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WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, Meta को 9 जुलाई तक का अल्टीमेटम

WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर भारत सरकार और Meta के बीच चल रहा विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है. अब सरकार ने Meta को अपना जवाब देने के लिए कुछ और समय दिया है. पहले कंपनी को तीन दिन के भीतर जवाब देना था, लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 9 जुलाई कर दिया गया है. सरकार इस फीचर के सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है. HT की एक रिपोर्ट मेें सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मेटा को कुछ दिन का एक्स्टेंशन दिया गया है. दरअसल वॉट्सऐप ने हाल ही में यूजरनेम फीचर का ऐलान किया था. इस फीचर के आने के बाद यूजर्स अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी दूसरे लोगों से बात कर सकेंगे. यानी अगर आपके पास किसी का यूजरनेम है, तो कई मामलों में फोन नंबर शेयर किए बिना भी बातचीत शुरू की जा सकेगी. मेटा का कहना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी पहले से बेहतर होगी. लेकिन भारत सरकार की चिंता कुछ और है. सरकार का मानना है कि अगर किसी प्लेटफॉर्म पर पहचान छिपाकर लोगों से संपर्क करना आसान हो गया, तो ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान बनाकर ठगी करने जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं. इसी वजह से सरकार ने पिछले हफ्ते Meta को इस फीचर का रोलआउट रोकने और इसकी पूरी जानकारी देने का नोटिस भेजा था. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक मेटा और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर बैठक भी हो चुकी है. बैठक में कंपनी ने यूजरनेम फीचर के सुरक्षा उपायों की जानकारी दी. इसके बाद सरकार ने कंपनी को अपना विस्तृत लिखित जवाब देने के लिए 9 जुलाई तक का समय दे दिया है. इसके बाद सरकार तय करेगी कि फीचर को भारत में किस तरह और किन शर्तों के साथ शुरू किया जा सकता है. मेटा का कहना है कि यूजरनेम फीचर को शुरू से ही सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. कंपनी के मुताबिक यूजरनेम पूरी तरह ऑप्शनल होगा. वॉट्सऐप अकाउंट बनाने के लिए मोबाइल नंबर पहले की तरह जरूरी रहेगा. इसके अलावा किसी व्यक्ति से बातचीत करने के लिए उसका सही यूजरनेम पता होना चाहिए. कंपनी का दावा है कि उसने फर्जी अकाउंट और स्कैम से बचाने के लिए कई सुरक्षा लेयर भी जोड़ी हैं. हाल ही में मेटा ने इस फीचर से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए एक FAQ भी जारी किया है. सरकार हालांकि अभी इन दावों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम और पहचान छिपाने वाले फीचर्स का इस्तेमाल कई साइबर अपराधों में हुआ है. ऐसे में वॉट्सऐप पर भी इसी तरह की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सरकार चाहती है कि फीचर शुरू होने से पहले यह साफ हो जाए कि इससे फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगना आसान नहीं होगा. भारत वॉट्सऐप का सबसे बड़ा बाजार है, जहां 80 करोड़ से ज्यादा लोग इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में सरकार का यह फैसला सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वॉट्सऐप के ग्लोबल रोलआउट पर भी असर डाल सकता है. अब सभी की नजर 9 जुलाई पर है, जब मेटा अपना विस्तृत जवाब सरकार को सौंपेगी. उसके बाद यह तय होगा कि वॉट्सऐप का नया यूजरनेम फीचर भारत में कब और किन नियमों के साथ शुरू होगा.

अजवाइन और कसूरी मेथी से बनी कुरकुरी मठरी, एक बार बनाएं और महीनेभर करें स्टोर

शाम के वक्त जब हल्की-फुल्की भूख लगती है तो चाय के कप के साथ कुछ नमकीन और क्रिस्पी खाने का मन करता है. ऐसे में अक्सर हम बाजार से पैकेट बंद नमकीन या बिस्किट ले आते हैं जो सेहत के लिए उतने अच्छे नहीं होते. क्यों न इस बार घर पर ही कुछ ऐसा बनाया जाए जो हाइजीनिक भी हो और स्वाद में भी लाजवाब. यहां हम आपको बिलकुल बाजार जैसी खस्ता मठरी की रेसिपी बता रहे हैं. अजवाइन और कस्तूरी मेथी के फ्लेवर से भरपूर यह मठरी खाने में इतनी टेस्टी होती है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है. सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे एक बार बनाकर पूरे महीने के लिए एयर-टाइट कंटेनर में स्टोर कर सकते हैं. मठरी को एकदम खस्ता और परफेक्ट बनाने का सबसे बड़ा राज उसके मोयन (आटे में तेल या घी मिलाना) और उसे तलने के तरीके में छुपा होता है. धीमी आंच पर तली गई मठरी अंदर तक पकती है और लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है. सामग्री: मैदा या गेहूं का आटा: 2 कप (आप चाहें तो आधा आटा और आधा मैदा भी ले सकते हैं) सूजी (बारीक): 2 बड़े चम्मच (एक्स्ट्रा क्रिस्पनेस के लिए) अजवाइन: 1 छोटा चम्मच कसूरी मेथी: 1 बड़ा चम्मच (हथेलियों से क्रश की हुई) काली मिर्च: आधा छोटा चम्मच (हल्की कुटी हुई) घी या तेल (मोयन के लिए): 4-5 बड़े चम्मच नमक: स्वादानुसार गुनगुना पानी: आटा गूंथने के लिए तेल: मठरी तलने के लिए बनाने की विधि: एक बड़े बर्तन में मैदा या गेहूं का आटा निकालें. इसमें सूजी, अजवाइन (क्रश करके), कसूरी मेथी, कुटी काली मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर सूखी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें 4-5 चम्मच घी या तेल डालें और दोनों हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें. जब आप आटे को मुट्ठी में बांधें, तो वह एक लड्डू की तरह बंधना चाहिए. अगर ऐसा हो रहा है, तो मोयन एकदम परफेक्ट है. अब गुनगुने पानी की बूंदें छिड़कते हुए एक बहुत ही सख्त (कड़ा) आटा गूंथ लें. इसे ज्यादा चिकना करने की जरूरत नहीं है. आटे को गीले कपड़े से ढककर 15-20 मिनट के लिए सेट होने दें. आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच रखकर बस चपटा कर दें (इन्हें बेलन से बेलने की जरूरत नहीं है, रफ और असमान शेप ही मठरी को असली टेक्सचर देता है). अब एक कांटे (Fork) या चाकू से मठरी में जगह-जगह छेद कर दें ताकि ये तेल में जाकर पूरियों की तरह फूलें नहीं. कड़ाही में तेल गरम करें. ध्यान रहे कि तेल बहुत ज्यादा तेज गरम नहीं होना चाहिए, बल्कि मध्यम गरम होना चाहिए. तेल में मठरियां डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें धीमी आंच पर अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि इनका रंग दोनों तरफ से सुंदर सुनहरा न हो जाए. तली हुई मठरियों को टिशू पेपर पर निकालें. गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन पूरी तरह ठंडी होने के बाद ये एकदम खस्ता हो जाएंगी. ठंडी होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक चाय के साथ आनंद लें.

शाकाहारी लोग भी बना सकते हैं मजबूत मसल्स, डॉक्टर ने बताया ल्यूसीन का सही राज

शाकाहारी लोगों की अक्सर शिकायत रहती है उनके पास प्रोटीन सोर्स की कमी रहती है इसलिए उनके मसल्स जल्दी नहीं बन पाते लेकिन एक डॉक्टर ने इसका तरीका भी बताया है. डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है, मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखना काफी नहीं है बल्कि उसके साथ ल्यूसीन (Leucine) नाम के एक जरूरी अमीनो एसिड का सही लेवल होना बहुत जरूरी है. ल्यूसीन मसल्स के लिए एक ट्रिगर की तरह काम करता है, जो मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस को एक्टिवेट करता है.   क्यों जरूरी है ल्यूसीन? ल्यूसीन एक ऐसा अमीनो एसिड है जो हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता इसलिए इसे डाइट से लेना जरूरी होता है. यह मसल्स को संकेत देता है कि उन्हें प्रोटीन का उपयोग करके बढ़ना और रिकवर होना है. जब आप स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वजन उठाने वाली एक्सरसाइज करते हैं तो ल्यूसीन का सही सेवन मसल्स को तेजी से रिकवर करने और मजबूती देने में मदद करता है. कई रिसर्च बताती हैं कि सही मात्रा में ल्यूसीन मिलने पर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन भी मसल्स बिल्डिंग में उतने ही कारगर हो सकते हैं जितने कि एनिमल प्रोटीन.   क्या है सही चुनाव? डॉ. मिश्रा के अनुसार, बेसन जैसे ऑप्शंस में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है. 100 ग्राम बेसन में करीब 20 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है जो कि गेहूं या अन्य अनाजों के मुकाबले काफी बेहतर है. इसके अलावा, सोयाबीन प्लांट-बेस्ड प्रोटीन के सबसे बेहतरीन सोर्सेज में से एक है. सोया न केवल हाई-प्रोटीन है, बल्कि इसमें ल्यूसीन भी भरपूर होता है, जिससे यह मसल्स बिल्डिंग के लिए एक स्मार्ट और सुलभ विकल्प बन जाता है.   डाइट में करें ये छोटा सा बदलाव डॉ. मिश्रा का सुझाव है कि हर मील में प्रोटीन और ल्यूसीन के सही बैलेंस पर ध्यान दें. यदि आप अपनी मील में बेसन या अन्य प्रोटीन सोर्सेज को मिक्स करते हैं तो इससे आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ेगी और कार्बोहाइड्रेट का असर कम हो जाएगा. यह न केवल आपकी मसल्स बनाने में मदद करेगा बल्कि ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल में रखने में मददगार हो सकता है. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स का चुनाव करने और खाने के तरीके को सही रखने से बिना किसी महंगी दवा के आपकी सेहत में बड़ा सुधार आ सकता है. 

