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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम पुस्तिका का किया लोकार्पण

वर्ष 2025 की यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थी वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हैं शिल्पकार इन युवाओं के कंधों पर प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के कल्याण और विकास का है दायित्व अभ्यर्थियों को ट्राफी भेंट कर किया गया सम्मानित   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा की सफलता में मध्यप्रदेश की बढ़ती उपस्थिति हम सबके लिए गौरव का विषय है। प्रदेश की माटी से 61 सिलेक्शन बदलते मध्यप्रदेश की तस्वीर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूपीएससी-2025 की परीक्षा में चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके संकल्प और सामर्थय का सम्मान है। चयनित अभ्‍यर्थी वर्ष-2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार हैं। जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा, तब आप प्रशासन के शिखर पर होंगे। आपका एक-एक निर्णय, एक-एक नवाचार, विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नीव रखेगा। नियति ने आप सबको महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चुना है। सफलता अपने साथ दायित्व लेकर आती है। आपके कंधों पर मध्यप्रदेश के करोड़ों नागरिकों के कल्याण और विकास का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों से संवाद और उनके सम्मान के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित "मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम" पुस्तिका के डिजिटल वर्जन का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित लघु फिल्म का इस अवसर पर प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चयनित अभ्यर्थियों को ट्रॉफी भेंट कर उनका सम्मान किया। अभ्यर्थियों का चिंतनशील, संवेदनशील और परिश्रमी होना उन्हें सफल बनाने के साथ-साथ प्रदेश की प्रगति का स्तंभ बनेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चयनित युवाओं के लिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में प्रशासनिक सेवा में आना सौभाग्यशाली अवसर है। लोकतंत्र की खूबसूरती है कि राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव के आधार पर हर 5 वर्ष में जनप्रतिनिधियों की परीक्षा होती है। यह लोकतंत्र की ही विशेषता है कि इसमें देश की जनता के विश्वास के आधार पर व्यक्ति सर्वोच्च पद पर पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 23 मार्च को वीर सपूत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू का शहीद दिवस है। उन शहीदों ने हमें स्वराज्य दिया था। इस धरती को विकसित और आत्मनिर्भर बनाते हुए सुराज की स्थापना अब हमारी जिम्मेदारी है। सिविल सेवा में चयन परिवार के साथ समाज की बेहतरी और सेवा के लिए संकल्प की पूर्ति का अवसर देता है। हमारा प्रयास हो कि हम दूसरों के सुख – दुख में सहभागी बन सकें। कई ऐसे भी उदाहरण रहे हैं, जिन्होंने अच्छे रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की, लेकिन फील्ड पर वह व्यवस्थाओं को सही तरीके से लागू नहीं करा पाए। आपका चिंतनशील, संवेदनशील और परिश्रमी होना आपको सफल बनाने के साथ-साथ प्रदेश की प्रगति का स्तंभ बनेगा। अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्य निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने का समय है। मानवीय कार्यों के आधार पर देश की दुनिया में विशिष्ट पहचान है। चयनित अभ्यर्थी अपने सेवाकाल में अंत्योदय, नवाचार, ईमानदारी और सत्य निष्ठा से कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार बनें। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से जीवन पर्यंत पढ़ने और सीखने की ललक बनाए रखने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 173वीं रैंक प्राप्त पूर्णत: दृष्टिहीनता की चुनौतियों से घिरे श्री अक्षत बल्दवा की सराहना करते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी शारीरिक अक्षमता सपनों के आड़े नहीं आ सकती। सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों के अभ्यर्थियों का भी हुआ चयन अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में इस वर्ष देशभर से कुल 958 अभ्यर्थी चयनित हुए। इनमें मध्यप्रदेश के 61 प्रतियोगी शामिल हैं। देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित करने वाले हमारे 22 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने शासकीय स्कूल – कॉलेज से पढ़ाई की है। प्रदेश के सोहागपुर और सिरोंज जैसे छोटे शहरों से आने वाले अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है। यह सिविल सेवा के प्रति राज्य के युवाओं में बढ़ते रुझान को दर्शाता है। अब यह धारणा धीरे-धीरे समाप्त हो रही है कि सिविल सेवा में चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों अथवा दिल्ली या इंदौर जैसे शहरों में जाकर ही तैयारी करनी होगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय स्तर पर 5वीं रैंक प्राप्त श्री ईशान भटनागर और 260वीं रैंक प्राप्त सुश्री प्राची चौहान ने अपने अनुभव साझा किए। श्री भटनागर ने बताया कि गवर्नेंस संवैधानिक मूल्यों को धरातल पर लाने का सही तरीका होता है, यही मेरी प्रेरणा रही। उन्होंने कहा कि प्रशासन के माध्यम से जमीनी स्तर पर काम करते हुए संविधान की मूल भावना के अनुरूप लोगों को न्याय दिलाया जा सकता है। ये सेवा आम आदमी के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम हो सकती है। सुश्री प्राची चौहान ने कहा कि धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व ने प्रदेश की बेटियों को संबल प्रदान किया है।

प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए किया है राष्ट्रीय आयोजनों का विकेन्द्रीकरण भोपाल में सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को होगी नई दिल्ली की 26 जनवरी जैसी परेड परेड के साथ ही सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास और शौर्य संध्या का होगा आयोजन नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होंगे आयोजन भारतीय सेना को राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग शौर्य स्मारक, अटल पथ, बड़ा तालाब, जंबूरी मैदान और बीएचईएल के मुख्य मार्गों पर होंगे आयोजन मुख्यमंत्री निवास में हुई सेना तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने हर मौके और मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और सामर्थ्य का प्रदर्शन किया है। देश के हर व्यक्ति और परिवार के लिए भारतीय सेना की शौर्य और बलिदान की परंपरा से जुड़ना गर्व का विषय है। प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को भोपाल में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। भोपाल में सेना दिवस पर होने वाले इन कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इस आयोजन के लिए राज्य सरकार, भारतीय सेना को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और चीफ़ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई सैन्य अधिकारियों की बैठक में सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आगामी सेना दिवस 15 जनवरी को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही शौर्य संध्या, सेना के हथियारों संसाधनों और उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा सैन्य अभ्यास का प्रदर्शन भी होगा। सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। सभी गतिविधियां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों की भव्यता और गरिमा के समान संचालित की जाएगी। कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की समृद्ध वीरता और सैन्य परंपरा के प्रदर्शन, सैन्य परेड से जन-जन को जोड़ने, सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास की भावना विकसित करने और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि सेना दिवस 15 जनवरी 2027 पर होने वाले इन कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से होगी। स्थापना दिवस पर मेरी माटी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाकर भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना दिवस 15 जनवरी की परेड के लिए 9,11 और 13 जनवरी को अभ्यास होगा। इसी प्रकार 15 जनवरी की शौर्य संध्या के लिए 11 और 13 जनवरी को अभ्यास का क्रम रखा गया है। सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन 7 से 12 जनवरी तक होगा। भोपाल के बड़े तालाब में 11 और 12 जनवरी को सैन्य अभ्यास होगा। सेना की परेड के लिए अटल पथ, एयरोसिटी रोड, भेल कालीबाड़ी मार्ग और भेल लिंक रोड प्रस्तावित किए गए हैं। शौर्य संध्या का आयोजन टी.टी. नगर स्टेडियम में और सैन्य प्रदर्शनी जम्बूरी मैदान में लगाई जाएगी। बड़े तालाब पर वॉटर स्पोर्ट्स, एयर शो और सैन्य अभ्यास गतिविधियां होंगी। प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 को होने वाले 'मेरी माटी अभियान' के अंतर्गत हॉट एयर बैलून गतिविधि, मोटर साइकिल रैली, दौड़ तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सेना दिवस सेना दिवस प्रतिवर्ष 15 जनवरी को जनरल केएम करियप्पा द्वारा वर्ष 1949 में भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभालने की याद में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विचार को सशक्त करने और सेना व नागरिकों के संबंधों को सुदृढ़ करते हुए भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आयोजनों के विकेन्द्रीकरण की यह पहल वर्ष 2023 से आरंभ हुई। ऐसे आयोजन देश के लिए शहीद हुए शूरवीरों का स्थानीय स्तर पर सम्मान करने और उन्हें याद करने का भी अवसर देते हैं। सेना दिवस पर इस प्रकार की पहली परेड बैंगलुरू में वर्ष 2023 में, लखनऊ में 2024 में, पुणे में 2025 में और 2026 में जयपुर में आयोजित की गई। इन आयोजनों से युवाओं को भारतीय सेना में सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने में भी मदद मिली है। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भांडेर में किसान सम्मेलन में होंगे शामिल

62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दतिया जिले के भांडेर में मंगलवार 24 मार्च को मण्डी प्रांगण में किसान सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले में 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन और शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का हितलाभ भी वितरित करेंगे। इन विकास कार्यों का होगा लोकार्पण एवं भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया जिले के पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान संकाय भवन व केंटीन का निर्माण कार्य, माता रतनगढ़ समग्र विकास योजना में यात्री निवास भवन निर्माण कार्य और पुलिस लाइन परिसर में रक्षित निरीक्षक कार्यालय का निर्माण कार्य, 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं 3.15 एमवीए पॉवर परिणामित्र-2 स्थापना कार्य, सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर का निर्माण कार्य और ततारपुर स्टेडियम, पण्डोखर धाम के पास विश्राम गृह निर्माण कार्य एवं रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही रतनगढ़ माता मंदिर के पास 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र स्थापना कार्य एवं सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांडेर के 50 सीटर बालक छात्रावास एवं 50 सीटर बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन करेंगे।  

शीघ्र ही लांच करेंगे स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन और विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से औपचारिक चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम बहुत जल्द मध्यप्रदेश का अपना 'स्टेट एआई मिशन' लांच करने जा रहे हैं। यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण से अनौपचारिक रूप से चर्चा कर रहे थे। जयपुर में निवेशकों से मिले 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों ने मध्यप्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी श्री रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्यप्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों श्री मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), श्री महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और श्री के एल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है। 139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपए से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को आज भारत में सर्वाधिक समय तक शासन प्रमुख के रूप में सेवा का कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के नागरिक प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति निरंतर स्नेह, विश्वास और समर्थन की भावना को अभिव्यक्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री  पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के शासन करने के रिकार्ड को पीछे छोड़ा है। उनके सार्वजनिक जीवन के 8931 दिन गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में दर्शाते हैं कि उन्होंने राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर कार्य करते हुए अपनी भूमिका को यादगार बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के ध्येय के साथ गरीब कल्याण से लेकर वैश्विक मंच पर हर क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने देश को विकास और सुशासन की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि मां भगवती प्रधानमंत्री  मोदी को ऊर्जावान बनाए रखें। संपूर्ण विश्व में भारत की साख बढ़ाने वाले हमारे प्रधानमंत्री  मोदी जी के नेतृत्व में हमारा राष्ट्र निरंतर प्रगति, समृद्धि और वैभव के पथ पर अग्रसर बना रहेगा। प्रधानमंत्री  मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद के दायित्व की वर्षवार अवधि की चर्चा करें तो वे वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। वर्ष 2002 में गुजरात विधानसभा के निर्वाचन के बाद वे दूसरी बार, वर्ष 2007 में तीसरी बार और वर्ष 2012 में चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने।  मोदी वर्ष 2014 के लोक सभा चुनाव में पूर्ण बहुमत प्राप्त कर प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2019 में पहले से भी बड़े जनादेश के साथ उनकी वापसी हुई और वे दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।  मोदी ने वर्ष 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बन कर इतिहास रचा। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में कर्पूरचन्द्र कुलिश जन्म शताब्दी वर्ष के की नोट कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकतंत्र में अखबार जनता के हितैषी की भूमिका निभाते हैं। राजस्थान पत्रिका ने भी विभिन्न संस्करणों के प्रकाशन के माध्यम से जनता के प्रति सरोकारों का निर्वहन किया है। एक निजी समूह द्वारा स्व. कुलिश जी की स्मृति में श्रेष्ठ पत्रकारिता के साथ अन्य श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए जाएंगे जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुलिश की भूमिका का स्मरण करते हुए कहा कि जीवन की एक अवस्था में सेवानिवृत्ति का निर्णय लेने और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के भाव महत्वपूर्ण है। स्व. कुलिश जी ने सार्थक जीवन जिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जयपुर में राजस्थान एक निजी समूह के पितृ पुरुष स्व. कर्पूर चंद्र कुलिश के जनशताब्दी समारोह में "अखबार और लोकतंत्र" विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत की मूल सनातन संस्कृति और वेद संस्कृति को बचाने की आवश्यकता थी। गुजरात के सोमनाथ के दर्शन का सभी को अवसर मिला। एक हजार वर्ष पुराना गौरव लौटा और भारत फिर आकाश से बात करते हुए दिखाई दिया। विश्व भी इसका साक्षी बना। एक निजी समाचार पत्र द्वारा जयपुर में सोमनाथ के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की अनूठी पहल की गई, जो अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित एक निजी समूह की यात्रा की गंगा की धारा से तुलना करते हुए कहा कि जब गौमुख से गंगा जी निकलती हैं तो सिर्फ गंगा नहीं होती, अलकनंदा, भागीरथी भी होती है। यह यात्रा हरिद्वार, ऋषिकेश, पटना और बनारस होते हुए गंगासागर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचती है। ऐसी ही यात्रा इस आयोजन में देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में स्व.