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BCCI से टकराव अब नहीं रुकेगा! बांग्लादेश को ‘NO’ का क्या असर पड़ेगा?

 नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां से वापसी आसान नहीं. टी20 वर्ल्ड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, यह वो मंच है, जहां टीमें अपनी पहचान, क्षमता और भविष्य गढ़ती हैं… और बांग्लादेश? वह आज वर्ल्ड क्रिकेट की मुख्यधारा से कटने की कगार पर है. सवाल सिर्फ इतना नहीं कि बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप खेलेगा या नहीं.असली सवाल यह है- खेलेगा तो कैसे? और न खेले तो फिर बचेगा क्या? सरकार की ‘ना’, BCB की मजबूरी और खिलाड़ियों के सपनों की बलि ढाका की काबिना ने सुरक्षा के नाम पर टीम को भारत भेजने से मना कर दिया है. BCB हाथ बांधे खड़ा है और खिलाड़ी? वे सिर्फ तमाशा देख रहे हैं- क्योंकि फैसला उनके हाथ में है ही नहीं. मेहदी हसन का बयान कि 'सरकार और BCB ही हमारे अभिभावक हैं. 'साफ समझाता है कि खिलाड़ियों के सपने किसी और की राजनीति में कुर्बान हो रहे हैं. 2000 में टेस्ट दर्जा पाया, अब क्या फिर हाशिए पर चला जाएगा? बांग्लादेश अभी तक कोई ICC खिताब नहीं जीत पाया. ऐसे में वर्ल्ड कप से बाहर होना सिर्फ एक टूर्नामेंट गंवाना नहीं-यह उनकी क्रिकेट इकोसिस्टम पर खुली चोट है. यह चोट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगी-  – स्पॉन्सर हटेंगे – रैंकिंग गिरेगी – भविष्य के टूर्नामेंट खतरे में पड़ेंगे – 2031 में भारत के साथ संयुक्त मेजबानी का सपना भी धराशायी (इस विवाद की आंच 2031 ODI World Cup तक पहुंच सकती है, जिसे भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से होस्ट करने वाले हैं.) ये चेतावनी कोई आम आलोचक नहीं- क्रिकेट इंडस्ट्री के अंदर बैठे लोग दे रहे हैं, जो जानते हैं कि वर्ल्ड कप जैसे मंच का ‘बैक-अप’ नहीं होता. ICC से टकराव, वैश्विक अलगाव का जोखिम…और समय निकलता जा रहा अगर बांग्लादेश मैदान में नहीं उतरा तो सबसे बड़ा सवाल उठेगा- आगे कैसे क्वालिफाई करेगा? निचली रैंकिंग वाले बोर्डों का हश्र सब जानते हैं. क्वालिफायर की कठिन राह, ICC से संबंधों में तनाव और वैश्विक क्रिकेट मंच पर कम होती मौजूदगी- ये दोनों खतरे बांग्लादेश के सामने खड़े हैं. खिलाड़ी सबसे बड़े शिकार- सपने टूट रहे, करियर डूब रहे सबसे ज्यादा नुकसान किसका? सरकार का? ICC का? नहीं, खिलाड़ियों का. परवेज इमोन, सैफ हसन- जिन्होंने कभी वर्ल्ड कप नहीं खेला… उनका सपना किसी और की लड़ाई में राख हो रहा है. और यह बात सच है- बांग्लादेशी खिलाड़ियों के पास IPL, BBL या काउंटी जैसी वैकल्पिक लीग नहीं. वर्ल्ड कप = एक्सपोजर + अनुभव + अस्तित्व…और वह छिन रहा है. क्या राजनीति ने क्रिकेट को निगल लिया? जवाब है- हां यह भ्रम छोड़ दीजिए कि खेल और राजनीति अलग हैं.यहाँ राजनीति ने क्रिकेट को सीधा जमीन पर पटक दिया है. सब कुछ तब शुरू हुआ जब KKR ने मुस्ताफिजुर रहमान को सुरक्षा के नाम पर IPL से बाहर किया. सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया और अब पूरा बोर्ड उसी रास्ते पर खड़ा है. उधर, ढाका-नई दिल्ली रिश्तों में दरार अब क्रिकेट में भी छलक रही है— – भारत का पुरुषों का दौरा रद्द – महिला टीम का दौरा रद्द – अब वर्ल्ड कप पर ताला! पश्चिमी देशों के दोहरे मानदंड भी आग में घी BCB अंदर से कहां तर्क ले रहा है? वही जगह जहां पश्चिमी क्रिकेट बोर्डों की पाखंड राजनीति है-  – ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान दौरे बार-बार रद्द किए – ICC ने सिर हिलाया – सबने सुरक्षा को प्राथमिकता माना तो फिर बांग्लादेश सुरक्षा बोले तो अपराध क्यों? यही बांग्लादेश का सबसे बड़ा सवाल और शायद सबसे आक्रामक हथियार भी. क्रिकेट को आगे करना होगा- वरना देश क्रिकेट से पीछे छूट जाएगा. बांग्लादेश क्रिकेट हमेशा विवादों में रहा है, लेकिन मैदान पर कभी-कभार चमक भी दिखाई है गवर्नेंस हालांकि अस्थिर रही है. नजमुल हसन पापोन के 12 साल के कार्यकाल में बांग्लादेश ने वनडे विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचा और टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया तथा इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीमों को हराने वाली उपलब्धियां दर्ज कीं.' लेकिन पिछले डेढ़ साल में प्रगति रुक गई. आज हालत यह है कि BCB, सरकार और ICC की तीन दिशाओं में खींचतान ने टीम को रस्साकशी की रस्सी बना दिया है.  यह सिर्फ बॉयकॉट नहीं, क्रिकेट का आत्मघात है विश्व क्रिकेट में अपनी जगह बनाना कठिन है, खोना बेहद आसान. बांग्लादेश इस समय उसी किनारे खड़ा है. अगर बांग्लादेश वर्ल्ड कप छोड़ता है, तो दुनिया कहेगी- 'खेल से नहीं, राजनीति से हार गए.'

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ आईसीसी का कड़ा रुख

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ आईसीसी का कड़ा रुख ●  नीरज मनजीत बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के मामले के बाद आईसीसी ने भी बांग्लादेश के ख़िलाफ़ कड़ा रुख अपना लिया है। हम पिछले एक साल से देख रहे हैं कि बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों को निर्ममता से मारा जा रहा है। उनके घरों को जलाया जा रहा है और मंदिरों पर क्रूर हमले किए जा रहे हैं। इस बात को लेकर भारत का बहुसंख्यक समुदाय आंदोलित, आक्रोशित और बेहद फ़िक्रमंद है। आईपीएल के इस सीजन के लिए मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स ने ख़रीदा था। बहुसंख्यक समुदाय के ज़्यादातर लोगों को यह बात खटक रही थी कि उनके निर्दोष हिन्दू भाई वहाँ मारे जा रहे हैं और उनका कोई क्रिकेटर यहाँ से इतनी मोटी रकम ले जा रहा है। बहुसंख्यक समुदाय के विरोध और गुस्से को देखते हुए, उनके जज़्बात का ख़्याल रखते हुए बीसीसीआई ने कोलकाता राइडर्स के मालिकान से कहा कि वे फ़ौरन मुस्तफिजुर को फ्रेंचाइजी से बाहर कर दें।  ज़ाहिर था कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) पर इसकी प्रतिक्रिया होना ही थी। बीसीबी ने इसकी ख़िलाफ़त करते हुए कहा कि वे फरवरी में भारत की धरती पर खेले जाने वाले टी20 वर्ल्ड कप में तभी खेलेंगे, जब उनके सारे मैच श्रीलंका में स्थानांतरित किए जाएँ। बांग्लादेश बोर्ड के इस फ़ैसले पर आईसीसी ने बहुत ही कड़ा रुख अपनाया है। आईसीसी ने साफ़ तौर पर कहा है कि वर्ल्ड कप के सारे मैच जारी शेड्यूल के हिसाब से ही होंगे और बांग्लादेश की टीम को कोलकाता और मुंबई में पूर्व निर्धारित मैच खेलने होंगे। यदि बांग्लादेश की टीम भारत नहीं आती है, तो उन्हें  अंक गँवाने होंगे। बांग्लादेश को अपने चारों ग्रुप मैच ईडन गार्डन और वानखेड़े स्टेडियम में खेलने हैं। फ़िलहाल ये पूरा मामला अटका हुआ है और आईसीसी एवं बीसीबी के बीच बातचीत जारी है। मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने को हमारे अपने कुछ प्रबुद्ध उदारवादियों ने ग़लत ठहराया है। उनका कहना है कि खेलों और खिलाड़ियों को राजनीति से दूर रखना चाहिए। उनकी बात से इत्तफ़ाक किया जा सकता है, बशर्ते कि हालात सामान्य हों। बांग्लादेश में तो परिस्थितियां असाधारण हैं। वहाँ हिंदुओं से अवांछित घृणा करनेवाले हिंसक चरमपंथियों का सत्ता पर कब्ज़ा है। इन प्रबुद्धजनों से पूछा जाना चाहिए कि दुनिया में ऐसा कौन सा इलाक़ा बचा है, जो राजनीति से अछूता है। खेद और आश्चर्य है कि ये उदारवादी प्रबुद्धजन हिंदुओं पर हो रहे क्रूर अत्याचार पर बड़ी ही चालाक किस्म की ख़ामोशी अख़्तियार कर लेते हैं और जैसे ही कोई कड़ा क़दम उठाया जाता है, ये ख़िलाफ़त पर उतर आते हैं। हम इन्हें तथाकथित नहीं कहेंगे, क्योंकि इनमें अधिकांश लोग मानवीय संवेदना से भरे प्रबुद्धजन हैं। मगर कहीं-न-कहीं इनकी मानवीय संवेदनाओं पर राजनीति अथवा विचारधारा की कट्टरता हावी हो जाती है।  उदारवाद का चोला पहने कुछ लोग तो वाकई ऐसे तथाकथित प्रबुद्धजन हैं, जो एक खास एजेंडे के तहत हिंदुओं पर बरती जा रही क्रूरता को जस्टिफाई करने लगते हैं। न्यूयॉर्क के नए नवेले मेयर जोहरान ममदानी को ही देख लीजिए, जो दिल्ली दंगों के आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के लिए कुछ सीनेटरों से मिलकर अमेरिका से अपना एजेंडा चला रहे हैं। खुद को लिबरल कहने वाले इन हृदयहीन लीडरों के पास दंगों में मारे जाने वाले निर्दोष लोगों के लिए एक शब्द भी नहीं है। ऐसे में इनका उदारवाद हमारे किस काम का है। मुस्तफिजुर को कोलकाता राइडर्स से बाहर किया जाना बांग्लादेश की अमानवीय घटनाओं की ख़िलाफ़त करने का एक प्रतीकात्मक क़दम है। इस मामले में बांग्लादेश की प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर  दुनिया का ध्यान अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की तरफ़ गया है। यही इस पूरे एपिसोड का उद्देश्य भी है।  खेलों में राजनीति की दखलंदाजी कोई पहली बार नहीं हो रही है। यह तो मात्र छोटा सा मामला है। 1980 में जब दुनिया में शीत युद्ध चरम पर था, तब अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर के कहने पर 65 देशों ने मॉस्को ओलंपिक का बहिष्कार कर दिया था। उस वक़्त अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत संघ की आर्मी मौजूद थी। सोवियत आर्मी की दखलंदाजी के विरोध में अमेरिकी ब्लॉक के देश मॉस्को ओलंपिक में नहीं गए थे। इसके जवाब में 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में सोवियत संघ के ब्लॉक के देश शामिल नहीं हुए थे। खेलों में राजनीति के दख़ल के ये सबसे बड़े मामले थे। इनके अलावा क्रिकेट में भी कई ऐसे दृश्य देखे गए हैं। 1970 में दक्षिण अफ्रीका की रंगभेद नीतियों की वजह से आईसीसी ने उस पर अतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की बंदिश लगा दी थी। यह बंदिश पूरे 21 साल तक चली थी। 1991 में जब दक्षिण अफ्रीका ने अपनी रंगभेदी नीतियों को बदला, तब जाकर यह बंदिश हटाई गई थी। 2003 में एकदिवसीय क्रिकेट विश्व कप के दौरान भी ऐसी घटनाएं हुई थीं। यह  विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और केन्या की संयुक्त मेजबानी में खेला गया था। इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने मेज़बान देशों में खेलने से इनकार कर दिया था। इंग्लैंड ने ब्रिटेन सरकार ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की नीतियों के चलते हरारे में मैच खेलने से इनकार कर दिया था। जबकि न्यूज़ीलैंड ने केन्या की राजधानी नैरोबी में सुरक्षा कारणों से खेलने से मना कर दिया था। दरअसल कुछ महीने पहले मोम्बासा में बम विस्फोट हुआ था। दोनों टीमों ने मैचों की जगह बदलने की मांग की  थी, पर आईसीसी ने इनकार कर दिया। नतीजतन ज़िम्बाब्वे और केन्या को वॉकओवर दे दिया गया था।  ———  