गुड़ और गेहूं के आटे से बनाएं हेल्दी मीठी मठरी, स्वाद भी और सेहत भी

शाम की चाय हो या सुबह का नाश्ता मठरी हर भारतीय घर की पहली पसंद होती है. अक्सर लोग नमकीन मठरी तो बड़े चाव से खाते हैं लेकिन जब बात मीठी मठरी की आती है तो वजन बढ़ने या ब्लड शुगर लेवल हाई होने के डर से लोग इससे दूरी बना लेते हैं. बाजार में मिलने वाली मीठी मठरी में भारी मात्रा में चीनी और मैदे का इस्तेमाल होता है जो सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है. लेकिन क्या आपने कभी बिना चीनी वाली मीठी मठरी ट्राई की है. जी हां, आज हम आपके लिए लेकर आए हैं चीनी की जगह गुड़ और मैदे की जगह गेहूं के आटे से बनने वाली बेहद खस्ता और हेल्दी मठरी की रेसिपी. यह स्वाद में इतनी लाजवाब होती है कि खाने के बाद हर कोई आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा. यह मठरी आयरन से भरपूर गुड़ और फाइबर से भरपूर गेहूं के आटे के मेल से बनती है. इसमें इस्तेमाल होने वाले सफेद तिल इसके क्रंच और स्वाद को दोगुना कर देते हैं. इसे आप लंबे समय तक स्टोर करके भी रख सकते हैं. सामग्री: गेहूं का आटा: 2 कप सम्बंधित ख़बरें गुड़ (कद्दूकस किया हुआ): ¾ कप सफेद तिल: 2 बड़े चम्मच सौंफ पाउडर या कुटी हुई सौंफ: 1 छोटा चम्मच (बेहतरीन फ्लेवर के लिए) घी या तेल (मोयन के लिए): 4 चम्मच गुनगुना पानी: आधा कप (गुड़ पिघलाने के लिए) तेल या घी: तलने के लिए बनाने की विधि: सबसे पहले गुनगुने पानी में कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालकर अच्छी तरह मिला लें ताकि गुड़ पूरी तरह पिघल जाए. अब इस सिरप को छान लें ताकि गुड़ की अशुद्धियां निकल जाएं. इसे ठंडा होने दें. एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें. इसमें सफेद तिल, सौंफ और 4 चम्मच घी का मोयन डालें. हाथों से आटे को अच्छी तरह रगड़ें ताकि मोयन पूरे आटे में समा जाए (आटे को मुट्ठी में बांधने पर लड्डू जैसा बनना चाहिए). अब गुड़ के पानी को थोड़ा-थोड़ा करके आटे में डालें और एक सख्त आटा गूंथ लें (जैसे पूरी या नमकीन मठरी का आटा होता है). आटे को 10-15 मिनट के लिए कपड़े से ढककर सेट होने दें. आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ें. इन्हें हथेलियों के बीच दबाकर चपटा कर लें या बेल लें (मठरी को बहुत पतला न करें, थोड़ा मोटा ही रखें). एक कांटे की मदद से मठरी में छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि तलते समय ये फूले नहीं. कड़ाही में तेल या घी गरम करें. तेल मध्यम गरम होना चाहिए. अब मठरियों को तेल में डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. इन्हें अलट-पलट कर तब तक तलें जब तक कि ये अंदर तक पक न जाएं और इनका रंग हल्का सुनहरा-भूरा न हो जाए. गरम होने पर ये थोड़ी सॉफ्ट लगेंगी, लेकिन ठंडी होने के बाद एकदम खस्ता और कुरकुरी हो जाएंगी. पूरी तरह ठंडा होने पर इन्हें एयर-टाइट डिब्बे में बंद करके महीनों तक इस्तेमाल करें.

इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों पर सरकार सख्त, मेटा से मांगा जवाब

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिखाई दे रहे थे, जो कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट तक पहुंच का दावा कर रहे थे. कुछ विज्ञापनों में यह भी कहा गया कि ऐसे वीडियो महज 99 रुपये में खरीदे जा सकते हैं. इस खुलासे के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को तत्काल ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट हटाने का आदेश दिया है. साथ ही कंपनी से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा गया है. सरकार का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े किसी भी कंटेंट के प्रति किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यह मामला सामने आने के बाद मेटा की कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था और उसके एल्गोरिदम पर भी सवाल उठने लगे हैं. सरकार ने केवल आपत्तिजनक विज्ञापन हटाने का निर्देश नहीं दिया है, बल्कि यह भी पूछा है कि आखिर ऐसे कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर बढ़ावा कैसे मिला. सरकार ने मेटा से एल्गोरिदमिक प्रमोशन को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है. यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस का कारण बन गया है. सरकार हुई सख्त बीबीसी की एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर ऐसे कई पेड विज्ञापन दिखाई दिए जो कथित तौर पर चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन एंड एब्यूज मैटेरियल (CSEAM) तक पहुंच का प्रचार कर रहे थे. रिपोर्ट के अनुसार इन विज्ञापनों में यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर भेजा जाता था, जहां कथित तौर पर 99 रुपये जैसी छोटी रकम लेकर अवैध सामग्री उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था. इसी रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत सरकार ने मेटा अधिकारियों को तलब किया और जवाब मांगा. सरकारी सूत्रों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इंस्टाग्राम पर मौजूद ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट तुरंत हटाए जाएं, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अवैध कंटेंट तक पहुंच को बढ़ावा देते हों. साथ ही कंपनी को सात दिन के भीतर यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वह कौन-कौन से तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाएगी. एल्गोरिदम पर भी उठे गंभीर सवाल सरकार ने इस मामले में केवल कंटेंट हटाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है. मंत्रालय ने मेटा से यह भी पूछा है कि आखिर इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम ऐसे विज्ञापनों और कंटेंट को यूजर्स तक पहुंचाने में कैसे भूमिका निभा रहा था. सरकार चाहती है कि कंपनी अपने सिस्टम में ऐसे बदलाव करे, जिससे भविष्य में किसी भी तरह के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट का प्रचार या प्रसार न हो सके. मेटा ने क्या कहा? मेटा ने बयान जारी कर कहा है कि कंपनी की नीति बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की है. कंपनी के अनुसार वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विशेषज्ञ टीमों की मदद से ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसे हटाने का लगातार प्रयास करती है. मेटा ने यह भी कहा कि अपराधी लगातार नए तरीके अपनाते हैं, इसलिए प्लेटफॉर्म अपनी सुरक्षा तकनीकों को लगातार मजबूत कर रहा है और अन्य कंपनियों के साथ भी जरूरी सूचनाएं साझा करता है. भारतीय कानून क्या कहता है? भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67(B) के तहत बच्चों को यौन रूप से स्पष्ट या शोषण से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक कंटेंट का प्रकाशन, प्रसारण या प्रचार दंडनीय अपराध है. राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार CSEAM उन सभी तस्वीरों, वीडियो या डिजिटल सामग्री को कहा जाता है, जिनमें किसी बच्चे का यौन शोषण या दुरुपयोग दर्शाया गया हो. ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियां कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं और सोशल मीडिया कंपनियों की भी जवाबदेही तय की जाती है. सरकार ने समय-समय पर उन वेबसाइट को भी ब्लॉक किया है जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामाग्री होती है. यह कार्रवाई इंटरपोल से मिली सूची के आधार पर की गई है, जो भारत की नेशनल नोडल एजेंसी सीबीआई को मिलती है. इस सप्ताह दूसरी बार मेटा नियामकीय जांच के दायरे में आया है. इससे पहले बुधवार को केंद्र सरकार ने मेटा को एक नोटिस जारी करके व्हाट्सऐप पर प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ के बारे में सवाल पूछा. सरकार को चिंता है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, ‘फिशिंग’, डिजिटल अरेस्ट घोटाला और किसी और का रूप धारण किए जाने वाले हमले काफी बढ़ सकते हैं. सरकार ने मंच को निर्देश दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार की संतुष्टि के अनुसार बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को रोक दिया जाए. सूत्रों का कहना है कि व्हाट्सऐप ‘यूजरनेम फीचर’ को पेश करने में देरी करेगा.

चिया सीड्स फेस मास्क: एलोवेरा और शहद से पाएं नेचुरल ग्लो

चिया सीड्स को सुपरफूड माना जाता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे काफी हेल्दी माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि चिया सीड्स सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि चेहरे के लिए भी बेहद फायदेमंद हो सकते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व स्किन को हाइड्रेट रखने, चेहरे पर नमी बनाए रखने और उसे ग्लोइंग देने में मदद करते हैं. आज हम आपको चिया सीड्स से बनने कुछ आसान फेस मास्क के बारे में बताएंगे जो आपके चेहरे को हमेशा हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखेंगे. चिया सीड्स और एलोवेरा फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) सम्बंधित ख़बरें 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और एलोवेरा का फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें, ताकि यह जेल जैसा हो जाए. अब इसमें एलोवेरा जेल और शहद मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क ड्राई और डल स्किन की समस्या को कम करने के साथ-साथ स्किन को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है. चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच ग्रीन टी 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और ग्रीन टी फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले ग्रीन टी बनाकर ठंडी कर लें. अब इसमें चिया सीड्स को 15 मिनट तक भिगो दें. फिर शहद मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर रखें और बाद में गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क स्किन पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करता है. चिया सीड्स और हल्दी फेस मास्क इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1/2 चम्मच हल्दी 1 बड़ा चम्मच शहद चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क कैसे बनाएं? चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 20 मिनट तक पानी में भिगोकर जेल तैयार करें. इसमें हल्दी और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें. इस फेस मास्क को 10-15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें. यह फेस मास्क दाग-धब्बों को कम करने और स्किन टोन को बेहतर करने में मदद करता है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स 2 बड़े चम्मच पानी 1 बड़ा चम्मच सादा दही 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाएं कैसे? चिया सीड्स और हल्दी का फेस मास्क बनाने के लिए चिया सीड्स को 15 मिनट तक पानी में भिगो दें. फिर इसमें दही और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इस मिश्रण को हल्के हाथों से चेहरे पर गोलाकार गति में मसाज करें. 10-15 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. यह फेस मास्क डेड स्किन हटाने और चेहरे को सॉफ्ट व ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकता है. इन बातों का रखें ध्यान किसी भी घरेलू फेस मास्क का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है या कोई स्किन प्रॉब्लम है तो एक्सपर्ट की सलाह लेने के बाद ही इन उपायों को अपनाएं.

WhatsApp ला रहा बड़ा अपडेट, टैबलेट के लिए मिलेगा खास मोड; जानें क्या होंगे नए फीचर्स

 नई दिल्ली  WhatsApp आखिरकार टैबलेट के लिए भी अलग से एक खास मोड लेकर आ रहा है, जिसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है. यह अलग स्टैंडएलोन ऐप एंड्रॉयड टैबलेट पर काम करेगा. अभी तक एंड्रॉयड टैबलेट में वॉट्सऐप चलाने के लिए प्राइमरी स्मार्टफोन साथ रखना होता था। वॉट्सऐप के स्टैंडएलोन मोड की मदद से टैबलेट को बतौर प्राइमरी डिवाइस भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसकी जानकारी वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर और अपडेट को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने शेयर की है।    चुनिंदा यूजर्स के पास न्यू बीटा वर्जन का एक्सेस दिया है. Wabetainfo ने बताया है कि की यूजर्स ने बताया है कि टैबलेट पर न्यू स्क्रीन दिखाई देगा, जहां सबसे ऊपर Choose An Option दिखाई देगा, उसके नीचे दो ऑप्शन मिलेंगे. इसमें एक लॉगइन इनटू वॉट्सऐप और दूसरा ऑप्शन ट्रांसफर योर अकाउंट का ऑप्शन है।  दोनों ऑप्शन के अलग-अलग काम  पहले ऑप्शन की मदद से यूजर्स अपने प्राइमरी डिवाइस को कनेक्ट कर सकेंगे, उसके लिए क्विक रिस्पोंस कोड (QR Code) को प्राइम वॉट्सऐप अकाउंट से लिंक करना होगा।  Wabetainfo ने किया पोस्ट  सेकेंड ऑप्शन की मदद से यूजर्स टैबलेट को अपना प्राइमरी डिवाइस बना सकते हैं. इसके लिए मोबाइल नंबर एंटर करना होगा और नंबर को ऑथेंटिकेट करना होगा।  प्राइमरी डिवाइस बनाने का क्या है मतलब  टैबलेट या स्मार्टफोन में  वॉट्सऐप को प्राइमरी अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करने का मतलब है कि वह बाकी सभी पुराने डिवाइस से ऑटोमैटिक लॉगआउट हो जाएगा. साथ ही अगर चैट बैकअप सिंक नहीं हुआ होगा तो वह रिकवर भी नहीं होगी।  टैबलेट पर अगर प्राइमरी वॉट्सऐप अकाउंट यूज करते हैं, तो 14 दिन के बाद वह ऑटोमेटिक लॉगआउट नहीं होगा. इससे यूजर्स एक्सपीरिंयस बेहतर होगा और हमेशा एक साथ दो डिवाइस लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। 

FireBoltt लाएगा पहला बजट स्मार्टफोन Boltt Evo, Geekbench पर फीचर्स लीक

FireBoltt अपना पहला बजट स्मार्टफोन Boltt Evo ला रहा है। गीकबैंच लिस्टिंग में इसके खास फीचर्स लीक हो गए हैं। इसके अलावा, Samsung के अपकमिंग फोल्डेबल फोन्स का डिजाइन रिवील हो गया है। साथ ही, Meta Ray-Ban को टक्कर देने के लिए कंपनी अपने पहले AI Galaxy Glasses लेकर आ सकती है। Apple साल 2027 की शुरुआत में M7 प्रोसेसर से लैस नए iPad Pro और नए लुक वाला MacBook Pro लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसी बीच, ऑडियो सेगमेंट में boAt ने भारतीय ग्राहकों के लिए 80W साउंड और RGB लाइट्स वाला अपना नया पोर्टेबल स्पीकर Stone 900 बाजार में उतार दिया है। ऐपल के नए iPad Pro और MacBook Pro     ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, Apple 2027 की पहली छमाही में अपने नए iPad Pro मॉडल्स और बिल्कुल नए डिजाइन वाला एंट्री-लेवल MacBook Pro लॉन्च करने की योजना बना रहा है।     कंपनी M7 प्रोसेसर को तेजी से डेवलप कर रही है। इसका फोकस ऑन-डिवाइस एआई (AI) फीचर्स को बेहतर बनाना है।     रिपोर्ट के मुताबिक, नए iPad Pro मॉडल्स अपने मौजूदा 11 इंच और 13 इंच साइज में ही आएंगे, लेकिन इनमें परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए वेपर चैंबर कूलिंग और फास्ट चिप्स को मिलेगी।     वहीं दूसरी तरफ, नया 14 इंच का एंट्री लेवल MacBook Pro (कोडनेम K104) पूरी तरह से नए लुक और स्लिम डिजाइन के साथ आएगा, जो इसके महंगे टचस्क्रीन वाले प्रीमियम मॉडल्स जैसा दिखेगा। सैमसंग के पहले स्मार्ट ग्लासेस     सैमसंग, Meta Ray-Ban स्मार्ट ग्लास को टक्कर देने के लिए अपने पहले एआई स्मार्ट चश्मे Galaxy Glasses पर काम कर रहा है।     इसका एक प्रमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया है। लीक हुए 27 सेकंड के इस वीडियो के मुताबिक, यह चश्मा किसी भारी-भरकम वीआर हेडसेट जैसा नहीं, बल्कि रोज पहनने वाले एक साधारण सनग्लासेस जैसा दिखता है।     इसमें 12MP का कैमरा, टच कंट्रोल्स, एक्सटर्नल एलईडी इंडिकेटर, फोटोक्रोमिक लेंस और Qualcomm Snapdragon AR1 चिपसेट दिया गया है।     गूगल के Android XR प्लेटफॉर्म और Gemini AI सपोर्ट के साथ आने वाले इस चश्मे से यूजर्स बिना फोन निकाले केवल वॉयस कमांड या जेस्चर के जरिए तस्वीरें खींचने, वीडियो रिकॉर्ड करने, लाइव ट्रांसलेशन और नेविगेशन जैसे काम कर सकेंगे। कंपनी इसे 22 जुलाई को होने वाले अपने अगले Galaxy Unpacked इवेंट में पेश कर सकती है। सैमसंग के आने वाले फोल्डेबल फोन का डिजाइन लीक     Android Headlines ने सैमसंग के अपकमिंग फोल्डेबल स्मार्टफोन्स Galaxy Z Fold 8, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8 के ऑफिशियल प्रोटेक्टिव केसेस यानी कवर्स की फोटो लीक कर दी हैं।     इससे इन फोन्स के फाइनल डिजाइन और लुक का पता चल गया है। लीक के मुताबिक, नए और चौड़े फॉर्म फैक्टर वाले Galaxy Z Fold 8 के लिए एरामिड फाइबर केसेस, मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करने वाले सिलिकॉन केसेस और एस्तेर किम, जोकर व काकाओ कॉर्प जैसे आर्टिस्ट्स द्वारा डिजाइन किए गए खास ट्रांसपेरेंट कवर्स पेश किए जाएंगे।     इन केसेस के कटआउट्स से यह भी साफ हो गया है कि नए वाइड डिजाइन वाले Galaxy Z Fold 8 में पीछे की तरफ केवल वर्टिकल ड्यूल कैमरा सेटअप ही मिलेगा, जबकि इसके प्रीमियम वर्जन Z Fold 8 Ultra में तीन कैमरे दिए जाएंगे। FireBoltt के पहले फोन Boltt Evo के फीचर्स     स्मार्टवॉच और वियरेबल्स बनाने वाला घरेलू ब्रांड FireBoltt अब स्मार्टफोन मार्केट में कदम रख रहा है और लॉन्च से पहले उसका पहला बजट स्मार्टफोन Boltt Evo बेंचमार्किंग प्लेटफॉर्म Geekbench पर स्पॉट हुआ है।     इस लिस्टिंग से फोन के खास फीचर्स का खुलासा हुआ है।     फोन Unisoc T7250 प्रोसेसर, 4GB रैम और सबसे लेटेस्ट Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आ सकता है।     बेंचमार्क टेस्ट में इसे सिंगल-कोर में 440 और मल्टी-कोर में 1,470 का स्कोर मिला है। यह स्मार्टफोन भारत में Flipkart के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। लीक रिपोर्ट के अनुसार, फोन की कीमत 15 हजार रुपये से कम हो सकती है। अन्य खबर boAt ने अपनी पोर्टेबल ऑडियो रेंज का विस्तार करते हुए भारत में अपना नया हाई-पावर पोर्टेबल स्पीकर boAt Stone 900 लॉन्च किया है। यह स्पीकर ड्यूल ड्राइवर्स और डेडिकेटेड ट्वीटर्स के साथ 80W का सिग्नेचर साउंड देता है और इसमें म्यूजिक के साथ सिंक होने वाली डायनेमिक RGB लाइटिंग दी गई है। यह पोर्टेबल स्पीकर 15 घंटे तक का प्लेबैक टाइम, IPX5 रेटिंग और कनेक्टिविटी के लिए ब्लूटूथ v5.3 के साथ AUX व USB सपोर्ट के साथ आता है। इसकी कीमत 5,999 रुपये है।

एयरटेल का नया 200 रुपये वाला प्लान देगा अनलिमिटेड 5G डेटा और OTT सब्सक्रिप्शन

 भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल ने एक नया प्रीपेड प्लान लॉन्च किया है। इसकी कीमत 200 रुपये है। खासबात तो यह है कि इस पैक में अनलिमिटेड 5G डेटा के साथ 30GB 4G डेटा भी मिलता है। इतना ही नहीं प्लान में Jiohotstar जैसे कई लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म का फ्री सब्सक्रिप्शन भी दिया जा रहा है। हालांकि, यह एक ऐड-ऑन प्लान है। कंपनी के इस प्लान से जियो के 200 रुपये वाले प्लान को कड़ी टक्कर मिल रहा है। आइये, इसके बारे में जानते हैं। 28 दिन है वैलेडिटी लोकप्रिय टेलीकॉम कंपनी एयरेटल के इस 200 रुपये वाले प्लान की वैलेडिटी 28 दिन है। इस प्लान में 28 दिनों के लिए 30GB हाई-स्पीड डेटा मिल रहा है। इतना ही नहीं, कंपनी अपने यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा भी दे रहा है, जिसका यूज केवल 5G नेटवर्क वाले क्षेत्रों में किया जा सकता है। प्लान एयरटेल की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध है। फ्री मिल रहा कई ओटीटी का सब्सक्रिप्शन     एयरटेल के इस प्रीपेड प्लान के तहत यूजर्स को 149 रुपये की कीमत वाला 28 दिन का JioHotstar मोबाइल का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलेगा, जिससे वे मोबाइल पर लाइव स्पोर्ट्स, फिल्में, Hotstar स्पेशल और अन्य सीरीज-मूवी देख सकेंगे।     इतना ही नहीं, इस पैक में 28 दिनों के लिए Airtel Xstream प्ले प्रीमियम भी दिया जा रहा है। इसके जरिए यूजर्स को Sony LIV, Lionsgate Play, Aha Premium, Chaupal, SunNXT और अन्य सहित 18 से ज्यादा OTT प्लेटफॉर्म का एक्सेस मिलेगा।     30GB मोबाइल डेटा खत्म हो जाने के बाद यूजर को एक MB के लिए 50 पैसे देने होंगे। इस ऐड-ऑन प्लान का मकसद यूजर्स को उनके मौजूदा प्लान के साथ अधिक डेटा और ओटीटी प्लेटफॉर्म का एक्सेस देना है। चूंकि यह एड-ऑन प्लान है तो इसका मतलब है कि यूजर्स को इसके लिए एक नॉर्मल प्लान से रिचार्ज करमा जरूरी होगा। Jio का 200 रुपये का प्लान बता दें कि जियो का भी एक 200 रुपये का डेटा पैक आता है। इसे ओटीटी पास कहा जाता है। इसमें यूजर्स को 15 OTT के साथ 1000 से ज्यादा टीवी चैनल का एक्सेस मिलता है। ओटीटी प्लेटफॉर्म में Jiohotstar, SonyLiv, प्राइम वीडियो, यूट्यूब प्रीमियम, Z5 आदि शामिल है। इसमें भी 28 दिनों के लिए 30GB डेटा और अनलिमिटेड 5G डेटा मिलता है।

3 साल तक गर्भधारण की चिंता खत्म! पश्चिमी सिंहभूम में महिलाओं को मुफ्त मिलेगा गर्भनिरोधक इम्प्लांट

 चाईबासा  पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल ने महिला स्वास्थ्य और परिवार नियोजन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत करते हुए पहली बार आधुनिक गर्भनिरोधक इम्प्लांट का सफल प्रत्यारोपण किया है। इसके साथ ही अब जिले की महिलाओं को यह अत्याधुनिक सुविधा अपने ही जिले में निःशुल्क उपलब्ध होगी। अस्पताल की चिकित्सक डॉ. पौलीना मुंडू और उनकी मेडिकल टीम ने इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह एक आधुनिक, सुरक्षित और लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली गर्भनिरोधक विधि मानी जाती है। इस प्रक्रिया में महिला की ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे माचिस की तीली के आकार का एक छोटा और लचीला इम्प्लांट लगाया जाता है। यह लगातार नियंत्रित मात्रा में हार्मोन छोड़ता है, जिससे करीब तीन वर्षों तक गर्भधारण से सुरक्षा मिलती है। यदि महिला इस अवधि से पहले संतान की योजना बनाना चाहती है, तो प्रशिक्षित चिकित्सक इसे आसानी से निकाल सकते हैं। इम्प्लांट हटाने के बाद महिला सामान्य रूप से गर्भधारण कर सकती है। डॉ. पौलीना मुंडू ने बताया कि यह सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रभावी परिवार नियोजन का विकल्प उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह एक मामूली प्रक्रिया है, जिसे प्रशिक्षित चिकित्सकों की निगरानी में कम समय में सुरक्षित रूप से किया जाता है। इस सुविधा के शुरू होने से अब पश्चिमी सिंहभूम की महिलाओं को इस आधुनिक गर्भनिरोधक सेवा के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सदर अस्पताल में यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने इसे जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि आगे भी लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।