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भीषण सड़क हादसे से दहला जैसलमेर, बस में आग, दर्जनभर लोगों की जान जाने का खतरा

जैसलमेर  राजस्थान के जैसलमेर में सवारियों से भरी बस में मंगलवार (14 अक्टूबर) को आग लग गई. इस हादसे में 10 से 12 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है. जैसलमेर से जोधपुर जा रही इस बस में 50 से ज्यादा सवारियां बैठी हुईं थी. जानकारी के मुताबिक बस में सवार 15 यात्री गंभीर रूप से झुलसे गए थे इनमें से 10 से 12 यात्रियों की मौत की आशंका जताई जा रही है. इनमें तीन बच्चे और चार महिलाएं हैं. इस प्राइवेट बस में 57 यात्री सवार थे. घटना मंगलवार दोपहर 3:40 पर लगी. हालांकि आग लगने की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. जैसलमेर से निकलने के बाद कुछ ही दूरी पर इसके पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई. कुछ ही पलों में पूरी बस धूं-धूं कर जलने लगी. जानकारी के मुताबिक आगे की तरफ बैठे हुए यात्री किसी तरह कूद गए, लेकिन पीछे के हिस्से में बैठे यात्री झुलस गए बस में आग लगने से अफरा तफरी मच गई. झुलसे हुए लोगों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है. आग लगने से बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. हादसा जैसलमेर के थईयात गांव के पास हुआ। आग की लपटें और धुआं काफी ऊंचाई तक उठता रहा। बस रोजाना की तरह दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर से जोधपुर के लिए रवाना हुई थी। करीब 20 किलोमीटर दूर रास्ते में थईयात गांव के पास अचानक बस के पिछले हिस्से में धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। झुलसे यात्रियों को तीन एंबुलेंस से जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल लेकर गए। राहत और बचाव कार्य जारी फिलहाल जिला प्रशासन जैसलमेर की ओर से इस दर्दनाक घटना पर दुख व्यक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने कहा कि जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में आज अचानक आग लग जाने की दुखद घटना सामने आई है। जिला प्रशासन घटना की जानकारी मिलते ही सक्रिय हो गया है तथा राहत एवं बचाव कार्य तत्परता से किए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और यात्रियों की सहायता में जुटी हुई हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी जिला कलक्टर प्रताप सिंह ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घायलों का श्री जवाहिर चिकित्सालय में डॉक्टरों के द्वारा तत्परता से उपचार किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने कहा, जनता से अपील की जाती है कि इस घटना से संबंधित वे किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबरों 9414801400, 8003101400, 02992-252201 और 02992-255055 पर संपर्क करें। जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है एवं आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।  

भोपाल की सड़कें बनीं जानलेवा, ट्रैफिक पुलिस ने बताए 16 हादसे वाले पॉइंट, 5 स्थान बेहद संवेदनशील

भोपाल राजधानी में सड़क सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच, शहर में सड़क हादसों में 21 लोगों की जान गई और 75 घायल हुए। यह आंकड़ा सिर्फ मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके का है, जो शहर के सबसे खतरनाक ब्लैकस्पॉट 'ग्यारह मील' के पास स्थित है। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन का इलाका आंकड़ों के मुताबिक, मिसरोद पुलिस स्टेशन इलाके में 114 सड़क हादसों में 21 लोगों की मौत हुई और 75 लोग घायल हुए। इसके बाद कोह-ए-फिजा का नंबर आता है, जहां 132 हादसों में 16 लोगों की जान गई और 102 घायल हुए। तीसरे नंबर पर कोलार पुलिस स्टेशन इलाका है, जहां 100 हादसों में 15 लोगों की मौत हुई और 93 घायल हुए। कहां हुईं सबसे ज्यादा मौत पूरे शहर की बात करें तो, जोन-4 में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इस जोन में 479 हादसों में 60 लोगों की जान गई और 372 लोग घायल हुए। जोन-4 में कोलार, चुनाभट्टी, निशातपुरा, छोला, गांधी नगर, खुजरी और बैरागढ़ पुलिस स्टेशन इलाके आते हैं। जोन-2 में 667 हादसों में 47 मौतें और 480 घायल हुए। जोन-1 में 461 हादसों में 24 मौतें और 379 घायल हुए। वहीं, जोन-3 में 319 हादसों में 26 मौतें और 242 घायल हुए। मिसरोद सबसे खतरनाक स्पॉट मिसरोद इलाका भोपाल-होशंगाबाद हाईवे पर पड़ता है और यहां ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। इसी वजह से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। ट्रैफिक अधिकारी बताते हैं कि तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और सड़क नियमों का पालन न करना हादसों के मुख्य कारण हैं। अतिरिक्त डीसीपी (ट्रैफिक) बसंत कौल ने बताया कि मिसरोद में होशंगाबाद रोड और जोन-4 में इंदौर रोड पर हादसे ज्यादा होते हैं। रात में ज्यादा हादसे रात में भारी वाहन तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर आते हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर रात पार्टी करने वाले युवा भी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं और हेलमेट व सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे रात में होने वाले हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कौल ने यह भी कहा कि पुलिस, लोक निर्माण विभाग और भोपाल नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है, खासकर जोन-4 के हादसों के आंकड़ों का विश्लेषण करने और उन पर कार्रवाई करने के लिए। ट्रैफिक पुलिस ने ढूंढे 16 ब्लैक स्पॉट भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही शहर में 16 'ब्लैक स्पॉट्स' (ज्यादा हादसे वाली जगहें) की पहचान की थी। यह पहचान पिछले तीन सालों (2022-2024) के हादसों के आंकड़ों के आधार पर की गई थी। हालांकि, इन जगहों पर इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के लिए बार-बार सिफारिशें की गईं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर सिर्फ अस्थायी समाधान किए गए, जबकि असली समस्या जस की तस बनी हुई है।  

बेटे की लाश लाने तक के पैसे नहीं थे, झांसी में दिल तोड़ देने वाली घटना

झांसी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां मुंबई से गांव लौट रहे सिद्धार्थनगर जिले के रामोपुर पाठक गांव के रहने वाले अनिल अहिरवार की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई. हादसा झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास कानपुर-झांसी रेलवे लाइन पर हुआ. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया, लेकिन शिनाख्त न होने के कारण चार दिनों तक शव वहीं पड़ा रहा. जब मृतक की पहचान हुई तो परिवार के सामने और भी बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई. मृतक के पिता अनिल के पास झांसी तक आने के पैसे तक नहीं थे. गांव में बेटे की मौत की खबर सुनते ही पूरा परिवार बेसुध हो गया. मुंबई में काम करता था युवक पिता ने बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था. उसके छोटे-छोटे तीन बच्चे 15 साल की मुस्कान, 9 साल का सनी और 5 साल का छोटू है. इसके अलावा बूढ़े मां-बाप और पत्नी की जिम्मेदारी भी सुनील पर ही थी. तीन महीने पहले वह रोजगार के लिए मुंबई गया था और वहीं एक कंपनी में काम करता था लेकिन तबीयत खराब होने पर वह गांव लौट रहा था. इसी दौरान झांसी में यह दर्दनाक हादसा हो गया. पिता के पास नहीं थे शव लाने के पैसे मृतक के पड़ोसी आनंद कुमार दुबे ने बताया कि परिवार की स्थिति बेहद खराब है. पिता अनिल गांव में रोते हुए घूम रहे थे और कह रहे थे कि बेटे का शव लाने के लिए पैसे भी नहीं हैं. ऐसे में गांव के लोगों ने चंदा कर 23 हजार रुपये एकत्र किए. इन्हीं पैसों से पिता अनिल और परिजन झांसी पहुंचे और बेटे का शव लेकर गांव लौट सके. पूंछ थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम करा दिया गया है. इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया. इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है. गरीबी और लाचारी की इस हकीकत ने सबको भावुक कर दिया.

बालको प्लांट हादसा: पुराना ESP संयंत्र ढहने से उठी सुरक्षा की बड़ी चिंता

कोरबा कोरबा जिले के बालको एल्यूमिनियम प्लांट में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां करीब 20 साल पुराना इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) संयंत्र अचानक गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक यह संयंत्र 2004-05 में सेपको कंपनी द्वारा बनाया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उद्योगपतियों के दबाव में श्रम विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि बालको प्लांट में इससे पहले भी 2009 में निर्माणाधीन चिमनी गिरने का बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 45 मजदूरों की मौत हुई थी। उस हादसे में भी सेपको कंपनी जिम्मेदार ठहराई गई थी और मामला अब भी अदालत में लंबित है। फिलहाल इस ताज़ा घटना पर विभागीय स्तर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन हादसे ने एक बार फिर से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सड़क पार कर रही महिला को वाहन ने कुचला, इलाके में गुस्सा

कोरबा कोरबा के पाली थाना क्षेत्र के चैतमा चौकी के पास एक सड़क दुर्घटना हुई है। एक अज्ञात वाहन ने महिला को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना कपोट गांव में हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग की। वहीं, तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। मृतक महिला की पहचान नवाडीह कपोट निवासी जमुना बाई पोर्ते के रूप में हुई है। परिजनों की माने तो रोज की तरह गुरुवार की सुबह घर से चाय नाश्ता कर गांव से लगे खेत को देखने के लिए जा रही थी इस दौरान तेज रफ्तार वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं, चक्का जाम की सूचना पर कटघोरा थाना पाली थाना और चैतमा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जहां तीन घंटे की मशक्कत के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया। नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करा पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद की बात कही।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर थार की तेज़ रफ्तार दुर्घटना, गुरुग्राम में 5 लोगों की मौत

