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सीएम योगी के नेतृत्व में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सीएम श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत हॉस्टल माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बनाया जा रहा है। जो नारी शक्ति और समाज कल्याण की प्रतीक मानी जाती हैं, ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा और सुविधापूर्ण आश्रय मिल सके। केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन दोनों योजनाओं के तहत निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।  केंद्र सरकार की SASCI योजना पर ठोस प्रगति भारत सरकार द्वारा SASCI  योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 382 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत लखनऊ में तीन, गौतमबुद्ध नगर में चार एवं गाजियाबाद में एक सहित कुल आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें प्रत्येक की आवासीय क्षमता 500 की होगी। इन छात्रावासों के लिए शहरी क्षेत्रों में भूमि चिन्हित करते एक रुपये प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष की लीज दर पर भूमि को विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किया गया है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 381.56 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 11 मार्च 2025 को 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में 251.83 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। अप्रैल 2025 में सीएण्डडीएस, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून 2025 में परियोजना वार 35 प्रतिशत धनराशि (116.19 करोड़ रुपये) कार्यदायी संस्था को अवमुक्त की गई। वर्तमान में लखनऊ के तीन और गौतमबुद्ध नगर के तीन छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना पर भी तेजी इसके समानांतर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत प्रदेश के 07 जनपदों वाराणसी,  मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर,  झांसी एवं आगरा में 500-500 की क्षमता वाले कुल सात छात्रावासों का निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना के अंतर्गत प्रति छात्रावास 47.75 करोड़ की लागत से कुल 334.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 170 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। अब तक मेरठ, गोरखपुर, कानपुर नगर, झांसी एवं आगरा में भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। इन पांचों जनपदों के लिए व्यय वित्त समिति (EFC)  से अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। वहीं वाराणसी एवं प्रयागराज में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी सातों जनपदों के लिए निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना वित्त विभाग को प्रेषित कर दी गई है। महिला सशक्तिकरण के विज़न को जमीन पर उतार रही योगी सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सीएण्डडीएस के समन्वय से संचालित ये दोनों योजनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को साकार कर रही हैं, जिसमें महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को विकास का केंद्र बिंदु बनाया गया है। ये छात्रावास न केवल कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आश्रय देंगे, बल्कि शहरी क्षेत्रों में महिला कार्यबल की भागीदारी को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अटल जयंती शताब्दी समापन समारोह के अवसर पर 25 दिसंबर को चलेगा अभियान

विशेष स्वच्छता अभियान की जिम्मेदारी स्थानीय नगर निकाय और पंचायती राज विभाग को सौंपी गई सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, बाजारों, सरकारी भवनों, शिक्षण संस्थानों और ग्राम पंचायत परिसरों में चलाया जाएगा अभियान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की रहेगी सक्रिय सहभागिता लखनऊ, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें अनोखी और सार्थक श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार 25 दिसंबर को पूरे प्रदेश में विशेष और व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से अटल जी के स्वच्छ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का संदेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई मंचों से कहा है कि अटल बिहारी वाजपेई जी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि सुशासन, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक चेतना के प्रतीक थे। ऐसे में यह स्वच्छता अभियान उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने, उनके विचारों और आदर्शों के प्रति सच्चा सम्मान होगा। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वित अभियान इस प्रदेशव्यापी विशेष स्वच्छता अभियान की जिम्मेदारी स्थानीय नगर निकायों और पंचायती राज विभाग को सौंपी गई है। स्थानीय नगर निकाय प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करेंगे। वहीं, पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान की कमान संभालेगा, जिससे गांव-गांव तक स्वच्छता का संदेश पहुंचे। इस अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, बाजारों, सरकारी भवनों, शिक्षण संस्थानों और ग्राम पंचायत परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। युवाओं और नागरिकों को प्रेरित करने पर जोर पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती पर स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करना है। साथ ही, नई पीढ़ी और नागरिकों को अटल जी के जीवन मूल्यों, राष्ट्रप्रेम, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सेवा भावना से प्रेरित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। जनपद और राज्य स्तर पर होंगे विविध आयोजन अटल जयंती शताब्दी समापन कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य और जनपद स्तर पर कई आयोजन किए जाएंगे। जनपद स्तर पर 18 से 22 दिसंबर के मध्य विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिनमें निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला, कविता पाठ आदि शामिल हैं। राज्य स्तर पर 25 दिसंबर को लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगी अटल जयंती संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 25 दिसंबर की शाम 6 बजे से 8 बजे तक उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता के विजेता कवि अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे अटल जी के कवि व्यक्तित्व को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

शुक्रवार को गोरखनाथ रोड पर नए ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

गोरखपुर,  गोरखपुर में यातायात सुगमता के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों बड़ी सौगात मिलने जा रही है। नाथपंथ के विश्व विख्यात गोरखनाथ मंदिर और सोनौली मार्ग होते हुए नेपाल तक की कनेक्टिविटी वाले धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर नए गोरखनाथ ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा गया है। इस नवनिर्मित ओवरब्रिज का लोकार्पण मुख्यमंत्री शुक्रवार (19 दिसंबर) को करेंगे। धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर पड़ने वाले लखनऊ-गोरखपुर रेलमार्ग के डोमिनगढ़ व गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के मध्य क्रॉसिंग संख्या 162ए पर एक ओवरब्रिज पहले से है। इस पर ट्रैफिक लोड बढ़ने के कारण सीएम योगी के निर्देश पर मौजूद ओवरब्रिज के समानांतर एक और ओवरब्रिज बनवाया गया है। इसके निर्माण पर 137.83 करोड़ रुपये की लागत आई है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के अनुसार दो लेन के नए ओवरब्रिज की कुल लंबाई 600.653 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर है। इसमें रेलवे भाग की लंबाई 76 मीटर है। गोरखनाथ मंदिर मार्ग शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। नए ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होते ही गोरखनाथ की तरफ आने वाले वाहनों को पुराने ओवरब्रिज पर नहीं जाना होगा। आने-जाने के लिए अलग-अलग ओवरब्रिज होने से जाम भी नहीं लगेगा। खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर दो ओवरब्रिज हो जाने से शहर के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में आने-जाने वालों, सोनौली रोड आने-जाने वाले लोगों की यात्रा काफी सुविधाजनक हो जाएगी। इसके अलावा मकर संक्रांति से शुरू होकर एक माह तक लगने वाले गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन की बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। व्यू कटर से खास बना नया ओवरब्रिज नया गोरखनाथ ओवरब्रिज शहर में पहले से मौजूद ओवरब्रिज से विशेष है। इसके दोनों किनारों पर व्यू कटर भी लगाया गया है। इससे ओवरब्रिज के समीप के घरों की निजता बनी रहेगी और उन्हें वाहनों की आवाज भी कमतर सुनाई देगी।

किसानों से खिलवाड़ नहीं चलेगा: नकली खाद बेचने वालों पर NSA की कार्रवाई के निर्देश — CM योगी

  लखनऊ    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मिलावटी अथवा नकली खाद बेचने वालों और खाद की कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान को यदि खाद को लेकर कोई भी समस्या हुई तो जवाबदेही तय होगी और दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, कार्रवाई से नहीं बचेगा. मंगलवार को कृषि मंत्री और सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और सुचारू वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सहकारिता और कृषि मंत्री प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा करें. मुख्यमंत्री कार्यालय से हर जिले पर सीधी निगरानी रखी जाएगी और खाद वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी कतई स्वीकार नहीं की जाएगी. 'गड़बड़ी पाई गई तो तत्काल जवाबदेही तय होगी' मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी स्वयं खाद की दुकानों और समितियों पर औचक निरीक्षण करें. ओवर रेटिंग किसी भी दशा में न हो और खाद समितियां निर्धारित अवधि के अनुसार अनिवार्य रूप से खुली रहें. डीएपी, यूरिया और पोटाश किसानों को केवल तय सरकारी दरों पर ही उपलब्ध कराई जाए. जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां तत्काल जवाबदेही तय की जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारियों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जाएगी. यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो खुली विजिलेंस जांच कराई जाएगी. उनका स्पष्ट संदेश था कि खाद संकट पैदा करने या कृत्रिम अभाव दिखाने की कोशिश करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है. प्रदेश में कितनी यूरिया उपलब्ध? बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में 16 दिसंबर 2025 तक कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक किसानों के लिए उपलब्ध है. सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है. डीएपी में सहकारी क्षेत्र में 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.30 लाख मीट्रिक टन तथा एनपीके में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्धता बताई गई. 'किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े' मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है और गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया का वितरण किया जा रहा है. गत वर्ष की तुलना में इस अवधि में यूरिया की बिक्री अधिक रही है और वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण हो रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपलब्धता के बावजूद किसी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, यही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

नेहरू के फैसलों ने कश्मीर को बनाया विवादित, आज तक भुगत रहा देश : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी की। सीएम योगी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर रियासत कहां शामिल हो, इसे लेकर असमंजस की स्थिति थी, तब जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि मैं पहल करूंगा। जम्मू-कश्मीर पं. नेहरू के हाथों में था, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर को इतना विवादित करने का कार्य किया कि आजादी के बाद से वह लगातार भारत को डसता रहा। नेहरू के कारण उसी कश्मीर से देश को उग्रवाद, अलगाववाद प्राप्त हुआ था। देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है, जिन्होंने लौहपुरुष और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए धारा-370 को समाप्त कर कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान के संकल्प को आगे बढ़ाया।  सीएम योगी ने कहा कि गृहमंत्री के रूप में भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार, तमाम विवादों के समाधान के लिए तंत्र विकसित करने और भारत की प्रशासनिक सेवा को वर्तमान स्वरूप देने का कार्य भी लौहपुरुष के कारण हो पाया। सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति उनकी सेवाएं व योगदान हम सबके लिए चिरस्मरणीय अध्याय बन गया। हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा, सम्मान के साथ भारत मां के महान सपूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने को तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का यशस्वी नेतृत्व और लंबे समय तक प्राप्त होता, लेकिन देश का दुर्भाग्य रहा कि 15 दिसंबर 1950 को उनका नश्वर शरीर जवाब दे गया। उनकी स्मृतियां, देश के प्रति सेवाएं व योगदान चिरस्मरणीय अध्याय बन गए। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। सीएम योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के करमसद में सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने परिश्रम से उच्च शिक्षा अर्जित की। इसके पीछे उनका उद्देश्य आजीविका प्राप्त कर विदेशी हुकुमूत की नौकरी करना नहीं, बल्कि देश-दुनिया को समझकर अपनी प्रतिभा व ऊर्जा का लाभ भारत मां के चरणों में समर्पित करना था। सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन को नेतृत्व दिया। कई बार जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी के आंदोलन से विचलित नहीं हुए। देश जब आजाद हो रहा था, उस समय उन्होंने पुरजोर तरीके से भारत के विभाजन का विरोध किया। उन्होंने 567 रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाया। देश वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में सदैव लौहपुरुष का स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब व हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में शामिल नहीं होना चाहते थे। जब देश आजाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने टू-नेशन थ्योरी को लागू किया और देसी रियासतों को स्वतंत्रता दी कि वे चाहें तो भारत गणराज्य में शामिल हों, पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें। सभी हिंदू रियासतों ने भारत का हिस्सा बनने पर सहमति दी, लेकिन जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम ने मना कर दिया। सरदार पटेल की सूझबूझ के परिणामस्वरूप उनके रक्तहीन क्रांति के माध्यम से दोनों रिसायतें भारत का हिस्सा बनीं। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम को देश छोड़कर भागना पड़ा।

निवेश नीति का असर: हापुड़ बना यूपी में औद्योगिक विस्तार और शहरी विकास का उभरता केंद्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उत्तर प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास का बड़ा गंतव्य बनाने की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में अब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक नया निवेश केंद्र तेजी से उभर रहा है और वह हापुड़ है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा हाल ही में आयोजित 'इन्वेस्ट इन हापुड़ समिट 2025' ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में हापुड़ भी गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर बड़े निवेश केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। समिट के दौरान कुल 1,300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इस समिट का उद्देश्य हापुड़-पिलखुवा क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को निवेशकों के सामने प्रस्तुत करना और क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश को आकर्षित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना रहे। उन्होंने समिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी नीतियां, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश आज देश के शीर्ष निवेश गंतव्य स्थलों में शामिल हो गया है। वित्त मंत्री ने 100 से अधिक निवेशकों के समक्ष कहा कि दिल्ली-एनसीआर का विकास अब केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। हापुड़ जैसे क्षेत्र अब नए विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) के वाइस चेयरमैन डॉ. नितिन गौड़ (आईएएस) के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण ने सीमित समय में वित्तीय मजबूती और नियोजित विकास का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। समिट में प्रस्तुत आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। पिछले दो वर्षों में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण का कुल लाभ 172 करोड़ से बढ़कर 435 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, नक्शों और विभिन्न स्वीकृतियों से होने वाली आय 5.3 करोड़ रुपए से बढ़कर 26.32 करोड़ रुपए हो गई है। यह वृद्धि प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और तेज निर्णय प्रक्रिया को दर्शाती है। समिट के माध्यम से निवेशकों को यह संदेश दिया गया कि हापुड़ अब केवल ग्रामीण छवि वाला क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह दिल्ली से लगभग 15 मिनट की दूरी पर स्थित एक उभरता हुआ शहरी और औद्योगिक केंद्र है। हापुड़ का मास्टर प्लान वर्ष 2024 में स्वीकृत हो चुका है। क्षेत्र की रोड कनेक्टिविटी मजबूत है और यह दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से कुछ मिनटों की दूरी पर स्थित है। समिट में उद्योगपति, बिल्डर्स, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और ग्रुप हाउसिंग से जुड़े निवेशकों को आमंत्रित किया गया। निवेशकों को आवासीय और औद्योगिक भूमि की जानकारी ग्रामवार खसरे सहित उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें भूमि खोजने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह योगी आदित्यनाथ सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल का व्यावहारिक उदाहरण है। समिट के दौरान कुल 1,300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव सामने आए। यशोदा ग्रुप सहित कई बड़े निवेशकों ने हापुड़ में निवेश का आश्वासन दिया। इसमें मैक्स, मेदांता हॉस्पिटल, न्यूट्रिमा, भारती, यशोदा समूह शामिल रहे। यशोदा हॉस्पिटल ग्रुप ने 300 करोड़ रुपए, एस्पायर 150 करोड़ रुपए, दिव्यांश ग्रुप 200 करोड़ रुपए, आनंतम 150 करोड़ रुपए, आईटी पार्क बाई विशाल त्यागी 200 करोड़ रुपए, एमएंडएम 100 करोड़ रुपए, वी मैप्स 150 करोड़ रुपए और पार्क सिटी ने 100 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि यह पहली बार है, जब प्राधिकरण स्तर पर इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हरिपुर आवासीय योजना के अंतर्गत 30 हेक्टेयर का नया लैंड बैंक विकसित किया जा रहा है। इसमें से 21 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अब तक पूरा हो चुका है। हापुड़ की कनेक्टिविटी नेशनल हाईवे-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से है।

टाटा समूह के निवेश प्रस्ताव, यूपी में खुलेंगे टेक्नालॉजी विकास और रोजगार के नए द्वार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच हाल ही में सम्पन्न हुई बैठक में प्रदेश में टाटा समूह की ओर से चलाए जा रहे प्रोजक्टस की प्रगति के अपडेट्स और विस्तार के पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही टाटा समूह के चेयर पर्सन ने यूपी लखनऊ में एआई सिटी और गोरखपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही टाटा समूह अपनी कंस्लटेंसी सर्विस, टीसीएस की लखनऊ, नोएडा और वाराणसी यूनिट के वर्क फोर्स में वृद्धि करने और विशेष रूप से पूर्वाचंल के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डाटा साइंस, ड्रोन और स्पेसे टेक्नालॉजी जैसी अत्याधुनिक टेक्नालॉजी में प्रशिक्षित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। यह बैठक राज्य की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर में वृद्धि के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। टाटा समूह ने लखनऊ में एआई सिटी बनाने का रखा प्रस्ताव  टाटा समूह के चेयर पर्सन ने चर्चा के दौरान प्रदेश की राजधानी, लखनऊ में टाटा समूह ने 'एआई सिटी' विकसित करने की कार्य योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ये परियोजना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में यूपी को वैश्विक हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एआई सिटी के निर्माण के साथ प्रदेश में भविष्य की तकनीकि के क्षेत्र में हजारों की संख्या में नौकरियों, स्टार्टअप के विकास का इकोसिस्टम तैयार होगा। इसी क्रम में उन्होंने, गोरखपुर में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के सामने पेश किया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह ने आईआईटी कानपुर के साथ एमओयू किया है। जिसके तहत टाटा समूह 48 करोड़ रुपये का निवेश कर विशेष तौर पर पूर्वी यूपी के युवाओं को एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, 3 डी प्रिंटिंग, ड्रोन और स्पेस टेक्नालॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा। टाटा समूह के सहयोग से चलाई जाने वाली इस परियोजना से प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट को नई दिशा मिलेगी। साथ ही एन. चंद्रशेखरन ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज टीसीएस की लखनऊ और नोएडा यूनिट में वर्क फोर्स को 16,000 से बढ़ाकर 30,000 किया जाएगा। यह कदम यूपी के डिजिटल टैलेंट पूल को मजबूत करेगा, साथ ही राज्य के युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि प्रदान करेगा।  इलेक्ट्रानिक्स और डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने दिया निवेश बढ़ाने का प्रस्ताव  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी ने इलेक्ट्रॉनिकस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की है। जिसके चलते यूपी का इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है,वार्ता के दौरान टाटा समूह के चेयर पर्सन ने इसमें जुड़ने की इच्छा जताई। राज्य सरकार की स्वीकृति से मोबाइल उपकरण और अन्य कंपोनेंट्स के उत्पादन में निवेश करने का प्रस्ताव रखा। साथ उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रानिक प्रोडक्टस की प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टाटा समूह ने इंटेल के साथ एमओयू के बारे में भी बताया। वहीं प्रदेश में इलेक्ट्रानिक बसों, अन्य वाहनों और उनके नये माडल की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के बारे में भी बताया। वार्ता के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर में टाटा समूह ने निवेश को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बबीना सहित यूपी के रक्षा औद्योगिक नोड्स में टाटा समूह के योगदान के बारे में भी बताया, जहां ड्रोन, मिसाइल और डिफेंस के वाहनों के उत्पादन पर फोकस है। साथ ही उन्होंने, टाटा समूह ने बीडा के तहत झांसी में 25,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण और प्रोजेक्ट विस्तार के बारे में भी बताया। उन्होंने बैठक के दौरान सीएम के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश की रक्षा प्राथमिकताओं के अनुरूप टाटा समूह की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।  अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल आर्किटेक्चर का निर्माण होगा जनवरी 2027 में पूरा टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में म्युज़ियम ऑफ टेम्पल का निर्माण कार्य को जनवरी 2027 तक पूरी करने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि टाटा समूह की ओर से म्युज़ियम में न्यू टेक्नालॉजी आधारित डिस्प्ले बना रहा है, जो अयोध्या में आने वाले विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करेगा। साथ ही टाटा समूह मथुरा-वृदांवन के क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरीकुंड, गरुड़ गोविंद कुंड और कृष्ण कुंड समेत 8 कुंडों का जीर्णोद्धार करवाएगा। साथ ही प्रदेश में प्रमुख गंगा घाटों की सफाई का कार्य भी टाटा समूह करेगा। टाटा समूह के चेयर पर्सन और मुख्यमंत्री के बीच हुई ये बैठक, यूपी की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन इकॉनमी बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही टाटा समूह की ओर से उत्तर प्रदेश में निवेश और सेवाओं के विस्तार के ये प्रस्ताव साबित करते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में यूपी निवेश का फेवरेट डेस्टिनेशन बन चुका है।

‘हर शिकायत पर होगी कार्रवाई’— जनता दर्शन में फरियादियों से मिले मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘जनता दर्शन’ के जरिए प्रदेशवासियों से मिलकर सीधे उनकी समस्या सुनने और उसके निराकरण की पहल निरंतर जारी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी ने सोमवार को भी ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मिले, समस्याएं सुनीं, सभी का प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को सख्त व उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में पीएसी के सिपाही ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए मामले के उचित निस्तारण का निर्देश दिया। शाहजहांपुर से आए किसान ने मुख्यमंत्री जी से धान खरीद केंद्र की लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें किसी प्रकार की समस्या न हो, शासन-प्रशासन के अधिकारी इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर के डीएम को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। किसी भी केंद्र पर धान ले जाने वाले किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रयागराज से भी कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित मामले में प्रयागराज के जिला व पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इन समस्याओं का निस्तारण कराएं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जरूरतमंद की सेवा ही सरकार का लक्ष्य है। सरकार पहले दिन से ही लोगों की सेवा, सुरक्षा व सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। साढ़े 8 वर्ष में जनता की समस्या सुनने और उसके निराकरण के लिए सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। सीएम योगी ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को आश्वस्त किया कि हर समस्या का उचित निस्तारण कराएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

फर्जी वोटरों के खिलाफ निर्णायक जंग: सीएम योगी बोले– बूथ बनेगा रणभूमि

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि आने वाला चुनाव बूथ स्तर पर लड़ा जाएगा और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ही उसकी सबसे बड़ी धुरी है। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा गया कि विरोधियों के पास ताकत नहीं है, लेकिन उनके छद्म और छल का जवाब देने के लिए कार्यकर्ताओं में उतना ही शौर्य और साहस होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को संगठन पर्व के अंतर्गत प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य निर्वाचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि काशी कॉरिडोर का निर्माण, नैमिषारण्य सहित अन्य तीर्थ स्थलों का कायाकल्प और अयोध्या में भव्य राम मंदिर, यह सब बदले हुए उत्तर प्रदेश की पहचान है। पहले प्रदेश में बिजली इसलिए नहीं आती थी क्योंकि डकैती अंधेरे में ही डाली जा सकती थी, लेकिन अब रोस्टर के हिसाब से बिजली आपूर्ति हो रही है। एसआईआर को बेहद अहम बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की क्षमता पर कोई शक नहीं है, लेकिन कई बार उदारता के कारण लापरवाही हो जाती है। एसआईआर के दौरान अगर पूछा जाए तो अक्सर जवाब मिलता है कि हमारे यहां काम हो गया जबकि हकीकत यह नहीं होती। एक जिले में तो विरोधियों ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम तक मतदाता सूची में दर्ज करवा दिए हैं, जहां बेटे की उम्र 20 साल, पिता 30 साल और दादा 40 साल दिखाए गए हैं, जबकि मतदाता असम के रहने वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराई जाए और जो वास्तविक मतदाता सूची से छूट गए हैं, उनके नाम हर हाल में जुड़वाए जाएं। बताया गया कि यूपी की आबादी करीब 25 करोड़ है, इस हिसाब से लगभग 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, लेकिन एसआईआर के बाद सूची में केवल 12 करोड़ नाम सामने आए हैं। यानी चार करोड़ मतदाताओं का गैप है, जिनमें 85 से 90 प्रतिशत भाजपा के संभावित मतदाता हैं। कार्यकर्ताओं के पास केवल 12 दिन हैं और याद रखें—चुनावी लड़ाई बूथ पर ही जीती जाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव की तीन-चौथाई मेहनत अभी करनी है। अगर यह मेहनत कर ली गई तो चुनाव में एक-चौथाई प्रयास से ही तीन-चौथाई सीटें जीती जा सकती हैं। हर बूथ पर फॉर्म नंबर-6 भरवाने में कोई कोताही न बरती जाए, क्योंकि बूथ की मेहनत ही परिणाम लाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत करते हुए चुनाव प्रक्रिया को निर्विवाद रूप से संपन्न कराने के लिए डॉ. महेंद्रनाथ पांडे का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी मिलने से सरकार और संगठन मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को पूरा करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि आज पूरी दुनिया का नजरिया भारत और भारतवासियों के प्रति बदला है। जो देश कभी भारत को नजरअंदाज करते थे, अब वही भारत को वैश्विक नेतृत्व के रूप में देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार और एक-एक कार्यकर्ता की ताकत का परिणाम है। आज यूपी दंगा, माफिया और अपराध मुक्त होकर पर्यटन और निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पौने नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 11 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।

भारतीय जनता पार्टी उप्र के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में बोले मुख्यमंत्री

प्रदेश के मुखिया ने एसआईआर को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा, बोले-हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही लाएगी परिणाम  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरीः मुख्यमंत्री   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को यूपी के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिला। उन्होंने कहाकि पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप नई गति के साथ सरकार व संगठन मिलकर यूपी के संकल्प को बढ़ाएगा। पंकज जी यूपी की नई यात्रा के लिए कैप्टन के रूप में आ गए हैं। प्रदेश के मुखिया के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा।  मुख्यमंत्री ने राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में साढ़े तीन वर्ष से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए हर कार्यक्रम को गति प्रदान करने में योगदान दिया।  सीएम की अपील-12 दिन का बेहतर उपयोग कीजिए  सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अबसे 12 दिन का बेहतर उपयोग करिए। चुनाव का परिणाम विधानसभा व लोकसभा में आता है, लेकिन चुनाव लड़ा जाता है बूथ पर। पीएम मोदी कहते हैं कि ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ यानी लड़ाई बूथ पर होती है, इसलिए वह सबसे मजबूत होना चाहिए। सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ पर औसतन पौने दो सौ से ढाई सौ घर होंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारी से लेकर शक्ति केंद्र के पदाधिकारी एक साथ मिलकर अपने बूथ पर मतदाता सूची, ड्राफ्ट सूची के साथ ही छूटे, फर्जी, मृतक, अनलैपिंग, अब्सेंट व शिफ्ट करने वालों के नाम का अवलोकन कर लें।  हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराइए सीएम ने एक जनपद के दौरे का वृत्तांत सुनाते हुए विरोधियों द्वारा भरे गए मतदाता सूची का जिक्र किया। बोले कि उसमें कुछ बांग्लादेशियों के भी नाम हैं। सीएम ने चिंता भी व्यक्त की, बोले कि एक जनपद में ऐसा फॉर्म भरा गया, जहां मतदाता की आयु 20, पिता की 30 व बाबा की आयु 40 साल है। सीएम ने फर्जी नाम का उदाहरण दिया और बताया कि मतदाता असम के हैं, लेकिन बने हैं संभल में। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ से फर्जी नाम पर आपत्ति दर्ज कराइए। नाम जोड़ने व काटने के लिए समय है। सीएम ने मेहनत करने पर जोर देते हुए कहा कि एसआईआर की वजह से आपकी तीन चौथाई मेहनत अभी हो जाएगी तो विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक चौथाई मेहनत ही करनी पड़ेगी, फिर यूपी में तीन चौथाई सीट भाजपा व गठबंधन प्रत्याशी जीतेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अपने बूथ को सबसे मजबूत कीजिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि एसआईआर के जो प्रपत्र जमा नहीं हो पाए, युद्ध स्तर पर लगकर उन्हें जमा कराइए। सीएम ने अलग-अलग फॉर्म संख्या व उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताते हुए कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया कि हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही परिणाम लाएगी।  आज भारत के अंदर लोगों को नजर आता है वैश्विक नेतृत्व  सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति आज नए भारत का दर्शन कर रहा है। 11 वर्ष में भारत व भारतवासियों के प्रति दुनिया का नजरिया बदला है। 11 वर्ष पहले जो लोग भारत को कमतर आंकते थे, उन्हें भारत में वैश्विक नेतृत्व नजर आता है। भारत अब बिना रुके, डिगे व झुके अपनी यात्रा को बढ़ा रहा है। हमारा सौभाग्य है कि दुनिया के सबसे यशस्वी नेता नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में 11 वर्ष से अधिक समय से नए भारत को नेतृत्व प्राप्त हो रहा है।   सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया परिवर्तन का श्रेय  सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष में यूपी में हम जो भी परिवर्तन करने में सफल हुए हैं, वह पीएम मोदी के मार्गदर्शन-नेतृत्व, डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड की ताकत, एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है। यूपी के बारे में जो धारणा थी, उसे हमने दूर किया। बीमारू राज्य के धब्बे से मुक्त करके यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया। आज यूपी दंगा, माफिया व अपराधमुक्त होकर पर्यटन, निवेश के लिए देश के बेहतरीन राज्यों में शामिल है।  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरी  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में साढ़े 8 वर्ष में बिना भेदभाव पौने नौ लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई। डेढ़ करोड़ से अधिक नौजवानों को परंपरागत उद्यम में नौकरी व रोजगार से जोड़ा गया। निवेश, सुरक्षा, कानून के राज में बेहतर तरीके से जो कार्य बढ़ा, उसकी वजह से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजनाएं धरातल पर उतरीं। सरकार छह लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी कर रही है।  सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री के प्रति जताया आभार  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताते हुए सीएम योगी ने कहा कि पीएम, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अध्य़क्ष के नेतृत्व में प्रदेश के विकास योजनाओं को बढ़ाने के लिए जब भी पीयूष गोयल से सहयोग मांगा, तब उन्होंने यूपी के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ओडीओपी के लिए हमने पैकेजिंग इंस्टीटयूट मांगा तो लखनऊ में भारत सरकार ने इसे स्वीकृति दी। इसका सत्र भी प्रारंभ हो गया है। यूपी उद्यमियों के प्रोडक्ट को दुनिया के बाजार में पहुंचा सके और शोकेस कर सकें, इसके लिए कोई ट्रेड शो ऐसा हो। इस पर जब पीय़ूष जी से चर्चा की, उन्होंने पहले वर्ष ही कहा कि कम से कम 500 फॉरेन बायर्स यूपी भेज रहा हूं। इसे दुनिया के मार्केट में पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है।