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फिटनेस और फैशन का संगम: वर्कआउट में भी रखें स्टाइल और स्किन केयर का ख्याल

क्या जिम जाने के लिए सिर्फ पुराने टी-शर्ट और ट्रैक पैंट काफी हैं? दरअसल, जब बात आती है फिटनेस की, तो हम अपने शरीर का पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन अक्सर दो जरूरी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं: सही वर्कआउट फैशन और स्किनकेयर। क्या आपने कभी सोचा है कि आपके कपड़े और स्किन केयर आपकी परफॉरमेंस को कैसे प्रभावित करती है? वर्कआउट के बाद पिंपल्स क्यों हो जाते हैं या गलत जूते पहनने से क्या-क्या दिक्कतें आ सकती हैं? अगर नहीं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि इस आर्टिकल में हम सिर्फ पसीना बहाने की नहीं, बल्कि स्टाइल और हेल्दी स्किन के साथ फिट रहने की बात भी करेंगे। आइए जानते हैं कि कैसे आप जिम में भी स्टाइलिश और फ्रेश दिख सकते हैं। वर्कआउट फैशन वर्कआउट के दौरान सही कपड़े पहनना सिर्फ स्टाइल के लिए नहीं, बल्कि आपके आराम और परफॉर्मेंस के लिए भी बहुत जरूरी होते है। तो आइए जानते हैं, कैसे आप वर्कआउट करते हुए भी स्टाइलिश और आरामदायक दिख सकते हैं। सही कपड़े चुनें सबसे पहले, ऐसे कपड़े चुनें जो हवादार हों। कॉटन के कपड़े पसीने को सोख लेते हैं और भारी हो जाते हैं, जिससे असहज महसूस हो सकता है। इसकी जगह, पॉलिएस्टर, नायलॉन या स्पैन्डेक्स जैसे महीन फैब्रिक चुनें। ये पसीना जल्दी सुखाते हैं और आपको हल्का महसूस कराते हैं। फिटिंग का रखें ध्यान बहुत ढीले या बहुत ज्यादा टाइट कपड़े न पहनें। ढीले कपड़े आपके वर्कआउट में बाधा डाल सकते हैं, जबकि बहुत टाइट कपड़े ब्लड सर्कुलेशन को रोक सकते हैं। ऐसे कपड़े चुनें जो आपकी बॉडी को अच्छी तरह से फिट हों, लेकिन फ्लेक्सिबल भी हों ताकि आप आसानी से स्ट्रेच और मूव कर सकें। सही जूते पहनें आपके वर्कआउट के जूते भी बहुत जरूरी हैं। दौड़ने के लिए अलग तरह के जूते होते हैं और लेट लिफ्टिंग के लिए अलग। हमेशा ऐसे जूते चुनें जो आपके पैरों को सही सपोर्ट दें और चोट लगने से बचाएं। एक्सेसरीज हैं काम की आप अपनी स्टाइल को और बेहतर बनाने के लिए छोटी-छोटी चीजें जैसे स्पोर्ट्स ब्रा, हेडबैंड और सही मोजे चुन सकते हैं। एक अच्छी स्पोर्ट्स ब्रा आपके वर्कआउट को आरामदायक बनाती है और एक हेडबैंड पसीने को चेहरे पर आने से रोकता है। इसलिए, अगली बार जब आप जिम जाएं, तो सिर्फ अपने शरीर का ही नहीं, बल्कि अपने स्टाइल का भी ध्यान रखें। वर्कआउट स्किनकेयर वर्कआउट करना आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका आपकी त्वचा पर क्या असर पड़ता है? पसीना, गंदगी और बैक्टीरिया मिलकर आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे पिंपल्स और रैशेस हो सकते हैं। घबराइए नहीं! सही स्किनकेयर रूटीन फॉलो करके आप अपनी त्वचा को चमका सकते हैं। वर्कआउट से पहले हमेशा मेकअप हटाकर वर्कआउट करें। मेकअप के साथ वर्कआउट करने से आपके पोर्स बंद हो जाते हैं और पिंपल्स होने की संभावना बढ़ जाती है। अपनी त्वचा को साफ रखें और अगर आप बाहर वर्कआउट कर रहे हैं, तो सनस्क्रीन जरूर लगाएं।   वर्कआउट के दौरान अपने चेहरे को बार-बार न छुएं। जिम में कई चीजों पर बैक्टीरिया होते हैं, जो आपके हाथ से आपके चेहरे पर आ सकते हैं। पसीना पोंछने के लिए एक साफ तौलिए का इस्तेमाल करें। वर्कआउट के बाद वर्कआउट के तुरंत बाद नहा लें या चेहरा धो लें। यह पसीना और गंदगी को हटाता है। अगर आप तुरंत नहीं नहा सकते, तो कम से कम फेस वाइप्स से अपना चेहरा साफ कर लें। इसके बाद, अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज करना न भूलें ताकि वो ड्राई न हो। पिंपल्स से बचें अगर आपको अक्सर पिंपल्स होते हैं, तो सैलिसिलिक एसिड या बेंजॉयल पेरोक्साइड वाला फेस वॉश इस्तेमाल करें। ये आपकी त्वचा के पोर्स को साफ रखने में मदद करते हैं। याद रखें, स्वस्थ शरीर के साथ-साथ हेल्दी स्किन भी जरूरी है। तो इन छोटे-छोटे स्किनकेयर टिप्स को फॉलो करके अपनी त्वचा को भी स्वस्थ रख सकते हैं।

