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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से गरमाई सियासत: भाजपा ने विपक्ष पर साधा तीखा निशाना

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसी बीच, सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सनातन को बांटने वाले यूजीसी के नियम पर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से रोक लगाए जाने पर हार्दिक आभार। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार की पहचान सबका साथ, सबका विकास और सनातन की अखंड एकता की है।" भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 'एक्स' पर लिखा, "यूजीसी पर गाली देने वाले सभी ज्ञानी, पिछले 2 दिनों से संसद जा रहा हूं। किसी राजनीतिक दल के किसी सदस्य ने इस पर चर्चा तक करना मुनासिब नहीं समझा? उल्टा जिस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर गरीब की सुध ली, उसी को गाली।" निशिकांत दुबे ने आगे कहा, "मैं दोबारा आपसे करबद्ध निवेदन करता हूं कि मोदी जी पर भरोसा रखिए, संविधान की धारा 14 और 15 के तहत ही देश के कानून चलेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो मैंने कहा।" सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने यूजीसी के नए रेगुलेशन पर रोक लगाई और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि तब तक 2012 के यूजीसी रेगुलेशन ही लागू रहेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की। चीफ जस्टिस ने कहा कि रेगुलेशन में इस्तेमाल किए गए शब्दों से यह संकेत मिलता है कि इसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी की कि अदालत समाज में एक निष्पक्ष और समावेशी माहौल बनाने पर विचार कर रही है।

BJP सांसद को मिली जान से मारने की धमकी, बिहार पुलिस में मचा हड़कंप

पटना बिहार चुनाव के बीच भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन  को जान से मारने की धमकी और गाली-गलौज वाले फ़ोन कॉल आए, जिसके बाद उन्होंने के गोरखपुर रामगढ़ ताल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भाषणों को लेकर फोन पर दी धमकी गोरखपुर के शहर SP अभिनव त्यागी ने कहा, "एक घटना सामने आई है जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने सांसद रवि किशन को बिहार चुनाव प्रचार के दौरान उनके भाषणों को लेकर फोन पर धमकी दी। मामला दर्ज कर लिया गया है। रामगढ़ पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।" प्राथमिकी के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 302, 351(3) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के रवि किशन शुक्ला के निजी सचिव शिवम द्विवेदी ने दर्ज कराई है। एक्स पर एक पोस्ट में, रवि किशन ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया। उनकी पोस्ट में लिखा है, "मुझे हाल ही में फोन पर अभद्र भाषा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि मेरी मां के बारे में भी अभद्र टिप्पणी की गई। मुझे जान से मारने की धमकी दी गई और भगवान श्री राम के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहे गए। यह न केवल मेरी व्यक्तिगत गरिमा पर बल्कि हमारी आस्था और भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों पर भी सीधा हमला है। " उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्यों का उद्देश्य "घृणा और अराजकता फैलाना" है, लेकिन इसका "लोकतांत्रिक ताकत और वैचारिक संकल्प" से सामना किया जाएगा। "मैं इन धमकियों से नहीं डरता हूं" रवि किशन ने कहा, इस तरह के कृत्य घृणा फैलाने के प्रयास हैं और समाज में अराजकता की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा और उनका लोकतांत्रिक ताकत और वैचारिक संकल्प से प्रेरित होकर जवाब दिया जाएगा। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैं न तो इन धमकियों से डरता हूं और न ही इनके आगे झुकता हूं। जनसेवा, राष्ट्रवाद और धर्म के मार्ग पर चलना मेरे लिए कोई राजनीतिक रणनीति नहीं है – यह जीवन का संकल्प है। मैं हर परिस्थिति में इस मार्ग पर अडिग रहूंगा, चाहे इसके लिए मुझे कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।" उन्होंने आगे कहा, "यह मार्ग कठिन है, लेकिन इसी में मैं अपने जीवन को सार्थक मानता हूं। मेरे लिए, यह संघर्ष स्वाभिमान, आस्था और कर्तव्य की रक्षा का प्रतीक है, और मैं अंत तक दृढ़ और समर्पित रहूंगा।"  

बंगाल में TMC के गुंडों ने BJP सांसद को पीटा, गजेंद्र सिंह बोले: महिलाएं भी असुरक्षित

बीकानेर राजस्थान के बीकानेर में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह ने बयान दिया है। सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले को लेकर देशभर में आक्रोश है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि रात में लड़कियों को कॉलेज के बाहर नहीं जाना चाहिए। इस बयान ने व्यापक विवाद खड़ा कर दिया है और विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं के प्रति असंवेदनशील करार दिया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह ने ममता सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में सुरक्षा की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि राज्य में न रात में कोई सुरक्षित है और न ही दिन में, और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध इस बात का प्रमाण हैं। गजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए ममता बनर्जी का यह बयान न केवल असंवेदनशील है, बल्कि इससे यह संदेश जाता है कि पीड़ितों को अपने आप को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी लेनी होगी, जबकि अपराधियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी के गुंडों द्वारा भाजपा सांसद पर हाल ही में हमला किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, और इस तरह की अराजक परिस्थितियों में महिलाओं का असुरक्षित होना और उनके साथ दुराचार होना आम बात बन गई है। गजेंद्र सिंह ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की होती, तो यह स्पष्ट संदेश जाता कि भविष्य में कोई भी अपराध करने से पहले सोचेगा। गजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि लोकतंत्र में ममता बनर्जी के इस बयान का जवाब अगले चुनाव में वहां की माताएं, बहनें और बेटियां निश्चित रूप से देंगी। वे कांग्रेस के नेता और पूर्व सांसद रामेश्वर डूडी को श्रद्धांजलि देने बीकानेर पहुंचे थे।