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72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर बोले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में किया नई ऊर्जा का संचार, 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगाः उप मुख्यमंत्री वाराणसी  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। जिस देश में खिलाड़ी आगे होते हैं, वह देश सर्वोच्च शिखर की तरफ अग्रसर होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में खेल भावना से खेलना चाहिए, क्योंकि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी जीतता है और मैदान के बाहर गले मिलकर नई चुनौतियों के लिए फिर तैयार हो जाता है। 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने नई गंगा बहाई। सभी खेलों का कई गुना बजट बढ़ाया गया। पहले खेल में सिर्फ औपचारिकता होती थी। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र-प्रदेश में विकास की योजनाओं का भी जिक्र किया और कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, बोले-कांग्रेस सरकार में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भ्रष्टाचार का दाग लगा। अब पीएम मोदी खिलाड़ियों में जज्बा भरते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स या किसी बड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने और लौटकर आने वाले खिलाड़ियों से पीएम मोदी स्वयं बात करते हैं और दुनिया को संदेश देते हैं कि यह खिलाड़ी हमारे परिवार के सदस्य हैं। इनके सम्मान में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को उच्च पदों पर दे रही सीधी तैनाती श्री पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार में भी खेल के बजट को कई गुना बढ़ाई गई। मेरठ में मेजर ध्यान चंद के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया गया। प्रदेश सरकार द्वारा उच्च पदों पर खिलाड़ियों को सीधी तैनाती भी दी जा रही है। पूरी दुनिया में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों के चयन से ही देश की टीम बनेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत माता का परचम फहराएगी।

72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया और यूपी खेल निदेशालय के बीच एनसीओई संचालन के लिए एमओयू, युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म हर जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार, ओलंपिक-कॉमनवेल्थ जैसे बड़े मंचों पर यूपी के खिलाड़ियों की बढ़ती उपलब्धियाँ वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश और देश में खेल को नई दृष्टि, नए संसाधन और नया आत्मविश्वास मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उभरते “न्यू स्पोर्ट्स कल्चर” ने युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और टीम-स्पिरिट को मजबूत किया है। अब खेल सिर्फ शौक नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी चयन-प्रक्रिया और मिशन-मोड पर चल रही योजनाओं के चलते युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़े हैं। ग्राम पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रतियोगिताओं का विस्तार किया गया है। परिणामस्वरूप यूपी के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पहले से कई गुना अधिक भागीदारी और पदक ला रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयोजन स्थल डॉ. संपूर्णानंद स्पोट्र्स स्टेडियम, सिगरा में मौजूद रहे। उन्होंने यहां खिलाड़ियों व दर्शकों को संबोधित किया। सीएम की उपस्थिति में स्पोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया व उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय के मध्य नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) के संचालन के लिए एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। सीएम योगी ने काशी में आई सभी 58 टीमों (30 पुरुष, 28 महिला) के खिलाड़ियों, कोच व ऑफिशियल का स्वागत किया। हर भारतवासी ने देश में नई खेल संस्कृति को पनपते देखा सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11- साढ़े 11 वर्ष के अंदर हर भारतवासी ने देश में नई खेल संस्कृति को पनपते देखा है। पीएम मोदी ने 2014 में खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से हर भारतवासी के मन में खेल के प्रति सम्मान का भाव पैदा किया। उन्होंने संदेश दिया कि खेल जीवन के सर्वांगीण विकास का माध्यम बने। स्वस्थ शरीर से ही सफलता के सभी आयाम प्राप्त किए जा सकते हैं। खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और हर जनपद में बनने वाले खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से पूरा देश नई खेल संस्कृति का अनुभव कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सांसद-विधायक खेलकूद प्रतियोगिता, ग्रामीण खेलकूद की विभिन्न प्रतियोगिता आदि के माध्यम से हम लोगों ने उत्तर प्रदेश में खेल को बढ़ाया है। प्रदेश व देश में विकसित हुआ खेल का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सीएम ने कहा कि 43 वर्ष बाद सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन यूपी के अंदर वाराणसी नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन के पीछे पीएम मोदी की प्रेरणा, मार्गदर्शन व नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश-देश में खेल का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। संपूर्णानंद स्पोट्र्स स्टेडियम में भी अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर दिख रहा है तो यह पीएम मोदी के विजन का परिणाम है। यह सुविधाएं स्मार्ट सिटी के अंतर्गत विकसित हुई हैं। अभी उप्र सरकार व साईं के बीच हुए एमओयू के अंतर्गत साई के सानिध्य और कोच के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग के साथ ही अधिक से अधिक मेडल प्राप्त कर रहे खिलाड़ी सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 8-साढ़े 8 वर्ष में खेलकूद प्रतियोगिता को बढ़ाने का कार्य हुआ। हर गांव में खेल मैदान, हर जनपद में स्टेडियम, हर विकास खंड स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण, नगर निकाय व ग्राम पंचायत से होने वाले कार्यों की प्राथमिकता में ओपन जिम निर्माण के साथ ही हर स्तर पर खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ाने के प्रयास प्रारंभ हुए हैं। उसी का परिणाम है कि हमारा खिलाड़ी राष्ट्रीय, ओलंपिक, कॉमनवेल्थ व इंटरनेशनल विश्व चैंपियनिशप में प्रतिभाग करने के साथ ही पहले की तुलना में कई गुना मेडल भी प्राप्त कर रहा है। महापौर अशोक तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। शुभारंभ समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. सुनील पटेल, त्रिभुवन राम, डॉ. अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण, अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई भी की मुख्यमंत्री ने स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण भी किया। यहां जिम और इसके उपकरणों के रखरखाव को देखा। सीएम ने शूटिंग के एक बच्चे को बुलाकर उससे खेल के बारे में पूछा, इस बच्चे ने सीएम के सामने निशाना भी साधा। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों की हौसला अफजाई भी की।

अयोध्या को संघर्ष का अड्डा बनाने वालों पर CM योगी का बड़ा हमला

अयोध्या  श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। सीएम योगी ने अंग्रेजी नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए प्रार्थना की कि यह वर्ष सभी के लिए मंगलकारी हो। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या ने स्वतंत्र भारत में रामजन्मभूमि आंदोलन के अनेक पड़ाव देखे हैं। अयोध्या के नाम से ही अहसास होता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ। कोई भी दुश्मन यहां के शौर्य, वैभव व पराक्रम के आगे टिक नहीं पाया, लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ, मजहबी जुनून व सत्ता के तुष्टिकरण की निकृष्टता में पड़कर अयोध्या को भी उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया था। सीएम योगी ने पिछली सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिस अयोध्या में कभी संघर्ष नहीं होता था, उस अयोध्या में पिछली सरकारों के शासन में आतंकी हमले होते थे। अयोध्या को लहुलूहान करने का प्रयास हुआ था, लेकिन जहां प्रभु की कृपा बरसती हो और जहां हनुमानगढ़ी में स्वयं हनुमान जी महाराज विराजमान हैं, वहां कोई आतंकी कैसे घुस जाता? 2005 में जैसे ही आतंकियों ने दुस्साहस किया, वैसे ही पीएसी के जवानों ने ठक-ठक करके उन्हें मार गिराया। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 वर्ष के अंदर तीन महत्वपूर्ण घटनाओं को अयोध्या कभी विस्मृत नहीं कर सकती। स्वतंत्र भारत में पहली बार 5 अगस्त 2020 को किसी प्रधानमंत्री का अयोध्या में आगमन हुआ। उन्होंने उस दिन यहां श्रीराम मंदिर का भूमि पूजन किया। 22 जनवरी 2024 (पौष शुक्ल द्वादशी) को फिर अयोध्या धाम आकर प्रधानमंत्री ने रामलला की भव्य मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न किया। 25 नवंबर 2025 को विवाह पंचमी पर प्रधानमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म की भगवा ध्वजा को प्रतिष्ठित किया और संदेश दिया कि सनातन से ऊपर कोई नहीं। सनातन का पताका हमेशा ऐसी ही दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य और संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए राजनाथ सिंह की श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में प्रत्यक्ष भूमिका रही है। 500 वर्ष के बाद श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु रामलला के विराजमान होने और मंदिर के इस भव्य स्वरूप को देखकर वे आनंद-गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। आंदोलन में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करने वाले रक्षा मंत्री प्रतिष्ठा द्वादशी पर मां अन्नपूर्णा के मंदिर पर सनातन धर्म की ध्वजा का आरोहण कर रहे थे तो मैंने उन्हें भावुक होते देखा है। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले बिजली, पानी, स्वच्छता, सड़क, कनेक्टिविटी और सुरक्षा भी नहीं थी। 'जय श्री राम' बोलने पर लाठी और गिरफ्तारी होती थी, लेकिन अयोध्या के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए देश-दुनिया का हर सनातन धर्मावलंबी अब यहां दर्शन करके अभिभूत होता है। पहले कुछ लाख लोग यहां आते थे, लेकिन पिछले पांच साल में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या आए। सूर्य वंश की राजधानी अयोध्या देश की पहली सोलर सिटी के रूप में हो गई है। अयोध्या धाम में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है और अयोध्या रेलवे की डबल लाइन के साथ जुड़ गया है। हर ओर से यहां कनेक्टिविटी बेहतर हुई। जिस अयोध्या में सिंगल लेन की सड़कें थीं, आज फोर लेन की सड़कें हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में अब हर जगह ‘जय श्री राम’ और 'राम-राम' बोल सकते हैं। अब भारत सरकार की योजना भी ‘जी राम जी’ के नाम पर आ गई है। यह रोजगार की सबसे बड़ी स्कीम बनने जा रही है। कोई भी बेरोजगार कहेगा कि मुझे अपनी ग्राम पंचायत में रोजगार चाहिए तो उसे साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी गांव में ही मिल जाएगी। हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है। पांच सौ वर्ष के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1528 से लेकर 1992 और इसके उपरांत भी अयोध्या में हर 20-25 वर्ष में राम मंदिर को वापस लेने के लिए राम भक्त लगातार संघर्ष कर रहे थे। वह रुका, झुका और बैठा नहीं। उसने सत्ता, दमन, लाठी व गोली की परवाह नहीं की, बल्कि वह लड़ता रहा। यह आंदोलन सफलता की नई ऊंचाइयों तक तब पहुंचा, जब आरएसएस ने नेतृत्व दिया। पूज्यों संतों को एक मंच पर लाने में अशोक सिंहल ने सफलता हासिल की। गुलामी का कलंक मिटा और भव्य राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ। सीएम योगी ने कहा कि आज प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समारोह आयोजित हुआ। अयोध्या की भव्यता, दिव्यता को अनंत काल तक बनाए रखने के लिए हर सनातन धर्मावलंबी को आगे बढ़ना होगा। यह यात्रा का विराम नहीं, बल्कि नई यात्रा की शुरुआत है। विरासत पर गौरव की अनुभूति करते हुए विकास के नित नए प्रतिमान को स्थापित करना है।

