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जयपुर सड़क हादसे: शनिवार सुबह अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की मौत, चाकसू में भी बड़ा हादसा

जयपुर  जिले के चाकसू इलाके में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला. राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर टिगरिया मोड़ के पास शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में महिला समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. तेज रफ्तार कार आगे चल रहे डंपर से जा भिड़ी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए. टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पुलिस के अनुसार कार सवार सभी लोग जबलपुर (मध्यप्रदेश) के निवासी थे और दर्शन कर जयपुर की ओर आ रहे थे. हादसे की प्रारंभिक वजह चालक को झपकी आना बताई जा रही है. सुबह साढ़े पांच बजे हुआ हादसा : चाकसू थाना प्रभारी मनोहर लाल मेघवाल ने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे टिगरिया मोड़ के पास दुर्घटना हुई. कार कोटा-जयपुर मार्ग पर जा रही थी, तभी चालक को झपकी आने से वाहन आगे चल रहे डंफर में जा घुसा. टक्कर के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और शव गाड़ी में बुरी तरह फंस गए. क्रेन की सहायता से वाहन को हटाकर यातायात सुचारू कराया गया. हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खुलवाया. मृतकों की पहचान : हादसे में मृतकों की पहचान हो गई है. जिनमें रेशमा श्रीवास्तव (55), पत्नी अखिलेश श्रीवास्तव, पीयूष पुत्र राजेश राय, रजक राहुल पुत्र बबलू रजक, चालक अनुराग और शानू सभी मृतक जबलपुर के निवासी बताए जा रहे हैं. रजक राहुल खेरमाई मंदिर के पास जबलपुर सिटी क्षेत्र का रहने वाला था. महाकाल के दर्शन के बाद जा रहे थे खाटूश्यामजी : पुलिस के अनुसार मृतका रेशमा श्रीवास्तव की बेटी पलक श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी मां दो दिन पहले उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए निकली थी. 13 फरवरी को दर्शन करने के बाद वे खाटू श्याम जी मंदिर (रींगस, सीकर) के दर्शन के लिए जा रहे थे. गाड़ी में सवार शानू पहले रेशमा का ड्राइवर रह चुका था. रजक राहुल, अनुराग का दोस्त था और पीयूष उनका परिचित था. परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है. बताया जा रहा है कि पलक को अभी तक उनकी मां के निधन की जानकारी नहीं दी गई है, उन्हें केवल घायल होने की सूचना दी गई है. पुलिस जांच में जुटी : दुर्घटना थाना सेकेंड के जांच अधिकारी जयसिंह ने बताया कि शवों को चाकसू की मॉर्चरी में रखवाया गया है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे. पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की गहन पड़ताल कर रही है. तेज रफ्तार और नींद की झपकी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर है. ​चीख-पुकार और रेस्क्यू ऑपरेशन : ​टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग और वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालक तुरंत मदद के लिए दौड़े. कार के अंदर का नजारा बेहद हृदयविदारक था. ​पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला. मौके पर ही चार लोगों ने दम तोड़ दिया था. एक महिला गंभीर रूप से घायल थी, जिसे तुरंत एंबुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन, इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया. ​दूदू में भी 2 ने तोड़ा दम : दूदू क्षेत्र में नेशनल हाईवे-48 पर दातरी के पास अचानक टायर फटने से प्लाईवुड से भरी एक पिकअप गाड़ी पलट गई, जिससे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. दुर्घटना में प्लाईवुड के नीचे दबने से दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो से तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं. सूचना मिलते ही ड्यूटी ऑफिसर रामअवतार चौधरी मौके पर पहुंचे और क्रेन की मदद से दबे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. घायलों को तुरंत दूदू के उप जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है.

विदिशा हादसा: बारातियों की कार भटक कर तालाब में गिरी, कई घायल और तीन की मौत

विदिशा  मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार देर रात बारातियों से भरी तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लाेग घायल हो गए, घायलाें में दाे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार गैरतगंज के जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहां बारात आ रही थी। टवेरा कार में कुल 10 लोग सवार थे। देर रात अंधेरा होने और तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 30 फीट नीचे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 30 वर्षीय सोनू लोधी (ड्राइवर) और 35 वर्षीय चंद्रशेखर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों में अशोक लोधी (25) का बायां हाथ फ्रैक्चर हुआ है। 14 वर्षीय राज बोधी के पेट में गंभीर चोट आई है। बृजेश लोधी (27) और सुदीप लोधी (20) के सीने में गंभीर चोटें हैं। 45 वर्षीय भावसिंह लोधी और 10 वर्षीय ऋतुराज लोधी की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक घायल को देर रात गंभीर हालत में भोपाल रेफर करना पड़ा। ग्रामीणों ने दिखाई मानवता हादसा शादी वाले घर से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। कई घायल खून से लथपथ थे—किसी के माथे से तो किसी के हाथ से लगातार खून बह रहा था। कलेक्टर पहुंचे अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।  

रायबरेली में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार की चपेट में आए 8 लोग, चार की मौत

  रायबरेली रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आठ लोगों को टक्कर मार दी. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह हादसा जगतपुर पुलिस थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव के पास तब हुआ, जब कोडर गांव के निवासी चुली गांव में आयोजित सामुदायिक भोज से लौट रहे थे. दो महिलाओं की मौके पर ही मौत पुलिस के मुताबिक ये लोग एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रहे थे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. पुलिस ने बताया कि हिमांशी (23) और शालिनी (22) नाम की दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में रश्मी (14) और आसमा (22) ने बाद में दम तोड़ दिया. घायल जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के मुताबिक हादसे में रिया पटेल (14), प्रिया पटेल (12), साधना (नौ), मीना (22) और रेशमा (14) घायल हुई हैं. उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया है. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया. उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह दुर्घटना निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार के कारण हुई. गाड़ी को को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.

कर्नाटक में सड़क हादसों का कहर: बीदर और कोलार में 6 लोगों की मौत

 बीदर  कर्नाटक के बीदर और कोलार जिलों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बीदर जिले के हमनाबाद तालुक में हल्लीखेड़ा के पास नागन्ना चौराहे के निकट रविवार को एक मोटरसाइकिल के पुल से टकरा जाने के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान राजेश्वर गांव के निवासी वेंकट करतमाल (40), उनकी पत्नी शिल्पा (35) और उनकी बेटी रक्षिता (12) के रूप में हुई है। उनके बेटे दिगंबर (15) को गंभीर चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा, "हादसा उस समय हुआ जब ये चारों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे और चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे मोटरसाइकिल पुल से टकरा गई।" एक अन्य हादसे में, कोलार जिले के श्रीनिवासपुर में रविवार को एक कार के पलट जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में से दो की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी मुनियम्मा और वेंकटप्पा के रूप में हुई है। इस दुर्घटना में 10 से अधिक अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया, "यह हादसा उस समय हुआ जब श्रमिक काम खत्म करके लौट रहे थे। श्रीनिवासपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।"

ऑडिट से पहले हादसा! आबकारी भवन के ऑडिट रूम में आग, अहम दस्तावेज राख

रायपुर राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। आग भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कार्यालय में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आग ऑडिट रूम में लगी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह से ही विभाग का महत्वपूर्ण ऑडिट शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही आधी रात को लगी इस आग में ऑडिट से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जलकर स्वाहा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।   पुलिस और एफएसएल की टीम कर रही जांच फिलहाल आग लगने का कारण अज्ञात बताया जा रहा है, लेकिन ऑडिट से ठीक पहले फाइलों का जलना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। मामला तेलीबांधा थाना इलाके का है। पुलिस और एफएसएल की टीम घटना की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना है या किसी साजिश के तहत फाइलों को नष्ट किया गया है।

तेज रफ्तार कंटेनर ने 15 यात्रियों को बेरहमी से कुचला, छह की मौत; सीएम योगी ने दिए तत्काल निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। लघुशंका के लिए बस से उतरे यात्रियों को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। यह घटना सुबह करीब 2:45 बजे की बताई जा रही है। हादसे की जानकारी होने पर सीएम योगी ने दुख जताया और हादसे का संज्ञान लिया है।  सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दिए ये निर्देश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कहां और कैसे हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, बस दिल्ली के नांगलोई से कानपुर के रसूलाबाद जा रही थी। सुरीर थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 88 के पास कुछ यात्रियों ने लघुशंका के लिए बस रोकने को कहा। चालक ने निर्धारित सुरक्षित स्थान (ग्रीन जोन) पर बस न रोककर रास्ते में ही बस खड़ी कर दी। यात्री बस से नीचे उतरे ही थे कि पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार कंटेनर बस से टकरा गया। टक्कर के बाद वाहन नियंत्रण से बाहर हुआ और नीचे खड़े यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। इन लोगों की हुई मौत हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है: सोनू — निवासी सरवा कटरा, औरैया देवेश — निवासी अलेवल, बस्ती असलम — निवासी गणेश का पुरवा, कन्नौज संतोष — निवासी प्रेम नगर, दिल्ली दो अन्य यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है घटना में अमर दुबे (निवासी बेला, औरैया) घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस कार्रवाई सूचना मिलने पर पुलिस और एक्सप्रेसवे की इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी में बस को असुरक्षित स्थान पर रोकना हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

कानपुर हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे परिवार की कार नहर में समाई, तीन की मौत, एक गंभीर

 कानपुर देहात कानपुर देहात में बड़ा हादसा हो गया. जहां मुंडन संस्कार से लौट रहे कार सवार युवकों की कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक घायल हो गया. हादसा रसूलाबाद क्षेत्र के हरि निवादा गांव के पास हुआ. जहां कार देखते ही देखते नहर में समा गई और वाहन के अंदर पानी भर गया. घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया. लोगों ने तुरंत कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार सवार चारों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद पहुंचाया गया. ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शैलेन्द्र ने जांच के बाद राजेश श्रीवास्तव, मुम्मू श्रीवास्तव और चालक करिया को मृत घोषित कर दिया. जबकि घायल अभिषेक की हालत गंभीर देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है. घायल अभिषेक ने बताया कि सभी लोग गोंडा जिले के निवासी हैं और अकौड़िया गांव में मुंडन संस्कार में शामिल होने आए थे. कार्यक्रम से लौटते समय अचानक कार अनियंत्रित हुई और नहर में गिर गई. ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया. लेकिन उनके पिता, चाचा और चालक की जान नहीं बच सकी. सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए. फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.    पुलिस ने बताया कि कानपुर देहात में एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया. मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. 

ग्वालियर में गैस रिसाव के बाद स्प्रिंग फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट, 5 की हालत गंभीर

 ग्वालियर ग्वालियर में भारतीय रेलवे की स्प्रिंग फैक्ट्री में गैस रिसाव के कारण आग लग गई। इस हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। बीती रात 10 बजे यह घटना मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुई। झांसी रोड थाना क्षेत्र की सिथौली रेलवे स्प्रिंग फैक्ट्री में मेंटेनेंस के दौरान गैस लीक होने से अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद कौशल श्रीवास्तव, योगेश कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई, शब्बीर, बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस फैक्ट्री में ट्रेनों के लिए स्प्रिंग और अन्य पुर्जे बनाए जाते हैं। अस्पताल में घायलों का इलाज कर रहे डॉ. सोफी शकील ने बताया कि पांच लोग गंभीर जलन के साथ लाए गए थे। इनमें से तीन की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।झांसी रोड थाना के टीआई शक्ति यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। विवेचक सभी सबूत जुटा रहे हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घायलों का इलाज प्राथमिकता पर जारी है। आग से झुलसे योगेश जनगांम ने बताया कि मशीन के पास वायरिंग कर रहा था तभी अचानक आग की लपटे उठी और खुद को बचाने तक का समय नहीं मिला। वहीं 60 फीसदी झुलसे मोहम्मद साबिर की हालत गंभीर है। वही इस मामले को लेकर उत्तर मध्य रेलवे सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बंद मशीन की मेंटेनेंस के दौरान एलपीजी के रिसाव से ये हादसा हुआ है। पास में चल रहे स्प्रिंग निर्माण की वजह से गैस में आग पकड़ ली। हादसे में एक रेलवे कर्मी और चार कांटेक्ट कर्मचारी झुलसे हैं। घटना की जांच के आदेश दिए हैं। ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मेघालय में कोयला खदान में भीषण धमाका, 10 मजदूरों की दर्दनाक मौत

 शिलॉन्ग मेघालय के ताशखाई इलाके में स्थित एक कोयला खदान में भीषण धमाका होने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में कम से कम 10 मजदूरों की मौत होने की जानकारी सामने आई है. हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक, ताशखाई की कोयला खदान में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके कारण खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. धमाका इतना तेज था कि खदान के अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों में सभी मजदूर असम के रहने वाले थे, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है.   स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृत मजदूरों में से एक असम के कटिगारा क्षेत्र के बिहारा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. हादसे की सूचना मिलते ही मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. खदान के अंदर फंसे अन्य मजदूरों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. प्रशासन ने आसपास के इलाके को घेरकर सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए. अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती तौर पर खदान में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. इस हादसे के बाद मजदूरों की सुरक्षा और अवैध खनन गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने की बात भी कही गई है.

पुण्य यात्रा बनी काल यात्रा: नेशनल हाईवे हादसे में 3 श्रद्धालुओं की जान गई, चीख-पुकार से दहला इलाका

पटना बिहार में पटना जिले के घोसवरी थाना क्षेत्र में रविवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें माघ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान करने जा रहे तीन लोगों की मौत हो गई जबकि, दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेखपुरा जिले के मेहुस थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव के निवासी शनिवार देर रात मोकामा गंगा स्नान के लिए जुगाड़ गाड़ी से रवाना हुए थे। इसी दौरान रविवार तड़के राष्ट्रीय उच्चपथ संख्य- 33 पर तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी जुगाड़ गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में लोदीपुर गांव निवासी महेश मांझी (35), मुन्नी मांझी (35) और संजय मांझी (40) की मौत हो गई। वहीं, अशोक मांझी (पिता लच्चो मांझी) और घनश्याम मांझी (पिता बच्चू मांझी) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।