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अपराधियों पर योगी का बड़ा बयान: कानून से नहीं मानोगे तो गोली की भाषा समझाई जाएगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की नीति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मुठभेड़ की कार्रवाइयों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति हमारी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिप्पणी की जाती है कि पुलिस ने गोली क्यों मारी? सीएम योगी ने पूछा कि पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए? कहा कि जो जिस भाषा में समझेगा उसे उसी भाषा में समझाया ही जाएगा। सीएम योगी मंगलवार को लखनऊ में आयोजित पहले फार्मा कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले ही हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में हो रहे हाफ एनकाउंटर (पैर में गोली मारने की घटनाओं) पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलिस के पास दंड देने का हक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि कानून सभी के लिए बराबर है। कोई अपना या पराया नहीं है। यदि कोई अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उस पर वही कठोर कानून लागू होगा जो किसी माफिया पर लागू होता है। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा प्रयास किया कि कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर हो, लेकिन अगर सामने वाला अपराधी कानून से भयभीत नहीं है, तो उसे उसी की भाषा में समझाना तात्कालिक परिस्थिति की मांग हो जाती है। पुलिस को पिस्तौल और प्रशिक्षण दिया जाता है सीएम योगी ने कहा कि बहुत बार लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी। मैं पूछता हूं कि पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए? यह दोनों काम एक साथ नहीं चल सकता। अगर अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास भी पिस्तौल इसीलिए है कि वह उसका डटकर मुकाबला करे। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस का प्रशिक्षण ही इसीलिए होता है कि कोई अपराधी जिस भाषा को समझता है, उसे उसी भाषा में जवाब दे सके। सीएम योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि जब पुलिस ने अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना शुरू किया, तभी प्रदेश में बदलाव आया है। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के बड़े-बड़े त्योहार शांति से संपन्न हुए हैं। कहीं कोई अराजकता नहीं है। आज प्रदेश में कहीं दंगा-फसाद, गुंडा टैक्स या अराजकता की बात नहीं होती है। सुरक्षा के इसी माहौल के कारण आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के लिए निवेश का बेहतरीन गंतव्य (Investment Destination) बन चुका है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी। जीरो टॉलरेंस का मतलब यह है कि अगर शासन-प्रशासन से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उसे भी माफिया की तरह ही कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। उनके इस बयान को पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने और अपराधियों को आखिरी चेतावनी देने के तौर पर देखा जा रहा है।  

24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन

लखनऊ  भारत किसी के आगे नहीं झुकेगा: सीएम योगी ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आभारी हैं, जिन्होंने रोलबैक करते हुए भारत के टैरिफ को कम किया है और भारत को एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में माना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी नीतियों पर अडिग था, और इसका परिणाम है ‘सत्यमेव जयते’। यह पहले भी हुआ है और आगे भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकसित भारत और बढ़ते भारत की यात्रा का प्रमाण है, जहां भारत एक जिम्मेदार और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगाह भी किया कि भारत की इस बढ़ती ताकत से कुछ लोग सशंकित भी हैं, इसलिए देश को विश्वसनीय सहयोगियों के साथ आगे बढ़ते हुए सतर्कता और विवेक के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले जिस भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, आज वही भारत अपनी नीतियों पर दृढ़ रहते हुए वैश्विक शक्तियों को भी संवाद और सहयोग के लिए विवश कर रहा है। भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है और स्वयं अपना नियंता बन रहा है, जो यह स्पष्ट करता है कि आज देश वैश्विक चुनौतियों और दबावों के बीच आत्मविश्वास, नीति-स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व के साथ अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। 24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में जब हम लोग सत्ता में आए थे, उत्तर प्रदेश के अंदर कहीं जमीन ढूंढते हुए नहीं बनती थी। कोई लैंड नहीं मिल पाती थी, क्योंकि उस पर लैंड माफिया ने कब्जा कर रखा था। हमने भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की और मैंने कहा, 24 घंटे का समय दे रहा हूं। उत्तर प्रदेश के अंदर जिस भी सरकारी भूमि पर जिस भू माफिया ने कब्जा किया है, उसको तत्काल छोड़ दे। 24 घंटे के बाद जब हम कारवाई करेंगे तो उसको जमीन तो छोड़नी ही पड़ेगी, लेकिन साथ-साथ उसने जो कमाई की होगी, उसकी ब्याज सहित वसूली करेंगे। आप आश्चर्य करेंगे कि हमारी 65000 एकड़ लैंड खाली हुई थी। यह हमारा लैंड बैंक बना था। उस लैंड बैंक में हमने निवेश भी करवाए। इनसेट-3 फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ के एमओयू पर सहमति, 5525 करोड़ के 11 एमओयू का आदान-प्रदान *‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान राज्य के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में 10  हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति बनी है, जिसमें औषधि, चिकित्सा उपकरण एवं संबंधित क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रुपये के 11 एमओयू का आज मंच पर औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। प्रमुख निवेशकों में अर्ना फार्मा व बायोजेंटा लाइफ साइंसेज ने 1,250-1,250 करोड़ रुपये, शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स ने 737 करोड़, वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज ने 590 करोड़, झानविका लैब्स ने 553 करोड़, कोरो हेल्थ ने 418 करोड़, मार्क लेबोरेटरीज ने 300 करोड़, हाई ग्लांस लैबोरेटरीज ने 120 करोड़, रासपा फार्मा ने 107 करोड़, रोमसंस मेडवर्ल्ड ने 100 करोड़ और कोटक हेल्थकेयर ने 100 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जिससे उत्तर प्रदेश के फार्मा निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरने को मजबूती मिली है। इन निवेश प्रस्तावों से फार्मा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती, नवाचार को बढ़ावा और हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।

CM योगी का क्रांतिकारी कृषि मॉडल: जानिए कैसे डबल फसल से दोगुनी कमाई होगी

लखनऊ यूपी में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने गन्ना आधारित तिलहनी और दलहनी अंतःफसली यानी इंटरक्रॉपिंग खेती को लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई छलांग दिलाने का सबसे प्रभावी तरीका गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अंतःफसली खेती को बड़े पैमाने पर लागू करना है। यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि बहु-गुणित करने की क्षमता रखता है।   मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सीएम ने बताया कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल (इंटरक्रॉपिंग) से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन मिलेगा। इससे खेती की लागत कम होगी और पूरे वर्ष स्थिर आय सुनिश्चित हो सकेगी।उन्होंने कहा कि इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना किसानों को अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और जोखिम से सुरक्षा मिलती है। प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है। ऐसे में ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इकाई क्षेत्रफल से अधिक उत्पादन ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने गन्ना आधारित अंतःफसली खेती को यूपी के कृषि भविष्य का नया मॉडल बताते हुए कहा कि यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक कमाई और जोखिम से सुरक्षा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश तथा देश को तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिलेगी। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से वैज्ञानिक आधार पर अंतःफसल का चयन किया जाए। उन्होंने आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी में सरसों-मसूर और जायद में उर्द-मूंग को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही वर्षवार रोडमैप और सहायता-अनुदान की स्पष्ट व्यवस्था करने के निर्देश दिए।  

सरकारी नौकरी में फायदा! यूपी सरकार दे रही उम्र और अनुभव में विशेष लाभ

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला मुख्यमंत्री फेलो (CM Fellow) को लेकर रहा, जिसके तहत उन्हें यूपी सरकार की भर्तियों में विशेष राहत दी गई है।कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब सीएम फेलो को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के तहत होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। इसके साथ ही, उनके अनुभव के आधार पर अतिरिक्त वेटेज (भारांक) भी दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा और वे बेहतर ढंग से प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।   बैठक में शिक्षकों के लिए भी बड़ी सौगात का ऐलान किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षक और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 2 लाख 97 हजार 589 शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों की भी घोषणा की गई। विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा और 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करेंगे।शहरी विकास से जुड़े प्रस्तावों में वाराणसी के 18 वार्डों में सीवरेज लाइन के लिए 266 करोड़ रुपये और गोरखपुर में 721 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत पुरानी और निष्प्रयोज्य संपत्तियों को तोड़कर नई इमारतें बनाने की अनुमति होगी। बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।

धर्म के नाम पर धोखा! सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे ‘कालनेमि’, सीएम योगी बोले—सतर्क रहें

