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फ्लाईओवर से कार नीचे गिरी, सबरीमाला जा रहे 6 श्रद्धालुओं ने गंवाई जान

 कोलार कर्नाटक के कोलार जिले में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में सबरीमाला जा रहे 6 तीर्थयात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि 32 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार कार की तेज रफ्तार इस दुर्घटना का मुख्य कारण बनी।  यह दुखद घटना मालुर तालुका के अब्बेनहल्ली गांव के पास देर रात लगभग सवा दो से ढाई बजे के बीच हुई। पुलिस के प्रारंभिक जांच के अनुसार वाहन चालक कथित रूप से अत्यधिक तेज गति से कार चला रहा था। तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित हो गई और एक फ्लाईओवर के साइड बैरियर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बैरियर तोड़कर लगभग 100 मीटर नीचे एक अंडरपास में जा गिरी। कार में सवार 6 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि चारों मृतक आपस में दोस्त थे और दुर्घटना के समय केरल के सबरीमाला मंदिर की तीर्थयात्रा पर जा रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस दुर्घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार ड्राइविंग से होने वाले खतरों को उजागर किया है।  

एयर शो हादसा: दुबई में तेजस फाइटर जेट जमीन पर क्रैश होकर जल उठा

दुबई दुबई एयर शो के दौरान ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. भारत का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान LCA तेजस अपनी डेमोंस्ट्रेशन फ्लाइट के दौरान अचानक क्रैश हो गया. यह घटना स्थानीय समय के अनुसार दोपहर के 2:10 बजे हुई, जब हजारों दर्शक विमान के करतब देख रहे थे.सबसे बुरी खबर है कि इस हादसे में पायलट की मौत हो गई है. भारतीय वायुसेना ने दुबई एयर शो के दौरान हुए तेजस विमान हादसे की जांच के आदेश दिए  विमान हवा में शानदार मोड़ ले रहा था, तभी अचानक उसने नियंत्रण खो दिया. कुछ ही सेकंड में तेजस नीचे झुकता दिखा और सीधा जमीन की ओर बढ़ गया. उसके टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऊपर काले धुएं का गुबार उठ गया.  सबसे बड़ी चिंता पायलट की स्थिति को लेकर बनी हुई है. यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने समय रहते इजेक्ट किया या नहीं. रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस जानकारी की पुष्टि की जा रही है. दुबई एयर शो दुनिया के प्रमुख एविएशन आयोजनों में से एक है, जहां दुनियाभर की एयरलाइंस और सैन्य उत्पादक अपनी तकनीक दिखाते हैं. इस हादसे से एयर शो की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं. आयोजन स्थल पर आपातकालीन दल तुरंत सक्रिय हुआ और विमानन अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है. एयर डिफेंस तकनीक और उड़ान से जुड़ी उन्नत खोजों का प्रदर्शन करते हैं. यही नहीं, बड़े-बड़े रक्षा सौदे, सहयोग समझौते और भविष्य की साझेदारियां भी इसी मंच पर तय होती हैं. IAF ने कहा है कि वह इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करती है और इस कठिन समय में पायलट के परिवार के साथ खड़ी है. वायुसेना ने हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन करने का फैसला लिया है. कब-कब क्रैश हो चुका है तेजस विमान? भारतीय वायुसेना का तेजस विमान दुबई के पहले अब तक बस एक और बार क्रैश हुआ है. साल 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में तेजस क्रैश हुआ था. इस हादसे के पीछे इंजन फेल होने की वजह बताई गई. अच्छी बात ये रही थी कि दुर्घटना के दौरान पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए.  