कुलिश के चित्र पर माल्यार्पण कर आदरांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक निजी समूह को इस विशेष आयोजन के लिए बधाई देते हुए समूह के प्रधान संपादक के सार्थक योगदान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर कुलिश जी की दो पुनर्प्रकाशित पुस्तकों- 'मैं देखता चला गया' और 'अमेरिका एक विहंगम दृष्टि' का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला ने कहा कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नष्ट करने के प्रयास होते रहे हैं, लेकिन भारत के लोकतंत्र को कोई समाप्त नहीं कर पाया है। एक निजी समूह ने अपनी छह दशक की यात्रा में अंतिम व्यक्ति की बात, शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।  बिरला ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कलमकारों द्वारा निभाई गई भूमिका का भी विशेष उल्लेख किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की ताकत होती है। बदलते दौर में सरकारों को मीडिया के साथ कार्य करना होगा। मूल्यवान पत्रकारिता भविष्य की पीढ़ियों को दिशा देने का कार्य करती है। देश में आपातकाल के दौर में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की गई, तब पत्रिका सहित अनेक समाचार पत्र समूह अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग खड़े थे। एक निजी समूह के प्रधान संपादक ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग भाषाओं में संवाद होते थे। शिक्षा में जीवन दर्शन, नैतिक मूल्य और भारतीय परंपराओं को शामिल करना आवश्यक हैं। दुर्भाग्य से पश्चिमी देशों के चलन का असर भारतीय युवा पीढ़ी पर दिखाई दे रहा है। देश में बहुत सी अच्छी परंपराएं आज भी जीवित हैं। नई शिक्षा नीति में आध्यात्म और संस्कारों के निर्माण का पहलु शामिल होने से सही संदेश युवाओं तक पहुंचेगा। इससे वे यह समझ सकेंगे कि आधुनिक रहते हुए भी परंपराओं के साथ मूल्य आधारित जीवन जिया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति  अजय रस्तोगी ने कहा कि श्रद्धेय कुलिश जी ने लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को उनके कर्तव्यों का बोध करवाया। न्यायपालिका लोकतंत्र का मूल आधार है, यह संविधान के अभिभावक के रूप में कार्य करती है और नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करती है। कार्यक्रम में एक निजी समूह के प्रमुख  गुलाब कोठारी, समूह के निदेशक  बीआर सिंह और समूह के डिप्टी एडिटर  भुवनेश जैन, पत्रकारिता क्षेत्र के साथ ही अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।    

सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन प्रारंभ किया जाएगा। यह मिशन सेवाओं के संचालन और आर्थिक अवसरों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्टेट एआई मिशन राज्य के एआई विजन एंड एक्शन फ्रेमवर्क पर आधारित होगा, जिसके माध्यम से व्यवस्था को प्रेडिक्टिव, प्रोएक्टिव एवं डेटा-ड्रिवन बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई तकनीकों का उपयोग मानवीय निगरानी (ह्यूमन-इन-द-लूप) के साथ किया जाएगा, जिससे सुरक्षा, पारदर्शिता एवं नागरिकों का विश्वास सुनिश्चित किया जा सकेगा। एआई मिशन के क्रियान्वयन से नागरिकों, विशेषकर किसानों, ग्रामीण समुदायों, युवाओं एवं वंचित वर्गों को तेज, स्मार्ट और व्यक्तिगत सेवाएँ उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार एआई तकनीक को सुलभ एवं किफायती बनाकर समाज के सभी वर्गों तक इसके लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रेडिक्टिव गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। सभी एआई प्रणालियों में पारदर्शिता, ऑडिटेबिलिटी और प्राइवेसी संरक्षण सुनिश्चित करते हुए रिस्पॉन्सिबल एआई के सिद्धांतों को अपनाया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक कार्यों को अधिक दक्ष बनाने के लिए अधिकारियों को ड्राफ्टिंग, विश्लेषण, डिसीजन सपोर्ट एवं डेटा मैनेजमेंट से संबंधित एआई टूल्स उपलब्ध कराए जाएंगे। एआई का उपयोग केवल पायलट परियोजनाओं तक सीमित न रहकर राज्य की प्रमुख योजनाओं में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से होगा मिशन का क्रियान्वयन स्टेट एआई मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में वर्तमान एआई पहलों का समेकन एवं आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा और वर्ष-2028 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। एआई तकनीक से नागरिक सेवाओं की पहुँच हुई सुदृढ़ एमपी ई-सेवा एवं संपदा 2.0 जैसे प्लेटफॉर्म से एआई आधारित पात्रता पहचान, फेस रिकग्निशन एवं रियल-टाइम ट्रैकिंग से नागरिक सेवाएँ अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बन रही हैं। एआई आधारित गिरदावरी प्रणाली से भूमि एवं फसल संबंधी सेवाओं में सटीकता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है। कृषि क्षेत्र में एआई आधारित गिरदावरी, सिप्री परियोजना, जिला स्तरीय जीआईएस प्लेटफॉर्म तथा सारा एवं उन्नति एग्रीजीआईएस से करोड़ों भू-खंडों पर फसल मैपिंग एवं उपज आकलन किया जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता एवं बेहतर निर्णय-निर्माण को बल मिला है। एआई से सामाजिक सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा एआई आधारित पहलों के तहत सुमन सखी कार्यक्रम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है।