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नेपाल बाढ़ में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बना WhatsApp ग्रुप, एक्सपर्ट दे रहे बचावकर्मियों को गाइडेंस

पाल में बाढ़ की तबाही के बाद अभी भी रेस्क्यू का काम जारी है. प्रसाशन की कोशिश है कि मलबे के पीछे जिंदा बचे हर एक शख्स की जान बचानी है. जान बचाने में अब वॉट्सऐप भी अहम भूमिका अदा कर रहा है. दरअसल, एक WhatsApp ग्रुप में जुड़े एक्सपर्ट की टीम नेपाल की एक घाटी में रेस्क्यू टीम को गाइड कर रही है. करीब एक सप्ताह से पहले आई भीषण बाढ़ की वजह से तबाह हुए हाइड्रोपावर प्लांट्स की सुरंगों में किसी के जिंदा होने की उम्मीद है और बचावकर्मी उनकी तलाश में जुटे हैं.  ये जानकारी रॉयटर्स की रिपोर्ट से मिली है. दरअसल, इंजीनियरों ने 26 अगस्त नेपाल की त्रिशूली घाटी में पानी, मिट्टी और चट्टानों का सैलाब आने से पहले एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था. अब आपदा के बाद से यह ग्रुप हेलीकॉप्टरों और भारी मशीनरी के साथ मिलकर लोगों को बचाने की कोशिश में एक अहम टूल बन चुका है. हाइड्रो पावर प्लांट्स में लापता अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि छह हाइड्रो पावर प्लांट्स से करीब 900 लोग लापता हैं, जिनमें कुछ लोग बच गए होंगे. कम से कम तीन प्लांट निर्माणाधीन थे, ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि वहां काम करने वाले लोग सुरंगों में चल गए होंगे और खुद की जान बचाई होगी. दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला, दूसरों की तलाश जारी इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पहली सफलता बीते शुक्रवार को मिली है. शुक्रवार को आपदा का 9वां दिन था और अपर त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्लांट से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा चुका है. उनमें से एक ने बताया कि सुरंग में और भी लोग जिंदा हो सकते हैं. 22 लाख टन मिट्टी और मलबा आया कई सुरंगों के एंट्री तक पहुंचना अभी भी काफी मुश्किल हो रहा हैं. इन सुरंगों को पानी के बाहव के लिए बनाया गाया था. बाढ़ अपने साथ घाटी में करीब 22 लाख टन मिट्टी और मलबा बहाकर ले आई, जिससे सुरंगों के रास्ते भी पूरी तरह से बंद हो चुके हैं. वॉट्सऐप ग्रुप से रेस्क्यू टीम को गाइडलाइंस अब वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए रेस्क्यू टीम को आगे का रास्ता दिखाया जा रहा है, सुरंगा का रास्ता और दूरी आदि के बारे में बताया जा रहा है. ऐसे में WhatsApp सिर्फ नॉर्मल चैटिंग और दोस्तों के साथ ग्रुप आदि बनाने तक सीमित नहीं है, इसकी मदद से रेस्क्यू के काम को भी अंजाम दिया जा सकता है.

ग्लोइंग स्किन के लिए जरूरी है सही स्किनकेयर, जानें अपनी स्किन टाइप के हिसाब से रूटीन

  स्किनकेयर (Skin Care) का मतलब है, अपनी त्वचा की देखभाल करना ताकि वह साफ, स्वस्थ, चमकदार और उम्र के अनुसार फिट बनी रहे. यह एक रूटीन होता है जिसमें त्वचा को साफ करना, मॉइस्चराइज करना, धूप से बचाना और खास जरूरतों (जैसे दाग-धब्बे, पिंपल्स, ड्राईनेस) को ध्यान में रखकर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना शामिल है. आज की तेज रफ्तार जिंदगी, प्रदूषण और तनाव के बीच स्वस्थ और चमकती त्वचा पाना एक चुनौती जरूर हो सकती है, लेकिन सही जानकारी और नियमित देखभाल से यह बिल्कुल संभव है. स्किनकेयर सिर्फ सुंदरता की बात नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आत्मविश्वास से जुड़ी हुई चीज़ है. हर किसी की त्वचा अलग होती है- कुछ की ऑयली (तेलयुक्त), कुछ की ड्राय (रूखी), कुछ की सेंसिटिव और कुछ की नॉर्मल. पहला कदम यही है कि आप अपनी स्किन टाइप को समझें. इसके बाद ही आप सही उत्पाद और रूटीन चुन सकते हैं.  

रूखे और बेजान हाथों को बनाएं मुलायम, चावल-ओट्स-चीनी से घर पर तैयार करें DIY बॉडी स्क्रब

 रोजाना बार-बार साबुन, धूल-मिट्टी और धूप के संपर्क में आने से हाथों की त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है. स्किन पर डेड सेल्स जमा हो जाते हैं, जिसकी वजह से हमारी त्वचा खराब दिखने लगती है. स्किन को सॉफ्ट और फ्रेश बनाने के लिए लोग महंगे बॉडी स्क्रब और बॉडी वॉस का इस्तेमाल करते हैं, जिसके हमारी स्किन पर कई सारी साइड इफेक्ट्स भी हो जाते हैं. अगर आप बिना किसी नुकसान और नेचुरल चीजों से अपनी स्किन को पहले जैसी मुलायम बनाना चाहते हैं तो आप डेड सेल्स हटाने के लिए आप घर पर ही एक आसान बॉडी स्क्रब तैयार कर सकते हैं. इसके लिए आपको महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं पड़ेगी. रसोई में मौजूद चावल, ओट्स, चीनी और चुकंदर जैसी चीजों से मिनटों में आप यह DIY स्क्रब तैयार कर सकते हैं, जो स्किन को एक्सफोलिएट करने में मदद कर सकते हैं. घर पर ऐसे बनाएं बॉडी स्क्रब इस स्क्रब को बनाने के लिए सबसे पहले 2 चम्मच चावल, 2 चम्मच ओट्स और 2 चम्मच चीनी लें. इन तीनों चीजों को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें. इस बात का ध्यान रखें कि पाउडर बहुत ज्यादा मोटा न हो, ताकि त्वचा पर स्क्रब करते समय ज्यादा रगड़ न लगे. अब एक छोटा चुकंदर लें और उसे अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें. इसमें थोड़ा गुलाब जल मिलाकर मिक्सर में पीस लें. तैयार मिक्सर को छानकर इसका जूस अलग कर लें. अब एक बाउल में तैयार किया हुआ चावल-ओट्स-चीनी का पाउडर लें. इसमें थोड़ा नारियल तेल मिलाएं. इसके बाद इसमें तैयार किया हुआ चुकंदर और गुलाब जल का जूस डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. आपका होममेड बॉडी स्क्रब तैयार है. इस्तेमाल करने का सही तरीका स्क्रब को हाथों पर लगाएं और हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में मसाज करें. इसे बहुत जोर से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे त्वचा में जलन या लालिमा हो सकती है. करीब 2 से 3 मिनट हल्की मसाज करने के बाद हाथों को नॉर्मल पानी से धो लें और इसके बाद मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं. स्क्रब कैसे करता है काम? इस स्क्रब में मौजूद चावल, ओट्स और चीनी त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद डेड स्किन को हटाने में मदद कर सकते हैं, जबकि नारियल तेल त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करता है. चुकंदर का जूस स्क्रब को नेचुरल गुलाबी कलर भी देता है. अगर इसे नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाए और त्वचा को पर्याप्त मॉइस्चराइज रखा जाए, तो हाथ ज्यादा मुलायम और साफ नजर आ सकते हैं. हालांकि, हर इंसान की स्किन अलग होती है, इसलिए रिजल्ट भी अलग-अलग हो सकते हैं. इन बातों का रखें ध्यान: संवेदनशील या बहुत नाजुक त्वचा पर किसी भी DIY स्क्रब को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. कट, घाव, रैश या जलन वाली त्वचा पर इसे इस्तेमाल न करें. स्क्रब को बहुत ज्यादा बार इस्तेमाल करने के बजाय सप्ताह में 1 से 2 बार करना काफी है.

OpenAI ने लॉन्च किया GPT-6 Astra, AI की दुनिया में मचा तहलका; साइबर सिक्योरिटी में 100% स्कोर

ChatGPT के मेकर OpenAI ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है और कंपनी ने आखिरकार अपना सबसे पावरफुल AI मॉडल लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम GPT-6 Astra है. कंपनी का दावा है कि यह उनका अब तक का सबसे पावरफुल AI मॉडल है. कंपनी ने बताया है कि AGI की शुरुआत हो सकती है.   OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट पर किया है. ऑल्टमैन ने GPT 6 को कंप्यूटर पर इस्तेमाल होने वाला दुनिया का सबसे बेस्ट बेस्ट मॉडल बताया है. साथ ही इसको प्रोफेशनल वर्कस साइंसस, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी को लेकर काम करता है. सैम ऑल्टमैन का मानना है कि इसको एंत्रोप्रेन्योरशिप, साइंटिस्ट खोज और बिल्डिंग आदि में इस्तेमाल किया जा सकेगा. एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने कहा है कि यह महसूस करना गलत नहीं है कि अब हम AGI के दौर में हैं. ब्रॉकमैन को भरोसा है कि भविष्य में लोग Astra के लॉन्च को AI की दुनिया में बड़ी लॉन्चिंग मानी जा सकती है. GPT-6 Astra कितना बेहतर है? GPT-6 Astra के फीचर्स की बात करें तो यह कई कामों को बड़े ही बेहतर तरीके से कर सकता है. जैसे कोडिंग जैसे टास्क को आसानी से कंप्लीट कर सकता है. OpenAI ने अपने ब्लॉगपोस्ट में GPT 6 Astra को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में अब तक का सबसे बेहतरीन मॉडल बताया गया है. बग आदि को भी खोज सकता है GPT-6 Astra की अन्य काबिलियत की बात करें तो ये आसानी से बग खोज सकता है. टर्मिनल टास्क आदि को कंप्लीट कर सकता है और कोडबेस से संबंधित सवालों को जवाब आदि दे सकता है. जवाब की एक्युरेसी में Astra ने OpenAI के अपने GPT-5.6 Sol और Anthropic के Fable मॉडल्स को भी पीछे छोड़ दिया है. GPT-6 Astra की साइबर सिक्योरिटी को लेकर काबिलियत Astra साइबर सिक्योरिटी और बग आदि खोजने में भी दूसरे प्लेटफॉर्म की तुलना में बेहतर है.  Anthropic के Claude Mythos और OpenAI के GPT-5.6 Sol के लॉन्च के बाद ऐसे AI मॉडल देखें हैं, जो साइबर सिक्योरिटी स हमने ऐसे AI मॉडल देखे हैं, जो साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी खामियों को खोजने में बेहतर है. साथ ही OpenAI ने बताया है कि प्रोडक्शन सेफ्टी गार्डरेल्स के बिना किए गए साइबर सिक्योरिटी टेस्ट में Astra ने ExploitBench पर 100 फीसदी स्कोर हासिल किया है, जबकि GPT-5.6 Sol का स्कोर 78.5 परसेंट का रहा है.

बालों का झड़ना और डैंड्रफ होगा कम? घर पर बनाएं रीठा-आंवला-शिकाकाई का नेचुरल शैंपू

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण और केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स की वजह से बालों का झड़ना, डैंड्रफ और रूखापन एक आम समस्या बन चुका है. बाजार में मिलने वाले महंगे शैंपू में अक्सर सल्फेट और पैराबेन जैसे हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो बालों को अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आप भी अपने बालों को बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक रूप से मजबूत, लंबा और घना बनाना चाहते हैं, तो पारंपरिक रीठा शैंपू एक बेहतरीन विकल्प है. रीठा में प्राकृतिक रूप से 'सैपोनिन' मौजूद होता है, जो बालों की गंदगी को गहराई से साफ करता है और स्कैल्प को पोषण प्रदान करता है. सामग्री: 8-10 सूखा रीठा (बीज निकाले हुए) 5-6 सूखा आंवला 5-6 सूखा शिकाकाई 2-3 कप पानी रीठा शैंपू बनाने का तरीका रातभर भिगोएं: एक बर्तन में रीठा, आंवला और शिकाकाई को 2-3 कप पानी में डालकर रातभर के लिए भिगोकर रख दें. उबालें: अगली सुबह इस मिश्रण को धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट के लिए उबालें, ताकि सभी जड़ी-बूटियों का अर्क पानी में आ जाए. मसलें: मिश्रण को ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद हाथों से रीठा और शिकाकाई को अच्छे से मसल लें ताकि झाग और रस पूरी तरह बाहर निकल आए. छानें: अब इस गाढ़े पानी को किसी पतले कपड़े या छलनी की मदद से छानकर एक साफ बोतल में भर लें. आपका नेचुरल रीठा शैंपू तैयार है. इस्तेमाल का तरीका सबसे पहले अपने बालों को नॉर्मल पानी से अच्छी तरह गीला कर लें. तैयार किए गए रीठा शैंपू की थोड़ी मात्रा अपने हाथों में लें और स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से 3-5 मिनट तक मसाज करें. चूंकि यह 100% नेचुरल है, इसलिए इसमें केमिकल शैंपू जितना ज्यादा झाग नहीं बनेगा, लेकिन यह स्कैल्प को पूरी तरह साफ कर देता है. मसाज करने के बाद बालों को सादे पानी से अच्छी तरह धो लें. बेहतर परिणामों के लिए हफ्ते में 2 बार इस शैंपू का इस्तेमाल करें.

Dyson ने लॉन्च किया AI वाला CameraJet टूथब्रश, कैमरा देखकर खुद साफ करेगा दांतों के गैप

Dyson ने एक बेहद ही कमाल का इलेक्ट्रिक टूथब्रश लॉन्च किया है, जिसका नाम CameraJet इलेक्ट्रिक टूथब्रश है. इसमें कैमरा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और माउथवॉश जेट सिस्टम लगाया गया है l कंपनी ने इसको माउथ की फुल क्लीनिंग सॉल्यूशन के तौर पर लॉन्च किया है, जहां यूजर्स फोन में दांतों की कंडीशन देख सकते हैं और उन्हें साफ रखने में मदद कर सकते हैं l Dyson ने न्यू लॉन्च ब्रश की कीमत 499.99 अमेरिकी डॉलर (करीब 47,000 रुपये) रुपये रखी है. अभी इसको पेरिश में लॉन्च किया है. भारत समेत अन्य मार्केट में कब तक लॉन्च होगा, उसकी जानकारी आने वाले दिनों में पता चलेगी l कैमरा, AI से क्या होगा फायदा? डायसन के इस ब्रश के अंदर बिल्ट-इन कैमरा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एक माउथवॉश जेट दिया है. यह ब्रश दांतों के बीच की जगह को भी आसानी से साफ करने में मदद करेगा l डायसन ने CameraJet इलेक्ट्रिक टूथब्रश को तैयार करने में छह साल का रिसर्च और डेवलपमेंट तक का काम किया है. ब्रश हेड के अंदर 1,00,000 पिक्सल मैक्रो कैमरा है. यह ब्रशिंग के दौरान हर सेकेंड में 28 इमेज को कैप्चर कर सकता है l Dyson का गैप ऑप्टीकल टारगेटिंग सिस्टम ब्रश के सिस्टम को जब भी कोई गैप डिटेक्ट होता है, Dyson का गैप ऑप्टीकल टारगेटिंग सिस्टम माउथवॉश की एक छोटी की धार छोड़ता है. कंपनी ने बताया है कि यह सिस्टम सिर्फ 100 मिलीसेकंड में एक्टिव हो जाता है l MyDyson ऐप से कनेक्ट होता है डायसन का इलेक्ट्रिक ब्रश वाईफाई और ब्लूटूथ के जरिए MyDyson ऐप से भी कनेक्ट होता है. ऐप की मदद से यूजर्स अपने मुंह के अंदर का वीडियो देख सकते हैं. साथ ही दातों की कंडीशन या फिर कोई इंफेक्शन आदि को चेक कर सकते हैं l Dyson ने बताया है कि यूजर्स की प्राइवेसी का ध्यान रखा है और कंपनी ने बताया है कि टूथब्रर्श कैमरा केवल लाइव व्यू देखने या ऑटोमैटिक जेटिंग के दौरान ही एक्टिव होता है. साथ ही तस्वीरें न तो रिकॉर्ड की जाती हैं और न ही टूथब्रश या क्लाउड में स्टोर होती हैं l

पुरुष और महिलाओं में डायबिटीज के खतरे अलग-अलग! रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बातें

नई दिल्ली डायबिटीज का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है. इससे दिल, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है. अब एक बड़ी स्टडी में सामने आया है कि डायबिटीज से होने वाली दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं पुरुषों और महिलाओं में एक जैसी नहीं होतीं है. इस रिसर्च को PLOS मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है।  इस रिसर्च में यूके के 28,720 ऐसे मरीजों का हेल्थ रिकॉर्ड निकाला गया, जिनमें हाल ही में टाइप-2 डायबिटीज की पहचान हुई थी. मरीजों में समय के साथ डायबिटीज के कारण होने वाली दूसरी समस्याओं का भी आकलन किया गया. इसमें देखा गया है महिलाओं में क्या समस्याएं हो रही है और इनमें ऐसी कौन सी हैं जो पुरुषों से अलग हैं।  डायबिटीज में महिलाओं को मेंटल हेल्थ की समस्याओं का ज्यादा खतरा  स्टडी के अनुसार, डायबिटीज का जैसे ही पता चलता है उसके बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होने की आशंका अधिक होती है, जबकि पुरुषों में दिल और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है।  शोधकर्ताओं ने कहा कि महिला और पुरुष इन स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव अलग-अलग तरह से करते हैं, लेकिन टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में लिंग और उम्र के आधार पर बीमारी के बढ़ने के तरीके के बारे में अभी तक कोई शोध नहीं किया गया है।  महिलाओं और पुरुषों पर अलग-अलग प्रभाव  बताते चलें कि ब्रिटेन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी एवं अन्य शोधकर्ताओं के अध्ययन का निष्कर्ष प्लोस मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसने साल 2010 से 2020 के बीच टाइप-2 डायबिटीज विकसित होने वाले लगभग 28,720 पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया। रोग का पता चलने के बाद के वर्षों में प्रतिभागियों में से 39 प्रतिशत ने कम से कम एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य घटना का अनुभव किया, जिसमें पाया गया कि घटना की प्रगति और समय लिंग के अनुसार अलग-अलग थी।  पुरुषों में हाई बीपी और किडनी की बीमारी का जोखिम  इसके बाद शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि बीमारी का पता चलने के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होने की आशंका अधिक थी जो कि 5.3 प्रतिशत की तुलना में 8.1 प्रतिशत है और उनकी स्थिति ऐसी होती गई जिससे अंत में मौत हो गई। जबकि पुरुषों में हृदय रोग (5.3 प्रतिशत के मुकाबले 8.4 प्रतिशत), अंतिम चरण की गुर्दे की बीमारी और हाइपरटेंशन की उच्च दरें थीं।  पुरुषों में दिल और किडनी पर ज्यादा असर स्टडी के मुताबिक पुरुषों में डायबिटीज के साथ हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा था, खास बात यह रही कि पुरुषों में ये समस्याएं डायबिटीज होने के बाद कम उम्र में ही होने लगीं थी. डायबिटीज लंबे समय तक बढ़ी हुई शुगर के कारण नसों को नुकसान पहुंचा सकती है. शुगर लेवल बढ़ने से आंखों की समस्याएं भी हो सकती हैं।  महिलाओं में चिंता और डिप्रेशन का खतरा रिसर्च में पता चला कि महिलाओं में एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं अधिक देखने को मिलीं. जबकि पुरुषों में ये डायबिटीज से होने के बाद कम देखी गईं.  यह भी पाया गया कि डायबिटीज के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मौत का जोखिम बढ़ सकता है।  डॉक्टरों के लिए भी जरूरी संकेत शोधकर्ताओं का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों की निगरानी करते समय केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा. पुरुषों में दिल और किडनी की सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हो सकती है, जबकि महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग को भी इलाज का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। 

Apple Event 2026: 9 सितंबर को होगा बड़ा धमाका, iPhone 18 Pro समेत Foldable Ultra पर नजर

 नई दिल्ली Apple का इस महीने एक बड़ा इवेंट आयोजित होने जा रहा है, जिसका नाम सर्प्राइस एंड साइन है. कंपनी ऑफिशियली कंफर्म कर चुकी है कि यह इवेंट 9 सितंबर होगा और भारतीय समयनुसार इसकी टाइमिंग रात 10:30 बजे की होगी. इस इवेंट में कंपनी अपना पावरफुल स्मार्टफोन iPhone 18 Pro सीरीज को लॉन्च करेगी।  iPhone 18 Pro सीरीज के तहत दो हैंडसेट को लॉन्च किया जा सकता है, जिनके नाम 18 Pro और 18 Pro Max होगा. दोनों ही हैंडसेट में पावरफुल चिपसेट का यूज किया जाएगा. अपग्रेड कैमरा और बेहतर बैटरी बैकअप मिलेगा. इसको लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं।  ऐपल इस बार अपना फोल्ड हैंडसेट भी लॉन्च करेगी, जिसका नाम (आईफोन फोल्ड अल्ट्रा) iPhone Fold Ultra होगा. ऐपल पहली बार अपना फोल्ड हैंडसेट लेकर आ रही है, जबकि बाकी ब्रांड पहली ही अपना फोल्ड हैंडसेट लॉन्च कर चुकी है, जिसमें सैमसंग, वनप्लस, शाओमी, हुवावे आदि के नाम शामिल हैं।  iPhone 18 Pro का डिजाइन  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone 18 Pro का डिजाइन iPhone 17 Pro की तुलना में बहुत ज्यादा अलग नहीं है. बैक पैनल पर दिए जाने वाले कैमरा एलाइनमेंट में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. हालांकि बैक पैनल के कैमरा सेंसर में बदलाव किया जाएगा।  मिलेगा बड़ा डिस्प्ले का एक्सपीरियंस  iPhone 18 Pro के डिस्प्ले में बहुत बड़ा बदलाव नहीं दिखाई देगा, लेकिन डाइनमिक आइलैंड के साइज को छोटा जरूर किया जाएगा. ऐसे में यूजर्स को बड़ी स्क्रीन का फायदा मिलेगा।  A20 Pro चिपसेट का यूज किया जाएगा iPhone 18 Pro और 18 Pro Max के अंदर ऐपल का A20 Pro चिपसेट का यूज किया जाएगा. रिपोर्ट्स में बताया है कि यह 2nm प्रोसेस पर मैन्युफैक्चर्ड किया गया है।  आईफोन फोल्ड अल्ट्रा को बुक स्टाइल फोल्डेबल डिजाइन में पेश किया जाएगा, जैसा Samsung Galaxy Z Fold 8 को लॉन्च किया जा चुका है. अफवाहों के मुताबिक, आउटर डिस्प्ले 5.3-5.5 इंच साइज आएगा. वहीं अनफोल्ड होने के बाद  करीब 7.8 इंच का डिस्प्ले मिलेगा. दोनों में 120Hz का प्रोमोशन सपोर्ट मिलेगा। 

वजन घटाने के लिए खाएं हाई प्रोटीन सोया पराठा, स्वाद भी और सेहत भी भरपूर

 वजन घटाने के सफर में सबसे बड़ी चुनौती होती है एक ऐसा खाना ढूंढना, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखे और प्रोटीन से भरपूर हो. अगर आप रोज-रोज वही उबला हुआ खाना या फीका सलाद खाकर बोर हो चुके हैं, तो सोया पराठा आपके लिए एक परफेक्ट ऑप्शन है. यह खाने में काफी टेस्टी होता है और इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है. सही तरीके से बनाया गया सोया पराठा नाश्ते, लंच या डिनर में आसानी से शामिल किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी (High Protein Soya Paratha Recipe) आसान रेसिपी. सोया पराठा बनाने के लिए जरूरी सामग्री     सोया चंक्स: 1 कप (उबले और पिसे हुए)     गेहूं का आटा (या मल्टीग्रेन आटा): 1 कप     बारीक कटा प्याज: 1 छोटा     हरी मिर्च: 1-2 (बारीक कटी हुई)     अदरक-लहसुन का पेस्ट: 1 छोटा चम्मच     मसाले: आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच गरम मसाला, और आधा चम्मच अजवाइन     बारीक कटा हरा धनिया: आधा कप     नमक: स्वादानुसार     तेल या घी: पराठा सेकने के लिए (बिल्कुल कम मात्रा में) पराठा बनाने की आसान विधि स्टेप 1: सोया कीमा तैयार करें सबसे पहले सोया चंक्स को गर्म पानी में थोड़ा सा नमक डालकर 10 मिनट के लिए भिगो दें. जब ये सॉफ्ट हो जाएं, तो इनका सारा पानी अच्छी तरह निचोड़ लें. अब इन्हें मिक्सी में डालकर हल्का दरदरा (कीमा जैसा) पीस लें. स्टेप 2: चटपटी स्टफिंग बनाएं एक पैन में बस आधा चम्मच तेल गर्म करें. इसमें अजवाइन, अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर भूनें. अब बारीक कटा प्याज डालें और हल्का गुलाबी होने तक पकाएं. इसके बाद पिसा हुआ सोया, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला और नमक डालें. सब कुछ 3-4 मिनट तक भूनें और आखिर में हरा धनिया मिलाकर गैस बंद कर दें. आपकी हाई-प्रोटीन स्टफिंग तैयार है. स्टेप 3: आटा गूंथें और पराठा बेलें गेहूं के आटे में थोड़ा सा नमक और पानी डालकर एक सॉफ्ट डो (आटा) गूंथ लें. अब आटे की एक लोई लें, उसे थोड़ा सा बेलें और बीच में 2 चम्मच सोया की स्टफिंग भरें. इसे चारों तरफ से बंद करके पोटली जैसा बना लें और सूखे आटे की मदद से हल्के हाथों से गोल पराठा बेल लें. लॉस में क्यों फायदेमंद है सोया पराठा?     प्रोटीन का पावरहाउस: सोयाबीन को शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. यह मांसपेशियों (Muscles) को मजबूत बनाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है.     लंबे समय तक नहीं लगेगी भूख: इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जिससे इसे खाने के बाद दोपहर के लंच तक आपको बार-बार भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं.     मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है: हाई प्रोटीन डाइट लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है.  

अब चैट खोले बिना पता चलेगा कौन है ऑनलाइन, WhatsApp ला रहा नया ग्रीन डॉट फीचर

WhatsApp ने हाल ही में यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. तब से अब तक ये फीचर विवादों में बना हुआ है और रोल आउट नहीं हुआ है. बहरहाल, अब एक और फीचर आ रहा है जो काफी यूजर्स को पसंद भी आएगा. वॉट्सऐप के इस अपकमिंग फीचर मदद से यूजर्स को यह जानने के लिए चैट खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि सामने वाला ऑनलाइन है या नहीं. वॉट्सऐप अब कॉन्टैक्ट की प्रोफाइल फोटो पर एक छोटा ग्रीन डॉट दिखाने की तैयारी कर रहा है. यह डॉट इस बात का साइन होगा कि वह यूजर उस समय वॉट्सऐप इस्तेमाल कर रहा है. फिलहाल यह फीचर एंड्रॉयड और आईफोन दोनों के बीटा वर्जन में कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए जारी किया गया है. वॉट्सऐप के नए अपडेट में जब आप किसी कॉन्टैक्ट की चैट इनफो स्क्रीन खोलेंगे, तो अगर वह यूजर ऑनलाइन होगा तो उसकी प्रोफाइल फोटो पर हरे रंग का छोटा डॉट दिखाई देगा. जैसे ही वह वॉट्सऐप से बाहर जाएगा, यह डॉट अपने आप गायब हो जाएगा. अभी तक वॉट्सऐप में किसी के ऑनलाइन होने की जानकारी सिर्फ Online लिखकर दिखाई जाती थी. इसके लिए चैट खोलनी पड़ती थी. अब कंपनी इस टेक्स्ट की जगह ग्रीन डॉट देने जा रही है, जिससे एक नजर में ही पता चल जाएगा कि सामने वाला एक्टिव है या नहीं. कंपनी का मानना है कि इससे यूजर्स का एक्स्पीरिएंस पहले से बेहतर होगा. हालांकि यह फीचर सभी लोगों के लिए नहीं दिखेगा. अगर किसी यूजर ने अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स में ऑनलाइन छिपा रखा है, तो उसके प्रोफाइल पर ग्रीन डॉट दिखाई नहीं देगा. वॉट्सऐप ने इस फीचर को मौजूदा प्राइवेसी सेटिंग्स के साथ ही जोड़ा है. अगर आपने किसी को अपना ऑनलाइन स्टेटस देखने की अनुमति नहीं दी है, तो यह नया साइन भी दिखाई नहीं देगा. फिलहाल ग्रीन डॉट सिर्फ चैट इनफो स्क्रीन तक सीमित है. यह अभी चैट लिस्ट या होम स्क्रीन पर नहीं दिखता. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वॉट्सऐप फ्यूचर में इसे ऐप के दूसरे हिस्सों में भी ला सकता है, ताकि ऑनलाइन कॉन्टैक्ट को पहचानना और आसान हो जाए. गौरतलब है कि ये फीचर फेसबुक मैसेंजर, टेलीग्राम, डिस्कॉर्ड और कई दूसरे मैसेजिंग ऐप्स में पहले से मौजूद है. फिलहाल ये फीचर बीटा टेस्टिंग फेज में है. इसलिए ये कह पाना कि ये लॉन्च कब होगा मुश्किल है. कई बार कंपनी बीटा टेस्टिंग के बाद कभी फीचर लॉन्च ही नहीं करती है. देखना दिलचस्प होगा कि ये फीचर कंपनी कब ऑफिशियली रोलआउट करती है.