तेजस विमान क्या है? भारतीय वायुसेना के तेजस विमान एक ऐसा लड़ाकू विमान है जिसे पूरी तरह भारत में बनाकर तैयार किया गया है. इसे हल्का और तेज़ बनाया गया है, ताकि हवा में ज्यादा फुर्ती से उड़ सके और साथ ही कई तरह के युद्ध के काम कर सके.  इसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने विकसित किया है. यह 4.5 पीढ़ी का विमान है, मतलब इसमें बहुत नई तकनीकें लगी हैं. तेजस छोटा और हल्का है, जिसे सुपरसोनिक यानि ध्वनि की गति से तेज उड़ान भरने वाला कहा जाता है.  Dubai Air Show 2025 बना ग्लोबल एविएशन फेस्ट दुबई एयर शो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली एयरोस्पेस आयोजनों में से एक है, लेकिन इसकी शुरुआत उतनी भव्य नहीं थी. 1986 में जब इसे “अरब एयर” के नाम से शुरू किया गया था, तब यह सिर्फ एक छोटा-सा नागरिक विमानन व्यापार मेला था. 1989 में पहली बार इसे दुबई एयरपोर्ट पर आयोजित किया गया, जहां केवल 200 प्रदर्शक और 25 विमान पहुंचे थे. किसी ने तब नहीं सोचा था कि यही आयोजन आगे चलकर दुनिया का सबसे बड़ा ग्लोबल एयरोस्पेस शो बनेगा. 2025 का दुबई एयर शो इस विकास का सबसे शानदार उदाहरण रहा. यह आयोजन 17 से 21 नवंबर तक दुबई वर्ल्ड सेंटर में हुआ और इसमें दुनिया का लगभग पूरा एयरोस्पेस उद्योग एक ही जगह इकट्ठा होता दिखा. शो में 1,500 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए, 200 से ज्यादा उन्नत विमान पेश किए गए और 115 देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. खास बात यह रही कि इस बार 440 नए प्रतिभागियों ने भी अपनी तकनीकें प्रदर्शित कीं. साथ ही, 12 बड़े सम्मेलन आयोजित हुए, जिनमें रक्षा, एयरोस्पेस, अनुसंधान, नई तकनीकों और भविष्य की विमानन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई. दुबई एयर शो का महत्व क्यों बढ़ रहा है? इस आयोजन को आज दुनिया के रक्षा और एयरोस्पेस उद्योग का सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म माना जाता है. यहां देश अपने नए लड़ाकू विमान, ड्रोन, हेलीकॉप्टर, मिसाइल प्रणाली, एयर डिफेंस तकनीक और उड़ान से जुड़ी उन्नत खोजों का प्रदर्शन करते हैं. यही नहीं, बड़े-बड़े रक्षा सौदे, सहयोग समझौते और भविष्य की साझेदारियां भी इसी मंच पर तय होती हैं. दुबई एयर शो सिर्फ तकनीक का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने वाला एक विशाल पुल है – जहां विचार भी उड़ान भरते हैं और भविष्य की रणनीतिक दिशा भी तय होती है. हादसा 2 बजकर 10 मिनट के आस-पास बताया जा रहा है. विमान हादसा क्यों हुआ? कैसे हुआ? इसको लेकर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. पायलट भी विमान हादसे से पहले विमान से बाहर निकला या नहीं इसकी भी जानकारी अब तक नहीं मिल पाई है. लेकिन जैसे ही विमान जमीन से टकराया वैसे ही आग के बड़े गोले में तब्दील हो गया. इसका धुआं भी उठता हुआ देखा जा सकता है. 