वहीं एमपी कौशल रथ एवं ज्ञानकोष के जरिए युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों से जोड़ा जा रहा है। समग्र प्लेटफॉर्म आधारित एआई पहचान प्रणाली से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं लक्षित तरीके से पहुँचाया जा रहा है। एआई क्षेत्र में कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा राज्य में स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों एवं इंडस्ट्री के साथ साझेदारी विकसित कर मजबूत एआई इको सिस्टम तैयार किया जाएगा। युवाओं एवं शासकीय अधिकारियों के लिए एआई स्किलिंग कार्यक्रम संचालित कर भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे। सुशासन का नया मॉडल बनेगा मध्यप्रदेश ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत पर आधारित एआई दृष्टिकोण नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य एआई को प्रयोगशाला से निकालकर ‘पब्लिक गुड’ के रूप में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, जिससे समावेशी एवं उत्तरदायी विकास सुनिश्चित किया जा सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में उद्योग जगत के साथ औद्योगिक निवेश पर करेंगे संवाद

राज्य के निवेश समर्थक दृष्टिकोण का होगा प्रस्तुतीकरण भोपाल मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 मार्च को जयपुर के आईटीसी राजपूताना में 'इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट ऑपर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ निवेश पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इस सेशन में राज्य की नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक तत्परता और निवेश समर्थक दृष्टिकोण को देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जयपुर में होने वाले सेशन में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीति, क्षेत्रवार प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता, अधोसंरचना विस्तार, लॉजिस्टिक नेटवर्क, कौशल विकास तंत्र और त्वरित स्वीकृति प्रणाली का समग्र प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों की विस्तृत जानकारी देंगे। कार्यक्रम में प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि भी अपने विचार रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योग जगत के साथ सीधे संवाद में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे और बताएंगे कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए स्थिर नीति वातावरण, पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध निर्णय व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। वे निवेश को रोजगार सृजन, कौशल उन्नयन और औद्योगिक विस्तार से जोड़ने की राज्य की प्रतिबद्धता को सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मुख्य संबोधन राज्य की औद्योगिक दिशा और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को केंद्र में रखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चयनित उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग में प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। जयपुर में आयोजित यह निवेश संवाद मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय उद्योग समुदाय से सीधे जोड़ने की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल साबित होगा।  

उज्जैन में प्रदेश के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की सिंहस्थ 2028 के संबंध में हुई कार्यशाला

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा। सिंहस्थ 2028 के मुख्य राजसी स्नान और अन्य स्नान शिप्रा के जल से ही हो यह सुनिश्चित करने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी परियोजना प्रगतिरत है। वर्तमान दौर में सोशल मीडिया बहुत महत्वपूर्ण है, जो सुशासन और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का सशक्त मार्ग है। मुख्यंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा सिंहस्थ-2028 के कार्यों की जानकारी प्रदान करने प्रदेश के सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की उज्जैन में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ-2028 के लिए कान्ह क्लोज डक्ट, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, शहर के आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, सीवरेज कार्य, मेला क्षेत्र विकास, जिले की कनेक्टविटी को देश से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे 6 लेन और 4 लेन मार्गों, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट आदि विकास कार्यों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक  प्रदीप शर्मा ने सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे भीड़ प्रबंधन के उपाय, सुरक्षा व्यवस्था ,एआई टेक्नोलॉजी का क्रॉउड मैनेजमेंट, श्रद्धालुओं को जानकारी प्रदान करने, पार्किंग आदि में उपयोग संबंधी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सेंसिटव जानकारी पोस्ट करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के बारे में चर्चा की।

नरवाई न जलाएं किसान, पैदावार क्षमता बढ़ाने के लिए अपनाएं जैविक एवं प्राकृतिक खेती

