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अकड़ मुर्दों की होती है… कुंभ भगदड़ के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी का तीखा पलटवार, ममता के समर्थन में उतरे

कोलकाता  फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल सरकार का बचाव किया है। उन्होंने इसके लिए प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ का उदाहरण दिया है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना के एक घंटे के भीतर माफी मांग ली थी, जबकि भाजपा शासित राज्यों में हुई बड़ी घटनाओं पर ऐसी जवाबदेही देखने को नहीं मिलती। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “भाजपा शासित राज्यों में कुंभ के दौरान कितने लोग मरे, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की भगदड़ में जानें गईं, क्या वहां किसी ने जिम्मेदारी ली? क्या आपने योगी आदित्यनाथ से सवाल किया? बंगाल में जो हुआ उस पर मुख्यमंत्री ने एक घंटे के भीतर माफी मांगी।” उन्होंने एक शेर के जरिए भी हमला बोला। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “झुकता वही है जिसमें जान है, अकड़ तो मुर्दों की पहचान है। हमने जनता के सामने सिर झुकाया है। जिन पर आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यही वजह है कि भाजपा हारती है और तृणमूल जीतती है।” आपको बता दें कि मेसी की कोलकाता यात्रा GOAT टूर 2025 का पहला पड़ाव थी। यह अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। विश्व कप विजेता खिलाड़ी के स्वागत का जश्न उस समय तनाव में बदल गया, जब मैदान पर बड़ी संख्या में वीआईपी और राजनेताओं की मौजूदगी से प्रशंसकों में नाराजगी फैल गई। कई दर्शकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने टिकट खरीदने के बावजूद मेसी की एक झलक तक नहीं देखी। घटना के बाद गुस्साए प्रशंसकों ने स्टेडियम में तोड़फोड़ भी की और आयोजकों पर कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए। खेल मंत्री का इस्तीफा, SIT गठित इस पूरे मामले के बाद राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वीकार कर लिया। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसमें आईपीएस अधिकारी पीयूष पांडेय, जावेद शमीम, सुप्रतीम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार ने डीजीपी राजीव कुमार को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि स्टेडियम में इतनी बड़ी अव्यवस्था क्यों हुई और निजी आयोजकों समेत संबंधित एजेंसियों के साथ समुचित समन्वय क्यों नहीं किया गया।  राज्य सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।  

गिरफ्तारी वारंट पर स्टे की मांग: ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने दी हाईकोर्ट में चुनौती

जबलपुर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। मामला नवंबर 2020 में कोलकाता में आयोजित एक सभा में दिए गए बयान से जुड़ा है। अभिषेक बनर्जी ने उस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को गुंडा कहा था। इस बयान को लेकर आकाश विजयवर्गीय ने 2021 में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। एक मई, 2021 से इस प्रकरण की सुनवाई भोपाल की एमपीएमएलए कोर्ट में चल रही है, लेकिन बताया गया है कि अभिषेक बनर्जी अब तक किसी भी पेशी में हाजिर नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 11 अगस्त और 26 अगस्त 2025 की तारीखों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अभिषेक बनर्जी ने इस गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने अंतरिम राहत के मुद्दे पर सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित कर लिया।

फिल्म ‘स्टोलेन’ को एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2025 में दो नॉमिनेशन मिलने पर अभिषेक बनर्जी ने खुशी जताई

मुंबई, अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने फिल्म 'स्टोलेन' को एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2025 में दो नॉमिनेशन मिलने पर खुशी जताई है। अभिषेक बनर्जी इन दिनों अपनी फिल्म स्टोलेन की सफलता से बेहद खुश हैं। यह फिल्म लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है और अब इसे एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2025 में दो बड़े अवॉर्ड्स, बेस्ट फीचर फिल्म (फिक्शन) और बेस्ट डायरेक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया है। साल 2025 की बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जा रही स्टोलेन को इसकी दमदार कहानी, शानदार अभिनय और दिलचस्प निर्देशन के लिए खूब सराहना मिली है। इस मौके पर अपनी खुशी जताते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "स्टोलेन को हमेशा ही एक यूनिवर्सल ऑडियंस के लिए बनाया गया था। ऐसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स में दो कैटेगरी में नॉमिनेट होना गर्व की बात है। बेस्ट फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर का नॉमिनेशन इस बात को भी बताता है कि यह फिल्म कितनी दमदार प्रोडक्शन रही है। यह सब गौरव (प्रोड्यूसर) और करण तेजपाल (डायरेक्टर) की विज़न और हिम्मत का नतीजा है कि आज स्टोलेन भारत का प्रतिनिधित्व इतनी बड़ी जगह पर कर रही है। यह इस साल की अकेली भारतीय फिल्म है जो एशिया की बेहतरीन फिल्मों के साथ कम्पटीशन कर रही है। हमारी टीम के लिए यह गर्व का पल है।" इन नॉमिनेशनों के साथ स्टोलेन इस साल की सबसे चर्चित और सराही गई फिल्मों में और मज़बूती से अपनी जगह बना रही है, और अभिषेक बनर्जी एक बार फिर साबित कर रहे हैं कि वे अपनी पीढ़ी के सबसे बहुमुखी और असरदार कलाकारों में से एक हैं।  

अब काफी हुआ! – CM ममता पर कटाक्ष के बाद अभिषेक बनर्जी ने उठाए मोदी-बीजेपी पर बड़े सवाल

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अयोध्या मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा राम नवमी से तीन महीने पहले कर दी थी. अभिषेक की यह टिप्पणी दुर्गा पूजा पंडालों को ‘देवी पक्ष’ से पहले खोलने के लिए पश्चिम बंगाल बीजेपी द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना किए जाने के बीच आई है.तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक ने अपने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में संवाददाताओं से बात करते हुए मोदी सरकार पर ‘दोहरी बात कहने की कला में निपुण होने, नोटबंदी की अचानक घोषणा के लिए कोई जवाबदेही नहीं लेने, जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई थी और संघीय व्यवस्था की भावना के विरुद्ध राज्य का बकाया नहीं देने का आरोप लगाया. राम नवमी से पहले प्राण प्रतिष्ठा पर उठाया सवाल पंडालों को देवी पक्ष से पहले खोलने को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर, अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘ठीक है, उन्होंने देवी पक्ष की शुरुआत से एक दिन पहले पंडाल खोल दिए और मूर्तियों के पट नहीं खोले. उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री द्वारा राम नवमी से तीन महीने पहले जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करने के बारे में क्या कहना है? क्या किसी बीजेपी नेता ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए उठाए गए उस कदम पर टिप्पणी की है? पश्चिम बंगाल की धनराशि रोकने का आरोप बीजेपी पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए अभिषेक बनर्जी ने सवाल किया कि पश्चिम बंगाल को कितना पैसा दिया गया और राज्य से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से कितना लिया गया. बीजेपी पर मनरेगा जैसी परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल को मिलने वाली धनराशि रोकने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मोदी सरकार पर ‘इस मुद्दे पर कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान नहीं करने’ का आरोप लगाया. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों की बात करते हैं, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि 69 लाख जॉब कार्ड धारकों को अभी तक केंद्र से पैसा क्यों नहीं मिला है. राज्य ने उनकी मदद के लिए अपने सीमित कोष से संसाधन जुटाए.