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पाक क्रिकेट बोर्ड संकट में, बीसीसीआई लेने को तैयार कड़ा एक्शन, आईसीसी के सामने होगी पेशी

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2025 में लगातार तीसरी बार पाकिस्तान की टीम को धूल चटाया. लीग स्टेज और सुपर 4 में हारने के बाद फाइनल में भी टीम को टीम इंडिया से हार मिली. इसपर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने नमक रगड़ते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया. इस बात से बौखलाते हुए वो एशिया कप ट्रॉफी को अपने साथ होटल लेकर चले गए. यह बात बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने खुद सबके साथ साझा किया. एशिया कप फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले ही सबकुछ तय हो गया था. भारतीय टीम के खिलाड़ी पाकिस्तान को खिताबी भिड़ंत में पीटेंगे और इस बात को बता दिया गया था कि टीम पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं लेगी. सारी जानकारी होने के बाद भी वो अपनी बेइज्जती कराने दुबई पहुंचे थे. जब भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी लेने नहीं पहुंचे तो नकवी गुस्से से तिलमिला गए. उन्होंने अपनी बर्बादी को बुलावा देते हुए ट्रॉफी होटल ले जाने का फैसला लिया. नकवी ने कर दी बड़ी गलती भारतीय टीम चैंपियन बनी और ट्रॉफी की हकदार है. एशिया कप का आयोजन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड नहीं कराता, इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से एशियन क्रिकेट काउंसिल पर है. ट्रॉफी पाकिस्तान बोर्ड की जागीर नहीं जो उसे नकवी अपने साथ लेकर चले गए थे. ये भारतीय टीम के खिलाड़ियों और बीसीसीआई का फैसला था कि वो ट्रॉफी किसके हाथ से लेंगे. एशिया कप चैंपियन होने के नाता ट्रॉफी भारतीय टीम को मिलेगी और इसे कोई रोक नहीं सकता. बीसीसीआई लेगा एक्शन भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने मोहसिन नकवी की हरकत को माफ नहीं करने का फैसला लिया है. ट्रॉफी लेकर होटल भागने के बाद बीसीसीआई द्वारा आईसीसी को एक कड़ी शिकायत दर्ज कराने की उम्मीद है. इस टूर्नामेंट में दोनों पक्षों के खिलाड़ियों को आईसीसी द्वारा चेतावनी दी गई थी कि उनके कार्य और इशारे क्रिकेट के मैदान में खेल भावना के खिलाफ माने जा सकते हैं. ऐसे पक्षपात पूर्ण रवैये के बाद अब नकवी के आगे किसी बड़े पद पर काबिज होने को लेकर फैसला लिया जा सकता है. उनको तमाम बोर्ड पद पर आगे बैठने को लेकर पाबंदी लगाई जा सकती है.

क्रिकेट जगत की बड़ी खबर: BCCI अध्यक्ष पद के लिए फाइनल लिस्ट तैयार, राजीव शुक्ला रेस में शामिल

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की 94वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) इस महीने मुंबई में होनी है. इस आम बैठक में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव होगा. सूत्रों ने बताया है कि एजीएम से पहले एक हाई लेवल मीटिंग होने वाली है, जिसमें बोर्ड के शीर्ष अधिकारी भाग लेंगे. बंद कमरे में होने वाली इस मीटिंग में आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. बीसीसीआई में सचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के पदों पर पुराने पदाधिकारी ही बने रहेंगे. अध्यक्ष पद के लिए बीसीसीआई ने अभी तक कोई नाम तय नहीं किया है. अध्यक्ष कोई पूर्व खिलाड़ी भी हो सकता है या फिर कोई वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक. बोर्ड ने अभी तक किसी एक उम्मीदवार पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. अंतिम निर्णय हाई लेवल मीटिंग में लिया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, राजीव शुक्ला के लिए तीन संभावनाएं हैं. बीसीसीआई के वो वाइस-प्रेसिडेंट बने रह सकते हैं. या आईपीएल के चेयरमैन बन सकते हैं. या उनका प्रमोशन हो सकता है और वो बीसीसीआई अध्यक्ष बन सकते हैं. हालांकि सबसे ज्यादा संभावना है कि वो मौजूदा पद (उपाध्यक्ष) पर बने रहें, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए भी उनके पक्ष में समीकरण 60-40 बताया जा रहा है. कौन बनेगा अगला IPL चैयरमैन? उधर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अध्यक्ष पद में बदलाव हो सकता है. पूर्व कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी आईपीएल के अगले चेयरमैन बन सकते हैं. आईपीएल चेयरमैन पद के लिए  बंगाल से अभिषेक डालमिया का नाम भी चर्चा में है. डालमिया फिलहाल आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य हैं. रोजर बिन्नी की उम्र 70 साल से ज्यादा हो गई है, जिसके चलते उन्होंने हाल ही में बीसीसीआई के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था. बीसीसीआई के संविधान के अनुसार 70 साल से ज्यादा की उम्र के व्यक्ति को बोर्ड में कोई पद नहीं मिलेगा. फिलहाल उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रोजर बिन्नी की जगह कार्यवाहक अध्यक्ष का पदभार संभाले हुए हैं. बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा (AGM) सितंबर के आखिरी हफ्ते में होने की संभावना है. इसके लिए नोटिस अगले 2-3 दिनों में जारी किया जाएगा.

क्रिकेट कंपनियों के लिए बड़ा मौका! BCCI ने रखीं टाइटल स्पॉन्सर की शर्तें

मुंबई  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने नेशनल क्रिकेट टीम के लिए लीड स्पॉन्सरशिप के आवेदन खोले हैं और "नामी कंपनियों" को अधिकारों के लिए बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया है. इच्छुक कंपनियां 2 सितंबर से Expression of Interest दस्तावेज़ ले सकेंगे और आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर रखी गई है. पिछले महीने आजतक ने अपनी रिपोर्ट में बताया था  कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशिया कप (9 सितंबर से शुरू) बिना लीड स्पॉन्सर खेलेगी, क्योंकि Dream11 ने करार खत्म कर दिया था. BCCI का नया विज्ञापन इस बात की पुष्टि करता है, जिसमें बोली लगाने की आखिरी तारीख सितंबर के बीच तय की गई है. महिला राष्ट्रीय टीम भी अपना महिला वनडे वर्ल्ड कप घरेलू मैदान पर 30 सितंबर से शुरू करेगी, और देखना होगा कि तब तक BCCI नया लीड स्पॉन्सर ढूंढ पाता है या नहीं. बोर्ड का लक्ष्य एक लंबे समय का साझेदारी करार करना है, खासकर पुरुषों का 2027 वर्ल्ड कप देखते हुए. 28 अगस्त को अंतरिम अध्यक्ष राजीव शुक्ला की अगुवाई में हुई आपातकालीन एपेक्स काउंसिल बैठक में फैसला हुआ कि बोर्ड सिर्फ एशिया कप के लिए जल्दबाज़ी में स्पॉन्सर नहीं चुनेगा. Dream11 का करार अचानक खत्म हुआ क्योंकि सरकार ने 2025 के Promotion and Regulation of Online Gaming Act के तहत रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया. Dream11 ने 2023-2026 के चक्र के लिए टीम इंडिया का टाइटल स्पॉन्सर बनने का 44 मिलियन अमेरिकी डॉलर (358 करोड़ रुपये) का करार किया था, लेकिन एक साल बाकी रहते ही यह करार खत्म कर दिया गया. BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कहा था कि अब बोर्ड किसी भी रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ाव नहीं रखेगा. उन्होंने कहा, 'हमारा रुख बिल्कुल साफ है. सरकारी नियम लागू होने के बाद, BCCI Dream11 या ऐसी किसी दूसरी गेमिंग कंपनी से करार जारी नहीं रख सकता. नए प्रतिबंधों के तहत कोई गुंजाइश नहीं है और हमें Dream11 के साथ समस्या का सामना करना पड़ा.” BCCI लीड स्पॉन्सर आमंत्रण: पात्रता शर्तें वित्तीय पात्रता * पिछले तीन सालों में औसत टर्नओवर 300 करोड़ रुपये होना चाहिए, या * पिछले तीन सालों में औसत नेटवर्थ 300 करोड़ रुपये होना चाहिए. फिट एंड प्रॉपर पर्सन शर्तें * धोखाधड़ी, आर्थिक अपराध या गंभीर अपराध में दोषी न हो. * BCCI नियमों के हिसाब से हितों का टकराव न हो. * 2 साल या उससे ज्यादा की सज़ा वाले अपराध में दोषी न हो. * RBI द्वारा “wilful defaulter” घोषित न हो. * अच्छी ईमानदारी और साख हो. इन क्षेत्रों की कंपनियां बोली नहीं लगा सकतीं – * ऑनलाइन मनी गेमिंग, सट्टेबाज़ी या जुआ (भारत या विदेश में) * क्रिप्टोकरेंसी कारोबार (ट्रेडिंग, एक्सचेंज, टोकन) * 2025 के Online Gaming Act के तहत प्रतिबंधित गतिविधियां * सट्टेबाज़ी/जुआ से जुड़ी कंपनियों में निवेश या स्वामित्व रखने वाले * ब्लॉक्ड ब्रांड कैटेगरी (जब तक उस कैटेगरी का मौजूदा स्पॉन्सर न हो):  प्रतिबंधित ब्रांड कैटेगरी * शराब उत्पाद * सट्टेबाज़ी या जुआ सेवाएं * क्रिप्टोकरेंसी * ऑनलाइन मनी गेमिंग * तंबाकू * अश्लील सामग्री या सार्वजनिक नैतिकता के खिलाफ कंटेंट * सरोगेट ब्रांडिंग (दूसरे नाम या ब्रांड से छिपकर बोली लगाना)  मुख्य तारीखें * आवेदन की अंतिम तारीख: 16 सितंबर 2025

BCCI को नया स्पॉन्सर चाहिए: ड्रीम11 के जाने के बाद 450 करोड़ रुपये का टारगेट

 नई दिल्ली ऑनलाइन गेमिंग पर संसद से कानून बनने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की स्पॉन्सर ड्रीम11 ने अपना करार तय समय से करीब एक साल पहले ही खत्म कर दिया है। उसके बाद से ही बीसीसीआई को अब नए स्पॉन्सर की तलाश है। एशिया कप इसी महीने 9 सितंबर से शुरू हो रहा है। ऐसे में बोर्ड की कोशिश है कि उससे टीम इंडिया के लिए एक टी-शर्ट स्पॉन्सर मिल जाए। लेकिन ज्यादा समय नहीं है तो इसमें देरी हो सकती है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब बीसीसीआई की नजर 2025 से 2028 के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश पर है और नए स्पॉन्सरशिप की वैल्यू करीब 450 करोड़ रुपये होगी जो ड्रीम11 के पेमेंट से कहीं अधिक होगी। ड्रीम11 ने बीसीसीआई के साथ 3 साल के लिए स्पॉन्सरशिप डील पर दस्तखत किए थे। इस दौरान वह बोर्ड को 358 करोड़ रुपये का भुगतान करती। हालांकि, नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनने के बाद ड्रीम11 ने तय समय से करीब एक साल पहले ही स्पॉन्सरशिप से हाथ खींच ली है। नए कानून के मुताबिक अब हर वो ऑनलाइन गेम गैरकानूनी है जिसमें यूजर्स से पैसे लिए जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट से जुड़े कई ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म उभरे थे और इनका बाजार तेजी से बढ़ता गया। इनके करोड़ों यूजर्स थे जो पैसे लगाकर टीम बनाते थे और करोड़पति बनने की हसरत में अक्सर पैसे गंवाते थे। इसी वजह से सरकार ने कानून बनाकर हर उस ऑनलाइन गेम को गैरकानूनी घोषित कर दिया है जिसमें यूजर्स से पैसे लिए जाते थे। इसके बाद ड्रीम11 समेत ऐसे हर प्लेटफॉर्म के लिए मुश्किल पैदा हो गई है।  अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि बीसीसीआई अब 2025 से 2028 की समयावधिक के बीच टीम इंडिया के 140 मैचों के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश तेज कर दी है। ड्रीम11 ने जितने में स्पॉन्सरशिप डील साइन की थी, नए स्पॉन्सर को उससे ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ेगी। स्पॉन्सरशिप टीम इंडिया की होम सीरीज के मैच के साथ-साथ विदेश में खेले जाने वाले द्विपक्षीय मैचों और बहुपक्षीय टूर्नामेंट के मैचों के लिए भी लागू होगी। बोर्ड ने प्रति द्विपक्षीय मैच के लिए 3.5 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप का टारगेट रखा है। इसके अलावा आईसीसी और एशियन क्रिकेट काउंसिल (एससीसी) के मैचों के लिए प्रति मैच 1.5 करोड़ रुपये का टारगेट रखा है। यह ड्रीम11 के भुगतान की गई रकम से तो ज्यादा है लेकिन बॉयजू ने इससे ज्यादा का भुगतान किया था। ड्रीम 11 ने जुलाई 2023 में बीसीसीआई के साथ 3 साल के लिए 358 करोड़ रुपये में स्पॉन्सरशिप डील पर दस्तखत किए थे।

रोहित-विराट-धोनी पर पड़ा असर, BCCI को एक फैसले ने लगाया 250 करोड़ का चूना

नई दिल्ली  ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. ये बिल जैसे ही कानून बना तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और खिलाड़ियों को बड़ा नुकसान हुआ है. रियल मनी गेमिंग पर पूरी तरह से बैन लगने के चलते ड्रीम 11 और बीसीसीआई (BCCI) के रास्ते अलग हो चुके हैं. ड्रीम-11 जैसे रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगने से  बीसीसीआई को करीब 245 करोड़ सालाना नुकसान हुआ है, जबकि स्टार क्रिकेटर्स को भी झटका लगा है. विराट कोहली का 10 से 12 करोड़ और रोहित शर्मा और एमएश धोनी को 6 से 7 करोड़ रुपये का सालाना लॉस हुआ है. दरअसल, ड्रीम 11 से बीसीसीआई (BCCI) को साल भर में करीब 120 करोड़ रुपए मिल रहे थे, जो टीम इंडिया का लीड स्पॉन्सर था. लेकिन नए कानून के लागू होते ही दोनों के बीच 358 करोड़ का करार समय से पहले ही खत्म हो गया. इतना ही नहीं आईपीएल का एसोसिएट स्पॉन्सर माय11सर्किल था, जिसके साथ बीसीसीआई की करीब 125 करोड़ रुपये सीजन की डील थी. इस तरह बोर्ड को साल में 250 करोड़ का सीधा नुकसान हुआ है. बीसीसीआई को इतनी महंगी डील मिलना मुश्किल क्रिकेटबज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर जोर दियाकि बीसीसीआई (BCCI) को फिर भी दूसरे स्पॉन्सर मिल जाएंगे, लेकिन इस बार शायद डील इतनी महंगी देखने को न मिले. रिपोर्ट के मुताबिक, विराट, रोहित और धोनी को छोड़कर बाकी खिलाड़ियों की फीस उतनी महंगी नहीं थी, लेकिन फिर भी ये करोड़ों रुपये चार्ज कर रहे थे.अब इन सभी खिलाड़ियों को तगड़ा झटका लगा है. किस खिलाड़ी को कितने पैसे मिल रहे थे? विराट कोहली को MPL एड करेन के लिए साल में 10 से 12 करोड़ देता था. रोहित शर्मा को ड्रीम 11 की तरफ से करीब 7 करोड़ आते थे. एमएस धोनी भी विंजो से करीब  6 से 7 करोड़ कमाते थे. जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, ऋषभ पंत, हार्दिक पंड्या को  Dream11 से 3 से 6 करोड़ देता था. इन खिलाड़ियों को भी करोड़ों का नुकसान भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान  कप्तान शुभमन गिल, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़, रिंकू सिंह और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ My11 Circle से जुड़े हुए थे. इनका भी करोड़ों का नुकसान होने वाला है, क्योंकि भारत में ड्रीम11 और My11 Circle जैसी गेमिंग कंपनियां बैन हो चुकी हैं और वो अपना कारोबार समेट रही हैं. साल में कितने करोड़ का नुकसान? दरअसल, क्रिकेट में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री ने तेजी से पैर पसारे थे. ये कंपनियां एड कराने के लिए खिलाड़ियों को खूब पैसा दे रहीं थीं. भारत में क्रिकेट जगत का लगभग हर बड़ा नाम इन कंपनियों से सीधे तौर पर जुड़ा था. सभी के पास अलग-अलग गेमिंग कंपनियों के साथ ब्रांड डील थीं. एक रिपोर्ट में दावा किया गा है कि इन गेमिंग एप्स पर बैन लगनेसे बीसीसीआई (BCCI) और खिलाड़ियों को हर साल 150-200 करोड़ रुपये का नुकसान होगा.

Dream11 का बड़ा फैसला: अब नहीं होगी टीम इंडिया की टाइटल स्पॉन्सरशिप

नई दिल्ली एशिया कप 2025 से पहले भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) को बड़ा झटका लगा है. ड्रीम11 (Dream11) ने बीसीसीआई को ये सूचित कर दिया है है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम को अब स्पॉन्सर नहीं करेगा. संसद ने हाल ही में प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 पास किया है. इस बिल के तहत भारत में रियम मनी गेमिंग पर रोक लग गई है, जिसके कारण ड्रीम11 का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है.  रिपोर्ट के मुताबिक ड्रीम11 के प्रतिनिधि मुंबई स्थित बीसीसीआई ऑफिस आए और सीईओ हेमांग अमीन को इस फैसले की जानकारी दी. अब बीसीसीआई जल्दी ही नया टेंडर जारी करेगा. एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होनी है. अब ड्रीम11 के हटने के बाद BCCI को जल्द ही नया स्पॉन्सर खोजना होगा. बीसीसीआई के अधिकारी ने इस अंग्रेजी अखबार को बताया, 'ड्रीम11 के प्रतिनिधियों ने बीसीसीआई कार्यालय का दौरा किया. उन्होंने सीईओ हेमांग अमीन को सूचित किया कि ड्रीम11 अब इस डील को आगे जारी रखने में असमर्थ है. इसके चलते वो एशिया कप के लिए भारतीय टीम का प्रायोजक नहीं होगा. बीसीसीआई जल्द ही एक नया टेंडर जारी करेगा.' ड्रीम11 में कितने में की थी डील? ड्रीम11 ने जुला्ई 2023 में बीसीसीआई के साथ 358 करोड़ रुपये की भारी भरकम डील की थी. इसके तहत ड्रीम11 ने भारतीय महिला टीम, भारतीय मेन्स टीम, इंडिया अंडर-19 टीम और इंडिया-ए टीम की किट के लिए स्पॉन्सर राइट्स हासिल किए थे. तब ड्रीम11 ने बायूज ( Byju’s) को रिप्लेस किया था. कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने के बावजूद ड्रीम11 को किसी तरह का जुर्माना नहीं भरना होगा. कॉन्ट्रैक्ट में साफ लिखा है कि अगर भारत सरकार के नए कानून से कंपनी के मुख्य बिजनेस पर असर पड़ता है, तो कंपनी बोर्ड को कोई पेनल्टी नहीं देगी. ड्रीम11 की शुरुआत 18 साल पहले हुई थी और आज इसकी वैल्यू लगभग 8 बिलियन डॉलर है. ड्रीम11 ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी बड़ा निवेश किया. इसने एमएस धोनी, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों को ब्रांड एंबेसडर बनाया. साल 2020 में ड्रीम11 ने आईपीएल ट्रॉफी को भी स्पॉन्सर किया. ड्रीम11 कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) का आधिकारिक फैंटेसी पार्टनर है. साथ ही यह न्यूजीलैंड में आयोजित होने वाले सुपर स्मैश का टाइटल स्पॉन्सर भी रहा है. ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (महिला और पुरुष दोनों) से भी इसका जुड़ाव रहा है. साल 2018 में इसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के साथ भी पार्टनरशिप की थी. क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी इसने निवेश किया हुआ है

बीसीसीआई ने सीनियर पुरुष, महिला और जूनियर पुरुष चयन समितियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए

मुंबई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने पुरुष (सीनियर और जूनियर) तथा महिला चयन समितियों के लिए कई पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। बीसीसीआई की अधिसूचना के अनुसार, उसने सीनियर पुरुष चयन समिति के लिए दो राष्ट्रीय चयनकर्ता पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये चयनकर्ता टीम इंडिया (सीनियर पुरुष) का चुनाव सभी प्रारूपों में करेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 सितंबर शाम 5 बजे तक है। चुने गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा सकता है। सभी पदों पर बीसीसीआई के नियमों और आचार संहिता का पालन जरूरी होगा। सीनियर पुरुष चयनकर्ता बनने के लिए खिलाड़ी को कम से कम 7 टेस्ट या 30 प्रथम श्रेणी मैच या 10 वनडे और 20 प्रथम श्रेणी मैच खेले होने चाहिए। साथ ही, खिलाड़ी को खेल से कम से कम 5 साल पहले संन्यास लिया होना चाहिए। जो व्यक्ति बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति का कुल 5 साल सदस्य रहा है, वह इस पद के लिए योग्य नहीं होगा। इस मानक के अनुसार, दक्षिण क्षेत्र से जुड़े चयनकर्ता श्रीधरन शरत का कार्यकाल खत्म हो सकता है। उन्होंने इससे पहले 2021 में जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था और 2023 की शुरुआत में उन्हें वरिष्ठ चयन पैनल में पदोन्नत किया गया था। उनके साथ सुब्रतो बनर्जी या शिव सुंदर दास को भी रिप्लेस किया जा सकता है। महिला चयन समिति के सदस्य टीम इंडिया (सीनियर महिला) का चयन करेंगे। इसके अलावा, वे कोच और सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा करेंगे, रिपोर्ट तैयार करेंगे, और नई खिलाड़ियों की बेंच स्ट्रेंथ बनाने पर ध्यान देंगे। महिला राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने वाली और कम से कम 5 साल पहले संन्यास ले चुकी खिलाड़ी इन पदों के लिए आवेदन कर सकती हैं। यहां भी वही शर्त लागू है कि जो व्यक्ति बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति का कुल 5 साल सदस्य रहा है, वह आवेदन नहीं कर सकता। वर्तमान चयनकर्ता नीतू डेविड, आरती वैद्य, रेणु मार्ग्रेट और वेंकटचर कल्पना के पद छोड़ने की संभावना है, क्योंकि उन्हें सितंबर 2020 में नियुक्त किया गया था और उनका पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। हालांकि, श्यामा शॉ अपनी जगह बरकरार रख सकती हैं, क्योंकि वह जून 2023 में समिति में शामिल हुई थीं। जूनियर पुरुष चयन समिति का काम अंडर-22 तक की टीमों का चुनाव करना होगा। इसमें कैम्प, टूर्नामेंट, कप्तान और सपोर्ट स्टाफ का चयन भी शामिल है। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना भी जिम्मेदारी का हिस्सा होगा। इस समिति में वही पूर्व खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं जिन्होंने कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मैच खेले हों और 5 साल पहले खेल से संन्यास लिया हो। कोई भी व्यक्ति जो किसी भी क्रिकेट समिति (जैसा कि बीसीसीआई के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और नियमों व विनियमों में परिभाषित है) का कुल 5 वर्षों तक सदस्य रहा हो, जूनियर क्रिकेट समिति का सदस्य बनने के लिए पात्र नहीं होगा। मौजूदा सदस्यों में रानादेव बोस, हरविंदर सिंह सोढ़ी, पथिक पटेल और कृष्ण मोहन को रिप्लेस किया जा सकता है, क्योंकि वे 2021 से इस समिति में हैं। वर्तमान अध्यक्ष तिलक नायडू, जो जून 2023 में जुड़े थे, फिलहाल बने रह सकते हैं।  

क्रिकेट चयन समिति में बड़ा फेरबदल, BCCI ने सेलेक्टर्स के लिए निकाली वैकेंसी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने सीनियर मेन्स, वूमेन्स और जूनियर मेन्स चयन समिति में सेलेक्टर्स के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. कुल 7 पद खाली हैं जिसके लिए योग्य उम्मीदवार आवेदन कर पाएंगे. 10 सितंबर 2025 की शाम 5 बजे तक इन पदों के लिए आवेदन किया जा सकता है. शॉर्टलिस्टिंग और स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. बीसीसीआई की ओर से आवदेन करने के लिए लिंक भी शेयर किया गया है. मेन्स सेलेक्शन कमेटी में 2 पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस समिति में शामिल सदस्य का काम भारतीय पुरुष टीम का चयन करना होता है. इस पद के लिए वही खिलाड़ी आवदेन कर सकते हैं, जिन्होंने 7 टेस्ट मैच या 30 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों. या 10 वनडे और 20 फर्स्ट-क्लास मैच. साथ ही कम से कम 5 साल पहले संन्यास लिया हो और बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति में सदस्य के तौर पर 5 साल से ज्यादा का कार्यकाल नहीं रहा हो. वर्तमान में मेन्स सेलेक्शन पैनल में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, शिवसुंदर दास, सुब्रतो बनर्जी, अजय रात्रा और एस शरत शामिल हैं. इनमें मुख्य चयनकर्ता अगरकर का कार्यकाल जून 2026 तक बढ़ाया गया है. उधर महिला चयन समिति में 4 पद के लिए बोर्ड की ओर से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस सेलेक्शन पैनल का मुख्य काम महिला टीम का चयन करना है. इसके साथ ही चयन समिति का काम कोच और सपोर्ट स्टाफ की जांच, मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करना और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना होता है. इसके लिए वहीं प्लेयर अपनी दावेदारी पेश कर सकती हैं, जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व किया हो. साथ ही कम से कम 5 साल पहले संन्यास लिया हो. इसके अलावा बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति में कुल मिलाकर 5 साल से अधिक का कार्यकाल नहीं रहा हो. जूनियर मेन्स सेलेक्टर के लिए क्या है योग्यता? बीसीसीआई की तरफ से जूनियर मेन्स क्रिकेट समिति में 1 पद के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. जूनियर क्रिकेट समिति का सदस्य अंडर-22 लेवल तक की टीमों का चयन करेगा. इसके सदस्य का काम जूनियर टूर्नामेंट्स का आयोजन करना, कप्तान और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति करना और युवा खिलाड़ियों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना होता है.  जूनियर मेन्स क्रिकेटर समिति में सेलेक्टर पद के लिए वही खिलाड़ी आवेदन कर पाएंगे, जिन्होंने कम से कम 25 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हों. साथ ही कम से कम 5 साल पहले क्रिकेट से संन्यास लिया हो. इसके अलावा बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति में 5 से ज्यादा समय तक सदस्य नहीं रहा हो.

BCCI का ACC बैठक में रहना तय, एशिया कप को लेकर असमंजस होगा खत्म?

मुंबई  एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के संबंध में गतिरोध टूटता हुआ लग रहा है। बीसीसीआई ढाका में होने वाली बैठक में वर्चुअल तौर पर भाग लेने के लिए तैयार है। हालांकि बीसीसीआई ने शुरू में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का बहिष्कार किया था लेकिन अब वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेगा। एशिया कप टी20 के आयोजन स्थल को लेकर गतिरोध निश्चित रूप से चर्चा में आएगा क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई, अबुधाबी और शारजाह में मैदान होने के कारण यह एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है। मेजबानी की दौड़ में दूसरा देश श्रीलंका है क्योंकि भारत बांग्लादेश की यात्रा नहीं करेगा। एसीसीसी सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व उसके उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला वर्चुअल रूप से करेंगे जो एसीसी बोर्ड के नामित सदस्य हैं। एशिया कप के आयोजन स्थल पर अंतिम निर्णय लिया जाना है इसलिए बीसीसीआई ने वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेने का फैसला किया है। ’’ बीसीसीआई ने अगस्त में अपने बांग्लादेश दौरे को पहले ही स्थगित कर दिया है। उसने पहले महाद्वीपीय संस्था से आयोजन स्थल बदलने का अनुरोध किया था। राजनीतिक अशांति और स्थिर सरकार के अभाव के कारण भारतीय बोर्ड पड़ोसी देश की यात्रा को लेकर संशय में है।

BCCI का ACC बैठक में रहना तय, एशिया कप को लेकर असमंजस होगा खत्म?

मुंबई  एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के संबंध में गतिरोध टूटता हुआ लग रहा है। बीसीसीआई ढाका में होने वाली बैठक में वर्चुअल तौर पर भाग लेने के लिए तैयार है। हालांकि बीसीसीआई ने शुरू में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का बहिष्कार किया था लेकिन अब वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेगा। एशिया कप टी20 के आयोजन स्थल को लेकर गतिरोध निश्चित रूप से चर्चा में आएगा क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई, अबुधाबी और शारजाह में मैदान होने के कारण यह एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है। मेजबानी की दौड़ में दूसरा देश श्रीलंका है क्योंकि भारत बांग्लादेश की यात्रा नहीं करेगा। एसीसीसी सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व उसके उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला वर्चुअल रूप से करेंगे जो एसीसी बोर्ड के नामित सदस्य हैं। एशिया कप के आयोजन स्थल पर अंतिम निर्णय लिया जाना है इसलिए बीसीसीआई ने वर्चुअल रूप से बैठक में भाग लेने का फैसला किया है। ’’ बीसीसीआई ने अगस्त में अपने बांग्लादेश दौरे को पहले ही स्थगित कर दिया है। उसने पहले महाद्वीपीय संस्था से आयोजन स्थल बदलने का अनुरोध किया था। राजनीतिक अशांति और स्थिर सरकार के अभाव के कारण भारतीय बोर्ड पड़ोसी देश की यात्रा को लेकर संशय में है।