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SIR: गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन: पुनरीक्षण अभियान में बड़ी प्रगति

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जनवरी 2026 को लागू होने वाली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 4 नवंबर 2025 से पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ जारी है। प्रदेशभर में बीएलओ घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का संग्रहण कर रहे हैं और उनका डिजिटाइजेशन तेजी से प्रगति पर है। 29 नवंबर तक प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 82 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 86 प्रतिशत है। SIR प्रक्रिया का शेड्यूल मुद्रण एवं प्रशिक्षण कार्य – 28 अक्टूबर 2025 से 3 नवंबर 2025 तक घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य – 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 दावे और आपत्तियों की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनवाई और सत्यापन) – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026

नवा रायपुर मेडिसिटी: मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई इबारत लिख रहा है छत्तीसगढ़

हेल्थकेयर हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है अटल नगर रायपुर, स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की असली नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी प्रमुख प्राथमिकता बन चुकी हैं। इसी दृष्टि से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है। नवा रायपुर अटल नगर पहले से ही शिक्षा, परिवहन, उद्योग और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब मेडिसिटी इसे राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थकेयर की राजधानी के रूप में स्थापित करने जा रहा है। अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, व्यापक परिवहन नेटवर्क और भौगोलिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति नवा रायपुर को न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख गंतव्य बना रही है। हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां के एयरपोर्ट और रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं, और जल्द ही शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाद मेडिकल टूरिज्म के विस्तृत अवसर यहां खुलने वाले हैं। सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित की जा रही मेडिसिटी में 5,000 से अधिक बेड की क्षमता और देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी इस परियोजना को देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य शहर के रूप में स्थापित करेगी। मेडिसिटी में मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं ताकि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल पेशेवरों की नई और सक्षम पीढ़ी तैयार हो सके। कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स लैब्स यहां स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे। मरीजों और उनके परिजनों के लिए आवासीय परिसर, छात्रावास, होटल और धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इस पूरे क्षेत्र को एक व्यवस्थित ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन में बदल देंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सुगम सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी और पीएमजेएवाई व सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत किफायती उपचार सेवाएँ इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाती हैं। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर में पहले से सक्रिय उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान इस संरचना को और भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल 2012 से बाल हृदय रोग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र है, जहाँ भारत के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज आते हैं। वहीं 2018 से संचालित 170 बिस्तरों वाला बालको कैंसर हॉस्पिटल सेंट्रल इंडिया के 500–600 किमी के दायरे में अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध कराता है। रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे और उपयुक्त बनाती है। मेडिसिटी केवल एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी विशाल केंद्र बनेगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास किफायती आवास, व्यापारिक प्रतिष्ठान और नई सेवा गतिविधियों का विस्तार राज्य की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ सरकार का वह संकल्प है जो कहता है—सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य, कम लागत में उच्च सुविधा और सुरक्षित जीवन की गारंटी। यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित भविष्य की नई परिभाषा है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर मेडिसिटी न सिर्फ मध्य भारत बल्कि पूरे देश के स्वास्थ्य परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श हेल्थकेयर मॉडल के रूप में स्थापित होगी। नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का ऐसा इंजन बनेगी, जो आने वाले दशकों तक राज्य की विकास रफ्तार को नई दिशा देगा। 200 एकड़ में विकसित हो रही यह विश्वस्तरीय हेल्थकेयर सिटी न सिर्फ उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करेगी, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार देगी। एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट, मेडिकल यूनिवर्सिटी और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना से नवा रायपुर राष्ट्रीय हेल्थ हब के रूप में उभरेगा।  मेडिसिटी का मॉडल ‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित है और यह आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का अग्रणी केंद्र बनाएगा।-वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही मेडिसिटी  मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। 200 एकड़ में विकसित हो रहा यह विशाल हेल्थकेयर सिटी आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ ही नहीं, ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र सहित पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करेगा। ‘नवा रायपुर मेडिसिटी’ उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और मेडिकल टूरिज्म सभी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराते हुए भारत के विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी। – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रार्थना सभा में अवैध धर्मांतरण का आरोप: बजरंग दल के पहुंचते ही हंगामा, दो लोग पकड़े गए