बीसीसीआई ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टी-20 मैचों का प्रस्ताव नकारा, SLC चेयरमैन का बयान

मुंबई  श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने हाल ही में चक्रवात ‘दित्वाह’ से हुए भारी नुकसान और जनहानि के बाद राहत कार्यों के लिए भारतीय टीम के खिलाफ दो विशेष चैरिटी टी-20 मैचों का आयोजन करने का सुझाव दिया था। यह मुकाबले 27 और 29 दिसंबर को प्रस्तावित थे, ताकि इससे होने वाली कमाई का उपयोग प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जा सके। हालांकि, बीसीसीआई ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा के मुताबिक, व्यावसायिक मसलों पर दोनों बोर्डों के बीच समय पर तालमेल नहीं बैठ सका, जिसके कारण इन चैरिटी मैचों को रद्द करना पड़ा। भले ही चैरिटी मुकाबलों के लिए सहमति नहीं बनी, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम का पूर्व निर्धारित श्रीलंका दौरा प्रभावित नहीं होगा। अगस्त महीने में टीम इंडिया श्रीलंका का दौरा करेगी, जहां वह दो टेस्ट और दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला खेलेगी। शम्मी सिल्वा ने इस बात की पुष्टि की है कि यह द्विपक्षीय सीरीज अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। इस दौरे के जरिए क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों देशों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। चक्रवात पीड़ितों की सहायता के लिए श्रीलंका बोर्ड ने अब अन्य विकल्पों पर ध्यान केंद्रित किया है। अगले सप्ताह दांबुला में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से प्राप्त होने वाली पूरी धनराशि राहत कोष में दी जाएगी। साथ ही भविष्य के लिए कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान को उन्नत बनाया जा रहा है, जिसमें भारत और इटली से मंगाए गए उपकरणों की मदद से नई फ्लडलाइट्स लगाई जा रही हैं। बोर्ड की योजना इस स्टेडियम की क्षमता बढ़ाने और यहां भविष्य में डे-नाइट टेस्ट आयोजित करने की है। बता दें कि साल 2026 के टी-20 विश्व के कुछ मैच श्रीलंका में भी खेले जाएंगे, जिसके लिए स्टेडियम को बेहतर बनाने की तैयारी चल रही है। श्रीलंका क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों को लेकर भी एसएलसी पूरी तरह सक्रिय है। कोलंबो स्थित ऐतिहासिक सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) मैदान का नवीनीकरण किया जा रहा है। श्रीलंका इसी मैदान पर 7 फरवरी को पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच होने वाले विश्व कप के पहले मुकाबले की मेजबानी करेगा। इसके अतिरिक्त इस मैदान पर चार और मैच खेले जाएंगे।