ट्रक और कार की टक्कर में गुना में तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत

गुना   गुना में गुरुवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जहां बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार ट्रक से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, गुना-आरोन रोड पर बजरंगगढ़ गांव के पास यह हादस सुबह करीब 3 बजे हुई। जब सात दोस्त एक कार में सवार होकर आरोन से गुना की तरफ निकले थे। इसी दौरान उनकी कार ट्रक से भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी की कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, तीन दोस्तों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। क्या बोले अधिकार? इस घटना को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित एक शादी में शामिल होने के लिए आरोन से गुना आ रहे थे, जब उनकी कार आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दो की हालत गंभीर अधिकारी ने बताया कि पुलिस को अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने बताया कि चार घायलों में से दो की हालत गंभीर है। उन्हें इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। 

ग्लोबल रिपोर्ट: सड़क दुर्घटनाएँ हर वर्ष 11.90 लाख जानें लेती हैं

नई दिल्ली राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों के सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट होने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र में हर वर्ष नवंबर के तीसरे रविवार को सड़क दुर्घटनाओं में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए विश्व सड़क यातायात पीड़ित स्मृति दिवस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी स्कूल ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एंड स्मार्ट पुलिसिंग के अंतर्गत यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र ने गुजरात परिसर में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस वर्ष सभा को समन्वयक विश्व विजय राय ने संबोधित किया। इस अवसर पर उल्लेख किया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की 'ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट' 2023 के अनुसार दुनिया भर में हर साल लगभग 11 लाख 90 हजार लोग सड़क दुर्घटनाओं के कारण मरते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार देश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर वर्ष लगभग एक लाख 70 हजार लोगों की मौत होती है।  बढ़ सकती है सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या, 2023 का आंकड़ा पार होने की आशंका  साल 2024 में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का आंकड़ा 2023 से भी ज्यादा हो सकता है। अब तक मिले शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, देश के दो दर्जन से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना, असम और दिल्ली में सड़क हादसों में हुई मौतें पिछले साल के मुकाबले बढ़ी हैं। मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक (जिसमें पश्चिम बंगाल शामिल नहीं है), 2024 में सड़क हादसों में करीब 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई। तुलना करें तो 2023 में यह संख्या 1.73 लाख थी, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। पश्चिम बंगाल में अकेले 6,000 से अधिक मौतें दर्ज की गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि जब बंगाल के आंकड़े जोड़ लिए जाएंगे, तो यह संख्या 2023 से ज्यादा हो जाएगी। कुछ राज्यों में राहत की झलक हालांकि, हर तरफ निराशाजनक तस्वीर नहीं है। 2024 के शुरुआती आंकड़ों में 9 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां सड़क हादसों में मौतों की संख्या कम हुई है। उदाहरण के तौर पर, केरल में 2023 में 4,080 मौतें हुई थीं, जबकि 2024 में यह घटकर 3,846 रह गईं। इसी तरह गुजरात में भी मौतों का आंकड़ा 7,854 से घटकर 7,717 हो गया। विशेषज्ञों की राय: "10 बड़े राज्यों पर फोकस जरूरी" ट्रैफिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक देश के 10 बड़े राज्य, जो कुल मौतों में सबसे ज्यादा हिस्सा रखते हैं, अपने आंकड़े नहीं घटाते, तब तक सड़क मौतों को आधा करने का लक्ष्य पूरा करना मुश्किल है। पूर्व सड़क परिवहन सचिव के मुताबिक, "राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर हादसे और मौतें कुल मामलों के लगभग 60 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार हैं। इन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।" हादसों के आंकड़े और हकीकत में फर्क आधिकारिक आंकड़े पूरी सच्चाई नहीं बताते, क्योंकि कई छोटे हादसे पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होते। फिर भी प्रारंभिक डेटा से पता चलता है कि 2024 में 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4.7 लाख से अधिक सड़क हादसे हुए, जबकि 2023 में यह संख्या करीब 4.8 लाख थी। सड़क सुरक्षा के लिए सरकार की नई योजना सरकार अब सड़क सुरक्षा को और सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन मंत्रालय मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव करने जा रहा है। प्रस्ताव है कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के नियम और सख्त किए जाएं, और खराब ड्राइविंग व्यवहार पर नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लागू हो, जिससे चालकों का लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी किया जा सके।  सड़क सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती सरकारी कोशिशों के बावजूद बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं। अगर आने वाले समय में सड़क सुरक्षा पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सड़क पर जान गंवाने वालों की संख्या कम होती नहीं दिख रही। 

मक्का-मदीना मार्ग पर बस और टैंकर की टक्कर, भीषण आग में 42 भारतीयों की मौत

 रियाद सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 42 भारतीय उमरा यात्रियों के मारे जाने की आशंका है. इनमें से कई यात्रियों के तेलंगाना के हैदराबाद से होने की जानकारी सामने आई है. हादसा उस समय हुआ जब मक्का से मदीना जा रही एक बस मुफ्रिहात इलाके के पास एक डीजल टैंकर से टकरा गई. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया. वहीं इस घटना को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से स्थिति की पुष्टि करने और तत्काल सहायता के लिए विदेश मंत्रालय और सऊदी दूतावास के साथ समन्वय करने को कहा है। तेलंगाना सचिवालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस दौरान एक हेल्पलाइन: 79979 59754, 99129 19545 भी जारी किया गया है। वहीं हैदराबाद के व्यक्ति ने बताया मक्का जाने के लिए यात्री उमरा करने गए थे। इस दौरान मदीने से 25 किलोमीटर पहले बस में आग लग गई। इस घटना में शोएब नामक व्यक्ति ने कूद कर जान बचाई। हादसे में वह घायल हो गया और उसे उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। उन्होंने कहा कि 42 हाजी बस में सवार थे। घटना के बारे में लगातार संपर्क किया जा रहा है। 42 यात्रियों में 16 बच्चे शामिल थे और 24 से 25 बड़े यात्री सवार थे। वहीं अन्य वय्क्ति ने कहा कि उमरा के लिए 45 यात्री हैदराबाद से बस में सवार हुए थे। इस यात्रियों में से उसके परिवार के 6 लोग शामिल थे। इस घटना में बस जलकर पूरी तरह से राख हो गई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव और डीजीपी बी. शिवाधर रेड्डी को तुरंत पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं. राज्य सरकार विदेश मंत्रालय (MEA) और सऊदी दूतावास के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की मदद के प्रयास कर रही है.

हाईवे हादसा: फॉर्च्यूनर ट्रैक्टर में घुसी, पांच लोगों की मौके पर दर्दनाक मौत

ग्वालियर ग्वालियर-झांसी हाईवे पर सुबह 6.30 बजे भीषण हादसा हो गया। मालवा कॉलेज के ठीक सामने रेत से भरे ट्रैक्टर में एक फॉर्च्यूनर कार जा घुसी। हादसा इतना गंभीर था कि फॉर्च्यूनर में सवार पाँच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे में मृत लोगों के नाम क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत, राज पुरोहित, कौशल सिंह भदौरिया, आदित्य उर्फ राम जादौन और अभिमन्यु सिंह तोमर हैं। यह सभी ग्वालियर के ही रहने वाले हैं, छात्र हैं। क्षितिज के पिता उमेश बिल्डर हैं, गाड़ी इसके पिता की ही थी। क्षितिज ही गाड़ी चला रहा था। जानकारी के मुताबिक फॉर्च्यूनर (एमपी 07 सीजी 9006) झांसी की ओर से आ रही थी। मालवा कॉलेज के सामने जैसे ही गाड़ी गुजरी, मोड़ से रेत से भरा ट्रैक्टर निकला। फॉर्च्यूनर तेज रफ्तार में थी, जिससे चालक गाड़ी संभाल नहीं पाया और वाहन ट्रैक्टर ट्रॉली में घुस गया। कार का आधा हिस्सा ट्रॉली के नीचे चला गया और पांचों की मौके पर ही मौत हो गई। शव ट्रैक्टर ट्रॉली और कार के बीच फंसे हुए थे। कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कटर से गाड़ी काटकर शवों को निकालने का प्रयास शुरू किया गया। पुलिस ने क्या कहा एसएसपी, धर्मवीर सिंह ने कहा कि "झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत मलवा कॉलेज के सामने बड़ा हादसा हुआ है। पाँच लोगों की मौत हुई है। मौके पर फोर्स भेजी है।"

जयपुर हादसा: मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की दीवार गिरने से 4 मजदूर घायल

जयपुर जयपुर में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के पन्नी गरान मोहल्ले में निर्माणाधीन मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की दीवार अचानक गिर गई। हादसे के वक्त बेसमेंट में काम कर रहे चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। अब तक एक मजदूर को बाहर निकालकर एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जबकि बाकी मजदूरों को निकालने का काम जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे जोरदार आवाज के साथ दीवार और छत का हिस्सा ढह गया। कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका धूल से भर गया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुभाष चौक थाना पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने लोगों को पीछे हटाकर रेस्क्यू टीम को काम करने के लिए जगह दिलाई। सुभाष चौक थाना प्रभारी किशन कुमार यादव ने बताया कि हादसा पन्नी गरान मोहल्ले में हुआ है। यहां तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। बेसमेंट के ऊपर एक छत डाली गई थी, जिसे दो हिस्सों में बांटने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान छत और दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे नीचे काम कर रहे चार मजदूर मलबे में दब गए। माणक चौक थाना प्रभारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए सिविल डिफेंस और SDRF टीम को बुलाया गया। अब तक एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घायल मजदूर को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य मजदूरों को निकालने का प्रयास लगातार जारी है। हादसे की खबर मिलते ही सिविल डिफेंस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट का हिस्सा काफी गहरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो गया है। मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी सावधानी बरती जा रही है ताकि और कोई हिस्सा न गिरे। एसीपी (माणक चौक) प्रियांश कविया ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण के दौरान दीवार पर अत्यधिक लोड पड़ने से वह गिर गई। फिलहाल मौके पर पुलिस, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं।

भयंकर सड़क हादसा: दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर कार कई बार पलटी, चार घायल, एक की मौत