गुरुग्राम गुरुग्राम में शनिवार सुबह दिल्ली-जयपुर हाईवे पर झाड़सा चौक के पास तेज रफ्तार काले रंग की थार गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लड़कियों सहित 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुग्राम में शनिवार 27 सितंबर 2025 की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर झाड़सा चौक के पास NH-48 के एग्जिट 9 पर यूपी नंबर वाली- UP81 CS 2319 तेज रफ्तार काले रंग की थार गाड़ी के डिवाइडर से टकरा गई। पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ, जब थार कार का ड्राइवर तेज गति के कारण नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी डिवाइडर से टकराकर कई बार पलट गई। यह हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। दिल्ली से गुरुग्राम की ओर जा रही थी कार जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त कार दिल्ली से गुरुग्राम की ओर जा रही थी। गाड़ी में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन युवक और तीन युवतियां शामिल थीं। हादसे में दो युवतियों और दो युवकों समेत 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, एक लड़की ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है और निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया और क्षतिग्रस्त वाहन को मुख्य मार्ग से हटाया। हादसे की जांच जारी है। पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस के पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि घायलों और मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई है। आगे की जांच जारी है। मृतक और घायलों के नाम पते 1. प्रतिष्ठा (मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 2. आदित्य (30 वर्ष, मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 3. गौतम (मृतक), निवासी सोनीपत, हरियाणा 4. लावण्या (26 वर्ष, मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 5. सोनी (मृतक) , निवासी उत्तर प्रदेश 6. कपिल शर्मा (28 वर्ष, घायल), निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश 

सीवर लाइन में उतरे मजदूरों पर आफत, सतना में एक की जान गई, दो घायल

सतना जिला में मैला सफाई के दौरान एक मजदूर की जान गवाने का मामला सामने आई है। सतना नगर निगम क्षेत्र कृपालपुर में सफाई के लिए तीन मजदूर सीवर लाइन की पाइप में उतरें। लेकिन पाइप के अंदर अंदर मीथेन गैस के रिसाव के प्रभाव में आकर तीनों मजदूर अंदर ही बेहोश हो कर फस गए। जिसकी जानकारी लगते ही स्थानीय लोगों द्वारा तीनों मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। लेकिन उनमें से एक मजदूर अमित कुमार कि तब तक जान जा चुकी थी। जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। इनकी कोई पहचान नहीं हो सकीं। इस दौरान लोगों ने शहर सरकार के ऊपर गंभीर आरोप लगाए कि इस घटना की जानकारी लगते ही मौके पर जुटे लोगो ने 112, फायर, नगर निगम, महापौर सभी को इसकी जानकारी दी लेकिन मौके ओर कोई नही पहुंचा। जिससे नाराज लोगो ने मजदूरों की जनन बचने और उन्हें बाहर निकलने की जद्दोजहद में जुट गए और पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने लगे। इसके बाद नगर निगम के अभियंताओं से लेकर महापौर तक सब घटनास्थल पर पहुच गए। हालंकि इस घटना के बाद मजदूरों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्थानीय नागरिक सौरभ सिंह ने कोलगवां थाने में लिखित शिकायत करते हुए संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का शिकायती आवेदन भी दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019 से 2024 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक में उतरने के कारण दिल्ली में ही 37 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें तब हुईं, जब सरकार मशीनों से सफाई कराने का दावा करती रही है। वहीं 2019 से अब तक देश भर में 430 लोगों की मौत हो चुकी है। वो भी तब जब बिना उपकरणों के सफाई कराने के खिलाफ कानून मौजूद हैं। चार दिन में दूसरा हादसा लगातार दूसरी घटना से दहशत का माहौल सीवर चेंबर में जहरीली गैस से कर्मचारियों की तबीयत बिग?ने का ये दूसरा मामला है। इससे पहले 22 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे महादेव रोड पर क्रिस्तुकुला स्कूल के पास आदर्श शुक्ला और किशन वर्मा सीवर लाइन की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। दोनों कर्मचारियों को बाहर निकाला। एसडीएम राहुल सिलडय़िा मौके पर पहुंचे और अपनी गाड़ी से दोनों कर्मचारियों को जिला अस्पताल ले गए थे। यह हादसा बीते सप्ताह हुई समान घटना के बाद सामने आया है, जिसने सफाईकर्मियों और उनके परिजनों में भारी दहशत फैला दी है। सवाल यह है कि लाखों रुपए खर्च कर खरीदी गई सुरक्षा किट मजदूरों तक क्यों नहीं पहुंचाई जा रही? 2 घायल गायब, पीडि़त के स्वजनों को 50 लाख मुआवजे की मांग घटना के बाद जिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला चिकित्सालय पहुंच गए। जहां उन्हें हादसे में घायल दो मजदूर नदारद मिले, जिनकी जानकारी किेसी भी प्रशासनिक अमलें को नहीं थी। जिसके बाद सभी कांग्रेसियों ने मजदूर के पीडि़त स्वजनों को पचास लाख मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। कांग्रेसियों ने मौके पर ही दो अन्य घायलों को ठेकेदार पर गायब कराने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा, कलेक्टर से हुई है चर्चा। मामले के सभी दोषियों पर प्रकरण दर्ज कराने और मृतक को मुआवजा दिलाने की मांग रखी गई है । ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं।  

