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राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के शुभारंभ पर बोले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह

लखनऊ. देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान गृह मंत्री ने प्रदेश की जनता से भावनात्मक और निर्णायक अपील करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को पूरी तरह रिजेक्ट करें और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाएं। उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को लेबर सोर्स स्टेट कहा जाता था, लेकिन आज यह भारत की इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बन चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के लिए, उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए और देश की सुरक्षा के लिए एक बार फिर यहां पूर्ण बहुमत की, प्रचंड बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनानी आवश्यक है। ये परिवारवादी पार्टियां चाहे कांग्रेस हो,  समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी, इस उत्तर प्रदेश का कल्याण नहीं कर सकतीं। उत्तर प्रदेश का कल्याण केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। प्रदेश को एक बार फिर सही दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लेना होगा अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश हर काल खंड में देश को सुरक्षित करने वाला राज्य बना है और आज उन्हें गर्व है कि फिर से एक बार इस प्रदेश में देशभक्ति की लौ जागृत हो चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014, 2017, 2019 व 2022 में उत्तर प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया और अगला साल चुनाव का साल है, जिसमें प्रदेश को एक बार फिर सही दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लेना होगा। मोदी व योगी ने उत्तर प्रदेश के भीतर विकास की सारी संभावनाओं को तराशा गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के भीतर विकास की सारी संभावनाओं को तराशकर अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। पीएम मोदी ने पूरे उत्तर प्रदेश को नेशनल हाईवे नेटवर्क से जोड़ने का काम किया है। आज उत्तर प्रदेश देश का वह राज्य है, जहां सबसे अधिक एयरपोर्ट हैं। भारत सरकार ने प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की, जहां ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि यह जो परिवर्तन देश के अंदर दिखाई दे रहा है, उसमें योगी सरकार की बड़ी भूमिका है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार को नेस्तनाबूत किया गया, कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया और हर गरीब के कल्याण के लिए ढेर सारी योजनाओं को जमीन पर उतारा गया। भाजपा सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि हर गांव तक 24 घंटे में कम से कम 20 घंटे बिजली जरूर पहुंचे। गृह मंत्री ने दोहराया कि आने वाले चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश का हर मतदाता जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को रिजेक्ट करे और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर महान राज्य उत्तर प्रदेश के सभी वासियों को अनंत शुभकामनाएं देते हुए वंदे मातरम और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपना संबोधन आगे बढ़ाया। उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का भव्य शुभारंभ राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने भारत माता की जय और जय श्रीराम का उद्घोष किया और उपस्थित जनसमूह ने भी उनका साथ दिया। उत्तर प्रदेश से आए सभी लोगों को राम-राम कहते हुए उन्होंने देश, दुनिया में रहने वाले सभी प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश दिवस की शुभकामनाएं दीं। 15 अगस्त 2047 तक उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर विकसित भारत का एक अहम राज्य होगा अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के साथ-साथ विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जा रहा है। जब 15 अगस्त 2047 को देश की आजादी की शताब्दी मनाई जाएगी, तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर विकसित भारत का एक अहम राज्य होगा। उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन है और भारत की आत्मा भी। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश भारत के विकास का इंजन बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश युग-प्रवर्तकों की पवन भूमि गृह मंत्री ने कहा कि इस भूमि को प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ, महावीर व बुद्ध जैसे अनेक युग-प्रवर्तक महानुभावों ने पावन किया है। उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आसमान छूती मूर्तियां आने वाले दशकों तक देश को दिशा देने का काम करेंगी। कूड़े के पहाड़ से प्रेरणा स्थल तक अमित शाह ने कहा कि जहां आज यह भव्य प्रेरणा स्थल खड़ा है, वहां कभी 65 एकड़ में कूड़े का पहाड़ था। भाजपा सरकार ने कूड़े को कंचन में बदलने की व्यवस्था की और यह स्थान आज पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। युवाओं को ब्याज-मुक्त लोन गृह मंत्री ने बताया कि हर साल एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त लोन दिया जा रहा है, जिसमें 10 प्रतिशत अनुदान भी शामिल है। अब तक 1,30,000 युवाओं को 5,322 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है। ओडीओपी और उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान गृह मंत्री ने कहा कि 2017 में जब दिल्ली में यूपी का घोषणा पत्र बन रहा था, तब वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट की कल्पना की गई थी। उस समय लोग संशय में थे, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में फैल चुकी है। इससे कारीगरों, युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उत्तर प्रदेश के हर जिले का व्यंजन मेला आज प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और पहचान को दुनिया के सामने रख रहा है। कार्यक्रम में पांच विशिष्ट व्यक्तित्वों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया गया। अमित शाह ने विशेष रूप से डॉ हरिओम पंवार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जागरूक करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। फूड बास्केट से लेकर फोर्स स्टेट तक अमित शाह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश का फूड बास्केट बन चुका है। पिछले तीन वर्षों में … Read more

नक्सलमुक्त भारत की ओर बड़ा कदम: झारखंड में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई—अमित शाह

नई दिल्ली झारखंड में माओवादियों के ढेर होने से नक्सलमुक्त अभियान को मिली बड़ी सफलता: अमित शाह नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में 1 करोड़ के कुख्यात इनामी नक्सली सेंट्रल कमेटी मेंबर 'अनल उर्फ पतिराम मांझी' और 15 अन्य नक्सलियों के मारे जाने पर कहा कि इससे नक्सलमुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इसके साथ ही उन्होंने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि हिंसा, आतंक और हथियारों से जोड़ने वाली विचारधारा को छोड़ विकास और विश्वास की मुख्यधारा से जुड़ें। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ''आज पश्चिमी सिंहभूम में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे एक जॉइंट ऑपरेशन में 1 करोड़ का कुख्यात इनामी नक्सली सेंट्रल कमेटी मेंबर 'अनल उर्फ पतिराम मांझी' और 15 अन्य नक्सलियों के अब तक एनकाउंटर से नक्सलमुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली। दशकों से भय और आतंक के पर्याय रहे नक्सलवाद को हम 31 मार्च 2026 से पहले समाप्त करने के लिए संकल्पित हैं। मेरी पुनः शेष बचे नक्सलियों से अपील है कि हिंसा, आतंक और हथियारों से जोड़ने वाली विचारधारा को छोड़ विकास और विश्वास की मुख्यधारा से जुड़ें।" झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार को सुरक्षाबलों को अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा और 15 नक्सली ढेर कर दिए गए। मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि मारे गए अन्य नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालु, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें से कई पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए ने लाखों रुपए के इनाम घोषित किए थे, और इन सभी के खिलाफ गंभीर नक्सली मामलों के दर्जनों केस दर्ज थे। ये सभी नक्सली केंद्रीय कमेटी सदस्य (सीसीएम) अनल उर्फ पतिराम मांझी के दस्ते के साथ झारखंड के कोल्हान इलाके में लंबे समय से सक्रिय थे। अनल दा पर झारखंड में एक करोड़ और ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख का इनाम घोषित था।

कांग्रेस प्रवक्ता की टिप्पणी पर BJP का हंगामा, अमित शाह को लेकर बोले- राज्य में फैल सकती है अशांति

बेंगलुरु कर्नाटक में कांग्रेस के प्रवक्ता एम. लक्ष्मण के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ और भ्रामक बयान देने को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम. ए. सलीम से मुलाकात कर की है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि एम. लक्ष्मण ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना के खिलाफ बिना किसी सबूत के गंभीर आरोप लगाए, जिससे राज्य में अशांति फैलने और जनता में डर और नफरत पैदा होने की आशंका है।   शिकायत के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को मैसूर स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एम. लक्ष्मण ने दावा किया कि अमित शाह के इशारे पर ही बेल्लारी में दंगा हुआ, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शव मिले। लक्ष्मण ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने अमित शाह का संदेश कुछ नेताओं तक पहुंचाया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान भाजपा पर “शव गिराकर राजनीति करने” जैसी बेहद आपत्तिजनक आरोप भी लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अगर अमित शाह का संदेश लाने वाले केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना की ब्राउन मैपिंग की जाए, तो साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा। उन्होंने दावा किया था कि वी. सोमन्ना के बेल्लारी जाने और जनार्दन रेड्डी और श्रीरामुलु से बातचीत करने के बाद ही दंगा हुआ। शांति भंग होने का खतरा भाजपा प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि ये बयान बिना किसी दस्तावेज़, सबूत या ठोस आधार के दिए गए हैं। शिकायत में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसे झूठे बयान (i) जनता के बीच डर, चिंता और अशांति पैदा कर सकते हैं। (ii) सरकार के खिलाफ नफरत और अविश्वास पैदा करने के इरादे से दिए गए हैं। (ii) केंद्र और राज्य सरकारों और जनता के बीच शांति और सद्भाव को बिगाड़ सकते हैं, और (iv) उच्च पदस्थ केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ झूठे आरोप फैलाकर लोगों को भड़का सकते हैं। पहले से लंबित हैं मामले प्रतिनिधिमंडल ने यह भी दावा किया कि एम. लक्ष्मण इससे पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं और उनके खिलाफ मानहानि के कई मामले पहले से अदालतों में लंबित हैं। भाजपा नेताओं ने पुलिस से मांग की है कि एम. लक्ष्मण के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक फायदे के लिए समाज की शांति और सौहार्द बिगाड़ने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत को संज्ञान में ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है।  

पश्चिम बंगाल पर अमित शाह की नजर, असंतुष्ट दिलीप घोष से मुलाकात कर साधा सियासी संतुलन

कोलकाता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अभी कुछ महीनों का वक्त बाकी है, लेकिन भाजपा अभी से ऐक्टिव हो गई है। यहां तक कि ज्यादातर बड़े राज्यों में चुनाव की कमान संभालने वाले होम मिनिस्टर अमित शाह ने खुद यहां संभाल लिया है। 2021 में 2 मई को बंगाल चुनाव के नतीजे आए थे और इस बार भी अप्रैल में ही मतदान कराए जा सकते हैं। इस बीच बुधवार को अमित शाह ने कोलकाता में तमाम भाजपा नेताओं के साथ बैठक की। यह मीटिंग कोलकाता के साल्ट लेक होटल में हुई। इसमें नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद थे। इसके अलावा तमाम दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रही। इस मीटिंग में दिलीप घोष की मौजदूगी ने सभी को चौंकाया। उनसे खुद अमित शाह ने मुलाकात की और कई मुद्दों पर बात की है। उनकी मौजूदगी इसलिए चर्चाएं बटोर रही है क्योंकि कुछ समय पहले तक ऐसी चर्चाएं रही हैं कि वह भाजपा से नाराज चल रहे हैं। वह ममता बनर्जी के साथ एक कार्यक्रम में भी नजर आए थे, जब सीएम भगवान जन्नाथ के एक मंदिर का लोकार्पण करने पहुंची थीं। चर्चा यहां तक थी कि वह टीएमसी में जा सकते हैं। लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। भाजपा की कोशिश है कि दिलीप घोष को साध लिया जाए। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें अहम भूमिका देकर फ्रंट पर लाया जा सकता है। इस बैठक में बंगाल के सभी पार्टी सांसदों, विधायकों को बुलाया गया था। यही नहीं कई नगर निगमों के नेता भी मौके पर थे। संगठन के भी कुछ प्रभावशाली लोगों को इसका न्योता दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में ज्यादातर उन नेताओं को ही बुलाया गया, जिन्हें विधानसभा इलेक्शन का टिकट मिल सकता है। इसके अलावा कुछ ऐसे सीनियर नेता भी बुलाए गए, जिन्हें चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी मिल सकती है। दरअसल दिलीप घोष का यहां पहुंचना कई नेताओं को हैरान करने वाला रहा। उन्हें बंगाल भाजपा के सबसे कामयाब प्रदेश अध्यक्षों में शुमार किया जाता है। दिलीप घोष क्यों कहे जाते हैं बंगाल भाजपा के सबसे कामयाब अध्यक्ष उनके ही दौर में 2019 में भाजपा को 18 सांसद मिले थे, जबकि 2014 में यह संख्या सिर्फ 3 की ही थी। फिर 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की असेंबली सीटों की संख्या 70 तक पहुंच गई। ऐसे में उनकी मौजूदगी को एक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अमित शाह ने साफ संकेत दिया कि वह भाजपा में एकजुटता चाहते हैं और ऐसे सभी नेताओं को एक मंच पर लाना चाहते हैं, जो पार्टी में एक बड़ा कद रखते हैं।  

ममता बनर्जी के किले में अमित शाह का शंखनाद, बोले— बंगाल को चाहिए बॉर्डर सील करने वाली सरकार

कोलकाता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को डर और घुसपैठ वाला शासन करार दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य को ऐसी सरकार की जरूरत है, जो बॉर्डर सील कर सके। शाह सोमवार रात कोलकाता पहुंचे थे, जहां उन्हें पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की है। शाह ने कहा, 'अप्रैल में बंगाल में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ की जगह विकास, विरासत और गरीब कल्याण की एक मजबूत सरकार बनाने का बंगाल की जनता का संकल्प दिखाई पड़ता है।' उन्होंने कहा, 'टीएमसी के 15 साल के शासन में भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और विशेषकर घुसपैठ से बंगाल की जनता भयभीत भी है, आशंकित भी है।' उन्होंने कहा, 'हम बंगाल की जनता को आश्वासन भी देना चाहते हैं और वादा भी करते हैं कि मोदी जी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही यहां की विरासत को पुनर्जीवित करेंगे, विकास की गंगा फिर से तेज गति से बहेगी और गरीब कल्याण को प्राथमिकता देंगे।' उन्होंने कहा, 'बंगाल की सीमा से हो रही घुसपैठ सिर्फ बंगाल का मामला नहीं है, यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। देश की संस्कृति को बचाना है, देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, तो बंगाल की सीमाओं को सील करने वाली सरकार लानी पड़ेगी। यह टीएमसी नहीं कर सकती, यह सिर्फ भाजपा कर सकती है।' भाजपा सरकार बनने का दावा शाह ने कहा, '14 वर्षों से भय और भ्रष्टाचार, बंगाल की पहचान बना हुआ है। 15 अप्रैल, 2026 के बाद जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तब बंग गौरव, बंग संस्कृति और उसके पुनर्जागरण की हम शुरुआत करेंगे। विवेकानंद जी, बंकिम बाबू, गुरुदेव टैगोर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाने का प्रयास करेंगे।' उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने 39 प्रतिशत वोट प्राप्त किए और 12 सीटें प्राप्त कीं। 2026 में हम निश्चित रूप से प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने वाले है। कांग्रेस पर निशाना गृहमंत्री ने कहा, '2014 के लोकसभा चुनाव में हमें बंगाल में 17 प्रतिशत वोट और दो सीटें मिली थीं। 2016 के विधानसभा चुनाव में हमें 10 प्रतिशत वोट मिले और तीन सीटें मिलीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हमें 41 प्रतिशत वोट मिले और 18 सीटें मिलीं। 2021 के विधानसभा चुनाव में हमें 38 प्रतिशत वोट मिले और 77 सीटें मिलीं। जिस पार्टी को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं, उसे पांच साल के अंतराल में 77 सीटें प्राप्त हुईं। कांग्रेस, जिसकी स्थापना ही बंगाल से शुरू हुई, वह कांग्रेस पार्टी शून्य पर पहुंच गई, और 34 वर्षों तक राज करने वाला कम्युनिस्ट गठबंधन भी एक भी सीट प्राप्त नहीं कर पाया, और हम प्रमुख विपक्ष बने।'

अमित शाह का मिशन बंगाल, दो दिवसीय दौरे में संगठन और हिंदुत्व के मुद्दे पर होगी जोरदार चर्चा

कलकत्ता दिल्ली और बिहार की चुनावी जंग फतह करने के बाद बीजेपी का पूरा फोकस 2026 में होने वाले चुनावी राज्यों पर है. अगले साल देश के चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरी तरह से जमीन पर उतर गए हैं और सियासी माहौल तैयार करने में जुट गए हैं. गृहमंत्री अमित शाह ने 2026 में होने वाले चार राज्यों, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव का दौरे पर निकल पड़े हैं. अमित शाह असम में दो दिनों तक मंथन करने के बाद सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं. इसके बाद जनवरी के पहले हफ्ते में तमिलनाडु और उसके बाद केरल का दौरा करेंगे. पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे अमित शाह मंगलवार और बुधवार दो दिनों तक कोलकाता में रहेंगे. इस दौरान अमित बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के साथ-साथ आरएसएस के कोलकाता दफ्तर जाएंगे. इस तरह बंगाल चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार करेंगे. बंगाल को फतह करने उतरे अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार शाम पश्चिम बंगाल पहुंचे है. अमित शाह के दौरे को बीजेपी के चुनावी अभियान के लिए अहम कड़ी माना जा रहा है. 29 दिसंबर की रात बंगाल पहुंचते ही अमित शाह ने बीजेपी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ बैठक किया, जिसमें चुनावी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर मंथन किया गया. अमित शाह मंगलवार को कोर ग्रुप के अलावा पार्टी के सामान्य नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे. इसके बाद शाह कोलकाता में मीडिया से रूबरू होंगे और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. मंदिर से संघ दफ्तर तक का शाह करेंगे दौरा अमित शाह मंगलवार की शाम कोलकाता के प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में दर्शन करने भी जाएंगे और फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कोलकाता स्थित कार्यालय का दौरा करेंगे. यहां वह संघ के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रसारकों के साथ बंगाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लंबी मंत्रणा करेंगे. अमित शाह बुधवार को कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इस के जरिए शाह चुनावी राज्य बंगाल के कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भरने की कोशिश करेंगे. भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह दौरा बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. संगठन को मजबूती तो हिंदुत्व को धार अमित शाह बंगाल में पार्टी की जमीनी हकीकत परखेंगे और रणनीति को धार देने का काम करेंगे. अमित शाह का बंगाल दौरा मुख्य रूप से संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित है. इसीलिए रैलियों के बजाय बंद कमरों की बैठकों (स्ट्रेटेजी मीटिंग्स) को ज्यादा फोकस अमित शाह कर रहे हैं. कोलकाता के साल्ट लेक के सेक्टर पांच में बीजेरी ने एक नई बिल्डिंग किराए पर ली है, जिसे चुनाव का मुख्य मुख्यालय बनाया गया है. अमित शाह ने सोमवार को बीजेपी के इसी नए ठिकाने पर बंगाल के पार्टी दिग्गजों के साथ 2026 में कमल खिलाने का खाका तैयार करने का काम किया है. बीजेपी इस बार बंगाल चुनाव में 'हिंदू अस्मिता' और बांग्लादेश में हिंदुओं की हो रही हत्या और राजनीतिक हालातों को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है. ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का दौरा बंगाल की राजनीति में बीजेपी के आक्रामक रुख का साफ संकेत दे रहा है. अमित शाह बीजेपी सांसदों और विधायकों के साथ भी अलग बैठक करेंगे. इस दौरे का मकसद केवल चुनाव की तैयारी ही नहीं, बल्कि राज्य के फीडबैक के आधार पर आउटरीच प्रोग्राम को और असरदार बनाना है. इस तरह अमित शाह जमीनी हकीकत को समझते हुए आगे की रणनीति बनाने का काम करेंगे.

अमित शाह का बयान: बांग्लादेशी घुसपैठिए कांग्रेस के लिए वोट बैंक, असम को मुक्त करने के लिए पांच साल और दें

बोरदुवा  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानती है. चुनाव वाले राज्य असम के अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विरोधी कांग्रेस पर कड़ा हमला किया. उन्होंने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का रक्षक बताया. शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने की पॉलिसी ने असम के मूल निवासियों, उनकी पहचान और उनकी पुरखों की जमीनों को खतरा पैदा कर दिया है. हां नागांव जिले के बोरदुवा (बटद्रवा) में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र न केवल असम से बल्कि पूरे भारत से भी पड़ोसी देश से आने वाले सभी अवैध अप्रवासियों की पहचान करेगा. शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल असम के लोगों की सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि राज्य के हर तरह के विकास पर भी ध्यान दिया है. बता दें कि, गृह मंत्री अमित शाह ने यहां नागांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान, बटद्रवा थान के 227 करोड़ रुपये के पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया. इस दौरान शाह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है कि श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को 'अतिक्रमण से मुक्त' कर दिया गया है. शाह ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की नेतृत्व वाली असम सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन मुक्त करवाया है. असम में 2026 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए शाह ने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करने का मौका नहीं छोड़ा. उन्होंने रैली में लोगों से कहा, "असम को घुसपैठियों से मुक्त बनाने के लिए भाजपा को और पांच साल दीजिए." उन्होंने कहा, ''हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से भी सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे.'' शाह ने आगे कहा कि शंकरदेव ने 'एक भारत' का नारा दिया था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी पालन कर रहे हैं. इस बात पर जोर देते हुए कि असम पूर्वोत्तर का ग्रोथ इंजन बन गया है और इस इलाके को विकास की ओर ले जा रहा है, शाह ने बताया कि इन 11 सालों में पीएम मोदी 80 बार पूर्वोत्तर इलाकों का दौरा किया, जिसमें से मोदी 36 बार वे असम आए हैं, जिससे पता चलता है कि भाजपा सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे रही है. रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने असम में शांति और विकास पक्का करने के लिए कदम उठाए हैं, जो सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि हकीकत है. उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में भाजपा सरकार ने राज्य में अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप के साथ शांति समझौते किए हैं और इन समझौतों के 92 प्रतिशत क्लॉज पूरे किए गए हैं.

सुरक्षा बलों की गहन कार्रवाई से आतंकियों को करारा जवाब, भारत का सम्मान बढ़ा: अमित शाह

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के दृढ़ निर्देश के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का 5वां आतंकवाद-विरोधी सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान एनआईए ने शनिवार को भारत की आतंकवाद-विरोधी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार ने सम्मेलन में आतंकवाद के किसी भी रूप के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया और देश के आतंकवाद-विरोधी तंत्र को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधन में राज्यों को भारत की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एकसमान आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) संरचना को शीघ्रता से लागू करने का निर्देश दिया।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे देश में मजबूत, एकसमान और सुसंगत परिचालन क्षमता के बिना हम खुफिया जानकारी का उचित उपयोग और प्रभावी समन्वित जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर सकते। अमित शाह ने पहलगाम और दिल्ली के लाल किले पर हुए आतंकी हमलों में विभिन्न एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों की सफल कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में इन एजेंसियों की गहन कार्रवाई ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने इस जघन्य हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों को सफलतापूर्वक ट्रैक करके मार गिराने का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहली आतंकी घटना है जिसमें हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए आतंकी कृत्य की योजना बनाने वालों को सजा दी और 'ऑपरेशन महादेव' के जरिए हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को मार गिराया। उन्होंने इस दोहरी कार्रवाई को पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं के खिलाफ भारत सरकार, भारत के सुरक्षा बलों और भारत की जनता की ओर से एक मजबूत और निर्णायक जवाब बताया। अमित शाह ने लगातार बदलती प्रौद्योगिकी और आतंकी परिदृश्य की ओर इशारा करते हुए केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियों से साइबर युद्ध, हाइब्रिड युद्ध के प्रति सतर्कता, बहु-सुरक्षा स्तर और खुफिया जानकारी के निर्बाध प्रवाह जैसे अंतरराष्ट्रीय आयामों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि यह भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित करने का एक साधन है, चाहे वह सीमा पार आतंकवाद हो, मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद हो या साइबर आतंकवाद। उन्होंने देश के सामने मौजूद विभिन्न खतरों, विशेष रूप से कट्टरता, भर्ती और कमजोर युवाओं के शोषण से उत्पन्न होने वाले खतरों के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल दिया। 

अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां: शिवराज ने हटाया बीमारू टैग, मोहन यादव दे रहे विकास को नई रफ्तार

 ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर की धरती से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व पर बड़ी मुहर लगा दी. 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' के मंच से शाह ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के योगदान को सराहा, बल्कि सूबे के मौजूदा मुखिया मोहन यादव की कार्यशैली को अधिक ऊर्जावान बताया. अमित शाह ने कहा, ''किसी जमाने में दिग्विजय सिंह का शासन था, मध्य प्रदेश बीमारू राज्य बनकर रह गया था. शिवराज जी ने मध्य प्रदेश पर से बीमारू का टैग हटाया, वह भाजपा के लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री बने. और अब मोहन यादव जी शिवराज जी से ज्यादा ऊर्जा के साथ इसको आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.'' बता दें कि शिवराज सिंह चौहान (66) रिकॉर्ड 4 बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. 2023 के विधानसभा चुनावों में BJP को शानदार जीत दिलाने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और विदिशा से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता. अब चौहान केंद्र की मोदी कैबिनेट में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हैं.  अटल जी को श्रद्धांजलि भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर शाह ने उनके मजबूत नेतृत्व को याद किया. कहा, "अटल जी ही थे जिन्होंने दुनिया के दबाव के बावजूद यह सिद्धांत पेश किया कि परमाणु शक्ति का इस्तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है और उन्होंने भारत को एक परमाणु शक्ति बनाया. जब घुसपैठिए कारगिल में घुसे, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव था. अटल जी ने इसे बहुत मजजबूती से संभाला.'' 'घुसपैठियों को बाहर निकालने तक कोई बात नहीं' शाह ने कहा कि हमने शांति के लिए कोशिशें कीं, लेकिन हमें धोखा दिया गया. अब, जब तक हर एक घुसपैठिए को भारत से बाहर नहीं निकाल दिया जाता, तब तक पाकिस्तान से कोई बात नहीं होगी, और कारगिल में जीत अटल जी के दौर की मजबूत लीडरशिप का सबूत है… भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं और देश की जनता की ओर से, मैं उन्हें दिल से श्रद्धांजलि देता हूं." ₹2 लाख करोड़ का निवेश, 1.93 लाख रोजगार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अटल जी की जन्मभूमि ग्वालियर में 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' का उद्घाटन किया और 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. शाह ने इस मौके पर ग्वालियर मेले का भी उद्घाटन किया और अटल संग्रहालय में किए गए नवीनीकरण कार्य को लोगों को समर्पित किया. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस समिट में 25 हजार लाभार्थी और हजारों उद्यमी और निवेशकों ने भाग लिया. दावा है कि इन औद्योगिक परियोजनाओं से 1.93 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य भाजपा प्रमुख हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य लोग मौजूद थे. CM मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश को दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के अनुसार, ग्रोथ समिट मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ पेश करेगी. यह समिट सिर्फ निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है जिसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, स्टार्टअप और रोजगार एक साथ आगे बढ़ते हैं.

ग्वालियर में निवेश का बड़ा दिन: अमित शाह ने ₹2 लाख करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन-लोकार्पण किया

ग्वालियर  पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट निवेश से रोजगार’ का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ने अटल जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यकम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने करीब 2 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 1.93 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। समिट के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर मेले का उद्घाटन किया और अटल संग्रहालय के नवीनीकरण कार्य को भी जनता को समर्पित किया। अधिकारियों के अनुसार समिट में करीब 25 हजार लाभार्थी तथा हजारों उद्यमी और निवेशक भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और औद्योगिक विकास को नई दिशा देना है।  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी ग्रोथ समिट में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर व्यापार मेले और अटल म्यूजियम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंच से 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण भी किया। इसमें 1655 औद्योगिक इकाइयां है। इस मौके पर अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजा साहब कहकर संबोधित किया। मंच से यह सुनकर पब्लिक ने खूब तालियां बजाई। आगे उन्होंने कहा कि ग्वालियर की धरती साधारण नहीं है। यही वह भूमि है जहां तानसेन का जन्म हुआ और ग्वालियर घराने के अनेक महान संगीतकारों ने अपनी साधना की। उन्होंने कहा कि इसी भूमि ने अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता को देश को दिया। यहीं से निकलकर अटल जी ने संघर्ष किया और आज पूरा देश उन्हें लाड़ करता है। शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी है। अटल जी से पहले आदिवासियों के लिए न तो कोई ठोस योजना थी और न ही कोई अलग विभाग, जिससे उनके विकास और उत्थान का कार्य हो सके। अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए अलग आदिवासी विभाग का गठन किया और उनके अधिकारों को मजबूती दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह ग्रोथ समिट भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित की गई है। समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। राज्य सरकार के अनुसार यह ग्रोथ समिट केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्टअप और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने का समग्र विजन प्रस्तुत किया गया है। समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ देश और दुनिया के सामने रखा जा रहा है। ग्रॉथ समिट में देश के प्रमुख उद्योगपति ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह शामिल हैं। गृहमंत्री के कार्यक्रम के चलते शहर में 17 घंटे हाई अलर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा के कारण शहर 17 घंटे हाई अलर्ट पर है। जिन स्थानों पर गृहमंत्री का कार्यक्रम है, वहां सुरक्षा के खास प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इन मार्गों पर कोई भी बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा।