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मौजूदा हालात के मद्देनजर पंजाब के लिए BJP की बड़ी रणनीति

पंजाब पंजाब में बाढ़ के खतरे को देखते हुए भाजपा ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, 'भाजपा के सेवादार आए आप द्वार' अभियान के तहत पंजाब में आयोजित किए जा रहे जन कल्याण शिविरों को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए भाजपा पंजाब प्रधान सुनील कुमार जाखड़ ने दी है। जाखड़ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होते ही केंद्र सरकार द्वारा गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, दलितों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए राज्य भर में फिर से शिविर लगाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, जाखड़ ने कहा कि पंजाब के हालात को देखते हुए भाजपा के सीनियर नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को दूर करने और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए इन समाज कल्याण शिविरों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, ये शिविर फिर से आयोजित किए जाएंगे। 

आगर मालवा: सियासी उलटफेर, नगर परिषद अध्यक्ष ने बदला पार्टी दामन

आगर मालवा मध्य प्रदेश के आगर मालवा की नगर परिषद सुसनेर में बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। नगर परिषद सुसनेर की अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया ने भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। बताया जाता है कि विधायक भैरोसिंह परिहार एवं अन्य कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में लक्ष्मी सिसोदिया ने कांग्रेस की सदस्यता ली। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया। पार्षदों ने खोला था मोर्चा दरअसल, नगर परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया के खिलाफ दो दिन पहले तक भाजपा और कांग्रेस के पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में थे। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले ही भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने सिसोदिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू की थी। दोनों दल के पार्षदों ने अध्यक्ष लक्ष्मी सिसोदिया पर भ्रस्टाचार के आरोप लगाते हुए पद छोड़ने को लेकर मुहिम चला रखी थी। इसके लिए कलेक्टर कार्यलय समेत एसडीएम को पत्र भी लिखा जा चुका था। कलेक्टर कार्यालय में दिया था आवेदन इन पार्षदों ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया था। शनिवार को इन्हीं पार्षदों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सुसनेर में 15 पार्षद हैं। इनमें से 12 पार्षदों ने अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। पार्षदों ने उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लागते हुए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू की थी। इसमे भाजपा के 8 और कांग्रेस के 4 पार्षद शामिल थे। ई-रिक्शा ओर डीजल घोटाले के आरोप शनिवार को रेस्ट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्षदों ने ई रिक्शा से लेकर डीजल घोटाले के आरोप लगाए थे। पार्षदों का आरोप था कि अध्यक्ष और उनके परिजनों के निजी वाहनों में नगर परिषद से डीजल भरवाया गया। इसके सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। पार्षदों का आरोप था कि एक व्यक्ति से नौकरी के नाम पर 1 लाख रुपए लिए गए। घोटाले का आरोप पार्षदों का दावा था कि उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने लाखा प्रवेश द्वार को बेच दिया गया है। ई-रिक्शा कचरा वाहन खरीदी में घोटाला हुआ है। लोकायुक्त की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। हाथ ठेला कचरा गाड़ी में भी गबन किया गया है। धार्मिक ग्रंथ ओर देवी देवताओं की खाई कसम प्रेस वार्ता के बाद सभी पार्षदों ने धार्मिक ग्रंथों और देवी-देवताओं की कसम खाकर अध्यक्ष को हटाने का संकल्प लिया था। इस दौरान पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र सांवला ने बताया कि नगर परिषद कार्यालय से एलईडी लैंप चोरी का मामला दर्ज है। नए बसस्टैंड तालाब से जलकुंभी हटाने पर लाखों खर्च किए गए। जलकुंभी कंठाल नदी में फैलकर किटखेड़ी तक पहुंच गई है। इससे नलजल योजना का पानी दूषित हो रहा है। एक दिन पहले हुई थी प्रेस कॉन्फ्रेंस  सुसनेर डाक बंगला स्थित विश्राम गृह पर आयोजित प्रेस वार्ता में सत्तापक्ष के भीतर गहराते असंतोष को को लेकर पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने एक स्वर में अध्यक्ष पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्हें कुर्सी से हटाने की कसम खाई। उनको कहना था कि अब उनका धैर्य जवाब दे चुका है। वे अध्यक्ष को हटाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। इस बार विपक्षी कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा के पार्षद भी अध्यक्ष के विरोध में खड़े दिख रहे थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए आरोप प्रेस वार्ता के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि परिषद में ई-रिक्शा की खरीदी से लेकर लोहे की हाथ गाड़ियों, एलईडी लाइटों और मरम्मत कार्यों में बड़े पैमाने पर कथित तौर पर अनियमितताएं हुई हैं। पार्षदों ने कहा कि मरम्मत के नाम पर दो वर्षों में लगभग 20 लाख रुपए का भुगतान किया गया, लेकिन सुधार कार्य कहीं दिखाई नहीं दे रहे। लक्ष्मी सिसोदिया ने नकारे आरोप सुसनेर पार्षदों के आरोपों को परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया सिरे से नकार दिया। उनका कहना है कि पार्षदों के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। विकास और निर्माण कार्य नियमानुसार हुए हैं। विधायक भैरोंसिंह परिहार ने कहा कि सिसोदिया को उनकी ही पार्टी के लोग पद से हटाने की कोशिश कर रहे थे। उनके कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी और मजबूत होगी।

इंजीनियर को जूते से पीटने का मामला: बलिया में BJP नेता की गिरफ्तारी पर बवाल

बलिया उत्तर प्रदेश के बलिया में बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर सिंह द्वारा दफ्तर में घुसकर बिजली विभाग के इंजीनियर को जूते से पीटने के मामले में नया मोड़ आ गया है. जब पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई, तो वहां हंगामा खड़ा हो गया. मुन्ना बहादुर ने पुलिस की गाड़ी में बैठने से मना कर दिया और उनके समर्थकों ने भी मौके पर जमकर बवाल काटा. हालांकि, पुलिसकर्मियों ने घसीट कर मुन्ना को गाड़ी में बैठा लिया और वहां से निकल गई.  पुलिस और बीजेपी समर्थकों में झड़प यह घटना बलिया में बीते रविवार को हुई. बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर, जिन्हें पुलिस ने इंजीनियर को पीटने के आरोप में हिरासत में लिया था, सीने में दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल ले जाए गए. मेडिकल जांच के बाद जब पुलिस उन्हें वापस गाड़ी में बिठाने लगी, तो उन्होंने इसका विरोध किया. इसी बीच, सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. ऐसे में पुलिस को मुन्ना को जबरन गाड़ी तक घसीटकर ले जाना पड़ा, जिसके बाद ही वह बैठने को राजी हुए.  हालांकि, पुलिस वाहन में बैठने से पहले मुन्ना बहादुर सिंह ने खूब ड्रामा किया. उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की. साथ ही कहा कि उन्होंने लोगों की समस्या उठाई थी, लेकिन इंजीनियर के लोगों ने उनपर हमला किया. अब पुलिस उन्हें ही अरेस्ट कर रही है.  क्या था पूरा मामला? पूरा विवाद शनिवार को बिजली कटौती की शिकायत को लेकर शुरू हुआ. बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर बिजली विभाग के इंजीनियर श्रीलाल सिंह के ऑफिस पहुंचे थे. बातचीत के दौरान दोनों में बहस हुई और मुन्ना ने इंजीनियर को जूते से पीट दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. देखें वीडियो-  इंजीनियर श्रीलाल सिंह ने आरोप लगाया कि मुन्ना ने उनके साथ जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट की. वहीं, मुन्ना बहादुर का आरोप है कि इंजीनियर ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ बदतमीजी की और कर्मचारियों ने उन पर हमला किया.  पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा सीओ सिटी श्यामाकांत ने बताया कि इंजीनियर की तहरीर पर मुन्ना बहादुर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पीड़ित इंजीनियर का मेडिकल भी कराया गया है. बीते दिन मुन्ना बहादुर को जिला अस्पताल से गिरफ्तार किया गया. अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा. इस घटना ने बलिया में सियासी माहौल गरमा दिया है. 

भाजपा संगठन की बड़ी बैठक 31 को, नए पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय होंगी

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 31 अगस्त को प्रदेश भाजपा संगठन की बड़ी बैठक होने जा रही है. भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन नए पदाधिकारियों की क्लास लेंगे. इस बैठक में नए पदाधिकारियों को राष्ट्रीय नेताओं के साथ प्रदेश के नेताओं का भी मार्गदर्शन मिलेगा. सभी 476 मंडलों और 36 संगठन जिलों के अध्यक्षों के साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी, सभी मोर्चा के अध्यक्ष और प्रकोष्ठों के संयोजकों को बुलाया गया है. बैठक से पहले मुख्यमंत्री साय के विदेश दौरे से पहले रवानगी होने पर वह भी बैठक में शामिल हो सकते हैं. दोनों डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा के साथ ही प्रदेश के कई मंत्री भी बैठक में रहेंगे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर प्रदेश संगठन ने पहले सदस्यता अभियान चलाकर रिकॉर्ड 60 लाख सदस्य बनाने का काम किया. इसके बाद पहले बूथों के चुनाव कराए गए. भाजपा के पहले 405 मंडल थे. इसमें 71 और नए मंडल बनाकर मंडलों की संख्या 476 कर दी गई है. इसी के साथ 35 संगठन जिलों में एक बिलासपुर ग्रामीण जिला बनाकर इनकी संख्या को 36 कर दिया गया है. प्रदेश संगठन ने मंडलों के साथ ही जिलों में भी जिलाध्यक्षों के पदों पर नए चेहरों को मौका दिया है. एक मात्र जिला रायपुर ग्रामीण ही ऐसा है जहां पर पुराने अध्यक्ष को वापस अध्यक्ष बनाया गया है. नई कार्यकारिणी गठन के बाद प्रदेश संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक प्रदेश संगठन की नई कार्यकारिणी बनने के बाद अब प्रदेश संगठन प्रदेश स्तर की एक बड़ी बैठक कराने की तैयारी कर रहा है. वैसे तो पहले बैठक को 29 अगस्त को कराने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन अब यह बैठक 31 अगस्त को करने का फैसला किया गया है. बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन सभी नए पदाधिकारियों की क्लास लेकर उनको बताएंगे कि किस तरह से संगठन का काम करना है. नए पदाधिकारियों को क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ ही भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और डिप्टी सीएम अरुण साव के साथ ही अन्य वरिष्ठ नेताओं का भी मार्गदर्शन मिलेगा.

280 कांग्रेस नेताओं ने थामा भाजपा का दामन, रायसेन में राजनीतिक समीकरण बदले

भोपाल भाजपा की रीति नीति से प्रभावित होकर शनिवार को रायसेन जिले के 280 कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के समक्ष भाजपा प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। रायसेन जिले के उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के बरेली ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश उपाध्याय, जिला यूथ कांग्रेस महामंत्री आदित्य स्थापक, सेक्टर अध्यक्ष राजेश पचौरी, माखन धाकड़, अशोक घनघोरिया, सुरेश धामले (सेवानिवृत्त डीएसपी), रामकिशोर राजोरिया, नवनीत भार्गव (वकील) सहित 280 से अधिक कांग्रेस कार्यकताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।   सभी को पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर मिस्ड काल के माध्यम से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। बरेली ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रहे उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की पूछ-परख नहीं होती। कांग्रेस में फील्ड नहीं, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वालों का होता है सम्मान     इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हम सब मिलकर भाजपा परिवार के साथ-साथ देश को बढ़ाने का कार्य करेंगे। भाजपा में कोई कार्यकर्ता छोटा-बड़ा नहीं होता।     सबको सम्मान मिलता है। छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिल जाती है और वो उसे ईमानदारी से निभाता है।     आप सभी ने दिल से कांग्रेस का कार्य किया होगा, लेकिन कांग्रेस में जमीनी कार्यकर्ताओं का मूल्यांकन नहीं होता।     वहां पर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वालों का मूल्यांकन होता है और फील्ड में काम करने वालों को नजरअंदाज किया जाता है।     इसलिए कांग्रेस का परिवार रोज घट रहा है और भाजपा का परिवार बढ़ रहा है।

दिव्यांग कल्याण परिषद ने विधायक को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र, पेंशन बढ़ाने की मांग

दिव्यांग कल्याण एवं विकास परिषद के सदस्य,10 सूत्रीय मांगों का सौपा मांग पत्र,दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन 600 से बढ़ा कर 5 हजार कराये,सरकार तक भेजे हमारी मांगे,आज जनसुनवाई में आये नागरिको की विधायक ने सुनी समस्याए आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा में दिव्यांग कल्याण एवं विकास परिषद के सदस्य आज विधायक गोपालसिंह इंजीनियर द्वारा प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में पहुचे । दिव्यांग जनों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र विधायक को सौपा एवं उनकी मांगों को शासन तक पहुचने एवं उन मांगो को पूर्ण कराने की मांग की । सौपे गये मांग पत्र में मांग की गई कि अभी दिव्यांजनो को 600₹ पेंशन मिलती है सरकार उसे बढ़ा कर 5 हजार करे । दिव्यांग जनों को एवं आये अन्य  ग्रामीणोंजनों को विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने भरोसा दिया कि उनकी समस्या को जल्द हल कर जो मांग शासन स्तर की है उसे वे शासन तक पहुचायेंगे । आज जनसुनवाई में कई ग्रामो से ग्रामीण विधायक कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में  पहुचे । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये । आज जनसुनवाई में कई विभागों के 44 आवेदन प्राप्त हुए उन्हें निराकरण हेतु भेजे गये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा,जो मांग शासन स्तर की है उनेह वे शासन तक पहुचायेंगे। मीडिया प्रभारी सुशील संचेती ने जानकारी देते हुए बताया की आज जनसुनवाई में दिव्यांजनो की दस सूत्रीय मांगों के साथ घाटे वाले बाबा स्थल पर चबूतरा एवं टीन शेड निर्माण कराने,किसान सम्मन निधि अप्राप्त होने की शिकायत,मकान का पट्टा दिलाने,ग्राम टिंगम टेकरी मांडा गुराडिया तहसील जावर में मकान का पट्टा दिलाने,करंट लगने पर आर्थिक सहायता प्रदाय हेतु,स्पेशल मोबाइल एवं दिव्यांगों के लिए छड़ी प्रदाय हेतु मांग पत्र,दुपाड़िया से मुंदीखेड़ी तक रोड एवं डीपी हेतु आवेदन,अज्ञात वाहन से टक्कर मारने पर सहायता राशि दिलाने,काजीपुरा वार्ड क्रमांक 9 आष्टा में बाउंड्री वॉल एवं तीन पहिया वाहन दिलाने,ग्राम पंचायत अरनिया जोहरी में वाधयन्त्र हेतु राशि स्वीकृत करने, इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन हेतु आवेदन,आर्थिक सहायता की मांग,प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम क़िस्त प्रदाय हेतु मांग सहित अन्य 44 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

BJP की हरियाणा रणनीति: अक्टूबर में होगा मंत्रियों का रिव्यू, वन स्टेट-वन इलेक्शन पर फोकस

