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इलाज के लिए उड़ान बनी आखिरी सफर: आग में झुलसे संजय और एयर एम्बुलेंस हादसे का सच

  रांची झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के केंदू कसारी स्थित करम टॉड़ के घने जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. ये एयर एम्बुलेंस एक हादसे में झुलसे मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली लेकर जा रही थी. परिवार के सदस्यों ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर संतोष को दिल्ली ले जाने के लिए लोन लेकर 8 लाख रुपये में एयर एम्बुलेंस बुक की थी. जानकारी के अनुसार, संजय कुमार चंदवा कस्बे में एक छोटा-सा रेस्टोरेंट चलाते थे. सोमवार को होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे (करीब 63-65 प्रतिशत). उनका इलाज पहले रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिवार के सदस्यों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी और उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था. लोन लेकर बुक की एयर एम्बुलेंस इसके बाद बेहतर इलाज की आस में परिवार ने करीब 8 लाख रुपये खर्च कर एयर एम्बुलेंस बुक की थी. इसके लिए परिवार ने लोन और अपने रिश्तेदारों से कर्ज लिया, ताकि संजय को तुरंत दिल्ली पहुंचाया जा सके. लेकिन एयर एम्बुलेंस उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया. तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण विमान संतुलन खो बैठा और सिमरिया के घने जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला और सभी की मौके पर ही मौत हो गई. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत इस हादसे ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान छीन ली. मृतकों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी बसंती देवी और उनका भांजा ध्रुव शामिल हैं. इनके अलावा विमान के पायलट स्वराज दीप सिंह, सह-पायलट विवेक, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा ने भी अपनी जान गंवा दी. परिवार के सदस्यों की अचानक हुई इस मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय का परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है और ये रकम कर्ज पर ली गई थी, जिसमें इलाज के लिए पहले से भी लाखों रुपये कर्ज में थे. खबर से मिली हादसे की जानकारी परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें इस हादसे की जानकारी खबरों से मिली. उन्होंने बताया कि रांची एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस के उड़ा भरने के बाद वो लोग अपने घर आ गए थे और थोड़ी देर बाद विमान में मौजूद अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया तो उनका फोन नहीं मिला. इसके कुछ देर बाद ही उन लोगों को एक प्लेन के क्रैश होने की खबर मिली तो उनकी चिंताएं बढ़ गई. उन्होंने बताया कि बाद में हम लोगों ने प्रशासन से संपर्क किया तो पता चला कि हादसे में सभी लोगों की मौत हो गई.  ATC से टूटा संपर्क प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान ने शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम (तेज हवाएं और कम विजिबिलिटी) के कारण रूट डायवर्ट करने की कोशिश में 23 मिनट बाद ही ATC से संपर्क टूट गया. विमान चतरा के दुर्गम जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला. हादसे की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और एसएसबी 35वीं बटालियन के जवान तुरंत हरकत में आए. विमान सड़क से लगभग चार किलोमीटर अंदर घने और दुर्गम जंगल में गिरा था, जिससे राहत कार्य में भारी मुश्किलें आईं. जवानों को मलबे से शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. रेस्क्यू टीम ने सभी शवों को अपने कंधों पर उठाकर चार किलोमीटर पैदल दूरी तय की और फिर एंबुलेंस के जरिए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया. 6000 फुट ऊंचाई पर जाते ही पायलट को हो गया था अंदेशा कोलकाता से संपर्क होने के बाद, विमान ने खराब मौसम की वजह से अपना रास्ता बदलने (deviation) का अनुरोध किया था. इसके बाद, शाम 7:34 बजे वाराणसी से लगभग 100 NM दक्षिण-पूर्व में विमान का कोलकाता कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया और वो रडार से भी गायब हो गया. जानकारी के मुताबिक, IMD ने इस इलाके में पहले ही बिजली गिरने और मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया था. दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी एविएशन मिनिस्ट्री डीसी कीर्तिश्री जी ने एयर एम्बुलेंस हादसे की वजह तूफान बताई. उन्होंने कहा, 'तूफान के कारण ये हादसा हुआ. डॉक्टरों की टीम ने मृतकों की संख्या 7 बताई. इनमें से दो क्रू मेंबर्स थे और बाकी पांच में एक मरीज और उसके परिवार के सदस्य थे. एविएशन मिनिस्ट्री की टीम कल दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी ताकि ब्लैक बॉक्स की पहचान की जा सके और आगे की जांच शुरू की जा सके.' बता दें कि AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम आज दिल्ली स्थित रेडबर्ड एविएशन कार्यालय का दौरा करेगी. टीम यहां रेडबर्ड और क्रैश हुए प्लेन से जुड़े दस्तावेज हासिल कर सकती है. SSB के सेकंड इन कमांड ने सुनाया आंखों देखा हाल SSB के सेकंड इन कमांड रमेश कुमार ने हादसे की पूरी कहानी सुनाई है. उन्होंने बताया, 'हमें सूचना मिली थी कि एक प्लेन क्रैश हो गया है. ये इलाका काफी अंदरूनी है. यहां दो किलोमीटर तक कोई सड़क नहीं है. जब हम रात में यहां पहुंचे, तो हमने देखा कि कोई भी जिंदा नहीं है. शवों को निकालना बहुत मुश्किल था. हमें उन्हें यहां से दो किलोमीटर तक एक तरफ ले जाना पड़ा.' कुमार ने आगे बताया कि उनकी टीम के पास सिर्फ एक स्ट्रेचर था, जो वो एसएसबी से अपने साथ लाए थे. उन्होंने बताया कि प्लेन जंगल के बीचोंबीच क्रैश हुआ था और मेन सड़क यहां से दो किलोमीटर दूर थी. यहां रात में लोगों को निकालना और बचाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा.

नेपाल: पोखरा-काठमांडू बस दुर्घटना, त्रिशूली नदी में गिरी, 17 की जान गई

काठमांडू नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई. पोखरा से काठमांडू आ रही एक यात्री बस त्रिशूली नदी में गिर गई. इस हादसे में मरने वालों की सूची में 6 महिलाएं और 11 पुरुषों की शामिल हैं. इस हादसे में कुल 27 लोगों को अस्पतालों में भेजा गया है. दुर्घटना में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. मृतकों और घायलों में एक न्यूजीलैंड का नागरिक भी बताया गया है. बस रात करीब 1 बजे पृथ्वी राजमार्ग के अंतर्गत पोखरा से काठमांडू की ओर आ रही थी. बस धादिंग के बेनिघाट रोरांग में त्रिशूली नदी किनारे जा गिरी. बस सड़क से लगभग 300 मीटर नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली. टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव नाव की मदद से यात्रियों को करीब एक किलोमीटर नीचे तक लाया गया, वहां से उन्हें सड़क तक ऊपर चढ़ाकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. रात का समय, दुर्गम स्थान और राहत सामग्री की कमी के कारण बचाव कार्य में मुश्किल हुई. प्रमुख जिला अधिकारी सुवेदी फोन पर बताया, टॉर्च की रोशनी में घायलों का बचाव किया गया. हमें राहत सामग्री की कमी महसूस हुई. 27 लोगों को पहुंचाया गया अस्पताल सुवेदी ने बताया कि घटनास्थल से 8 महिलाएं, 18 पुरुष और एक बालिका सहित कुल 27 लोगों को बचाकर विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है. उन्होंने हादसे में 6 महिलाओं और 11 पुरुषों की मौत होने की जानकारी दी. दुर्घटनास्थल पर सेना, सशस्त्र प्रहरी बल और नेपाल पुलिस की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया. सशस्त्र प्रहरी बल के विपद प्रबंधन बेस आदमघाट से डीएसपी सुनील गिरी के नेतृत्व में एक टीम तथा विपद प्रबंधन प्रशिक्षण शिक्षालय कुरिनटार से गोताखोरों की टीम भी राहत और बचाव कार्य में तैनात है.

रफ्तार बनी मौत की वजह: ट्रैक्टर पलटने से चालक की जान गई, 5 घायल

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।यह हादसा राजहरा थाना क्षेत्र के पत्थराटोला गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में 20 से अधिक ग्रामीण सवार थे, जो रजही डेम किनारे खटला खाने गए थे। खाना खाने के बाद सभी लोग पथरकटोला होते हुए अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खेत में पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर चालक गौकरण दर्रो (40 वर्ष) ट्रैक्टर के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ट्रैक्टर में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। ग्रामीणों के अनुसार ट्रैक्टर में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई थी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

श्रीनगर में CRPF जवानों से भरा बुलेटप्रूफ वाहन नहर में गिरा, 7 जवानों की हालत गंभीर

श्रीनगरः जिले के अहमद नगर इलाके में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों से भरा एक बंकर वाहन सड़क से फिसलकर नहर में जा गिरा. इस भीषण सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ की 21वीं बटालियन के सात जवान घायल हो गये हैं. हादसे के बाद घटनास्थल के पास अफरातफरी मच गयी. घटनास्थल पर सुरक्षा बल तैनात हैं. कैसे हुआ हादसा? प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ का बुलेट-प्रूफ बंकर वाहन अपनी नियमित ड्यूटी पर था. जैसे ही वाहन श्रीनगर के अहमद नगर क्षेत्र में पहुंचा, चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा. चश्मदीदों के मुताबिक, वाहन की रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण बंकर वाहन बुरी तरह से लड़खड़ाया और सीधे सड़क किनारे बहने वाली एक नहर में जा गिरा. स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय राहगीरों और निवासियों ने मिसाल पेश की. जैसे ही उन्होंने बंकर वाहन को नहर में गिरते देखा, वे जवानों की मदद के लिए दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद वाहन के भीतर फंसे सातों जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू के तुरंत बाद, घायलों को उपचार के लिए नजदीकी 'शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (SKIMS), सौरा में भर्ती कराया गया. अस्पताल में उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने जवानों की जांच के बाद राहत भरी खबर दी है. डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि जवानों को चोटें आई हैं, लेकिन सौभाग्य से ये चोटें मामूली हैं. वर्तमान में सभी जवानों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं. जांच के घेरे में दुर्घटना इस हादसे के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. हालांकि अब तक आधिकारिक तौर पर इस पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी. जांच टीम इस बात का पता लगाएगी कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ, चालक की गलती थी या फिर कोई साजिश थी.

भिंड सड़क हादसा: बस-वन टक्कर, 5 मृतक और 7 घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

भिंड  मध्य प्रदेश के भिंड में शुक्रवार देर रात बस और वैन आमने-सामने भिड़ गए। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन पूरी तरह से टूट गई। उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। हादसा गोहद चौराहा थाना अंतर्गत छींमका गांव के पास नेशनल हाईवे-719 पर रात 2.30 बजे हुआ। गोहद चौराहा थाना प्रभारी मनीष धाकड़ के अनुसार, ईको और वैन ग्वालियर से सवारियों को लेकर भिंड की ओर आ रहा था, जबकि बस भिंड से ग्वालियर की ओर जा रही थी। चार लोगों की मौत हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।वहीं घायलों को एंबुलेंस से ग्वालियर रेफर किया गया। फिलहाल, घायलों का ग्वालियर में इलाज जारी है।टीआई ने बताया कि अभी दो मृतकों की पहचान हुई है।इनके नाम अतुल शिवहरे निवासी फूप और जगदीश भदौरिया निवासी स्योड़ा गांव अकोड़ा है। बाकी के शिनाख्ती के प्रयास किए जा रहे हैं।पुलिस परिजनों का पता लगाने के लिए दस्तावेजों और वाहन नंबर के आधार पर जांच कर रही है।जिस जगह हादसा हुआ, वहां अंधा मोड़ है।हो सकता है दोनों वाहन तेज रफ्तार में हों।हादसे की जांच जारी है।दोनों वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है।इस दर्दनाक घटना में केतु पुत्र संतोष, संतोष पुत्र कल्याण, प्रदीप पुत्र राम प्रकाश, मेंवाराम पुत्र बाबूराम, राम लखन पुत्र भागीरथ, मीरा पुत्र सुरेश, सुखबीर सिंह पुत्र श्री गंभीर रूप से घायल हो गए है.. वही पांच मार्को के शव पोस्टमार्टम भिजवा दिए है। घायलों को रेफर किया भिंड के एसपी असित यादव ने बताया कि घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर मामलों को ग्वालियर रेफर किया गया। हालांकि, तमाम विरोध औ प्रदर्शन के बावजूद हाईवे पर दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। यातायात सुरक्षा पर गंभीर सवाल है कि बीते सालों में तमाम कोशिशों के बाद भी यहां कोई सुधार नहीं हो पाया है। जांच में पता चला कि बस की स्पीड ज्यादा थी और संभवतः चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ। परिवारों का विलाप दिल दहला देने वाला है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गोहद अस्पताल भेजा।यह घटना न केवल एक हादसा है, बल्कि सड़क सुरक्षा के अभाव को उजागर करती है, जहां तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग आम समस्या है।

दिल दहला देने वाला हादसा: जनकपुरी में तेज़ रफ्तार कार से पलटा ई-रिक्शा, मासूम की गई जान

जनकपुरी (पश्चिम दिल्ली) इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलट गया, जिससे उसमें सवार छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी नानी घायल हो गईं। पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी की सुबह माता चानन देवी अस्पताल से पीसीआर को सूचना मिली कि एक नाबालिग लड़की समेत दो लोग सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं। हादसे में बच्ची और उसकी नानी मर्सी जेवियर (57) को पहले माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें द्वारका स्थित एक उन्नत चिकित्सा केंद्र में रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बच्ची ने तोड़ा दम अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मर्सी जेवियर (57) ने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी को सुबह करीब 7:40 बजे वह अपनी नातिन के साथ ई-रिक्शा में यात्रा कर रही थीं। जब उनका ई-रिक्शा जनकपुरी दमकल केंद्र के पास पहुंचा, तभी एक कार से टकराकर पलट गया। हादसे के बाद दोनों सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों और कार चालक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। जनकपुरी थाने में मामला दर्ज जनकपुरी (पश्चिम दिल्ली) में हुए दर्दनाक ई-रिक्शा हादसे में घायल मर्सी जेवियर का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच के आधार पर जनकपुरी थाना में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान संजीव के रूप में हुई है और उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस गवाहों के बयान दर्ज कर रही है तथा घटनाक्रम को स्पष्ट करने के लिए जनकपुरी दमकल केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इस घातक हादसे ने शहर में बड़ी संख्या में चल रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में दो लाख से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। मदद मांगी तो तुरंत कार लेकर भाग गया- मृतक की मां दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली 6 वर्षीय बच्ची प्रेक्षेल की मां और नानी ने घटना की भयावह आपबीती बताई है। बच्ची की नानी ने बताया कि वे घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं और एक 16 वर्षीय ई-रिक्शा चालक उन्हें छोड़ने जा रहा था। रिक्शा सामान्य गति से चल रहा था, तभी अचानक एक तेज रफ्तार सफेद कार ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ई-रिक्शा पलट गया और बच्ची, नानी तथा चालक तीनों सड़क पर गिर पड़े। उन्होंने बताया कि बच्ची जमीन पर गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। नानी को भी चोट आई, जिससे वह उठ नहीं पा रही थीं। उन्होंने पास खड़ी सफेद कार से मदद मांगी और बच्चे को अस्पताल ले चलने को कहा, लेकिन चालक वहां से कार लेकर भाग गया। बच्ची की मां सौम्या ने बताया कि वह मैक्स हॉस्पिटल द्वारका में नर्स हैं। नाइट ड्यूटी खत्म कर लौट रहे अस्पताल स्टाफ ने उन्हें हादसे की सूचना दी और बताया कि एक ई-रिक्शा पलटा हुआ है तथा एक महिला मदद मांग रही है। उन्होंने कहा कि कई गाड़ियों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। सौम्या के अनुसार, उनकी मां को यह नहीं पता था कि जिस कार से उन्होंने मदद मांगी, वही वाहन टक्कर मारने वाला था। मदद मांगने पर चालक मौके से फरार हो गया। यह हादसा 17 फरवरी की सुबह करीब 7:45 बजे हुआ। परिवार का कहना है कि उन्हें पुलिस की FIR की प्रति मिली है, लेकिन उन्होंने अभी उस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। मामले की जांच जारी है। सरकार को हार्श ड्राइविंग पर कंट्रोल करना चाहिए- मृतक की नानी प्रेक्षेल की नानी ने सड़क सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है और अब सड़कों पर निकलने से भी डर लगने लगा है। नानी ने बताया कि उनका बेटा जर्मनी से आया हुआ है। हादसे के बारे में सुनकर उसने कहा कि वहां यातायात नियमों का सख्ती से पालन होता है और वाहन अनुशासन में चलते हैं, जबकि यहां लोग लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि “वह जर्मनी है, लेकिन दिल्ली में कोई नियंत्रण नहीं है, यहां कभी भी किसी की मौत हो सकती है।” उन्होंने सरकार से मांग की कि तेज और लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त नियंत्रण किया जाए, ताकि निर्दोष लोगों की जान न जाए। उनका कहना था कि “जो व्यक्ति तेज गाड़ी चला रहा है, वह अपने साथ दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डालता है।” परिवार ने बताया कि बच्ची का अंतिम संस्कार कर वे लौटे हैं, लेकिन गम और डर अभी भी बना हुआ है। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ई-रिक्शा की वास्तविक संख्या काफी अधिक दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे के बाद सड़कों पर चल रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रवर्तन एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, शहर में चलने वाले ई-रिक्शा की वास्तविक संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई वाहन बिना उचित पंजीकरण या सुरक्षा मानकों का पालन किए सड़कों पर दौड़ रहे हैं। एक पुलिस सूत्र ने बताया कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा भीड़भाड़ वाले आवासीय और बाजार क्षेत्रों में चलते हैं, जहां अक्सर यातायात नियमों का पालन नहीं किया जाता। कई मामलों में वाहन क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाता है या सीमित प्रशिक्षण वाले चालक इन्हें चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

तीन युवकों की जान गई, उदयपुर में ओवरटेक करते समय हुआ भीषण टकराव

उदयपुर जिले के कोटड़ा ब्लॉक स्थित मांडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। कोदरमाल गाँव के पास ओवरटेक करने के प्रयास में एक बाइक बेकाबू होकर ऑटो से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में तीन युवकों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है। हादसे का मंजर : दो की मौके पर मौत, एक ने अस्पताल में तोड़ा दम पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। राहगीरों और पुलिस की मदद से तीसरे गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत कोटड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; इलाज के दौरान उसकी भी सांसें थम गईं। मृतकों की पहचान : हादसे का शिकार हुए तीनों युवक कोटड़ा क्षेत्र के ही निवासी थे, हरीश (24) पुत्र मसरू गमार, शंकरलाल (25) पुत्र सुनील खराड़ी, कालाराम (23) पुत्र किसनाराम। कैसे हुआ हादसा? मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 'ओवरटेक' हादसे का मुख्य कारण सामने आया है। बाइक सवार युवक मांडवा से कोटड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आगे चल रहे एक ऑटो को ओवरटेक करने की कोशिश की। तभी सामने से एक तेज रफ्तार जीप आ गई। जीप से बचने और ऑटो को पार करने की जद्दोजहद में बाइक सीधे ऑटो से जा टकराई। पुलिस की कार्रवाई हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुँचकर खुलवाया। मांडवा थाना पुलिस ने तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। सावधान! आपकी एक गलती जानलेवा है यह हादसा उन युवाओं के लिए एक कड़ा सबक है जो सड़कों पर रफ्तार और ओवरटेक को रोमांच समझते हैं। मांडवा-कोटड़ा मार्ग जैसे संकरे और घुमावदार रास्तों पर जरा सी लापरवाही मौत का बुलावा साबित हो सकती है।

अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत

अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत   बाइक पर पीछे बैठे साथी को आई गंभीर चोट  भोपाल  नजीराबाद इलाके में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे साथी को गंभीर चोट आई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक के बयान होने  के बाद ही पता चल पाएगा कि किसी वाहन ने बाइक को टक्कर मारी थी। जानकारी के अनुसार विकास पुत्र सरजू सिंह (25) बैरसिया का रहने वाला था और खेती किसानी करता था सोमवार को वह अपने दोस्त के साथ बाइक से ग्राम रुनाहा से नजीराबाद की तरफ जा रहा था। इसी दौरान किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे दोनों युवक सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से विकास को हमीदिया रैफर किया गया था। हमीदिया अस्पताल में डॉक्टरों ने चैक करने के बाद विकास सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके साथी का इलाज चल रहा है। बताया जाता है कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण विकास की मौत हुई थी।  बुजुर्ग व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत  अवधपुरी इलाके में एक बुजुर्ग व्यक्ति की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराने के बाद लाश परिजन को सौंप दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। जानकारी के अनुसार जगदीश वैद्य (60) बरखेड़ा पठानी गोविंदपुरा के रहने वाले थे और टेलरिंग का काम करते थे। उनकी आधार शिला अवधपुरी में दुकान है। सोमवार को वह दुकान पर पहुंचे थे। दोपहर के समय आसपास के लोगों ने उन्हें बेसुध अवस्था में देखा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चेक करेन के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बाइकों के बीच हुई भिड़ंत में दो युवक घायल

भोपाल  बैरसिया इलाके में बाइकों के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में भी दो लोगों को गंभीर चोट आई है।पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार छोटेलाल पुत्र खुमान सिंह (26) सिरोंज का रहने वाला है। सोमवार को वह अपने काम से भोपाल आया था। दोपहर बाद वह मोटर सायकिल से वापस अपने घर लौट रहा था। शमशाबाद बैरसिया रोड स्थित ग्राम हिनौतिया पीरान के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक के चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। दूसरी बाईक पर जोसब सिंह परमाल निवासी ग्राम कढ़ैया शाह पारदी टपरा थाना बैरसिया सवार था। उसे इस हादसे में गंभीर चोट आई है। हादसे में घायल दोनों युवकों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंट का काउंटर केस दर्ज किया है।  सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति घायल  बैरसिया इलाके में एक तेज रफ्तार पल्सर बाइक चालक ने मोटर सायकिल को टक्कर मार दी, जिससे मोटर सायकिल सवार दंपति को सड़क पर गिरकर घायल हो गए। जानकारी के अनुसार नासिर खां (24) मूलत: गुना का रहने वाला है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ मोटर सायकिल से भोपाल से अपने घर लौट रहा था। शमशाबाद बैरसिया रोड स्थित ग्राम मेगरा जोड़ के पास एक तेज रफ्तार पल्सर बाइक चालक ने उसकी मोटर सायकिल में टक्कर मार दी, जिससे तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल पत्नी और बेटी को नासिर ने इलाज के लिए बैरसिया अस्पताल पहुंचाया और बाद में थाने जाकर एक्सीडेंट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ब्रेकर में बाइक जैंपिंग होने से हादसा: चालक को आया गंभीर रूप से जख्म

ब्रेकर में बाइक जैंपिंग होने से हादसा: चालक को आया गंभीर रूप से जख्म राजेन्द्रग्राम छबिलाल  थाना क्षेत्र राजेंद्र ग्राम अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत हरस्वाह जो की रीवा अमरकंटक मार्ग से करीब 2 से 3 किलोमीटर धर्मदास रोड निकलती है वही स्थिति आमा टोला के पास ब्रेकर में बाइक उछलने से हादसा हुआ। अपने घर से आ रहे पति-पत्नी ब्रेकर में जंपिंग होने के कारण  मोटरसाइकिल अनबैलेंस हो गया और वही पति-पत्नी गिर पड़े। जिससे चालक को गंभीर चोटें आई है और पत्नी को आंतरिक चोट बताया गया। जानकारी के अनुसार बताया गया कि बाइक चालक दशरथ प्रसाद पिता कमला प्रसाद 40 वर्ष और उनकी पत्नी ममता बाई पति दशरथ प्रसाद उम्र 38 वर्ष ग्राम हरसवाह ऐ दोनो पति पत्नी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहा हैंlजो आमा टोला में ब्रेकर के पास की घटना बताई जा रही है। बताया गया कि,राजेंद्रग्राम अपने निजी काम को लेकर जा रहे पति-पत्नी हादसे का शिकार हुए जिसमें चालक को गंभीर चोटें एवं पत्नी को मामूली जख्मों का सामना करना पड़ा अचानक सामने ब्रेकर होने के कारण चालक ने ब्रेक लगाया जहां मोटरसाईकल अनबैलेंस हो गया और वाहन दूर फेखा गया और चालक वा उसकी पत्नी ममता बाई मामूली चोट भी नहीं दिखाई पड़ रहा है और चालक को गंभीर रूप से घायल बताई गई है। वहीं मौकें पर  राहगीरो वा  चालक के परिजनों के माध्यम से इन्हें तुरंत अपने  स्वयं के वाहन के माध्यम से चालक को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ राजेंद्रग्राम चिकित्सालय भेजा गया । घायल व्यक्ति को गंभीर रूप से चोट लगने से राजेंद्रग्राम अस्पताल से डॉक्टरों ने जांच के बाद सुई इंजेक्शन व मलहम पट्टी कर उन्हे जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर करने का सलाह दिया गया है। और चालक को गंभीर चोटें बताया गया जिसमें सर में चोट मुंह टूट जाने की समस्या बताया गया और डॉक्टर के द्वारा हड्डी विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी गई। और चालक के परिवार ने कहा कि वे इस हादसे से चिंतित हैं। उन्होंने अन्य बाइक चालकों से वाहन की नियमित जांच करने की अपील की है। यह घटना वाहन की नियमित जांच और सड़क सुरक्षा के महत्व को दर्शाती है।