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रेल हादसा: राजधानी एक्सप्रेस से टकराने से 8 हाथियों की मौत, पटरी से उतरे 5 डिब्बे

जमुनामुख असम के जमुनामुख के सानरोजा इलाके में एक भयानक रेल हादसा शुक्रवार तड़के करीब 2 बजे हुआ, जिसने न केवल लोगों को हिला कर रख दिया बल्कि वन्यजीवन के लिए भी गंभीर संकट पैदा कर दिया। खबर है कि सैरांग से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन अचानक हाथियों के एक झुंड से टकरा गई। हादसे का विवरण घटना स्थल से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन का इंजन और पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 8 हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ हाथियों के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। यह झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, जिससे ट्रेन और हाथियों की टक्कर हुई। यातायात पर असर इस हादसे के बाद रेल मार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ का मार्ग बदलकर परिचालन किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि प्रभावित लोगों को समय पर जानकारी मिल सके। राहत और बचाव कार्य रेलवे और राज्य प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है। मौके पर रेलवे और वन विभाग की टीमें सक्रिय हैं, ताकि घायल हाथियों और ट्रेन यात्रियों की सहायता सुनिश्चित की जा सके। वन्यजीवन और सुरक्षा पर चिंता इस हादसे ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाया है, बल्कि वन्यजीवन और मानव-संरक्षण क्षेत्र के बीच संतुलन पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे ट्रैक और हाथियों के आवास क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।  

हाईवे पर मौत से जंग: रीवा-प्रयागराज मार्ग पर ट्रक और ट्रेलर की टक्कर, केबिन में 5 घंटे फंसा रहा ड्राइवर

रीवा  रीवा-प्रयागराज नेशनल हाईवे-30 पर गढ़ बाईपास के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। घने कोहरे के कारण सड़क किनारे खड़े एक खराब ट्रक में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर का चालक, जिसकी पहचान दिनेश रावत (39 वर्ष) के रूप में हुई है, ट्रक के केबिन और स्टीयरिंग के बीच बुरी तरह फंस गया। कोहरे के कारण हादसा जानकारी के अनुसार एक ट्रक बीती शाम करीब 6 बजे खराब हो गया था, जिसे चालक ने सड़क के किनारे ही खड़ा कर दिया था। रात करीब 2 बजे जब ट्रेलर वहां से गुजरा, तो घने कोहरे के कारण चालक को सामने खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उससे जा टकराया। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे पर खराब वाहनों को समय पर न हटाए जाने के कारण यहां आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। सूचना के बाद पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही गढ़ थाना प्रभारी अनीश पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एमपीआरडीसी की टीम और गैस कटर की मदद से चालक को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, सुबह करीब 7 बजे चालक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका और उपचार के लिए तुरंत अस्पताल भेजा गया। लोगों ने उठाए सवाल घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने हाईवे अथॉरिटी और पेट्रोलिंग टीम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब ट्रक शाम 6 बजे से सड़क पर खड़ा था, लेकिन पेट्रोलिंग टीम ने उसे वहां से हटाने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जहमत नहीं उठाई। यदि समय रहते ट्रक हटा लिया जाता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। फिलहाल, घायल चालक का इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। यातायात को सुचारू रखने के लिए वाहनों को सर्विस रोड से निकाला गया।

कार एक्सीडेंट में नहीं खुला एयरबैग, Toyota को 61 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश

कोरबा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी को इनोवा कार में दुर्घटना के दौरान एअर बैग नहीं खुलने के मामले में उपभोक्ता को कुल 61 लाख 36 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. आयोग ने इसे वाहन में विनिर्माण दोष मानते हुए कंपनी की अपील खारिज कर दी. मामला कोरबा के सीतामढ़ी निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल से जुड़ा है, जो 23 अप्रैल 2023 को रायपुर से कोरबा लौट रहे थे. ग्राम तरदा के पास सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में इनोवा कार अनियंत्रित होकर पलट गई और पेड़ से जा टकराई. हादसे में अमित अग्रवाल को गंभीर चोटें आईं और रायपुर व हैदराबाद में इलाज कराना पड़ा, जिस पर लगभग 36.83 लाख रुपये खर्च हुए. दुर्घटना के समय कार के किसी भी एअर बैग के न खुलने पर अमित के भाई एवं वाहन स्वामी सुमित अग्रवाल ने टोयोटा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग कोरबा में शिकायत दर्ज कराई थी. कंपनी के उपस्थित न होने पर जिला आयोग ने एकपक्षीय आदेश पारित करते हुए इलाज खर्च सहित नया वाहन या समतुल्य राशि देने का निर्देश दिया था. इसके खिलाफ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग, बिलासपुर में अपील की. कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि एअर बैग संबंधी विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं ली गई, दुर्घटना सुमित अग्रवाल ने स्वयं नहीं देखी और बीमा कंपनी ने वाहन मरम्मत के लिए 12 लाख रुपये डीलर को दिए हैं. हालांकि, राज्य आयोग ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया. आयोग ने सर्वेयर रिपोर्ट, वाहन को हुई क्षति और घायल को लगी गंभीर चोटों के आधार पर यह स्पष्ट माना कि भीषण दुर्घटना के बावजूद एअर बैग का न खुलना वाहन में विनिर्माण दोष का प्रमाण है. इसी आधार पर आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता को कुल 61 लाख 36 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया.

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: कैंची धाम जा रही श्रद्धालुओं की स्कॉर्पियो खाई में पलटी, तीन की मौत

भवाली पीलीभीत से कैंची धाम दर्शन के लिए जा रही सैलानियों से भरी स्कॉर्पियो भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में निगलाट के करीब अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे में तीन सैलानियों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर खाई से निकालकर भवाली सीएचसी ले जाया गया। कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि हादसे में ऋषि पटेल (7) पुत्र राहुल पटेल निवासी बरेली एयरपोर्ट एयरफोर्स पीलीभीत रोड, इज्जतनगर, स्वाति (20) पुत्री भूपराम, अक्षय (20) पुत्र चंदन सिंह पटेल, ज्योति (25) पत्नी करन निवासी, करन (25) पुत्र जितेंद्र, राहुल पटेल (35) पुत्र भूपराम, गंगा देवी (56) पत्नी भूपराम, बृजेश कुमारी (26) पुत्री राहुल पटेल और नैंसी गंगवार (24) पुत्री जयपाल सिंह को अस्पताल पहुंचाया गया। सीएचसी के डॉक्टर रमेश कुमार ने बताया कि अस्पताल आने तक गंगा देवी, नैंसी गंगवार और बृजेश कुमारी ने दम तोड़ दिया। साथ ही पांचों घायलों को हल्द्वानी हायर सेंटर रेफर किया। 

राहत देने वाला हीटर बना जानलेवा, नानी और नाती की मौत से मचा हड़कंप

धनबाद झारखंड के धनबाद में हीटर ने 2 लोगों की जान ले ली है जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मामला जिले के सरायढेला थाना क्षेत्र के विकास नगर का है। बताया जा रहा है कि एक महिला हीटर चलाकर कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान अचानक आग लग गई और आग ने विकराल रूप ले लिया। महिला और 15 दिन पहले नानी के घर आया उसका नाती आग की चपेट में आ गए जिससे दोनों की मौत हो गई। इतना ही नहीं आग की चपेट में आने से परिवार के ही छह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इलाके में पसरा मातम कहा जा रहा है कि सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। सूचना मिलते ही पहुंची दमकल की गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं, घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया है।  

हाईवे पर बड़ा हादसा: ट्रेलर से भिड़ी तेज रफ्तार बस, दर्जनभर यात्री जख्मी

बिलासपुर बिलासपुर के रतनपुर थाना अंतर्गत नेशनल हाईवे पर दर्री पारा के पास आज सुबह करीब 5:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें बताया जा रहा है कि बिहार से रायपुर जा रही बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से जा टकराई। हादसे में बस में सवार 12 यात्री घायल हो गए, जिनमें पांच  यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की सहायता से रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे की जानकारी मिलते ही रतनपुर थाना प्रभारी भी तत्काल घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और कम विजिबिलिटी बताया जा रहा है। फिलहाल जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा।

यमुना एक्सप्रेसवे पर कुहासा का कहर: 5 बसों और कारों में आग, मथुरा, उन्नाव और बस्ती में भिड़ीं वाहन