चंडीगढ़  हरियाणा में विधानसभा चुनाव में हारी 42 सीटों पर अगले चुनाव में कमल खिलाने के लिए भाजपा पूरी रणनीति के साथ जुट गई है। मिशन-2029 की तैयारियों को धार देने के लिए हर क्षेत्र के लिए अलग रणनीति तैयार की जा रही है। संगठनात्मक मजबूती, जनता से सीधा संवाद और हारी हुई सीटों पर रणनीति, इन्हीं तीन बिंदुओं पर मिशन-2029 की नींव रखी जा रही है। भाजपा नेताओं ने मंगलवार को चंडीगढ़ और पंचकूला में एक के बाद एक कई बैठकें की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली और संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने अलग-अलग बैठकों की कमान संभाली। प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पुनिया, डॉ. अर्चना गुप्ता और कृष्ण कुमार बेदी भी इन बैठकों में शामिल हुए। सबसे पहले सुबह मुख्यमंत्री आवास पर जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और पार्टी पदाधिकारियों की पहली बैठक हुई। इस बैठक में हाल ही में संपन्न जिला कार्यकारिणी की बैठकों की समीक्षा की गई और संगठन व सरकार के बीच बेहतर तालमेल की रणनीति पर चर्चा हुई। हरियाणा भाजपा के प्रदेश महामंत्री व कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, डॉ. अर्चना गुप्ता और सुरेंद्र पूनिया की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि जनता तक सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि पार्टी की पकड़ जमीनी स्तर पर और मजबूत हो सके। हारे हुए नेताओं को भी बुलाया इसके बाद भाजपा ने उन 42 नेताओं को बुलाया जो 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर हार चुके थे। इनमें पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता जैसे दिग्गज भी शामिल रहे। इस बैठक का मकसद मिशन-2029 के तहत उन सीटों पर विशेष रणनीति बनाना है, जहां भाजपा को पिछली बार झटका लगा था। मुख्यमंत्री और संगठन पदाधिकारियों ने इन नेताओं से फीडबैक लिया और चुनावी समीकरणों पर गहन मंथन किया। पार्टी का मानना है कि यदि इन सीटों पर पुख्ता तैयारी की जाए तो आने वाले चुनावों में भाजपा का ग्राफ दोबारा ऊपर उठ सकता है। भाजपा इन सीटों पर शेडो प्रभारी नियुक्त कर चुकी है। दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधायकों से मुलाकात कर उनके क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों पर चर्चा की। इसके बाद शाम को मंत्रियों के साथ बैठक में विभागीय कार्यों, प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की समीक्षा की गई। छठी बैठक पंचकूला में मन की बात कार्यक्रम की हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री शामिल हुए। बड़े लक्ष्य को साधने की तैयारी राजनीतिक हलकों में भाजपा की इन बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है। एक ओर भाजपा अपने घर को दुरुस्त करने में जुटी है तो दूसरी ओर विपक्षी दलों की नजर भी इन बैठकों पर टिकी हुई है। यह स्पष्ट है कि हरियाणा की राजनीति में आने वाले दिनों में भाजपा अपनी रणनीति और जमीनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए आक्रामक तेवर अपनाएगी। भाजपा की तैयारी बड़े लक्ष्य को साधने की है। 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा विधानसभा चुनाव में हारे भाजपा प्रत्याशियों की बैठक के बाद पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि 17 सितंबर से दो अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिन विधानसभा सीटों पर हार हुई हैं, उनमें कोई प्रतिनिधि न रहने के कारण विकास में कमी न आ जाए, इसके लिए बैठक में कार्ययोजना बनाई गई। उन्होंने ऐसी बैठकों की पहल के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को साधुवाद दिया है। हारी हुई सीटों पर विशेष ध्यान बीजेपी ने अपनी पिछली हार से सबक लेते हुए उन 42 विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है। इन सीटों का जिम्मा पहले ही 12 मंत्रियों और 30 विधायकों को सौंपा जा चुका है। बैठक में मुख्यमंत्री ने इन प्रभारियों से जमीनी स्तर का फीडबैक लिया और उन्हें निर्देश दिए कि वे हारे हुए प्रत्याशियों के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करें। पार्टी की रणनीति स्पष्ट है: हर महीने इन सीटों की समीक्षा की जाएगी, ताकि 2029 तक पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ा जा सके। पार्टी का लक्ष्य केवल हारी हुई सीटों को जीतना ही नहीं, बल्कि जीती हुई सीटों पर भी अपनी पकड़ मजबूत करना है। इसलिए, हर सीट के लिए अलग रणनीति तैयार की जा रही है। पार्टी ऐसे नए चेहरे भी तैयार करेगी जो विरोधी दलों के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर दे सकें। मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड और संगठनात्मक मजबूती संगठनात्मक स्तर पर भी बीजेपी ने कमर कस ली है। प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने बताया कि जिला कार्यकारिणी की बैठकें हो चुकी हैं और अब 23, 24 और 25 अगस्त को 377 मंडलों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में विकास कार्यों और मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर भी चर्चा होगी। पार्टी ने सभी मंत्रियों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड बनाने का भी फैसला किया है। इस रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा अक्टूबर में की जाएगी, जब सरकार को एक साल पूरा हो जाएगा। इस समीक्षा का उद्देश्य यह देखना होगा कि किस मंत्री के विभाग में जनहित के कितने काम हुए हैं और उनकी सक्रियता कितनी है। इससे पार्टी को न केवल सरकार की कार्यप्रणाली का आकलन करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी तय हो पाएगा कि कौन से नेता जनता के बीच कितने प्रभावी हैं। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की तैयारी केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की योजना के मद्देनजर, बीजेपी की यह तैयारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह रणनीति इस बात का संकेत देती है कि पार्टी हर परिस्थिति के लिए तैयार है, चाहे चुनाव कभी भी हों। संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं की ड्यूटी लगाकर और उनके रिपोर्ट कार्ड बनाकर, पार्टी अपनी पूरी मशीनरी को सक्रिय और जवाबदेह बनाना चाहती है। यह योजना न केवल हरियाणा में बीजेपी की स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि पार्टी हर सीट पर जीत के लिए एक मजबूत और समन्वित रणनीति के साथ मैदान में उतरे।   

बीजेपी नेतृत्व में बड़ा बदलाव, अगला अध्यक्ष हो सकता है उत्तर भारत से

नई दिल्ली बीजेपी का अगला अध्यक्ष कौन होगा? फिलहाल इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से जब इस सवाल का जवाब पूछा जाता है, तो वे कहते हैं कि अध्यक्ष तो बीजेपी का ही होगा। फिलहाल नाम नहीं बता सकते। लेकिन अब चर्चा है कि बीजेपी का अगला अध्यक्ष 'उत्तर' से हो सकता है। अब सवाल उठता है कि उत्तर से ही अध्यक्ष क्यों होगा, तो आइये जानते हैं इसके पीछे की सियासत। सीपी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी में ही सवाल का जवाब दरअसल, रविवार को बीजेपी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए साउथ ( तमिलनाडु ) से आने वाले ओबीसी के बड़े नेता सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है। सहयोगी दलों ने भी राधाकृष्णन को समर्थन किया है। राधाकृष्णन इस वक्त महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि पार्टी का अगला अध्यक्ष कौन होगा? सीपी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी में ही इस सवाल का जवाब छिपा है। क्षेत्रीय संतुलन का रखा जाएगा ख्याल बीजेपी के नए अध्यक्ष में क्षेत्रीय संतुलन का ख्याल रखा जाएगा। ठीक उसी तरह, जिस तरह सीपी राधाकृष्णन के चयन से पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन का ख्याल रखा है। मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा उत्तर भारत से हैं। अब चर्चा हो रही है कि नया अध्यक्ष भी उत्तर भारत से ही होगा। इसको लेकर कई कयास भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि बीजेपी अपने अप्रत्याशित फैसलों के लिए जानी जाती है। अंत में कुछ भी हो सकता है। उत्तर भारत ही क्यों? दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पूर्वी भारत से हैं। उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन दक्षिण भारत से आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम भारत से आते हैं, और संसद में उत्तर भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि बीजेपी का अगला अध्यक्ष उत्तर भारत से हो सकता है। इन नामों की है चर्चा नए अध्यक्ष के लिए जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा है, उनमें मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव और केशव प्रसाद मौर्य प्रमुख हैं, जो सभी उत्तर भारत से आते हैं। यही कारण है कि सीपी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी के बाद कयास लग रहे हैं कि नया अध्यक्ष उत्तर भारत से हो सकता है। जातीय समीकरण को लेकर भी चर्चा बीजेपी के नए अध्यक्ष के चयन में क्षेत्र के साथ-साथ जातीय समीकरणों को लेकर भी कयास लग रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओबीसी हैं, और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन भी ओबीसी समुदाय से आते हैं। ऐसे में अनुमान है कि बीजेपी का नया अध्यक्ष सामान्य वर्ग से हो सकता है। यही कारण है कि नया अध्यक्ष किस क्षेत्र और जाति से होगा, इस पर चर्चा जोरों पर है।

भाजपा का मास्टरस्ट्रोक: विरोध थामने के लिए भाजपा का कदम, जनता को मनाने के लिए मुफ्त में मिलेंगे हजारों हेलमेट

इंदौर  हेलमेट की अनिवार्यता से उपजे जनाक्रोश को शांत करने के लिए भाजपा ने ठोस योजना तैयार कर ली है। जल्द ही जिला प्रशासन उद्योगपतियों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रमुखों की बैठक बुलाएगा। इस बैठक में जनता को हेलमेट लगाने के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों और सामाजिक संगठनों की ओर से निशुल्क हेलमेट वितरण अभियान भी शुरू किया जाएगा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि हेलमेट अनिवार्य करने का निर्णय सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन ऐसे निर्णय लागू करने से पहले पर्याप्त तैयारी भी होनी चाहिए। हाल ही में भाजपा कार्यालय में सभी विधायकों के साथ इस विषय पर चर्चा हुई, जिसमें कई विधायकों ने अचानक इस नियम के लागू होने पर नाराजगी जताई। बैठक में तय होगी नई तिथि सुमित मिश्रा ने बताया कि कलेक्टर आशीष सिंह से इस विषय पर बातचीत हो चुकी है। इसके बाद इंदौर के उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी की राय लेकर हेलमेट लागू करने की नई तिथि तय की जाएगी। तय तिथि तक नागरिकों को हेलमेट खरीदने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे नियम लागू होते ही सभी के पास हेलमेट उपलब्ध हो सके। निशुल्क हेलमेट वितरण की योजना भाजपा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति हेलमेट खरीदने की अनुमति नहीं देती। इसे देखते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा अलग-अलग स्थानों पर 500-500 हेलमेट मुफ्त वितरित किए जाएंगे। इसी तरह भाजपा और अन्य सामाजिक संगठन भी हेलमेट वितरण में शामिल होंगे। उद्देश्य यह रहेगा कि नियम लागू होने से पहले हर जिम्मेदार नागरिक के पास हेलमेट पहुंच जाए। शुरू होगा विशेष अभियान मिश्रा ने कहा कि हेलमेट को लेकर विशेष मूवमेंट शुरू किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित तिथि तक सभी तैयारियां पूरी हो जाएं। इसके बाद इंदौर की सड़कों पर दोपहिया वाहन चलाने वाला हर व्यक्ति हेलमेट पहने नजर आए। प्रशासन और भाजपा का लक्ष्य है कि इस अभियान के जरिए सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जाए और दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की हानि को कम किया जा सके। 

भाजपा ने दो नगर परिषदों में मारी बाजी, राजेश्वरी दुबे और पलक ग्रोवर विजयी

विजयराघवगढ़ मध्यप्रदेश में दो नगर परिषदों विजयराघवगढ़ और कैमोर में  अध्यक्ष पद के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर जीत दर्ज की। ढाई-ढाई साल के कार्यकाल वाले फॉर्मूले के तहत विजयराघवगढ़ से राजेश्वरी दुबे और कैमोर से पलक ग्रोवर निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गईं। ढाई साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद विजयराघवगढ़ की मनीषा शर्मा और कैमोर की वसुधा मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद दोनों नगर परिषदों में नई अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। निर्वाचन की तय समय सीमा में केवल बीजेपी प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। कैमोर में संयुक्त कलेक्टर महेश मंडलोई और विजयराघवगढ़ में संयुक्त कलेक्टर संस्कृति शर्मा ने नामांकन पत्रों की जांच कर राजेश्वरी दुबे और पलक ग्रोवर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। इसके बाद विधायक संजय पाठक और बीजेपी जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन की मौजूदगी में दोनों को प्रमाणपत्र सौंपा गया। विजय जुलूस भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। विजयराघवगढ़ विधानसभा को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, जहां से विधायक संजय पाठक लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके हैं। कैमोर नगर परिषद में सभी 15 पार्षद बीजेपी समर्थित हैं, जबकि विजयराघवगढ़ में 30 में से केवल 3 पार्षद कांग्रेस के हैं। ऐसे में दोनों परिषदों में बीजेपी का पलड़ा भारी रहा और कांग्रेस उम्मीदवार उतारने में भी असफल रही। विधायक संजय पाठक ने कहा कि दोनों नगर परिषदों में अध्यक्ष पद की कुर्सी ढाई-ढाई साल के कार्यकाल के फॉर्मूले पर चलती है, और उसी समझौते के तहत पूर्व अध्यक्षों ने इस्तीफा दिया। इस बार भी दोनों सीटें बीजेपी के खाते में गईं।