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यूपी में नया आदेश: सीएम योगी ने मकान मालिक और किरायेदारों के लिए आसानियां बढ़ाईं

लखनऊ यूपी में लोगों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा फैसला लिया है, जिससे मकान मालिक, किरायेदार और पारिवारिक संपत्ति विवादों से जूझ रहे लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. योगी सरकार ने किराया रजिस्ट्रेशन और पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े नियमों को न सिर्फ सरल बनाया है, बल्कि उन्हें बेहद सस्ता भी कर दिया है. सरकार का दावा है कि इस एक निर्णय से जहां आम लोगों का समय और पैसा बचेगा, वहीं पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय से चले आ रहे विवादों में भी कमी आएगी. योगी सरकार ने किराया एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन को लेकर एक बड़ा सुधार किया है. अब तक मकान मालिक और किरायेदार रेंट एग्रीमेंट के पंजीकरण से बचते रहे हैं, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क काफी अधिक था. इसी वजह से अधिकतर लोग कच्चे या अनरजिस्टर्ड समझौते पर ही मकान किराये पर दे देते थे, जिससे बाद में विवाद की स्थिति पैदा होती थी. अब योगी सरकार ने स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है. नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग किराया अवधि और वार्षिक किराये की श्रेणियों के अनुसार शुल्क तय किया गया है, जो पहले की तुलना में बेहद कम है. इससे अब आम नागरिक भी बिना किसी झिझक के अपना रेंट एग्रीमेंट पंजीकृत करा सकेगा. मकान मालिक और किरायेदार दोनों को फायदा सरकार के इस फैसले से मकान मालिक और किरायेदार, दोनों को कई स्तर पर राहत मिलेगी. रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट होने से मकान मालिक को यह सुरक्षा मिलेगी कि किरायेदार समय पर किराया देगा और तय अवधि के बाद मकान खाली करेगा. वहीं किरायेदार को भी मनमानी किराया वृद्धि या जबरन मकान खाली कराने जैसी समस्याओं से बचाव मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कानूनी सुरक्षा मजबूत होगी. साथ ही अवैध और कच्चे समझौतों पर भी रोक लगेगी, जो अक्सर विवाद की जड़ बनते हैं. उत्तर प्रदेश में किराये और संपत्ति से जुड़े विवाद लंबे समय से अदालतों में लंबित रहते हैं. रेंट एग्रीमेंट के रजिस्टर्ड होने से किरायेदार और मकान मालिक के अधिकार और जिम्मेदारियां साफ होंगी, जिससे विवाद की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाएगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे अदालतों पर भी बोझ घटेगा. पैतृक संपत्ति के बंटवारे में बड़ी सहूलियत योगी सरकार ने सिर्फ किराया रजिस्ट्रेशन ही नहीं, बल्कि पैतृक संपत्ति के बंटवारे से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है. अब पैतृक संपत्ति के बंटवारे के लिए महंगे खर्च और जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. नए नियमों के तहत अब पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री मात्र 10 हजार रुपये में कराई जा सकेगी. इसमें 5,000 रुपये स्टांप ड्यूटी और 5,000 रुपये निबंधन शुल्क शामिल होंगे. पहले इसी प्रक्रिया में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का खर्च आ जाता था, जिसकी वजह से लोग आपसी सहमति से बंटवारा नहीं करा पाते थे. किन संपत्तियों पर लागू होगा नियम यह सुविधा केवल पैतृक अचल संपत्ति पर लागू होगी. इसमें कृषि भूमि, आवासीय संपत्ति और वाणिज्यिक संपत्ति शामिल हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति का बंटवारा उत्तराधिकार कानून के तहत प्राप्त हिस्से के अनुपात में ही किया जाएगा. यह व्यवस्था तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच लागू होगी, जिससे बड़े संयुक्त परिवारों को खासतौर पर फायदा मिलेगा. उत्तर प्रदेश में पारिवारिक संपत्ति विवाद एक बड़ी सामाजिक समस्या रहे हैं. अक्सर जमीन या मकान के बंटवारे को लेकर भाई-भाइयों और रिश्तेदारों के बीच सालों तक मुकदमे चलते रहते हैं. योगी सरकार का मानना है कि बंटवारे की सस्ती और सरल प्रक्रिया से लोग समय रहते कानूनी रूप से संपत्ति का विभाजन करा लेंगे, जिससे विवाद की स्थिति ही पैदा नहीं होगी. योगी सरकार इन सुधारों को ईज ऑफ डूइंग लिविंग की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है. जिस तरह व्यापार और उद्योग के लिए नियम सरल किए गए हैं, उसी तरह अब आम नागरिकों के रोजमर्रा के कानूनी काम भी आसान बनाए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि किराया रजिस्ट्रेशन और पैतृक संपत्ति बंटवारे में पारदर्शिता आने से कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी. जब समझौते और बंटवारे कानूनी दायरे में होंगे, तो विवाद और अपराध की संभावनाएं अपने आप कम होंगी.

पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को राहत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अहम फैसला

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग ने होने वाली पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। भर्ती में सामान्य के साथ सभी वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी गई है। बीते दिनों कुछ विधायकों और एक मंत्री ने मुख्यमंत्री से सिपाही भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग रखी थी। अभ्यर्थियों के हित में यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 32,679 पदों पर पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने यूपी पुलिस व जेल विभाग की सीधी भर्ती में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी है। इसका लाभ आरक्षी नागरिक पुलिस के साथ पीएसी, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन व जेल वार्डर के सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को मिलेगा। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रारंभ हैं। इस छूट का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। लाखों युवाओं को होगा लाभ सीधी भर्ती-2025 के अंतर्गत कुल 32,679 पदों को भरे जाने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शासनादेश के अनुसार आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष), आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष), महिला बटालियन हेतु महिला आरक्षी, आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष) तथा जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला) पदों पर भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित होने वाले सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को यह आयु शिथिलीकरण एक बार के लिए प्रदान किया जाएगा। सरकार का यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया है। फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। युवाओं के हित में योगी आदित्यनाथ सरकार योगी आदित्यनाथ रकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि प्रदेश की सरकार युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझती है और समाधान के लिए ठोस फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर देना, रोजगार के अधिक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और प्रशासनिक निर्णयों में संवेदनशीलता बनाए रखना योगी सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। पुलिस भर्ती में आयु सीमा शिथिलीकरण का यह निर्णय न केवल लाखों युवाओं की उम्मीदों को नया बल देगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार में युवाओं का भविष्य नीति निर्धारण के केंद्र में है।  

72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर बोले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में किया नई ऊर्जा का संचार, 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगाः उप मुख्यमंत्री वाराणसी  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। जिस देश में खिलाड़ी आगे होते हैं, वह देश सर्वोच्च शिखर की तरफ अग्रसर होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में खेल भावना से खेलना चाहिए, क्योंकि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी जीतता है और मैदान के बाहर गले मिलकर नई चुनौतियों के लिए फिर तैयार हो जाता है। 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने नई गंगा बहाई। सभी खेलों का कई गुना बजट बढ़ाया गया। पहले खेल में सिर्फ औपचारिकता होती थी। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र-प्रदेश में विकास की योजनाओं का भी जिक्र किया और कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, बोले-कांग्रेस सरकार में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भ्रष्टाचार का दाग लगा। अब पीएम मोदी खिलाड़ियों में जज्बा भरते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स या किसी बड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने और लौटकर आने वाले खिलाड़ियों से पीएम मोदी स्वयं बात करते हैं और दुनिया को संदेश देते हैं कि यह खिलाड़ी हमारे परिवार के सदस्य हैं। इनके सम्मान में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को उच्च पदों पर दे रही सीधी तैनाती श्री पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार में भी खेल के बजट को कई गुना बढ़ाई गई। मेरठ में मेजर ध्यान चंद के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया गया। प्रदेश सरकार द्वारा उच्च पदों पर खिलाड़ियों को सीधी तैनाती भी दी जा रही है। पूरी दुनिया में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों के चयन से ही देश की टीम बनेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत माता का परचम फहराएगी।

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और यूपी खेल निदेशालय के बीच एनसीओई संचालन के लिए एमओयू, युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म हर जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार, ओलंपिक-कॉमनवेल्थ जैसे बड़े मंचों पर यूपी के खिलाड़ियों की बढ़ती उपलब्धियाँ वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश और देश में खेल को नई दृष्टि, नए संसाधन और नया आत्मविश्वास मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उभरते “न्यू स्पोर्ट्स कल्चर” ने युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और टीम-स्पिरिट को मजबूत किया है। अब खेल सिर्फ शौक नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी चयन-प्रक्रिया और मिशन-मोड पर चल रही योजनाओं के चलते युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़े हैं। ग्राम पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रतियोगिताओं का विस्तार किया गया है। परिणामस्वरूप यूपी के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पहले से कई गुना अधिक भागीदारी और पदक ला रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयोजन स्थल डॉ. संपूर्णानंद स्पोट्र्स स्टेडियम, सिगरा में मौजूद रहे। उन्होंने यहां खिलाड़ियों व दर्शकों को संबोधित किया। सीएम की उपस्थिति में स्पोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया व उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के मध्य नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) के संचालन के लिए एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। सीएम योगी ने काशी में आई सभी 58 टीमों (30 पुरुष, 28 महिला) के खिलाड़ियों, कोच व ऑफिशियल का स्वागत किया। हर भारतवासी ने देश में नई खेल संस्कृति को पनपते देखा सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11- साढ़े 11 वर्ष के अंदर हर भारतवासी ने देश में नई खेल संस्कृति को पनपते देखा है। पीएम मोदी ने 2014 में खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से हर भारतवासी के मन में खेल के प्रति सम्मान का भाव पैदा किया। उन्होंने संदेश दिया कि खेल जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम बने। स्वस्थ शरीर से ही सफलता के सभी आयाम प्राप्त किए जा सकते हैं। खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और हर जनपद में बनने वाले खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से पूरा देश नई खेल संस्कृति का अनुभव कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सांसद-विधायक खेलकूद प्रतियोगिता, ग्रामीण खेलकूद की विभिन्न प्रतियोगिता आदि के माध्यम से हम लोगों ने उत्तर प्रदेश में खेल को बढ़ाया है। प्रदेश व देश में विकसित हुआ खेल का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सीएम ने कहा कि 43 वर्ष बाद सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन यूपी के अंदर वाराणसी नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन के पीछे पीएम मोदी की प्रेरणा, मार्गदर्शन व नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश-देश में खेल का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। संपूर्णानंद स्पोट्र्स स्टेडियम में भी अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर दिख रहा है तो यह पीएम मोदी के विजन का परिणाम है। यह सुविधाएं स्मार्ट सिटी के अंतर्गत विकसित हुई हैं। अभी उप्र सरकार व साईं के बीच हुए एमओयू के अंतर्गत साई के सानिध्य और कोच के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग के साथ ही अधिक से अधिक मेडल प्राप्त कर रहे खिलाड़ी सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 8-साढ़े 8 वर्ष में खेलकूद प्रतियोगिता को बढ़ाने का कार्य हुआ। हर गांव में खेल मैदान, हर जनपद में स्टेडियम, हर विकास खंड स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण, नगर निकाय व ग्राम पंचायत से होने वाले कार्यों की प्राथमिकता में ओपन जिम निर्माण के साथ ही हर स्तर पर खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ाने के प्रयास प्रारंभ हुए हैं। उसी का परिणाम है कि हमारा खिलाड़ी राष्ट्रीय, ओलंपिक, कॉमनवेल्थ व इंटरनेशनल विश्व चैंपियनिशप में प्रतिभाग करने के साथ ही पहले की तुलना में कई गुना मेडल भी प्राप्त कर रहा है। महापौर अशोक तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। शुभारंभ समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. सुनील पटेल, त्रिभुवन राम, डॉ. अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण, अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई भी की मुख्यमंत्री ने स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण भी किया। यहां जिम और इसके उपकरणों के रखरखाव को देखा। सीएम ने शूटिंग के एक बच्चे को बुलाकर उससे खेल के बारे में पूछा, इस बच्चे ने सीएम के सामने निशाना भी साधा। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों की हौसला अफजाई भी की।

अयोध्या को संघर्ष का अड्डा बनाने वालों पर CM योगी का बड़ा हमला

अयोध्या  श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। सीएम योगी ने अंग्रेजी नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए प्रार्थना की कि यह वर्ष सभी के लिए मंगलकारी हो। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या ने स्वतंत्र भारत में रामजन्मभूमि आंदोलन के अनेक पड़ाव देखे हैं। अयोध्या के नाम से ही अहसास होता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ। कोई भी दुश्मन यहां के शौर्य, वैभव व पराक्रम के आगे टिक नहीं पाया, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ, मजहबी जुनून व सत्ता के तुष्टिकरण की निकृष्टता में पड़कर अयोध्या को भी उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया था। सीएम योगी ने पिछली सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिस अयोध्या में कभी संघर्ष नहीं होता था, उस अयोध्या में पिछली सरकारों के शासन में आतंकी हमले होते थे। अयोध्या को लहुलूहान करने का प्रयास हुआ था, लेकिन जहां प्रभु की कृपा बरसती हो और जहां हनुमानगढ़ी में स्वयं हनुमान जी महाराज विराजमान हैं, वहां कोई आतंकी कैसे घुस जाता? 2005 में जैसे ही आतंकियों ने दुस्साहस किया, वैसे ही पीएसी के जवानों ने ठक-ठक करके उन्हें मार गिराया। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 वर्ष के अंदर तीन महत्वपूर्ण घटनाओं को अयोध्या कभी विस्मृत नहीं कर सकती। स्वतंत्र भारत में पहली बार 5 अगस्त 2020 को किसी प्रधानमंत्री का अयोध्या में आगमन हुआ। उन्होंने उस दिन यहां श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन किया। 22 जनवरी 2024 (पौष शुक्ल द्वादशी) को फिर अयोध्या धाम आकर प्रधानमंत्री ने रामलला की भव्य मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न किया। 25 नवंबर 2025 को विवाह पंचमी पर प्रधानमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म की भगवा ध्वजा को प्रतिष्ठित किया और संदेश दिया कि सनातन से ऊपर कोई नहीं। सनातन का पताका हमेशा ऐसी ही दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य और संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए राजनाथ सिंह की श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में प्रत्यक्ष भूमिका रही है। 500 वर्ष के बाद श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु रामलला के विराजमान होने और मंदिर के इस भव्य स्वरूप को देखकर वे आनंद-गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। आंदोलन में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करने वाले रक्षा मंत्री प्रतिष्ठा द्वादशी पर मां अन्नपूर्णा के मंदिर पर सनातन धर्म की ध्वजा का आरोहण कर रहे थे तो मैंने उन्हें भावुक होते देखा है। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले बिजली, पानी, स्वच्छता, सड़क, कनेक्टिविटी और सुरक्षा भी नहीं थी। 'जय श्री राम' बोलने पर लाठी और गिरफ्तारी होती थी, लेकिन अयोध्या के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए देश-दुनिया का हर सनातन धर्मावलंबी अब यहां दर्शन करके अभिभूत होता है। पहले कुछ लाख लोग यहां आते थे, लेकिन पिछले पांच साल में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या आए। सूर्य वंश की राजधानी अयोध्या देश की पहली सोलर सिटी के रूप में हो गई है। अयोध्या धाम में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है और अयोध्या रेलवे की डबल लाइन के साथ जुड़ गया है। हर ओर से यहां कनेक्टिविटी बेहतर हुई। जिस अयोध्या में सिंगल लेन की सड़कें थीं, आज फोर लेन की सड़कें हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में अब हर जगह ‘जय श्री राम’ और 'राम-राम' बोल सकते हैं। अब भारत सरकार की योजना भी ‘जी राम जी’ के नाम पर आ गई है। यह रोजगार की सबसे बड़ी स्कीम बनने जा रही है। कोई भी बेरोजगार कहेगा कि मुझे अपनी ग्राम पंचायत में रोजगार चाहिए तो उसे साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी गांव में ही मिल जाएगी। हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है। पांच सौ वर्ष के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1528 से लेकर 1992 और इसके उपरांत भी अयोध्या में हर 20-25 वर्ष में राम मंदिर को वापस लेने के लिए राम भक्त लगातार संघर्ष कर रहे थे। वह रुका, झुका और बैठा नहीं। उसने सत्ता, दमन, लाठी व गोली की परवाह नहीं की, बल्कि वह लड़ता रहा। यह आंदोलन सफलता की नई ऊंचाइयों तक तब पहुंचा, जब आरएसएस ने नेतृत्व दिया। पूज्यों संतों को एक मंच पर लाने में अशोक सिंहल ने सफलता हासिल की। गुलामी का कलंक मिटा और भव्य राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ। सीएम योगी ने कहा कि आज प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित हुआ। अयोध्या की भव्यता, दिव्यता को अनंत काल तक बनाए रखने के लिए हर सनातन धर्मावलंबी को आगे बढ़ना होगा। यह यात्रा का विराम नहीं, बल्कि नई यात्रा की शुरुआत है। विरासत पर गौरव की अनुभूति करते हुए विकास के नित नए प्रतिमान को स्थापित करना है।

हंसी के माहौल में राजनीति: सीएम योगी का रवि किशन-संजय निषाद पर हल्का-फुल्का तंज

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ और रविकिशन जब कहीं किसी मंच पर साथ होते हैं तो फिर सीएम, रविकिशन की चुटकी लेने से नहीं चूकते। कुछ ऐसा ही सोमवार को गोरखपुर में हुआ जब सीएम योगी ने एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली। स्पोर्ट्स कॉलेज में संपन्न हुए विधायक खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में ठंड में हो रही कुश्ती के बहाने सांसद रवि किशन और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद ठंड में बाहर नहीं निकलते हैं। जरूर दोनों कहीं खाने पर मिले होंगे और साथ-साथ यहां आ गए। खेल देखकर इनकी ठंड गायब हो गई। सीएम योगी ने बीच में यह कहकर एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली कि कुश्ती यहां सामने हो रही है और पसीना रवि किशन को मंच पर आ रहा है। सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर पहुंचे थे। सोमवार को खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने महानगर स्तर पर खेल प्रोत्साहन को लेकर तैयारियों को भी साझा किया। सीएम ने बताया कि वह जल्द ही गोरखपुर महानगर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। बैठक में संस्थाओं से आह्वान किया जाएगा कि वे एक-एक खेल को गोद लें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। वहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भीषण ठंड में भी खिलाड़ियों के उत्साह की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि विधायक खेल स्पर्धा में प्रत्यक्ष रूप से 1000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 खिलाड़ियों ने सहभागिता की है। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह खेलकूद ही है जो सम और विषम परिस्थितियों में मनोरंजन भी करता है और हमें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से चुस्त-दुरुस्त बनाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है।  

स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार सुदृढ़ कर रही है सरकार : योगी

  खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिले स्तर पर बड़ा स्टेडियम बनवाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ सरकार हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा। सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विधायक खेल स्पर्धा – 2025 के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार सुदृढ़ कर रही है। गोरखपुर में बेलीपार के पास एक इंटरनेशनल स्टेडियम बनने जा रहा है। गोरखपुर के रीजनल स्टेडियम का भी 63 करोड़ रुपये की लागत से नवोद्धार हो रहा है। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में भी बेहतरीन स्टेडियम बन रहा है। मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का सत्र प्रारंभ हो चुका है। इस यूनिवर्सिटी का विश्व स्तरीय निर्माण जारी है। अब सरकार की तैयारी हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह जल्द ही गोरखपुर महानगर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। उस बैठक में संस्थाओं का आह्वान किया जाएगा कि वे एक-एक खेल को गोद लें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। यहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा अगली बार कामकाजी और रिटायर्ड लोगों के लिए भी होंगी प्रतियोगिताएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक खेल स्पर्धा को लेकर अपनी आगामी योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि अगली बार बच्चों और छात्रों के स्तर के साथ ही वार्ड स्तर पर कामकाजी और रिटायर्ड लोगों के लिए भी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वार्ड स्तर, उसके बाद कुछ वार्डों को मिलाकर उपनगरीय और फिर नगर स्तर पर बड़ी प्रतियोगिता, बड़े समारोह का आयोजन कर विजेताओं को  सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों-छात्रों की प्रतियोगिताएं बालक व बालिका वर्ग में तीन स्तर, बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे ही गोरखपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए भी कहा गया है। कला के अलग अलग विधाओं गायन, वादन, नृत्य, नाट्य आदि की यह प्रतियोगिता जनवरी के प्रथम सप्ताह में होगी। 11 से 13 जनवरी को गोरखपुर महोत्सव के मुख्य आयोजन में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। खेलेगा युवा तो खिलेगा देश सीएम योगी ने खेलकूद के महत्व को समझाते हुए कहा कि युवा खेलेगा तो देश खिलेगा। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का रास्ता यहीं से प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलताओं का मार्ग स्वस्थ शरीर से ही संभव हो सकता है। स्वस्थ शरीर खेलकूद और यौगिक क्रियाओं के माध्यम से ही प्राप्त होगा। 11 वर्ष में खेल के क्षेत्र में हुआ भारी परिवर्तन मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्ष के अंदर देश में खेल और खेलकूद की गतिविधियों को लेकर भारी परिवर्तन हुआ है। कबड्डी, हॉकी, बैडमिंटन, एथलेटिक्स के लिए पूरी दुनिया भारत की तरफ देखती है। ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा की एक नई मांग खड़ी हो चुकी है और इसी को ध्यान में रख करके सरकार स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत कर रही है। भीषण ठंड में खिलाड़ियों के उत्साह को सीएम से सराहा मुख्यमंत्री ने भीषण ठंड में भी खिलाड़ियों के उत्साह की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस विधायक खेल स्पर्धा में प्रत्यक्ष रूप से 1000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 खिलाड़ियों ने सहभागिता की है। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह खेलकूद ही है जो सम और विषम परिस्थितियों में मनोरंजन भी करता है और हमें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से चुस्त-दुरुस्त बनाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। सीएम के नेतृत्व में बिना भेदभाव खिलाड़ियों को मिल रहा अवसर : संजय निषाद इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हरेक क्षेत्र की भांति खेल के क्षेत्र में भी बिना भेदभाव सभी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने यूपी से माफिया खत्म करके, बंदूक-कट्टे के खेल की बजाय वास्तविक अर्थों में खेल का माहौल बना दिया है। डॉ. संजय निषाद ने कहा खेलों के उन्नयन और खिलाड़ियों के संवर्धन के लिए योगी सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सीएम के नेतृत्व में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के हुए ऐतिहासिक कार्य : गिरीश चंद्र यादव विधायक खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि सीएम योगी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाने का कार्य तीव्र गति से जारी है। खेल के क्षेत्र में पीएम मोदी के सपने को साकार कर रहे सीएम योगी : रविकिशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव-देहात तक के बच्चों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उत्कृष्ट संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। सीएम योगी, पीएम मोदी के सपने ‘खेलेगा इंडिया, आगे बढ़ेगा इंडिया’ को साकार कर रहे हैं। सीएम के नेतृत्व में गोरखपुर में इंटरनेशनल स्टेडियम बनने जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए डबल इंजन सरकार हर सुविधा उपलब्ध करा रही है। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, कुश्ती संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सिंह आगू आदि उपस्थित रहे। कुश्ती और कबड्डी का फाइनल मुकाबला देखा सीएम ने, बढ़ाया खिलाड़ियों का … Read more

कृषि और गैर कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार समूह से जोड़ने का मास्टर प्लान तैयार

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत घर-घर संपर्क कर समूह में जोड़ने की रणनीति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कीर्तिमान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत एक वर्ष में एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश की महिलाएं केवल लाभार्थी न रहें, बल्कि आर्थिक प्रगति की भागीदार बनें। इसी सोच के तहत कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका मॉडल को मजबूती दी जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय के अवसर मिल सकें। आत्मनिर्भर बनेंगीं महिलाएं योगी सरकार उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से गांव-गांव महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने जा रही है। प्रशिक्षित टीमें घर-घर संपर्क कर महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का काम करेंगी। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म उद्योग और सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सशक्त महिला, समृद्ध प्रदेश जब तक गांव-गांव घर-घर की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगी, तब तक परिवार और समाज पूरी तरह से सशक्त नहीं हो सकता। इसी सोच के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस विजन को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना को मिशन मोड में लागू करने के लिए निर्देशित किया है। अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक संरचना को भी मिलेगी मजबूती योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल स्वरोजगार अपनाएं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाली बनें। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीक, बाजार और वित्त चारो स्तरों पर ठोस व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल योजनाओं का राज्य नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल का उदाहरण बनता जा रहा है। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संरचना को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

योगी सरकार के नीति-संचालित शासन से औद्योगिक शक्ति बना उत्तर प्रदेश

2024–25 में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जीसीसी जैसी नई नीतियां हुईं लागू लखनऊ वर्ष 2025 के समापन के साथ उत्तर प्रदेश में नीति आधारित शासन व्यवस्था निवेश और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनकर उभरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सेक्टर-विशिष्ट नीतियों ने प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में प्रशासनिक निर्णयों को स्पष्ट नीति ढांचे से जोड़ा। इसी का परिणाम है कि राज्य में 34 से अधिक उद्देश्यपरक और क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक नीतियों का सीधा लक्ष्य निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार रहा। प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित निवेश रणनीति आईटी/आईटीईएस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), रक्षा एवं एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, वस्त्र उद्योग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों को नीति समर्थन प्रदान किया गया। इन नीतियों के अंतर्गत पूंजी सब्सिडी, 100% एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी व बिजली दरों में छूट जैसे प्रोत्साहन शामिल किए गए। एफडीआइ और फार्च्यून- 500 कंपनियों के लिए ऐतिहासिक पहल योगी सरकार ने भारत में पहली बार ‘उत्तर प्रदेश FDI/FIC, Fortune Global 500 एवं Fortune India 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ लागू की। यह नीति वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में राज्य का बड़ा कदम रही। इसके अंतर्गत फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी, 100% स्टाम्प ड्यूटी व पंजीकरण छूट, बिजली शुल्क में पूर्ण छूट, कौशल विकास और R&D प्रोत्साहन शामिल हैं। क्षेत्रीय संतुलन के साथ विकास नीति के तहत पश्चिमांचल एवं मध्यांचल क्षेत्रों में 75% तक तथा बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में 80% तक लैंड सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इससे औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिली। नई पीढ़ी की नीतियों का ऐलान वर्ष 2024 में योगी सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति, बायो-प्लास्टिक नीति, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति, एयरोस्पेस एवं रक्षा इकाई नीति और GCC नीति जैसी कई दूरगामी नीतियों की घोषणा की, जिसे 2025 में तेजी से आगे बढ़ाया गया, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली। 2025 में निर्यात और विनिर्माण पर विशेष फोकस वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश फुटवियर, लेदर और नॉन-लेदर क्षेत्र विकास नीति-2025 को लागू किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति (2025-2030) और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, निर्यात को प्रोत्साहित करना और यूपी को औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य बनाना रहा।

सीएम योगी से स्नेहाशीष व चॉकलेट पाकर प्रफुल्लित हुए बच्चे

गोरखपुर रविवार को आंबेडकर पार्क में सैर सपाटे पर आए बच्चों की खुशी उस वक्त देखते बनी जब देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री खुद उनसे मिलने पहुंच गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्नेहाशीष और चॉकलेट पाकर बच्चे बेहद प्रफुल्लित हुए और एकस्वर में बोल पड़े- थैंक्यू महाराज जी।  रविवार को गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकॉप्टर दोपहर बाद जैसे ही सर्किट हाउस परिसर स्थित हेलिपैड पर उतरा तो उनकी नजर समीप के आंबेडकर पार्क गेट पर उन्हें देखने जुटे बच्चों पर पड़ गई। जयकारा लगाते बच्चों को देखकर सीएम योगी मुस्कुराते हुए उनकी तरफ बढ़ चले। आंबेडकर पार्क गेट के पास जाकर उन्होंने गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों को खूब दुलारा। उनसे आत्मीयता से बात की और स्नेह, आशीर्वाद के साथ उन्हें चाकलेट भी दिया।