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरदा जिले ने विकास के हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है। हरदा जिले में शत-प्रतिशत कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा विकसित हो चुकी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जन कल्याण के लिए 4 विशेष श्रेणियां – गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण तय की हैं। राज्य सरकार इन सभी श्रेणियों सहित प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास को भी ध्यान में रखकर काम कर रही है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से युवाओं को रोजगार दिलाने वाला राज्य है। दूसरी ओर लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। अगर बहनें रोजगार आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिलाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का अपना अलग सम्मान है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालय स्थापित कर रही है। हरदा को तीन सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। बच्चों को नि:शुल्क किताबें, साइकिल और दूध के पैकेट बांटे जा रहे हैं। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारी सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराने के संकल्प से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हरदा में कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केन्द्रित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले के लिए करीब 232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 199 करोड़ रुपए लागत के 36 कार्यों का लोकार्पण एवं 32 करोड़ रुपए लागत के 5 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से उन्नत कृषि यंत्रों से खेती कर उत्पादन बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्र की दुकाने (कस्टम हायरिंग सेन्टर) खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की बहनों को चेक, किसानों को ड्रिप सिंचाई किट, नरवाई प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण के लिए हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हलधर भगवान बलराम प्रदेश के किसान भाइयों के आदर्श हैं। राज्य सरकार ने किसान कल्याण वर्ष मनाने की शुरुआत की है। खेती के साथ, बागवानी और पशुपालन के प्रोत्साहन पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। हरदा के किसानों के पास अब केज कल्चर से मत्स्य उत्पादन से लाभ कमाने का भी अवसर है। राज्य सरकार किसानों को गेहूं का उचित दाम दिलवाने के लिए संकल्पित है। इस वर्ष 40 रुपए का बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। बहुत जल्द हम प्रदेश के किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नरवाई का समुचित प्रबंधन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान भाई इससे जुड़ें। किसान नरवाई न जलाएं, इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता प्रभावित होने लगती है। प्राकृतिक खेती के उत्पादों को मंडी में बेचने के लिए विशेष प्रबंधन किए जा रहे हैं। लघु किसानों को उन्नत कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किसान सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरवाई प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार करते हुए हमने गौशालाओं को नरवाई से भूसा तैयार करने के लिए यंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार गौशालाओं को मिलने वाला अनुदान 20 रुपए प्रति गौमाता से बढ़ाकर 40 रुपए किया है। प्रदेश में गौशाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। आज प्रदेश के 11 शासकीय विश्वविद्यालय और 20 अन्य कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के कोर्स शुरू किए गए हैं। इसकी शुरुआत उज्जैन से की गई है। हरदा के कृषक भी बड़े पैमाने पर कृषि उद्योग लगाने के लिए आगे आएं। खेत से लेकर कारखाने तक सभी निर्माण कार्य और सुविधाएं देने के लिए सरकार तैयार है। किसान भाइयों को इसके लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की गई है। पीकेसी परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में 55 लाख से अधिक सिंचाई का रकबा हो चुका है। पिछले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ा है। आगामी 5 साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। नील गाय जैसे जानवरों से फसल को बचाने के लिए वन विभाग समुचित प्रबंधन कर रहा है। उन्होंने कहा कि श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्वास के बाद मध्यप्रदेश की धरती पर अब आगामी 25 मार्च को जंगली भैंसे भी हमारे वनों की शोभा बढ़ाने वाले हैं। खेल एवं सहकारिता मंत्री तथा हरदा जिले के प्रभारी मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। हर क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। कृषक कल्याण वर्ष में किसान भाइयों को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। हमारा लक्ष्य खेती से अधिक से अधिक लाभ दिलवाना है। किसानों की फसलों को उचित मूल्य देने के लिए समर्थन मूल्य और भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारा प्रदेश स्वर्णिम बनने की दिशा में अग्रसर है। सरकार खेत और किसान को मजबूती प्रदान कर रही है। हमने सहकारिता विभाग में 75 पदों पर नए सहकारिता निरीक्षकों की भर्ती की है।   पूर्व मंत्री  कमल पटेल ने कहा कि प्रदेश के लाड़ले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है। हरदा जिले की कृषि मंडी एक आदर्श मंडी है, जिले … Read more