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अखिलेश यादव का BJP पर करारा वार: 5 बड़ा या 7, PDA को बताया अपमानित

लखनऊ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर करारा तंज कसा है. उन्होंने इसे PDA समाज का अपमान बताया है. अखिलेश यादव ने पोस्ट कर कहा कि, 5 बड़ा या 7 ? विधायक बड़ा या सांसद ? राज्य बड़ा या केंद्र ? राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का? फिर सवाल ये है कि 5 बार के विधायक को भाजपाई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाते हैं और 7 बार के सांसद को राज्य का अध्यक्ष. आगे अखिलेश यादव ने कहा, इसका तर्क क्या है. दरअसल इसका कोई तर्क भाजपा के पास नहीं है. इसका कारण सिर्फ़ ये है कि प्रभुत्ववादी भाजपाई ये संदेश देना चाहते हैं कि PDA समाज का व्यक्ति कितना भी क़ाबिल हो पर वो वर्चस्ववादियों के आगे एक सीमा से आगे नहीं बढ़ सकता है. आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि भाजपा ने पीडीए समाज को नीचा दिखाने को लिए ये नया तरीका अपनाया है. ये अपमान पीडीए समाज अब और नहीं सहेगा. अब अपनी पीडीए सरकार बनाएगा, पीडीए को मान दिलाएगा.

यूपी बीजेपी का बड़ा दांव: नए अध्यक्ष के सहारे 2024 की भरपाई, अखिलेश यादव की रणनीति पर सीधा वार

लखनऊ   दो साल के इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश को जल्द ही नया बीजेपी अध्यक्ष मिलने वाला है। शनिवार यानी आज चुनाव का ऐलान और नामांकन की प्रक्रिया हो सकती है। वहीं रविवार को नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा की संभावना है। इस बीच बड़े नेताओं के लखनऊ पहुंचने का सिलसिला शूरू हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बड़े कार्यक्रम और धूमधाम के साथ नए अध्यक्ष का ऐलान हो सकता है। हालांकि यूपी बीजेपी की कमान किसे मिलने वाली है इसपर सस्पेंस अभी खत्म नहीं हुआ है। जमीनी रिपोर्ट्स की मानें तो बीजेपी इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए ऐसे नेता को पार्टी की कमान दे सकती है जो कि अखिलेश यादव के पीडीए फार्मुले का तोड़ बन जाए। ऐसे में संभावना किसी ओबीसी नेता को यह बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। सूत्रों की मानें तो ओबीसी और ब्राह्मण समुदाय के नेता इस रेस में हैं। बताया जा रहा है कि ओबीसी समाज से आने वाले केंद्यीर राज्य मंत्री पंकज चौधरी के नामांकन का पूरा प्लान है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री धर्मपाल लोधी और बीएल वर्मा के नाम पर भी चर्चा की गई है। कयास बहुत लगाए जाते हैं पर बीजेपी ऐसी पार्टी है जो कि हर फैसले में लोगों को चौंका देती है। ऐसे में यूपी में बीजेपी की दशा और दिशा तय करने की अहम जिम्मेदारी किसे दी जाएगी इसपर स्पष्टता से कुछ नहीं कहा जा सकता। बीजेपी निकालेगी एसपी के पीडीए की काट? 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कुर्मी चेहरों को ज्यादा तवज्जो दी थी। इस वजह से बीजेपी को कुर्मी वोटों को नुकसान उठाना पड़ा था। 2022 तक यह वोट बीजेपी के ही साथ था। बीजेपी चाहती है कि यह वोटबैंक फिर से पार्टी के साथ आ जाए। पूर्वांचल के करीब 20 जिलों में कुर्मी वोटों को खूब दबदबा है। इनकी आबादी करीब 9 फीसदी बताई जाती है। यादवों के बाद सबसे ज्यादा कुर्मियों की आबादी है। इसके अलावा बीजेपी अपना दल के दबाव को भी कम करना चाहती है। बीजेपी चाहती है कि वह संदेश दे कि वह सभी वर्गों का खयाल रखती है। इस रेस में धर्मपाल लोधी का नाम भी आगे है। कल्याण सिंह के बाद उत्तर प्रदेश में लोधी समाज से कोई बड़ा चेहरा आगे नहीं आया। जबकि यह समाज बीजेपी के साथ ही खड़ा है। पश्चिम और मध्य यूपी में लोधी समाज का अच्छा दखल है। ऐसे में इसमें भी अश्चर्य नहीं होगा कि बीजेपी को लोध समाज से नया अध्यक्ष मिल जाए। बात निषाद समाज की हो तो बीजेपी की पकड़ इस समाज पर कमजोर है। इस वजह से बीजेपी को गठबंधन का सहारा लेना पड़ता है। इसमें आश्चर्च नहीं होगा अगर बीजेपी इस समाज से अपना अध्यक्ष चुनती है। बिहार चुनाव में निरंजन ज्योति को बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं ब्राह्मण चेहरे की बात करें तो पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी और यूपी बीजेपी महामंत्री गोविंद शुक्ला को संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि 2027 के चुनाव को ध्यान में रखकर ही यूपी बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।  

