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वित्तीय वर्ष 2025-2026 में समय पर किया गया 97 फीसदी से अधिक का भुगतान

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को मिल रही प्राथमिकता मनरेगा के जरिए मजबूत हुआ ग्रामीण रोजगार, योगी सरकार में बन रहे रिकॉर्ड लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रोजगार सृजन को लेकर सकारात्मक और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 48 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इनमें 31 प्रतिशत से अधिक परिवार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं, जो सामाजिक समावेशन और समान अवसर की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों और प्राथमिकता को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत 97 प्रतिशत से अधिक श्रमिकों को समय पर भुगतान किया जा चुका है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में भरोसा बढ़ा है और श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा और पारदर्शी लाभ मिल रहा है। योगी सरकार ने 6703 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की है, जिससे गांवों में आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को मनरेगा में विशेष प्राथमिकता योगी सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को रोजगार के साथ सम्मान भी मिले। इसी सोच के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि पलायन पर भी प्रभावी रोक लगी है। उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में रोजगार सृजन का बेहतर माहौल बन रहा है। मनरेगा के जरिए गांवों में विकास कार्यों को गति मिल रही है और लाखों परिवार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। यह मॉडल उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है।

एएनटीएफ को मिलेंगे 150 से नये ज्यादा जांबाज, विभाग की कार्रवाई में आएगी तेजी

अवैध नशे पर लगाम और ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने का सीएम योगी ने लिया फैसला लखनऊ प्रदेश के युवाओं को नशे के आगोश में धकेलने वाले अवैध नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं। योगी सरकार अवैध नशे के सौदागरों पर बड़ा एक्शन लेने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (एएनटीएफ) को और मबजूत करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में एएनटीएफ में पुलिस कर्मियों को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया है। इसके अलावा विभाग में नियतन के हिसाब से फोर्स भी कम है। ऐसे में योगी सरकार ने एएनटीएफ को और मजबूत करने के लिए रेग्युलर पुलिस कर्मियों की तैनाती और नियतन के अनुसार फोर्स उपब्लध कराने का निर्णय लिया है। इससे जहां एएनटीएफ को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी। एएनटीएफ यूनिट पर 18 और थानों पर 28 पदों पर तैनाती का है नियतन एएनटीएफ आईजी अब्दुल हमीद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध नशे पर नकेल कसने और ड्रग माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए वर्ष 2022 में एएनटीएफ का गठन किया था। इस दौरान 6 थाने और 8 यूनिट का गठन किया गया। इन थानों में 28 पुलिसकर्मियों की तैनाती का नियतन रखा गया। इसमें एक निरीक्षक, 4 उपनिरीक्षक, 3 कंप्यूटर ऑपरेटर, 3 मुख्य आरक्षी, 12 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक और 3 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। इसी तरह यूनिट में 18 पुलिस अधिकारियों समेत कर्मचारियों की तैनाती का नियतन रखा गया। इसमें एक पुलिस उपाधीक्षक, 1 निरीक्षक, 2 उप निरीक्षक, 1 कंप्यूटर ऑपरेटर, 2 मुख्य आरक्षी, 8 आरक्षी, 2 आरक्षी चालक, 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उच्च अधिकारियों के साथ एएनटीएफ की समीक्षा बैठक की थी।  वर्तमान में 236 पदों पर तैनात हैं अधिकारी-कर्मचारी, 150 और मिलेंगे नये जांबाज बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि वर्तमान में एएनटीएफ में फोर्स को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया गया है। वहीं मानक के अनुरूप फोर्स भी नहीं है। इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्च अधिकारियों को एएनटीएफ में सभी पुलिसकर्मियों को रेग्युलर तैनाती के निर्देश दिये। साथ ही नियतन के अनुसार जल्द से जल्द फोर्स तैनात करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए विभाग का गठन किया गया। ऐसे में उन्हे ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए फोर्स के साथ आधुनिक उपकरण तत्काल उपलब्ध कराएं जाएं। आईजी ने बताया कि एएनटीएफ में पुलिस अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की नियुक्ति का नियतन 386 है। इसमें राजपत्रित अधिकारी 15, मुख्यालय पर 59, 6 थानों पर 168, 8 यूनिट पर 144 पदों पर तैनाती का नियतन है। वर्तमान में विभाग में 236 पदों पर तैनाती की गयी है जबकि 150 पद खाली हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद जल्द सभी खाली पदों पर तैनाती की जाएगी।

