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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सहभागिता

निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और सिंहस्थ महाकुंभ के समुचित नियोजन एवं प्रबंधन में करेंगे एआई का इस्तेमाल   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे … Read more

आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने में सक्षम शिक्षा व्यवस्था ही देश के लिए उपयुक्त

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा को जीवन के अनुभवों से जोड़ते हुए समयानुकूल बनाना आवश्यक है। व्यक्ति को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने में सक्षम शिक्षा व्यवस्था ही देश को समृद्ध और सशक्त बनाएगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति इन्हीं उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में सार्थक प्रयास है। शिक्षा व्यवस्था की जटिलता को कम करना भी नीति का उद्देश्य है। प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "कर्मयोगी बनें" की सर्वोच्च परामर्शदात्री समिति की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार, अपर मुख्य सचिव  अनुपम राजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने के केंद्र नहीं है, राष्ट्र के भविष्य की कार्यशालाएं हैं। भगवद्गीता में कहा गया है कि कर्म को उत्कृष्टता और दक्षता के साथ करना ही योग है। आज जब हम "कर्म योगी शिक्षाविद्" की बात करते हैं, तो हम केवल एक आदर्श नहीं गढ़ रहे, बल्कि एक ऐसे शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करना चाहते हैं, जहाँ शिक्षक केवल पाठ न पढ़ाए, बल्कि प्रेरणा दें। संस्थान नियमों के साथ उद्देश्य पूर्ति के लिये संचालित हों। विद्यार्थी केवल नौकरी न खोजें, बल्कि राष्ट्र-निर्माण में भागीदार बनें। हमें शिक्षण को अधिक प्रासंगिक और जीवन सापेक्ष बनाना होगा। अनुसंधान की सामाजिक उपयोगिता पर भी और ध्यान अपेक्षित है। डिग्री और रोजगार के बीच जो दूरी है, उसे हमें खत्म करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, इसे दृष्टिगत रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कृषि संकाय आरंभ किया गया है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों में अलग-अलग दक्षता वाले कर्मियों की आवश्यकता है। राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप वहां के इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि तकनीकी संस्थाओं में कोर्स आरंभ कर रही है। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और युवा अपनी क्षमता और योग्यता का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। इन्हीं गतिविधियों से कर्मयोगी बनने का स्वप्न साकार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध बजट को 5 वर्ष में दोगुना करने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार कार्य कर रही है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए चरणबद्ध रूप से पांच लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। हर वर्ष एक क्षेत्र पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है। इस क्रम में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सम्बद्ध 16 विभागों के लक्ष्य समग्र रूप से तय किए गए हैं। इससे किसान की आय को दोगुना करने का राज्य सरकार का संकल्प भी पूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें सहकर्मी संस्कृति को पुनर्जीवित करना होगा। गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं कि अपने कर्तव्य का पालन ही श्रेष्ठ है। हमने "अभ्युदय मध्यप्रदेश" का जो संकल्प लिया है, उसमें शिक्षा केंद्रीय भूमिका निभाती है। हम यदि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमें विकसित विश्वविद्यालयों का निर्माण करना होगा। मध्यप्रदेश को मूल्य आधारित, गुणवत्ता संपन्न और रोजगार सक्षम शिक्षा का मॉडल राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। 'कर्मयोगी बने' कार्यशाला इसी दिशा में एक गंभीर और प्रतिबद्ध प्रयास है। कार्यशाला में मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रो. आर. बालासुब्रमणियम, जेएनयू नई दिल्ली की कुलपति प्रो. शांति धुलिपुडी पंडित, यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के कन्वीयर डॉ. विक्रांत सिंह तोमर, आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा, एपेक्स एडवाइजरी कमेटी के सदस्य, देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, कुलसचिव और शिक्षाविद उपस्थित थे।  

रोड शो के साथ विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण व भूमि-पूजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कृषक कल्याण वर्ष के पहले राज्य स्तरीय विशाल एवं भव्य किसान सम्मेलन 18 फरवरी बुधवार को ग्वालियर जिले के ग्राम कुलैथ में शुभारंभ करेंगे। वे 87.86 करोड़ रुपए लागत के 41 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। किसान सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर एवं सांसद भी भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य अतिथिगण शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उन्नत खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों को हितलाभ वितरित करेंगे। कुलैथ में उन्नत कृषि तकनीक पर प्रदर्शनी भी लगेगी। प्रदर्शनी में उद्यानिकी, प्राकृतिक खेती व पशु नस्ल सुधार को प्रमुखता से शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान सम्मेलन में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस अवसर पर स्थानीय किसानों की पारंपरिक बैलगाड़ी-दौड़ होगी। साथ ही भगवान कृष्ण आधारित लोकगीतों की प्रस्तुति भी होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कुरवाई विधानसभा क्षेत्र के किसानों ने माना आभार

कोठा डैम बैराज परियोजना 83 गांव को सिंचाई और 325 गांव को मिलेगी पेयजल की सुविधा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और विधायक श्री हरि सिंह सप्रे के नेतृत्व में विदिशा जिले के कुरवाई विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोठा के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में भेंट की। किसानों ने कोठा बैराज डैम परियोजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र के लगभग 83 गांवों को सिंचाई सुविधा और 325 गांवों को पेयजल का लाभ प्राप्त होगा। ग्रामीणों द्वारा बैराज डैम पर लगभग 10 फीट ऊंचा पुल निर्माण कर वाहनों के आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री, डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में हुए शामिल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सहभागिता की। महाशिवरात्रि के अवसर पर नवग्रह शक्तिपीठ परिसर ओम नम: शिवाय से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवग्रह मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डबरा में निर्मित यह नवग्रह शक्तिपीठ एक अद्भुत धाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी का अभिनंदन करते हुए महाशिवरात्रि पर्व की उपस्थितजन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर डबरा के शक्तिपीठ में उपस्थित होना सौभागय का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्र द्वारा इस नवग्रह शक्तिपीठ का निर्माण कर अद्भुत और प्रेरणादायी संकल्प को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमार विश्वास का अभिदनंदन करते हुए कहा कि उन पर मां सरस्वती की कृपा सदैव बरसती है। वे समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीराम द्वारा वनवास प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि इतना समृद्ध राज्य छोड़कर संसाधनों के अभाव में भी दो राजकुमारों द्वारा रामराज्य का स्वप्न देखना साहस, धैर्य और आदर्श का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान राम द्वारा स्वयंवर के समय विराट रूप के दर्शन करवाए गये जिसके साक्षी दुनिया के अनेक शासक भी थे। निश्चित ही यह प्रसंग युवा शक्ति के समाजहित में उपयोग की दृष्टि से भी अध्ययन और शोध का विषय है। पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डबरा में इस प्रकल्प के पूर्ण होने और संतों के समागम का अवसर सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डबरावासियों की भावना का सम्मान करते हुए सहभागिता की है। डॉ. मिश्र ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य अतिथियों को साफा बांधकर और अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान भी किया। कुमार विश्वास ने कथा वाचन द्वारा अनेक पौराणिक प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना

शिव भक्तों के साथ मनाया महाशिवरात्रि पर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए सभी के साथ महाशिवरात्रि पर्व मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। वे महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तगणों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस बैंड के सदस्यों सहित अनेक युवाओं ने डमरू दल के साथ पारम्परिक प्रस्तुति दी। शिव बारात का रथ खींचा मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिव बारात को रवाना किया और बारात का रथ भी खींचा। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकगण उत्साह, उमंग से बारात में शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और जय महाकाल के सामूहिक स्वर से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। महाशिवरात्रि के कार्यक्रम और शिव बारात में अनेक जनप्रतिनिधि और शिव भक्त भी शामिल हुए। इनमें सांसद श्री आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविंद्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित महाशिवरात्रि पर्व आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं।  

महाकाल वन मेला “समृद्ध वन, खुशहालजन थीम पर 11 से 16 फरवरी तक

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में बुधवार को शाम 4 बजे दशहरा मैदान, सेठी नगर उज्जैन में वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित प्राकृतिक "होली रंग गुलाल'' एवं "महाकाल स्मृति उपहार'' का विमोचन करेंगे। साथ ही वन विभाग की एक नवीन पहल "महाकाल वन प्रसादम'' का भी शुभारंभ करेंगे। महाकाल वन मेला "समृद्ध वन, खुशहालजन'' थीम पर आधारित होगा, जो 11 से 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। महाकाल की नगरी उज्जैन में वन मेले का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन विभाग की प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे। साथ ही वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना एवं वन रक्षक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं प्रशासक, मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अंबाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहेंगे। मेले में प्रदेश के वनवासियों द्वारा एकत्र की जाने वाली अकाष्ठीय वनोपज के प्रदर्शन, संरक्षण, संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेले का आयोजन किया जा रहा है। वन मेला प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के वैभव को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। अकाष्ठीय वनोपज संग्राहक, वन धन केन्द्रों, प्राथमिक लघु वनोपज समितियाँ, व्यापारीगण, हर्बल और आयुर्वेदिक उद्योग के प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग लेंगे और अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। वनों में उपलब्ध अकाष्ठीय वनोपज व्यापक तौर पर ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश में अकाष्ठीय वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। वन मेले में लगभग 250 भव्य एवं आकर्षक स्टॉल्स लगाये जा रहे हैं, जिसमें 16 स्टॉल्स विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी के लिये, 76 स्टॉल्स प्राथमिक लघु वनोपज समितियों एवं वन धन केन्द्रों के लिये, एक भव्य स्टॉल विंध्य हर्बल्स के लिये, 5 स्टॉल्स लघु वनोपज के जीवंत प्रदर्शन के लिये, ओपीडी (नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श) के लिये 50 स्टॉल्स आरक्षित रखे गये हैं। इसके अलावा 76 स्टॉल्स निजी क्षेत्र के स्टॉल धारकों के लिये और 16 स्टॉल्स फूड जेन के लिये रखे गये हैं। मेले में किड्स जोन, व्हील चेयर्स, गोल्फ कार्ट, सिटिंग एरिया, वॉटर पाइंट, सेल्फी पाइंट की सुविधाएँ भी आगंतुकों को उपलब्ध रहेंगी। मेले में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, आयुर्वेर्दिक डॉक्टर्स एवं परम्परागत वैद्यों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श, ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक कार्यक्रम और परम्परागत भोज्य पदार्थों की उपलब्धता रहेगी। वन मेले में चीता परिवार एवं डायनासोर का विशाल स्कल्पचर, वरिष्ठ नागरिकों के लिये व्हील-चेयर एवं गोल्फ कॉर्ट की सुविधा, ओपीडी में उपचार कराने वाले लोगों के लिये पृथक से बैठक व्यवस्था, महाकाल मंदिर से मेला परिसर तक नि:शुल्क बस सुविधा, बच्चों के लिये आकर्षक एवं मजेदार किड्स जोन की सुविधा, फूड जोन में बाँधवगढ़ का गोंडी व्यंजन, छिंदवाड़ा का वन भोज रसोई और अलीराजपुर का दाल पानिया आकर्षण का विशेष केन्द्र रहेगा।  

कृषक कल्याण वर्ष में मत्स्य पालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए बनाई जाए कार्य योजना संभाग स्तर पर बनेंगे मछली घर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के सभी किसानों और मछुआरों की आर्थिक समृद्धि के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, इसके साथ हमें मत्स्य उत्पादन में भी सक्रियता से कार्य कर आने वाले वर्षों में इसे दोगुना करने की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रदेश में मछली पालन के साथ ही एक्वाकल्चर के क्षेत्र में भी कार्य किया जाए। प्रदेश में ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे मछुआरों का आर्थिक सशक्तिकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषक कल्याण को समर्पित करते हुए यह वर्ष मना रही है। मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने के लिए कार्य योजना तैयार करें। मछुआ सम्मेलन आयोजित कर मत्स्य पालन में बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। सीड प्रोडक्शन बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। प्रदेश में संचालित मत्स्य महासंघ के सुव्यवस्थित उपयोग के लिए भी कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि कम भू-जल स्तर वाले जिलों में फॉर्म पॉन्ड मॉडल के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए एक जिले को मॉडल के रूप में तैयार किया जाए, जिसमें मत्स्य उत्पादन के साथ ही सिंघाड़ा, कमल गट्टा, मखाना सहित अन्य एक्वाकल्चर आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में मध्यप्रदेश केज कल्चर नीति पर कार्य किया जा रहा है। इसमें 10 हजार केज हितग्राही मूलक योजना में और 90 हजार केज उद्यमी मॉडल के अंतर्गत तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के विषय में भी अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। बैठक में भोपाल में प्रस्तावित विशेष प्रोजेक्ट इंटीग्रेडेट एक्वा पार्क एंड रिसर्च सेंटर की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभाग स्तर पर मछली घर तैयार करने की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के विभागीय योजनाओं की प्रगति, किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत विशेष प्रोजेक्ट, केज कल्चर इंदिरा सागर जलाशय, टेक्नोलॉजी डिफ्यूशन सेंटर, रिजर्वायर कलस्टर आधारित मत्स्य पालन और समन्वित मछली घर एवं अनुसंधान केंद्र का बैठक में रिव्यू किया। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई एवं अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

परीक्षा से डरकर नहीं, डटकर आगे बढ़िए

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। देश की बागडोर आगे चलकर इन्हें ही संभालनी है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने कौशल, ज्ञान और प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर खुद को निखारें। परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत और लगन से करें, तनाव बिलकुल भी न लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा हमारे जीवन का एक पड़ाव मात्र है, अंतिम लक्ष्य नहीं। मेहनत करना आपकी आदत में होना चाहिए, लेकिन तनाव को खुद पर हावी न होने दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के वक्त आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलित दिनचर्या ही सफलता की अंतिम कुंजी है। स्वयं पर सदैव विश्वास बनाए रखें, किसी बात से डरकर नहीं, डटकर आगे बढ़िए और अपने सभी सपनों को साकार कीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से पहले "परीक्षा पर संवाद – 2026" कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी के लिये मार्गदर्शन भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों से परीक्षा के समय खुद को तनाव से दूर रखते हुए निरंतर भरपूर मेहनत करने और जितना भी हो सके, अच्छे अंक लाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और किसी भी हालात में खुद पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने की बजाए उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही एक सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ अपना भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की समझाइश दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा के समय सभी विद्यार्थी पर्याप्त नींद लें। पढ़ाई का एक शेड्यूल निर्धारित करें। किसी विषय के अध्ययन के बाद उस पर चिंतन-मनन की आदत डालें। केवल अक्षर ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने मित्रों और शिक्षकों के साथ पाठ्यक्रम के विषयों पर चर्चा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रा लक्ष्मी तिवारी के प्रश्न पर कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच परस्पर संवाद होते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से पूछा कि परीक्षा से कौन-कौन डरते हैं या किसको डर नहीं लगता है? इस पर छात्र आदित्य ने कहा कि रेगुलर तैयारी करेंगे तो परीक्षा से बिल्कुल भी डर नहीं लगेगा। सिलेबस को डिवाइड कर रिवीजन करना चाहिए। छात्रा सरस्वती ने कहा कि हमें परीक्षा देते समय खुद पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा है कि परीक्षा एक उत्सव की तरह है। छात्रा तान्या दुबे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि वे हमेशा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से पूछा कि परीक्षा के समय में पेपर में आए प्रश्नों का उत्तर देने में चयन कैसे करते हैं? इस पर छात्र हिमांशु ने कहा कि वह सबसे पहले अच्छी तरह से आने वाले प्रश्नों को हल करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में भारी उमंग और उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीधे संवाद का अवसर पाकर विद्यार्थियों ने बेहिचक सवाल किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी एक गुरू, एक शिक्षक, एक अभिभावक और एक मनोविज्ञान विशेषज्ञ की भांति पहले विद्यार्थियों के मन का भाव जाना, उनसे खुलकर बात की, फिर पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए। विद्यार्थियों ने अपनी परीक्षा की तैयारियों और इस दौरान आई कठिनाईयां भी शेयर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ इस आत्मीय संवाद से सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले मानसिक संबल और हर परिस्थिति में पॉजीटिव रहने की नई ऊर्जा मिली। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा हर वर्ष एक चुनौती की तरह होती है। विद्यार्थियों को समुचित समय नियोजन करते हुए अपनी तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतत रूप से विद्यार्थियों के साथ परस्पर संवाद करते हैं एवं उनकी कठिनाईयों को समझकर निराकरण करने का हरसंभव प्रयास करते हैं। वे लीडर विथ लेटेस्ट नॉलेज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरंभ में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विद्यार्थियों से संवाद की शुरूआत की। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता सहित सुभाष स्कूल के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

मनुष्य से मनुष्य का प्रेम, सनातन संस्कृति की है विशेषता

2300 करोड़ रुपए की योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का बढ़ेगा रकबा और लाभान्वित होंगे 122 गांव जैतपुर बनेगी नगर पंचायत शहडोल को गीता भवन, मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि और नए महाविद्यालय की मिली सौगात मिनी ओलंपिक मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल का शहडोल के धनपुरी में हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई-बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले के धनपुरी में नगर पालिका द्वारा 20 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए वॉटर पार्क के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा तथा गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इसके बन जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सोन नदी पर 4 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे 122 गांव को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर सीट वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले में 160 करोड रुपए लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन महाविद्यालय आरंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण पर भी सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता बहनों के कल्याण के लिए पूरी सरकार समर्पित है इसीलिए लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी योजना, लखपति ड्रोन दीदी योजना, रजिस्ट्री में माता-बहनों को 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकसभा-विधानसभा में भी बहनों को आरक्षण मिलने वाला है। आने वाला समय माता-बहनों का है, हमारी संस्कृति बहनों के आधार पर ही पुष्पित पल्लवित होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। भारत वैश्विक मंच पर प्रमुख आर्थिक शक्ति बन कर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरीका से हुए समझौते में किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। केंद्र हो या राज्य सरकार युवा,गरीब, किसान और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि हो या उद्योग सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन सब गतिविधियों से परिवारों के पोषण की स्थिति में भी सुधार होगा। सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इसी का परिणाम है कि धनपुरी को मिनी ओलंपिक के मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल की सौगात मिली है। विधायक जय सिंह मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा क्षेत्र को दी जा रही सौगात के लिए उनका आभार माना। मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों और जन अपेक्षाओं से अवगत कराया। नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर छाबड़ा ने स्वागत भाषण दिया तथा नगर पालिका द्वारा निर्मित वॉटर पार्क और अन्य संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय निकाय तथा पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।