बिहार में NDA की धांधली जीत, अखिलेश यादव का बयान: हजम नहीं हो रहा

बेंगलुरु समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव के रिजल्ट पर बड़ा बयान दिया। रविवार को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नतीजे हजम नहीं हो रहे। अखिलेश ने कहा, 'आप चुनाव जीत सकते हैं या हार सकते हैं। हम लोग उनसे सीखते रहते हैं। आप लोकप्रिय हो सकते हैं, लेकिन भाजपा की मशीनरी और उनका काम करने का तरीका देखिए, जो ग्रासरूट स्तर तक जाते हैं। उदाहरण के लिए, उन्होंने कहना शुरू कर दिया है कि महिलाओं ने उन्हें बहुत ज्यादा वोट दिए। ये तो कहा जा सकता है कि उन्हें ज्यादा महिलाओं के वोट मिले। लेकिन आप कब तक 10 हजार रुपये देंगे? आप सम्मान की जिंदगी कब देंगे?' उन्होंने कहा कि अब आप 10 हजार उन लोगों को दे रहे हैं, जिनके अपने साथ रह नहीं पाते। ये दुखद है। अखिलेश यादव ने कहा, 'बिहार और यूपी ऐसे राज्य हैं जहां सबसे ज्यादा लोग पलायन करते हैं। वे अपने परिवारों को छोड़कर चले जाते हैं। परिवार की तरह परिवार के साथ रहे, सरकार उसके लिए काम नहीं कर रही। बस 10 हजार दे दो और वोट ले लो। बाद में तो जैसा अन्य राज्यों में किया, नंबर्स कम कर दो, नियम बना दो। फिर पता चला कि हमारी मां-बहनें मदद नहीं ले पा रही हैं। महाराष्ट्र या किसी भी राज्य में ऐसा ही होता है।' एनडीए की इतनी बड़ी जीत पर अखिलेश यादव ने कहा, '202 – डबल सेंचुरी! हजम नहीं हो रहा है। मैं समझ नहीं पा रहा कि रिजल्ट कैसा है। अगर हम 200 सीटें पा सकते हैं, तो जहां ज्यादा सीटें हों – 70-80% – कोई भी राजनीतिक पार्टी जीत सकती है। तो अन्य पार्टियां, जो 90% लोगों के साथ काम कर रही हैं, वे उनसे बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। अगर ये बेंचमार्क है, तो हमें इसे पार करना होगा।' डबल इंजन को झटके की दिलाई याद सपा अध्यक्ष ने कहा कि हम हार से सीखते हैं। और सीखने का अवसर मिलता है जब आप नीचे पहुंच जाते हैं। तब सोचते हैं कि वे ऊपर कैसे आएं। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है कि हमें 5 सीटें मिली थीं। मैं सरकार को मनाने में असमर्थ था। उसके बाद डबल इंजन आया। हमने उन दो डबल इंजनों को हराया। उन्होंने इतनी सीटें गंवाईं कि शायद वे अभी भी कल्पना न कर पाएं।' उन्होंने कहा कि अब बिहार की जीत यूपी की जीत के बराबर नहीं हो सकती। यूपी ने अलग जीत हासिल की है, बिहार की जीत अलग है। आप बिहार को जीत सकते हैं, लेकिन यूपी में जो हुआ, वो देखा है। हमारे पास बिहार को जीत में बदलने का समय है। इसके लिए हम तैयार हैं। यूपी में विधानसभा चुनाव दूर नहीं है।