सोनीपत/लखनऊ गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण तथा राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों में लिप्त तत्वों को सख्त चेतावनी दी कि हमारी बेटियों के साथ किसी तरह का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों के प्रति समाज को जागरूक रहना होगा तथा इनका प्रतिकार करने के लिए पूज्य साधु-संतों को भी आगे आना होगा। सीएम योगी गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत जिले में मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम में आयोजित नाथ संप्रदाय के मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं आठ मान के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने यह भी कहा कि कई कालनेमि धर्म की आड़ में सनातन धर्म को हानि पहुंचा रहे हैं। इनसे भी सतर्क रहना होगा। एक योगी के लिए, एक संत के लिए, एक सन्यासी के लिए, धर्म व राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। यही उसके जीवन का ध्येय होना चाहिए। उसकी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी कुछ नहीं होती। धर्म ही उसकी प्रॉपर्टी है, राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है। अगर कोई राष्ट्रीय स्वाभिमान को चुनौती देता है तो हमें खुलकर उसके सामने आकर खड़े हो जाना चाहिए। ऐसे बहुत कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे। हमें उनसे सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही डेमोग्राफी बदलने की जो साजिश हो रही है, लव जिहाद के नाम पर हमारी बेटियों के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है। हम उसे रोकेंगे, पूरी शक्ति से रोकेंगे, जागरूकता से रोकेंगे। समाज के जागरूक लोगों और पूज्य संतों को भी इसके लिए आगे बढ़ना होगा। परिवारों को सुसंस्कृत किया जाएगा। सीएम ने कहा कि याद करिए, वर्ष 2009 में केरल के उच्च न्यायालय ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ केरल जैसे राज्य को इस्लामी राज्य बनाने की साजिश का हिस्सा है। आज जब मैं देखता हूं तो तमाम राज्यों में बड़े पैमाने पर ये षड्यंत्र हो रहे हैं। हमारी संयुक्त परिवारों की परंपरा पहले संस्कारित होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह परंपरा विखंडित होती दिखाई दे रही है। इसे पुनः जीवित करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवार, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा। धर्म केवल उपासना विधि नहीं, बल्कि अभ्युदय और उत्थान का मार्ग है, जिसमें भौतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास साथ-साथ चलते हैं। धर्मों के संरक्षण के प्रति हमें जागृत होना पड़ेगा। उनकी पवित्रता, मर्यादा को बनाए रखना होगा। सनातन धर्म व आध्यात्मिक विरासत में नाथ पंथ भारत की प्राचीनतम उपासना विधियों में से एक है। गुरु परंपरा के प्रति गहन श्रद्धा भाव के साथ जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एवं भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है, जो सचमुच अभिनंदनीय और सराहनीय है। सीएम ने नाथ संप्रदाय और योगी सभा की ओर से उपस्थित सभी पूज्य संतों, योगियों एवं श्रद्धालु जनों का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि नाथ परंपरा ने सदैव समाज को जोड़ने, साथ लेकर आगे बढ़ने और जीवन को सार्थक ढंग से जीने की प्रेरणा दी है। यही कारण है कि वृहत्तर भारत में उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक सिद्ध महंतों और योगियों की एक लंबी श्रृंखला दिखाई देती है। उनके मठ, मंदिर और धर्मस्थल सनातन धर्म के मूल्यों के प्रति नाथ पंथ की प्रतिबद्धता को प्रस्तुत करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को साकार होते हुए देख रहा है। यह हमारा सौभाग्य है कि लगभग एक हजार वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं का सामना करते हुए गुलामी की जंजीरों को तोड़कर भारत पुनः अपने वैभव की ओर अग्रसर है। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया, जब लोगों को लगने लगा था कि गुलामी हमारी नियति बन गई है, लेकिन भारत की चेतना ने अंगड़ाई ली और देश फिर उठ खड़ा हुआ। आजादी के अमृत काल में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है, उसमें भारत और सनातन धर्म का कल्याण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। दोनों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। सनातन धर्म मजबूत होगा तो विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग भी सुदृढ़ होगा। इसलिए भारत का सशक्त होना भी आवश्यक है। सीएम योगी ने कहा कि धार्मिक, आध्यात्मिक या राजनीतिक नेतृत्व ऐसे हाथों में होना चाहिए, जो देश को नई दिशा दे सकें और विकास की उन ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें, जहां भारत डेढ़-दो हजार वर्ष पहले था। बीते 11 वर्षों में भारत ने एक शानदार यात्रा की है। कभी किसी ने कल्पना की थी कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा? संघर्ष तो था, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण आज डबल इंजन की सरकार डबल ताकत और डबल स्पीड के साथ परिणाम दे रही है। गुलामी के ढांचे टूटे, अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और आज सनातन धर्म की ध्वजा पूरे वैभव के साथ फहरा रही है। उन्होंने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ धाम का कायाकल्प भी इसका जीवंत उदाहरण है। पहले दस श्रद्धालुओं का एक साथ दर्शन कर पाना कठिन था, आज 50 हजार श्रद्धालु एक साथ और प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। अयोध्या धाम में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। कहीं कोई भय नहीं, कोई अफरातफरी नहीं। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। 

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नितिन नबीन कुशल नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और दूरदर्शिता की सीएम योगी ने की सराहना

सीएम ने जताई आशा, उत्तर प्रदेश को भी निरंतर प्राप्त होता रहेगा मार्गदर्शन नई दिल्ली/लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और उन्हें बधाई के साथ उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुष्पगुच्छ भेंट किया और अपने सोशल मीडिया एकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट करके भी उन्हें पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि "आपके कुशल नेतृत्व, संगठनात्मक अनुभव और दूरदर्शिता से पार्टी को नई ऊर्जा-दिशा मिलेगी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती प्राप्त होगी।" सीएम ने आशा जताई कि उत्तर प्रदेश को भी आपका निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त होता रहेगा। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में आप अंत्योदय के पथ पर चलते हुए अपनी निष्ठा व समर्पण से संगठन को नई ऊंचाइयां प्रदान करेंगे एवं सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं में 'राष्ट्र प्रथम' के भाव को और सुदृढ़ करेंगे। आपके उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत शुभकामनाएं।

CM योगी का कड़ा कदम: नोएडा में इंजीनियर की मौत पर SIT जांच, जल्द मांगी रिपोर्ट

नोएडा नोएडा में सॉफ्टफेयर इंजीनियर की मौत मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है और कहा है कि उन्हें पांच दिनों के अंदर एसाईटी की रिपोर्ट चाहिए। नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता की गाड़ी पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। काफी कोशिशों के बाद भी युवराज को बचाया नहीं जा सका। परिवारवालें और घटना के समय मौजूद लोग रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच कुछ अधिकारियों पर ऐक्शन लिए जाने और बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की भी खबर है।   वहीं मामला बढ़ता देख अब खुद सीएम योगी ने इस पर संज्ञान लिया है। सीएम के निर्देश पर घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। इस एसआईटी का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे। मंडलायुक्त मेरठ के अलावा, मेरठ के एडीजी जोन व चीफ इंजीनियर पीडब्लूडी भी एसीआईटी में शामिल होंगे। ये एसआईटी पांच दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपेगी।  

नव ऊर्जा और सकारात्मकता का पर्व: मौनी अमावस्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश

लखनऊ संगम नगरी प्रयागराज में 'मौनी अमावस्या' के महास्नान पर्व पर स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर देश-दुनिया से आए करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दान, व्रत और त्याग की प्रेरणा देने वाले आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या की सभी श्रद्धालुओं और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई। मोक्षदायिनी माँ गंगा और सूर्यदेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, जीवन में नव ऊर्जा, नव उत्साह और नव उमंग का संचार हो, यही कामना है। हर हर गंगे!" उन्होंने आगे लिखा कि आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र संगम स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतगणों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन। मोक्षदायिनी माँ गंगा और भगवान सूर्य की कृपा से सभी की मनोक्षणाएं पूर्ण हों, जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प जगे, यही प्रार्थना है। हर हर गंगे! राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लोक-आस्था के पावन पर्व मौनी अमावस्या पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! पवित्र संगम और विभिन्न पावन नदियों में स्नान-दान के इस महापर्व पर भगवान श्रीहरि से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति और अटूट समृद्धि का संचार करें।" उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य व लोक आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेला में पावन स्नान हेतु पधारे समस्त साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का सादर अभिनन्दन!" उन्होंने आगे लिखा कि माघ मेला के पवित्र अवसर पर प्रयागराज के पावन संगम में आस्था की डुबकी से समस्त पूज्य साधु-संतों एवं कल्पवासियों की तपस्या सफल हो तथा समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में पुण्य, शांति और अभिलाषित फल की प्राप्ति हो, यही मंगलकामना है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जसवन्त सिंह सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दान, व्रत, मौन और त्याग की प्रेरणा देने वाले आस्था के पावन पर्व मौनी अमावस्या की समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मोक्षदायिनी माँ गंगा एवं सूर्यदेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा जीवन में नव ऊर्जा, नव उत्साह और नव उमंग का संचार हो, यही मंगलकामना है। हर हर गंगे!"

