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ज्वार से बनी कलबुर्गी रोटी: स्वाद और सेहत का अनोखा संगम, महिलाओं को भी मिला रोजगार

 भारत विविधताओं का देश है और इसकी झलक यहां के खान-पान में भी साफ दिखाई देती है. देश के हर क्षेत्र का अपना एक खास स्वाद और पहचान है. जब किसी स्थानीय खान-पान की तारीफ खुद देश के प्रधानमंत्री कर दें तो वह पूरे देश में अपनी अलग पहचान बना लेता है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 123वें एपिसोड में कर्नाटक की कलबुर्गी रोटी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि यह रोटी न केवल लोगों तक पौष्टिक भोजन पहुंचा रही है, बल्कि हजारों महिलाओं को रोजगार भी दे रही है. आइए जानते हैं कि आखिर कलबुर्गी रोटी में ऐसा क्या खास है जो इसे गांवों से निकालकर बड़े शहरों की डाइनिंग टेबल तक ले आया है और सेहत के लिहाज से इसके क्या फायदे हैं. कलबुर्गी रोटी आखिर है क्या? कलबुर्गी रोटी कर्नाटक के कलबुर्गी (पहले गुलबर्गा) क्षेत्र की एक पारंपरिक रोटी है. इसे मुख्य रूप से ज्वार के आटे से बनाया जाता है जो उत्तर कर्नाटक का प्रमुख अनाज माना जाता है. यह रोटी अपने बड़े आकार, मुलायम बनावट और देसी स्वाद के लिए जानी जाती है. इसे बनाने के लिए ज्वार के आटे को गर्म पानी से गूंथा जाता है. इसके बाद हाथों से थपथपाकर रोटी का आकार दिया जाता है और तवे पर सेंकी जाती है. यह रोटी आमतौर पर भरवां बैंगन की सब्जी, मूंगफली की ग्रेवी या लहसुन, तिल और मूंगफली से बनी मसालेदार चटनी के साथ खाई जाती है. सेहत के लिए कितना फायदेमंद है यह रोटी? ज्वार को मोटे अनाजों का राजा कहा जाता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. ज्वार की रोटी वजन कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है. यह डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद मानी जाती है और हार्ट हेल्थ के लिए भी बेहतर होती है. इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है. यही वजह है कि ज्वार की रोटी को हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है.