हंसी के माहौल में राजनीति: सीएम योगी का रवि किशन-संजय निषाद पर हल्का-फुल्का तंज

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ और रविकिशन जब कहीं किसी मंच पर साथ होते हैं तो फिर सीएम, रविकिशन की चुटकी लेने से नहीं चूकते। कुछ ऐसा ही सोमवार को गोरखपुर में हुआ जब सीएम योगी ने एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली। स्पोर्ट्स कॉलेज में संपन्न हुए विधायक खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में ठंड में हो रही कुश्ती के बहाने सांसद रवि किशन और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद की चुटकी ली। उन्होंने कहा कि सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद ठंड में बाहर नहीं निकलते हैं। जरूर दोनों कहीं खाने पर मिले होंगे और साथ-साथ यहां आ गए। खेल देखकर इनकी ठंड गायब हो गई। सीएम योगी ने बीच में यह कहकर एक बार फिर रविकिशन की चुटकी ली कि कुश्ती यहां सामने हो रही है और पसीना रवि किशन को मंच पर आ रहा है। सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर रविवार को गोरखपुर पहुंचे थे। सोमवार को खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने महानगर स्तर पर खेल प्रोत्साहन को लेकर तैयारियों को भी साझा किया। सीएम ने बताया कि वह जल्द ही गोरखपुर महानगर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। बैठक में संस्थाओं से आह्वान किया जाएगा कि वे एक-एक खेल को गोद लें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। वहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने भीषण ठंड में भी खिलाड़ियों के उत्साह की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि विधायक खेल स्पर्धा में प्रत्यक्ष रूप से 1000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 खिलाड़ियों ने सहभागिता की है। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह खेलकूद ही है जो सम और विषम परिस्थितियों में मनोरंजन भी करता है और हमें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से चुस्त-दुरुस्त बनाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है।  

स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार सुदृढ़ कर रही है सरकार : योगी

  खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिले स्तर पर बड़ा स्टेडियम बनवाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ सरकार हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जाएगा। सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विधायक खेल स्पर्धा – 2025 के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार सुदृढ़ कर रही है। गोरखपुर में बेलीपार के पास एक इंटरनेशनल स्टेडियम बनने जा रहा है। गोरखपुर के रीजनल स्टेडियम का भी 63 करोड़ रुपये की लागत से नवोद्धार हो रहा है। वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में भी बेहतरीन स्टेडियम बन रहा है। मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का सत्र प्रारंभ हो चुका है। इस यूनिवर्सिटी का विश्व स्तरीय निर्माण जारी है। अब सरकार की तैयारी हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह जल्द ही गोरखपुर महानगर की सभी संस्थाओं के साथ बैठक करने वाले हैं। उस बैठक में संस्थाओं का आह्वान किया जाएगा कि वे एक-एक खेल को गोद लें। कुछ सहयोग वे करें और कुछ सरकार करेगी। यहां पर अच्छे कोच रखे जाएंगे। इससे बच्चों को खेल के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म प्राप्त होगा अगली बार कामकाजी और रिटायर्ड लोगों के लिए भी होंगी प्रतियोगिताएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक खेल स्पर्धा को लेकर अपनी आगामी योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि अगली बार बच्चों और छात्रों के स्तर के साथ ही वार्ड स्तर पर कामकाजी और रिटायर्ड लोगों के लिए भी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वार्ड स्तर, उसके बाद कुछ वार्डों को मिलाकर उपनगरीय और फिर नगर स्तर पर बड़ी प्रतियोगिता, बड़े समारोह का आयोजन कर विजेताओं को  सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों-छात्रों की प्रतियोगिताएं बालक व बालिका वर्ग में तीन स्तर, बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे ही गोरखपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए भी कहा गया है। कला के अलग अलग विधाओं गायन, वादन, नृत्य, नाट्य आदि की यह प्रतियोगिता जनवरी के प्रथम सप्ताह में होगी। 11 से 13 जनवरी को गोरखपुर महोत्सव के मुख्य आयोजन में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। खेलेगा युवा तो खिलेगा देश सीएम योगी ने खेलकूद के महत्व को समझाते हुए कहा कि युवा खेलेगा तो देश खिलेगा। विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का रास्ता यहीं से प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलताओं का मार्ग स्वस्थ शरीर से ही संभव हो सकता है। स्वस्थ शरीर खेलकूद और यौगिक क्रियाओं के माध्यम से ही प्राप्त होगा। 11 वर्ष में खेल के क्षेत्र में हुआ भारी परिवर्तन मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्ष के अंदर देश में खेल और खेलकूद की गतिविधियों को लेकर भारी परिवर्तन हुआ है। कबड्डी, हॉकी, बैडमिंटन, एथलेटिक्स के लिए पूरी दुनिया भारत की तरफ देखती है। ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा की एक नई मांग खड़ी हो चुकी है और इसी को ध्यान में रख करके सरकार स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत कर रही है। भीषण ठंड में खिलाड़ियों के उत्साह को सीएम से सराहा मुख्यमंत्री ने भीषण ठंड में भी खिलाड़ियों के उत्साह की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस विधायक खेल स्पर्धा में प्रत्यक्ष रूप से 1000 और अप्रत्यक्ष रूप से 10000 खिलाड़ियों ने सहभागिता की है। विधायक खेल स्पर्धा 2025 में एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, जूडो और कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह खेलकूद ही है जो सम और विषम परिस्थितियों में मनोरंजन भी करता है और हमें शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक रूप से चुस्त-दुरुस्त बनाने में भी बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। सीएम के नेतृत्व में बिना भेदभाव खिलाड़ियों को मिल रहा अवसर : संजय निषाद इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हरेक क्षेत्र की भांति खेल के क्षेत्र में भी बिना भेदभाव सभी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने यूपी से माफिया खत्म करके, बंदूक-कट्टे के खेल की बजाय वास्तविक अर्थों में खेल का माहौल बना दिया है। डॉ. संजय निषाद ने कहा खेलों के उन्नयन और खिलाड़ियों के संवर्धन के लिए योगी सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सीएम के नेतृत्व में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के हुए ऐतिहासिक कार्य : गिरीश चंद्र यादव विधायक खेल स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि सीएम योगी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाने का कार्य तीव्र गति से जारी है। खेल के क्षेत्र में पीएम मोदी के सपने को साकार कर रहे सीएम योगी : रविकिशन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव-देहात तक के बच्चों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उत्कृष्ट संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। सीएम योगी, पीएम मोदी के सपने ‘खेलेगा इंडिया, आगे बढ़ेगा इंडिया’ को साकार कर रहे हैं। सीएम के नेतृत्व में गोरखपुर में इंटरनेशनल स्टेडियम बनने जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए डबल इंजन सरकार हर सुविधा उपलब्ध करा रही है। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह, कुश्ती संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सिंह आगू आदि उपस्थित रहे। कुश्ती और कबड्डी का फाइनल मुकाबला देखा सीएम ने, बढ़ाया खिलाड़ियों का … Read more

कृषि और गैर कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार समूह से जोड़ने का मास्टर प्लान तैयार

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत घर-घर संपर्क कर समूह में जोड़ने की रणनीति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कीर्तिमान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत एक वर्ष में एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश की महिलाएं केवल लाभार्थी न रहें, बल्कि आर्थिक प्रगति की भागीदार बनें। इसी सोच के तहत कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका मॉडल को मजबूती दी जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय के अवसर मिल सकें। आत्मनिर्भर बनेंगीं महिलाएं योगी सरकार उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से गांव-गांव महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने जा रही है। प्रशिक्षित टीमें घर-घर संपर्क कर महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का काम करेंगी। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म उद्योग और सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सशक्त महिला, समृद्ध प्रदेश जब तक गांव-गांव घर-घर की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगी, तब तक परिवार और समाज पूरी तरह से सशक्त नहीं हो सकता। इसी सोच के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस विजन को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना को मिशन मोड में लागू करने के लिए निर्देशित किया है। अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक संरचना को भी मिलेगी मजबूती योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल स्वरोजगार अपनाएं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाली बनें। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीक, बाजार और वित्त चारो स्तरों पर ठोस व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल योजनाओं का राज्य नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल का उदाहरण बनता जा रहा है। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संरचना को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

योगी सरकार के नीति-संचालित शासन से औद्योगिक शक्ति बना उत्तर प्रदेश

2024–25 में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जीसीसी जैसी नई नीतियां हुईं लागू लखनऊ वर्ष 2025 के समापन के साथ उत्तर प्रदेश में नीति आधारित शासन व्यवस्था निवेश और औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बनकर उभरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सेक्टर-विशिष्ट नीतियों ने प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में प्रशासनिक निर्णयों को स्पष्ट नीति ढांचे से जोड़ा। इसी का परिणाम है कि राज्य में 34 से अधिक उद्देश्यपरक और क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक नीतियों का सीधा लक्ष्य निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार रहा। प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित निवेश रणनीति आईटी/आईटीईएस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), रक्षा एवं एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, वस्त्र उद्योग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों को नीति समर्थन प्रदान किया गया। इन नीतियों के अंतर्गत पूंजी सब्सिडी, 100% एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टाम्प ड्यूटी व बिजली दरों में छूट जैसे प्रोत्साहन शामिल किए गए। एफडीआइ और फार्च्यून- 500 कंपनियों के लिए ऐतिहासिक पहल योगी सरकार ने भारत में पहली बार ‘उत्तर प्रदेश FDI/FIC, Fortune Global 500 एवं Fortune India 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ लागू की। यह नीति वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में राज्य का बड़ा कदम रही। इसके अंतर्गत फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी, 100% स्टाम्प ड्यूटी व पंजीकरण छूट, बिजली शुल्क में पूर्ण छूट, कौशल विकास और R&D प्रोत्साहन शामिल हैं। क्षेत्रीय संतुलन के साथ विकास नीति के तहत पश्चिमांचल एवं मध्यांचल क्षेत्रों में 75% तक तथा बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में 80% तक लैंड सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इससे औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिली। नई पीढ़ी की नीतियों का ऐलान वर्ष 2024 में योगी सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति, उच्च शिक्षा प्रोत्साहन नीति, बायो-प्लास्टिक नीति, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति, एयरोस्पेस एवं रक्षा इकाई नीति और GCC नीति जैसी कई दूरगामी नीतियों की घोषणा की, जिसे 2025 में तेजी से आगे बढ़ाया गया, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली। 2025 में निर्यात और विनिर्माण पर विशेष फोकस वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश फुटवियर, लेदर और नॉन-लेदर क्षेत्र विकास नीति-2025 को लागू किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति (2025-2030) और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली। इन नीतियों का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, निर्यात को प्रोत्साहित करना और यूपी को औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्य बनाना रहा।

सीएम योगी से स्नेहाशीष व चॉकलेट पाकर प्रफुल्लित हुए बच्चे

गोरखपुर रविवार को आंबेडकर पार्क में सैर सपाटे पर आए बच्चों की खुशी उस वक्त देखते बनी जब देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री खुद उनसे मिलने पहुंच गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्नेहाशीष और चॉकलेट पाकर बच्चे बेहद प्रफुल्लित हुए और एकस्वर में बोल पड़े- थैंक्यू महाराज जी।  रविवार को गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकॉप्टर दोपहर बाद जैसे ही सर्किट हाउस परिसर स्थित हेलिपैड पर उतरा तो उनकी नजर समीप के आंबेडकर पार्क गेट पर उन्हें देखने जुटे बच्चों पर पड़ गई। जयकारा लगाते बच्चों को देखकर सीएम योगी मुस्कुराते हुए उनकी तरफ बढ़ चले। आंबेडकर पार्क गेट के पास जाकर उन्होंने गेट के दूसरी ओर खड़े बच्चों को खूब दुलारा। उनसे आत्मीयता से बात की और स्नेह, आशीर्वाद के साथ उन्हें चाकलेट भी दिया।

निर्माणाधीन एनसीसी ट्रेनिंग एकेडमी का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एनसीसी ट्रेनिंग एकेडमी गोरखपुर सहित समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए नया गौरव होगा। इसके निर्माण कार्य में तेजी लाकर लक्षित समय में इसे पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाय। साथ ही निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाय। निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता में किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।  सीएम योगी रविवार दोपहर बाद गोरखपुर के ताल कंदला में निर्माणाधीन एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) ट्रेनिंग एकेडमी का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने एकेडमी के मॉडल और ड्राइंग मैप का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी की तो निर्माणाधीन भवन का भ्रमण कर भौतिक प्रगति का भी जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने हॉस्टल, स्टाफ आवास, मेस के निर्माण को लेकर जरूरी दिशानिर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निर्माण करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे इसका आवधिक पर्यवेक्षण करते रहें। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था की तरफ से बताया गया है 60 प्रतिशत निर्माण हो चुका है और निर्धारित समय तक इसे लोकार्पण के लिए तैयार कर दिया जाएगा।  47.88 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा एकेडमी का निर्माण गोरखपुर के ताल कंदला में एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) की ट्रेनिंग एकेडमी का शिलान्यास सीएम योगी ने 9 मार्च 2024 को किया था। निर्माण कार्य जून 2024 में शुरू हुआ था और जून 2026 तक इसे पूरा किया जाना है। कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज, जल निगम, यूनिट-42, गोरखपुर द्वारा इसका निर्माण 10 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है और इस पर 47.88 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एकेडमी में प्रशासनिक भवन, 150 छात्रों की क्षमता के बालक छात्रावास, 100 छात्राओं की क्षमता के बालिका छात्रावास, डायनिंग हाल, टायलेट ब्लाक, विद्युत स्टेशन, आउटडोर मल्टीएक्टिविटिज एरिया, 50 मीटर के आउटडोर शूटिंग रेंज, ड्रिल प्रैक्टिस पथ, फुटबाल फील्ड, आप्टिकल कोर्स एवं पुशप बीम आदि की सुविधा होगी। इसके अलावा 7.17 करोड़ रुपये की लागत से चहारदीवारी के निर्माण, सभी किनारों पर संतरी पोस्ट, गार्ड रूम, हाईमास्ट फ्लड लाइट के कार्य कराए जाएंगे।  11 जिलों का प्रतिनिधित्व करता है एनसीसी गोरखपुर ग्रुप एकता और अनुशासन आदर्श वाक्य वाले एनसीसी ग्रुप गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग के 11 जिलों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोडा, बलरामपुर श्रावस्ती एवं बहराइच शामिल हैं। इससे जुड़े विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कालेजों के कैडेटों को प्रशिक्षण देने हेतु प्रति वर्ष औसतन 25 से 30 संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर, थल सेना शिविर, इंटर ग्रुप कम्पटीशन, गणत्रंत दिवस परेड की तैयारी के साथ ही अनेक सामाजिक गतिविधियां भी इस ग्रुप की तरफ से आयोजित की जाती हैं।

स्मार्ट मीटरिंग और निगरानी से मजबूत हुई बिजली वितरण प्रणाली

15,26,801 डीटी मीटर स्वीकृत, 2,29,898 स्थापित, बिजली वितरण प्रणाली में तकनीकी मजबूती 25,224 फीडर मीटर  स्थापित, फीडर स्तर पर निगरानी से लाइन लॉस पर नियंत्रण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में जिस गति और स्तर पर तकनीकी परिवर्तन का साक्षी बन रहा है, वह न केवल प्रदेश का बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में स्मार्ट मीटरिंग के जरिए पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता हितों के संरक्षण का वर्ष साबित हुआ है। यूपी में अब तक लगभग 68,24,654 (68 लाख, 24 हजार, 654) स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अभी तक प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 3,20,187 सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। यही नहीं यूपी सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता देते हुए उपभोक्ताओं के हितों को केंद्र में रखकर काम किया है। डिजिटल तकनीक आधारित ‘स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत न केवल बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है, बल्कि राजस्व संग्रहण में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्मार्ट मीटरिंग से पारदर्शिता और नियंत्रण उत्तर प्रदेश में 3,09,78,280 (3 करोड़, 9 लाख 78 हजार 280) स्मार्ट मीटर स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 68,24,654 (68 लाख 24 हजार 654) मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोग को डिजिटल रूप से ट्रैक करने और बिलिंग प्रक्रिया को सटीक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। स्मार्ट मीटरों से उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग, वास्तविक खपत का आकलन और बिजली चोरी पर अंकुश जैसे अनेक लाभ मिल रहे हैं। पहले जहां अनुमान आधारित बिलिंग से उपभोक्ताओं को शिकायतें रहती थीं, वहीं अब वास्तविक उपयोग के आधार पर पारदर्शी बिल मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है, “स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम न केवल तकनीकी सुधार है, बल्कि उपभोक्ता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक भी है।” डीटी मीटरों से बिजली वितरण में सुधार बिजली वितरण को और अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए योगी सरकार ने डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (डीटी) मीटरिंग पर विशेष ध्यान दिया है। अब तक 15,26,801 (15 लाख 26 हजार 801) डीटी मीटर स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2,29,898 (2 लाख 29 हजार 898) मीटर स्थापित हो चुके हैं। यह व्यवस्था हर ट्रांसफॉर्मर पर बिजली के प्रवाह और खपत की निगरानी को सटीक बनाती है। डीटी मीटर से यह पता लगाना आसान होता है कि किन क्षेत्रों में बिजली की हानि सबसे अधिक है और कहां पर तकनीकी सुधार की आवश्यकता है? इस तकनीक के माध्यम से बिजली चोरी में कमी आई है और लाइन लॉस कम हो रहा है। फीडर मीटरिंग से मजबूत हुआ बिजली आपूर्ति नेटवर्क उत्तर प्रदेश में बिजली नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए 25,224 फीडर मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक फीडर स्तर पर बिजली आपूर्ति और उपभोग का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहे। फीडर मीटरिंग से आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और ग्रामीण व शहरी दोनों इलाकों में बिजली वितरण की विश्वसनीयता बढ़ी है। उपभोक्ताओं के हित में तकनीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का लक्ष्य केवल तकनीकी उन्नयन ही नहीं, उपभोक्ताओं के हितों को भी सशक्त बनाना है। स्मार्ट मीटर से अब उपभोक्ता अपने मोबाइल या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बिजली उपयोग का रियल टाइम डेटा देख सकते हैं। इससे बिलिंग विवाद घटे हैं और उपभोक्ता अपनी खपत पर खुद नियंत्रण रख पा रहे हैं। साथ ही भुगतान प्रणाली को भी ऑनलाइन और पारदर्शी बनाकर सरकार ने डिजिटल इंडिया के विजन को दृढ़ता प्रदान करने का काम किया है। बिजली बिल राहत योजना का उपभोक्ताओं को मिल रहा लाभ  बिजली बिल राहत योजना में 16 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। 1323 करोड़ की राजस्व धनराशि प्राप्त हुई। सबसे अधिक पूर्वांचल डिस्काम में 6 लाख से ज्यादा पंजीकरण हुआ है।