शिप्रा पुल से कार गिरी, टीआई मृत, एसआई और महिला कांस्टेबल की तलाश जारी
उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में बड़ा हादसा सामने आया है. यहां शिप्रा नदी के पुल से बीती रात एक कार नीचे जा गिरी. लोगों को पता चला तो सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. रात में रेस्क्यू के दौरान कार के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका. आज सुबह जब दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ तो उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव बरामद किया है. थाना प्रभारी का अंतिम संस्कार हादसे में मृत थाना प्रभारी अशोक शर्मा का रविवार को चक्रतीर्थ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एडीजी उमेश जोगा, एसपी प्रदीप शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़े बेटे दर्श शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ, जब थाना प्रभारी अशोक शर्मा दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उज्जैन से उन्हेल लौट रहे थे. कार नदी में कैसे गिरी, यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सदमे में डाल दिया है. थाना प्रभारी का किया गया अंतिम संस्कार, SI और आरक्षक की खोज के लिए अभियान जारी शिप्रा नदी में हुए कार हादसे ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। पुलिस विभाग के लिए बेहद ही विचलित करने वाले खबर रही। रविवार को अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर एसआई और आरक्षक को खोजने के लिए अभियान शुरू हुआ। जिसमें NDRF के 30 और होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 लोग जुटेंगे। उज्जैन में शनिवार को शिप्रा नदी में कार गिरने से लापता हुए 3 पुलिसकर्मियों में से 2 की तलाश अब भी जारी है। आज सुबह तक रेस्क्यू टीमें एसआई मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल का पता नहीं लगा सकी हैं। इससे पहले रविवार सुबह करीब 8 बजे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव घटना स्थल से 4 किलोमीटर दूर मिला था। इसके बाद रेस्क्यू अभियान तेज किया गया। लेकिन रविवार देर रात तक चली सर्चिंग के बावजूद न तो कार मिल पाई और न ही दोनों पुलिसकर्मियों का कोई सुराग मिला। अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर से एसआई और आरक्षक की तलाश के लिए अभियान शुरू हुआ है, जिसमें NDRF के 30, होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 सदस्य जुटे हैं। कॉन्स्टेबल आरती चला रही थीं कार एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्हेल थाना इलाके से दो दिन पहले 14 वर्षीय लड़की गुमशुदा हो गई थी। इसी मामले में तीनों पुलिसकर्मी चिंतामन की ओर जा रहे थे। सफेद रंग की कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं। यह कार उन्हीं की थी। सर्चिंग बनी बड़ी चुनौती पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी बाधा बन रही है। आशंका है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं। इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। सर्चिंग में ड्रोन की मदद शनिवार देर रात कार नदी में गिरने की सूचना मिलने पर महाकाल टीआई गगन बादल और होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। सर्चिंग में दो ड्रोन भी लगाए गए हैं। टीआई बादल ने बताया कि शनिवार रात बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी पर बने बड़े पुल से कार गिरने की सूचना मिली थी। कार सवार लोग चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जा रहे थे, तभी पुल पर रैलिंग नहीं होने के कारण कार सीधे नदी में गिर गई। दरअसल, उन्हेल थाना प्रभारी एक केस की जांच के लिए शनिवार को उज्जैन आए थे. उनके साथ सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और महिला कॉन्स्टेबल आरती पाल भी मौजूद थीं. देर शाम तीनों लौट रहे थे कि उनकी कार शिप्रा पुल के पास अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी. घटना के बाद से ही तीनों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था. मोबाइल फोन भी बंद थे और उनकी आखिरी लोकेशन शिप्रा पुल के आसपास की मिली. इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ. आज रविवार की सुबह जैसे ही सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर उतरी तो घंटों की मशक्कत के बाद नदी से कार को बाहर निकाला गया. उसमें से अशोक शर्मा का शव बरामद किया गया है. फिलहाल सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और कॉन्स्टेबल आरती पाल के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है, उनकी तलाश की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी चुनौती बना हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं. इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा. घटना को लेकर उज्जैन के एसपी ने क्या कहा? एसपी उज्जैन प्रदीप शर्मा ने कहा कि बहुत ही दुखद घटना हुई है. हमारे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, उनके साथ निमामा साहब और एक महिला आरक्षक आरती सिंह गए थे. दो दिन पूर्व एक 14 साल की बच्ची मिसिंग हुई थी, उसी की तलाश में रात में ये लोग रवाना हुए थे. इसी दौरान इनकी गाड़ी डिस लेंस होकर बड़े पुल से नीचे गिरी. अभी करीब दो ढाई किलोमीटर आगे अशोक शर्मा का शव भैरवगढ़ पुल के नीचे से बरामद किया है. एनडीआरएफ की टीम लगी है, बाकी दोनों के लिए सर्च जारी है. टीआई 37 साल से सेवा में थे टीआई अशोक शर्मा (58) मूलत: बुलंदशहर, यूपी के निवासी थे। 27 मई 1988 को कांस्टेबल भर्ती हुए और एसआई रहते हुए उन्हेल थाने का प्रभार संभाल रहे थे। परिवार में पत्नी शशि व दो बेटे हैं। एक डॉक्टर है और दूसरा गुड़गांव में … Read more