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मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस में बढ़ी हलचल, तीन दावेदारों पर मंथन जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों को लेकर चुनाव होना है। राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है और दिग्विजय सिंह पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वे अब राज्यसभा नहीं जाएंगे। इसके बाद मध्यप्रदेश काग्रेस में हलचल तेज है और मध्यप्रदेश से तीन नाम चर्चाओं में है। आंकड़ों के हिसाब से एक सीट कांग्रेस को मिलना तय है। मौजूदा सदस्य दिग्विजय सिंह ने भले ही दोबारा राज्यसभा में जाने से इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने अपने खास समर्थक पीसी शर्मा (pc sharma) का नाम आगे बढ़ा दिया है। इधर, दिल्ली की पसंद मीनाक्षी नटराजन है तो दलित कोटे से सज्जन सिंह वर्मा ताल ठोक रहे हैं। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट खाली हो रही हैं जिसके चुनाव होने वाले हैं। मध्यप्रदेश में विधायकों की संख्या के हिसाब से दो सीट भाजपा और एक कांग्रेस के पास जाना तय है। इसके चलते कांग्रेस में अंदरूनी घमासान चल रहा है। दावेदारों की फेहरिस्त में सांसद रही मीनाक्षी नटराजन का नाम सबसे ऊपर है, जिसे कांग्रेस सुप्रीमो व लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (rahul gandhi) आगे बढ़ा सकते हैं। मध्यप्रदेश मे इस वक्त राज्यसभा के 11 सांसद है। इनमें भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म होने वाला है।  वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने भी दांव खेलते हुए कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा (pc sharma) का नाम आगे कर दिया। उनका तर्क है कि कांग्रेस के पास मजबूत ब्राह्मण नेता नहीं है। शर्मा को बनाने से बड़े समाज की पार्टी को सहानुभूति मिलेंगी। इधर, सांसद रहे सज्जन सिंह वर्मा (sajjan singh verma) भी राज्यसभा जाना चाहते हैं। हालांकि उनके साथ विडंबना है कि लॉबिंग करने वाला दिल्ली में कोई बड़ा नेता नहीं है। हालांकि उन्हें विश्वास है कि पार्टी दलित कार्ड खेलते हुए उन्हें मौका दे सकती है। कांग्रेस के लिए जीत आसान नहीं राज्यसभा सदस्य बनने के लिए 58 वोट की आवश्यकता है तो कांग्रेस के पास कुल 66 वोट थे। उसमें विधायक मुकेश मल्होत्रा (mukesh malhotra) को सुप्रीम कोर्ट ने विधायक बने रहने की राहत तो दे दी है, लेकिन वोटिंग का अधिकार छीन लिया। बुधवार को दतिया विधायक राजेंद्र भारती (rajendra bharti) को कोर्ट ने जेल भेज दिया। उनके वोट को लेकर भी संकट खड़ा है। इसके अलावा निर्मला सप्रे का वोट भी उन्हें नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में कांग्रेस के पास 63 वोट ही बचे हैं जिसमें से पांच वोट क्रॉस वोटिंग में चले गए तो खेल बदल जाएगा। तीसरी सीट भी भाजपा के पास जा सकती है। ऐसा ही कुछ जादू भाजपा हरियाणा में दिखा चुकी है। देखें राजनीतिक गणित 0-कांग्रेस के विधायक मकेश मल्होत्रा वोट नहीं डाल पाएंगे। कोर्ट ने हाल ही में उनका चुनाव शून्य घोषित कर दिया था, लेकिन वे अपील में चले गए तो उन्हें स्टे दे दिया, लेकिन वोट नहीं डाल पाएंगे। 0-विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने बजट सत्र में पारिवारिक कारण बताकर इस्तीफा दे दिया था। हालांकि कटारे ने साफ कर दिया है कि उनका किसी से कोई विवाद भी नहीं है और वे भाजपा में जाने का सोच भी नहीं सकते हैं। 0- इसके अलावा बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे पर भी दल बदल कानून के तहत मामला चल रहा है। 0-कल ही दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार दिया। गुरुवार को उन्हें तीन साल की सजा सुना दी। अब ऐसी स्थिति में वे विधायक रहेंगे तो ही वोट डाल पाएंगे।

छतरपुर कांग्रेस के खिलाफ कुर्की का नोटिस, बिजली बिल न चुकाने पर बढ़ी मुश्किलें

छतरपुर   कांग्रेस कार्यालय छतरपुर में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब कार्यालय को कुर्क करने का नोटिस जारी कर दिया गया. यह नोटिस MPEB द्वारा कांग्रेस कार्यालय के बाहर चस्पा किया गया था. दरअसल, कांग्रेस कार्यालय छतरपुर ने लंबे समय से बिजली का बिल नहीं भरा था और बार-बार सूचना के बाद भी बिल नहीं दिया, जिसके बाद MPEB ने अब कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है. कांग्रेस ने नहीं चुकाया इतना बिजली बिल नोटिस की जानकारी लगते ही आम जनता सहित कोंग्रेसी नेता भी हैरान रह गए. वहीं, जिला अध्यक्ष गगन यादव ने कहा, '' हमें अभी कोई जानकारी नहीं है लेकिन यह बीजेपी की साजिश लग रही है. जानकारी के मुताबिक बिल नहीं चुकाए जाने पर MPEB के अधिकारियों ने कांग्रेस कार्यालय जाकर पूछताछ की थी लेकिन जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कांग्रेस कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया. एमपीईबी के मुताबकि कांग्रेस कार्यालत का 10 हजार 101 रु का बिल बकाया है और उन्हें भुगतान का अंतिम अवसर पहले ही दिया जा चुका है. ये लिखा है कुर्की नोटिस में MPEB के द्वारा चिपकाए गए नोटिस में लिखा है, '' आपके द्वारा विद्युत कनेक्शन क्रमांक 1201021567 के विद्युत बिल का भुगतान नियत तिथि के अंदर भुगतान नहीं किया गया है. यह कि आपके उक्त विद्युत कनेक्शन पर बकाया राशि रु. 10101 का बिल भुगतान हेतु लंबित है. अतः मध्य प्रदेश इलेक्ट्रिकल अंडर टेकिंग (बकाया राशि) वसूली अधिनियम 1959 की धारा 147 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत आपको यह नोटिस प्रेषित किया जा रहा है, कि आप कंपनी की बकाया राशि इस नोटिस प्राप्ति के 7 दिवस के भीतर जमा कर दें अन्यथा उक्त राशि उपरोक्त अधिनियम की धारा 6 के अनुसार बकाया भू-राजस्व के रूप में म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत एक पक्षीय कार्रवाई करते हुये राजस्व अधिकारियों के माध्यम से संपत्ति कुर्की की कार्रवाई कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी. क्या बोले छतरपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष जब मामले में छतरपुर कोंग्रेस जिला अध्यक्ष गगन यादव से बात की तो उन्होंने कहा, '' मुझे जानकारी नहीं है लेकिन आप ने बताया तो पता चला है, हम दिखवाते हैं. सिर्फ 10 हजार रु के लिए नोटिस चिपकाना उचित नहीं है. यह बीजेपी की साजिश लग रही है. वहीं, जब मामले में MPEB के अधिकारी केएस घोसी से बात की गई तो उन्होंने कहा, '' यह रूटीन प्रकिया है. अभी मार्च चल रहा है इसलिए नोटिस भेजे जा रहे हैं. कुछ लोग नोटिस ले लेते हैं, वहीं कुछ नहीं लेते तो चस्पा करने पड़ते हैं. शहर में बिजली का 9 करोड़ बकाया जिसकी वसूली के लिए लगातार प्रयास चल रहा है.''

सदन में कांग्रेस का वॉकआउट, धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने से रोके जाने का लगाया आरोप

चंडीगढ़ नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान उनका प्रश्न शामिल न करने पर सवाल उठाए हैं। बाजवा ने कहा कि मेरा सवाल कृषि नीति को लेकर था।   पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान उनका प्रश्न शामिल न करने पर सवाल उठाए हैं। बाजवा ने कहा कि मेरा सवाल कृषि नीति को लेकर था। पहले सवाल का नंबर कुछ और था लेकिन बाद में इसमें बदलाव कर दिया गया और प्रश्नकाल को खत्म कर दिया है। मंत्री कृषि नीति पर जवाब नहीं देना चाहते थे जिस कारण ही ऐसा किया गया हैं। बाजवा ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। यह गलत प्रथा अपनाई जा रही है। कांग्रेस के नेताओं ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाॅकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उन्हें राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने का समय नहीं दिया जा रहा है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार को अवैध माइनिंग और नशे के मुद्दे पर कड़ी आलोचना का निशाना बनाया। इसके बाद बेअदबी के मामलों का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर बोलते हुए बाजवा ने कहा कि चार साल बीत जाने के बावजूद भी बेअदबी मामलों के आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर ‘आप’ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेसी नेताओं ने विरोध जताते हुए विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जनता के मुद्दे उठाने के लिए पंजाब विधानसभा में बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जाता।

सैम पित्रोदा के विवादित बयान से मचा बवाल, BJP ने कांग्रेस को घेरा

नई दिल्ली भारतीय प्रवासी कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एक बार फिर से एक बयान के जरिए पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत ने दूसरों की सेवा के लिए युवाओं की बड़ी फौज को खड़ा किया है। लेकिन यह भारत के लिए नहीं बल्कि विदेशियों के लिए काम करती है। पित्रोदा ने वर्तमान टेक्नोलॉजी निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक 1.5 अरब आबादी वाले देश के लिए यह शर्म की बात है कि उनके पास अपना ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं है। पित्रोदा की इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने उन पर हमला बोलते हुए भारत की निंदा करने का आरोप लगाया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने विदेशी कंपनियों में भारतीयों की संख्या जिक्र करते हुए अपनी बात को रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी शिक्षा संस्थाओं के जरिए युवा प्रतिभा का एक बड़ा आधार तैयार किया है, लेकिन भारत में ही नई खोजों के लिए इसका लाभ उठाने में नई दिल्ली पूरी तरह से असमर्थ रही है। उन्होंने कहा, "हमने बहुत सारी युवा प्रतिभा का निर्माण किया है, लेकिन यह अपरिपक्व है। इस प्रतिभा ने भारत का नहीं बल्कि दुनिया की तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्रोग्रामिंग, कानून, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, इनोवेशन, बैंकिंग में मदद की है। इस प्रतिभा के दम पर भारत ने वैश्विक स्तर के प्रोडक्ट्स नहीं बनाए, बल्कि इस प्रतिभा का इस्तेमाल दूसरे की सेवा के लिए किया।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सैम पित्रोदा ने कहा, "न हो भारत ने अपना खुद का सोशल मीडिया प्लेटफार्म तैयार किया और न ही माइक्रोसॉफ्ट जैसी कोई बड़ी कंपनी तैयार कर पाए। हमने अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं बनाया। यह शर्म की बात है कि 1.5 अरब आबादी वाले देश के पास खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम भी नहीं है। हम मोबाइल फोन के लिए भी ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं बना पाए। हमने सचमुच अपनी युवा प्रतिभा का उपयोग दूसरों की सेवा के लिए किया है।" भाजपा हुई हमलावर वरिष्ठ कांग्रेस नेता की तरफ से आई इस टिप्पणी पर सत्ताधारी भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की तरफ से प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 'लश्कर ए कांग्रेस' के मुख्य सलाहकार ने एक बार फिर से झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा, "एआई समिट में कांग्रेस के टॉपलेस ऐक्ट के बाद लश्कर ए कांग्रेस के मुख्य सलाहकार सैम पित्रोदा मैदान में हैं। एक एक बार फिर भारत को बदनाम करने के एजेंडे पर। अंकल सैम झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाते हैं। कहते हैं कि भारत पर शर्म आती है कि उसने मोबाइल के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम तक विकसित नहीं किया है।" उन्होंने पित्रोदा की टिप्पणियों का खंडन करते हुए भारत में विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे बॉस लिनक्स, माया ओएस, प्राइमओएस, भारओएस, इंडस ओएस और एनएक्सटीक्वांटम ओएस का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस का "एकमात्र मिशन झूठ बोलकर भारत को बदनाम करना है।"  

मायावती से अखिलेश तक, यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर सियासी प्रतिक्रियाएं – मिली थू-थू, लोगों ने पीटा

 लखनऊ  नई दिल्ली में शुक्रवार को एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अर्द्धनग्न प्रदर्शन पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बेहद नाराजगी जताई है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं इस कृत्य की निंदा भी की है। बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में देश और विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे। यह इवेन्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था, इस दौरान जिन भी लोगों ने अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है। मायावती ने कहा कि अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिन्ता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा। गौरतलब है कि दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शन करने वाले भारतीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ पुलिस से हाथापाई करने का भी आरोप है। कांग्रेस के 15 कार्यकर्ता आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर समिट में पहुंचे थे। सभी ने जैकेट पहनी थी। सभी हाल नंबर पांच में पहुंचे और जैकेट निकाल कर पीएम नरेन्द्र मोदी के प्रति विरोध जताने वाले स्लोगन लिखी टीशर्ट दिखाकर नारेबाजी की थी। जिस समय विरोध प्रदर्शन किया गया वहां विदेशी डेलीगेट्स भी मौजूद थे। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी प्रदर्शन के तरीके को अशोभनीय और निन्दनीय बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, "नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश और विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे. यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है." उन्होंने कहा अगर यह सम्मेलन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिन्ता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा." तेलुगु देशम पार्टी के नेता और मंगलगिरी के विधायक नारा लोकेश ने भी इस मामले पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, 'यह अत्यंत चौंकाने वाला और दुखद है कि एक ऐसा प्रमुख वैश्विक मंच, जिसका उद्देश्य भारत की उभरती हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नेतृत्व को प्रदर्शित करना था, राजनीतिक मुद्दों के कारण बाधित हो गया.' प्रदर्शनकारी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और पीएम नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस का दावा है कि कुछ मिनटों में सभी को बाहर कर दिया गया था, इसी दौरान उनसे हाथापाई भी की। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को अर्द्धनग्न प्रदर्शन मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने तुरंत वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इनके खिलाफ तिलक मार्ग थाने में केस दर्ज किया गया है।      नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश व विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे तथा यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह…