फैटी लिवर से बचने के लिए इन 6 चीजों से तुरंत बनाएं दूरी

 आज के समय में फैटी लिवर की समस्या काफी आम हो गयी है. एक बड़ी आबादी ऐसी है जो एक लंबे समय से इस प्रॉब्लम से जूझ रही है. यह एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है जिसमें आपके लिवर के अंदर नॉर्मल से ज्यादा चर्बी इकठ्ठा हो जाती है. लिवर की जब बात आती है तो यही वह ऑर्गन है, जो खाने को डाइजेस्ट करने में, शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में और एनर्जी को मैनेज करने का काम करता है. लेकिन, जब इसमें फैट बढ़ने लग जाता है तो इसकी काम करने की कैपिसिटी धीरे-धीरे कमजोर होने लग जाती है. अगर आप चाहते हैं कि आपको इस प्रॉब्लम से जूझना न पड़े तो सबसे पहले आपको अपनी कुछ आदतों को सुधारना होगा. इन आदतों में गलत डाइट लेना, कम फिजिकल एक्टिविटीज करना, बहुत ही ज्यादा फ्राइड और मीठी चीजें खाना शामिल है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका सेवन आपको करने से बचना चाहिए अगर आप फैटी लिवर की प्रॉब्लम से खुद को बचाकर रखना चाहते हैं तो. चलिए इन चीजों के बारे में विस्तार से जानते हैं. स्वीटेंड ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें अगर आपको फैटी लिवर है तो आपको जितनी जल्दी हो सके स्वीटेंड ड्रिंक्स जैसे कि कोल्ड ड्रिंक, सोडा, पैकेज्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक्स से दूरी बना लेनी चाहिए. इनमें काफी ज्यादा मात्रा में रिफाइंड शुगर और हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप पाया जाता है. जब ये चीजें आपके शरीर में जाती हैं तो तुरंत ही फैट में कन्वर्ट हो जाती हैं. यह फैट डायरेक्टली आपके लिवर में इकठ्ठा होने लगता है जिससे धीरे-धीरे आपके लिवर पर प्रेशर बढ़ने लग जाता है. अगर आप रेगुलर बेसिस पर इस तरह के ड्रिंक्स पीते हैं तो आपके लिवर में इन्फ्लेमेशन की प्रॉब्लम बढ़ सकती है. फ्राइड चीजों से भी बनाएं दूरी भले ही आपको फैटी लिवर हो या फिर आप खुद को इससे बचाकर रखना चाहते हों, आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी डाइट से फ्राइड चीजों को हटाना शुरू कर दें. फ्राइड चीजें जैसे कि समोसा, कचौड़ी, पकौड़े, पूरियां और फ्रेंच फ्राइज में ट्रांस फैट और कैलोरी की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है. जब ये आपके शरीर में जाते हैं तो कभी भी आसानी से बर्न नहीं होते है और धीरे-धीरे करके आपके लिवर में ही इकठ्ठा होने लग जाते हैं. रेगुलर बेसिस पर इस तरह की चीजों को खाने से आपके लिवर को फैट प्रोसेस करने में दिक्कत होती है, जिससे फैटी लिवर की प्रॉब्लम और भी ज्यादा बढ़ सकती है. जंक फूड्स की वजह से भी बढ़ सकता है फैटी लिवर जंक फूड्स जैसे कि बर्गर, पिज्जा, मोमोज, नूडल्स और पैकेज्ड स्नैक्स स्वाद के मामले में तो बहुत ही जबरदस्त और एडिक्टिव लगते हैं, लेकिन इनमें न्यूट्रिशन बहुत ही कम और अनहेल्दी फैट बहुत ज्यादा मौजूद होता है. इनमें मौजूद प्रिजर्वेटिव्स और एक्स्ट्रा सॉल्ट लिवर पर एक्स्ट्रा लोड डालने का काम करते हैं. इसके अलावा अगर आप इस तरह की चीजें खा रहे हैं तो आपके शरीर में ब्लड शुगर और इंसुलिन का लेवल भी बिगड़ सकता है. ऐसा होने की वजह से लिवर में फैट इकठ्ठा होने की जो प्रक्रिया है वह और भी ज्यादा तेज हो जाती है. हाई शुगर फूड्स भी हैं हानिकारक हाई शुगर फूड्स जैसे कि केक, पेस्ट्री, मिठाइयां, चॉकलेट और डेजर्ट्स में रिफाइंड शुगर की मात्रा बहुत ही ज्यादा होती है. जब आप अपने शरीर को जरूरत से ज्यादा चीनी देने लगते हैं, तो वह उसे एनर्जी में कन्वर्ट करने की जगह पर फैट के रूप में स्टोर करके रखने लगता है. यही फैट धीरे-धीरे आपके लिवर में भी जमा होने लग जाता है. जब आप रेगुलर बेसिस पर मीठी चीजें खाते रहते हैं तो इससे इंसुलिन रेसिस्टेंस की प्रॉब्लम बढ़ भी सकती है, जो आगे चलकर आपके लिवर को डैमेज करने का ही काम करता है. बंद कर दें शराब पीना शराब को फैटी लिवर का सबसे बड़ा और सीरियस कारण भी माना जाता है. जब आप शराब पीते हैं तो इसकी वजह से आपके लिवर के सेल्स डैमेज होने शुरू हो जाते हैं और साथ ही आपका लिवर अपनी पूरी कैपेसिटी के साथ काम भी नहीं कर पाता है. जब आप रेगुलरली शराब पीते हैं तो आपके लिवर में इन्फ्लेमेशन, फैट का इकठ्ठा होना और कुछ ही समय बाद लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. अगर आपको फैटी लिवर है तो आपको शराब का सेवन करना पूरी तरह से ही बंद कर देना चाहिए. थोड़ी मात्रा में भी शराब पीने से आपको काफी ज्याद नुकसान हो सकता है. प्रोसेस्ड फूड भी लिवर को करते हैं डैमेज प्रोसेस्ड फूड्स जैसे कि पैकेज्ड सूप, रेडी-टू-ईट मील्स, सॉसेज, बेकन और बाकी पैक्ड फूड आइटम्स में कई तरह के केमिकल्स, प्रिजर्वेटिव्स और जरूरत से ज्यादा नमक पाया जाता है. ये चीजें आपके शरीर में जाती हैं, तो आपके लिवर को इन्हें प्रोसेस करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. बहुत ही लंबे समय तक इन फूड आइटम्स के सेवन से लिवर में टॉक्सिन्स और फैट दोनों के इकठ्ठा होने का खतरा बढ़ जाता है.

AC Swing Mode Tips: फायदे और सही इस्तेमाल जानें

एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल बहुत से घरों में होता है. AC के रिमोट पर कई बटन होते हैं, जिनमें से कई के बारे में बारे में बहुत से लोगों को जानकारी तक नहीं है. AC में एक स्विंग फ्लैप दिया जाता है, जो आमतौर पर हवा की दिशा को मोड़ने का काम करता है. विंडो और स्प्लिट AC में दोनों ही फ्लैप स्विंग नाम का फीचर होता है. इसको रिमोट से ऑन और ऑफ किया जा सकता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि यह मोड बड़े काम का है. इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं. आइए एक-एक करके इसके बारे में जानते हैं. Swing Mode ऑन करने के फायदे AC में दिया गया स्विंग मोड बड़े ही काम का साबित होता है. एक बार ऑन करने के बाद कूलिंग पूरे कमरे के में सर्कुलेट होती है. यह कमरे को जल्दी ठंडा करने का काम करता है. ठंडी हवा सीधे शरीर पर नहीं लगती AC में दिए गए स्विंग फ्लैप की मदद से ठंडी हवा सीधा शरीर पर नहीं लगती है. ऐसे में लोगों को ज्यादा कंफर्ट मिलता है. साथ ही यह फ्लैप कमरे में ठंडी हवा को सर्कुलेट होने में मदद करता है. कब ऑन करना चाहिए स्विंग मोड     दिन में जब कमरे में कई लोग होते हैं.     बड़े कमरा साइज होने पर यूज करें.     कमरे को एक सामान ठंडा करने के लिए.     AC को जब पहली बार चालू रखते हैं. क्या बिजली की होती है सेविंग AC के स्विंग फ्लैप से पावर सेविंग होती है या नहीं, उस पर दो राय हैं. कई एक्सपर्ट का मानना है कि फ्लैप से बेहतर कूलिंग मिलती है और AC इलेक्ट्रिसिटी पावर की सेविंग करता है. हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि फ्लैप घुमाने के लिए मोटर का यूज होता है, जो बिजली पर चलती है, जिससे बिजली खपत बढ़ जाती है.   AC में स्विंग मोटर को लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल करने की वजह से वह खराब भी हो सकती है. फिर मोटर इस्तेमाल होने पर आवाज दे सकता है. इसके बाद यह कमरे में सोने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

घर पर बनाएं नेचुरल केराटिन क्रीम, बाल बनेंगे सिल्की और स्मूद बिना महंगे ट्रीटमेंट के

 बालों को खूबसूरती से जोड़कर देखा जाता है और यही वजह है कि हर चाहता है कि उसके बाल लंबे, घने और शाइनी हो. मगर रोजाना धूल मिट्टी, प्रदूषण और गलत लाइफस्टाइल की वजह से बाल गिरने लग जाते हैं और फ्रिजी भी हो जाते हैं. कई बार बाल इस कदर ड्राई हो जाते हैं कि उनको सुलझाने में ही काफी हेयरफॉल हो जाता है. ड्राई बालों को सिल्की बनाने के लिए लोग पार्लर से महंगा स्पा, केराटिन करवाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से धूल-मिट्टी की वजह से फिर से पहले जैसे हो जाते हैं. अगर आपके बाल भी रूखे और बेजान हैं तो आप घर पर ही आसानी से  केराटिन क्रीम बना सकते हैं, जिसके लिए आपको हजारों रुपये भी खर्च नहीं करने पड़ेंगे. केराटिन करवाने के लिए लोग कुछ महीनों में पार्लर के चक्कर काटते हैं, लेकिन इस क्रीम को बनाने के बाद आपका पैसा और समय दोनों ही बच जाएंगे, इसके साथ ही यह नेचुरल चीजों से बनता है तो इससे बालों को कोई नुकसान भी नहीं होता है. आइए इस आर्टिकल में हम आपको घर पर ही केराटिन क्रीम बनाने का आसान तरीका बताते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में न तो ज्यादा मेहनत लगती हैं और न ही कोई महंगा प्रोडक्ट खरीदना पड़ता है. इसको आप लंबे समय तक स्टोर करके भी रख सकते हैं, जिससे जब आपका मन हो आप खुद ही घर पर केराटिन कर लें. केराटिन क्रीम बनाने के लिए लीजिए ये चीजें     15 से 20 सूखे अपराजिता के फूल     2 चम्मच मेथी दाना     2 चम्मच चावल     2 चम्मच अलसी के बीज     पानी     1 चम्मच एलोवेरा जेल     2 विटामिन E की कैप्सूल इस तरीके से घर पर बनाएं केराटिन क्रीम 15 से 20 सूखे अपराजिता के फूलों को एक कप पानी में उबालकर डार्क ब्लू टी तैयार करें. ठंडा होने दें फिर एक पैन में जरूरत के हिसाब से पानी डालें और उसमें दो-दो चम्मच अलसी के बीज, मेथी दाना  और चावल डालकर धीमी आंच पर पकाएं. जब यह सॉफ्ट होकर जेल जैसा ना बन जाए, तब इसमें अप्राजिता के फूलों से तैयार ब्लू टी डालकर एक उबाल लें. उसके बाद इस पानी को ठंडा होने के लिए साइड में रख दें. जब यह ठंडा हो जाए तो छलनी ने छानकर स्मूद जेल निकाल लें. अब इसमें एक चम्मच एलोवेरा जेल और 2 विटामिन ई की कैप्सूल डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें. जेल का कैसे करें इस्तेमाल? बालों को धोने के बाद इस जेल को लेंथ पर इसको लगाकर  20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर साफ पानी से हेयरवॉश कर लें. इससे आपके बाल बिना किसी महंगे ट्रीटमेंट के सॉफ्ट, सिल्की और स्मूद होने जाएंगे.  

स्लो Windows PC को तेज करने के आसान तरीके: अपडेट, स्टोरेज और सेटिंग्स पर ध्यान दें

अगर आपका Windows PC पहले के मुकाबले स्लो चलने लगा है, बार-बार हैंग हो रहा है या ऐप्स खुलने में ज्यादा समय ले रहे हैं, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. अक्सर बैकग्राउंड में चल रहे ज्यादा ऐप्स, कम स्टोरेज,पुराने ड्राइवर्स या सिस्टम में मौजूद वायरस की वजह से PC की स्पीड कम होने लगती है. हालांकि कुछ आसान सेटिंग्स और छोटे बदलावों की मदद से आप अपने स्लो Windows PC को फिर से फास्ट और स्मूद बना सकते हैं. Windows और Drivers को अपडेट रखें Microsoft समय-समय पर Windows अपडेट जारी करता है, जिनमें सिक्योरिटी पैच, बग फिक्स और नए ड्राइवर अपडेट शामिल होते हैं. अगर सिस्टम अपडेटेड रहेगा, तो PC ज्यादा स्मूद और फास्ट काम करेगा. इसके लिए Start में जाकर Settings में जाएं और वहां फिर Windows Update पर जाएं. इसके बाद वहां दिखाई दे रही अपडेट्स को डाउनलोड कर और इंस्टॉल कर लें. Malware Scan जरूर करें कई बार वायरस या मालवेयर कंप्यूटर की स्पीड धीमी कर देते हैं, क्योंकि वे सिस्टम रिसोर्स का इस्तेमाल करते रहते हैं. ऐसे में समय-समय पर Quick Scan करना जरूरी होता है. इसके लिए Start में जाकर Settings में जाएं. यहां Privacy & Security के ऑप्शन में क्लिक कर Windows Security पर जाएं और Virus & Threat Protection ओपन कर लें. इसके बाद Quick Scan शुरू करें. स्टोरेज खाली करें अगर आपके कंप्यूटर की स्टोरेज लगभग भर चुकी है, तो सिस्टम की स्पीड धीमी होने लगती है. ऐसे में अनचाही फाइल्स और Temporary Files हटाना जरूरी हो जाता है. इसके लिए आप Windows के Storage Sense फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे ऑन करने के लिए Settings में जाएं. इसके बाद System में जाकर Storage में जाएं और Storage Sense को Enable कर दें. वहीं Temporary Files हटाने के लिए Settings में जाएं System में जाकर Storage में जाकर Temporary Files में जाकर गैर जरूरी फाइल्स डिलीट की जा सकती हैं. बेकार Apps हटाएं कई ऐसे ऐप्स होते हैं, जिनका इस्तेमाल हम नहीं करते, लेकिन वे स्टोरेज और RAM दोनों घेरते रहते हैं. ऐप हटाने के लिए Start में जाकर Settings में जाएं और Apps में जाकर Installed Apps में क्लिक करें. यहां आपको ऐप्स की लिस्ट मिल जाएगी. ऐसे में आपको जिस ऐप की जरूरत नहीं है, उसे Uninstall कर दें. Startup Apps बंद करें कुछ ऐप्स कंप्यूटर ऑन होते ही अपने आप शुरू हो जाते हैं. इससे PC बूट होने में ज्यादा समय लग सकता है. इन्हें बंद करने के लिए Ctrl + Shift + Esc दबाकर Task Manager खोलें. इसके बाद Startup Apps सेक्शन में जाएं और गैरजरूरी ऐप्स को Disable कर दें. Background Activity कम करें कई ऐप्स इस्तेमाल न होने पर भी बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और सिस्टम स्लो कर देते हैं. इसे बंद करने के लिए Settings में Apps में जाएं. यहां Installed Apps में जाकर ऐप चुनें और Advanced Options खोलें. Background App Permissions को Never पर सेट कर दें. Visual Effects कम करें Windows में कई एनिमेशन और विजुअल इफेक्ट्स होते हैं, जो देखने में अच्छे लगते हैं लेकिन सिस्टम पर ज्यादा दबाव डालते हैं. ऐसे में स्पीड बढ़ाने के लिए Start Menu में Adjust the appearance and performance of Windows सर्च करें. फिर Visual Effects टैब में जाकर Adjust for best performance चुनें. इन बातों का भी रखें ध्यान     कंप्यूटर को समय-समय पर Restart करें.     SSD स्टोरेज इस्तेमाल करने से सिस्टम काफी तेज हो सकता है.     जरूरत से ज्यादा ब्राउजर टैब एक साथ न खोलें.     RAM कम हो तो अपग्रेड पर भी विचार करें.  

झटपट बनने वाली आलू काबली चाट: बिना गैस हाई-प्रोटीन नाश्ते का आसान विकल्प

सुबह की भागदौड़ में अक्सर ऐसा नाश्ता बनाने का मन करता है जो जल्दी बन जाए, स्वाद में चटपटा हो और सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. अगर आप भी गर्मी के इस मौसम में सुबह-सुबह किचन में घंटों खड़े होकर गैस नहीं जलाना चाहते तो प्रोटीन वाली आलू काबली चाट आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. यह कोलकाता का एक बेहद मशहूर स्ट्रीट फूड है जिसे उबले हुए आलू, काबुली चने (छोले) और कई तरह के ताजे मसालों को मिलाकर बिना गैस जलाए मिनटों में तैयार किया जाता है. चने की वजह से इसमें भरपूर प्रोटीन मिलता है जो आपको दिनभर एनर्जेटिक रखेगा. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान और झटपट विधि. सामग्री 2 आलू उबले हुए 1/2 प्याज 1/2 टमाटर 1 खीरा 1/4 कप सफेद मटर, उबला हुआ 1/4 कप काला चना, उबला हुआ 2-3 हरी मिर्च 1/4 कप इमली का गूदा आधे नींबू का रस स्वादानुसार काला नमक भाजा मसाला 1 बड़ा चम्मच जीरा 1 बड़ा चम्मच सौंफ 1 चम्मच धनिये के बीज 2 इलाइची 1 सूखी लाल मिर्च मुट्ठी भर धनिया पत्ती सजाने के लिए भुजिया बनाने की विधि आलू काबली चाट बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़ा मिक्सिंग बाउल (कटोरा) लें ताकि सभी चीजें आसानी से मिक्स हो सकें. इस बाउल में उबले और कटे हुए आलू के टुकड़े और उबले हुए काबुली चने डालें. अब इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर और तीखेपन के लिए हरी मिर्च डालें. अगर आप चाहें तो इसमें खीरा भी बारीक काटकर मिला सकते हैं. अब इस मिश्रण में भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और काला नमक डालें. (काला नमक चाट के स्वाद को दोगुना कर देता है). चाट को स्ट्रीट स्टाइल चटपटा बनाने के लिए इसमें इमली का पानी या इमली की चटनी डालें. साथ ही ऊपर से एक नींबू का रस निचोड़ें. चम्मच की मदद से सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से टॉस करते हुए मिला लें ताकि मसालों और इमली का स्वाद आलू और चने में अच्छे से समा जाए. आपकी बिना गैस जलाए बनने वाली हाई-प्रोटीन आलू काबली चाट तैयार है. इसे सर्विंग प्लेट में निकालें, ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और क्रिस्पी सेव या पापड़ी डालकर तुरंत सर्व करें.

Xiaomi 17T भारत में लॉन्च, Leica कैमरा और 6500mAh बैटरी के साथ 60 हजार रेंज में उतरा प्रीमियम फोन

Xiaomi ने 4 साल बाद भारत में अपनी टी-सीरीज को वापस से पेश किया है. 4 जून को कंपनी ने नया Xiaomi 17T मॉडल भारतीय बाजार में पेश कर दिया है. 60 हजार की रेंज में लॉन्च हुए Xiaomi 17T को प्रीमियम डिजाइन, बेहतरीन डिस्प्ले और लेटेस्ट HyperOS 3 के साथ एक ऑलराउंड पैकेज की तरह पेश किया गया है. सबसे बड़ी खासियत इसका Leica कैमरा सिस्टम और फ्लैगशिप जैसे फीचर्स हैं. हालांकि, कैमरे और फीचर्स के मामले में पहले से Vivo और Oppo इस प्राइस रेंज में अपनी जगह बना चुके हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या Xiaomi का यह नया फोन अपने पुराने वैल्यू फॉर मनी वाले टैग को बरकरार रख पाता है? आइए जानते हैं. Xiaomi 17T Review: डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी Xiaomi 17T पहली नजर में ही प्रीमियम स्मार्टफोन का एहसास कराता है. इसका 6.59 इंच का कॉम्पैक्ट फॉर्म फैक्टर आज के बड़े और भारी फोन्स के बीच एक बैलेंस्ड एक्सपीरियंस देता है. डिजाइन की बात करें, तो फोन में फ्लैट फ्रंट और रियर पैनल दिए गए हैं, जबकि किनारों को हल्का कर्व किया गया है, जिससे इसकी ग्रिप बेहतर हो जाती है. पीछे मौजूद बड़ा Metallic Deco कैमरा मॉड्यूल तुरंत ध्यान खींचता है और फोन को एक अलग पहचान देता है. कैमरा आइलैंड पर दी गई Leica ब्रांडिंग इसके कैमरा-फोकस्ड अप्रोच को और मजबूत बनाती है. मॉडल की बिल्ड क्वालिटी भी काफी अच्छी है. हालांकि, Xiaomi ने इसमें प्लास्टिक फ्रेम का इस्तेमाल किया है. डिस्प्ले के प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass 7i दिया गया है. साथ ही मॉडल IP68 रेटिंग से लैस है, जिससे फोन धूल और पानी से सुरक्षित रहेगा. Xiaomi 17T Review: डिस्प्ले Xiaomi 17T में 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ 6.59 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. साथ ही यह Dolby Vision, HDR10+ और 12-बिट कलर को भी सपोर्ट करता है. 120Hz रिफ्रेश रेट की वजह से स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और ऐप्स के बीच नेविगेशन बेहद स्मूद होगा. यानी चाहे मूवी देखना हो, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना हो या गेम खेलना हो, स्क्रीन हर चीज में प्रीमियम एक्सपीरियंस देगी. ब्राइटनेस की बात करें, तो कंपनी का दावा है कि इसकी पीक ब्राइटनेस 3500 निट्स तक पहुंच सकती है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन आसानी से पढ़ी जा सकती है. साथ ही, TÜV Rheinland के कई सर्टिफिकेशन इसे आंखों के लिए आरामदायक बनाते हैं. Xiaomi 17T Review: कैमरा Xiaomi 17T की सबसे बड़ी खासियत इसका Leica-ट्यून कैमरा सिस्टम है. फोन में 50MP प्राइमरी कैमरा, 50MP टेलीफोटो लेंस और 12MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है, जबकि सेल्फी के लिए 32MP फ्रंट कैमरा मिलता है. दिन की रोशनी में प्राइमरी कैमरा शानदार तस्वीरें क्लिक करता है. फोटो में अच्छी डिटेल, बेहतरीन डायनामिक रेंज और आकर्षक रंग देखने को मिलते हैं. वहीं, टेलीफोटो कैमरा पोर्ट्रेट फोटोग्राफी में काफी प्रभावित करता है और नेचुरल बैकग्राउंड ब्लर के साथ शानदार रिजल्ट देता है. अल्ट्रा-वाइड कैमरा ठीक-ठाक प्रदर्शन करता है, लेकिन इस कीमत पर इससे थोड़ा बेहतर आउटपुट की उम्मीद की जा सकती थी. वहीं लो-लाइट फोटोग्राफी में कैमरा एवरेज प्रदर्शन करता है और कुछ तस्वीरों में नॉइज देखने को मिल सकती है. कुल मिलाकर, अगर आपको पोर्ट्रेट और डे-लाइट फोटोग्राफी पसंद है, तो Xiaomi 17T का कैमरा अनुभव आपको निराश नहीं करेगा. Xiaomi 17T Review: परफॉर्मेंस Xiaomi 17T परफॉर्मेंस के मामले में एक बैलेंस्ड अप्रोच अपनाता है. फोन में 4nm बेस्ड MediaTek Dimensity 8500-Ultra चिपसेट, 12GB LPDDR5X RAM और 3D IceLoop कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जो स्मूद और स्टेबल परफॉर्मेंस बनाए रखने में मदद करता है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में सोशल मीडिया, मल्टीटास्किंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान फोन बिना किसी लैग के काम करता है. HyperOS 3 का ऑप्टिमाइजेशन भी यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाता है. वहीं BGMI जैसे गेम्स भी आसानी से चल सकते हैं, जिससे गेमिंग एक्सपीरियंस अच्छा रहेगा. इसके अलावा Xiaomi का 6 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा इसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए एक भरोसेमंद ऑप्शन बनाता है. Xiaomi 17T Review: बैटरी Xiaomi 17T में 6500mAh की बड़ी Silicon-Carbon बैटरी दी गई है. यह बैटरी फोन की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है. नॉर्मल इस्तेमाल में फोन आसानी से पूरा दिन निकाल देता है और फोन कम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह डेढ़ से दो दिन तक का बैकअप दे सकता है. चार्जिंग के लिए 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे बैटरी लगभग एक घंटे में फुल चार्ज हो जाती है. इसके अलावा 22.5W रिवर्स वायर चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है. क्या खरीदना चाहिए? 60,000 रुपये की कीमत में Xiaomi 17T खुद को सबसे फास्ट स्मार्टफोन के रूप में पेश नहीं करता. इसके बजाय यह एक ऐसा फोन है जो कैमरा, डिस्प्ले, बैटरी और डिजाइन के बीच अच्छा बैलेंस बनाने की कोशिश करता है. Leica कैमरा सिस्टम इसकी सबसे बड़ी ताकत है. शानदार डिस्प्ले, लंबी बैटरी लाइफ और स्टेबल परफॉर्मेंस इसे एक मजबूत ऑप्शन बनाते हैं. हालांकि अगर आप इस कीमत में सबसे पावरफुल प्रोसेसर चाहते हैं, तो बाजार में और भी कई ऑप्शन मौजूद हैं. ऐसे में अगर आपकी प्रायोरिटी फोटोग्राफी, शानदार डिस्प्ले और भरोसेमंद बैटरी लाइफ है, तो Xiaomi 17T एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. लेकिन मौजूदा बाजार में इसे कड़े कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ेगा.

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, गुप्त मैसेजिंग को मिलेगा नया सुरक्षा कवच

नई दिल्ली  इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp एक नया फीचर लेकर आ रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स को सीक्रेट मैसेज भेजने में मदद मिलेगी. दरअसल, अब टेक्स्ट मैसेज के साथ View Once फीचर का सपोर्ट शामिल किया जा रहा है. इसकी जानकारी WhatsApp के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने दी है।  रिपोर्ट्स में बताया है कि अभी View Once फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है. अभी इसको बीटा वर्जन के लिए भी पेश नहीं किया गया है. पहले यह फीचर फोटो और वीडियो आदि को सपोर्ट करता था. अब कंपनी इसको टेक्स्ट मैसेज के अंदर शामिल करने जा रही है।  एक बार मैसेज में View Once सपोर्ट आने के बाद यूजर्स किसी भी शख्स को सीक्रेट मैसेज भेजते हैं, उसके बाद जैसे ही रिसीवर उस मैसेज को पढ़ता है, फिर वह मैसेज ऑटोमेटिक डिलीट हो जाएगा. हालांकि इसके लिए  मैसेज भेजते समय View Once को इनेबल करना होगा।  मैसेज का स्क्रीनशॉट्स भी नहीं ले पाएंगे  WhatsApp पर View Once फीचर के तहत रिसीव होने वाले मैसेज का ना तो स्क्रीनशॉट्स लिया जा सकता है ना ही उसको एक से ज्यादा बार देखा जा सकता है. यह अपने आप में बेहद ही खास है. इस फीचर का इंतजार WhatsApp के टेक्स्ट मैसेज के लिए लंबे समय से किया जा रहा है और अब लेटेस्ट रिपोर्ट् में बताया गया है कि यह अभी डेवलपमेंट फेज में है।  WhatsApp का View Once फीचर कैसे काम करेंगे Wabetainfo की तरफ से एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है, जिसमें दिखाया है कि View Once नाम का ये फीचर कैसे काम करेगा. एक बार सेंडर की तरफ से View Once मैसेज भेजा जाएगा, जिसके बाद जैसे ही मैसेज रिसीवर द्वारा पढ़ लिया जाता है, उसके बाद मैसेज खुद ब खुद डिलीट हो जाता है।  WhatsApp लगातार अपने प्लेटफॉर्म में नए-नए फीचर्स को शामिल करता है. मेटा ने सिंपल से यूजर इंटरफेस में ढेरों फीचर्स को शामिल किया है.  हालांकि रिपोर्ट में WhatsApp के टेक्स्ट मैसेज के साथ मिलने वाले View Once की लॉन्चिंग टाइम लाइन का जिक्र नहीं किया है।  