बीजेपी और सहयोगी लोकतंत्र के खिलाफ, लूटतंत्र के पक्ष में: अखिलेश का आरोप

लखनऊ समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीवीपैट पर्चियां कूड़े में पड़ी मिलने पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सच्चे स्वच्छ भारत’ के लिए भाजपा राज में चुनाव आयोग के कुछ लोगों द्वारा फैलाया गया धांधलियों का कूड़ा हटना भी ज़रूरी है।  भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं, लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके संगी-साथी लोकतंत्र में नहीं लूटतंत्र में विश्वास करते हैं। इन्होंने आजादी के पहले से लेकर आज तक सदैव पिछले दरवाज़ेवाली, ख़ुफ़ियाखोरी का काम किया है। इन मुख़बरीजीवी लोगों की ये सेंधमारी अब खुल गई है और जनता घपले-घोटालों को सहने की सीमा पार कर चुकी है। ये पिछले दरवाज़ेवाले अपने अगले दरवाजे की जन-दस्तक को सुनें। सपा मुखिया ने कहा कि चुनाव आयोग में ईमानदार लोगों की उपेक्षा हो रही है। मिलीभगत से चुनावी गोरखधंधे में संलिप्त कुछ अधिकारियों की वजह से चुनाव आयोग की शुचिता और प्रतिष्ठा पर जो आँच आई है, उसे दूर करना ही होगा। भ्रष्टों का भंडाफोड़ लगातार जारी रखना है। दीमक की तरह लोकतंत्र को अंदर से खोखला करने वालों के दिन अब लद गये हैं। नई पीढ़ी, नये भविष्य का निर्माण करेगी। ज्ञात हो कि बिहार विधानसभा चुनाव के बीच में समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई पाई गईं। जिनका एक वीडियो वायरल हो रहा है।  बताया गया कि इस विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि 8 नवंबर को ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में वीवीपैट पर्चियां देखीं। राजनीतिक मामला गरमाया है। सूचना मिलते ही समस्तीपुर के जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सभी पर्चियों को मौके से जब्त कर लिया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इस पूरे मामले का वीडियो वायरल होने पर सियासत गर्म है।

अखिलेश से मिले आजम खान: बोले– मुलाकात में क्या बात हुई, खुद बताई पूरी कहानी

लखनऊ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। मुलाकात के बाद आजम खां ने खुद बताया कि अखिलेश यादव से उनकी किन मुद्दों पर बात हुई। आजम खां 23 महीने बाद 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहा हुए थे। इसके बाद अखिलेश यादव ने रामपुर जाकर बंद कमरे में आजम से मुलाकात की थी। दो घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद आजम खां ने तब कुछ भी नहीं कहा था। अब जेल से निकलने के 44 दिन बाद उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की। मुलाकात के बाद आजम खां ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज की हमारी मुलाकात का मकसद ये साबित करना था कि इतनी ऐतिहासिक नाइंसाफी के बाद भी कुछ लोग ऐसे हैं जो ये साबित कर सकें कि आज के दौर में भी कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी बर्दाश्त करने की क्षमता किसी पत्थर और पहाड़ से कहीं ज्यादा है। मैं यहां पर मेरे साथ, मेरे परिवार के साथ और मेरे शहर के साथ जो कुछ हुआ उसकी दास्तान लेकर आया था। हमारे कई और साथी अभी भी जेलों में हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम जब भी आपस में मिलते हैं तो उन दर्द भरे लम्हों को गवाह बनाते हैं जिन्हें आने वाली पीढ़ियां याद रखें कि किसी के साथ ऐसा भी हुआ था। उन्होंने कहा कि जो मेरे साथ हुआ उससे मीडिया के द्वारा बनाई गई मेरी छवि में भी शायद बदलाव आया है और आप लोग शायद मुझे समझ पा रहे हैं। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मुलाकात की तस्वीर एक्स पर पोस्ट की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा कि न जाने कितनी यादें संग ले आए। जब वो आज हमारे घर पर आए! ये जो मेलमिलाप है यही हमारी साझा विरासत है। इसके पहले आजम खां ने गुरुवार को सपा के कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात की थी और कई मुद्दों पर चर्चा की।

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष और एमएलसी डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल का अखिलेश यादव पर करारा प्रहार

  बोलेः अखिलेश ने मान्यवर कांशीराम और बाबा साहब का किया अपमान, जेपीएनआईसी में जमकर लूटा जनता का पैसा योगी सरकार ने किया स्मारकों का संरक्षण, सपा राज में अंधकार में डूबा था आंबेडकर स्मारकः डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि सपा शासनकाल (2012–2017) दलितों के अपमान, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि जिस समय पूरे देश में मान्यवर कांशीराम जी के नाम से बने संस्थानों को सम्मान दिया जा रहा था, उसी समय अखिलेश यादव ने उनके नाम को मिटाने का काम किया। डॉ. निर्मल ने कहा कि लखनऊ का उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, जो मान्यवर कांशीराम जी के नाम से था, उससे नाम हटाया गया। यही नहीं, कांशीराम जी के नाम से चलने वाली सभी सरकारी योजनाओं के नाम भी बदल दिए गए। यह कृत्य दलितों के सम्मान पर गहरी चोट थी। उन्होंने कहा कि बहन मायावती जी की रैली ने समाजवादी पार्टी के असली चरित्र का पर्दाफाश कर दिया है जो दलित विरोधी और महापुरुषों के प्रति अपमानजनक रवैया रखने वाली पार्टी है। अखिलेश के राज में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का प्रतीक बना जेपीएनआईसी सपा सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के प्रतीक बने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना की शुरुआत ₹200 करोड़ की लागत से हुई थी, लेकिन 2017 तक इसकी लागत बढ़कर ₹867 करोड़ हो गई और फिर भी परियोजना अधूरी रही। ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से यह केंद्र “कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का अड्डा” बन गया। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने आते ही जेपीएनआईसी समिति को भंग कर यह परियोजना एलडीए के सुपुर्द की, ताकि इसे पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा सके। सरकार ने ₹882.74 करोड़ की धनराशि ऋण के रूप में स्थानांतरित कर दी है, जिसे 30 वर्षों में लौटाया जाएगा। अब इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक ऑडिटोरियम, कन्वेंशन सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मल्टीपरपज कोर्ट और मल्टीलेवल पार्किंग (750 वाहनों की क्षमता) का निर्माण कराया जा रहा है। इसे अब इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तर्ज पर लर्निंग सेंटर के रूप में जनता के लिए खोला जाएगा, न कि अखिलेश यादव के शासनकाल में लूट के केंद्र के रूप में। अखिलेश ने दलितों का किया उत्पीड़न डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश यादव जिस कांग्रेस के साथ आज गलबहियां कर रहे हैं, उसी कांग्रेस ने देश में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया था। यह वही कांग्रेस है जिसने बाबा साहब को भारत रत्न देने में देरी की, उनके नाम पर कोई प्रतिमा नहीं लगवाई और प्रमोशन में आरक्षण के बिल को संसद में फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि अब अखिलेश यादव संविधान की किताब लेकर घूम रहे हैं ताकि अपने पापों को छुपा सकें, लेकिन जनता सब जान चुकी है। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी ने न सिर्फ दलितों के आरक्षण का विरोध किया, बल्कि लाखों दलित कर्मचारियों का रिवर्जन कर दिया, उनकी जमीनों पर अवैध कब्जे कराए और उत्पीड़न किया। 2012 से 2017 के बीच डॉ. आंबेडकर स्मारक में रातभर अंधेरा रहता था, लाइटें बंद थीं, पत्थर टूटे पड़े थे, पीतल की पट्टिकाएं उखाड़ी गई थीं। सपा ने स्मारकों को नष्ट करने का काम किया। इसके विपरीत, योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी ईमानदारी से बाबा साहब आंबेडकर की धरोहरों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया। उन्होंने कहा कि डॉ.बाबा साहब आंबेडकर हमारी आस्था के केंद्र हैं। भारतीय जनता पार्टी ने न केवल उनके विचारों को सहेजा, बल्कि उनके सभी पांच तीर्थ स्थलों का विकास किया, दलितों को आर्थिक सशक्तिकरण दिया, संसद और विधान परिषद में प्रतिनिधित्व बढ़ाया। यही सच्चा सामाजिक न्याय है।” दलित समाज को भ्रमित नहीं कर पाएंगे सपा और कांग्रेस डॉ. निर्मल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां परिवारवाद की कोई जगह नहीं, अध्यक्ष और नेताओं का चयन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है। जबकि कांग्रेस, सपा और बसपा जैसी पार्टियां परिवारवाद को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि जो कहते हैं कि बसपा को योगी आदित्यनाथ की जरूरत है, उन्हें यह समझना चाहिए कि योगी जी ने जिस ईमानदारी और पारदर्शिता से बाबा साहब के स्मारकों को सम्मान दिया है वह किसी अन्य सरकार ने कभी नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश का दलित समाज जाग चुका है। उत्तर प्रदेश की जनता जान चुकी है कि कौन दलितों के अधिकारों की रक्षा करता है और कौन उन्हें भ्रमित करता है। 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी का वही हश्र होगा जो कांग्रेस का हुआ, जनता उसे पूरी तरह खारिज कर देगी। जेपी के नाम पर फाइव स्टार प्रोजेक्ट समाजवाद नहीं, अमीरों की मौज-मस्ती थीः असीम अरुण योगी सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी कहने वाले अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर जो परियोजना बनाई थी, वह समाजवाद नहीं बल्कि विलासिता और दिखावे का प्रतीक थी। मंत्री ने कहा कि जयप्रकाश नारायण जी ने हमेशा सादगी और गरीबों के कल्याण का संदेश दिया, जबकि अखिलेश सरकार ने उनके नाम पर फाइव स्टार सुविधाओं वाला प्रोजेक्ट खड़ा करने की योजना बनाई थी। असीम अरुण ने कहा कि यह बड़े अचरज की बात है जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर लखनऊ में एक फाइव स्टार व्यवस्था बनाई जा रही थी। अखिलेश यादव जी द्वारा इस फाइव स्टार व्यवस्था में बिल्डिंग के ऊपर एक हेलीकॉप्टर उतरने की जगह बनाई गई थी। ऊंचे तल पर स्विमिंग पूल बनाया गया था। फाइव स्टार कमरे बनाए गए। इसको समाजवादी उद्देश्य की पूर्ति के लिए कहा जाए तो इससे ज्यादा हंसी की बात और क्या होगी। साथ ही साथ भ्रष्टाचार का इसमें जो आलम रहा वो तो और अनूठा था। एक समिति बनाई गई जिसे पहले 200 करोड रुपए दिए गए और बाद कुल 867 करोड रुपए प्रदान कर दिए गए। फिर भी वह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। अब इस पूरे प्रोजेक्ट की जांच चल रही है और सीएजी ने भी इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। योगी सरकार इस प्रोजेक्ट को वापस ला रही है, लेकिन ध्यान रखा जा रहा है कि यह अमीर लोगों की मौज … Read more

रामपुर में सियासी हलचल: अखिलेश-आज़म की तीन साल बाद मुलाकात, मीडिया पर रोक

मुरादाबाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार दोपहर बाद रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में उतरा। इसके बाद वह सीधे आजम खां के घर पहुंचे। लगभग तीन साल बाद अखिलेश यादव की आजम खां से आमने-सामने मुलाकात हो रही है। उनके पहुंचते ही यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को आजम के घर के बाहर ही रोक दिया है। अखिलेश यादव का काफिला जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा तो सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की भीड़ नारे लगाती रही। जिले के सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता पहले से ही यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मंगलवार से ही सतर्क था। जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के आसपास कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खुफिया विभाग ने भी इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खां के बीच यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चलेगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे गिले-शिकवे दूर करने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जानेंगे। प्रशासन ने अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आजम खां के मोहल्ले की ओर जाने वाले कई रास्तों और दुकानों को बंद करा दिया गया है। सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर जबरदस्त उत्साह है। रामपुर में अखिलेश से मिलेंगे सपाई, दफ्तर प्रकरण पर होगी चर्चा समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर जिला कार्यालय विवाद पर उनके साथ चर्चा करेंगे। सपा को कार्यालय खाली करने के लिए प्रशासन ने चार दिनों की मोहलत दी ही हुई है जिसे लेकर सपाइयों में गहरा अंसतोष है। जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अनुसार पार्टी कार्यालय विवाद को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूरी जानकारी साझा की जाएगी और उनके निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। रामपुर में जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अलावा जिला महासचिव, कोषाध्यक्ष, महिला सभा की अध्यक्ष और युवा प्रकोष्ठ के कई पदाधिकारी भी जाएंगे जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीधा रिपोर्ट करेंगे।

पीडीए की एकता पर अखिलेश यादव का बयान: जाति ही हमारी ताकत, भाजपा घबराई

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जाति हमारा इमोशनल कनेक्ट है। पिछड़ों को जाति के आधार पर आरक्षण दिया गया है। मंडल कमीशन की प्रस्तावना में ये बात आई कि हम जाति के आधार पर पिछड़े हैं तो हमें आरक्षण मिला है। उन्होंने कहा कि भाजपा पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की एकता से घबरा गई है। जबसे हमने अलग-अलग विभागों में पीडीए की तैनाती के आंकड़े जारी किए हैं तब से भाजपा घबरा गई और लोगों को अपमानित कर रही है। अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे जिसमें उन्होंने योगी सरकार के आदेश कि एफआईआर, अरेस्ट वारंट या किसी भी दस्तावेज पर जाति नहीं लिखी जाएगी के आदेश पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हरिजन एक्ट तो जाति पर ही बना है। जिन लोगों ने गंगाजल से मकान को धुलवाया उन पर कार्रवाई हुई क्या? मैं जिस मंदिर में गया था उसके पंडित के मना करने पर भी भाजपा के लोगों ने मंदिर को धुलवाया। उन्हें बताना चाहिए कि ऐसा क्यों किया? पीडीए को अब समाजवादी पार्टी पर भरोसा है। भाजपा ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़े अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में भाजपा ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विधायक मंच से बोल रहे हैं कि 10 प्रतिशत कमीशन है उस पर बोलेंगे नहीं और हमें क्रीम, पाउडर और शैंपू में उलझा रहे हैं। हम भी बाजार जाएंगे। कहा कि जो लोग ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं उन्हीं से बात की जा रही है। अखिलेश यादव ने सपा में शामिल होने वाले सुधीर चौहान, पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह, विद्यासागर और लालजी भारती (बसपा से आए हैं) का स्वागत किया। किसानों के साथ अन्याय की कीमत पर विकास का समर्थन नहीं करते अखिलेश यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग षडयंत्र करते हैं और किसानों से उनकी जमीन जबरदस्ती ले लेते हैं। किसानों से धोखा करने का रास्ता विकास का रास्ता नहीं हो सकता है। ये लोग जो कानून हैं उन कानून की परवाह ना कर करके, दबाव बनाकर,  झूठे मुकदमें लगाकर, जमीन छीनने का काम करते हैं और ये सिलसिला चल रहा है। हम लोग इसका विरोध करते हैं और जब हमारी सरकार आएगी तो किसानों को सर्किल रेट बढ़ाकर मुआवजा दिया जाएगा। किसानों के साथ अन्याय की कीमत पर विकास को सही नहीं ठहराया जा सकता। 

अखिलेश यादव ने अयोध्या हार पर जताया दुख, कहा- देश में पैदा हो सकती है अस्थिरता

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारत में नेपाल जैसी स्थिति पैदा होने की बात कही। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया और कहा कि जो पड़ोस में जो जनता करती दिख रही है, हो सकता है कि वह यहां भी करती दिखाई देगी। यही नहीं उनका कहना था कि अयोध्या के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत के पीछे भी धांधली थी। अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या के चुनाव में 5000 लोग बाहर से लाए गए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है कि वोट चोरी न हो। पूरा देश जानता है कि इन्होंने रिवाल्वर निकाल कर वोट डाला गया था। उन्होंने कहा कि कुंदरकी के चुनाव में 77 फीसदी मतदान हुआ। अयोध्या के चुनाव में बाहर से लोग लाए गए। यहां वोट की डकैती हो रही है। नेपाल की तरह ही हो सकता है कि जनता सड़कों पर दिखाई दे। सिख समुदाय के एक डेलिगेशन से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब में बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है, हमारी मांग है कि नुकसान की पूरी तरह भरपाई हो। विकास परियोजनाओं के लिए पहले पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि पंचायती राज में 60 प्रतिशत कमीशन चल रहा है। एक बात साफ है- 2027 में आ रही है सपा, हमारी सरकार होगी अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में अंदरूनी लड़ाई चल रही है, भ्रष्टाचार पीक पर है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को स्मार्ट सिटी में तीन नंबर पर पहुंचाने वाली एजेंसी पर एफआईआर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जाएगी, तभी क्राइम जाएगा। उन्होंने कहा कि इस राज्य में किडनैपिंग बढ़ी है और क्राइम बढ़ा है। अखिलेश यादव ने कहा कि एक बात मैं कहने जा रहा हूं कि 2027 में सपा की सरकार आएगी। हम लोग सरकार बनाएंगे। 'हिरासत में मौतों का यूपी में बन रहा रिकॉर्ड' अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में हिरासत में मौतों का रिकॉर्ड बना रहा है। अब तक दूसरे लोग मारे जा रहे थे, अब उन्हें पता लग रहा होगा कि किसी अपने को खोने का दुख क्या होता है। उन्होंने गाजीपुर के सीताराम उपाध्याय की थाने में हुई पिटाई से मौत के प्रकरण की बात करते हुए कहा कि इसकी खुलकर निंदा होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि आखिर इन घटनाओं के पीछे कौन है। उन्होंने कहा कि आज एक और किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री आवास पर ज़हर खा लिया। यूपी के सीएम हाउस में जहर खाने का रिकॉर्ड बन रहा है। पंजाबी में लॉन्च हुआ अखिलेश यादव के लिए गाना इस दौरान अखिलेश यादव ने किसान आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिजनों को सम्मानित किया। यही नहीं एक पंजाबी गीत भी अखिलेश यादव के लिए लॉन्च किया गया। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस गाने को 2027 में चलाना है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर सिखों के हितों का पूरा ख्याल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेता जी ने भी सरकार में इस समुदाय से कैबिनेट मंत्री बनाया था।  

अखिलेश यादव की रणनीति: 2027 चुनाव में तीन जिलों को देंगे प्राथमिकता, खास घोषणा पत्र की तैयारी

लखनऊ 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पीडीए को अभी एकजुट करने में लग गई है। इस बीच गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की साजिशों के प्रति सावधान रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में आगरा, हाथरस एवं मथुरा के विकास के लिए तमाम योजनाएं शुरू की गई थी, जो भाजपा सरकार में अब बर्बाद हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का 2027 के चुनावों में इन तीनों जिलों के लिए अलग घोषणा पत्र होगा। जिसमें नई विकास योजनाओं की घोषणा होगी। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय पर आगरा, मथुरा और हाथरस जिलों के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के विरुद्ध चुनावों में धांधली की योजना बनाने की रणनीति पर काम करने में जुट गई है। जबकि जनता 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करना है। जातीय जनगणना से समाज के सभी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर हक और सम्मान मिल सकेगा। पीडीए पंचायतों से समाज में जाग्रति हुई है और लोगों को उसकी ताकत का एहसास भी हुआ है। पीडीए की ताकत से भाजपा घबड़ाई हुई है। उसे चुनाव में हार का डर दिखने लगा है। सपा प्रमुख ने कहा कि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वोट बनवाने, वोट डलवाने के साथ इस पर भी निगाह रखनी है कि अपने लोगों को वोट कटने न पाए। भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करके और मतदान में धांधली के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की पवित्रता को नष्ट करके सत्ता हासिल करने की साज़िश करती है। आगरा, मथुरा इंटरनेशनल सिटी है। इसलिए उसकी विशेष स्थिति भी है। अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन में भी उसकी प्रमुखता से गणना होती है। मथुरा भी विश्व स्तर पर जाना पहचाना नाम है। भगवान कृष्ण का जन्म स्थान है। वहां की पवित्रता बनाए रखना है। भाजपा तो सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग कर मथुरा की जनता को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि मथुरा में विकास कार्य सपा सरकार में ही हुए थे। भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ही नहीं, शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत गिरावट है। महंगाई कम नहीं हो रही हैं नौजवानों को नौकरियां नहीं मिल रही है। महिलाएं-बच्चियां असुरक्षित हैं। अपराधी बेलगाम हैं और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। जनता त्रस्त है। लोग परिवर्तन चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट होकर परस्पर सहयोगी बनकर चुनाव में बूथ स्तर तक सफलता हासिल करनी है। भाजपा ने लूट की इंतिहा कर दी है। भ्रष्टाचार चरम पर है। लोग किसी भी तरह भाजपा सरकार से छुटकारा पाने के लिए व्याकुल हैं। जनता की खुशहाली तभी मिलेगी जब भाजपा जाएगी, समाजवादी सरकार आएगी। छात्र, नौजवान, व्यापारी, किसान खुशहाल होगा और बहन-बेटियों सुरक्षित होंगी।