BJP का बड़ा प्लान: असम में 18% वोट हासिल करना, कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ी

गुवाहाटी  असम में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा के लिए यहां सत्ता बचाने की चुनौती है। भगवा खेमा अगर यहां सरकार बनाने में सफल होता है तो असम में यह हैट्रिक होगी। भाजपा ने इसके लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं को असम विधानसभा में 50% वोट लाने का लक्ष्य दिया है। आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में में बीजेपी का वोट शेयर 33.2 % था। वहीं, सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही कांग्रेस को उस समय जबरदस्त झटका लगा जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ दी। भाजपा अध्यक्ष के द्वारा दिए गए टारगेट को अगर बीजेपी हासिल कर लेती है तो सभी दलों का सूपड़ा साफ कर देगी। विपक्ष सिर्फ 20-28 सीटों पर सिमट जाएगा। आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता अभी भी कायम है। कांग्रेस की बात करें तो असम विधानसभा की राह आसान नहीं है। वरिष्ठ नेता भूपेन बोरा के इस्तीफे से जहां पार्टी आंतरिक चुनौती से जूझ रही है, वहीं महाजोत में भी सब कुछ ठीक नहीं है। सीट बंटवारे में ज्यादा से ज्यादा सीट हासिल करने को लेकर महाजोत के कई घटकदल दबाव बनाए हुए हैं। असम में अप्रैल में चुनाव हो सकते हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस असम में पार्टी को एकजुट रखने में विफल रही। भूपेन बोरा ने आखिरकार पार्टी छोड़ दी। पार्टी को डर है कि भूपेन बोरा के साथ उनके भरोसेमंद कई विधायक और नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इससे मतदाताओं में पार्टी की छवि कमजोर होगी। इसके साथ महाजोत में सीट बंटवारा भी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। क्योंकि, 2021 के महाजोत में कई बदलाव हुए हैं। एआईयूडीएफ और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) दोनों महाजोत से अलग हो चुके हैं। बीपीएफ अब एनडीए का हिस्सा है, वहीं मौलाना बदरुद्दीन अजमल की अगुआई में एआईयूडीएफ अकेले चुनाव लड़ेगा। वहीं, असम जातीय परिषद और अखिल गोगोई का रायजोर दल अब महाजोत में शामिल हैं। कांग्रेस ने एजेपी और रायजोर दल दोनों को महाजोत में 11-11 सीट देने की पेशकश की है, पर दोनों दल इससे ज्यादा सीट की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस इन्हें अधिक सीट देती है, तो चुनाव में कांग्रेस को कम सीट पर लड़ना होगा।असम में दूसरे दलों के साथ गठबंधन किए बगैर भाजपा की अगुआई वाले एनडीए को शिकस्त देना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है।

BJP नेता के घर से AC चोरी पर खुश हुए कांग्रेस विधायक, ‘चोर को ढूंढकर दूंगा इनाम’

 श्योपुर  श्योपुर के कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने बीजेपी नेता के घर हुई चोरी को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है. अपने धुर विरोधी बीजेपी के पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर हुई चोरी से विधायक जी इतने खुश हैं कि अब उस चोर को ढूंढकर 'इनाम' देने की बात कह रहे हैं. कानून-व्यवस्था पर तंज कसते-कसते विधायक बाबू जंडेल ने चोर को 'धन्यवाद' कह दिया. दरअसल, बीते दिन अल सुबह कोतवाली थाने के सामने स्थित भाजपा के पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर तड़के हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. घर से AC का आउटडोर यूनिट अज्ञात चोर चुरा ले गया. चोरी की घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल की खुशी का तो जैसे ठिकाना ही नहीं रहा और उन्होंने भाजपा नेता के यहां चोरी करने वाले चोर को ही धन्यवाद दे डाला. इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक ने यहां तक कह दिया कि ऐसे चोर को तो वह इनाम देंगे. पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय ने इसे मामूली बात कह मीडिया से बात करने से मना कर दिया लेकिन उनके घर पर काम करने वाले कर्मी रामू सुमन का कहना है कि रात को अज्ञात चोरों ने घर के पीछे से घुसकर चोरों ने घटना अंजाम दिया है. मेरी ड्यूटी खत्म हो गई थी. इसके बाद देर रात चोरी हुई है. उधर पूर्व विधायक के आवेदन पर कोतवाली पुलिस अज्ञात चोर की पतारसी में जुट गई है.