिक को डयूटी के दौरान अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी, इसलिए इस चोट को युद्धजनित या सैन्य सेवा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी चोट नहीं माना जा सकता। हाई कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार एक ऐसे सैनिक की चोट को सैन्य सेवा से जोड़ने से इंकार कर रही है, जो ऑपरेशनल एरिया के जंगलों में आतंकवादियों की तलाश कर रहा था। अदालत ने कहा कि सैनिक को “परफोरेटिंग इंजरी लेफ्ट आई” नामक गंभीर चोट उसी दौरान लगी, जब वह सरकार के आदेश पर ऑपरेशन पवन के तहत सैन्य दायित्व निभा रहा था। ऐसे में यह चोट न केवल सैन्य सेवा से संबंधित है, बल्कि वास्तविक सैन्य कर्तव्य के निर्वहन के दौरान हुई है।खंडपीठ ने केंद्र सरकार की 31 जनवरी 2001 की नीति का हवाला देते हुए कहा कि सरकार द्वारा अधिसूचित विशेष सैन्य अभियानों के दौरान होने वाली मृत्यु या विकलांगता श्रेणी-ई के अंतर्गत आती है और ऐसे मामलों में वॉर इंजरी पेंशन देय होती है। कोर्ट ने एएफटी के फैसले को सही ठहराया ऑपरेशन पवन इसी श्रेणी में शामिल है।अदालत ने विकलांगता के प्रतिशत को 50 से बढ़ाकर 75 प्रतिशत मानने के एएफटी के फैसले को भी सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि नाहर सिंह भर्ती के समय पूरी तरह स्वस्थ थे और सेवा के दौरान ही उन्हें यह विकलांगता हुई, इसलिए वॉर इंजरी पेंशन तथा 75 प्रतिशत विकलांगता के आधार पर लाभ देने में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है। परिणामस्वरूप केंद्र सरकार की याचिका खारिज कर दी गई।  

भारतीय चिकित्सा परिषद हरियाणा चुनाव अपडेट: 11 हजार चिकित्सक डालेंगे वोट

 कुरुक्षेत्र  भारतीय चिकित्सा परिषद हरियाणा चुनाव की प्रक्रिया जहां बंद हुई थी, वहीं से अब दोबारा शुरू हो गई। पानीपत के जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राज कपूर को चुनाव करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर बनाया। चुनाव में प्रदेशभर के 11 हजार से ज्यादा आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथी और सिद्धा चिकित्सक अपने मत का प्रयोग करेंगे। डॉ. कपूर ने दैनिक जागरण को बताया कि पहले इस प्रक्रिया में 15 अक्टूबर 2024 तक के पंजीकृत चिकित्सक भाग ले रहे थे, जिसे अब अपडेट कर 15 अक्टूबर 2025 तक के चिकित्सकों को भी इसमें शामिल किया है। ऐसे में सात सदस्यों के चुनाव के लिए प्रदेश के जिन 20 चिकित्सकों ने नामांकन भरा था वह तो इसमें बने ही रहेंगे। साथ ही जो नए पंजीकृत चिकित्सक हैं, उन्हें भी नामांकन करने का मौका दिया जाएगा। इसकी रूपरेखा बनाकर अतिरिक्त मुख्य सचिव आयुष विभाग को भेज दी है, जहां से स्वीकृति मिलते ही इसे पुन: शुरू कर दिया जाएगा। 21 जून के बाद चुनाव की प्रक्रिया जोर पकड़ लेगी। भारतीय चिकित्सा परिषद हरियाणा की कार्यकारिणी में सात सदस्य एक चेयरमैन और एक वाइस चेयरमैन बनता है। सरकार की ओर से चेयरमैन को नामिनेट किया जाता है। परिषद का चुनाव हर पांच साल में होना चाहिए लेकिन कोरोना के चलते 2020-21 में यह चुनाव नहीं हो पाया था। अब यह चुनाव 12 साल बाद होगा। फरवरी में प्रशासनिक कारणों से चुनाव कर दिए थे स्थगित गौर हो कि भारतीय चिकित्सा परिषद हरियाणा के सात सदस्यों को चुनने की चुनाव प्रक्रिया इसी साल जनवरी में शुरू हो गई थी। मगर प्रशासनिक कारणों के चलते इस प्रक्रिया को फरवरी में रोक दिया था, जबकि उस दौरान नामांकन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी। पहले परिषद के तत्कालीन चेयरमैन डॉ. दिनेश अग्रवाल की अध्यक्षता में यह प्रक्रिया चल रही थी। अब उनकी जगह रिटर्निंग आफिसर डॉ. राज कपूर को बनाया गया है। नई कार्यकारिणी से मिलेगा नया बल: डॉ. शुभम गर्ग आयुर्वेदिक चिकित्सक डाक्टर शुभम गर्ग ने कहा कि नई कार्यकारिणी चुनकर परिषद में जाएगी इससे आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बल मिलेगा। साथ ही पंजीकृत चिकित्सकों के लिए नई नीतियां बन पाएंगी, जिससे चिकित्सकों को फायदा मिलेगा। 21 जून के बाद चुनाव की प्रक्रिया तेज होगी: डॉ. राज जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाक्टर राज कपूर ने बताया कि 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बाद चुनाव की प्रक्रिया तेज होगी। जिला आयुर्वेदिक अधिकारियों को चुनाव के नोटिस को बोर्ड पर प्रदर्शित करने के लिए पत्र भेजा गया है।  

CBI ने कसी शिकंजा: IDFC बैंक घोटाले में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, हरियाणा-चंडीगढ़ कनेक्शन

चंडीगढ़  केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के फंड के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई की। सीबीआई ने सरकारी अधिकारियों और आईडीएफसी बैंक के कर्मचारियों सहित कुल 9 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालतों में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। सीबीआई अधिकारी ने बताया कि हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में अवैध बैंक लेन-देन के कारण लगभग 504 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, जबकि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े मामले में करीब 153 करोड़ रुपए की हानि हुई। सीबीआई ने यह भी कहा कि इन मामलों में आगे और भी चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं। चार्जशीट में क्या? सीबीआई के बयान में कहा गया है कि चार्जशीट में आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई ने बताया कि हरियाणा सरकार से जुड़े मामले की चार्जशीट पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में दाखिल की गई है। इस मामले में दो निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है, जिन्हें कथित अपराध से प्राप्त धन का लाभार्थी बताया गया है। सीबीआई की यह दूसरी चार्जशीट यह हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में दूसरी चार्जशीट है। इससे पहले सीबीआई 15 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें तीन सरकारी कर्मचारी, छह बैंक अधिकारी, दो कंपनियां और चार निजी व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई ने बताया कि चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) से जुड़े मामले की चार्जशीट चंडीगढ़ स्थित सीबीआई विशेष अदालत में दाखिल की गई है। इस मामले में कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें पांच बैंक अधिकारी, सीएससीएल का एक अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। यह इस मामले में पहली चार्जशीट है। सीबीआई ने की थी छह स्थानों पर छापेमारी सीबीआई ने हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से आठ विभागों से जुड़े एक मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इसके अलावा, चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन से चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट चंडीगढ़ से जुड़े दो मामलों की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई थी। पिछले सप्ताह सीबीआई ने इन दोनों मामलों के सिलसिले में चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में छह स्थानों पर छापेमारी की थी। किनके ठिकानों पर तलाशी? जिन परिसरों की तलाशी ली गई, उनमें हरियाणा कैडर के कुछ सरकारी अधिकारियों के आवास और विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के ठिकाने शामिल थे। सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और अपराध से अर्जित धन की प्राप्ति से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए की गई थी। जांच में क्या आया सामने? सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर खातों को खुलवाने, धनराशि ट्रांसफर करने और बाद में उसे दूसरी जगह भेजने में मदद की थी। एजेंसी के अनुसार, सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों की कथित मिलीभगत के जरिए धन का दुरुपयोग किया गया, जिसकी जांच अभी भी जारी है। 

यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की तैयारी तेज, अधिकारियों को 2027 तक काम पूरा करने के निर्देश

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने यमुना नदी की स्वच्छता और जल गुणवत्ता में सुधार के लिए बड़े स्तर पर चल रहे प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यमुना एक्शन प्लान के तहत चल रहे और प्रस्तावित सभी सीवेज ट्रीटमेंट, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं को 31 दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए रस्तोगी ने कहा कि राज्य सरकार यमुना और उसकी सहायक नालियों के प्रदूषण को कम करने तथा पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को दिए निर्देश उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की समय-सीमा का सख्ती से पालन करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 425 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) से अधिक सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता और 150 एमएलडी से अधिक औद्योगिक अपशिष्ट उपचार क्षमता बढ़ाने वाली कई परियोजनाएं मंजूरी, टेंडरिंग और निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यमुना में प्रदूषित जल के प्रवाह को काफी हद तक रोका जा सकेगा। क्या है सरकार की योजना     31 दिसंबर 2027 तक सभी यमुना एक्शन प्लान परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य।     425 एमएलडी से अधिक नई सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता जोड़ी जाएगी।     150 एमएलडी से अधिक औद्योगिक अपशिष्ट उपचार क्षमता विकसित होगी।     पानीपत, करनाल और सोनीपत में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी।     यमुना और सहायक नालियों में प्रदूषण कम करने पर सरकार का फोकस। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इनमें पानीपत के जट्टल रोड स्थित 10 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उन्नयन, करनाल के ग्रामीण क्षेत्रों में छह माइक्रो-एसटीपी की स्थापना, सोनीपत के नाथूपुर और कुंडली में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की योजना तथा रथधना एसटीपी के विस्तार की परियोजना शामिल हैं। इसके अलावा मुंगेशपुर नाले से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार के उपायों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि यमुना की सफाई केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सतत विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।

एनडीए से निकलकर आसमान की उड़ान, दादरी की दो बेटियां उड़ाएंगी लड़ाकू विमान

चरखी दादरी हरियाणा के चरखी दादरी जिले के छपार गांव निवासी इशिता सांगवान व भागवी निवासी मीनाक्षी ने देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने साढ़े तीन साल की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और हैदराबाद में आज दोनों कमीशन प्राप्त करेंगी। उनकी पहली पोस्टिंग तेलंगाना के बीदर सेंटर में हुई है और अब वो देश के लिए लड़ाकू विमान उड़ाएंगी। खास बात यह है कि एनडीए के जरिए पहली बार देश की दो बेटियां फाइटर पायलट बनी हैं। इशिता सांगवान के पिता चरण सिंह सांगवान ने बताया कि वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया था कि बेटियां भी एनडीए के जरिए सेना में जा सकती हैं। इससे पहले इशिता का सपना सिविल सर्विसेज में जाना था, लेकिन कोर्ट के इस निर्णय के बाद बेटी ने फैसला बदल दिया। उस दौरान इशिता 12वीं की परीक्षा की तैयारियों में जुटी थीं कोर्ट के इस निर्णय के एक माह बाद ही एनडीए की लिखित परीक्षा थी और इशिता ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। 6 अगस्त 2022 को ज्वाइनिंग लेटर घर पहुंचा और 9 अगस्त को इशिता ने पुणे जाकर ज्वाइन कर लिया। पिता रविंद्र भी है सेना में है मीनाक्षी के पिता रविंद्र का भी सेना से जुड़ाव रहा है और उनकी बेटी भी एयरफोर्स में जाकर देश सेवा करेगी। मीनाक्षी की इस उपलब्धि पर गांव भागवी में खुशी का माहौल है। सरपंच प्रमिला कुमारी ने बताया कि रविवार को होनहार बेटी के सम्मान में ग्राम पंचायत की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसकी तैयारियां चल रही हैं। बेटी इस उपलब्धि पर पूरे गांव को नाज है। उन्होंने बताया कि मीनाक्षी एनडीए के जरिए सेना में जाने वालीं 19 बेटियों के बैच में शामिल थीं। पुणे के खड़गवासला में उन्होंने तीन साल की ट्रेनिंग पूरी की। ट्रेनिंग पूरी होने पर मीनाक्षी को एयरफोर्स विंग मिली। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में छह माह की फाइटर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग ली, जो हाल ही में पूरी हुई है। यह ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वो हैदराबाद में 13 जून को कमीशन प्राप्त करेंगी। इसके लिए स्वजन हैदाराबाद पहुंच चुके हैं वहीं इशिका के पिता चरण सिंह सांगवान, मां अनीता देवी समेत बहन व भाई भी मौजूद रहेंगे। बेटी की कामयाबी ने सिर फख्र से ऊंचा किया इशिता के पिता चरण सिंह व मां अनीता देवी और मीनाक्षी के पिता रविंद्र का कहना है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। उन्हें आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। दोनों बेटियों ने देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनकर उनका सिर से फक्र से ऊंचा कर दिया है। जून 2025 में इशिता पहुंची थीं पैतृक गांव इशिता सांगवान पुणे में तीन साल की ट्रेनिंग पूरी कर जून 2025 में पैतृक गांव छपार पहुंची थीं। उस दौरान वो सीधे गांव के बाबा जमुना दास मंदिर पहुंची थीं और वहां मत्था टेक कर महंत से आशीर्वाद लिया था। इशिता की उम्र फिलहाल करीब साढ़े 22 साल वर्ष है। माता-पिता का कहना है छुट्टी पर आते ही इशिता दोबारा गांव जाकर स्वजनों व ग्रामीणों से मिलेगी। इशिता व मीनाक्षी बोलीं: असंभव कुछ भी नहीं इशिता सांगवान व मीनाक्षी ने अन्य बेटियों को भी एक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बेटियां बड़ा लक्ष्य निर्धारित करें और फिर पूरी शिद्दत से उसे पाने के लिए मेहनत करने में जुट जाएं। फिर देखेंगी कि कुछ भी असंभव नहीं है। लक्ष्य प्राप्ति के बाद खुशी मिलती है और ताउम्र उसका फक्र रहता है।  

ग्रामीण शिक्षा को बढ़ावा: नावली स्कूल अब 12वीं तक अपग्रेड, बेटियों को मिलेगी राहत

नूंह  विद्यालय शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा जिला नूंह के राजकीय मिडिल स्कूल नावली खंड फिरोजपुर झिरका (कोड-6097) को उन्नत कर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है। इस उन्नयन के साथ विद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए 21 नए पदों की स्वीकृति भी दी गई है। स्वीकृत पदों में एक प्रधानाचार्य, 14 पीजीटी (अंग्रेजी, हिंदी, गणित, इतिहास, राजनीति विज्ञान, उर्दू, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, भूगोल एवं गृह विज्ञान), एक लिपिक, तीन लैब अटेंडेंट तथा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 10 माह की अवधि के लिए इन पदों के वेतन एवं भत्तों के लिए लगभग एक करोड़ 49 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस स्वीकृति से विद्यालय में वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए आवश्यक आधारभूत मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। विद्यालय के वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर उन्नयन से नावली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूरस्थ विद्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई मजबूती प्राप्त होगी। विज्ञान पढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा स्थानीय ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। वहीं इसी वर्ष से इस विद्यालय में विद्यार्थियों को दाखिला लेने का अवसर मिलेगा,अब छात्राओं को पढ़ने के लिए दूसरे गांव में नहीं जाना पड़ेगा। विद्यार्थियों को गांव में ही आर्ट्स,कामर्स और विज्ञान पढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। छात्राओं का ड्राॅप आउट बढ़ा बता दें कि वर्तमान समय में विद्यालय में छठी,सातवीं,आठवीं कक्षा में लगभग 220 विद्यार्थी अध्यनरत हैं,जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक बेटियां शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उच्च शिक्षा की सुविधा गांव के स्कूल में उपलब्ध न होने के कारण छात्राओं का ड्राॅप आउट बढ़ रहा था। विद्यालय को 12वीं तक अपग्रेड करेंगे बेटियों को पढ़ने के लिए नवाली से पास के सरकारी स्कूल साकरस में जाना पड़ता था,जिसकी दूरी करीब छह किलोमीटर है। जबकि दर्जनों छात्राएं 10 किलोमीटर दूर मांडीखेड़ा स्कूल पढ़ने जाती हैं। सरकारी बस सुविधा उपलब्ध न होने से भी छात्राओं को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में विद्यालय को 12वीं तक का अपग्रेड करना गांव की प्रमुख मांग थी जो आज पूरी हो गई।  

पंजाब के राजपुरा में CM नायब सैनी ने किया आह्वान, कहा- समाज की भागीदारी से होगा बदलाव

राजपुरा  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सैनी समाज को अब केवल समर्थक की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पंचायत से लेकर विधानसभा और संसद तक अपनी मजबूत एवं निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंजाब के राजपुरा में सैनी समाज वेलफेयर कमेटी द्वारा आयोजित सैनी महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कमेटी की ओर से उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं को शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया। नायब सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और उनका आवास जनता के लिए चौबीसों घंटे खुला रहता है। जनकल्याण, सामाजिक न्याय और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा, तभी सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर उसकी भागीदारी और प्रभाव बढ़ेगा। सम्मेलन में सैनी समाज कल्याण समिति के सर्कल चेयरमैन जैलदार जसविंदर सिंह सैनी, महिन्दर सैनी, प्रधान जतिन्दर सैनी, चेयरमैन गुरनाम, अंगद सैनी, गुरदर्शन सैनी, रणबीर सिंह, सर्वजीत कौर, एमसी लक्की और दविन्दर सैनी सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पंजाब सरकार पर साधा निशाना अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए, जिसके कारण लोग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों पर पंजाब सरकार अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है। केंद्र और प्रदेश की योजनाओं का किया उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा गुरु तेग बहादुर जी के 350वें प्रकाश पर्व के अवसर पर किए गए विभिन्न कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सिरसा विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर चेयर स्थापित की गई है, जबकि फरीदाबाद, धमतान साहिब, यमुनानगर और अंबाला में भी उनके नाम से विभिन्न परियोजनाएं विकसित की गई हैं। किसानों और महिलाओं के लिए योजनाएं गिनाईं मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित कर रही है। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। महिलाओं को रियायती दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने सहित कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नियमित रूप से दिया जा रहा है। ओबीसी वर्ग को मिला मजबूत प्रतिनिधित्व नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विभिन्न स्तरों पर पिछड़े वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने का कार्य किया है।

हरियाणा महिला आयोग में नई नियुक्तियां, रेनू भाटिया के पद छोड़ने के बाद उषा प्रियदर्शनी-मीना परमार की बढ़ी भूमिका

 चंडीगढ़  चंडीगढ़ कुरुक्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ से विवाद के चलते हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेश सरकार ने आयोग का पुनर्गठन कर दिया है। हरियाणा सरकार ने राज्य महिला आयोग का विस्तार करते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा की है। इस बदलाव के तहत उषा प्रियदर्शनी को आयोग का नया अध्यक्ष  और मीना परमार को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद आयोग के इस नए नेतृत्व से महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेजी आने की उम्मीद है। आइए, विस्तार से समझते हैं कि उषा प्रियदर्शनी और मीना परमार कौन हैं और संगठन में इनका अब तक का सफर कैसा रहा है… ऊषा प्रियदर्शी का जन्म 12 अगस्त 1972 को राजस्थान में हुआ। स्नातक तक शिक्षित उषा के पति नीरज प्रियदर्शी अधिवक्ता हैं। निवास स्थान गुरुग्राम के सुशांत लोक फेज-तीन में है। राजनीति में ऊषा 25 साल से भाजपा में सक्रिय हैं। ओबीसी मोर्चा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष सहित महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष हैं। मीना परमार का जन्म 10 सितंबर 1976 को भिवानी के गांव खरक कलां में हुआ था, वे स्नातक पास हैं। इनके पति अर्जुन सिंह लेक्चरर हैं। भिवानी के सेक्टर 13 में निवास है। मीना 26 साल से राजनीति में हैं। वर्ष 2016 से 2019 तक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रहीं। 2021 में महिला मोर्चा की महामंत्री बनीं। साढ़े चार साल तक पद पर रहीं रेनू भाटिया साढ़े चार साल तक अध्यक्ष के पद पर रहीं रेनू भाटिया महिला आयोग की चेयरपर्सन का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन रेनू भाटिया साढ़े चार साल तक इस पद पर रहीं। उन्होंने 19 जनवरी 2022 को चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। उनका कार्यकाल पिछले साल 18 जनवरी को पूरा हो गया था। हालांकि 26 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी एक पत्र के जरिये कार्यकाल अगले आदेश तक बढ़ाया था, जिस पर विवाद छिड़ा है।    

चलती तिपहिया साइकिल बनी आग का गोला, हरियाणा में दिव्यांग व्यक्ति की दर्दनाक मौत

पानीपत/चरखी दादरी. चरखी दादरी जिले के गांव कन्हेटी में वीरवार देर शाम ई-ट्राइसाइकिल में आग लगने से एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में दिव्यांग युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सूचना मिलने सदर पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाली इमलोटा पुलिस चौकी टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया। शुक्रवार को स्वजनों के बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। मृतक की पहचान कन्हेटी निवासी रविंद्र (29) के रूप में हुई है। स्वजनों से मिली जानकारी के अनुसार रविंद्र पांच साल पहले इमलोटा के समीप सड़क हादसे का शिकार हो गया था। हादसे में लगी गंभीर चोटों के कारण उसके पेट से नीचे के हिस्से ने काम करना छोड़ दिया था। जिसके चलते वह चलने-फिरने में पूरी तरह से असमर्थ था। वह ई-ट्राइसाइकिल के जरिए ही इधर-उधर जाता था। बीते करीब दो साल से वह झज्जर जिले के गांव बिरोहड़ के खेल मैदान पर जाता था और युवाओं को अभ्यास करवाता था। वीरवार शाम को वह गांव कन्हेटी स्थित सैयद पीर मजार पर मत्था टेकने के लिए गया था। वहां से लौटने के लिए उसने अपनी ई-ट्राइसाइकिल पर बैठकर उसे स्टार्ट किया तो उसी दौरान वह आग पकड़ गई। वह दिव्यांग होने के कारण उसने फंस गया और नीचे नहीं उतर पाया। आसपास के लोगों ने आग की लपटे देखी तो वहां पहुंचकर उसे बचाने का प्रयास किया। लेकिन तब तक जिंदा जलने से उसकी दर्दनाक मृत्यु हो चुकी थी। बाद में ग्रामीणों ने डायल 112 पर काल कर घटना की जानकारी दी तो पुलिस टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई राजेश के बयान पर इतफाकिया मौत की कार्रवाई की है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट या दूसरा तकनीकि कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।