अलवर दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे पर रात करीब ढाई बजे तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलट गई, जिससे ड्राइवर कप्तान निवासी धमरेड राजगढ़ की मौत हो गई। वहीं दो गंभीर घायलों को जयपुर रेफर किया गया है। स्कॉर्पियों में कुल पांच लोग सवार थे। हादसा अलवर जिले में लक्ष्मणगढ़ के पास चैनल नंबर 122 के पास का है। अलवर के राजगढ़ निवासी जितेंद्र ने तीन दिन पहले ही नई स्कॉर्पियों खरीदी थी। जिसे मॉडिफाई कराने के लिए दिल्ली गए थे। दिल्ली से लौटते समय लक्ष्मणगढ़ के पास चैनल नंबर 122 के पास तेज धमाके के साथ स्कॉर्पियो पलटती चली गई। रफ्तार इतनी तेज थी कि स्कॉर्पियो सात बार पलटी खाकर चकनाचूर हो गई। पलटने से घायल कुल चार लोग घायल हुए हैं। घायलों के परिजन मुकुट और शक्ति ने बताया कि धर्मेंद्र पुत्र पप्पूराम जागा निवासी राजगढ़, जितेंद्र पुत्र पप्पूराम जागा वार्ड नंबर 6 निवासी राजगढ़, राकेश पुत्र जगदीश निवासी राजगढ, डेनी पुत्र पप्पूराम निवासी राजगढ़ घायल हुए हैं। मृतक कप्तान धमरेड़ राजगढ़ का निवासी था, जो कार बाजार में काम करता है। जितेंद्र और धर्मेंद्र दोनों सगे भाई हैं। ये भी कार बाजार में काम करते हैं। डेनी और धर्मेंद्र को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया है। जितेंद्र और जगदीश का अलवर में इलाज जारी है। मृतक के शव को लक्ष्मणगढ़ सीएचसी की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। दो घायलों को अलवर से जयपुर रेफर कर दिया। एक का अलवर जिला अस्पताल में इलाज जारी है। अलवर के राजगढ़ निवासी जितेंद्र ने कुछ दिन पहले ही नई स्कॉर्पियों खरीदी थी। जिसे मॉडीफाई कराने के लिए दिल्ली गए थे। दिल्ली से लौटते समय लक्ष्मणगढ़ के निकट चैनल नंबर 122 के पास तेज धमाके के साथ कार पलटती चली गई। इतनी तेज रफ्तार में पलटी कार चकना चूर हो गई। कार की पूरी बॉडी मुरझा गई। हादसे का कारण कार का अचानक बैलेंस बिगड़ना बताया गया है। अब पुलिस मामले की जांच करने में लगी है। घायलों में धर्मेन्द्र पुत्र पप्पूराम जागा उम्र 26 साल निवासी राजगढ़, जितेंद्र पुत्र पप्पूराम जागा वार्ड नंबर 6 निवासी राजगढ़, राकेश पुत्र जगदीश उम्र 21 साल निवासी राजगढ़, डेनी पुत्र पप्पूराम उम्र 30 साल निवासी राजगढ़ शामिल हैं।  

भीषण सड़क हादसा बाराबंकी में, 6 की मौके पर मौत, कुल 8 मृतकों की पुष्टि

बाराबंकी  यूपी के बाराबंकी जिले में देवा-फतेहपुर मार्ग पर सोमवार देर रात बिशुनपुर कस्बे के पास कल्याणी नदी पुल पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़कर आठ हो गया है. मंगलवार सुबह लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दो गंभीर घायलों ने भी दम तोड़ दिया. सोमवार रात हुए इस हादसे में छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी. मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ट्रक और कार की भीषण टक्कर जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक और बिना नंबर की अर्टिगा कार की कल्याणी नदी पुल पर आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि अर्टिगा कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से दो को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था. दोनों ने मंगलवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. गंगा स्नान से लौट रहे थे कार सवार मृतकों में ड्राइवर श्रीकांत शुक्ला, बालाजी, प्रदीप सोनी, उनकी पत्नी माधुरी सोनी, पुत्र नितिन और नैमिष निवासी फतेहपुर कस्बा शामिल हैं. जबकि इंद्र कुमार और विष्णु शुक्ला ने लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ा. सभी लोग कानपुर के बिठूर में गंगा स्नान कर लौट रहे थे. वहीं हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में मातम पसर गया. तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह हादसे की सूचना पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की. एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार हादसे की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि सभी शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा जाएगा. 

हाइवे पर चट्टान का मलबा गिरा, बाल-बाल बचे वाहन सवार

उदयपुर शनिवार सुबह उदयपुर-गोगुंदा हाइवे पर बड़ा हादसा टल गया। होटल कीर्ति राज के सामने विकेट मोड़ पर पहाड़ से अचानक चट्टान का हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। अचानक गिरे मलबे से हाईवे पर अफरातफरी मच गई। उस वक्त दो कारें वहां से गुजर रही थीं, लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते गाड़ी रोक दी। इससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिछले चार दिनों से क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर हो गई है। इसी वजह से चट्टानें खिसकने का खतरा बना हुआ था। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इसी पहाड़ी पर एक और बड़ा हिस्सा दरक चुका है, जो कभी भी नीचे गिर सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मलबा हटाने के कार्य की निगरानी की और वाहनों को सतर्कता से मार्ग पार करने की हिदायत दी। साथ ही गोगुंदा की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बारिश के दौरान गति धीमी रखें और पहाड़ी मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतें।