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अनाधिकृत विद्युत उपयोग सहित पुरानी देनदारियों का होगा समाधान, ब्याज में 100% माफी और मूलधन में 25% राहत

आसान किस्तें, औसत खपत के आधार पर बिल समायोजन और स्थानीय कैंपों के माध्यम से हर उपभोक्ता तक पहुंचाने की तैयारी लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक दिसंबर से प्रारंभ हो रही बिजली बिल राहत योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का वह महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कदम माना जा रहा है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों और छोटे बिजली उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बोझ से राहत देना और उन्हें एक सरल, सम्मानजनक समाधान प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उपभोक्ता एक दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक उठा सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत पहली बार 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज माफी और मूलधन में 25 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। 2 किलो वाट तक छोटे घरेलू उपभोक्ता तथा एक किलोवाट तक के कनेक्शन वाले व्यावसायिक ग्राहकों को विशेष लाभ मिलेगा। इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन स्पष्ट होता है कि बिजली उपभोक्ताओं के साथ सहानुभूतिपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार स्थापित किया जाए। यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने समीक्षा बैठक में कहा कि आम जनता के हित को सर्वोपरि रखते हुए सरकार बकाया बिलों के समाधान के लिए यह व्यापक राहत योजना लेकर आयी है। आसान किस्तों की सुविधा और बढ़े हुए बिलों को औसत खपत के आधार पर स्वचालित रूप से समायोजित करने की व्यवस्था से उपभोक्ताओं को वास्तविक आर्थिक राहत मिलेगी। विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए यह योजना बड़ी राहत का माध्यम बनेगी जो पूर्व में अनाधिकृत विद्युत उपयोग से जुड़े प्रकरणों में उलझे थे। इस योजना के अंतर्गत ऐसे प्रकरणों में चल रहे मुकदमों का निस्तारण कराया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलेगा।  इस योजना में पंजीकरण सरल प्रक्रिया से होगा, जिसे www. uppcl.org के माध्यम से ऑनलाइन या अपने स्थानीय बिजली खंड कार्यालय में जाकर पूरा किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को विस्तृत सूचना उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें नोटिस, पंपलेट, सूचना पत्र और गांव तथा शहरी क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह योजना गरीब परिवारों, छोटे दुकानदारों, किसान उपभोक्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बिजली ग्राहकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। ब्याज माफी और मूलधन में छूट तत्काल राहत देती है, वहीं आसान किस्तों का विकल्प मासिक आर्थिक दबाव कम करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह प्रयास न केवल उपभोक्ताओं को राहत देगा बल्कि राज्य की विद्युत व्यवस्था में अनुशासन और विश्वास की नई नींव भी स्थापित करेगा। सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि हर उपभोक्ता को न्यायपूर्ण, सुलभ और सरल ऊर्जा व्यवस्था मिले, जिससे प्रदेश के नागरिक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक राहत का लाभ समान रूप से प्राप्त कर सकें।

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर-   सीएम योगी  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

CM योगी का एक्शन मोड: डीएम-Commissioner को कड़े निर्देश, बड़े सर्च ऑपरेशन की तैयारी

बरेली  यूपी सरकार ने बरेली मंडल के सभी डीएम और बरेली के कमिश्नर को सख्त निर्देश जारी किए है। सरकार की तरफ से जारी निर्देश में कहा गया है कि बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के अधिकारी क्षेत्र में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करें। इस संबंध में बरेली के मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने मंडल के जिलाधिकारियों को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने का निर्देश दिया है, जहां पहचाने गए गैर-कानूनी अप्रवासियों को तब तक रखा जाएगा जब तक उनका सत्यापान और जांच का काम पूरा नहीं हो जाता और प्रक्रिया के मुताबिक उन्हें उनके देश वापस नहीं भेज दिया जाता। चौधरी ने कहा कि कई बांग्लादेशी नागरिकों पर शक है कि वे असम या पश्चिम बंगाल के निवासी बनकर ईंट भट्टों, फैक्ट्रियों और दूसरी जगहों पर काम कर रहे हैं और उनके पास भारतीय दस्तावेज भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा और हाव-भाव से शक पैदा हुआ है। चौधरी ने कहा, पहचान में मदद के लिए, जरूरत पड़ने पर त्रिपुरा से भाषा विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। स्थानीय बांग्ला बोलने वाले निवासी भी पहचान और सत्यापन प्रक्रिया में मदद करेंगे। बरेली जिले के अधिकारियों और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने कहा कि अगर किसी के पास नकली आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र या दूसरे नकली कागजात मिले, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। बरेली पुलिस ने जून में दो महीने लंबे अभियान में झुग्गी-झोपड़ियों और खानाबदोश बस्तियों में रहने वाले कई संदिग्ध लोगों की पहचान की थी। पुलिस के अनुसार जिले में दस से ज़्यादा बांग्लादेशी नागरिकों के गैर-कानूनी तरीके से रहने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने बताया कि अगस्त में, प्रेमनगर इलाके से बांग्लादेशी मूल की तीन बहनों को नकली पहचान का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कहा कि एक और मामले में, नकली पहचान के साथ रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने घुसपैठियों की तलाश करके उन्हें वापस भेजने का निर्देश दिया था। पहचान का सत्यापन होने तक उन्हें जिला स्तर पर अस्थायी हिरासत केंद्र में रखने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारियों को को अस्थायी हिरासत केंद्र बनाने और तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं।  

यूपी के फाजिलनगर का बदलेगा नाम, योगी सरकार ने शुरू की प्रक्रिया

 गाजियाबाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में एक और स्थान का इस्लामिक नाम बदलने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फाजिलनगर का नाम बदलकर जैन आस्था के मुताबिक किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को गाजियाबाद के मुरादनगर में स्थित श्री तरुण सगराम पारसनाथ अतिशय तीर्थ धाम में गुफा मंदिर उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जैन मुनि परंपरा तप, त्याग और नैतिक जीवन का संदेश देती है, जो समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कुशीनगर के फाजिलनगर का नाम जैन समाज की ऐतिहासिक आस्था के अनुरूप ‘पावा नगर’ किया जाएगा। पावा वह पवित्र स्थल है जहां भगवान महावीर के महापरिनिर्वाण का विश्वास किया जाता है, इसलिए क्षेत्र की पहचान को उसके आध्यात्मिक महत्व के अनुरूप सम्मान देना जरूरी है। कुशीनगर जिले में फाजिलनगर का महत्वपूर्ण कस्बा है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश को बिहार से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण व्यापार और आवागमन का बड़ा केंद्र है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत नौ संकल्पना परिकल्पना को जैन समाज अपने अनुशासित जीवन, स्वावलंबन, सेवा कार्य और समाज सुधार की प्रेरणा से साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही वह शक्ति है जो समाज में संतुलन, समरसता और स्थायी विकास सुनिश्चित करती है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि भारत की परंपरा त्याग, तप और साधना की भूमि रही है। राजनीति में सनातन धर्म की सहभागिता यह दर्शाती है कि राष्ट्र आज आध्यात्मिक मूल्यों पर आगे बढ़ रहा है। इस दौरान तरुण सागर तीर्थ एवं तरुण क्रांति मंच ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री से गुरुकुल, गौशाला और आयुर्वेदिक स्कूल खोलने की मांग भी रखी गई। ट्रस्ट ने कहा कि इससे युवाओं को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, पशुपालन और आयुर्वेदिक उपचार पर आधारित ज्ञान मिलेगा, जो समाज निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।  

गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी

सीएम योगी एक दिवसीय दौरे पर गुरुवार को पहुंचेंगे गाजियाबाद, दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर में भी रहेंगे गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी गौतमबुद्ध नगर में जेवर एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण, संबंधित अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक दिल्ली के भारत मंडपम में रहेंगे सीएम योगी, वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ करेंगे बैठक  लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर 27 नवंबर को गाजियाबाद पहुंचेंगे। यहां से वो गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली भी जाएंगे। सीएम योगी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। सीएम योगी इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति, मंदिर स्थापना कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले 10:55 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वो यहां से आईटीएस कॉलेज, मुरादनगर हेलीपैड जाएंगे। यहां से सीएम योगी कार द्वारा 11.20 बजे मुरादनगर में कार्यक्रम स्थल तरुण सागर तीर्थ जाएंगे। सीएम यहां 11.20 बजे से 12.20 बजे के बीच भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12.50 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां सीएम योगी 12.50 से 13.50 के बीच जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14.35 बजे नोएडा के सेक्टर 113 के हेलीपैड पहुंचेंगे। सीएम योगी 14.50 बजे से 15.40 बजे के बीच मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद सीएम योगी कार द्वारा 16.10 बजे दिल्ली के भारत मंडपम जाएंगे। यहां वो 16.15 बजे से 17.30 बजे तक रहेंगे। यहां सीएम योगी वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सीएम योगी 18.05 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वो लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

धर्मध्वजा की स्थापना से गदगद CM योगी, अयोध्या में बोले नए युग की शुरुआत का संदेश

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हो गया. इस मौके पर मुख्य रूप से पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल रहीं. ध्वजारोहण के बाद सीएम योगी बेहद खुश नजर आए. उन्होंने कार्यक्रम में आए हजारों लोगों को मंच से संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण एक नए युग का प्रारंभ है. सीएम योगी ने कहा कि यह मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और आत्मसम्मान का प्रतीक है. ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, 'नए युग का शुभारंभ' है अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस क्षण को 'नए युग का शुभारंभ' बताया. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान व आत्मगौरव का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने इस संघर्ष में योगदान देने वाले सभी संतों, योद्धाओं और श्रीरामभक्तों को नमन किया. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राम मंदिर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य-न्याय व राष्ट्रधर्म का प्रतीक है. यह उस सत्य का उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं. संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता उन्होंने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता. आज भारत विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय देख रहा है, जहां बिना भेदभाव के 80 करोड़ लोगों को राशन और 50 करोड़ को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, जो रामराज्य की उद्घोषणा है. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, लेकिन आस्था अडिग रही. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या अब संघर्ष से निकलकर 'उत्सवों की वैश्विक राजधानी' बन रही है.  बकौल मुख्यमंत्री योगी- रामलला की नगरी अब आस्था, आधुनिकता व अर्थव्यवस्था के नए युग में प्रवेश कर चुकी है. महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ यह देश की पहली सोलर सिटी के रूप में भी विकसित हो रही है. धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि ये ध्वज इस बात का प्रमाण है कि धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं और रामराज्य के सिद्धांत अमर हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब करोड़ों भारतीयों के मन में जो विश्वास जागा था, आज उसी विश्वास का प्रतीक ये भव्य राम मंदिर बनकर खड़ा है.  

CM योगी की पाती: श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण से शुरू होगा नया युग, कल पीएम मोदी करेंगे कार्यक्रम

अयोध्या  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर 25 नवंबर को ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर केसरिया भगवा ध्वज फहराएंगे, जो त्रेता युग की प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रतीक माना जा रहा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो प्रार्थना करते हैं कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो। उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि ये हम सभी प्रदेशवासियों के लिए आनंद और गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में अयोध्या में हो रहा कार्य प्रभु श्रीराम के जीवन मूल्यों से प्रेरित है। सौहार्द एवं सौमनस्य का यह पुनः प्राप्त वातावरण के पीछे अनन्य श्रद्धा, रामभक्तों की आस्था तथा सनातन संस्कृति के गौरवगान है। पीएम मोदी करेंगे अयोध्या के श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में केसरिया ध्वज फहराएंगे, जो भगवान राम की सूर्यवंशीय परंपरा का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज सूर्य के प्रतीक के साथ अंकित है, जो दिव्य ऊर्जा, सद्गुण और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। समारोह से पूर्व 21 से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं, जिन्हें 108 आचार्यों द्वारा संपन्न किया जा रहा है। केसरिया ध्वज फहराया जाएगा इस केसरिया ध्वज की कुल ऊंचाई 21 फीट है जिसमें 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट का ध्वजस्तंभ लगाया गया है। इसे अहमदाबाद की एक 80 वर्ष पुरानी कंपनी ने तैयार किया है, जो पैराशूट निर्माण करती है। ध्वज विशेष पैराशूट फैब्रिक और रेशमी साटन धागों से बुना गया है जो सूर्य की तेज किरणों, भारी वर्षा और 60 किमी/घंटा तक की हवाओं का सामना कर सकता है। सीएम योगी की प्रदेशवासियों के नाम पाती इस ऐतिहासिक पल से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि ” 25 नवंबर को अयोध्या का नाम पुनः इतिहास के पृष्ठ पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा। इस अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी आनंद और गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। कबीरदास जी, अद्वैतवादी आचार्य शंकराचार्य, संत तुलसीदास, मलिक मोहम्मद जायसी, संत रैदास आदि महापुरुषों की तपोभूमि एवं आध्यात्मिक धरोहरों को पुनर्स्थापित करने का यह शुभ क्षण है। प्रभु श्रीराम का नगर सतत् विकास के प्रतिमान स्थापित करता हुआ अद्यतन कला-सौंदर्य एवं संस्कृति के सनातन अध्यात्म एवं आधुनिक स्थापत्य बृहत्तरता के लिए श्रीरामलला धरातल से लेकर अनंत तक उत्कृष्टता की कड़ी बन रहा है, सुरक्षा भी सुदृढ़ हुई है। मुझे श्रीराम की नगरी विश्व मानचित्र पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अंकित होते देख हर्ष, गौरव का अनुभव हो रहा है और अद्भुत विकास भी। मेरी यही कामना है कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो।” उन्होंने आह्वान किया कि आइए हम सभी मिलकर रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित एक नव–उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

सीएम योगी के नेतृत्व में ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में यूपी बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण

बढ़ती महंगाई के बीच यूपी की स्थिर बिजली दरें बनी जनता की ताकत सीएम योगी की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी योजना और वित्तीय अनुशासन से आम जनता को मिला वास्तविक लाभ राजस्व अधिशेष ने साबित किया, प्रबंधन सही तो व्यवस्था मजबूत ऊर्जा सुधारों ने बनाया यूपी को भरोसेमंद निवेश गंतव्य लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार ने लगातार छठे वर्ष बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न करके देश के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो बताता है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी योजना और वित्तीय अनुशासन एक साथ मिलकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में जो सुधार किए हैं, उनकी वजह से आज यूपी देश का पहला राज्य बन गया है, जहां छह वर्षों से बिजली दरें यथावत हैं।      वर्तमान समय में जब देश के कई राज्यों में बढ़ती लागत के कारण बिजली दरें ऊपर जा रही हैं, उसी समय उत्तर प्रदेश ने गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़े और घरेलू बजट स्थिर रहे।      इस निर्णय के पीछे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सुव्यवस्थित और दूरदर्शी योजना काम कर रही है। बिजली वितरण कंपनियों ने पिछले वर्षों में ₹15,000 करोड़ से अधिक का राजस्व अधिशेष अर्जित किया है। यह अधिशेष अचानक नहीं आया, बल्कि यह आर्थिक अनुशासन, बिजली चोरी पर नियंत्रण, तकनीक आधारित बिलिंग, लाइन लॉस में कमी, समय पर मेंटेनेंस और बड़े पैमाने पर संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है।       प्रदेश में नई विद्युत उत्पादन परियोजनाओं, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा पर बढ़ते निवेश ने भी लागत नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बढ़ते माइग्रेशन, उद्योग विस्तार और शहरीकरण के बावजूद सरकार ने सब्सिडी को प्रभावी बनाकर व्यवस्था को संतुलित कर रखा है।     ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ओवरलोडिंग नियंत्रित करने, केबलिंग को भूमिगत करने, पुराने तारों और ट्रांसफॉर्मरों को बदलने जैसे कार्यों ने बिजली आपूर्ति प्रणाली को मजबूत किया है। ऊर्जा बचत अभियानों और स्मार्ट इलेक्ट्रिक मीटरों के व्यापक क्रियान्वयन ने भी बिलिंग और खपत प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया, जिससे राजस्व बढ़ा और लीकेज में कमी आई।      बिजली दरों में स्थिरता से उपभोक्ताओं को तुरंत राहत तो मिलती ही है, साथ ही उद्योगों की प्रोडक्शन लागत भी नियंत्रित रहती है। इसका सीधा असर निवेश माहौल पर पड़ता है। निवेशक ऐसे राज्यों को प्राथमिकता देते हैं जहां ऊर्जा की कीमतें स्थिर हों, आपूर्ति सुरक्षित हो और नीतियां पारदर्शी हों। यूपी ने इन तीनों मोर्चों पर भरोसे का वातावरण तैयार किया है। यही कारण है कि आज प्रदेश देश के उभरते औद्योगिक हब्स में अपनी जगह मजबूत कर रहा है।        योगी सरकार का स्थिर बिजली और मजबूत व्यवस्था मॉडल इस बात का प्रमाण है कि जनहित और अर्थव्यवस्था दोनों को साथ-साथ मजबूत किया जा रहा है। गरीब परिवारों की जेब सुरक्षित, किसानों पर सिंचाई लागत का बोझ नहीं, मजदूर और कामगारों पर अतिरिक्त भार नहीं, छोटे व्यापारियों का बजट नियंत्रित और उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धी माहौल को यह संतुलन कर उत्तर प्रदेश में स्थापित किया है।      छह साल से स्थिर बिजली दरें केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि सरकार की दूरदर्शिता, प्रबंधन क्षमता और नीतिगत प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण हैं। उत्तर प्रदेश ने यह दिखा दिया है कि मजबूत इच्छा-शक्ति हो तो जनता को राहत देते हुए भी व्यवस्था को लाभ में रखा जा सकता है।      सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ा है। खासतौर पर रूफटॉप सोलर और ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट दोनों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश में आज शहर या गांवों की छतों पर चमकते सोलर पैनल न सिर्फ बिजली पैदा कर रहे हैं, बल्कि नए भारत की परिकल्पना को साकार भी कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के अंतराल बढ़ता औद्योगिक विस्तार और पर्यावरणीय क्षेत्र में सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा की जरूरत को बढ़ाया है। सौर ऊर्जा न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि उपभोक्ताओं के बिजली बिल में मददगार साबित हो रही है।      उत्तर प्रदेश में कुल 13,46,040 आवेदन प्राप्त हुए थे। यह स्वयं दिखाता है कि लोग बदलाव के लिए कितने तत्पर थे। मात्र 18 महीनों में 2,81,769 सोलर रूफटॉप संयंत्रों का इंस्टॉलेशन और पिछले 4.5 महीनों में रिकॉर्ड 1,30,000 संयंत्रों की स्थापना ने उत्तर प्रदेश को महाराष्ट्र और गुजरात के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक राज्य बना दिया।    सौर ऊर्जा क्रांति ने सिर्फ रोशनी नहीं फैलाई बल्कि इसने रोजगार के द्वार भी खोले। अकेले उत्तर प्रदेश में 54,000 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिला है। देशभर में सोलर मॉड्यूल निर्माण, इन्वर्टर, वायरिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में लाखों नौकरियां सृजित हुईं—यानी यह योजना ऊर्जा के साथ-साथ रोजगार का भी उजाला लेकर आई है।       यूपी बिजली टैरिफ 2025-26 के प्रमुख आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगातार छठे साल बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि ग्रीन एनर्जी टैरिफ में राहत देते हुए HV कंज्यूमर्स के लिए इसे ₹0.36 से घटाकर ₹0.34 प्रति यूनिट और LV कंज्यूमर्स के लिए ₹0.17 प्रति यूनिट तय किया गया है। डिस्ट्रीब्यूशन लॉस के मामले में मध्यांचल और पश्चिमांचल डिस्कॉम ने FY 24-25 का लक्ष्य पूरा किया, जबकि सबसे कमजोर प्रदर्शन पूर्वांचल का रहा।          आयोग ने FY 2023-24 के लिए 85,082.83 करोड़ रुपये का एआरआर और 1,246.55 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी सरप्लस स्वीकृत किया। वहीं FY 2025-26 के लिए 1,10,993.33 करोड़ रुपये का एआरआर और 13.35% डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को मंजूरी दी गई है, जिसमें राज्य सरकार 17,100 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी।        इस वर्ष 7,710.04 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी गैप दर्ज हुआ है, जबकि 1 अप्रैल 2025 तक यूपीपीसीएल के पास 18,592.38 करोड़ रुपये का जमा रेगुलेटरी सरप्लस उपलब्ध रहेगा। औसत सप्लाई कॉस्ट ₹8.18 और औसत बिलिंग रेट ₹7.61 प्रति यूनिट तय की गई है। आदेश के अनुसार PAN अपडेट, TDS सर्टिफिकेट जारी करने, ओपन एक्सेस क्रॉस-सब्सिडी में तर्कसंगत कमी और TOD टैरिफ को यथावत रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग व टाउनशिप से जुड़े मुद्दों पर जल्द ही अलग कंसल्टेशन पेपर … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ में की शिरकत

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भगवदगीता के 18 अध्यायों के 700 श्लोक को भारत का हर सनातन धर्मावलंबी जीवन का मंत्र मानकर आदर भाव के साथ आत्मसात करने का प्रयास करता है। श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा देती दिखाई देती है। श्रीमद्भगवदगीता धर्म से ही शुरू होती है और अंत में भी उसी मर्म के साथ विराम लेती है। श्रीमद्भगवदगीता धर्म की वास्तविक प्रेरणा है। भारत की मनीषा ने धर्म को कर्तव्य के साथ जोड़कर देखा है। हमने धर्म को उपासना विधि मात्र नहीं माना है। उपासना विधि उसका छोटा सा भाग है। हर व्यक्ति अपने पंथ, संप्रदाय, उपासना विधि के अनुरूप आस्था को तय कर लेता है, लेकिन मुख्य रूप से धर्म हमारे यहां जीवन जीने की कला है। हमने इसे ही ‘वे ऑफ लाइफ’ के रूप में कहा है। मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित ‘दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव’ में रविवार को यह बातें कहीं। हमने हर कर्तव्य को पवित्र भाव के साथ माना, सब कुछ होते हुए भी कभी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा सीएम योगी ने कहा कि श्रीमद्भगवदगीता भगवान की दिव्य वाणी है। सीएम ने श्लोक ‘धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः’ को सुनाया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं होता होगा, जहां युद्ध का मैदान धर्म क्षेत्र के रूप में जाना जाता हो, लेकिन हमने हर कर्तव्य को पवित्र भाव के साथ माना है। अच्छा करेंगे तो पुण्य और गलत करेंगे तो पाप के भागीदार बनेंगे। यह मानकर हर सनातन धर्मावलंबी अच्छा करने का प्रयास करता है। भारत ने विश्व मानवता को प्राचीन काल से ही संदेश दिया है। हमने कभी नहीं कहा है कि जो मैं कह रहा हूं, वही सब कुछ है या हमारी उपासना विधि सर्वश्रेष्ठ है। सब कुछ होते हुए भी हमने कभी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा। जो भी आया, उसे शरण दिया। जिसके ऊपर भी विपत्ति और चुनौती आई, सनातन धर्मावलंबी उसके सहयोग के लिए खड़ा हो गया। जहाँ धर्म और कर्तव्य होगा, वहां जय ही होनी है सीएम योगी ने कहा कि भारत की भूमि ने जियो और जीने दो की प्रेरणा दी। ‘अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्’ की प्रेरणा भी भारत की धरती ने ही दी है। हमने पूरी भारत की धरती को धर्म क्षेत्र माना, इसलिए युद्ध का मैदान भी हमारे लिए धर्म क्षेत्र है। यह कर्तव्यों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है, क्योंकि धर्म क्षेत्र में युद्ध भी कर्तव्यों के लिए लड़ा जा रहा है। सीएम ने कहा कि अंत में धृतराष्ट्र पूछ ही पड़ते हैं कि बताओ तो क्या होने जा रहा है। इस युद्ध का क्या परिणाम है तो उन्हें बताया जाता है कि युद्ध का परिणाम तो पहले से तय है: यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम॥ हम मानते रहे हैं कि यतो धर्मस्ततो जयः—जहाँ धर्म और कर्तव्य होगा, वहीं जय होनी है। अधर्म के मार्ग पर चलने वाले की कभी विजय नहीं हो सकती। यही भारत के सनातन धर्म की परंपरा व प्रकृति का अटूट नियम है। भगवान श्रीकृष्ण ने दी निष्काम कर्म की प्रेरणा सीएम योगी ने आज के समय के लिए दो उदाहरण भी दिए। कहा कि ‘स्वधर्मे निधनं श्रेयः, परधर्मो भयावहः’ यानी अपने धर्म और कर्तव्य पर चलकर मृत्यु को वरण करना श्रेयस्कर है, लेकिन स्वार्थ के लिए कर्तव्य से च्युत होना पतन का कारण बनेगा। कभी भी धोखे से यह मत करना। भगवान ने कर्म की प्रेरणा दी, वह कर्म, जिसमें फल की इच्छा न हो। सीएम ने कहा कि बीज लगते ही हम फल की इच्छा करते हैं। बीज सही लगेगा तो पेड़ फलेगा और फल दे ही देगा। भगवान श्रीकृष्ण ने भी निष्काम कर्म की प्रेरणा दी। निष्काम कर्म के प्रेरणास्रोत हैं सरसंघ चालक जी सीएम योगी ने मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत को निष्काम कर्म का प्रेरणास्रोत बताया। बोले-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रम से जुड़ रहा है। दुनिया से आए अंबेसडर, हाई कमिश्नर्स हमसे पूछते हैं कि आप लोगों का आरएसएस से जुड़ाव है, तब हम कहते हैं कि हां! हमने स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया है। वे इसकी फंडिंग का पैटर्न पूछते हैं, तब हम बताते हैं कि यहां ओपेक के देश या इंटरनेशनल चर्च पैसा नहीं देता। यहां संगठन समाज के सहयोग से खड़ा हो रहा है और समाज के लिए हर क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करता है। किसी भी पीड़ित की जाति, मत-मजहब, क्षेत्र, भाषा की परवाह किए बिना हर स्वयंसेवक उसकी सेवा को ही अपना कर्तव्य मानता है। आरएसएस ने सेवा के साथ सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने सेवा को ही सौदे के माध्यम बना लिया सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ हर पीड़ित संग खड़ा होना (जो भारत को परम वैभव तक ले जाने में सहायक हो सकता है) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा है। आरएसएस ने पिछले 100 वर्षों में सेवा के साथ कोई सौदेबाजी नहीं की, लेकिन कुछ लोगों ने दुनिया व भारत में सेवा को ही सौदे के माध्यम बनाया है। वे लोभ, लालच और दबाव से भारत की डेमोग्राफी को बदलने के लिए छल व छद्म का सहारा लेकर अपना ताना-बाना बदलकर भारत की आत्मा पर प्रहार करने का प्रयास कर रहे हैं। इन स्थितियों में भगवान की वाणी श्रीमद्भगवदगीता नई प्रेरणा बन सकती है। 140 करोड़ भारतवासियों के लिए दिव्य मंत्र है श्रीमद्भगवदगीता सीएम ने स्वामी ज्ञानानंद का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने जिओ गीता को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसे बहुत छोटे-छोटे उदाहरण के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। श्रमिक, किसान, महिला, छात्र, नौजवान, नौकरीपेशा, चिकित्सक, अधिवक्ता, व्यापारी, योद्धा, सैनिक के लिए गीता की प्रेरणा क्या है, उन्होंने इसे जिओ गीता के माध्यम से प्रस्तुत किया है। उनकी छोटी-छोटी पुस्तकें अत्यंत प्रेरणादाई होती हैं। श्रीमद्भगवदगीता केवल जेल के कैदियों के लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों के लिए दिव्य मंत्र है। यह जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करने के साथ ही जीवन जीने की कला का मार्ग है। हर व्यक्ति को इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। इस दौरान मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ. मोहन … Read more

योगी सरकार का बड़ा निर्देश: गरीबों और बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड पर मिलेगी प्राथमिकता

मऊ उत्तर प्रदेश सरकार एंव क्रेद्र सरकार की योजनाओं लाभार्थियों तक पहुचाने का जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए है। जिला अधिकारी ने कहा कि अंत्योदयकार्ड धारक और 70 वर्ष के ऊपर बुजुर्गों का प्रमुखता से आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार जरुरत मंदों को सरकारी योजनओं का लाभ शतप्रतिसत मिले। कार्य में लापवाही पर करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिले में स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा  मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि जिले में आरबीएसके कार्यक्रम के तहत डीईआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) स्थापित करने के लिए भूमि की तत्काल आवश्यकता है। इस सेंटर के बनने से जन्म से लेकर 19 वर्ष तक के बच्चों में पाई जाने वाली 4D श्रेणी (जन्मजात दोष, बीमारी, कमी और विकास विलंब/विकलांगता) से संबंधित उपचार जनपद में ही उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होगा। आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो  जिलाधिकारी ने डीईआईसी के लिए उपयुक्त स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसवों की समीक्षा में दोहलीघाट और फतेहपुर मंडाव के एमओआईसी को लक्ष्य सुधारने के निर्देश दिए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न होने की हिदायत दी गई। उन्होंने कहा कि आशाओं को उनके बढ़ते कार्यों के अनुरूप मानदेय में वृद्धि संबंधित जानकारी देना भी आवश्यक है। अभियान चलाकर 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का बनाया जाय आयुष्मान कार्ड  अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने बताया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की फीडिंग अनिवार्य है। लापरवाही से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अंत्योदय कार्ड धारकों और 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का आयुष्मान कार्ड अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए।   जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण किया जाय टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि जिले में कोई भी बच्चा टीके से वंचित न रह जाए। जरूरतमंद परिवारों को जागरूक कर उनका टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम और रोगी खोजी अभियान की समीक्षा करते हुए बेहतर रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। अपने दायित्वों का ईमानदारी निर्वहन करें अधिकारी  बैठक के दौरान ओपीडी, आईपीडी, आरबीएसके, एम्बुलेंस सेवा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आभा आईडी, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड, क्षय रोग और कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम सहित कई योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।