मैहर: NH-30 पर सड़क हादसे में कांग्रेस नेता सोमदत्त साकेत के पुत्र अमित साकेत का दुःखद निधन

मैहर मैहर से कांग्रेस पार्टी नादन ब्लॉक प्रभारी पूर्व सरपंच सोम दत्त साकेत के  पुत्र अमित साकेत का नेशनल हाईवे NH 30 में कंचनपुर कटिया मोड के पास रात्रि के समय हुए दर्दनाक एक्सीडेंट होने से स्वर्गवाश हो गया पुष्पांजलि अर्पित किए कांग्रेस जिला अध्यक्ष धर्मेश घई बहुजन समाज पार्टी जिला अध्यक्ष उत्तम साकेत संत शिरोमणि रविदास सगाजन समाज चौधरी समाज के मीडिया प्रभारी उमेश चौधरी डी डी साकेत चंदन वर्मा कमलेश वर्मा फूलचंद बौद्ध सगा जन समाज ने मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना किया कि प्रभु आत्मा को शांति प्रदान करना ॐ शांति ॐ ॐ शांति ॐ

तेज रफ्तार बाइक की भिड़ंत से युवक की मौत…

 जनकपुर  थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनटोला में शिक्षक की गाड़ी से भिडंत होने पर युवक की मौत हो गई। आज सुबह लगभग 10:00 बजे मोहनटोल के माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शिवलाल अपनी होंडा साइन मोटरसाइकिल से माध्यमिक शाला मोहन टोला के लिए निकले थे। मगर जब मुख्य मार्ग से शिक्षक शिवलाल मुड़कर माध्यमिक शाला की ओर जा रहे थे तभी पीछे से मुकेश कुमार सिंह पिता शिव मूरत सिंह उम्र 21 वर्ष की मोटरसाइकिल हीरो एचएफ डीलक्स से भीड़ गई।  जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से मुकेश कुमार को इलाज के लिए जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र लाया गया  मगर डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया। जनकपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वही मुकेश के मृत्यु होने की खबर सुनकर गांव में ग़म का माहौल है।

भीषण एक्सीडेंट में गई 3 छात्रों की जान, ग्रेटर नोएडा में बुलेट और टैंकर की टक्कर

ग्रेटर नोएडा  दिल्ली से सटे यूपी के ग्रेटर नोएडा में रविवार शाम बीटा-2 थाना क्षेत्र के चुहड़पुर अंडरपास के पास दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. पानी के टैंकर की टक्कर से बुलेट मोटरसाइकिल सवार गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के तीन छात्रों की मौत हो गई. खाना खाने निकले थे तीन दोस्त जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार शाम करीब पांच बजे हुआ जब बीटेक (कंप्यूटर साइंस) के छात्र सागर, कुश उपाध्याय और बरेली सेटेलाइट कॉलोनी के समर्थ पुंडीर बुलेट मोटरसाइकिल से जीबीयू से निंबस सोसाइटी खाना खाने के लिए जा रहे थे. तीनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था. जैसे ही वो चुहड़पुर अंडरपास के पास पहुंचे, सड़क किनारे पेड़ों को पानी देते हुए धीरे-धीरे चल रहे पानी के टैंकर में उनकी मोटरसाइकिल जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए. राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों को नजदीकी जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया. तीसरे ने भी अस्पताल में तोड़ा दम अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सागर और कुश उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया. समर्थ पुंडीर की बुआ ग्रेटर नोएडा में ही रहती हैं. उनके अनुरोध पर समर्थ को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया. पुलिस ने तीनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे की गहनता से जांच की जा रही है और पानी के टैंकर के चालक और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है. फिलहाल इस दर्दनाक हादसे से छात्रों के परिजनों और विश्वविद्यालय में शोक का माहौल है.