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अच्छी नौकरी, मोटी सैलरी फिर भी डिप्रेशन! ‘बोरआउट’ ने बढ़ाई कर्मचारियों की चिंता

नई दिल्ली  अब तक आपने सुना होगा कि ऑफिस में काम का दबाव ज्यादा होने के कारण लोग बर्नआउट का शिकार हो रहे हैं। यानी काम का प्रेशर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से थका रहा है, लेकिन अब एक दूसरी समस्या सामने आ रही है।  अब कर्मचारी ऑफिस में बर्नआउट से ज्यादा बोरियत का शिकार हो रहे हैं, जिसे बोरआउट कहते हैं। इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि दफ्तरों में करने के लिए काम नहीं बचा है, बल्कि लोगों को अब उस काम का कोई मकसद नजर नहीं आ रहा है। जब काम में कोई नया चैलेंज नहीं मिलता या वो दिनभर खाली बैठे रहते हैं, तो ये खालीपन उन्हें अंदर से तोड़ने लगता है।  बाहर से देखने पर सबकुछ बिल्कुल ठीक दिखाई देता है। अच्छी नौकरी, सैलेरी, एसी की हवा और आरामदायक कुर्सी, लेकिन भारी बोरियत की वजह से अंदर ही अंदर कर्मचारियों का आत्मविश्वास डगमगा जाता है।  बोरआउट कर्मचारियों को कैसे प्रभावित कर रहा है? इस शब्द का सबसे पहली बार इस्तेमाल यूरोप के एक वर्कप्लेस रिसर्च में किया गया था। इस रिसर्च के अनुसार, लगातार काम कम मिलना, एक ही तरह का काम रोज-रोज करना या अपने स्किन का इस्तेमाल न कर पाना, कर्मचारियों को स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन की तरफ धकेल रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने बर्नआउट को काम से जुड़े सिंड्रोम के रूप में डिफाइन किया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऑफिस में कोई मकसद न होने की वजह से पैदा होने वाला स्ट्रेस मेंटल हेल्थ के लिए काफी नुकसानेह है।  बिजी दिखने की मजबूरी एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्पोरेट ऑफिसेज में ऐसे कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन्हें सैलेरी तो अच्छी मिल रही है, लेकिन उनका काम बहुत कम है या काफी बिखरा हुआ है। ऐसे कर्मचारी दिनभर सिर्फ बिजी दिखने की कोशिश करते हैं। मीटिंग्स, ई-मेल और स्क्रीन के सामने खुद को बेकार महसूस करना ही बोरआउट की असली वजह है।  वर्कप्लेस से जुड़ी रिपोर्ट्स बताती हैं कि कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा अपने काम से कनेक्टेड महसूस नहीं करता। काम में कोई चैलेंज न होने से स्ट्रेस, आत्मसम्मान में कमी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं पैदा होती है, क्योंकि कर्मचारियों को अपनी प्रोडक्टिविटी और काबिलियत पर शक होने लगता है।  आईटी, बैंकिंग और सरकारी दफ्तरों पर सबसे ज्यादा असर ग्लोबल सर्वे और एचआर ट्रेंड्स के मुताबिक, दुनिया भर के करीब 15 से 20 प्रतिशत कर्मचारी किसी न किसी स्तर पर इस बोरियत का सामना कर रहे हैं। खासतौर से आईटी, बैंकिंग और सरकारी दफ्तरों में यह समस्या बहुत ज्यादा देखी जा रही है, क्योंकि इन जगहों पर एक ही काम को बार-बार दोहराने का चलन ज्यादा है। क्यों बढ़ रहा है यह खतरा? हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू के अनुसार, काम के मशीनीकरण के कारण नयापन खत्म हो रहा है। साथ ही, योग्यता के अनुसार जिम्मेदार न मिलना, जरूरत से ज्यादा स्टाफ होना, काम का गलत डिस्क्रिप्शन भी बोरआउट की वजह है। इसके पीछे मैनेजर का रवैया भी जिम्मेदार है कि वे केवल इस बात का ध्यान रखते हैं कि कर्मचारी काम करते हुए दिखे।   

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण और फर्स्ट एड: चक्कर आने पर तुरंत राहत कैसे पाएं