 मथुरा यूपी के कई जिलों में कोहरे का कहर देखने को मिला. मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं जिसमें जनहानि हुई. वहीं, उन्नाव में एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई. इस हादसे में चार लोगों की जान चली गई. इसी तरह बस्ती, बागपत आदि जिलों में भी सड़क हादसे हुए हैं.    टायर फटने से फॉर्च्यूनर बेकाबू, 4 की दर्दनाक मौत उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ. एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 241 (हवाई पट्टी के पास) पर तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार का टायर फट गया. अनियंत्रित कार पहले एक अज्ञात वाहन से टकराई और फिर डिवाइडर से जा भिड़ी. इस भीषण टक्कर में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में गाज़ियाबाद निवासी अशोक अग्रवाल और अभिनव अग्रवाल की पहचान हुई है. जबकि, अन्य मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है. पुलिस ने क्रेन की मदद से गाड़ी को एक्सप्रेसवे से हटवा दिया है. ट्रैफिक बाधित नहीं हुआ है.  यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर आने वाले रास्ते पर माइलस्टोन 127 के निकट मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे कोहरे के कारण 5 बस और एक कार भिड़ गईं। घटना के बाद इन सभी वाहनों में आग लग गई। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई। जबकी 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलस गया है। वाहनों में अंदर भी कुछ व्यक्ति फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौके पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार यह बसें प्राइवेट हैं और कानपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया की इस भिड़ंत में 21 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति झुलसी अवस्था में अस्पताल भेजा है। इनमें से 38 लोग जिला अस्पताल भेजे हैं, नौ लोग सीएचसी बलदेव में इलाज करा रहे हैं। बस में अंदर कोई जला है या नहीं, यह जानकारी की जा रही है। वाहनों में आग इतनी भीषण लगी कि दूर-दूर तक आग की लपटें देखी जा रही थीं। इन वाहनों में आग लगने के कारण यमुना एक्सप्रेस वे पर आगरा से मथुरा की ओर का यातायात रुक गया। हादसे में आग इतनी भीषण थी कि कई शव पूरी तरह झुलस गए और लाशें लोथड़ों में बदल गईं। पोस्टमार्टम के लिए शवों को गठरी बांधकर भेजा गया। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस और आ रहे वाहनों को पहले ही रुकवा दिया। घटना की जानकारी मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के प्रयास शुरू हो गए। कई एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं, जिनके द्वारा घायलों को अस्पताल भेजा जाने लगा। मृतक के परिजनों को मिलेगा 2-2 लाख का मुआवजा वहीं, इस मामले में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के 127 मील के निशान के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। इसमें 5 बसें और 2 कारें आपस में टकरा गईं और उनमें आग लग गई। इस हादसे में कई लोग घायल हुए और 10 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने तुरंत घटना का संज्ञान लिया और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर अधिकारियों को भेजा। सीएम योगी ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा रोडवेज ने भी मुआवजा का ऐलान किया है। रोडवेज बस के मृतकों के परिजनों को रोडवेज 5-5 लाख रुपये मिलेगा।

उन्नाव में सड़क हादसा, ट्रक-ऑटो में भिड़ंत से 4 लोगों की मौत, 4 घायल

 उन्नाव उत्तर प्रदेश के उन्नाव में शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया. यहां ट्रक-ऑटो की टक्कर हो गई. जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए. घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं मृतकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया गया है. हादसे की सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. हादसा इतना भयानक था कि टक्कर के बाद ऑटो के परखच्चे उड़ गए. हादसा अजगैन थाना क्षेत्र के मकूर गांव के पास इंडियन पेट्रोल पंप के समीप हुआ. पुलिस ने बताया कि मकूर गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया. जहां एक ट्रक और ऑटो की टक्कर हो गई. जिससे ऑटो में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि 4 अन्य घायल हो गए. स्थानीय लोगों से सूचना पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कर शव निकाले. जबकि घायलों को अस्पताल में पहुंचाया गया. हादसे की वजहों की जांच की जा रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि ऑटो तेज रफ्तार में थी. जैसे ही ऑटो, ट्रक से टकराई वैसे ही उसके परखच्चे उड़ गए और ऑटो में सवार 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि कई लोग घायल हो गए. जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक सड़क हादसा, कांस्टेबल जावेद के परिवार के 5 सदस्य जिंदा जले

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस कांस्टेबल जावेद का पूरा परिवार खत्म हो गया. वैगन आर कार को पीछे से तेज रफ्तार ब्रेजा ने टक्कर मारी, जिससे कार का CNG टैंक फट गया और आग लग गई. इस भीषण हादसे में दो महिलाओं और तीन बच्चों समेत कुल 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. कांस्टेबल जावेद का पूरा परिवार खत्म  बाराबंकी में बीती शाम पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें आजमगढ़ में तैनात पुलिस कांस्टेबल जावेद की पत्नी और बच्चों समेत 5 लोगों की मौत हो गई. जावेद को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. उनका परिवार मऊ से लखनऊ जा रहा था. तभी एक तेज रफ्तार दिल्ली नंबर की ब्रेजा कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद कार का सीएनजी टैंक फट गया और भीषण आग लग गई. 5 लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हादसे में वैगन आर कार में बैठी दो महिलाएं और तीन बच्चे जिंदा जल गए. आग लगने के बाद वे कार का दरवाजा भी नहीं खोल पाए. पुलिस और स्थानीय लोगों ने 5 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी.  मृतकों की पहचान मृतकों की पहचान गुलिशता (49) पत्नी जावेद अशरफ, समरीन (22) पुत्री जावेद अशरफ, इलमा खान (12), इश्मा खान (6) और जियान (10) के रूप में हुई है. घायल जीशान पुत्र गफ्फार को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है. बाराबंकी के डीएम शशांक त्रिपाठी ने पुष्टि की कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण दुर्घटना में 5  लोगों की मौत हुई है और घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है. हादसे के बाद पुलिस ने दोनों कारों को अपने कब्जे में ले लिया है और जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगा रही है कि हादसा सिर्फ तेज रफ्तार की वजह से हुआ या ड्राइवर को नींद आ गई थी. इस भयावह मंज़र ने देखने वालों की रूह कंपा दी.

वैष्णोदेवी से खाटूश्याम जा रहे श्रद्धालुओं की बस की ट्रक से टक्कर, 4 मरे, 28 घायल

 सीकर जयपुर-बीकानेर नेशनल हाइवे पर मंगलवार देर रात वो मंजर सामने आया, जिसने देखने वालों की रूह कांप दी। फतेहपुर के पास रात 10:40 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही स्लीपर बस को ऐसी टक्कर मारी कि बस के परखच्चे चारों ओर फैल गए। जोरदार धमाका होते ही खिड़कियों से उड़ती कांच की बौछार और मेटल के तीखे टुकड़ों ने यात्रियों को चीरकर रख दिया। चीखों और कराहों से पूरा हाईवे गूंज उठा। स्लीपर बस में करीब 50 यात्री सवार थे—सभी गुजरात के वलसाड जिले के रहने वाले। वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटते हुए वे खाटूश्यामजी जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर में सड़क पर मौत उनका इंतजार कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीकानेर की ओर से आ रही बस अपनी लेन में थी, जबकि झुंझुनूं से आ रहा तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सीधे बस के केबिन में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। पहले हिस्से में बैठे यात्री और बस स्टाफ बुरी तरह दब गए। कई घायलों के शरीर में कांच और मेटल के बड़े-बड़े टुकड़े धँस गए। हादसे का शोर सुनते ही आसपास के लोग दौड़े, लेकिन उन्हें सिर्फ मलबा, खून और चीखें नजर आ रही थीं। हादसे के तुरंत बाद तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई—मयंक, बस ड्राइवर कमलेश और एक अज्ञात यात्री। कंडक्टर मितेश को गंभीर हाल में सीकर से जयपुर रेफर किया गया, जहां बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। बस में सवार 28 लोग घायल हुए। इनमें 15 को गंभीर हालत में सीकर भेजा गया। सबसे ज्यादा गंभीर—अनंत, तुषार पुत्र अर्जुन, राजेश पुत्र ओमप्रकाश, प्रवीण पुत्र बाबू भाई, रंजना पत्नी सुरेश भाई, मुक्ता बेन, आशीष पुत्र रामलाल। इसके अलावा निलेश, सुहानी, कर्मल बेन, जमवंत, सुदा बेन, अर्जुन, अमित, शीला बेन को भी सीकर रेफर किया गया। इनमें 2-3 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। 13 अन्य घायलों का फतेहपुर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। एंबुलेंस ड्राइवर भीम सिंह बताते हैं रात 10:30 बजे कॉल आया। पहुंचा तो लोग बस के अंदर फंसे हुए थे। चारों तरफ खून था। किसी की चीख, किसी की सिसकी… समझ नहीं आ रहा था किसे पहले निकालें। तुरंत आसपास की सभी 108 एंबुलेंस को बुलाया। स्थानीय लोग भी मदद में लग गए। ये नज़ारा जिंदगी भर याद रहेगा।” बस के आगे का हिस्सा इस कदर दब चुका था कि यात्रियों को गैस कटर से निकालना पड़ा। कई घायल खून से लथपथ सड़क पर पड़े कराह रहे थे। एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह ने बताया हादसा बहुत भयानक था। 3 लोगों की मौके पर मौत हुई थी। बाद में गंभीर घायलों में एक और ने दम तोड़ा। 15 घायलों को सीकर रेफर किया गया है।