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शर्टलेस प्रदर्शन पर कार्रवाई: उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस रिमांड

नई दिल्ली दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन केस में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रवि ने एआई समिट प्रोटेस्ट में चिब की भूमिका के बारे में उनसे पूछताछ करने के लिए दिल्ली पुलिस को 4 दिन की कस्टडी दी है। क्या है मामला एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस सदस्यों ने बीते शुक्रवार को सम्मेलन स्थल भारत मंडपम के हॉल नंबर 5 के अंदर शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार तथा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपी हुई टी-शर्ट हाथ में लेकर नारे लगाए थे, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया। आरोपी पक्ष ने अभियोजन पक्ष की रिमांड याचिका का विरोध किया तथा इस बात से इनकार किया कि कोई "दंगे जैसी स्थिति" बनी थी। प्रदर्शन में शामिल लोगों को पीटने का आरोप उन्होंने हिरासत में लेकर टी-शर्ट बरामद करने की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोग निहत्थे थे और उन्हें पीटा गया था। आरोपी ने इसे "आलोचना का साधारण मामला" बताते हुए सवाल किया, "क्या हम आलोचना भी नहीं झेल सकते?" उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस पर हमला करने या देश की संप्रभुता को खतरे में डालने का कोई इरादा नहीं था। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के वकील ने यह दलील दी कि उनके मुवक्किल घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे और उनसे पहले ही पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने रिमांड याचिका को "तुच्छ और अप्रासंगिक" बताया। साथ ही, उन्होंने अभियोजन पक्ष से प्रथम दृष्टया कोई साजिश का प्रमाण प्रस्तु करने के लिए कहा। सरकारी वकील अतुल कुमार श्रीवास्तव ने प्रतिवाद करते हुए कहा कि आरोपी घटनास्थल पर खुद मौजूद नहीं थे, लेकिन ‘हर चीज पर वह निगरानी कर रहे थे’ और वह ही इस घटना के 'मास्टरमाइंड' थे। उन्होंने कहा कि आरोपी की इसकी पर्याप्त जानकारी थी कि इस कृत्य से दंगे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में चिब की ‘एक्सट्रा जिम्मेदारी’ है। दिल्ली पुलिस शुक्रवार को इस सिलसिले में बिहार से यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण हरि; बिहार के स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव; उत्तर प्रदेश के स्टेट प्रेसिडेंट अजय कुमार; और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव को समिट में एक एग्जीबिशन हॉल के अंदर 'शर्टलेस प्रोटेस्ट' करने के लिए गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थीं, जिन पर सरकार और इंडिया-US ट्रेड डील के खिलाफ नारे लिखे थे। यह भी कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने वेन्यू पर तैनात सिक्योरिटी वालों और पुलिस स्टाफ के साथ हाथापाई भी की थी।  

AI समिट में बवाल: यूथ कांग्रेस का अनोखा विरोध, कपड़े उतारकर किया प्रदर्शन, पुलिस ने किया हिरासत में

नई दिल्ली नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारी शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने जुड़े सूत्रों ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि यूथ कांग्रेस के सदस्य होने का दावा करने वाले करीब 10 लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।" जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल लोग QR-कोड वाले पास का इस्तेमाल कर इवेंट में घुसे थे। फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सभी जरूरी कानूनी कदम उठाएंगे।" भड़की बीजेपी भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी का नाम लेकर इस घटना पर नाराजगी जताई है। भाजपा के IT सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालवीय ने इसे पूरे देश देश के लिए शर्मिंदगी का विषय बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ऐसे समय में जब भारत एक मशहूर ग्लोबल AI समिट होस्ट कर रहा है, जिसमें टेक्नोलॉजी में अपने इनोवेशन और लीडरशिप को दिखाया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्जत देने के बजाय हंगामे को चुना।” उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए लिखा, राहुल गांधी की लीडरशिप में, कांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर समारोह में हंगामा किया, यह काम साफ तौर पर दुनिया के मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था। जब देश खुद को ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसा बर्ताव सिर्फ उन लोगों के फायदे में है जो भारत को गिरते हुए देखना चाहते हैं। राजनैतिक विरोध एक लोकतांत्रिक हक है, लेकिन भारत की ग्लोबल इमेज को नुकसान पहुंचाना नहीं। भारत इससे बेहतर का हकदार है।”  