MacBook Air M2 महज ₹63,990 में! जानिए फ्लिपकार्ट और अमेज़न की सेल में कौन-कौन से लैपटॉप्स पर है बंपर डिस्काउंट

नई दिल्ली ऑफिस का काम करना हो या फिर ऑनलाइन पढ़ाई करनी होगी, सभी कामों के लिए लैपटॉप की जरूरत होती है। अगर आपका लैपटॉप पुराना हो गया है और आप नया खरीदने पर विचार कर रहे हैं तो एक अच्छा मौका आने वाला है। 23 सितंबर से फ्लिपकार्ट और अमेजन दोनों वेबसाइट पर सेल शुरू होने वाली है। अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल और फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल 2025 के कई ऑफर्स लाइव कर दिए गए हैं। Asus, Acer, Apple, Lenovo, Hp, Dell जैसी कई कंपनियों के लैपटॉप पर भारी छूट मिलेगी। सेल से पहले ही ऑफर्स सामने आ गए हैं। Apple के लैपटॉप को 50 हजार से भी कम में खरीदने का मौका मिल रहा है। आइये, ऑफर्स की डिटेल जानते हैं। Apple के इस लैपटॉप पर भारी छूट आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Flipkart Big Billion Days Sale में ऐपल का लैपटॉप Macbook Air M2 को 63,990 रुपये में खरीदने का मौका मिलेगा। इस लैपटॉप की कीमत 67,990 रुपये है। इस लैपटॉप में 13.6 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। यह तीन कलर ऑप्शन में आता है। फ्लिपकार्ट सेल में इन लैपटॉप्स पर भी छूट ऐपल के लैपटॉप के अलावा HP 14 Core Ultra AI लैपटॉप को सेल में 60 हजार रुपये से कम में खरीद पाएंगे। वहीं, Asus Expertbook P1 लैपटॉप 50 हजार से कम में मिलेगा। इतना ही नहीं, Asus Vivobook S14 Flip लैपटॉप को 50 हजार रुपये से कम में खरीदने का मौका मिलेगा। Acer Aspire 14 सेल में 40 हजार रुपये से कम में खरीदा जा सकेगा। ध्यान रखें कि ये कीमतें बैंक कार्ड के ऑफर्स के बाद होंगी। Amazon Sale में सस्ते मिलेंगे ये लैपटॉप अमेजन सेल में भी लैपटॉप सस्ते में मिल रहे हैं। Asus Vivobook 13th Gen i5 सेल में 60 हजार रुपये में कम में मिलेगा। वहीं, Lenovo Slim 3 13th Gen i7-H को सेल में 60 हजार रुपये से कम में खरीदने का मौका है। Asus Vivobook 13th Gen i3 सेल में 30 हजार रुपये से कम में मिलेगा। एक दिन पहले मिलेंगे ऑफर्स आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्लिपकार्ट के प्लस और ब्लैक मेंबर्स और अमेजन के प्राइम मेंबर्स के लिए सेल एक दिन पहले यानी 22 सितंबर से शुरू हो जाएगी। बता दें कि दोनों सेल में चुनिंदा बैंक के कार्ड पर डिस्काउंट दिया जा रहा है। इस सेल में आप कम खर्च करके अच्छे प्रोडक्ट खरीद सकते हैं।

Google Gemini नहीं, WhatsApp से ही बनाइए साड़ी ट्रेंड की फोटो

नई दिल्ली   Google का Gemini Nano Banana इन दिनों इंटरनेट पर छाया हुआ है। सभी लोग इसके जरिए तरह-तरह के फोटोज बना रहे हैं। हर कोई इसकी बातें कर रहा है। इस इमेज जनरेटर और एडिटर से आप अपनी यूनिक फोटोज बना सकते हैं। इसकी मदद से अभी तक इंटरनेट पर लोगों के अपने 3D खिलौने वाली AI तस्वीरें और AI साड़ी वाली तस्वीरें शेयर की हैं। यह ट्रेंड खूब देखने को मिला। लोगों की सुविधा के लिए अब Perplexity ने Nano Banana मॉडल को अपने WhatsApp बॉट में शामिल कर लिया है। इसका मतलब है कि अब लोग व्हाट्सऐप के जरिए भी नैनो बनाना से फोटो बना पाएंगे। आइये, जानते हैं कैसे। व्हाट्सऐप से बना पाएंगे नैनो बनाना वाली फोटोज Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास ने LinkedIn पर पोस्ट करके बताया है कि Perplexity के व्हाट्सऐप चैटबॉट में गूगल जेमिनी के नैनो बनाना टूल को इंटीग्रेट कर लिया गया है। अब WhatsApp के जरिए Nano Banana का यूज करके लोग आसानी से फोटो बना सकेंगे। श्रीनिवास ने एक छोटा सा वीडियो भी दिखाया है। इस वीडियो में एक यूजर Perplexity Chatbot से एक फोटो में खुद को गंजा करने के लिए कहता है। बॉट कुछ ही सेकंड में उसके दिए गए प्रॉम्प्ट के अनुसार फोटो बना रहा है। इससे यह भी पता चलता है कि Nano Banana को इस्तेमाल करने के लिए Gemini ऐप की जरूरत नहीं होगी। आप WhatsApp से फोटो बना पाएंगे। Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास का कहना है कि WhatsApp के जरिए Nano Banana के इस्तेमाल से लोगों को बहुत फायदा होगा। वे आसानी से अपनी तस्वीरों में बदलाव कर सकेंगे। WhatsApp पर Nano Banana से फोटो बनाना है बहुत आसान     नैनो बनाना का व्हाट्सऐप पर यूज करने के लिए आपको सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर WhatsApp ओपन करना होगा।     इसके बाद सर्च बॉक्स पर टैप करें।     अब Perplexity Bot का नंबर डालें, जो +1 (833) 436-3285 है।     ऐसा करते ही आपको सर्च रिजल्ट में बॉट दिखाई देगा। बॉट पर टैप करें और चैट पर जाएं।     अब आपको चैट में अपनी पसंद की एक फोटो डालनी होगी और उसके साथ वह प्रॉम्प्ट दें, जिसके अनुसार आप बदलाव देखना चाहते हैं     फिर बस थोड़ी देर इंतजार करें और आपकी फोटो बन जाएगी। हालांकि, ध्यान रखें कि अच्छी फोटोज के लिए आपको प्रॉम्प्ट सही देना होगा, ताकि चैटबॉट आपकी बात आसानी से समझ पाए और आपके अनुसार फोटो बना सके। नैनो बनाना का यूज करके आप अलग-अलग साड़ी में या फिर स्टाइल में फोटो बना सकते हैं।

स्मार्ट टीवी खरीदना हुआ सस्ता, Kodak ने पेश की किफायती टीवी लाइन

मुंबई  Kodak ने अपनी लेटेस्ट स्मार्ट टीवी सीरीज को लॉन्च कर दिया है. कंपनी की लेटेस्ट Matrix सीरीज स्मार्ट टीवी में चार स्क्रीन साइज का ऑप्शन मिलता है. ये कंपनी की लेटेस्ट QLED Google TV सीरीज है. इसमें 43-inch, 50-inch, 55-inch और 65-inch स्क्रीन साइज का विकल्प मिलेगा.  ब्रांड के लेटेस्ट टीवी को कंपनी ने कम बजट वाले यूजर्स को टार्गेट करते हुए लॉन्च किया है. इस टीवी सीरीज की कीमत 20 हजार रुपये से कम बजट में शुरू होती है. इनमें कंपनी ने बेजल-लेस डिजाइन और प्रीमियम QLED डिस्प्ले का इस्तेमाल किया है. आइए जानते हैं इन टीवी की कीमत और दूसरी डिटेल्स.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Kodak के लेटेस्ट स्मार्ट टीवी में स्लीक बेजल-लेस डिजाइन मिलेगा. इसमें प्रीमियम QLED 4K डिस्प्ले दिया गया है जो HDR 10+ के साथ आते हैं. टीवी में Dolby Atmos और Dolby Digital+ का सपोर्ट मिलता है. इस सीरीज के टीवी में चार स्पीकर का इस्तेमाल किया गया है, जो 60W का साउंड आउटपुट ऑफर करता है. ये सभी टीवी Google TV पर काम करते हैं और इसमें गूगल असिस्टेंट का सपोर्ट मिलता है. इसमें क्रोमकास्ट और एयरप्ले बिल्ट-इन का सपोर्ट दिया गया है. इस पर Netflix, Prime Video, Disney+ Hotstar, Zee5 और दूसरे OTT प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस मिलेगा.  कितनी है कीमत?  Kodak QLED Smart TV चार स्क्रीन साइज में आते हैं. स्मार्ट टीवी का 43-inch स्क्रीन साइज वाला वेरिएंट 18,799 रुपये में आता है. वहीं 50-inch स्क्रीन साइज वाले वेरिएंट की कीमत 23,999 रुपये, 55-inch स्क्रीन साइज वाले वेरिएंट की कीमत 27,649 रुपये और 65-inch स्क्रीन साइज वाले वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये है.  कंज्यूमर्स इन सभी को 10 परसेंट के डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं. ये डिस्काउंट Axis और ICICI बैंक क्रेडिट व डेबिट कार्ड पर मिल रहा है. इन्हें आप Flipkart से खरीद सकते हैं. डिस्काउंट के बाद इस सीरीज की कीमत 16,999 रुपये से शुरू होती है.

क्या स्मार्टफोन का युग खत्म? ज़ुकरबर्ग का चौंकाने वाला डिवाइस आएगा आंखों के पास, काम करेगा बिना टच के!

नई दिल्ली  स्मार्टफ़ोन की जगह फ्यूचर में कौन सा डिवाइस लेगा? कुछ समय से ऐसी डिस्कशन देखने को मिल रही है. आपको याद हो तो हाल ही में Humane AI Pin लॉन्च किया गया था. इसे ऐपल के ही एक फॉर्मर एग्जिक्यूटिव ने लॉन्च किया था. इस AI डिवाइस की हाइप भी काफी थी, लेकिन ये फ्लॉप हो गया.  स्मार्ट ग्लासेज का कॉन्सेप्ट नया नहीं है, लेकिन पिछले दो सालों में AI पावर्ड स्मार्ट ग्लासेज का क्रेज़ तेजी से बढ़ा है. ख़ास तौर पर MetaRayban स्मार्ट ग्लासेज दुनिया भर में हॉट सेलिंग रहे हैं. मेटा को लग रहा है कि कंपनी स्मार्ट ग्लासेज के ज़रिए पूरा इकोसिस्टम तैयार कर सकती है.  Meta CEO मार्क जकरबर्ग ने हाल ही में कहा कि फ्यूचर में जिनके पास स्मार्ट ग्लासेज नहीं होंगे वो पीछे रह जाएंगे. ज़ाहिर है ये बात उनके प्रचार का हिस्सा है, लेकिन ये कई मायनों में सही भी है.  Meta Connect इवेंट में मार्क जकरबर्ग ने लेटेस्ट जेनेरेशन Meta Rayban Display लॉन्च किया है. ये मौजूदा Meta RayBan स्मार्ट ग्लासेज से काफी अलग हैं और इसमें इनबिल्ट स्क्रीन भी है जहां आप वीडियोज भी देख सकते हैं और यहां लाइव नेविगेशन भी दिख सकता है. इसे ऑग्मेंटेड रिएलिटी (AR) ग्लास कहा जा सकता है.  Meta ने कुछ समय पहले Orion Glasses भी अनवील किया था जो Snapchat के ऑग्मेंटेड रिएलिटी ग्लासेज का राइवल है. हालांकि ये अभी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है. लेकिन कंपनी इसपर काफी अग्रेसिवली काम कर रही है. कुछ सालों में इसका फाइनल बिल्ड किया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो Apple Vision Pro जैसे डिवाइसेज के लिए बड़ा खतरा होगा. क्योंकि Apple Vision Pro काम तो बेहतर करता है, लेकिन ये काफी भारी है और लंबे समय तक पहन कर रहने में लोग कंफर्टेबल नहीं हो सकते.  स्मार्ट ग्लासेज़ का मार्केट मार्केट में जो भी मौजूदा स्मार्ट ग्लासेज हैं उनमें स्पीकर्स, माइक्रोफोन्स और कैमरे दिए गए हैं, लेकिन डिस्प्ले नहीं होता है. हाल ही में Halliday Glasses लॉन्च हुए थे जिनमे एक व्यू फ़ाइंडर दिया गया है. एक ग्लास में आप स्क्रीन देखने लगते हैं, लेकिन Meta का RayBan Display में ग्लास पर ही स्क्रीन एंबेड कर दी गई है.  आपको ऐसा लग रहा होगा कि चश्मे में डिस्प्ले दी गई है तो इससे काफी डिस्ट्रैक्शन होगा. यानी आप सामने देखेंगे और डिस्प्ले ऑन हो गई तो मुश्किल हो जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं है.  इससे आपको विजन ब्लॉक नहीं होगा, क्योंकि  आपको ऐसा लगेगा कि आपके सामने डिस्प्ले प्रोजेक्ट की जा रही है. अगर आपने कार में HUD देखा है तो ये कमोबेश वैसा ही लगता है. यानी स्क्रीन आपसे दूर दिखेगी और पेरिफेरल विजन में रहेगी.  स्मार्टफोन को रिप्लेस कर पाएगा? स्मार्ट ग्लासेज के साथ बड़ा पॉजिटिव प्वाइंट ये है कि आप इसे पहन कर अनकंफर्टेबल नहीं होते जैसे Vision Pro या Meta Quest जैसे ऑग्मेंटेड रिएयलिटी हेडसेट को पहन कर होते हैं. अमूमन ऑग्मेंटेंड रियलिटी हेडसेट काफी भारी होते हैं. अगर Meta या कोई भी कंपनी Apple Vision Pro जैसे तमाम फीचर्स अगर स्मार्ट ग्लासेज में ही फिट करने में पूरी तरह सफल रहती है तो ये एक बड़ा ब्रेकथ्रू होगा. फिलहाल कुछ सालों तक स्मार्टफोन को पूरी तरह रिप्लेस करने वाला कोई डिवाइस नहीं आएगा, लेकिन वेयरेबल कैटिगरी के स्मार्ट गाल्सेज में पूरी पोटेंशियल है कि ये स्मार्टफोन्स पर लोगों की निर्भरता कम कर दें. हालांकि ऐपल के पूर्व चीफ डिजाइनर और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन एक AI डिवाइस पर काम कर रहे हैं, इसलिए ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या वो डिवाइस स्मार्टफोन को रिप्लेस कर पाएगा?  Meta RayBan Display ग्लासेज से आप क्या-क्या कर सकते हैं? पहले वाले MetaRayban वेरिएंट्स को आप बोल कर कमांड दे सकते थे, लेकिन यहां आप देख कर जेस्चर के ज़रिए कमांड दे सकते हैं. पहनने के बाद आपको ऐसा लगेगा कि आपसे कुछ फ़ीट की दूरी पर डिस्प्ले है जिससे आपका विजन भी ब्लॉक नहीं होगा. आप इसे चाहें तो ऑफ भी कर सकते हैं और इसे नॉर्मल सनग्लासेज की तरह यूज़ कर सकते हैं.  आपके सामने हर समय एक फ़्लोटिंग स्क्रीन दिखेगी जिसे आप कमोबेश फ़ोन की तरह ही यूज़ कर पाएंगे. कोई दूसरा ये डिस्प्ले नहीं देख पाएगा, सिर्फ आपको ही ये स्क्रीन दिखेगी.  आप चश्मे में ही शॉर्ट वीडियोज या रील्स स्क्रॉल कर सकते हैं जैसे फ़ोन पर करते हैं. ऑडियो क्वॉलिटी भी अच्छी होती है, इसलिए सिर्फ आपको ही ऑडियो भी सुनाई देगी, पास वालों को अंदाजा भी नहीं होगा कि आप चश्मे में ही वीडियो देख रहे हैं. कॉलिंग, मैसेजिंग से लेकर म्यूजिक का एक्स्पीरिएंस भी इसमें मिलता है.  MetaRaban Display के साथ एक न्यूरल रिस्ट बैंड भी आता है. इसके जरिए आप हैंड जेस्चर यूज करके स्क्रीन पर नेविगेशन कर सकते हैं, यानी कोई भी ऑप्शन को सेलेक्ट कर सकते हैं या बंद करके कुछ नया ओपन कर सकते हैं.  मैप्स रियल टाइम चलता है, इसलिए आपको फ़ोन निकालने की ज़रूरत नहीं होगी. स्मार्ट ग्लास की ही स्क्रीन में आपको रियल टाइम नेविगेशन मिल जाएगा.  ऐसे कई फीचर्स हैं जो यूजफुल हैं, लेकिन अभी ये परफ़ेक्शन से दूर हैं. लेकिन MetaRayban Display के बाद ये तो साफ है कि स्मार्ट ग्लासेज फ्यूचर में एक जरूरी गैजेट बन सकते हैं. इतना ही नहीं इससे स्मार्टफोन की डिपेंडेंसी भी कम हो सकती है.  फ़िलहाल ये अर्ली वर्जन्स हैं, लेकिन कुछ सालों के बाद स्मार्ट ग्लासेज के फीचर्स परफ़ेक्शन की तरफ़ जाएंगे और ये प्रैक्टिकल भी होंगे. दूसरी कंपनियां भी लगातार स्मार्ट ग्लासेज पर काम कर रही हैं. 

ChatGPT चैट हिस्ट्री हटाने का आसान तरीका, प्राइवेसी रखें पूरी सुरक्षित

नई दिल्ली ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स लोगों की लाइफ का पार्ट बनते जा रहे हैं. धीरे धीरे लोग अपने सर्च क्वेरीज के लिए गूगल सर्च के बजाए AI टूल्स की तरफ़ जा रहे हैं. जो सवाल आप गूगल से भी नहीं पूछते थे वो AI से पूछ रहे हैं.  सवाल पूछने का मतलब ये है कि आप उस AI टूल को अपनी पर्सनल डिटेल्स दे रहे हैं. बहरहाल, ये डिबेट तो चलती रहेगी कि आपका पर्सनल डेटा ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स के पास कितना सेफ है. लेकिन अभी आपको ये बताता हूं कि आप चैट जीपीटी से चैट हिस्ट्री और डेटा कैसे क्लियर कर सकते हैं. डेटा सर्वर से डिलीट कैसे कराएं ये आपको बाद में बताएंगे.  किसी भी AI टूल से आप से आप कॉन्वर्सेशन स्टार्ट करते हैं तो एक लॉग बन जाता है. अमूमन ये लेफ्ट साइड में होता है. ChatGPT, Gemini और Grok जैसे टूल्स में लॉगइन करने के बाद होम पेज ओपन होता है और लेफ्ट साइड में एक पैनल खुलता है. यहां आपकी कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री होती है.  कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री डिलीट करने के लिए आपको थ्री डॉट को सेलेक्ट करना है. यहां पर रिनेम और डिलीट का ऑप्शन दिखेगा जहां से आप हिस्ट्री क्लियर कर सकते हैं.  ChatGPT से ऐसे करें हिस्ट्री डिलीट  — स्मार्टफ़ोन पर ChatGPT ओपन करें और मेन्यू आइकॉन पर टैप करें.  — यहां सबसे नीचे आपको अपना प्रोफ़ाइल आइकॉन दिखेगा यानी आपका नाम — यहां टैप करना है.  — एक लिस्ट खुलेगी जहां Data Controls दिखेगा. इस मेन्यू में जा कर आप Clear Chat History सेलेक्ट कर सकते हैं.  Chat Export कैसे करें? ChatGPT आपको अपने चैट्स को एक्सपोर्ट करने का भी ऑप्शन देता है. डेटा कंट्रोल्स ऑप्शन में ही आपको और भी कई ऑप्शन्स दिखेंगे. यहां बॉटम में Export Data का ऑप्शन मिलता है. Export Data कन्फर्म करते ही आपकी पूरी चैट जीपीटी की हिस्ट्री आपकी ईमेल आईडी पर एक्सपोर्ट हो जाएगी.   इसी तरह ChatGPT की वेबसाइट पर लॉगइन करके भी आप अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. लॉगइन के बाद सेटिंग्स में जाना है Data Controls सर्च करें. यहां आपको डिलीट ऑल चैट्स का ऑप्शन दिखेगा जिसे सेलेक्ट करके ChatGPT से अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. 

डायबिटीज के मरीजों के लिए असरदार: यह सूखे पत्ते की चाय करें सेवन

नई दिल्ली  खड़े मसाले में इस्तेमाल होने वाला तेज पत्ता शुगर में काफी फायदेमंद माना जाता है। तेज पत्ता में भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व डायबिटीज में असरदार साबित होते हैं। तेज पत्ता में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और कॉपर होता है। कुछ दिनों तक नियमित रूप से तेज पत्ता का पानी या चाय पीने से पुरानी से पुरानी डायबिटीज को कम किया जा सकता है।     आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।       आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।     तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।       तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।     आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।       आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।     तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।       तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।  

मानसून में सेहत का रखें खास ख्याल

मानसून के मौसम में ज्यादातर लोग अपनी सेहत को लेकर लापरवाह हो जाते हैं। इस मौसम में आपको अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए, वरना आपको भविष्य में सेहत संबधित बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको हम बता रहे हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें जिससे आप अपनी सेहत का ख्याल रख पाएंगे… कच्चा सलाद और जूस: बरसात के मौसम में कच्चा सलाद खाने से बचें। कच्चे सलाद में कई तरह के कीड़े होने का डर बना रहता है। इसलिए सलाद को स्टीम्ड करके खाएं। इससे सलाद के कीटाणु भी नष्ट हो जाएंगे और ये अधिक स्वास्थ्यवर्धक भी बन जाता है। यहां तक घर पर भी फलों को काटकर न रखें बल्कि काटने के बाद तुरंत खा लें। इसके अलावा बाजार में बिकने वाले जूस से भी इन्हीं कारणों से परहेज करें। मशरूम: बरसात के मौसम में मशरूम खाने से भी बचें। इस मौसम में मशरूम से इंफेक्शन होने का खतरा अन्य मौसम के मुकाबले कहीं अधिक होता है। बाजार के पकौड़े: सड़क के किनारे बिकने वाले पकौड़ों को न खाएं। इन पकौड़ों को तलने के लिये जो तेल प्रयोग किया जाता है वह अच्छा नहीं होता। इसके साथ ही मानसून में आपके पेट की खाना पचाने की क्षमता कम हो जाती है इसलिये इन्हें न खाएं, अगर बहुत मन है तो घर पर ही बना कर पकौड़े खाएं। इन्हें आजमाएं… तुलसीः मानसून के दौरान अपनी डाइट में हर रोज तुलसी की तीन-चार पत्तियों को शामिल करें। तुलसी में दमदार एंटी-वायरल एजेंट होता है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर है। आप चाहें तो सलाद में तुलसी की तीन-चार पत्तियां काट कर डाल लें, या फिर तुलसी की पत्ती को धोकर चीनी या गुड़ के साथ खाएं। इसके अलावा आप तुलसी से बनी हर्बल टी भी पी सकते हैं। हर्बल टीः मानसून के मौसम में हर्बल टी का इस्ते माल बेहद फायदेमंद होता है वैसे सेहत के लिए हर्बल टी किसी भी मौसम में काफी अच्छी रहती है।  

डेस्कटॉप की स्पीड हो गयी है कम, इस तरह बढ़ाएं

कंप्यूटर हो या अन्य कोई टेक्नोलॉजी इनका एक अभिन्न अंग हैं-स्पीड। जैसे-जैसे नवीन टेक्नोलॉजी या प्रोडक्ट आते हैं, वैसे ही उनमें स्पीड को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ जाती है। आज कम समय में मल्टीटास्क को तवज्जो दी जाती है। कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय यूजर को उसकी परफॉरमेंस से कई उम्मीदें होती हैं। डेस्कटॉप खरीदते समय भी हमें यही आशा होती है की उसमें एक ही समय पर कई एप्लीकेशन के प्रयोग कर पाएं। इन सस्ते उपायों से आपके गैजेट्स रहेंगे हमेशा साफ… नए डेस्कटॉप पर आमतौर से हमें परेशानियां नहीं आती। शुरुआत में मल्टी एप्लीकेशन का प्रयोग करते हुए भी कंप्यूटर तेज स्पीड पर चलता है, पर डेस्कटॉप की ख्वाइश रखने वाले अक्सर उसमें कई सारी एप्लिकेशंस का प्रयोग करना चाहते हैं। साथ ही अगर आपको पिक्चर्स एडिट करने का शौक है तो आपको अपने पीसी में अच्छी खासी मेमोरी की भी आवश्यकता पड़ती होगी। इन सभी कार्यों के बीच धीरे-धीरे जैसे आपकी कंप्यूटर की स्टोरेज बढ़ती जाती है, उसकी स्पीड कम होने लगती है। आपको महसूस होता है की आप पहले की तरह अपने पीसी का इस्तमाल नहीं कर पा रहे, उसकी फक्शन करने की स्पीड भी कम हो गई। ऐसे में अगर आपको आज की डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ चलना है तो सबसे सस्ता और अच्छा उपाय अपने कंप्यूटर की रैम को बदलना है। इससे आप अपने पीसी का बेहतर रूप में प्रयोग कर पाएंगे और वह सभी कार्य कर पाएंगे, जो आप करना चाहते है-जैसे की ढेर सारी पिक्चर्स, गाने रखना, सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर उन्हें यूज करना आदि। अपने डेस्कटॉप के लिए रैम का चुनाव कैसे करें…. जब भी आप कोई एप्लीकेशन चलाते है तो वो टास्क कंप्यूटर की मेमोरी में जाता है लेकिन अगर आप अपने डेस्कटॉप पर उसकी क्षमता से अधिक काम का भार डाल रहे हैं तो वह अपनी स्पीड से कम चलने लगेगा और समय के साथ साथ अन्य परेशानियां भी खड़ी करेगा। इस समय आपको यह ध्यान देने की जरूरत है की आप अपने पीसी का किस-किस कार्य के लिए प्रयोग कर रहे है। अपने डेस्कटॉप के लिए रैम लेने जाने से पहले ये जरूर देखे की आपको कितने रैम की जरूरत है। अगर आप अपने पीसी का प्रयोग बेसिक चीजों जैसे की मेल चेक करना आदि के लिए करते है तो 384 से 512 एमबी रैम आपकी लिए काफी है। कंप्यूटर में जितनी अधिक प्रोसेसिंग होगी उतनी अधिक रैम की आवश्यकता होगी। अगर आपका डेस्कटॉप ऑफिस वर्क के लिए प्रयोग होता है और आप एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग करते हैं तो आपको 1 जीबी तक रैम की जरूरत पड़ेगी। हालांकि गेमिंग और हैवी प्रोग्राम्स के लिए कंप्यूटर में 1 से 2 जीबी या उससे अधिक तक की रैम होनी चाहिए। अपने डेस्कटॉप में रैम कैसे लगाएं… एक बार आपने अपने कंप्यूटर के लिए रैम का चुनाव कर लिया, उसके बाद समय है की आप अपने डेस्कटॉप में रैम लगाएं। इससे पहले की आप इस कार्य की शुरुआत करें, ध्यान रखे की आपका डेस्कटॉप बंद हो और उससे जुडी सभी वायर सॉकेट से बाहर हो। खुद को किसी भी तरह के इलेक्ट्रिक खतरे से बचाने के लिए सावधानियां बरते। डेस्कटॉप अलग-अलग तरह से बने होते है, पर उसके ऊपर या साइड का कवर स्क्रूड्राइवर की मदद से खुल जाता है। रैम स्लॉट्स कंप्यूटर के मदरबोर्ड पर होता है। आमतौर पर इसके लिए दो स्लॉट होते है, हालांकि इससे अधिक भी उपलब्ध हो सकते हैं। अगर सभी स्लॉट में रैम लगी हुई है, तो कॉम स्पेस की रैम को ज्यादा स्पेस की रैम से बदला जा सकता है। अब पुराने मॉड्यूल को निकाल नया मॉड्यूल डालने के लिए टैब को रिलीज कर दें। अगर स्लॉट पहले से खुला है तो नए मॉड्यूल को उसमें सेट कर दें। एक बार जब आपने अपनी रैम इनस्टॉल कर ली, तब अपने कंप्यूटर को बंद करें और उसे रीस्टार्ट कर लें। कंप्यूटर अपने आप नइ रैम को एक्सेप्ट कर लेगा और आपका काम बेहद आसानी और सस्ते में पूरा हो जाएगा। अब आपकी कंप्यूटर की स्पीड बढ़ जाएगी और आप आसानी से एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग कर पाएंगे।  

टीवीएस ने उतारी नई स्मार्टवॉच, जानिए कीमत और खास फीचर्स

 नई दिल्ली, ज़रा सोचिए… रोज़मर्रा की भागदौड़ में आप घर से ऑफिस निकले. रास्ते में आपकी कलाई पर बंधी घड़ी ने झट से बता दिया, स्कूटर की बैटरी 80% है, इतने किलोमीटर आराम से चल जाएगा. चलते-चलते वॉच ने अलर्ट दिया… "भाई, पीछे वाला टायर थोड़ा कमज़ोर लग रहा है, हवा भरवा लो." स्कूटर चार्ज पर लगाया तो कलाई पर ही टाइम-टू-फुल दिख गया. अब अलग से ऐप खोलने का झंझट नहीं, फोन जेब से निकालने की टेंशन नहीं. यही कमाल है TVS iQube और Noise स्मार्टवॉच के इस नए जुगलबंदी का. यानी आपकी कलाई ही बन जाएगी स्कूटर का स्मार्ट कंट्रोल रूम. सुरक्षा भी, सुविधा भी और स्मार्टनेस भी. तो आइये जानें क्या है ये भारत का पहला ईवी और स्मार्टवॉच इंटिग्रेशन. TVS और Noise ने लॉन्च किया EV स्मार्टवॉच दरअसल, टीवीएस मोटर कंपनी और कनेक्टेड लाइफस्टाइल ब्रांड नॉइज़ ने देश का पहला ईवी-स्मार्टवॉच इंटीग्रेशन लॉन्च करने के लिए हाथ मिलाया है. यह मेड-इन-इंडिया इनोवेशन टीवीएस आईक्यूब इलेक्ट्रिक स्कूटर को एक स्पेशल एडिशन नॉइज़ स्मार्टवॉच से जोड़ता है, जिससे राइडर्स को स्मार्ट, सुरक्षित और ज़्यादा कनेक्टेड राइड का मजा मिलेगा. यह स्मार्टवॉच एक मोबिलिटी पार्टनर की तरह काम करता है. जिससे राइडर्स को बैटरी चार्ज लेवल से लेकर टायर प्रेशर तक, ज़रूरी राइड डेटा तक, स्कूटर से संबंधित हर तरह की जानकारी तुरंत मिलती है. तो आइये देखें ये स्मार्टवॉच किस तरह की सुविधाएं देता है. व्हीकल स्टेटस मॉनिटरिंग:  स्कूटर लॉक/अनलॉक, चार्जिंग स्टेटस या राइड पर है या नहीं, इसकी जानकारी तुरंत मिलेगी. स्टेट ऑफ चार्ज (SoC): बैटरी प्रतिशत, चार्जिंग प्रोग्रेस और 20% से नीचे बैटरी अलर्ट. डिस्टेंस टू एम्प्टी (DTE): अलग-अलग राइड मोड्स में अनुमानित रेंज, ताकि चार्जिंग और राइड की बेहतर प्लानिंग हो सके. टायर प्रेशर मॉनिटरिंग (TPMS): रियल-टाइम टायर प्रेशर मॉनिटरिंग वैल्यू और अलर्ट (चुनिंदा मॉडल्स पर). चार्जिंग प्रोग्रेस: टाइम-टू-फुल और चार्जिंग पूरा होने पर नोटिफिकेशन. टो/थेफ्ट अलर्ट: स्कूटर की मूवमेंट पर हैप्टिक और विजुअल प्रॉम्प्ट, साथ ही मोबाइल ऐप पर अलर्ट भी मिलेगा. क्रैश/फॉल डिटेक्शन: एक्सीडेंट या स्कूटर के गिरने की स्थिति में इंस्टेंट ऑन-वॉच अलर्ट और ऐप पर नोटिफिकेशन. जियोफेंस नोटिफिकेशन: स्कूटर के तय सीमा से बाहर जाने पर तुरंत अलर्ट मिलेगा. लो/फुल चार्ज अलर्ट: बैटरी लेवल के हिसाब से प्लग इन या अनप्लग करने की सलाह मिलेगी. सेफ्टी विजुअल: कलर कोडेड टाइल ग्रीन कलर ऑप्टिमल और रेड कलर अटेंशन के लिए. ताकि राइडिंग के दौरान ध्यान न भटके. कितनी है कीमत? TVS iQube Noise स्मार्टवॉच फिलहाल कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है. कंपनी ने इस स्मार्टवॉच की कीमत 2,999 रुपये तय की है. जो 12 महीने के Noise गोल्ड सब्सक्रिप्शन के साथ आता है. ध्यान रहे ये इंट्रोडक्ट्री प्राइस है, यानी भविष्य में इसकी कीमत बढ़ सकती है.