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बिल गेट्स की AI पर बड़ी चेतावनी, बोले- गलत इस्तेमाल से हो सकती है 1 अरब मौतें

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर दुनिया में जितना उत्साह है, उतनी ही तेजी से इसके खतरों पर भी बहस बढ़ रही है. अब माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने AI को लेकर ऐसी चेतावनी दी है, जिसने इस बहस को और गंभीर बना दिया है. बिल गेट्स ने कहा है कि AI इतना पावरफुल हो चुका है कि अगर इसका गलत इस्तेमाल हुआ तो ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, जिनमें एक अरब लोगों की मौत तक हो सकती है. हालांकि, गेट्स ने यह नहीं कहा कि AI निश्चित तौर पर इतनी मौतों का कारण बनेगी. उनका कहना है कि AI की मौजूदा और भविष्य की क्षमता गलत हाथों में बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकती है. बिल गेट्स को आखिर किस बात का डर है? NBC के कार्यक्रम Meet the Press में क्रिस्टन वेलकर के साथ बातचीत में गेट्स से पूछा गया कि क्या AI पूरी मानवता को खत्म करने जितनी ताकतवर हो सकती है. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि AI ऐसी घटनाओं को जन्म देने के लिए निश्चित रूप से पर्याप्त शक्तिशाली है, जिनमें एक अरब लोगों की मौत हो सकती है. गेट्स की चिंता सिर्फ किसी फिल्म जैसे AI रोबोट के इंसानों के खिलाफ हो जाने को लेकर नहीं है. उनका बड़ा डर यह है कि इंसान खुद AI का इस्तेमाल विनाशकारी कामों के लिए कर सकते हैं. उन्होंने खास तौर पर साइबर अटैक और बायो-टेररिज्म जैसे खतरों का जिक्र किया है. उनके मुताबिक AI का इस्तेमाल ऐसे साइबर हमलों में हो सकता है जो अस्पतालों या बिजली जैसी जरूरी सेवाओं को ठप कर दें. यानी खतरा यह नहीं है कि कोई AI अचानक खुद फैसला लेकर इंसानों पर हमला कर दे. बड़ा सवाल यह है कि बेहद शक्तिशाली AI टूल अगर गलत लोगों के हाथ में चले गए तो वे उनका इस्तेमाल कितनी तेजी और बड़े स्तर पर कर सकते हैं. AI को लेकर दुनिया के टेक दिग्गज भी क्यों चिंतित हैं? गेट्स की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब AI कंपनियों के अंदर से भी इसके खतरों को लेकर आवाजें उठ रही हैं. Anthropic के CEO डारियो अमोडी ने भी AI के गलत इस्तेमाल से साइबर अटैक और बायो-टेररिज्म जैसे जोखिमों की बात की है. हाल ही में AI इंडस्ट्री के कुछ बड़े नामों ने भी ज्यादा मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की जरूरत पर चर्चा की है. इस पूरी बहस में सबसे दिलचस्प बात यह है कि AI बनाने वाली कंपनियां खुद भी अब सिर्फ अपनी इंटरनल सेफ्टी पॉलिसीज पर निर्भर रहने के सवाल का सामना कर रही हैं. गेट्स का कहना है कि सेल्फ रेगुलेशन यानी कंपनियों का खुद अपने लिए नियम बनाना काफी नहीं है. उनके मुताबिक सरकारों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और नेताओं को भी तय करना होगा कि AI के लिए कौन से सेफ्टी और मॉनिटरिंग नियम जरूरी हैं. इसका मतलब AI को रोक देना चाहिए? गेट्स AI के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं. यही इस कहानी का दूसरा और ज्यादा दिलचस्प पहलू है. उनका मानना है कि AI आने वाले समय में बीमारी के इलाज, शिक्षा, खेती और दूसरे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है. गेट्स की चिंता AI के इस्तेमाल को खत्म करने की नहीं, बल्कि यह तय करने की है कि इसकी रफ्तार इतनी तेज न हो जाए कि इंसानों के पास नुकसान होने के बाद प्रतिक्रिया देने के अलावा कोई रास्ता न बचे. सबसे बड़ा सवाल: नियम कौन बनाएगा? दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां अमेरिका और चीन के बीच AI की होड़ में तेजी से आगे बढ़ रही हैं. ऐसे माहौल में ज्यादा सख्त नियमों को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं सुरक्षा के नाम पर AI की रफ्तार तो धीमी नहीं हो जाएगी. गेट्स का तर्क है कि जरूरी सुरक्षा व्यवस्था AI की प्रगति को पूरी तरह रोकने वाली नहीं होनी चाहिए. उदाहरण के लिए उन्होंने ऐसे मॉनिटरिंग सिस्टमम्स की बात की है जो यह पहचान सकें कि किसी AI का इस्तेमाल साइबर अटैक या बायो-टेररिज्म के लिए तो नहीं हो रहा. उनके मुताबिक इसके लिए AI की पूरी डेवेलपमेंट को रोकना जरूरी नहीं है. AI का असली खतरा शायद AI नहीं, इंसान हैं AI खुद कोई इंसानी इरादा नहीं रखती, लेकिन यह इंसानों की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकती है. अगर यही ताकत गलत व्यक्ति, अपराधी संगठन या किसी खतरनाक नेटवर्क के हाथ लगती है, तो नुकसान का स्तर आज की तकनीकों से कहीं ज्यादा हो सकता है. बिल गेट्स का 'एक अरब मौतों' वाला बयान इसी बड़े सवाल की तरफ इशारा करता है. यह किसी तय भविष्यवाणी का दावा नहीं है, बल्कि AI के गलत इस्तेमाल से पैदा हो सकने वाले संभावित नुकसान को लेकर उनकी चेतावनी है. और जैसे-जैसे AI ज्यादा शक्तिशाली होती जा रही है, यह बहस सिर्फ टेक कंपनियों की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की बनती जा रही है.