Xiaomi 17T भारत में लॉन्च से पहले चर्चा में, कीमत और फीचर्स लीक

जून महीने की शुरुआत एक पावरफुल फोन की लॉन्चिंग के साथ हो रही है. शाओमी भारत में 4 जून को अपना Xiaomi 17T लॉन्च करने जा रहा है. कंपनी इसकी लॉन्चिंग डेट को पहले ही कंफर्म कर चुका है. कंपनी ने इसका पोस्टर जारी कर चुकी है, जिसमें हैंडसेट को पर्पल कलर में दिखाया गया है. बैक पैनल पर ट्रिपल कमरा सेटअप दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स में टिप्स्टर्स के हवाले से बताया गया है कि भारत में Xiaomi 17T को करीब 65 हजार से 70 हजार रुपये में लॉन्च किया जाएगा, हालांकि अभी तक कंपनी ने इस कीमत को कंफर्म नहीं किया है. यह एक पावर परफॉर्मेंस स्मार्टफोन है, जिसमें कई अच्छे फीचर्स और कैमरा आदि देकने को मिलेगा. हालांकि ऑफिशियली तौर पर फीचर लॉन्चिंग के बाद ही पता चलेंगे. ग्लोबल मार्केट में यह करीब 749 यूरो (करीब 83 हजार रुपये) में लॉन्च हो सकता है. Xiaomi 17T के भारत में दो वेरिएंट लॉन्च होंगे Xiaomi 17T को भारत में 65 हजार रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया जा सकता है, जिसमें 12 जीबी रैम और 256जीबी इंटरनल स्टोरेज मिलती है. हालांकि टॉप एंड वेरिएंट में 512जीबी स्टोरेज मिलेगी, जिसकी कीमत की जानकारी कंपनी ने शेयर नहीं की है. शाओमी 17T में 6500mAh की सिलिकॉम कार्बन बैटरी मिलेगी, जो 67W हाइपर चार्ज के साथ आएगा. ऑफिशियल पोर्टल पर बैटरी की जानकारी को ऑफिशियल कर दिया है, जिससे पता चलता है कि इसमें बड़ी बैटरी मिलेगी. शाओमी 17T का प्रोसेसर शाओमी के ऑफिशियल पोर्टल के मुताबिक, शाओमी 17T में डाइमेंसिटी 8500 अल्ट्रा चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा. कंपनी ने बैक पैनल को दिखाया है, जिसमें साफ पता चलता है कि यह हैंडसेट पर्पल कलर वेरिएंट में लॉन्च होगा. इसमें बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा, जिसको Leica ने ट्यून किया है. लीक्स रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा सेंसर है. 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस और 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस है, जिसमें 5X ऑप्टिकल जूम की खूबी मिलता है. कंपनी की तरफ से 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है. Xiaomi 17T के स्पेसिफिकेशन्स Xiaomi 17T में 6.59 इंच का 1.5K रेजोल्युशन डिस्प्ले दिया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट्स का डिस्प्ले दिया गया है. इसमें एचडीआर 10 प्लस, डॉल्बी विजन और फुल डीसीआई पी3 कलर गमेट कवरेज का इस्तेमाल किया गया है. इसमें 3500 की पीक ब्राइटनेस मिलेगी.

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए बेस्ट ऑप्शन? जानिए Dylect NutriPro Slow Press Juicer का रिव्यू

आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल सिर्फ जिम और डाइट तक सीमित नहीं है. लोग अब घर पर फ्रेश और न्यूट्रिशन से भरपूर जूस बनाना चाहते हैं. लेकिन ज्यादातर घरों में जो जूसर होते हैं वो मिक्सर वाले सेटअप के साथ आते हैं. यानी इन जूसर से सभी फलों के जूस को नहीं निकाला जा सकता है. ऐसे जूसर का विकल्प स्लो जूसर हैं. क्योंकि मिक्सर-ग्राइंडर वाले सेटअप से जूस नहीं बल्कि फलों का पेस्ट निकलता है. यही वजह है कि स्लो प्रेस और कोल्ड प्रेस जूसर्स तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं. इन्हीं में से एक है डायलेक्ट न्यूट्रीप्रो स्लो प्रेस जूसर (Dylect NutriPro Slow Press Juicer), जो हाल में भारत में लॉन्च हुआ है. डायलेक्ट ने इस प्रोडक्ट के साथ किचन अप्लायंसेस की कैटेगरी में भी एंट्री की है. कंपनी कहती है कि ये जूसर सिर्फ जूस नहीं बनाता, बल्कि फलों और सब्जियों के पोषण को बेहतर तरीके से बचाकर रखता है. पिछले कुछ दिनों से हम इसे इस्तेमाल कर रहे हैं. आइए जानते हैं ये जूसर कितना दमदार है. डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी डायलेक्ट का ये स्लो जूसर पहली नजर में काफी प्रीमियम और कॉम्पैक्ट महसूस होता है. इसका मोटर यूनिट थोड़ा भारी जरूर है, लेकिन इसी वजह से इस्तेमाल के दौरान मशीन स्टेबल रहती है. डिजाइन मॉडर्न किचन अप्लायंस के साथ फिट बैठता है. यानी ये आपके मॉडर्न किचन का हिस्सा आसानी से बन जाएगा और ज्यादा जगह भी नहीं घेरता है.Dylect बॉक्स में कंपनी ने यूजर मैन्युअल, क्विक असेंबली गाइड, रेसिपी बुक, क्लीनिंग ब्रश, दो कंटेनर और पुशर दिया हैं. रेसिपी बुक में आपको कई जूस कॉम्बिनेशन के अच्छे आइडिया मिल जाएंगे. इन्हें आप ट्राई कर सकते हैं. इस स्लो जूसर की असेंबली काफी आसान है. इसमें लॉकिंग सिस्टम दिया गया है, जिसकी वजह से अगर ढक्कन सही तरीके से बंद नहीं होगा, तो मशीन स्टार्ट नहीं होगी. ये एक अच्छा सेफ्टी फीचर है. अगर आपको इसकी असेंबली में दिक्कत आ रही है, तो आप बॉक्स में मिलने वाले क्यूआर कोड्स को स्कैन करके उसका प्रॉसेस देख सकते हैं. कैसा रहा एक्सपीरियंस? जूसर को सेटअप करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. सभी पार्ट्स आसानी से फिट हो जाते हैं और एक बार लॉक हो जाने पर मशीन मजबूत तरीके से काम करती है. फल और सब्जियां ऊपर से डालनी होती हैं और जरूरत पड़ने पर पुशर का इस्तेमाल किया जा सकता है. मशीन में दो अलग आउटलेट दिए गए हैं. एक से आपको फ्रेश जूस मिलेगा, जबकि दूसरे से वेस्ट पल्प बाहर आता है. जूसर में एक सिंपल स्विच दिया गया है, जिसमें ऑन-ऑफ और एक रिवर्स बटन मिलता है. रिवर्स बटन का इस्तेमाल आप तब कर सकते हैं, जब कोई फल या सब्जी अंदर फंस जाए. इस जूसर से आप नट मिल्क और कोकोनट मिल्क भी तैयार कर सकते हैं.Dylect रफॉर्मेंस कैसी है? डायलेक्ट का ये स्लो जूसर धीरे-धीरे जूस निकालता है. इसमें हाई-स्पीड ब्लेड्स वाली गर्मी पैदा नहीं होती, इसलिए जूस ज्यादा फ्रेश और नैचुरल लगता है. मौसंबी और तरबूज जैसे फलों के साथ मशीन काफी स्मूद काम करती है. वहीं गाजर और चुकंदर जैसी हार्ड सब्जियों पर मोटर थोड़ा ज्यादा आवाज करता है, लेकिन जूस निकालने में दिक्कत नहीं होती. सबसे अच्छी बात ये है कि पल्प काफी ड्राई निकलता है, यानी मशीन फलों से अच्छा-खासा जूस एक्सट्रैक्ट कर लेती है. इस मशीन की सफाई करना आसान है. कंपनी ने अलग ब्रश दिया है, जिससे फिल्टर और अंदरूनी हिस्से साफ किए जा सकते हैं. अगर आपको इंस्टेंट और बहुत बड़ी मात्रा में जूस बनाना है, तो ये थोड़ा स्लो महसूस हो सकता है. बॉटम लाइन डायलेक्ट न्यूट्रीप्रो स्लो प्रेस जूसर (Dylect NutriPro Slow Press Juicer) उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, जो घर पर हेल्दी और फ्रेश जूस चाहते हैं. इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन, आसान असेंबली और न्यूट्रिशन-फोकस्ड स्लो प्रेस टेक्नोलॉजी इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए काफी उपयोगी बनाती है. इस जूसर की कीमत 12,999 रुपये है. हालांकि, डिस्काउंट ऑफर के साथ आप इसे लगभग 10 हजार के बजट में खरीद सकते हैं. कई लोगों को ये डिवाइस महंगा लग सकता है. अगर आप अपनी हेल्थ पर इन्वेस्ट करना चाहते हैं, तो डिवाइस को खरीद सकते हैं.