लो ब्लड प्रेशर या फिर हाइपोटेंशन एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें आपके शरीर का ब्लड प्रेशर नॉर्मल लेवल यानी कि 120/80 mmHg से काफी कम हो जाता है. जब शरीर में बीपी अचानक कम हो जाता है, तो इसकी वजह से आपको चक्कर आने लगते हैं, आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, कमजोरी महसूस होने लगती है, या फिर कई बार घबराहट और बेहोशी जैसे लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं. अगर आपके या फिर आपके किसी करीबी के साथ अचानक ऐसा हो जाए, तो घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आप अगर चाहें, तो घर पर ही कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर अपने लो ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल में कर सकते हैं. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं, ताकि आप जरूरत के समय खुद को और अपने परिवार वालों को सुरक्षित रख सकें. नमक और पानी के घोल का सेवन अगर बीपी अचानक कम हो जाए तो इसे कंट्रोल करने का सबसे पहला और सबसे इंस्टेंट उपाय है नमक का पानी. अगर आपको नहीं पता तो बता दें नमक में सोडियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को इंस्टेंट बढ़ाने का काम करता है. लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए एक ग्लास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर धीरे-धीरे पिएं. इस बात का ख्याल रखें कि नमक का पानी केवल इमरजेंसी कंडीशन में ही लें, और अगर व्यक्ति को पहले से दिल या किडनी की कोई बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना ज्यादा नमक न दें. इलेक्ट्रोल, ग्लूकोज या ओआरएस का करें सेवन आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर भी बीपी अचानक गिर जाता है. ऐसा होने पर आपको अपने शरीर को जितनी जल्दी हो सके हाइड्रेट करने की कोशिश करनी चाहिए. शरीर को हाइड्रेशन देने के लिए आप पानी में ग्लूकोज या ओआरएस का घोल मिलाकर पी सकते हैं. अगर ये घर पर मौजूद न हों, तो पानी में नींबू, थोड़ी चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर नींबू पानी बना लें. इससे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और बीपी नॉर्मल होने लगता है. तुरंत कॉफी या चाय पिलाना भी फायदेमंद अगर आपका या फिर आपके घर पर किसी का भी बीपी अचानक ही बहुत कम हो गया है और व्यक्ति को तेज चक्कर आ रहे हैं, तो कैफीन का सेवन एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. जिसका ब्लड प्रेशर लो है उसे एक कप कड़क ब्लैक कॉफी या कड़क चाय पिलाएं. कैफीन दिल की धड़कन को थोड़ा फ़ास्ट कर देता है और ब्लड वेसल्स को सिकोड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर तुरंत बढ़ जाता है. हालांकि, इसे अपनी रोज की आदत न बनाएं, क्योंकि कैफीन का बहुत ही ज्यादा सेवन सेहत के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं है. पैरों को ऊपर उठाकर लिटाएं अगर बीपी लो होने के कारण व्यक्ति को चक्कर आ रहे हैं या वह बेहोश होने की कंडीशन में है, तो बैठने या खड़े रहने के बजाय उसे तुरंत सीधे लिटा देना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले व्यक्ति को पीठ के बल सीधा लेटा दें और उनके पैरों के नीचे दो-तीन तकिए लगा दें, ताकि व्यक्ति का पैर सिर के लेवल से ऊपर हो जाएं. ऐसा करने से पैरों की तरफ बहने वाला खून तुरंत दिमाग और दिल की तरफ पहुंचने लगता है, जिससे चक्कर आना बंद हो जाता है और मरीज को राहत मिलती है. कुछ मीठा या किशमिश खाएं शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कम होने से भी बीपी लो हो सकता है. आयुर्वेद में किशमिश को लो बीपी के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है. अचानक बीपी गिरने पर आप मुट्ठी भर किशमिश चबाकर खा सकते हैं, या फिर घर में रखी कोई मिठाई, चॉकलेट या खजूर का सेवन भी कर सकते हैं. यह शरीर को तुरंत ग्लूकोज देता है, जिससे कमजोरी दूर होती है. ये सभी उपाय केवल इमरजेंसी कंडीशन में इंस्टेंट राहत पाने के लिए हैं. अगर इन उपायों को करने के बाद भी बीपी नॉर्मल नहीं होता है, या व्यक्ति को बार-बार लो बीपी की प्रॉब्लम होती है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करें.

18 मिनट की इंटरवल वॉकिंग: क्या वाकई तेजी से कम होता है वजन?

आजकल इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर एक नया ट्रेंड छाया हुआ है. हर दूसरा इन्फ्लुएंसर एक जापानी वॉकिंग मेथड की बात कर रहा है. इस तरीके से चलने पर आम वॉक के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से फैट बर्न होता है. ऐसे में मन में यह सवाल आता है कि क्या वाकई इस बात में कोई सच्चाई है, या यह भी कुछ महीनों में गायब हो जाने वाला कोई नया चोचला है. आइए जाते हैं. Japanese walking Method: क्या है यह 3-3-3 वॉकिंग फॉर्मूला? यह जापान की एक खास रिसर्च पर बेस्ड है, जिसे ‘इंटरवल वॉकिंग’ कहते हैं. इसमें आपको कुल 18 मिनट की वॉक करनी होती है. शुरुआत के 3 मिनट आपको बिल्कुल आराम से, धीरे-धीरे चलना है. इसके बाद अगले 3 मिनट आपको जितनी तेजी से हो सके, उतनी तेज वॉक करनी है. बस इसी चक्र को आपको 3 बार दोहराना है. इसके लिए आपको न तो किसी जिम की जरूरत है, न किसी महंगे सामान की और न ही किसी कड़े वर्कआउट प्लान की. जब आप धीमे चलते हैं, तो आपके शरीर को आराम मिलता है. वहीं जब आप तेज चलते हैं, तो आपके दिल की धड़कनें बढ़ती हैं. यही उतार-चढ़ाव इस वॉक को आम सैर से अलग और असरदार बनाता है. वजन घटाने में यह कैसे मदद करता है? इस तरीके (Japanese walking Method) से वॉक करने पर आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है. इसका मतलब यह है कि वॉक खत्म करने के कई घंटों बाद भी, जब आप आराम से कुर्सी पर बैठे होते हैं, तब भी आपका शरीर कैलरी बर्न कर रहा होता है. इसके अलावा, यह शरीर में इंसुलिन को बेहतर बनाता है जिससे पेट के आसपास की चर्बी को पिघलाने में मदद मिलती है. चूंकि यह सिर्फ 18 मिनट का है, इसलिए लोग इसे रोज आसानी से कर पाते हैं. आम वॉक से यह कितनी अलग है? रोजाना एक ही रफ्तार में आराम से टहलना सेहत के लिए अच्छा है, इसमें कोई बुराई नहीं है. लेकिन कुछ समय बाद हमारे शरीर को उसकी आदत हो जाती है, जिससे कैलरी बर्न होना कम हो जाता है. 3-3-3 मेथड शरीर को एक ढर्रे पर नहीं आने देता. जब आप अचानक धीमे से तेज होते हैं, तो शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. 30 मिनट की सामान्य सैर के मुकाबले यह 18 मिनट की इंटरवल वॉक आपके दिल और सेहत को कहीं ज्यादा फायदा पहुंचाती है. किसे करना चाहिए और कैसे शुरू करें? यह तरीका (Japanese walking Method) हर उस इंसान के लिए बेस्ट है जो भारी-भरकम एक्सरसाइज या जिम जाने से बचता है. जो लोग लंबे समय बाद दोबारा एक्टिव हो रहे हैं या जिनकी उम्र 40 से ज्यादा है, उनके लिए यह बेहद सुरक्षित और आसान है. बस दिल की बीमारी वाले लोग इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. इसे करने के लिए सबसे पहले 3 मिनट ऐसे चलें जैसे आप बाजार में घूम रहे हों. फिर अगले 3 मिनट इतनी तेज चलें जैसे आपकी बस छूट रही हो (दौड़ना नहीं है, बस तेज चलना है). ऐसा 3 बार करें. हफ्ते में कम से कम 5 दिन इसे करने का टारगेट रखें. Japanese walking Method: कितने दिन में दिखेगा असर? शुरुआती दो हफ्तों में ही आपको अपनी एनर्जी में सुधार दिखेगा और नींद भी बेहतर आएगी. चार से छह हफ्ते होते-होते आपकी सांस फूलना बंद हो जाएगी और तेज चलना आसान लगने लगेगा. अगर आप वजन और पेट की चर्बी में साफ बदलाव देखना चाहते हैं, तो आपको 8 से 12 हफ्ते यानी दो-तीन महीने लगातार इसे करना होगा.

कुणाल शाह बन सकते हैं WhatsApp के नए ग्लोबल CEO, मेटा में बड़ा बदलाव

दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप का सीईओ भारतीय होगा. वॉट्सऐप के मौजूदा CEO Will Cathcart अब की जगह क्रेड के फाउंडर कुणाल शाह लेंगे. Meta इन्हें वॉट्सऐप का ग्लोबल सीईओ बना रही है. दिलचस्प ये है कि वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा कुणाल शाह की कंपनी क्रेड में लगभग 1 बिलियन डॉलर्स निवेश किया है. ये भारतीय रुपये में 900 करोड़ रुपये होते हैं. CRED एक फिनटेक ऐप है और इसे शुरुआत में कंपनी ने क्रेडिट कार्ड के बिल पेमेंट सल्यूशन के तौर पर पेश किया था. धीरे धीरे इस ऐप में कई सर्विसेज जुड़ीं और अब इस ऐप के जरिए पेमेंट से लेकर लोन तक मिल सकता है. कंपनी के प्रोडक्ट हेड क्रिस कॉक्स ने एक नोट में लिखा है. आप पूरा नोट पढ़ सकते हैं. कुछ जरूरी जानकारी शेयर करनी है. सात साल तक वॉट्सऐप को लीड करने के बाद विल कैथकार्ट ने फैसला किया है कि अब वह इस रोल से पीछे हटेंगे और जिम्मेदारी किसी नए लीडर को देंगे. इस बदलाव के दौरान वह Meta के साथ जुड़े रहेंगे और आगे की जानकारी हम ट्रांजिशन के बाद शेयर करेंगे. विल कैथकार्ट ने वॉट्सऐप को एक बहुत बड़े बदलाव और ग्रोथ के दौर से गुजरते हुए लीड किया है. उन्होंने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन वाली मैसेजिंग को 3 अरब से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाया, जिसमें अमेरिका के 10 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल हैं. इसके साथ ही वॉट्सऐप का बिजनेस भी कई अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचा. उन्होंने दुनिया भर में लोगों के प्राइवेट बातचीत के राइट को सेफगार्ड किया. कई सरकारों का विरोध किया जो बैकडोर एक्सेस चाहते थे. स्पायवेयर कंपनियों के कई हमलों को रोका और NSO ग्रुप को कोर्ट में हराया. विल हमेशा यूजर्स की प्राइवेसी के लिए खड़े रहे हैं और उनके शानदार काम के लिए हम उनके आभारी हैं. मुझे खुशी है कि हम कुणाल शाह को वॉट्सऐप के नए लीडर के रूप में स्वागत कर रहे हैं. जब विल ने अपना फैसला किया, तो हमने ऐसे लीडर की तलाश शुरू की जो वॉट्सऐप की ग्लोबल क्षमता को समझता हो, AI से आने वाले बदलावों को संभाल सके और दुनिया की सबसे बड़ी कम्युनिकेशन सर्विस को लीड करने की क्षमता रखता हो. कुणाल इस भूमिका के लिए सबसे सही विकल्प बनकर सामने आए. वह एक सफल बिजनेसमैन हैं और भारत के सबसे सम्मानित बिजनेस लीडर्स में गिने जाते हैं. हमने अलग से CRED में भी निवेश किया है, जो भारत की एक फिनटेक कंपनी है और जहां कुणाल शाह अभी फाउंडर और CEO हैं. यह निवेश भी इस बदलाव को आसान बनाने का हिस्सा है. कुणाल का पहला दिन आज है. 25 जून को होने वाली वॉट्सऐप की मीटिंग में हम उन्हें पूरी टीम से मिलवाएंगे और विल को धन्यवाद देंगे, जब वह यह जिम्मेदारी आगे बढ़ाएंगे. Meta CEO मार्क जकरबर्ग ने क्या कहा? Mark Zuckerberg ने कहा कि विल कैथकार्ट ने 7 साल तक वॉट्सऐप को लीड करने के बाद अब अपनी भूमिका छोड़ने का फैसला किया है. विल मेटा के सबसे अहम और असरदार लीडर्स में से एक रहे हैं. उनके नेतृत्व में वॉट्सऐप 3 अरब से ज्यादा लोगों तक पहुंचा और उन्होंने यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करने में बड़ा रोल निभाया. मार्क जकरबर्ग ने कहा कि वह विल के काम और योगदान के लिए बेहद आभारी हैं. अब विल मेटा के अंदर ही एक नई भूमिका में जाएंगे, जहां वे नए प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे. उन्होंने कहा कि आगे भी विल के साथ काम करने को लेकर वह उत्साहित हैं. जकरबर्ग ने यह भी कहा कि कुनाल शाह अब वॉट्सऐप के नए लीडर के तौर पर मेटा से जुड़ेंगे. उन्होंने क्रेड को भारत की बड़ी टेक कंपनियों में से एक बनाया है. उनके पास एक बिल्डर की सोच और ग्लोबल नजरिया है, जो दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग ऐप को चलाने में काम आएगा. जकरबर्ग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कुनाल शाह के साथ मिलकर वॉट्सऐप को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि यह अरबों लोगों और लाखों बिजनेस के लिए सबसे बेहतर प्लेटफॉर्म बना रहे.

