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सैर-सपाटे में गांवों के लोग आगे, घरेलू पर्यटन में पंजाब का दबदबा

चंडीगढ़ 
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जारी आंकड़े बताते हैं कि पंजाब के लोग सैर-सपाटे के काफी शौकीन हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को लेकर उत्साह अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ‘भारत में घरेलू पर्यटन’ रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के 76.2 प्रतिशत ग्रामीण परिवार हर माह कम से कम एक दिन की यात्रा कर रहे हैं। इस श्रेणी में पंजाब देशभर में छठे स्थान पर है। वहीं प्रदेश में कुल 65.4 प्रतिशत परिवार एक दिन की यात्रा पर जाते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के शहरी क्षेत्रों में 52.2 प्रतिशत परिवार एक दिन की यात्रा करते हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 76.2 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि गांवों के लोगों में घूमने-फिरने का रुझान शहरों की तुलना में अधिक है। खान-पान और मेहमाननवाजी के लिए प्रसिद्ध पंजाब में पर्यटन गतिविधियों के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

अगर अन्य राज्यों की बात करें तो त्रिपुरा 89.5 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद केरल में 85.9 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 83.4 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 79 प्रतिशत और कर्नाटक में 77.5 प्रतिशत ग्रामीण परिवार एक दिन की यात्रा कर रहे हैं। पंजाब इन राज्यों के बाद छठे स्थान पर है।

मई और अक्तूबर में सबसे अधिक होती हैं यात्राएं
देशभर में पर्यटन गतिविधियों का विश्लेषण बताता है कि मई और अक्तूबर के दौरान सबसे अधिक यात्राएं की जाती हैं। इन महीनों में धार्मिक पर्यटन का हिस्सा सबसे ज्यादा रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा के लिए 25 प्रतिशत लोग ट्रेन और 32 प्रतिशत लोग बस को प्राथमिकता देते हैं। वहीं ठहरने के लिए होटल और गेस्ट हाउस सबसे पसंदीदा विकल्प बने हुए हैं। यात्राओं के दौरान लोगों का सबसे अधिक खर्च परिवहन पर होता है। 

पंजाब में बढ़ रही घरेलू पर्यटकों की संख्या
पर्यटन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में घरेलू पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में राज्य में 2,66,40,429 घरेलू पर्यटक आए थे। यह संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 3,32,45,623 तक पहुंच गई। चार वर्षों में घरेलू पर्यटकों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार का संकेत है। 

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