CM योगी का बयान: काशी में मूर्ति तोड़ने का आरोप झूठा, AI के जरिए फैलाया जा रहा भ्रम

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के दौरे पर हैं. इस दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए काशी को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम और सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से काशी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, टूटी हुई मूर्तियों की एआई तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर यह झूठ फैलाया जा रहा है कि काशी में मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं.  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी अविनाशी है. काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है. लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था, जो विकास होना चाहिए था और समग्र विकास के कार्यक्रमों को जो महत्व मिलना चाहिए था, वह आज़ादी के तत्काल बाद नहीं मिल सका. पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों के भीतर काशी ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उसका संवर्धन किया है. साथ ही भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से काशी ने नई ऊंचाइयों को भी प्राप्त किया है. आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है. यह हम सभी का सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं. प्रारंभ से ही उनका साफ दृष्टिकोण रहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए. इसी सोच के अनुरूप पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों में काशी के लिए योजनाएं तैयार की गईं. काशी के लिए 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं. शेष परियोजनाएं तेजी से प्रगति पर हैं. ये सभी परियोजनाएं काशी के समग्र विकास से जुड़ी हैं, जिनमें आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है. इन योजनाओं का उद्देश्य यह भी है कि काशी में नए संस्थान खुलें, परंपरागत उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को जीआई टैग के माध्यम से वैश्विक पहचान मिले और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके. इन सभी क्षेत्रों में पिछले ग्यारह–साढ़े ग्यारह सालों में युद्ध स्तर पर काम हुआ है. काशी की गलियों की स्थिति दो हजार चौदह से पहले कैसी थी, यह किसी से छुपी नहीं है. काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले औसतन श्रद्धालुओं की संख्या पांच हजार से लेकर अधिकतम पच्चीस हजार तक रहती थी. आज वही संख्या प्रतिदिन सवा लाख से डेढ़ लाख तक पहुंच चुकी है. सावन मास, महाशिवरात्रि और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यह संख्या छह लाख से लेकर दस लाख तक पहुंच जाती है. केवल पिछले साल ही काशी में ग्यारह करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ धाम में दर्शन किए. काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद से अब तक काशी ने देश की जीडीपी में लगभग एक लाख तीस हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया है. इससे रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं – चाहे वह गाइड के रूप में हो, पुरोहित्य कर्म के रूप में, व्यापार, फूल-पत्ती और प्रसाद की बिक्री, होटल, रेस्टोरेंट, नाविक, टैक्सी या अन्य सेवाओं के माध्यम से. आज काशी की सभी प्रमुख सड़कें फोर लेन से जुड़ी हैं. यातायात की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है और घंटों के जाम की जगह अब सुगम यातायात व्यवस्था है. काशी के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से वंदे भारत, अमृत भारत सहित नई रेल सुविधाएं शुरू हुई हैं. एयर कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है और देश में पहली बार वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैंड वॉटरवे की सुविधा विकसित की गई है, जिससे व्यापार और परिवहन के नए आयाम खुले हैं.

खेलों के प्रोत्साहन पर सीएम योगी का जोर, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संवारने का संदेश

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे और तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से खिलाड़ी खेल से पलायन करने को विवश होते थे। कुंठित, हताश और निराश रहते थे। जबकि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखते ही बनता है। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है। गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम बनाने के कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़े हैं। खेल गतिविधियां अनौपचारिक न रहें, बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बनें, इसके लिए सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में प्रदेश के प्रतिभागी खिलाड़ी को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार और क्लास वन जॉब देने की व्यवस्था बनाई गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ी को 3 करोड़ और एकल स्पर्धा में रजत पदक विजेता को भी 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध धरा बताने के साथ आजादी के आंदोलन में चौरीचौरा की घटना, वैदिक साहित्य के विश्व में सबसे बड़े प्रकाशन केंद्र 'गीता प्रेस' की महत्ता बताई। साथ ही अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल तथा बंधु सिंह से इस जिले के किसी न किसी रूप में जुड़ाव का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अनेक विभूतियों की पावन धरा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया।