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लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास

मां ने लगाई मासूम के जीवन की गुहार, सीएम योगी ने तत्काल करवाई इलाज की व्यवस्था  लखनऊ की रहने वाली महिला सात महीने के बच्चे को लेकर पहुंचीं मुख्यमंत्री आवास  बच्चे को हृदय से संबंधित है परेशानी, मुख्यमंत्री आवास से एंबुलेंस से भिजवाया गया केजीएमयू  ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से आए 60 से अधिक फरियादी, मुख्यमंत्री ने एक-एक की सुनी समस्या  जवानों से बोले सीएम- आप ड्यूटी कीजिए, आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर  लखनऊ  सोमवार की सुबह एक मां के जीवन में उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए सात माह के मासूम की बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने महिला की बात सुनी और तत्काल उन्हें एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे बच्चे का इलाज शुरू हो गया। वहीं ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से 60 से अधिक फरियादी आए, मुख्यमंत्री ने सभी के पास पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को समय से निराकरण का निर्देश दिया।  लखनऊ की रहने वाली महिला बेटे के इलाज की फरियाद लेकर पहुंचीं लखनऊ के राजेंद्र नगर, ऐशबाग की रहने वाली एक महिला सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास में लगाए गए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वे किराए के मकान में रहकर अत्यंत सीमित संसाधन में जीवनयापन कर रही हैं। उनके सात माह के मासूम को हृदय से संबंधित बीमारी है। उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को दुलारा-पुचकारा और महिला को आश्वस्त किया कि आप बेफिक्र रहिए, सरकार मदद करेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उस बच्चे को तत्काल एंबुलेंस से केजीएमयू भिजवाया और वहां कुलपति को निर्देशित किया कि बच्चे के उपचार की तत्काल व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के उपरांत वहां मासूम का इलाज प्रारंभ हो गया है।  आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर 'जनता दर्शन' में बुलंदशहर निवासी अर्धसैनिक बलों के जवान भी पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी जमीन के कब्जे संबंधी शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आपकी ड्यूटी देश की सीमा या देश की आंतरिक सुरक्षा में लगी होगी, आप ड्यूटी निभाइए। आपके परिवार की जिम्मेदारी सरकार पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मामले की जांच कराने और जल्द समाधान का निर्देश दिया।  ‘जनता दर्शन’ में आए 60 से अधिक फरियादी  ‘जनता दर्शन’ में सोमवार को प्रदेश भर के 60 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री स्वयं सभी के पास पहुंचे। एक-एक करके सभी का प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं, फिर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के आदेश दिए। इस दौरान जमीन कब्जा, आर्थिक सहयोग, पुलिस, बिजली समेत अनेक विभागों से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग पहुंचे थे। सीएम ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि आपकी सुरक्षा और सेवा सरकार का कर्तव्य है। सरकार पहले दिन से ही इस इस ध्येय के साथ कार्य कर रही है।

सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव

सीएम योगी के विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” से बदलेगी उत्तर प्रदेश की तस्वीर सीएम योगी के विजन पर नागरिकों से मिल रहे हैं रचनात्मक सुझाव समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान के अंतगर्त प्रदेशवासियों को विगत 8 वर्ष के विकास के बारे में दी गई जानकारी 75 जनपदों के नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा नागरिकों से विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर लिया गया फीडबैक सोनभद्र, बदाऊं, गौतमबुद्ध नगर से नागिरकों ने विकसित प्रदेश बनाने को लेकर दिए सुझाव इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विकास को लेकर मिली सलाह पर्यटन क्षेत्र में वृद्धि से उत्तर प्रदेश बनेगा वन ट्रिलियन इकॉनमी डॉलर की अर्थव्यवस्था भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित होगा प्रदेश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लिए “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @2047- समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान” के विजन पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इसके अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों द्वारा भ्रमण कर विभिन्न लक्षित समूहों-छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयं सेवी संगठन श्रमिक संघठन, मीडिया एवं आम जनमानस के साथ विगत 8 वर्षों से प्रदेश की विकास यात्रा के संबंध में जानकारी दी गई तथा विकास हेतु रोड मैप पर चर्चा कर फीडबैक प्राप्त किया गया। भारत की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं इसके अंतर्गत सोनभद्र से निशांत वर्मा का सुझाव है कि सोनभद्र जिसे "भारत की ऊर्जा राजधानी’’ के रूप में जाना जाता है, 2047 तक एक प्रमुख पर्यावरण-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनने की स्थिति में है। यह India 2047 और टिकाऊ शहरों (SDG 11) और सभ्य कार्य (SDG 8) पर संयुक्त राष्ट्र SDG का समर्थन करता है। जिले के अनूठे आकर्षण- 1400 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्मों वाला सलखन जीवाश्म पार्क, लखनिया दरी जलप्रपात, रिहंद बांध और विजयगढ़ किला एकीकृत पर्यटन सर्किट के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करते हैं। पीएम गति शक्ति के तहत बेहतर सड़क और रेल संपर्क के साथ, सोनभद्र 2030 तक पर्यटकों के आगमन में 12-15% वार्षिक वृद्धि हासिल कर सकता है। इसका लक्ष्य 2047 तक सालाना 5-6 मिलियन पर्यटकों का आगमन करना है। पर्यावरण-पर्यटन, साहसिक खेलों, सांस्कृतिक उत्सवों और आदिवासी हस्तशिल्प को बढ़ावा देने से समावेशी आजीविका का सृजन होगा। विरासत संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और सामुदायिक भागीदारी में संतुलन बनाकर सोनभद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के पर्यटन प्रवेश द्वार के रूप में उभर सकता है, जो 2047 तक भारत की अनुमानित 1 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा। बदाऊं में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से विकसित प्रदेश संभव बदाऊं से अक्षत कुमार सिंह ने भी विजन “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के लिए सुझाव दिया है। उनका कहना है कि शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को मज़बूत करने के लिए सरकार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना और डिजिटल परिवर्तन में निवेश करना होगा। ई-गवर्नेस प्लेटफॉर्म का एक मज़बूत नेटवर्क बनाने से पारदर्शिता, दक्षता और तेज नागरिक सेवाएं संभव होगी। क्लाउड आधारित प्रणालियां, एआई-संचालित विश्लेषण और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड भ्रष्टाचार को कम कर सकते हैं। मैन्युअल देरी को कम कर सकते हैं। ग्रामीण और अर्थ-शहरी क्षेत्रों को किफायती इंटरनेट पहुंच और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों से लैस किया जाना चाहिए ताकि सभी नागरिक समान रूप से लाभान्वित हो सकें। सरकारी विभाग सूचनाओं को निर्बाध रूप से साझा करने और त्वरित निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन प्रणालियों को अपना सकते हैं। संवेदनशील डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए साइबर सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आईटी में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने से नवाचार और लागत प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, सुगम लेनदेन के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों और मोबाइल एप्लिकेशन का विस्तार किया जाना चाहिए। आईटी को पूरी तरह से अपनाकर, सरकार एक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित प्रशासन स्थापित कर सकती है जो दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देता है। गौतमबुद्ध नगर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से होगा विकास गौतमबुद्ध नगर से बबली प्रजापति जी के अनुसार स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए सुझाव निवारक और सामुदायिक चिकित्सा पर जोर, स्वास्थ्य सेवा शिक्षा में निवारक और सामुदायिक चिकित्सा को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। निजी संस्थानों में फीस को नियंत्रित और निजी संस्थानों और मानद विश्वविद्यालयों में फीस और शुल्कों को विनियमित करके आयुर्वेदिक शिक्षा को सस्ता और अधिक सुलभ बनाया जाना बाहिए। आयुष औषधालयों और अस्पतालों के उन्नयन पर भी जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकारी आयुष औषधालयों और अस्पतालों का उन्नयन किया जाना चाहिए और नए आयुष औषधालयों की स्थापना की जानी चाहिए। ये भी सुझाव आया कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष सुविधाओं की स्थापना होनी चाहिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में आयुष सुविधाओं की सह-स्थापना की जानी चाहिए। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रम को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। शिक्षा और प्रशिक्षण में सुधार के लिए सुझाव, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, आयुष शिक्षकों और पेशेवरों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जाने चाहिए। आम जनमानस की राय एवं सुझाव पोर्टल से प्राप्त हुए समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के बारे में प्रदेश के नागरिकों से samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 9,374,946 फीडबैक प्राप्त हुए हैं। जिनमें से 7,237,136 सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 2,137,810 सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें 4,683,375 सुझाव आयु वर्ग 31 वर्ष से कम, 4,255,453 सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग, तथा 436,118 सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों का विवरण निम्न प्रकार है: कृषि-2541,739, पशुधन एवं डेरी 387.087, इंडस्ट्री-377,585 आईटी एवं टेक. 281,887, पर्यटन-224,551, ग्रामीण विकास 1.843,620, इनक्रा-86,074, संतुलित विकास-129,157, समाज कल्याण-704,711, नगरीय एवं स्वास्थ्य-632,799, शिक्षा क्षेत्र- 1,988,044 तथा सुरक्षा सम्बंधित 177.690 सुझाव मिले है। जनपदों के अनुसार फीडबैक में टॉप पाच में जौनपुर (842.482) संभल (807,236), गाजीपुर (352,817), गाजियाबाद (291,166) और हरदोई (221.580) शामिल हैं। वहीं बॉटम पाँच में गौतमबुद्ध नगर (51.325), मधुरा (55,019), इटावा (55.399), बलरामपुर 157.553), और बागपत (60.233) से न्यूनतम फीडबैक … Read more

वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे रक्षा मंत्री व सीएम योगी

वीरांगना ऊदा देवी पासी का बलिदान दिवस रविवार 16 नवम्बर को स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन करेंगे रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री  रविवार को सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहा लखनऊ में होगा आयोजन लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। शौर्य, त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति वीरांगना ऊदा देवी पासी का रविवार को बलिदान दिवस है। इस दौरान स्वाभिमान समारोह का भी उद्घाटन होगा। यह आयोजन रविवार सुबह 10 बजे सेक्टर-19 वृंदावन कॉलोनी, पासी चौराहे पर होगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। गौरतलब है कि वीरांगना ऊदा देवी पासी ने 1857 के प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम में अपने अदम्य साहस व पराक्रम से 36 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति का वरण किया था। इसलिए वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान दिवस पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

25 नवंबर का दिन बनेगा स्वर्णिम,ध्वजारोहण के साथ मंदिर पूर्णता की ओर

सुरक्षा अभेद्य, आधार अनिवार्य,अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा,ध्वजारोहण मंदिर निर्माण यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होम स्टे से कारसेवकपुरम तक ठहरने की व्यापक तैयारी, भोजन-पानी की पूरी व्यवस्था रामलला के दर्शन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम दोपहर 2 बजे तक चलेगा अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधे निगरानी में अयोध्या एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम क्षण का साक्षी बनने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण के बाद अब 25 नवंबर को एक और ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाएगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिषद में मौजूद रहेंगे। यह क्षण न केवल मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचाएगा, बल्कि सदियों से रामभक्तों की आस्था और संघर्ष का प्रतीक बनकर उभरेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण यात्रा अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचेगी। यह आयोजन हर रामभक्त के लिए अविस्मरणीय और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत ऊर्जावान होगा। छह हजार विशिष्ट अतिथि होंगे शामिल ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस भव्य समारोह में पूर्वी उत्तर प्रदेश, अयोध्या मंडल तथा आसपास के जिलों से करीब छह हजार चुनिंदा मेहमान शामिल होंगे। सभी मेहमानों को 24 नवंबर को ही अयोध्या पहुंचने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या असुविधा की स्थिति न बने। प्रवेश के लिए सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है, जिसके लिए सभी को अधिकृत पास प्रदान किए जाएंगे। दोपहर दो बजे तक चलेगा कार्यक्रम ध्वजारोहण कार्यक्रम दोपहर लगभग दो बजे तक चलेगा। सुरक्षा कारणों से आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति लाइसेंसी रिवॉल्वर या किसी प्रकार का हथियार लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट अपील की है कि मेहमान समारोह में बिना किसी हथियार के ही आएं। भोजन-पानी और ठहरने की विशेष व्यवस्था भीड़ और असुविधा से बचाने के लिए इस बार प्रशासन और ट्रस्ट ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। ठहरने के लिए आश्रम, होम स्टे, बाग बिगेसी, कारसेवकपुरम आदि स्थानों पर लगभग तीन हजार लोगों के लिए ठोस व्यवस्था की गई है। शेष मेहमानों को अन्य सुरक्षित स्थलों पर ठहराया जाएगा। मंदिर परिसर के भीतर ही बैठने की उचित व्यवस्था रहेगी। सभी मेहमानों के लिए भोजन एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। समारोह के दौरान मेहमान रामलला के दर्शन करेंगे तथा कार्यक्रम के अंत में सभी को पवित्र प्रसाद वितरित किया जाएगा। यह प्रसाद रामलला की कृपा एवं आशीर्वाद का प्रतीक माना जा रहा है। अयोध्या के विकास और मंदिर की महिमा का वैश्विक संदेश यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अयोध्या के तेजी से बदलते स्वरूप और राम मंदिर की भव्यता का वैश्विक प्रदर्शन भी है। प्रधानमंत्री द्वारा मंदिर के मुख्य शिखर पर किया जाने वाला ध्वजारोहण इस बात का प्रतीक होगा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद रामलला अब अपने दिव्य और भव्य मंदिर में विराजमान हैं। चंपत राय का कहना है कि यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण के अंतिम चरण की औपचारिक घोषणा जैसा होगा, जिसके बाद दुनिया को यह संदेश जाएगा कि मंदिर का स्वरूप अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। योगी सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने झोंक दी है पूरी ताकत  कार्यक्रम को भव्य और त्रुटिहीन बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन, पुलिस और ट्रस्ट लगातार तैयारी में जुटे हैं। सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, अतिथियों की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर, 25 नवंबर का दिन अयोध्या के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने वाला है। मंदिर के शिखर पर फहराते ध्वज और प्रधानमंत्री मोदी का यह ऐतिहासिक क्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी स्मरणीय बन जाएगा।

अयोध्या योगी सरकार में विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है

अयोध्या के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सीएम योगी की दूरदर्शी सोच का योगदान 2031 तक अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक शहर बनाने का प्लान  लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं। अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है।     अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए। शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा। ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है।  इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए। अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए। अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा। यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे।  अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है। इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है।  महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी। इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है। इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है। यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है।   अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है। रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है। इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है।  आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है। यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है। इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है।   राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है। इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है। इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं।  गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है। लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है। इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं।  होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं। इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है। इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है। इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है। 

सीएम योगी का बड़ा बयान: यूपी में जनजातीय संरक्षण को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातियों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। पहले नौकरी में उनको उचित भागीदारी नहीं मिल पाती थी। उनके कोटे की पूरी सीटें नहीं भर पाती थीं। हमने पुलिस की 60244 भर्तियां की तो इसमें आरक्षित कोटे की सभी सीटें अनुसूचित जातियों और जनजातियों से ही भरी। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं में उनको उचित भागीदारी मिल रही है। उनकी शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है।   उन्होंने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन सबके लिए प्रेरणादायी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को पूरा देश जान सके, यह अवसर जनजातीय गौरव पखवाड़ा के माध्यम से पूरे देश को उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जनजातीय भागीदारी महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव के रंगों में सराबोर रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ करते हुए न सिर्फ ढोलक की थाप से कार्यक्रम की शुरुआत की, बल्कि कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसने हजारों वर्षों तक प्रकृति और परंपरा के संतुलन को बनाए रखा। यह विशेष उत्सव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो 13 से 18 नवंबर 2025 तक चलेगा। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समूहों के लोक कलाकार, कारीगर, छात्र और प्रतिनिधि अपनी कला, संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन करेंगे।  

योगी आदित्यनाथ बोले: जो भ्रष्टाचार करते हैं, वे राष्ट्रगान से भी कतराते हैं

बाराबंकी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता यात्रा के शुभारंभ के दौरान कहा कि कोई भी मत, मजहब या जाति राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्र प्रथम होना चाहिए और वंदे मातरम के विरोध को राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी बाधा बताया। योगी ने लोगों से ऐसे चेहरों को पहचानने की अपील की जो सरकारी योजनाओं का लाभ तो लेते हैं, लेकिन वंदे मातरम गाने से इनकार करते हैं। मुख्यमंत्री ने जातिवाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद को समाज के लिए हानिकारक बताया और कहा कि मत-मज़हब के नाम पर विभाजन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के अवसर पर 1734 करोड़ रुपये की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम भारत माता की वंदना है और इसका विरोध करने वाले वास्तव में भारत माता का विरोध करते हैं। उन्होंने बताया कि यह गीत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्वरबद्ध किया गया और स्वतंत्रता संग्राम के समय क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उन्होंने कहा कि इस गीत का विरोध नए भारत की राष्ट्रीयता की भावना के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष महत्वपूर्ण है क्योंकि सरदार पटेल की 150वीं जयंती, वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने महाकुंभ और अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण का भी उल्लेख किया, जहां 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन का कार्यक्रम है। योगी आदित्यनाथ ने ब्रिटिश शासन की नीतियों पर कहा कि अंग्रेज भारत की एकता नहीं चाहते थे। उन्होंने बताया कि कैसे सरदार पटेल ने 563 रियासतों को भारत में सम्मिलित कर देश की अखंडता सुनिश्चित की। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम के भारत में विलय से इनकार करने पर सरदार पटेल ने सख्त रुख दिखाया, जिससे दोनों को झुकना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कुछ सेक्युलरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि नवाब मोहम्मदाबाद, जो मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था, पाकिस्तान के लिए धन एकत्र करता था और बाद में भागकर पाकिस्तान चला गया। उन्होंने कहा कि ऐसी संपत्तियां ‘शत्रु संपत्ति’ हैं और इन पर केवल भारत सरकार और नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता देश की आन, बान और शान है। वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने स्वाधीनता आंदोलन के लिए अमृत मंत्र के रूप में रचा था और क्रांतिकारी इसे गाते हुए फांसी पर चढ़ जाते थे। योगी ने राष्ट्र सुरक्षा और एकता के मार्ग में व्यक्तिगत दुश्मनी या मित्रता को बाधा न बनने देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने चेताया कि देश विदेशी हमलावरों द्वारा इसलिए गुलाम हुआ क्योंकि उन्होंने भारतीयों को आपस में लड़ाया। उन्होंने कहा कि इतिहास आत्मावलोकन का अवसर देता है और उससे प्रेरणा लेकर भविष्य को सशक्त बनाना चाहिए।

सीएम योगी की अगुवाई में बही देशभक्ति की बयार, गूंजा एकता का उद्घोष

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने किया एकता यात्रा का शुभारंभ रास्ते भर पुष्पवर्षा के बीच हुआ मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत अगणित हाथों में लहराता रहा तिरंगा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी हुई प्रस्तुति रानी लक्ष्मीबाई, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और भारत माता व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर सीएम ने अर्पित की पुष्पांजलि गोरखपुर, “राष्ट्र प्रथम” की भावना में उत्साह, उमंग और उल्लास से सराबोर जनसमूह, अगणित हाथों में लहराता तिरंगा, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के गूंजते स्वर, तथा पुष्पवर्षा की निर्बाध श्रृंखला—इन सभी ने सोमवार को गोरखपुर को देशभक्ति के एक अद्भुत दृश्य का साक्षी बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यह दृश्य लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में निकाली गई एकता यात्रा के दौरान देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर शहर से इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ किया। नगर निगम परिसर से गीता वाटिका के पास स्थित विश्वंभर पाठक पार्क तक निकली इस यात्रा में एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना पूरी तरह उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री योगी गोलघर काली मंदिर के पास सरदार पटेल चौराहे तक स्वयं पदयात्रा में भी सम्मिलित हुए। यात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने नगर निगम परिसर में अपने गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात नगर निगम पार्क में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रथम स्वातंत्र्य समर की वीरांगना को नमन किया। मंच पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने भारत माता और “वंदे मातरम्” के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।      मंच से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल और “वंदे मातरम्” से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से जनसमूह का मार्गदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम के बाहर टाउनहाल स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एकता यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया।     यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जलशक्ति मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। अपार जनसमूह इस यात्रा में शामिल हुआ। लोग तिरंगा झंडा हाथों में लिए “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष कर रहे थे। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, पूरा मार्ग राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रंग गया। टाउनहाल से लेकर पटेल चौराहा (गोलघर काली मंदिर) तक सड़कों के किनारे खड़े हर उम्र वर्ग के लोगों तथा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान गांधी आश्रम के पास एक बालक सरदार पटेल का चित्र लिए खड़ा था। जिसे मुख्यमंत्री ने बुलाकर उसके हटीं से सरदार पटेल की तस्वीर ली और आशीर्वाद दिया।       यात्रा मार्ग पर जलकल बिल्डिंग, गांधी आश्रम, बलदेव प्लाजा और काली मंदिर के समीप कलाकारों के दलों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। यात्रा के काली मंदिर पहुंचने पर सीएम योगी ने मां काली और अन्य देव विग्रहों का दर्शन-पूजन किया तथा मंदिर के सामने स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा को गंतव्य की ओर रवाना किया।

गोरखपुर की एकता यात्रा में बोले सीएम योगी: जिन्ना के विचारों को जन्म से पहले ही खत्म करना होगा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेताओं मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद अली जौहर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" का विरोध करते हैं, वे भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' और सामूहिक "वंदे मातरम" गायन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज भी, हम उम्मीद करते हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति वफादार रहेगा और इसकी एकता के लिए काम करेगा।" उन्होंने कहा, "अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन सभी तत्वों की पहचान करें और उनका विरोध करें जो समाज को विभाजित करते हैं, चाहे वह जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर हो। ये विभाजन नए जिन्ना पैदा करने की साजिश का हिस्सा हैं।" 'भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे…' सीएम योगी ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे, और अगर कोई देश की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो "हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना चाहिए।"   मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य के लिए एकजुट होना चाहिए।" मोहम्मद अली जिन्ना 1913 से 14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद, एक साल बाद 1948 में अपनी मृत्यु तक वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने। मोहम्मद अली जौहर अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के सह-संस्थापक थे।  

गोरखपुर से सीएम योगी का बड़ा फैसला — हर स्कूल में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एकता पदयात्रा के दौरान बड़ा एलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित और जरूरी गायन किया जाएगा। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम नागरिकों में भारत माता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और गौरव की भावना को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। हम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल और शिक्षण संस्थान में इसका गायन अनिवार्य करेंगे।" सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बांटने वाले तत्वों की पहचान करना हमारा कर्तव्य है। ये नए जिन्ना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में फिर कभी कोई नया जिन्ना न उभरे; विभाजनकारी इरादे को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना होगा। गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एकता यात्रा' और 'वंदे मातरम' सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर को देशभर के हर जिले में 'रन फ़ॉर यूनिटी' के रूप में राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौरान, भाजपा ने भी महान वल्लभभाई पटेल के जीवन और कार्यों पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया। सरकारी स्तर पर भी कई कार्यक्रम शुरू किए गए। चाहे स्वदेशी की बात हो या आत्मनिर्भरता के कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता के मुद्दों को संबोधित करने वाली पहल को आगे बढ़ाया गया है, साथ ही देश भर में व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाए गए हैं…"