BCCI ने दिया बड़ा बयान: मुस्ताफिजुर रहमान आईपीएल में खेलेंगे, बांग्लादेश को लेकर विरोध गलत

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के बावजूद तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेलने की संभावना बनी हुई है। मुस्ताफिजुर इस मिनी ऑक्शन में बिकने वाले इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी रहे, जिन्हें KKR ने 9.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा है। हालांकि, बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं के कारण सोशल मीडिया पर केकेआर और बीसीसीआई की काफी आलोचना हो रही है और कुछ राजनीतिक नेताओं ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लीग से बाहर करने की मांग भी की है। इस विवाद पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाई है। बीसीसीआई का कहना है कि वह सरकार के निर्देशों के बिना किसी भी खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए इनसाइड स्पोर्ट से कहा, "स्थिति संवेदनशील है। हम लगातार सरकार के संपर्क में हैं। फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है जिससे बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए। मुस्ताफिजुर आईपीएल खेलेंगे। बांग्लादेश कोई दुश्मन देश नहीं है"। बोर्ड वर्तमान में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ बांग्लादेशी खिलाड़ियों के वीजा संबंधी बातचीत भी कर रहा है। हालांकि, मुस्ताफिजुर की आईपीएल में पूरी उपलब्धता अभी भी कई कारकों पर निर्भर करेगी। अप्रैल में बांग्लादेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है और यदि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एनओसी (NOC) देने से इनकार कर दिया, तो वह कई मैचों से बाहर रह सकते हैं। वीजा को लेकर बीसीसीआई अधिकारी ने कहा है कि, "मुस्ताफिजुर रहमान टी20 वर्ल्ड कप के लिए वीजा अप्लाई करेंगे, जिसे IPL के लिए बढ़ाया जाएगा। वीजा कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। बीसीबी की तरफ से भी एनओसी को लेकर कोई नकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं"। वर्तमान में बीसीसीआई पूरी तरह से भारत सरकार के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है।

क्रिसमस से पहले खुशखबरी: सीनियर महिला क्रिकेटरों की फीस ₹20,000 से बढ़कर ₹50,000

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने देशभर की महिला क्रिकेटरों को क्रिसमस से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है. बीसीसीआई ने अपनी हालिया एपेक्स काउंसिल बैठक में महिला घरेलू क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. यह कदम महिला क्रिकेट के लिए एक अहम और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है. ये प्रस्ताव सोमवार, 22 दिसंबर को हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में रखा गया था. इस नए फैसले के तहत महिला घरेलू खिलाड़ी अब पहले की तुलना में 2.5 गुना तक ज्यादा कमाई करेंगी. इससे क्रिकेट को एक पेशेवर करियर के रूप में अपनाने की आर्थिक मजबूती भी बढ़ेगी. इससे पहले सीनियर महिला खिलाड़ियों को प्रति दिन 20,000 रुपये मैच फीस मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है. यह दर प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों पर लागू होगी. रिजर्व खिलाड़ियों को भी मिलेगा फायदा हालांकि इस नई संरचना का लाभ केवल प्लेइंग इलेवन तक सीमित नहीं रहेगा. टीम में रिज़र्व के तौर पर चुनी गई खिलाड़ियों की मैच फीस में भी बड़ा इजाफा किया गया है. सीनियर रिज़र्व खिलाड़ियों की प्रति दिन फीस 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है, जिससे पूरे स्क्वाड को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. बीसीसीआई का यह बड़ा फैसला ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट तेजी से लोकप्रिय और संरचनात्मक रूप से मजबूत हो रहा है. जय शाह के कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने महिला क्रिकेट को सशक्त बनाने के लिए कई अहम सुधार किए थे. इन प्रयासों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा, जहां इसी तरह की गति आईसीसी में भी देखने को मिली, जहां वर्तमान में जय शाह अध्यक्ष हैं. मिथुन मन्हास के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद भी महिला क्रिकेट के विकास पर बोर्ड का फोकस बना हुआ है. हालिया वेतन संशोधन यह दर्शाता है कि बोर्ड देश में महिला क्रिकेटरों के लिए एक मजबूत और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. महिला घरेलू क्रिकेटरों के लिए बीसीसीआई की नई वेतन संरचना वर्तमान भुगतान संरचना (पहले) सीनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹20,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹10,000 प्रति दिन जूनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹10,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹5,000 प्रति दिन नई बढ़ी हुई भुगतान संरचना सीनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹50,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹25,000 प्रति दिन टी20 मुकाबलों के लिए: * प्लेइंग इलेवन: ₹25,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹12,500 प्रति दिन जूनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹25,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹12,500 प्रति दिन **टी20 मुकाबलों के लिए:** * प्लेइंग इलेवन: ₹12,500 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹6,250 प्रति दिन महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में आखिरी बार संशोधन 2021 में किया गया था. उस समय सीनियर खिलाड़ियों की फीस 12,500 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये की गई थी. मौजूदा बढ़ोतरी इसके बाद की सबसे बड़ी वृद्धि है.  

शुभमन गिल थे ‘कप्तान-इन-वेटिंग’? पूर्व चयनकर्ता का दावा—2023 में ही हो गया था फैसला

नई दिल्ली  शुभमन गिल को जब एशिया कप 2025 से पहले भारत की टी20 टीम का उपकप्तान घोषित किया गया था तो साफ हो गया था कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई उनको तीनों फॉर्मेट के कप्तान और भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर ब्वॉय के रूप में देख रहा है। शुभमन गिल को पहले ही टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी सौंपी जा चुकी थी और अब संभावित रूप से टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद वे टी20 टीम के कप्तान भी होंगे। हालांकि, इस बीच एक बड़ा ही सनसनीखेज दावा पूर्व सिलेक्टर सलील अंकोला ने किया है। उनका कहना है कि बीसीसीआई ने 2023 में ही मन बना लिया था कि रोहित शर्मा से कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी जाएगी।   जब विराट कोहली के बाद रोहित शर्मा कप्तान बने तो वह 30 की उम्र को पार कर चुके थे। सभी को पता था कि रोहित ज्यादा समय तक कप्तान नहीं रहेंगे। इस बीच गिल के रूप में एक बड़ा विकल्प बीसीसीआई को मिला, जिन्होंने टेस्ट कप्तान के तौर पर अपनी पहली सीरीज में ही दमदार प्रदर्शन किया और एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 2-2 से बराबरी कराई। शुभमन गिल को कप्तान बनाने का फैसला एकाएक नहीं लिया गया था, बल्कि बोर्ड और सिलेक्टर्स ने पहले ही रोहित के उत्तराधिकारी के रूप में गिल को पहचान लिया था। 2023 में खूब रन गिल ने बनाए थे। पूर्व BCCI सिलेक्टर सलिल अंकोला ने खुलासा किया है कि बोर्ड ने 2023 में समय आने पर रोहित की जगह लेने के लिए गिल को एक उम्मीदवार के तौर पर सोचा था। विकी लालवानी के यूट्यूब चैनल पर सलिल अंकोला ने कहा, "हमने हमेशा सोचा था कि गिल कप्तान बनेंगे। हमने 2023 में ही उन्हें इस रोल के लिए सोचा था, हमें विश्वास था कि वह कमान संभाल लेंगे। सेलेक्टर्स सिर्फ कोच और कप्तान से ही नहीं, बल्कि दूसरे सीनियर खिलाड़ियों से भी सुझाव लेते हैं। उन्हें भी लगा कि वह सही आदमी हैं, यहां तक कि उन खिलाड़ियों को भी जो पहले रिटायर हो चुके थे।" जैसे ही रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा तो शुभमन गिल को बिना देरी किए सिलेक्टर्स और बीसीसीआई ने कप्तान घोषित कर दिया। अगली वनडे सीरीज आई तो उसमें भी कप्तान शुभमन गिल थे। इसके पीछे का कारण ये था कि बोर्ड को 2027 वर्ल्ड कप के लिए कप्तान चुनना था, क्योंकि रोहित शर्मा सिर्फ वनडे फॉर्मेट में एक्टिव थे, लेकिन उनकी उम्र 38 के पार हो चुकी थी। इसके साथ-साथ अपनी कप्तानी में इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में 756 रन बनाकर उन्होंने दिखा दिया कि वे कप्तानी के बोझ में दबेंगे नहीं। गिल ने इसे साबित कर दिखाया एक टेस्ट और 20 वनडे इंटरनेशनल मैच खेलने वाले अंकोला ने आगे बताया, "यह एक सामूहिक फैसला है। सबने यह महसूस किया और उसने इंग्लैंड में इसे साबित भी किया। क्या शानदार सीरीज थी उसकी! इतने दबाव में, अगर वह इंग्लैंड में 750 रन बनाता है, तो यह उसकी मानसिक क्षमता दिखाता है। लोग कहेंगे कि किसी और को कप्तान होना चाहिए था या किसी और को वापस लाना चाहिए। इंसान बहुत असंतुष्ट आत्माएं होते हैं। आप कितना भी अच्छा करें, वे उसमें कुछ न कुछ बुराई ढूंढ ही लेंगे। लोगों को लगता है कि उन्हें सब कुछ पता है।"  