सीएम योगी ने आजमगढ़ बैठक में लापता मतदाताओं की संख्या पर जताई चिंता, SIR अभियान को तेज करने के आदेश

आजमगढ़  यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान आजमगढ़ जिले में 'लापता मतदाताओं की संख्या' को लेकर चिंता जताई और पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे सभी मतदाताओं तक पहुंचें. मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आजमगढ़ मंडल के अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुभासपा (सुभेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष अरविंद राजभर ने कहा कि प्राथमिक एजेंडा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) था. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत डाटाबेस सौंपा और संदेहास्पद रूप से अधिक संख्या में लापता मतदाताओं पर चिंता व्यक्त की. उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे जमीन स्तर पर मतदाताओं से संपर्क करें और जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं, उनका नाम जोड़ना सुनिश्चित करें. राजभर ने कहा कि फर्जी मतदाताओं को हटाना, जिले के बाहर रहने वाले वास्तविक मतदाताओं को जोड़ना और मृतकों को चिह्नित करना बेहद आवश्यक है. वास्तविक मतदाताओं  को शामिल करने का लक्ष्य इस बैठक में ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा भी उपस्थित थे. बांसडीह की विधायक केतकी सिंह ने कहा कि बैठक में मंडल में विकास कार्यों की प्रगति और SIR अभियान की स्थिति की समीक्षा की गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि मृत मतदाताओं की पहचान कर उन्हें हटाएँ और लापता मतदाताओं को खोजें, ताकि सभी वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके. जागरूकता और सहभागिता पर जोर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल हो सके. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपात्र नामों का समय पर परीक्षण और आवश्यक सुधार लोकतंत्र की पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हैं. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण के महत्व को जनता तक सहज भाषा में पहुंचाएं और प्रत्येक बूथ स्तर पर गहन संपर्क बनाए रखें. फीडबैक व सतत संवाद की आवश्यकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक को बेहद मूल्यवान बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का धरातल से जुड़ा अनुभव मतदाता पुनरीक्षण अभियान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निरंतर संवाद से बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे अभियान का प्रभाव और बढ़ता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीनों जनपदों में हुई बैठकों के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि जनता के बीच निरंतर उपस्थिति और सक्रियता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक शक्ति है.  

‘स्किल्ड’ हो रहा उत्तर प्रदेश, लाखों युवाओं के हुनर को मिल रहा हौसला

ईवी, सोलर व रोबोटिक्स जैसे कोर्सेज उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने का बन रहे माध्यम प्रदेश में स्वरोजगार के खुले नए अवसर, वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी में भी हुआ इजाफा  लखनऊ उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार का विजन यूपी को 'स्किल्ड' बनाने की दिशा में  सार्थक बदलाव की कहानी लिख रहा है। बदलते दौर की तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर लाखों युवाओं को रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है। सरकार की नीतियों का असर यह है कि प्रदेश में लाखों युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। प्रशिक्षण न सिर्फ युवाओं को नया भविष्य दे रही है, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह नीति रही है कि युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि हुनर दिया जाए। इसी सोच के तहत ईवी मेंटेनेंस, सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स, सीएनसी ऑपरेशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे नई पीढ़ी के कोर्स शुरू किए गए हैं। प्रदेश भर में सैंकड़ों प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका नतीजा यह है कि अब उद्योगों को बाहर से वर्कफोर्स बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें यूपी में ही प्रशिक्षित युवा उपलब्ध हो रहे हैं।  महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता की नई कहानी प्रदेश के वर्कफोर्स में महिलाओं का प्रतिशत पिछली सरकारों की अपेक्षा में काफी बढ़ा है, जो लगभग 36 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। वहीं, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कैंडिडेट्स में भी महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह साबित करता है कि सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर तक असर दिखा रही हैं। पहले जहां तकनीकी प्रशिक्षण को पुरुष प्रधान क्षेत्र माना जाता था, वहीं आज महिलाएं भी सोलर टेक्नीशियन, रोबोटिक्स और सीएनसी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। स्वरोजगार के माध्यम से हजारों युवतियां अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप 'बेकार के आकार' का भी है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है। वह झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम कर रही हैं। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप को नवदेवी सम्मान भी दिया है। उनका स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है। प्रदेश में नीलम जैसे कई उदाहरण हैं, जहां महिलाएं प्रदेश सरकार के सहयोग से अपने कौशल को निखारकर स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं और न केवल प्रेरणा बन रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं व लोगों के लिए रोजगार सृजन कर रही हैं।   प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई ताकत नीलम सारंगी के अनुसार, नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में जो मदद की, वह अनुकरणीय है और सार्थकता का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश को देश का स्किल हब बनाया जाए। इसी दिशा में कौशल विकास की विभिन्न योजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दे रही हैं। प्रशिक्षित युवा न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि उद्योगों को भी मजबूती दे रहे हैं। यह साबित करता है कि सही नीति, सही दिशा और मजबूत इच्छाशक्ति से किसी भी राज्य की तकदीर बदली जा सकती है।

योगी सरकार का घुसपैठियों के खात्मे के लिए सर्जिकल स्ट्राइक प्लान तैयार

योगी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत घुसपैठियों पर करेगी करारा प्रहार  घुसपैठियों पर कार्रवाई से सरकारी योजनाओं में आएगी और पारदर्शिता, हर पात्र को आसानी से मिलेगा योजना का लाभ प्रदेश में बढ़ेंगे युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर, सरकारी धन की रुकेगी बर्बादी  मुख्यमंत्री योगी के निर्देश से नागरिक सेवाओं में हो रहा सुधार, अवैध गतिविधियों पर लग रही लगाम  सीमा पर सुरक्षा होगी और मजबूत, पासपोर्ट के सत्यापन आदि का टर्नअराउंड टाइम तेजी से होगा कम  लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की आतंरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए घुसपैठियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का खाका तैयार कर लिया है। योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत घुसपैठियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। योगी सरकार के इस कदम से जहां प्रदेश की आतंरिक सुरक्षा और सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेशवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ और पारदर्शी तरीके से मिलेगा। इस निर्णय से पात्र व्यक्ति ही योजनाओं का लाभ उठा सकेगा।  अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर लगेगी लगाम योगी आदित्यनाथ सरकार घुसपैठियों की पहचान कर उन्हे डिटेंशन सेंटर में शिफ्ट करेगी। इन डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था अभेद होगी, जिसे भेद पाना किसी के लिए भी नामुमकिन होगा। योगी सरकार के सख्त कदम से प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर एक सकारात्मक असर पड़ेगा। यह कदम अपराधियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को आसान बनाएगा। प्रदेश में अपराधों की संख्या कम होगी और इसके साथ ही लोगों का विश्वास भी सरकार की कार्यप्रणाली पर बढ़ेगा। इतना ही नहीं इस कदम से कानून-व्यवस्था में और सुधार होगा, जिससे प्रदेशवासियों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। सीएम योगी की सख्ती से प्रदेश में अपराध के ग्राफ में और कमी होगी। वहीं पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियाें की सीमावर्ती जिलों में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी। पात्र लाभार्थियों को आसानी से मिलेगा योजनाओं का लाभ, बढ़ेंगें राेजगार के अवसर प्रदेश में घुसपैठियों की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ अपात्र लोग भी उठे रहे हैं। ऐसे में इनकी पहचान होने से सरकारी योजनाओं का लाभ असली हकदारों तक पहुंचेगा। इससे सरकारी धन की बर्बादी भी रुकेगी। साथ ही भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। योगी सरकार के इस कदम से स्थानीय युवाओं और कामगारों के लिए रोजगार के अवसरों का नया रास्ता खुलेगा। घुसपैठियों के खिलाफ उठाए गए कदमों से अब रोजगार की प्रतिस्पर्धा और स्पष्ट होगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर अधिक आसानी से और सुरक्षित तरीके से मिल सकेंगे। नागरिक सेवाओं में होगा सुधार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसरों में सुधार होगा, बल्कि नागरिक सेवाओं का भी सुधार होगा। अब नागरिकों की शिकायतों और सेवाओं जैसे पासपोर्ट, सत्यापन, लाइसेंस आदि का टर्नअराउंड टाइम तेजी से कम होगा। इससे लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ जल्दी और प्रभावी तरीके से मिलेगा। इसके साथ ही फर्जी आईडी, धोखाधड़ी और अपराध से जुड़ी घटनाओं में भी कमी आएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का माहौल बेहतर होगा और प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार की कार्यप्रणाली में बढ़ेगा।

कृषि यंत्रों पर अनुदान देकर किसानों को सशक्त कर रही योगी सरकार

किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है बुकिंग पारदर्शिता पूर्ण ई-लॉटरी के माध्यम से कृषकों को मिलता है कृषि यंत्रों का लाभ  प्रदेश में 5000 से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित, हजारों किसानों को हुआ लाभ लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्रों का लाभ देती है। किसानों को पारदर्शिता से इसका लाभ मिले, इसके लिए सभी 75 जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कृषि विभाग द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन भी किया जाता है। यह प्रक्रिया सभी जनपदों में समान रूप से चलती है। प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों की बुकिंग तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल (ऑइलसीड) योजना के अंतर्गत मिनी ऑइल मिल एक्स्ट्रैक्सन यूनिट एवं तिरपाल की बुकिंग किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है। इसका पारदर्शी पूर्ण चयन ई-लाटरी के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा कराया जाएगा। 2.31 लाख से अधिक कृषि यंत्रों का किया जा चुका वितरण  कृषि यंत्रों के वितरण के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में 2017-18 से 2024-25 तक कुल 2,31,012 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर व 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक की स्थापना कराई जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 8531 कृषि यंत्र व 82 फार्म मशीनरी बैंक के बिल पोर्टल पर अपलोड कराए जा चुके हैं।  चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि की जाती है वापस  ई लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित कृषकों को भी सूचित किया जाता है। ई लॉटरी में चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनायें किसान हित में पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले। कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें।

सीएम योगी की अध्यक्षता में होगा एमपीएसपी के संस्थापक सप्ताह समारोह मुख्य महोत्सव

मुख्य अतिथि होंगे उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह बुधवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम परिसर में होगा मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष पर केंद्रित पुस्तक का भी होगा विमोचन श्रेष्ठतम संस्था, परिचारक, कर्मचारी, शिक्षक और विद्यार्थियों के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता होंगे पुरस्कृत गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी)  के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव (समापन कार्यक्रम) बुधवार (10 दिसंबर) को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) आरोग्यधाम, बालापार रोड के परिसर में भव्यतापूर्वक होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह शामिल होंगे। समारोह में उत्कृष्टता के आधार पर एमपी शिक्षा परिषद की संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और संस्थापक सप्ताह समारोह के तहत आयोजित विविध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी, पदक व नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी होगा। मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार प्रातः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगा।  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह के मुख्य महोत्सव में सप्ताह भर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों पुरस्कृत होंगी। इस दौरान करीब 750 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। संस्थापक समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. यूपी सिंह पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। इस पुस्तक ‘जीवन के साधना पथ का गृहस्थ सन्यासी प्रो. उदय प्रताप सिंह एवं जीवन मूल्य’ का प्रकाशन प्लाक्षा प्रकाशन ने किया है। दिग्विजयनाथ बालिका कन्या इंटर कॉलेज को मिलेगा श्रेष्ठतम संस्था का पुरस्कार महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक समारोह के समापन अवसर पर श्रेष्ठतम संस्था का महायोगी श्री गोरक्षनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज चौक बाजार महराजगंज को मिलेगा। श्रेष्ठतम परिचारक के लिए ब्रह्मलीन महंत गोपालनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार महराजगंज के रमाकांत को, श्रेष्ठतम कर्मचारी के लिए योगिराज बाबा ब्रह्मनाथ स्वर्ण पदक एमपी कन्या इंटर कॉलेज रमदत्तपुर के अश्वनी कुमार गुप्ता को, श्रेष्ठतम शिक्षक के लिए योगिराज बाबा गंभीरनाथ स्वर्ण पदक महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसढ़ की शिप्रा सिंह को प्राप्त होगा।  श्रेष्ठतम विद्यार्थी और स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में स्नातकोत्तर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के एमएससी बॉयोटेक के शिवम पांडेय को, स्नातक के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की बीएससी बॉयोटेक की आकृति को तथा हाईस्कूल-इंटर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी का महाराणा मेवाड़ स्वर्ण पदक एमपी बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस की प्रज्ञा कुशवाहा को प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर विविध स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे। समारोह में कुल 750 विद्यार्थी पुरस्कृत किए जाएंगे।

योगी सरकार का बड़ा कदम: यूपी में अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए शुरू हुआ सर्वे, प्रयागराज और लखनऊ में हो रही जांच

 लखनऊ यूपी में SIR की कवायद के साथ एक बार फिर घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर करने की कवायद तेज हो गई है. प्रयागराज नगर निगम में काम करने वाले कर्मचारियों के बाद अब लखनऊ में भी अवैध बांग्लादेशियों को चिन्हित कर बाहर करने की शुरुआत हो चुकी है. यूपी एटीएस ने प्रयागराज के बाद अब लखनऊ नगर निगम में भी कूड़ा प्रबंधन के काम में लगे शहर भर के मजदूरों का लखनऊ नगर निगम से ब्यौरा मांगा गया है. एटीएस ने कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों से सफाई श्रमिकों की प्रमाणित सूची जिसमें निवास स्थान, पहचान प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर मांगा गया है. डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की कवायद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि एसआईआर सर्वे गहनता से किया जाए घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर किया जाए. डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की कवायद भी शुरू हो गई है. ऐसे में इलाहाबाद लखनऊ कानपुर मेरठ जैसे बड़े शहरों में नगर निगम के कचरा प्रबंधन और सफाई के काम में लगे सफाई कर्मियों का ब्यौरा अब यूपी एटीएस भी जुटा रही है. यूपी एटीएस बड़े शहरों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्यायो की मौजूदगी की जांच में जुट गई है. यूपी एटीएस ने प्रयागराज के बाद अब लखनऊ नगर निगम से भी शहर के कचरा प्रबंधन व सफाई कार्य में जुटे मजदूरों का ब्यौरा मांगा है. यूपी एटीएस को इनपुट मिले हैं कि लखनऊ नगर निगम में भी कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से शहर के कचरा प्रबंधन व सफाई के काम में अधिकतर बांग्लादेशी व रोहिंग्या लगे हैं. नगर निगम या प्रशासन के अफ़सर जब किसी संदिग्ध से पूछताछ करते हैं तो वह आधार कार्ड से खुद को असम का बताते हैं. ऐसे में किसी आतंकी संगठन के मददगार या संगठन के नेटवर्क से सीधा जुड़ा कोई शख्स भी छिपा हो सकता है लिहाजा यूपी एटीएस ने नगर निगम के सभी ठेकेदारों से उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों का नाम पता मोबाइल नंबर समेत पूरी जानकारी मांगी है.

पर्यावरण शिक्षा में नया अध्याय: यूपी में 500 करोड़ की लागत से बनेगी पहली फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश का पहला वानिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैंपियरगंज में बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करीब एक वर्ष पहले की थी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) फाइनल हो गई है। इसे करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। जल्द ही डीपीआर कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति के लिए रखी जाएगी। विश्वविद्यालय के अधिनियम का ड्राफ्ट भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय करीब 125 एकड़ में बनाया जाएगा। यहां वानिकी, कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी व औद्यानिकी की पढ़ाई कराई जाएगी। छह सितंबर 2024 को जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन के दौरान ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वानिकी विश्वविद्यालय की घोषणा की थी। बजट में भी 50 करोड़ रुपये की प्रविधान कर दिया गया था। जटायु संरक्षण केंद्र के पास ही 125 एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति भी मिल चुकी है। यहां वानिकी (फारेस्ट्री), कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक (हार्टिकल्चर) जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा कोर्स भी चलाए जाएंगे। विश्वविद्यालय में 500 कमरों के छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास, प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, ऑडिटोरियम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल का मैदान बनाया जाएगा। शिक्षकों के लिए आवास का भी निर्माण यहां होगा।   इस विश्वविद्यालय की स्थापना से जैव तकनीक का विकास होगा। वन्यजीवों तथा जलवायु परिवर्तन के संबंध में ज्यादा सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-विदेश से विद्यार्थी वन्यजीव एवं उनके संरक्षण पर शोध कर सकेंगे। साथ ही छात्र पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन एवं उद्यानिकी व वानिकी से संबंधित विषयों पर शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। डीपीआर कैबिनेट से पास होने के बाद इसका टेंडर होगा और विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।  

लोकतंत्र पर साजिश? ‘फर्जी वोट’ को लेकर सीएम योगी की चिंता, जनप्रतिनिधियों को दिए कड़े निर्देश

अलीगढ़  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ पहुंच चुके हैं। वह आगरा से एएमयू स्थित हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह कार द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के सभागार में पहुंचते ही जय श्रीराम के नारे लगे। जनप्रतिनिधियों ने पहले पुष्प गुच्छ देकर सीएम योगी का स्वागत किया। यहां अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज के जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक ली। बैठक में सरकारी योजनाओं की समीक्षा, एसआईआर की प्रगति, जिला पंचायत चुनाव के संबंध में चर्चा के साथ अधिकारियों की कार्यशैली पर जनप्रतिनिधियों से फीडबैक ली। बैठक में किसी भी सरकारी अधिकारी को शामिल होने की इजाजत नहीं थी।  जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद सीएम योगी पुनः एएमयू हेलीपैड पहुंचे। वहां हेलीकॉप्टर से छेरत स्थित प्रिंस पैलेस में बरौली विधायक ठाकुर जयवीर सिंह के कार्यक्रम में पहुंच गए। वहां जयवीर सिंह के पुत्र का तिलक समारोह है।  अलीगढ़-मुजफ्फरनगर में 'फर्जी वोट' को लेकर सीएम योगी ने जताई चिंता यूपी योगी आदित्यनाथ ने 7 दिसंबर को अलीगढ़ में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में मतदाता सूची की सटीकता और तैयारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की और जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक फर्जी वोट अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जिलों में हैं। उन्होंने इन दोनों जिलों में मतदाता सूची तैयार करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।  विपक्षी दलों की तैयारी पर सतर्कता का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची के निरीक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने विपक्षी पार्टियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे लोग 100 फीसदी क्षमता के साथ बेहद खामोशी से मतदाता सूची तैयार करने के काम में लगे हुए हैं। इसको देखते हुए आप लोगों को बेहद गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है। शादी हो तब भी काम में लगे रहें। छात्रनेता को पुलिस ने किया नजरबंद विद्यार्थियों से जुड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने से पहले 6 नवंबर रात में छात्रनेता मोहम्मद मोहसिन मेवाती को पुलिस ने नजरबंद कर लिया। मोहसिन ने मुख्यमंत्री को लेकर ज्ञापन देने का ऐलान किया था। मोहसिन ने कहा कि यह तानाशाह सरकार छात्र विरोधी है।