रोबोटिक्स में बड़ा बदलाव: Figure AI में इंसानों से ज्यादा हुए ह्यूमनॉयड रोबोट्स

आखिरकार एक कंपनी में इंसानों की तुलना में ह्यूमनॉयड रोबोट्स की संख्या ज्यादा हो गई है. फिगर AI नाम की कंपनी के सीईओ ने खुद पोस्ट करके बताया है कि उनके कर्मचारियों की संख्या में अब इंसानों से ज्यादा ह्यूमनॉयड रोबोट्स शामिल हो चुके हैं. अब कंपनी के पास कुछ ही इंसान बतौर कर्मचारी बचे हुए हैं. X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर फिगर AI के सीईओ ब्रेट एडॉक ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी के वर्कफॉर्स में बड़ा बदलाव है. उन्होंने पोस्ट में लिखा, फिगर AI में पहली बार रोबोट की संख्या इंसानों से ज्यादा हो गई है. सीईओ ने पोस्ट में एक ग्राफ भी दिखाया है, जिसमें साफ दिखाया गया है कि कैसे अचानक से इंसानों की तुलना में रोबोट्स कर्मचारियों की संख्या में इजाफा हुआ है. फिगर AI के सीईओ ब्रेट एडॉक का पोस्ट पोस्ट में शेयर किए गए ग्राफ पर टाइटल दिया है कि हेडकाउंट बनाम रोबोट्स. ग्राफ के अंदर दो ट्रैक को दिखाया है, जिसमें एक रोबोट और दूसरा इंसान को दिखाता है. साल 2022 से 20226 तक का डेटा दिखाने की कोशिश की है. ग्राफ में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि साल 2025 के पहले क्वार्टर में संख्या बहुत ही धीरे-धीरे बढ़ रही है. इसके बाद साल 2025 के चौथे क्वार्टर में रोबोट्स की संख्या में तेजी से उछाल देखा है, फिर साल 2026 के दूसरे क्वार्टर में यह संख्या इंसानी कर्मचारियों से भी आगे निकल चुकी है. रोबोट्स की फोटो भी पोस्ट की फिगर AI के सीईओ ने अलग पोस्ट में एक इमेज भी शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि पावर ऑन और फोटो में रोबोट्स को दिखाया गया है. दर्जनों रोबोट्स बॉक्स के अंदर हैं. कई कंपनियां कर रही हैं छंटनी दुनिया में बहुत सी कंपनियां हैं, जहां इंसान कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जबकि रोबोट्स/आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर जोर है. हालांकि कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया है कि इंसानों की तुलना में AI की सर्विस कंपनियों के लिए ज्यादा खर्चीली पढ़ रही है. Figure AI क्या है? Figure AI, असल में एक रोबोटिक्स स्टार्टअप है, जो हाल ही में वायरल भी हो चुकी है. इस कंपनी के रोबोट फिगर 3 रोबोट को बतौर इन्टर्न रखा, जो 8 घंटे की शिफ्ट तक कर रहा है.

उबले अंडे दोबारा गर्म करना कितना सुरक्षित? जानिए सही तरीका और सावधानियां

अक्सर लोग सुबह हेल्दी नाश्ता करने के कारण या फिर सुबह की जल्दबाजी में अंडे खाना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें पकाना काफी आसान है. लेकिन कई लोग बार-बार पकाने या उबालकर रखने के चक्कर में एक साथ अंडे उबाल लेते हैं और उन्हें फ्रिज में रख देते हैं. बाद में जब उन्हें खाना होता है तो वे फ्रिज से निकालकर अंडों को दोबारा गर्म या उबालने लगते हैं. वैसे तो बचे हुए खाने को दोबारा गर्म करना एक नॉर्मल बात है लेकिन अंडों के मामले में थोड़ी सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. ऐसा करना कितना सही है? इस बारे में सभी को जानना काफी जरूरी है क्योंकि गलत तरीका आपकी सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. क्या अंडे दोबारा गर्म करना सेफ है? Healthline के अनुसार, पहले से उबले या पके हुए अंडों को दोबारा गर्म करना पूरी तरह से सुरक्षित है बस उन्हें सही तरीके से स्टोर किया गया हो. उबले हुए अंडों को पकाने के बाद 2 घंटे के अंदर फ्रिज में रख देना चाहिए. दोबारा गर्म करते समय अंडे का तापमान कम से कम 74 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचना चाहिए ताकि उसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया जैसे साल्मोनेला पूरी तरह खत्म हो सकें. यदि अंडा लंबे समय तक कमरे के तापमान पर बाहर रखा रहा हो तो उसे दोबारा गर्म करके खाने की भूल बिल्कुल न करें. माइक्रोवेव में भूलकर भी न करें गर्म उबले हुए अंडे को दोबारा गर्म करने का सबसे आसान तरीका लोगों को माइक्रोवेव लगता है जो कि सबसे बड़ी गलती है. ब्रिटिश फूड सेफ्टी एक्सपर्ट वेबसाइट Commodious के मुताबिक, साबुत उबले अंडे को माइक्रोवेव में कभी भी गर्म नहीं करना चाहिए. दरअसल, माइक्रोवेव की वेव्स अंडे के अंदर मौजूद पानी के मॉलिक्यूल्स को तेजी से भाप में बदल देती हैं. चूंकि अंडे का छिलका या उसका सफेद हिस्सा इस भाप को बाहर नहीं निकलने देता इसलिए अंडे के अंदर बहुत ज्यादा प्रेशर बन जाता है. जैसे ही आप इसे खाने के लिए काटते हैं या मुंह में लेते हैं, यह बम की तरह फट सकता है जिससे चेहरा जलने का गंभीर खतरा रहता है. अंडा दोबारा गर्म करने का सही तरीका क्या है? अगर आप उबले हुए अंडे को दोबारा गर्म और फ्रेश करना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे सुरक्षित तरीका है उबलते पानी का इस्तेमाल करना. इसके लिए सबसे पहले एक गहरे बर्तन में पानी उबाल लें और गैस बंद कर दें. अब उबले हुए अंडों (बिना छिलका उतारे) को उस गर्म पानी में डाल दें और बर्तन को 10 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें. इस तरीके से अंडे के अंदर की नमी बरकरार रहती है, उसका टेक्सचर रबर जैसा नहीं होता और वह बिना किसी ब्लास्ट के रिस्क के अंदर तक अच्छी तरह गर्म हो जाता है.

ग्लास स्किन पाने के आसान घरेलू उपाय, रसोई की चीजों से निखरेगा चेहरा

आजकल कोरियंस की तरह 'ग्लास स्किन' का ट्रेंड हर तरफ छाया हुआ है. 'ग्लास स्किन' ऐसी स्किन होती है जो साफ, हाइड्रेटेड और चमकदार हो. इसी वजह से इन दिनों कोरियन स्किनकेयर का ट्रेंड लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है. सोशल मीडिया पर दमकती स्किन देखकर कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीद लेते हैं, लेकिन हर बार खूबसूरत स्किन पाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं होता. दरअसल, कोरियन स्किनकेयर में इस्तेमाल होने वाली कुछ फायदेमंद चीजें आपकी रसोई में भी आसानी से मिल सकती हैं. ये स्किन को हाइड्रेट रखने, उसे मुलायम बनाने और नेचुरल ग्लो बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. आज हम आपको ऐसे ही कुछ इंग्रीडिएंट्स के बारे में बताएंगे, जो ग्लास स्किन पाने में आपके काम आ सकते हैं. बस इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करना आना चाहिए. 1. चावल का पानी: इस लिस्ट में सबसे पहला नाम चावल के पानी का आता है. कोरियन ब्यूटी रूटीन में चावल का पानी बहुत खास माना जाता है. इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स स्किन को ताजगी देने में मदद करते हैं. नियमित रूप से चेहरे पर चावल का पानी लगाने से स्किन ज्यादा फ्रेश और निखरी हुई दिखाई दे सकती है. कैसे इस्तेमाल करें? चावल का पानी स्किन के लिए इस्तेमाल करने के लिए चावल को रातभर पानी में भिगो दें. सुबह इस पानी छानकर एक बोतल में भर लें. इसे टोनर की तरह कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाएं. 2. ग्रीन टी: लिस्ट में दूसरा नाम ग्रीन टी का आता है, जिसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ये स्किन को किसी भी तरह के बाहरी नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. ये स्किन को शांत रखने और चेहरे पर नेचुरल चमक लाने में भी मददगार मानी जाती है. कैसे इस्तेमाल करें? चेहरे पर ग्रीन टी का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले ग्रीन टी बैग को गर्म पानी में डालें. इसके बाद पानी को ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद उस पानी को कॉटन से चेहरे पर लगाएं. इसे नेचुरल टोनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. 3. शहद: इसमें शहद का नाम भी शामिल है. ये एक नेचुरल मॉइश्चराइजर है. शहद लगाने से स्किन में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है और इसके साथ-साथ उसे सॉफ्ट और हेल्दी दिखाने में मदद करता है. कैसे इस्तेमाल करें? एक चम्मच शहद को सीधे चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. चाहें तो बेसन और हल्दी के साथ मिलाकर फेस पैक भी बना सकते हैं. 4. खीरा: खीरा गर्मियों में न केवल खाने के लिए बल्कि स्किन पर लगाने के लिए भी बहुत बढ़िया होता है. खीरा स्किन को ठंडक और हाइड्रेशन देने के लिए जाना जाता है. ये चेहरे की थकान कम करने और स्किन को फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकता है. कैसे इस्तेमाल करें? इसका इस्तेमाल करने के लिए खीरे के पतले टुकड़े काटकर चेहरे और आंखों पर रखें. 10-15 मिनट बाद इन्हें हटा दें. इससे स्किन तरोताजा महसूस होती है. 5. एलोवेरा: स्किन की देखभाल करने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल दशकों से किया जा रहा है. ये स्किन को नमी देने और उसे शांत रखने में मदद करता है. कैसे इस्तेमाल करें? इसे चेहरे पर इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले ताजा एलोवेरा जेल निकाल लें. उसके बाद उसे चेहरे पर लगाएं. इसे 15-20 मिनट बाद धो लें. चाहें तो एलोवेरा जेल की आइस क्यूब बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सिर्फ घरेलू नुस्खों से रातों-रात नहीं मिलेगी ग्लास स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार ग्लास स्किन कोई जादू नहीं है. ग्लास स्किन पाने के लिए अच्छे हाइड्रेशन, प्रॉपर स्किनकेयर और हेल्दी लाइफस्टाइल की जरूरत होती है. ये घरेलू उपाय स्किन की देखभाल में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनके परिणाम धीरे-धीरे दिखाई देते हैं.

भारत में बढ़ी डेटा खपत, यूजर हर महीने कर रहे 37GB इंटरनेट इस्तेमाल

 क्या आप जानते हैं कि भारत में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जी हां हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारतीय स्मार्टफोन यूजर हर महीने औसतन 37 GB मोबाइल डेटा यूज कर रहे हैं। यह आंकड़ा ग्लोबल मानकों के हिसाब से काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं आने वाले सालों में डेटा इस्तेमाल और 5G नेटवर्क के विस्तार के मामले में भी भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल रह सकता है। रिपोर्ट्स से ये भी पता चलता है कि दुनियाभर में 5G सब्सक्रिप्शन की संख्या पहली बार 300 करोड़ के पास पहुंच गई है। सिर्फ मार्च 2026 तिमाही के दौरान ही 16.2 करोड़ नए 5G यूजर्स जुड़े हैं। इसके साथ ही वर्ल्ड के कुल मोबाइल डेटा ट्रैफिक का लगभग आधा हिस्सा अब 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो गया है। डेटा खपत में सबसे आगे भारत भारत में आज हर स्मार्टफोन यूजर लगभग 37GB तक हर महीने डेटा यूज कर रहा है, जबकि ग्लोबल एवरेज 22GB है। यानी भारतीय यूजर्स दुनिया के एवरेज यूजर्स की तुलना में लगभग 68 प्रतिशत ज्यादा डेटा यूज कर रहे हैं। ऐसा अनुमान है कि 2031 तक भारत में ये आंकड़ा बढ़कर 70GB पर-मंथ तक पहुंच सकता है, जबकि उस टाइम ग्लोबल एवरेज करीब 42GB तक रहने की उम्मीद है। 5G का तेजी से विस्तार रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में फिलहाल 43 करोड़ 5G सब्सक्रिप्शन मौजूद हैं, जो कुल मोबाइल कनेक्शनों का लगभग 35 परसेंट हिस्सा है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2031 तक भारत में 5G कनेक्शंस की संख्या 111 करोड़ तक पहुंच सकती है। उस टाइम देश में 5G पेनिट्रेशन 81 परसेंट रहने की संभावना है, जो ग्लोबल एवरेज 67 परसेंट से काफी ज्यादा होगा। बेहतर कवरेज और ब्रॉडबैंड विस्तार भी पिछले कुछ वक्त में देश के कई इलाकों में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हुआ है और आज देश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी 5G कवरेज वाले एरिया में रह रही है। इतना ही नहीं फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस यानी FWA और फाइबर बेस्ड ब्रॉडबैंड सर्विस का भी तेजी से विस्तार हुआ है। आने वाले सालों में भारत इस एरिया में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। 6G के लॉन्च की तैयारी भी शुरू रिपोर्ट्स में ऐसा भी कहा जा रहा है कि दुनिया भर में 6G टेक्नोलॉजी पर काम शुरू हो चुका है और पहला व्यावसायिक 6G नेटवर्क 2030 के आसपास आने की उम्मीद है। 2031 तक ग्लोबल लेवल पर 6G सब्सक्रिप्शन 18 करोड़ तक पहुंच सकते हैं। अमेरिका, चीन, जापान, कोरिया और जर्मनी जैसे देशों के साथ भारत भी इस नेक्स्ट GEN टेक्नोलॉजी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

iPhone 18 Pro सीरीज: डिजाइन, कैमरा और कीमत के नए लीक्स

ऐपल इस साल अपनी न्यू आईफोन सीरीज को पेश करेगी, जिसका नाम iPhone 18 Pro और iPhone 18 सीरीज होगी. बीते 2-3 साल का ट्रेंड देखें तो इस बार भी कंपनी सितंबर महीने में लॉन्चिंग कर सकती है. न्यू सीरीज का इंतजार लाखों लोगों को है. न्यू आईफोन सीरीज कई नए अपग्रेड्स के साथ दस्तक देगी. iPhone 18 और 18 Pro सीरीज को लेकर अब तक कई लीक्स सामने आ चुके हैं, जिनमें डिजाइन, डिस्प्ले, कैमरा से लेकर कीमत तक को लेकर अलग -अलग दावे किए हैं. हालांकि अभी तक कंपनी ने इसको लेकर कोई डिटेल्स शेयर नहीं की है. आइए इनके बारे में जानते हैं. iPhone 18 Pro का डिजाइन और कलर्स किसी भी स्मार्टफोन को अगर कोई आम आदमी खरीदता है तो सबसे पहले उसके डिजाइन को देखता है, जिसके बाद उसकी बॉडी कैमरा प्लेसिंग आदि को परखता है. उसके बाद प्रोसेसर, कैमरा क्वालिटी आदि को चेक करता है. लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईफोन हर साल बेहतर होते जा रहा है. इस साल भी कैमरा और LED लाइट प्लेसिंग में बदलाव हो सकता है. कंपनी बीते दो साल से कैमरे डिजाइनिंग को बदल रही है. लीक्स के मुताबिक, इस साल कंपनी न्यू कलर को लेकर टेस्टिंग कर रहा है, जिसके तहत डार्क चेरी, लाइट ब्लू, डार्क ग्रे और सिल्वर फिनिश का यूज होगा. कंपनी कॉस्मिक ओरेंज की जगह डार्क चेरी को लॉन्च करेगी. iPhone 18 Pro का डिस्प्ले iPhone 18 Pro का डिस्प्ले साइज बीते साल लॉन्च किए गए आईफोन 17 प्रो सीरीज के मॉडल्स के जैसे होंगे. हालांकि डिस्प्ले में कुछ बड़े अपग्रेड्स नजर आएंगे. इस बार कंपनी प्रो सीरीज में न्यू LTPO Plus OLED पैनल के साथ हैंडसेट को लॉन्च करेगी. रिपोर्ट में दावा किया है कि इसकी वजह से ज्यादा पावर सेविंग और बेहतर परफॉर्मेंस मिलेगी. iPhone 18 Pro का प्रोसेसर ऐपल इस साल अपनी iPhone 18 Pro सीरीज में नेक्स्ट जनरेशन प्रोसेसर का यूज करेगी. संभवतः कंपनी इस बार A20 प्रो चिपसेट का यूज करेगी, जिसको 2nm पर प्रोसेस करती है. यह प्रोसेसर iPhone 17 Pro की तुलना में 15 परसेंट फास्ट और करीब 30 परसेंट बेहतर एफिसिएंसी देगा. iPhone 18 Pro का कैमरा iPhone 18 Pro में बेहतर कैमरा सेंसर देखने को मिलेंगे. प्राइमरी कैमरा के साथ वेरिएबल अपर्चर सिस्टम देखने को मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर्स कंट्रोल कर सकेंगे कि कितनी रोशनी की जरूरत है. यह कम रोशनी की फोटोग्राफी को बेहतर कर सकेगा. iPhone 18 Pro की कीमत iPhone 18 Pro की कीमत को लेकर कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा चुका है कि कंपनी इस बार दाम में इजाफा करेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार अमेरिका में iPhone 18 Pro  की शुरुआती कीमत 1,299 अमेरिका डॉलर (करीब 1,22,500 रुपये) अमेरिका में होगी. वहीं, आईफोन 17 प्रो की शुरुआती कीमत 1099 अमेरिकी डॉलर (करीब 1,03,600 रुपये) थी.

मेथी दाना से घट सकती है पेट की चर्बी, सही तरीके से सेवन करने पर मिलते हैं बेहतर परिणाम

आज के समय में खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है. लोग वजन घटाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं लेकिन मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो रसोई में मौजूद छोटा सा मेथी दाना आपके बेहद काम आ सकता है. मेथी दाना के सेवन के फायदे आयुर्वेद के अनुसार, मेथी दाना मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और फैट बर्न करने में बेहद मददगार है. अगर आप एक बैलेंस डाइट यानी संतुलित आहार के साथ लगातार 45 दिनों तक मेथी दाना का नियम अनुसार सेवन करते हैं तो आपकी कमर और पेट के आसपास जमा जिद्दी फैट तेजी से कम होने लगता है. हालांकि बेहतर परिणाम के लिए आपको मीठी और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए.आइए जानते हैं इसके सेवन का सही तरीका क्या है. क्या है मेथी दाना के सेवन का तरीका पेट की चर्बी को तेजी से घटाने के लिए आप मेथी दाना का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं. लेकिन सबसे अच्छा और असरदार तरीका है कि इसे भिगोकर खाना. मेथी दाना का पानी पिएं सबसे पहले आप रात भर के लिए एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगोकर डाल दें. सुबह उठकर इस पानी को छान लें और खाली पेट गुनगुना करके पिएं. अगर आप चाहें तो बची हुई मेथी को चबा-चबा कर खा भी सकते हैं. मेथी दाना पाउडर बनाएं मेथी दानों को हल्का भूनकर उसका पाउडर बना लें. रोज सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले आधा चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें. मेथी की चाय एक कप पानी में आधा चम्मच मेथी दाना डालकर इसे 5-7 मिनट तक उबालें. इसे छानकर इसमें थोड़ा सा नींबू का रस और शहद मिलाकर हर्बल टी की तरह पिएं.