फटे होंठों से हैं परेशान? घर पर बनाएं 2 चीजों से नेचुरल लिप बाम

मौसम बदलने के साथ ही सूखे, फटे और बेजान होंठों की समस्या आम हो जाती है. इसके लिए हम अक्सर बाजार में मिलने वाले महंगे और केमिकल युक्त लिप बाम खरीद लाते हैं, जो कुछ देर तो होंठों को नमी देते हैं, लेकिन लंबे समय में उन्हें काला और ड्राई बना देते हैं. ऐसे में आपको महंगे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर पैसे बर्बाद करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. आपकी रसोई और घर में मौजूद सिर्फ 2 प्राकृतिक चीजों की मदद से आप एक बेहतरीन नेचुरल लिप बाम तैयार कर सकते हैं. यह होममेड लिप बाम न केवल आपके होंठों को गहराई से मॉइश्चराइज करके मक्खन जैसा मुलायम बनाता है, बल्कि होंठों का प्राकृतिक गुलाबीपन भी वापस लाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने और इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका! सामग्री: 1 चम्मच शुद्ध देसी घी 1 छोटा चम्मच नारियल तेल (नमी को लॉक करने के लिए)/ नारियल तेल की जगह आप बीजवैक्स (मोम के टुकड़े) भी यूज कर सकते हैं. विटामिन ई कैप्सूल: 1 से 2 (पोषण और सुरक्षा के लिए) बनाने और लगाने की विधि: एक छोटी कटोरी में चुकंदर को कद्दूकस करके उसका 1 चम्मच गाढ़ा रस निचोड़ लें. अब इसमें 1 चम्मच पिघला हुआ देसी घी मिलाएं. दोनों चीज़ों को चम्मच की मदद से तब तक फेंटें जब तक कि यह एक क्रीमी पेस्ट न बन जाए. इस मिश्रण को किसी छोटे कांच के डिब्बे या पुराने लिप बाम के कंटेनर में भरें. इसे 15-20 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें ताकि यह जम जाए. इस्तेमाल: रोजाना रात को सोने से पहले और दिन में 2-3 बार इसे अपने होंठों पर लगाएं. देसी घी गहराई से पोषण देगा और चुकंदर होंठों को प्राकृतिक गुलाबी रंगत देगा.

बालों की चमक और सॉफ्टनेस के लिए लगाएं दही, इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल

 दही सेहत के साथ-साथ बालों के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. पुराने समय से ही लोग बालों को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए दही का इस्तेमाल करते आए हैं. दही में प्रोटीन, विटामिन B और D, लैक्टिक एसिड और हेल्दी फैट्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों और स्कैल्प को पोषण देने में मदद करते हैं. दही बालों के लिए नेचुरल कंडीशनर की तरह भी काम करता है. इसे बालों पर रेगुलर लगाने से बाल सॉफ्ट और स्मूद नजर आते हैं. आज हम आपको बालों पर दही लगाने की सही तरीका बताएंगे जो हेल्दी बाल पाने में आपकी मदद करेगा. बालों पर दही का इस्तेमाल कैसे करें? दही और नारियल तेल अगर आपके बाल रूखे और बेजान हैं तो दही में नारियल तेल मिलाकर लगा सकते हैं. इसके लिए 3 चम्मच दही में 2 चम्मच हल्का गर्म नारियल तेल मिलाएं. इसे बालों पर लगाकर करीब 30-60 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर शैंपू से बाल धो लें. इससे बालों में सॉफ्टनेस और नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है. दही और मुल्तानी मिट्टी ऑयली स्कैल्प वालों के लिए दही और मुल्तानी मिट्टी का मास्क बालों पर लगाना फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए 3 चम्मच दही में 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे स्कैल्प और बालों पर लगाएं और लगभग 20-30 मिनट बाद धो लें. दही और आंवला दही में आंवला पाउडर मिलाकर बालों पर लगाने से भी कई फायदे मिलते हैं. इसके लिए 2 चम्मच सादे दही में 1 चम्मच आंवला पाउडर मिलाएं. आप चाहें तो इसमें थोड़ा मेथी पाउडर भी मिला सकती हैं. इस मिश्रण को बालों और स्कैल्प पर लगाकर लगभघ 30-45 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद बालों को अच्छी तरह धो लें. दही बालों में लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान     बालों पर हमेशा ताजा और सादा दही ही इस्तेमाल करें.     दही को आंखों के संपर्क में आने से बचाएं.     पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर जलन, खुजली या किसी तरह की एलर्जी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें.  

POCO का धांसू बजट 5G फोन, 6300mAh बैटरी और 120Hz स्क्रीन के साथ कीमत ₹10,999

धीरे धीरे मार्केट से सस्ते स्मार्टफोन गायब हो रहे हैं. AI की वजह से आई मेमोरी शॉर्टेज इसकी वजह बताई जा रही है. ऐसे में कुछ कंपनियां अब भी सस्ते में 5G स्मार्टफोन ऑफर कर रही हैं. आज हम आपको POCO के ऐसे ही एक 5G स्मार्टफोन के बारे में बताएंगे. ये फोन मार्च में लॉन्च हुआ था, लेकिन अब भी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बेचा जा रहा है.   Poco ने इसे भारत में बजट सेगमेंट में लॉन्च किया था. लॉन्च के समय इसकी शुरुआती कीमत 10,999 रुपये रखी गई थी. इस कीमत पर फोन में 5G कनेक्टिविटी के साथ 6300mAh की बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 32MP कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं. कीमत और बिक्री इसके 4GB RAM और 64GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 10,999 रुपये है, जबकि 4GB RAM और 128GB स्टोरेज वाला मॉडल 11,999 रुपये में आता है. फोन की बिक्री 14 मार्च 2026 से Flipkart पर शुरू हुई थी. इसे ब्लैक, गोल्ड और ग्रीन कलर में खरीदा जा सकता है. 6.9 इंच की बड़ी स्क्रीन फोन में 6.9 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है. इसकी खास बात 120Hz रिफ्रेश रेट है, जिससे स्क्रॉलिंग और सामान्य इस्तेमाल में स्क्रीन ज्यादा स्मूद महसूस हो सकती है. डिस्प्ले का रिजॉल्यूशन 720×1600 पिक्सल है और इसमें 240Hz तक टच सैंपलिंग रेट मिलता है. Poco ने स्क्रीन को लेकर TÜV Rheinland सर्टिफिकेशन भी दिया है. 6300mAh बैटरी इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6300mAh बैटरी है. Poco के मुताबिक यह सामान्य इस्तेमाल में दो दिन तक का बैकअप दे सकती है. फोन में 15W वायर्ड चार्जिंग और 7.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट है. कंपनी ने 1,000 चार्जिंग साइकल के बाद भी 80 फीसदी बैटरी हेल्थ का दावा किया है. 32MP कैमरा और 5G प्रोसेसर कैमरे की बात करें तो पीछे डुअल कैमरा सेटअप है, जिसमें 32MP का मुख्य कैमरा दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. फोन में Unisoc T8300 प्रोसेसर है, जिसकी मैक्सिमम क्लॉक स्पीड 2.2GHz है. साथ में 4GB LPDDR4X RAM और 64GB या 128GB स्टोरेज मिलता है. माइक्रोएसडी कार्ड से स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाने का सपोर्ट भी दिया गया है. फोन Android 16 बेस्ड HyperOS पर चलता है. इसमें IP52 रेटिंग, साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, 3.5mm हेडफोन जैक और USB Type-C पोर्ट भी मिलता है. वजन करीब 210 ग्राम है. Poco C85x 5G के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: 6.9 इंच HD+ IPS LCD डिस्प्ले, 1600×720 पिक्सल रेजॉल्यूशन, 120Hz रिफ्रेश रेट और 240Hz टच सैंपलिंग रेट. स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 800 निट्स तक है. प्रोसेसर: Unisoc T8300 ऑक्टा-कोर चिपसेट रैम: 4GB LPDDR4X RAM. स्टोरेज: 64GB और 128GB. माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाया जा सकता है. ऑपरेटिंग सिस्टम: Android 16 रियर कैमरा: 32MP मुख्य कैमरा के साथ डुअल कैमरा सेटअप. फ्रंट कैमरा: 8MP सेल्फी कैमरा. बैटरी: 6300mAh की बड़ी बैटरी. चार्जिंग: 15W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 7.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग. नेटवर्क: 5G, 4G LTE, 3G और 2G सपोर्ट. दोनों सिम स्लॉट में 5G सपोर्ट. सिम: डुअल नैनो सिम और अलग माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट. वाई-फाई: Wi-Fi 5. ब्लूटूथ: Bluetooth 5.4. यूएसबी: USB Type-C पोर्ट. हेडफोन जैक: 3.5mm हेडफोन जैक. सिक्योरिटी: साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक. डस्ट और पानी से सुरक्षा: IP52 रेटिंग. ऑडियो: स्टीरियो स्पीकर. जीपीएस: GPS, GLONASS और BeiDou सपोर्ट. डायमेंशन: 171.56 × 79.47 × 8.15mm. वजन: करीब 210 ग्राम. कलर: ब्लैक, गोल्ड और ग्रीन.

₹16 हजार में 6000mAh बैटरी वाला 5G फोन, Vivo T4 Lite के फीचर्स जानें

अगर आप कम बजट में 5G स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं और आपकी पहली प्रायॉरिटी लंबी बैटरी लाइफ है, तो Vivo T4 Lite 5G एक दिलचस्प विकल्प है. हालांकि ये फोन पुराना है. भारत में इसे 24 जून 2025 को लॉन्च किया गया था और कंपनी ने इसे अपना सबसे किफायती 5G स्मार्टफोन बताया था. इसकी शुरुआती कीमत 9,999 रुपये रखी गई थी. चूंकि अब मार्केट में कम ही सस्ते 5G फोन हैं, इसलिए आपको ये ऑप्शन समझ आ सकता है. Vivo T4 Lite 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh बैटरी है. कंपनी के मुताबिक यह अपने सेगमेंट की बड़ी बैटरी में से एक है और इसमें 5 साल तक की बैटरी हेल्थ का दावा किया गया है. फोन के साथ बॉक्स में चार्जर भी मिलता है. यह 15W FlashCharge को सपोर्ट करता है. 6.74 इंच की बड़ी स्क्रीन फोन में 6.74 इंच का LCD डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिजॉल्यूशन 1600×720 पिक्सल है. स्क्रीन 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करती है और इसकी अधिकतम ब्राइटनेस 1000 निट्स तक जाती है. ऐसे में तेज धूप में स्क्रीन देखने में मदद मिल सकती है. डिस्प्ले को TÜV Rheinland लो ब्लू लाइट सर्टिफिकेशन भी मिला है. Dimensity 6300 प्रोसेसर और 5G Vivo T4 Lite 5G में MediaTek Dimensity 6300 5G प्रोसेसर दिया गया है. यह 6nm तकनीक पर बना ऑक्टा-कोर चिपसेट है, जिसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 2.4GHz है. फोन में 4GB, 6GB और 8GB RAM के विकल्प मिलते हैं, जबकि स्टोरेज 64GB, 128GB और 256GB तक है. माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से स्टोरेज को 2TB तक बढ़ाया जा सकता है. फोन Android 15 पर बेस्ड Funtouch OS 15 पर चलता है. कंपनी ने 2 साल तक OS अपडेट और 3 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने की बात कही है. 50MP कैमरा और AI फीचर्स पीछे डुअल कैमरा सेटअप मिलता है. इसमें 50MP का मुख्य कैमरा और 2MP का Bokeh कैमरा है. सेल्फी के लिए 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. फोन में AI Erase और AI Photo Enhance जैसे फीचर्स भी मिलते हैं. कीमत कितनी है? लॉन्च के समय 4GB+128GB मॉडल की कीमत 9,999 रुपये, 6GB+128GB की कीमत 10,999 रुपये और 8GB+256GB मॉडल की कीमत 12,999 रुपये थी. बिक्री 2 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी. फिलहाल ये फोन और महंगा हो चुका है और इसे 16 हजार रुपये में खरीदा जा सकता है. सेल आने वाली है शायद ये तब थोड़ा सस्ता भी मिले. लेकिन इस कीमत से साफ है कि साल भर के अंदर कंपनियों ने अपने सस्ते 5G स्मार्टफोन कितने महंगे कर दिए हैं. Vivo T4 Lite 5G के मुख्य स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: 6.74 इंच HD+ LCD, 90Hz प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 6300 5G RAM: 4GB/6GB/8GB स्टोरेज: 64GB/128GB/256GB बैटरी: 6000mAh चार्जिंग: 15W FlashCharge रियर कैमरा: 50MP + 2MP फ्रंट कैमरा: 5MP ऑपरेटिंग सिस्टम: Android 15, Funtouch OS 15 कनेक्टिविटी: 5G, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.4 सुरक्षा: IP64 कलर: Prism Blue और Titanium Gold