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला गरमाया है। जिले के रनचिराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलंगपुर गांव में रविवार को एक प्रार्थना सभा की आड़ में कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बजरंग दल की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मौके पर दबिश दी और दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, कलंगपुर गांव में एक निजी परिसर में पिछले काफी समय से हर रविवार को प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। स्थानीय हिंदू संगठनों, विशेषकर बजरंग दल का आरोप है कि इस आयोजन का इस्तेमाल भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के लिए किया जा रहा था। रविवार को जब यह प्रार्थना सभा चल रही थी, उसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और धर्मांतरण की कोशिशों का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने तत्काल रनचिराई पुलिस को इस संबंध में सूचना दी।   पुलिस ने दो लोगों को लिया हिरासत में शिकायत मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत गांव पहुंची और सभा स्थल पर दबिश दी। पुलिस ने सभा के आयोजकों में से दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बजरंग दल ने मांग की है कि धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत इन व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। रनचिराई थाना प्रभारी राधा बोरकर ने इस संबंध में बताया, "हमें प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की शिकायत मिली थी। मौके पर पहुंचकर दो संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" जिले में बढ़ता धर्मांतरण विवाद यह घटना बालोद जिले में धर्मांतरण को लेकर बढ़ते तनाव की एक नई कड़ी है। हाल ही में, इसी जिले में मसीही समाज द्वारा कब्रिस्तान की मांग को लेकर भी एक बड़ा विवाद हुआ था, जिसका हिंदू संगठनों ने पुरजोर विरोध किया था। ऐसे में, प्रशासन के लिए जिले में धर्मांतरण की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और धार्मिक सद्भाव बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।  

रायपुर में लगेगा भव्य आवास मेला: सपनों का घर पाने वालों के लिए सुनहरा अवसर

रायपुर आवासीय योजनाओं की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल राज्य स्तरीय आवास मेला आयोजित कर रहा है। यह मेला 23, 24 और 25 नवंबर को राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में होगा। मेले को लेकर आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी और हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस कॉन्फ्रेंस में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर अवनीश शरण भी मौजूद रहे। आवास मेला में हाउसिंग लोन के लिए सभी प्रमुख बैंकों के स्टॉल होंगे। लोग साइट विजिट का लाभ ले सकेंगे। वास्तु शास्त्र से जुड़े स्टॉल भी लगाए जाएंगे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही नई आधुनिक तकनीक को शामिल किया गया है। मेले में कई गिफ्ट वाउचर और गिफ्ट हैम्पर भी रखे गए हैं। हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को कर्जमुक्त किया है। पहले लोन और ब्याज को लेकर लगातार चिंताएं थीं, लेकिन अब नई पॉलिसी के माध्यम से व्यवस्थित तरीके से काम किया जा रहा है। आवास परियोजनाएं कितनी जरूरी हैं और सरकार इस विषय को लेकर कितनी संजीदा है, यह इसी से समझा जा सकता है। मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में तेजी से काम हो रहा है। पहले आवास योजनाओं के क्राइटेरिया पूरे नहीं हो पाते थे, लेकिन अब हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं और कार्यों की गति में स्पष्ट तेजी आई है। उन्होंने बताया कि आवास मेले का आयोजन 23, 24 और 25 नवंबर को बीटीआई ग्राउंड, शंकर नगर में आवास मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री साय करेंगे। अनुराग सिंहदेव ने बताया कि 2 हजार 60 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना शुरू की जा रही है, जो 22 जिलों में चलेगी। हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी परियोजना एक साथ शुरू होगी। वर्ष 2024 तक पिछले पांच सालों में हाउसिंग बोर्ड ने केवल 250 करोड़ का बिजनेस किया था, जबकि एक वर्ष हमने 600 करोड़ का बिजनेस किया है। यह सफलता इसलिए मिली है क्योंकि सरकार ने पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग की है। पहले भी मेला आयोजित होता था, लेकिन इस बार 2 हजार करोड़ की वैकेंसी के लिए भी रहेगा। लोग राशि जमा कर अपना मकान वहीं चुन सकेंगे। हाउसिंग बोर्ड के जितने भी ब्रांड पार्टनर्स हैं, उनके सभी मटेरियल और तकनीकी स्टॉल भी मेले में शामिल होंगे। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड मृतप्राय स्थिति पर था, जिसे बीजेपी सरकार ने ठीक किया। हाउसिंग बोर्ड पर 700 करोड़ रुपये का लोन पटाने का काम किया गया। जनवरी 2025 में OTS-2 लॉन्च किया गया, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। हमारी सरकार में अब परियोजना के लिए पहले 30 फ़ीसदी बुकिंग होना अनिवार्य किया गया है, जिसके बाद ही अब टेंडर प्रक्रिया और निर्माण का काम किया जाएगा। जहां डिमांड होगी, वहीं पर काम किया जाएगा।

पीएम जनमन योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन: जनजातीय गौरव दिवस पर सीएम साय ने दी राज्य को बधाई

अंबिकापुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह भव्य कार्यक्रम पीजी कॉलेज ग्राउंड में चल रहा है। इसे बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित हैं। जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू मुख्यमंत्री ग्राम अखरा विकास योजना का शुभारंभ करेंगी। इसके साथ ही जनजातीय समुदाय के प्रमुखों का सम्मान और जनजातीय विद्रोहों के नायकों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में जनजातीय विकास प्रदर्शनी और क्राफ्ट मेले का भी आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के नक्सल पीड़ित लोगों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और यह देखकर वे बहुत खुश थे। ऐसे लोग जो पहले रायपुर नहीं देख पाए थे, वे राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में लगातार जनजातीय समुदाय के विकास के लिए काम किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य को सम्मान भी मिला है। बस्तर इलाके में नक्सलवाद की कमर टूट गई है। वहां सुदूर इलाकों में सड़क बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल रही है।

फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ का जलवा: लगातार 13वीं बार ओवरऑल खिताब अपने नाम

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊंचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा। इन खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया, जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पांच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पांच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊंचाइयों तक पहुंने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।

जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ का उत्कृष्ट प्रदर्शन, राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में राज्य के 12 जिलों को किया सम्मानित प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार होगा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री साय   रायपुर, जल संरक्षण एवं सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित कर छत्तीसगढ़ के 12 जिलों रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, बालोद, बलरामपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग और सूरजपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कल आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय जनभागीदारी 1.0 अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने इन जिलों को सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण की दिशा में देशभर में विशेष पहचान बनाई है। पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के अभिनव प्रयासों और जनभागीदारी ने जल संचयन की दिशा में नए आयाम हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के नागरिकों और जिला प्रशासन को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जल संचयन के प्रति लोगों में आई यह चेतना जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का जल भविष्य सुरक्षित करने में यह पुरस्कार प्रेरणादायी होगा। रायपुर जिले को जल संचय जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। देशभर के नगर निगमों में रायपुर नगर निगम प्रथम स्थान पर रहा, जबकि पूर्वी जोन कैटेगरी 01 में रायपुर जिला तीसरे स्थान पर रहा। रायपुर जिले और नगर निगम ने मिलकर सामुदायिक सहभागिता को जल संचय का व्यापक अभियान बनाया। रायपुर नगर निगम द्वारा 33,082 कार्य और जिला प्रशासन द्वारा 36,282 कार्य किए गए हैं। राजनांदगांव जिले को ईस्ट जोन के अंतर्गत राष्ट्रीय जल अवार्ड में प्रथम स्थान तथा जनभागीदारी केटेगरी 01 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 2 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई है। यहां 58,967 जल संचय के कार्य जनभागीदारी से पूर्ण किए गए हैं। बालोद जिले को केटेगरी 01 में बेस्ट परफॉर्मिंग के लिए पहला स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यहां 92,742 नई जल संरचनाएँ निर्मित की गई। महासमुंद जिले को कैटेगरी 2 अंतर्गत प्रथम स्थान के लिए सम्मानित किया है। यहां 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को कैटेगरी 2 के तहत दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 01 करोड़ रूपए की पुरस्कार राशि दी गई है। यहां 30,927 संरचनाओं का निर्माण किया गया है। गरियाबंद जिला को केटेगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। यहां 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव के कार्य किए गए हैं।   बिलासपुर को केटेगेरी 03 में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है तथा प्रोत्साहन स्वरूप 25 लाख रूपए की पुरस्कार राशि मिली है। यहां 21,058 जल संरचनाओं का निर्माण कार्य किया गया है। दुर्ग जिले को केटेगरी-03 में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 5010 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। बलरामपुर जिले को केटेगरी-03 में 6वें स्थान के लिए सम्मानित किया गया है तथा 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 8644 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। धमतरी जिले को केटेगरी 3 में 8वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 7674 जन संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। रायगढ़ जिले को केटेगरी 3 में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है। यहां 19088 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है। सूरजपुर जिले को केटेगरी 3 में 12वां स्थान के लिए सम्मानित कर 25 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है तथा यहां 5797 जल संरक्षण परियोजनाओं का निर्माण किया गया है।

सर्दी के कारण स्कूल टाइमिंग में बदला, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए सभी शासकीय और निजी स्कूलों के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में बलरामपुर कलेक्टर ने आदेश भी जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि दो पाली में संचालित होने वाले स्कूलों में बदलाव के बाद पहली पाली की कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लगेंगी, जबकि शनिवार को कक्षाएं दोपहर 12:45 बजे से शाम 4:15 बजे तक चलेंगी. वहीं दूसरी पाली में संचालित होने वाली कक्षाएं दोपहर 12.45 बजे से 4.15 बजे तक लगेंगी. शनिवार को कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित होंगी. एक पाली में संचालित होने वाली स्कूलों की भी बदली टाइमिंग कलेक्टर ऑफिस से जारी आदेश में एक पाली में संचालित होने वाले स्कूल की भी टाइमिंग बदल गई है. सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 बजे से 4:00 बजे तक कक्षाएं संचालित होंगी. वहीं शनिवार को सुबह 9 बजे से लेकर 12:30 तक कक्षाएं लगेंगी.

नशामुक्त भारत अभियान के 5 वर्ष: छत्तीसगढ़ जुटा जनभागीदारी से नया रिकॉर्ड बनाने में

रायपुर, देशभर में 18 नवम्बर को नशामुक्त भारत अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर का मुख्य कार्यक्रम अमृतसर, पंजाब में होगा, जिसमें  प्रधानमंत्री  श्री नरेंद्र मोदी का संदेश वर्चुअल माध्यम से पूरे देश में प्रसारित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन से राज्य के हर हिस्से को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों, विभागीय संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामूहिक रूप से नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। राज्यभर में नशा छोड़ने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 70 स्थानों से वर्चुअल जुड़ाव की व्यवस्था की गई है, जिससे व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित होगी। जिला स्तर पर कलेक्टोरेट, जिला मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों से लगभग 26 हजार 190 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा संस्थानों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य के 25 विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 4 लाख 48 हजार 995 प्रतिभागियों के शामिल होने का अनुमान है। वहीं अन्य विभागों के अधीन आने वाले 2,131 संस्थानों में 3 लाख 37 हजार 890 प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। स्वयं सहायता समूहों एवं आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी महत्वपूर्ण रहेगी। प्रदेश के 28 हजार 753 स्वयं सहायता समूहों एवं आशा समूहों के माध्यम से लगभग 2 लाख 50 हजार 234 लोगों को नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा 46 हजार 842 प्रतिभागियों के अन्य स्थानों से वर्चुअल रूप से जुड़ने की भी उम्मीद है। राज्यभर में अधिकारियों, जिला कलेक्टरों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस राष्ट्रीय अभियान को और प्रभावी बनाएगी। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण करने एवं सफल संचालन हेतु सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।राज्य सरकार का मानना है कि इस सामूहिक संकल्प के माध्यम से नशामुक्त और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन को नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ के विकास की खुलकर तारीफ: प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री साय की भूमिका बताई अहम

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं. यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तारीफ करते हुए कही. गुजरात के नर्मदा में भगवान बिरसामुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं. इसी तरह BJP-NDA ने हमेशा आदिवासी समाज के होनहार साथियों को शीर्ष पदों पर पहुंचाने का प्रयास किया है. आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, हमारे जनजातीय समाज के विष्णु देव साय राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं.’ गुजरात के आदिवासी जिलों को दी सौगात इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 14 आदिवासी जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाई. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मां नर्मदा की यह पावन धरती आज एक और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बन रही है. अभी 31 अक्टूबर को हमने यहां सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाई थी.’ उन्होंने कहा कि हमारी एकता और विविधता को सेलिब्रेट करने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ और आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के इस भव्य आयोजन के साथ हम भारत पर्व की पूर्णता के साक्षी बन रहे हैं. मैं इस पावन अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा को प्रणाम करता हूं.