AI समिट बना सियासी अखाड़ा, कांग्रेस पर भड़कीं सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली  दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बेहद ही शर्मनाक बताया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भारत मंडपम में जारी 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' आज भविष्य की दिशा तय कर रहा है, लेकिन कांग्रेस द्वारा किया गया तमाशा बेहद शर्मनाक है। जब भी देश अपना सामर्थ्य दिखाता है या कोई बड़ा वैश्विक आयोजन होता है तो कांग्रेस को जैसे मरोड़ उठने लगती है और वह बाधा बनकर खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि विदेशी मेहमानों के सामने आज जो हुड़दंग मचाया गया, वह भारत की साख बिगाड़ने का कांग्रेस द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र है। राहुल गांधी का नकारात्मक नेतृत्व एक सोची-समझी रणनीति के तहत देश की छवि धूमिल करने पर उतारू दिखाई देता है। यह कृत्य हर उस भारतीय को शर्मिंदा करने वाला है जो देश की प्रगति पर गर्व करता है। जनता देख रही है कि एक ओर भारत ‘प्रौद्योगिकी महाशक्ति’ बन रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति का स्मारक और सड़क छाप तमाशों की केवल खबर बनकर रह गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में नाटकीय प्रदर्शन कर विश्व समुदाय के सामने भारत की छवि धूमिल करने के प्रयास ने एक बार फिर कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी विचारधारा को उजागर किया है। भारत का विरोध कर देश के दुश्मनों का एजेंडा चलाने वाली कांग्रेस ने आज करोड़ों देशवासियों के स्वाभिमान को चुनौती दी है। हालिया व्यापार समझौतों को लेकर भ्रम फैलाना हो या ऑपरेशन सिंदूर और गलवान पर वीर जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाना, आज कांग्रेस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह एक कमजोर विपक्ष ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि राष्ट्रीय गौरव से ऊपर राजनीति नहीं हो सकती। राजनीतिक हताशा में देश की प्रतिष्ठा पर वार करना लोकतंत्र नहीं, राष्ट्र के सम्मान के खिलाफ साजिश है। जब देश विश्वस्तरीय एआई समिट की मेजबानी कर तकनीक, नवाचार और नेतृत्व की नई पहचान स्थापित कर रहा है, उस समय कांग्रेस के नेतृत्व में किया गया अशोभनीय प्रदर्शन न केवल गैर-जिम्मेदाराना बल्कि अत्यंत निंदनीय है। राजनीतिक विरोध के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का यह प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय गरिमा दोनों के विपरीत है। उन्होंने आगे कहा कि आज जब भारत विश्व की अग्रणी तकनीकी शक्तियों में स्थान बना रहा है, तब ऐसे कृत्य यह प्रश्न उठाते हैं कि क्या कुछ दलों के लिए दलगत राजनीति राष्ट्रहित से भी ऊपर है। भारत की प्रतिष्ठा और सम्मान किसी भी राजनीतिक एजेंडे से बड़े नहीं हैं, और उन्हें आघात पहुंचाने वाला हर व्यवहार स्पष्ट रूप से निंदनीय है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह बहुत निंदनीय और शर्मनाक है। यह बहुत शर्म की बात है कि कांग्रेस पार्टी इतने नीचे गिर गई है। आज भारत मंडपम में उन्होंने जो किया, वह उनकी भारत विरोधी हरकतों का प्रदर्शन है जो चरम पर है, और वे एक बार फिर बेनकाब हो गए हैं। यह दुनिया के सामने भारत के टेक लीडरशिप के ऐतिहासिक पल को रोकने के लिए एक सिस्टमैटिक, अच्छी तरह से प्लान की गई स्ट्रैटेजी थी। बहुत शर्म की बात है। हम ऐसी घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं और भारत के नाम और सम्मान को खराब करने की क्रूर कोशिश के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।

AI शिखर सम्मेलन के लिए भारत सबसे उपयुक्त: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि भारत वैश्विक मामलों में प्रभाव रखने वाली एक 'बेहद सफल' उभरती अर्थव्यवस्था है और यह एआई शिखर सम्मेलन के लिए उपयुक्त स्थान है। 'इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026' से गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम मेधा (AI) से पूरी दुनिया को लाभ होना चाहिए, न कि यह केवल विकसित देशों या दो महाशक्तियों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार हो। उन्होंने कहा, 'मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई देता हूं। यह अत्यंत आवश्यक है कि एआई का विकास हर किसी के लाभ के लिए हो और 'ग्लोबल साउथ' के देश भी एआई के लाभ का हिस्सा बनें।' 'ग्लोबल साउथ' से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला है जो 'ग्लोबल साउथ' के किसी देश में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा और यह 'लोग, धरती और प्रगति' के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है। गुतारेस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि ''यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि एआई केवल सर्वाधिक विकसित देशों का विशेषाधिकार हो'। गुतारेस की इस टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन पर केन्द्रित माना जा रहा है। गुतारेस ने कहा, ''यह बेहद आवश्यक है कि कृत्रिम मेधा मानव जाति के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक साधन बने।' उन्होंने कहा, 'भारत की भूमिका आज एक बेहद सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है और यह न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में बल्कि वैश्विक मामलों में भी लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत बिल्कुल उपयुक्त जगह है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि एआई की अपार संभावनाओं एवं इसके सभी जोखिमों के साथ इस पर गहराई से चर्चा हो क्योंकि एआई पूरी दुनिया से संबंधित है, न कि केवल कुछ लोगों से।' सम्मेलन में कौन से नेता लेंगे हिस्सा विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिन नेताओं ने शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज पेरेज-कास्टेजोन, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भी 'एआई इंपैक्ट समिट' में शामिल होने की पुष्टि की है।