टूटी स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या-क्या नुकसान

स्मार्टफोन में सबसे जल्दी किसी चीज के खराब होने का खतरा होता है तो वो है डिस्प्ले. क्योंकि फोन इस्तेमाल करते समय कई बार ऐसा होता है कि हाथ से छूटकर फोन गिर जाता है, जिसकी वजह से डिस्प्ले पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है. स्क्रीन क्रैक हो जाती है या अगर स्मार्टफोन किसी कोने की तरफ से गिर जाए तो स्क्रीन पर क्रैक ही क्रैक हो जाते हैं. कई लोग डिस्प्ले को ठीक कराने की जगह बहुत ही सस्ता जुगाड़ निकालते हैं. मार्केट से स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास लाकर टूटे हुए डिस्प्ले के ऊपर लगाकर इस्तेमाल करने लगते हैं. लोगों का मानना होता है कि इससे डिस्प्ले ज्यादा खराब नहीं होगा और काफी समय तक इसी तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आइए जानते हैं इस ट्रिक को इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हो सकते हैं. क्यों नहीं लगाना चाहिए टेम्पर्ड ग्लास को टूटे हुए फोन के ऊपर? मोबाइल फोन की स्क्रीन टूट जाने के बाद अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में उस पर एक ग्लास लगवाकर इस्तेमाल करते हैं. शुरुआत में तो इससे थोड़ी मदद मिलती है. टूटे हुए स्क्रीन से निकलने वाले छोटे-छोटे पार्टिकल्स उंगलियों में घुस सकते हैं और चोट भी लग सकती है. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि टूटे हुए डिस्प्ले पर ग्लास लगाने के बाद भी स्क्रीन के अंदर मौजूद क्रैक बढ़ सकते हैं. समय के साथ डिस्प्ले और ज्यादा टूट सकता है और खराब हो सकता है. ऐसे में पैसे बचाने के चक्कर में बाद में ज्यादा खर्चा करना पड़ सकता है. स्क्रीन पर प्रेशर देने से स्क्रीन और ज्यादा खराब स्मार्टफोन यूजर्स जिनके डिस्प्ले पर ग्लास प्रोटेक्टर लगा होता है, उन्हें कई बार ऐसा लगता है कि स्क्रीन अब सुरक्षित है. लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान फोन पर पड़ने वाला दबाव धीरे-धीरे क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसकी वजह से छोटा सा क्रैक भी बड़ी समस्या बन सकता है. टच जल्दी हो सकता है खराब जैसे-जैसे आप फोन इस्तेमाल करते हैं, स्क्रीन पर लगातार टच और प्रेशर पड़ता रहता है. अगर डिस्प्ले पहले से टूटा हुआ है तो लगातार पड़ने वाला प्रेशर क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसके साथ ही फोन के टच में भी दिक्कत आने का खतरा रहता है. किसी खास जगह पर ज्यादा प्रेशर पड़ने से स्क्रीन पर फ्लिकर या ग्रेन जैसी लाइन्स भी दिखाई दे सकती हैं. धीरे-धीरे टच रिस्पॉन्स भी खराब हो सकता है और फोन इस्तेमाल करने में परेशानी आने लगती है. फोन में इंटरनल डैमेज का खतरा डिस्प्ले क्रैक होने के बाद सबसे बड़ा खतरा फोन की वाटर रेसिस्टेंस को लेकर होता है. क्रैक की वजह से नमी और पानी के अंदर जाने का खतरा बढ़ जाता है. अगर पानी या नमी फोन के अंदर चली गई तो इंटरनल पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है और फोन पूरी तरह खराब भी हो सकता है. इसलिए थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में टूटे हुए डिस्प्ले पर सिर्फ टेम्पर्ड ग्लास लगाकर लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना सही नहीं है. अगर स्क्रीन ज्यादा टूट गई है या टच में दिक्कत आ रही है, तो फोन को जल्द से जल्द सर्विस सेंटर पर दिखाना बेहतर है.  

iPhone 18 Pro Max Review: ₹1.79 लाख के फोन में क्या बदला? कैमरा और A20 Pro खास

इस साल ऐपल ने iPhone 18 लॉन्च नहीं किया. iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और iPhone Duo लॉन्च हुए हैं. iPhone 18 Pro सीरीज की बिक्री शुरू है, लेकिन Duo मार्केट में अक्टूबर के आखिर में आएगा. iPhone 18 Pro Max शुरुआती यूज में कैसा परफॉर्म कर रहा है इस रिव्यू में जानेंगे. साथ ही ये भी जानेंगे कि पुराने प्रो मॉडल्स के मुकाबले इस बार क्या बदला है या नहीं बदला है. iPhone7 सीरीज से लेकर अब तक जितने भी iPhone रिव्यू किए हैं एक पैटर्न दिखता है. ऐपल कई सालों तक एक ही डिजाइन को चलाता है और लॉन्च पर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर फोकस्ड रहता है. यही इस बार भी हुआ है. iPhone 17 Pro Max वाला ही डिजाइन है, एल्यूमिनियम यूज किया गया है और कमोबेश यूज करने पर भी iPhone 17 Pro Max जैसा ही लगता है. लेकिन… कुछ चीजें हैं जो इसे पुराने फोन से अलग बनाती हैं. जाहिर है नए पुराने में कुछ तो फर्क रखना ही होगा. भारत में आईफोन 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 256 जीबी मॉडल के लिए ₹1,79,900 है और यह 2TB तक स्टोरेज के साथ आता है. यानी यह फोन सिर्फ महंगा नहीं है, बल्कि ऐपल के सबसे महंगे आईफोन में से एक है. डिजाइन में बड़ा बदलाव नहीं पहली नजर में iPhone 18 Pro Max को देखकर यह बताना मुश्किल है कि यह पिछले मॉडल से कितना अलग है. 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले, प्रोमोशन 120Hz और डायनेमिक आइलैंड अभी भी मौजूद हैं. हालांकि इस बार डायनैमिक आइलैंड छोटा है, इस वजह से डिस्प्ले एरिया थोड़ा बढ़ गया है. डिस्प्ले की क्वालिटी शानदार है और बाहर तेज रोशनी में भी स्क्रीन पढ़ने में कोई खास परेशानी नहीं होती. ऐपल ने इस बार एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी दी है, जो धूप में काफी काम आती है. लेकिन एक चीज ऐसी है जिसे इस्तेमाल करते ही महसूस किया जा सकता है – वजन. iPhone 18 Pro Max का वजन 249 ग्राम है. यह iPhone 17 Pro Max से ज्यादा है और लंबे समय तक एक हाथ में फोन इस्तेमाल करते हुए इसका वजन महसूस होता है. बड़े डिस्प्ले और बड़ी बैटरी के साथ यह एक समझने लायक समझौता है, लेकिन हल्का फोन चाहने वालों के लिए यह इसकी बड़ी कमी है. कैमरा इस फोन की सबसे बड़ी वजह है अगर मुझे iPhone 18 Pro Max में एक सबसे बड़ा अपग्रेड चुनना हो, तो मैं कैमरा चुनूंगा. 48 मेगापिक्सल कैमरे में वेरिएबल अपर्चर दिया गया है. यानी कैमरा सिर्फ सॉफ्टवेयर के भरोसे नहीं है, बल्कि लेंस से आने वाली रोशनी को भी ज्यादा कंट्रोल किया जा सकता है. इसके लिए अलग-अलग अपर्चर विकल्प मिलते हैं. हालांकि ये कितना प्रैक्टिकल है और लोग इसे कितना यूज करते हैं वो आने वाले समय में ही पता चलेगा. अगर आपको याद हो तो कंपनी ने एक बार कैमरा कंट्रोल बटन लॉन्च किया था जो अब तक है, लेकिन इसे ज्यादातर लोग यूज नहीं करते हैं. रोजमर्रा की तस्वीरों में इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि तस्वीरों पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है. दिन में फोटो बहुत साफ और नैचुरल आती हैं और कम रोशनी में भी कैमरा अच्छा काम करता है. लेकिन सबसे दिलचस्प बदलाव तब दिखता है जब आप कैमरा को ऑटो से बाहर निकालकर खुद सेटिंग्स इस्तेमाल करते हैं. पीछे तीनों कैमरे 48 मेगापिक्सल के हैं. अल्ट्रा वाइड कैमरा 120 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू देता है, जबकि टेलीफोटो कैमरा 4 गुना ऑप्टिकल जूम और ऑप्टिकल क्वालिटी 8 गुना जूम तक जाता है. डिजिटल जूम 40 गुना तक है. iPhone 18 Pro Max में  A20 Pro चिप है. इसमें 6-कोर सीपीयू, 7-कोर जीपीयू और 16-कोर न्यूरल इंजन दिया गया है. ऐपल ने साथ में नया वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया है, जिसका मकसद लंबे समय तक भारी काम करने पर परफॉर्मेंस को स्थिर रखना है. ये पहला 2nm आर्किटेक्चर वाला प्रोसेसर है जो बेंचमार्क स्कोर में दूसरों से कहीं आगे हैं. लेकिन फिर से मैं कहूंगा कि परफॉर्मेंस रिपोर्ट डिटेल से फुल रिव्यू में जो लंबे समय यूज करने के बाद करूंगा. रोजमर्रा के इस्तेमाल में फोन बेहद तेज है. ऐप खोलना, फोटो एडिट करना, 4के वीडियो काटना या भारी गेम चलाना – कहीं भी फोन रुकता हुआ महसूस नहीं होता. लेकिन यहां एक बात और  है. नॉर्मल यूजर को A20 Pro की पूरी ताकत हर दिन महसूस नहीं होगी. यह चिप उन लोगों के लिए ज्यादा मायने रखती है जो गेमिंग, वीडियो एडिटिंग, एआई और दूसरी भारी चीजें करते हैं. ऐपल इंटेलिजेंस और Siri AI अभी कहानी का कमजोर हिस्सा है कई सालों से ऐपल आईफोन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड फीचर्स तो दे रहा है, लेकिन कंपटीशन के मुकाबले पीछे है. Siri में AI काफी लंबे समय से पेंडिंग था, लेकिन अब आ चुका है. iPhone 18 Pro Max में iOS27 के साथ ऐपल इंटेलिजेंस और नया सिरी एआई दिया गया है. सिरी अब ज्यादा बातचीत करने वाला और पर्सनल एक्सपीरिएंस देने की कोशिश करता है और फोन में AI का इस्तेमाल पहले से ज्यादा जगह दिखाई देता है. लेकिन यहां मेरी उम्मीदें थोड़ी ज्यादा थीं. उम्मीद है अपडेट के साथ कंपनी इसे और बेहतर करे. कुछ हफ्ते यूज करने के बाद मैं आपको इसका भी पूरा रिपोर्ट दूंगा. एक और चीज जो मुझे पसंद आई डायनेमिक आइलैंड छोटा हुआ है और फेस आईडी के कुछ हिस्सों को डिस्प्ले के नीचे ले जाने से स्क्रीन पर ज्यादा जगह मिलती है. यह ऐसा बदलाव नहीं है जिसके लिए आप नया फोन खरीदें, लेकिन रोज इस्तेमाल में फोन थोड़ा ज्यादा साफ और आधुनिक महसूस होता है. इसके अलावा Apple ने 18 मेगापिक्सल सेंटर स्टेज फ्रंट कैमरा दिया है. इसमें ऑटोफोकस, सेंटर स्टेज और बेहतर वीडियो फीचर्स मिलते हैं. वीडियो कॉल करने वालों के लिए यह अच्छा अपग्रेड है. फोकस ट्रैकिंग भी अच्छा फीचर जो काम आ सकता है. अपग्रेड कैसा है? यहीं सवाल थोड़ा मुश्किल हो जाता है. अगर आपके पास iPhone 17 Pro Max है और आपका कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस पहले से ठीक चल रहा है, तो iPhone 18 Pro Max में आने के लिए कोई एक ऐसा बदलाव नहीं है जो हर यूजर के लिए जरूरी हो. … Read more

घर पर बनाएं शुद्ध आंवला तेल, गिरते बाल और डैंड्रफ से मिलेगा छुटकारा

अगर आप भी गिरते बालों, डैंड्रफ और समय से पहले सफेद होते बालों से परेशान हैं और बाजार के मिलावटी तेल को खरीद-खरीदरकर थक गए हैं तो अब उन्हें बाय कह दीजिए.आप घर पर ही नारियल तेल और ताजे आंवले की मदद से 100% शुद्ध और केमिकल-फ्री आंवला तेल बना सकते हैं. आजकल बाजार में मिलने वाले महंगे हेयर ऑयल्स में मिनरल ऑयल, सल्फेट्स और केमिकल्स की भरमार होती है जो बालों को पोषण देने के बजाय और नुकसान पहुंचाते हैं. आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं, जिससे बाल लंबे, घने, काले और चमकदार होते हैं. आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने का बेहद आसान तरीका. सामग्री: ताजे आंवले – 5 से 6 (कद्दूकस किए या कटे हुए) शुद्ध नारियल तेल  – 1 कप मेथी दाना – 1 बड़ा चम्मच (बालों को मजबूती देने के लिए) करी पत्ते  – 10-12 (ऑप्शनल, बालों को काला और चमकदार बनाने के लिए) बनाने की विधि: ताजे आंवलों को धोकर अच्छे से सुखा लें. इसके बाद इनके बीज निकालकर आंवलों को कद्दूकस कर लें या मिक्सी में बिना पानी डाले दरदरा पीस लें. एक लोहे की कढ़ाई या भारी तले के बर्तन में नारियल तेल डालें और धीमी आंच पर गरम होने दें. (लोहे की कढ़ाई का इस्तेमाल करने से तेल में आयरन के गुण भी आ जाते हैं). अब गरम तेल में कद्दूकस किया हुआ आंवला, मेथी दाना और करी पत्ते डालें. गैस की आंच एकदम धीमी रखें और मिश्रण को 15 से 20 मिनट तक पकने दें. जब आंवले का रंग हल्का भूरा/काला होने लगे और तेल का रंग बदल जाए, तो गैस बंद कर दें. तेल को रातभर या 6-8 घंटे के लिए कढ़ाई में ही रहने दें ताकि आंवले और लोहे के सारे पोषण तेल में आ जाएं. अब एक पतले सूती कपड़े या बारीक छलनी की मदद से तेल को अच्छे से निचोड़कर छान लें. इस शुद्ध आंवला तेल को कांच की साफ और सूखी बोतल में भरकर रख लें.

X का नया ‘X Number’ फीचर, बिना फोन नंबर शेयर किए करें चैट और कॉल

एलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर एक ऐसा फीचर आया है, जिसके बाद किसी से बात करने के लिए आपको अपना फोन नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इतना ही नहीं, बिना एक-दूसरे को फॉलो किए भी चैट और कॉल कर सकेंगे. यानी नंबर भी प्राइवेट रहेगा और बातचीत भी हो जाएगी. आखिर कैसे काम करता है X का ये नया फीचर? आइए जानते हैं. जानिए क्या है ये नया X Number कई बार ऐसा होता है कि आप किसी से बात करना चाहते हैं, लेकिन प्राइवेसी की वजह से अपना फोन नंबर शेयर नहीं करना चाहते. कई बार आप सामने वाले को फॉलो भी नहीं करना चाहते. ऐसे में X का ये नया फीचर आपके काम आ सकता है. X नंबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X का नया फीचर है, जिसकी मदद से लोग एक-दूसरे से बात कर सकते हैं. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि अगर आप किसी से चैट या कॉल पर बात करना चाहते हैं, तो आसानी से कर सकते हैं. X Number आपको एक प्राइवेट कोड बनाने का ऑप्शन देता है. इस कोड को आप उस व्यक्ति के साथ शेयर कर सकते हैं, जिससे आप बात करना चाहते हैं. कोड शेयर करने के बाद आप X पर चैट या कॉल के जरिए बात कर सकते हैं. जानिए X Number कैसे करता है काम इस फीचर की मदद से आप एक कोड बना सकते हैं और जिसे आपसे बात करनी है, उसके साथ शेयर कर सकते हैं. कोड शेयर करने के बाद आप X पर एक-दूसरे से चैट कर सकते हैं. इसके लिए दोनों लोगों का एक-दूसरे को फॉलो करना जरूरी नहीं है. ये फीचर सिर्फ चैट तक ही सीमित नहीं है. अगर आप किसी से कॉल या वीडियो कॉल पर बात करना चाहते हैं, तो वो भी कर सकते हैं. हालांकि, कॉल और वीडियो कॉल का ऑप्शन आपकी X की प्राइवेसी सेटिंग्स पर भी डिपेंड करता है. कोड बदलते ही चैट करने वाला हो जाएगा ब्लॉक! अगर आप अपने X नंबर को रिफ्रेश करके नया कोड बनाते हैं, तो पुराना कोड काम करना बंद कर देता है. यानी पुराने कोड से कोई भी व्यक्ति आपसे दोबारा संपर्क नहीं कर पाएगा. इस तरह आप अपनी प्राइवेसी को अपने हिसाब से कंट्रोल कर सकते हैं. सबसे जरूरी बात ये है कि X नंबर कोई फोन नंबर नहीं है. ये एक प्राइवेट कोड है, जिसकी मदद से आप X पर किसी से चैट या कॉल कर सकते हैं. इसी को X Number कहा जाता है.

Meta ने लॉन्च किए 100 ग्राम वाले VR Glasses, 2027 में आएंगे; कीमत ₹1.24 लाख

Meta ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. फेसबुक की पैरेंट कंपनी ने अपने नए और हल्के वर्चुअल रियलिटी (VR) ग्लासेस को लॉन्च कर दिया है. इन्हें आम चश्मों की तरह आसानी से पहना जा सकता है. ये Apple Vision Pro जैसे भारी भरकम हेडसेट नहीं है. मेटा के न्यू VR ग्लासेस के PayTM फाउंडर भी फैन हो चुके हैं. कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में कंपनी के एनुअल प्रोग्राम कनेक्ट इवेंट हुआ. इस इवेंट के दौरान Meta CEO मार्क जकरबर्ग ने कई बड़े ऐलान किए हैं, जिसमें VR ग्लास एक खास अनाउंसमेंट हैं. कंपनी ने इसका नाम Meta VR Glasses रखा है. जकरबर्ग ने खुद बताया है कि इसका वजन 100 ग्राम से भी कम है. इसका वजन लगभग एक सामान्य चश्मे के आसपास ही है. हालांकि अन्य VR हेडसेट की तुलना में यह काफी हल्के हैं. Meta VR ग्लासेस की कीमत Meta VR ग्लासेस की कीमत 1299 अमेरिकी डॉलर (करीब 1,24,513 रुपये) है. जकरबर्ग ने बताया है कि न्यू VR ग्लासेस की सेल अगले साल के पहले क्वार्टर में शुरू होगी. इसको खासतौर से मूवी देखने, कंप्यूटिंग और गेमिंग एक्सपीरियंस के लिए तैयार किया गया है. इवेंट के दौरान जुकरबर्ग ने बताया है कि कंपनी ने फिलहाल मेटावर्स को लेकर अपना फोकस कम कर दिया है और VR डिवाइस लॉन्च करने का फैसला किया है. Paytm फाउंडर हुए फैन्स Paytm फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने गुरुवार की सुबह-सुबह ही मेटा के न्यू VR ग्लासेस को पोस्ट किया. उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें न्यू Meta VR हेडसेट की खूबियों को दिखाया गया है. Apple Vision Pro से होगा मुकाबला Meta के न्यू VR ग्लासेस का सीधा मुकाबला Apple Vision Pro के साथ होगा. दोनों डिवाइस में सबसे बड़ी चुनौती साइज है, जहां विजन प्रो एक भारी डिवाइस है और मेटा का VR हेडसेट 100 ग्राम से भी कम है. दोनों की कीमत में भी काफी अंतर विजन प्रो की कीमत 3,700 डॉलर है. जुकरबर्ग ने दिखाया नया Muse Charm Connect इवेंट के दौरान जकरबर्ग ने एक अन्य प्रोडक्ट को पेश किया है. इसको चाबी आदि में लगाया जा सकता है, जिसमें Meta का Muse AI एजेंट मौजूद हैं. यह एक रियल टाइम वॉयस मोड का भी सपोर्ट मिलता है.