दिल्ली की खराब एयर क्वालिटी से प्रभावित टूर्नामेंट, BCCI ने मैचों का स्थान बदला

 नई दिल्ली दिल्ली में पिछले कई सालों से सर्दियों में हवा जहरीली हो जाती है। इतनी जहरीली कि जो सांसें जिंदगी की पहचान होती हैं, वही बीमार करने लगती हैं। देश की राजधानी में वायु प्रदूषण का आलम ये रहता है कि अगर सर्दियों में कोई विदेशी टीम यहां खेले तो उसके खिलाड़ियों को मास्क लगाकर खेलने की नौबत आ जाती है। अब तो बीसीसीआई ने खुद ही दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर अपने एक अहम टूर्नामेंट के दिल्ली में होने वाले मैचों को आनन-फानन में मुंबई शिफ्ट कर दिया है।  रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई ने पुरुषों के अपने सालाना अंडर-23 वनडे टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज को दिल्ली से मुंबई शिफ्ट कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड ने लिखित में नहीं, बल्कि मौखिक तौर पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक मैचों की मेजबानी के लिए तैयार रहने को कहा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण में कोई सुधार नहीं हो रहा। गुरुवार को दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'बहुत ही गंभीर' में रहा। सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई 400 पर पहुंच गया था। पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता और ज्यादा खराब होगी। आनन-फानन में मुंबई को सौंपी गई मेजबानी इंडियन एक्सप्रेस ने एमसीए के सूत्रों को कोट किया है, 'हमें आज बीसीसीआई से कॉल आया था। उन्होंने हमें बताया कि एमसीए को अंडर-23 वनडे के नॉकआउट मैचों को अलॉट किया गया है क्योंकि राजधानी में बहुत ज्यादा वायु प्रदूषण है। उन हालात में क्रिकेट नहीं खेला जा सकता।' टूर्नामेंट का आखिरी लीग स्टेज मैच शुक्रवार को वडोदरा में है। टूर्नामेंट में 8 टीमें नॉकआउट स्टेज में खेलेंगी और आने वाले दिनों में उनका शेड्यूल जारी किया जाएगा। इससे पहले बीसीसीआई ने प्रदूषण के मद्देनजर ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट को दिल्ली से कोलकाता शिफ्ट किया था। इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच टेस्ट मैच खेला गया था। तब प्रदूषण कम था। जब श्रीलंका के खिलाड़ियों को मास्क पहनकर खेलना पड़ा था 2017 में श्रीलंका की टीम भारत दौरे पर आई हुई थी और दिसंबर के पहले हफ्ते में दिल्ली में टेस्ट मैच खेला गया। तब भी हवा बहुत जहरीली हो चुकी थी। टेस्ट मैच के दौरान एक्यूआई 316 से बढ़कर 390 हो गया था जिसकी वजह से श्रीलंका के कुछ खिलाड़ियों को मास्क लगाकर खेलते हुए देखा गया। मैच के दूसरे दिन तो श्रीलंकाई तेज गेंदबाज लाहिरु गामेज को एक ओवर के बीच में ही सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी और उस वजह से मैच को 17 मिनट के लिए रोकना पड़ा था। टेस्ट के दौरान एक वक्त को श्रीलंका के पास फील्डिंग करने के लिए सिर्फ 10 फिट खिलाड़ी ही रह गए थे और ड्रेसिंग रूम में ऑक्सिजन सिलिंडर मंगवाने पड़े थे।

कोलकाता टेस्ट से बाहर हुए शुभमन गिल, अस्पताल में भर्ती, BCCI ने दी जानकारी

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका पहले टेस्ट के बीच भारतीय टीम को बहुत बड़ा झटका लगा है। कप्तान शुभमन गिल कोलकाता टेस्ट से बाहर हो गए हैं। बीसीसीआई ने रविवार, 16 नवंबर की सुबह शुभमन गिल की चोट पर ताजा अपडेट दिया। शुभमन गिल को साउथ अफ्रीका के खिलाफ बैटिंग करते हुए गर्दन में चोट लगी थी। इस चोट की वजह से उन्हें मैदान छोड़कर जाना पड़ा था और वह फिर बल्लेबाजी करने के लिए नहीं आए। जब टीम के सभी विकेट गिरने के बावजूद गिल बैटिंग करने नहीं उतरे तो उनकी चोट की गंभीरता का पता चला। अब बीसीसीआई ने उनकी इस चोट पर ताजा अपडेट देते हुए बताया कि वह अस्पताल में भर्ती हैं। बीसीसीआई ने X पर अपडेट देते हुए लिखा, “कोलकाता में साउथ अफ्रीका के खिलाफ चल रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन कप्तान शुभमन गिल की गर्दन में चोट लग गई। दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्हें जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल वह अस्पताल में निगरानी में हैं। वह आगे टेस्ट मैच में हिस्सा नहीं लेंगे। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी करती रहेगी।” शुभमन गिल को यह चोट भारतीय पारी के 35वें ओवर के दौरान लगी थी। महज तीन गेंदें खेलकर उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और वह फिर वापस खेलने नहीं उतरे। शुभमन गिल की गौरमौजूदगी में ऋषभ पंत टीम की कप्तानी कर रहे हैं। बात मैच की करें तो, दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 93 रन बना लिए हैं। उनके पास 63 रनों की बढ़त है। पहली पारी में साउथ अफ्रीका 159 पर सिमट गया था, जिसके बाद भारत ने 30 रनों की बढ़त हासिल करते हुए 189 रन बनाए थे।  

वर्ल्ड कप फाइनल में दीप्ति-शेफाली-हरमन का जलवा, जीत के बाद टीम इंडिया पर धनवर्षा

नवी मुंबई भारत की महिला क्रिकेट टीम ने  इतिहास रचते हुए वनडे वर्ल्ड कप 2025 अपने नाम किया. 2 नवंबर (रविवार) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए खिताबी मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से परास्त किया. भारतीय महिला टीम ने पहली बार विश्व कप खिताबी जीता है. वहीं साउथ अफ्रीकी टीम का खिताब जीतने का सपना चकनाचूर हो गया. भारतीय टीम की जीत के बाद इनामों की बारिश हो रही है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों और टीम के सपोर्ट स्टाफ के लिए बड़ा ऐलान किया है. बीसीसीआई भारतीय टीम को प्राइज मनी के तौर पर 51 करोड़ रुपये देगा. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस बात को कन्फर्म किया है. भारतीय महिला टीम को पहली बार इतनी इनामी राशि मिलने जा रही है. देवजीत सैकिया ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, '1983 में कपिल देव ने भारत को वर्ल्ड कप जिताकर भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा और प्रेरणा दी थी. अब हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम ने वही जोश और उत्साह दोबारा जगा दिया है. उन्होंने सिर्फ ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि पूरे देश का दिल जीत लिया है.' देवजीत सैकिया ने ICC चेयरमैन का जताया आभार देवजीत सैकिया ने कहा कि यह जीत भारत में महिला क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देगी और अगली पीढ़ी की खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी. उन्होंने आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल) के चेयरमैन और पूर्व बीसीसीआई सचिव जय शाह को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने महिला खिलाड़ियों को लेकर जरूरी कदम उठाए हैं. देवजीत सैकिया ने कहा, 'जय शाह के नेतृत्व में महिला क्रिकेट में बड़े बदलाव आए हैं. वेतन समानता पर भी ध्यान दिया गया. हाल ही में महिला वर्ल्ड कप के लिए इनामी राशि में 300 प्रतिशत की वृद्धि की गई. यह 2.88 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर लगभग 14 मिलियन डॉलर कर दी गई.  इन कदमों से महिला क्रिकेट को काफी बढ़ावा मिला है. बीसीसीआई ने खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ के लिए 51 करोड़ रुपये के इनाम की भी घोषणा की है.' आईसीसी की तरफ से भी भारतीय टीम को खिताब जीतने पर 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) की इनामी राशि मिली है, जो क्रिकेट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि है.  महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में आईसीसी ने 13.88 मिलियन डॉलर (लगभग 123 करोड़ रुपये) की इनामी राशि बांटी, जो 2022 के संस्करण से लगभग तीन गुना ज्यादा है. दीप्ति शर्मा ने वर्ल्ड कप फाइनल में लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी, शेफाली वर्मा-हरमनप्रीत कौर ने भी रचा इतिहास आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका पर 52 रनों से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पहली बार महिला वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई. 2 नवंबर (रविवार) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए इस मैच में भारत ने साउथ अफ्रीका के सामने 299 रनों का टारगेट सेट किया था. ये टारगेट प्रेशर मुकाबले में जीत दिलाने के लिए काफी था. साउथ अफ्रीकी टीम रनचेज में सिर्फ 246 रन ही बना सकी. भारतीय टीम को 2005 और 2017 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में क्रमश: ऑस्ट्रेलिया एवं इंग्लैंड ने पराजित किया था. मगर इस बार हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने फिनिशिंग लाइन पार कर फैन्स को जश्न मनाने का मौका दिया हैं. खिताबी मुकाबले में कुछ खास रिकॉर्ड्स भी बने. आइए इस पर नजर डालते हैं… ♦ शेफाली वर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. शेफाली ने फाइनल में 87 रन बनाए और दो विकेट झटके थे. शेफाली वर्मा वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के सेमीफाइनल या फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने वाली सबसे कम उम्र की प्लेयर हैं. शेफाली ने 21 वर्ष और 279 दिन की उम्र में ये उपलब्धि हासिल की. ♦ महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर ने की. हरमन महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे उम्रदराज कप्तान हैं. 36 वर्ष और 239 दिन की उम्र में हरमन ने ये मुकाम हासिल किया है. ♦ यह पहली बार है जब महिला वनडे विश्व कप किसी ऐसी टीम ने जीता है, जिसने टूर्नामेंट में तीन मैच गंवाए. हालांकि पुरुषों के टूर्नामेंट में ऐसा दो बार हुआ है. साल 1992 में पाकिस्तान और 2019 में इंग्लैंड ने तीन-तीन मैच हारने के बावजूद मेन्स वनडे वर्ल्ड कप जीता था. ♦ दीप्ति शर्मा ने फाइनल में 58 रन बनाए. साथ ही 39 रन देकर पांच विकेट झटके. विश्व कप (महिला या पुरुष) के नॉकआउट मैच में अर्धशतक जड़ने और पांच विकेट लेने वाली दीप्ति पहली क्रिकेटर हैं. साथ ही भारतीय महिला टीम के लिए वनडे क्रिकेट में पहली बार किसी प्लेयर ने पांच विकेट लिए और अर्धशतकीय पारी भी खेली. यही नहीं वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) में ये उपलब्धि हासिल करने वाली दीप्ति दूसरी भारतीय हैं. 2011 के विश्व कप में युवराज सिंह ने आयरलैंड के खिलाफ ऐसा ही प्रदर्शन किया था. ♦ दीप्ति शर्मा ने महिला क्रिकेट वर्ल्ड 2025 में 22 विकेट चटकाए, साथ ही 215 रन बनाए. दीप्ति को इस प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया. दीप्ति महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं. दीप्ति वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के एक संस्करण में 200 रन और 20 विकेट का डबल बनाने वाली पहली खिलाड़ी हैं. साथ ही दीप्ति महिला वनडे विश्व कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गईं. महिला वनडे वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट (भारत) 43- झूलन गोस्वामी 36- दीप्ति शर्मा 31- डायना एडुल्जी 30- नीतू डेविड 30- पूर्णिमा राउ महिला वनडे विश्व कप के एक संस्करण में सर्वाधिक विकेट 23- लिन फुलस्टन (ऑस्ट्रेलिया), 1982 22- जैकी लॉर्ड (न्यूजीलैंड), 1982 22- दीप्ति शर्मा (भारत), 2025  21- सोफी एक्लेस्टोन (इंग्लैंड), 2022  20- शुभांगी कुलकर्णी (भारत), 1982  20- नीतू डेविड (भारत), 2005  ♦ साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा वोलवार्ट ने खिताबी मुकाबले में शानदार 101 रन बनाए. वोलवार्ट ऐसी दूसरी प्लेयर हैं, जिन्होंने किसी वनडे विश्व कप (पुरुष या महिला) के सेमीफाइनल और फाइनल में शतक लगाया. … Read more

BCCI का एशिया कप ट्रॉफी पर बड़ा फैसला, क्या मोहसिन नकवी पर ICC नरम होगा?

नई दिल्ली एशिया कप 2025 में खिताबी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी नहीं उठाई थी. भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चीफ मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. इसके बाद नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए थे. बाद में ये ट्रॉफी एसीसी के ऑफिस में रख दी गई. भारतीय टीम को अब तक एशिया कप ट्रॉफी हासिल नहीं हुई है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अब मोहसिन नकवी की शिकायत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से करने का फैसला किया है. आईसीसी की बोर्ड मीटिंग 4 से 7 नवंबर तक दुबई में होने वाली है, जहां बीसीसीआई पूरे मामले को उठाएगा. बीसीसीआई के एक टॉप सूत्र ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, 'चूंकि एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष अब भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं, इसलिए हम इस मुद्दे को ICC की बैठक में उठाएंगे. हम उनके जवाब को स्वीकार नहीं करेंगे, जो उन्होंने ट्रॉफी हैंडओवर के संबंध में दिया है.' बीसीसीआई ने मोहसिन नकवी को आधिकारिक रूप से ईमेल भेजकर एशिया कप ट्रॉफी जल्द से जल्द भारत को सौंपने को कहा था, लेकिन एसीसी चीफ नकवी की अकड़ कम नहीं हुई. मोहसिन नकवी ने क्या जवाब दिया था? एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी ने बीसीसीआई को अपने जवाब में कहा था कि ट्रॉफी एसीसी के ऑफिस से ली जा सकती है. लेकिन इसके लिए बीसीसीआई के अधिकारी या खिलाड़ी को आकर उनसे ट्रॉफी लेनी होगी. नकवी ने जवाब में कहा था, 'ट्रॉफी दुबई ऑफिस से ली जा सकती है. बीसीसीआई का कोई अधिकारी या खिलाड़ी वहां आकर एसीसीस प्रमुख से ट्रॉफी प्राप्त कर सकता है.' अब देखना दिलचस्प होगा कि दुबई में होने वाली ICC मीटिंग में यह मुद्दा कैसे उठाया जाता है और क्या कोई समाधान निकलता है. वैसे आईसीसी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और एसीसी के चीफ मोहसिन नकवी के तेवर जरूर ढीले करेगी. भारतीय टीम ने एशिया कप ट्रॉफी जीती हैं, ऐसे में 'मेन इन ब्लू' को ट्रॉफी अब तक नहीं सौंपना बिल्कुल उचित नहीं है. एशिया कप 2025 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को लगातार तीन मैचों में हराया था. सबसे पहले भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तानी टीम को सात विकेट से धोया था. फिर सुपर-चार मुकाबले में उसने पाकिस्तान पर 6 विकेट से जीत हासिल की. इसके बाद खिताबी मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से परास्त किया. खिताबी जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम मैदान पर काफी देर तक इंतजार करती रही. भारतीय टीम चाहती थी कि एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के वाइस चेयरमैन उन्हें ट्रॉफी दें, लेकिन मोहसिन नकवी ऐसा करने को तैयार नहीं हुए.