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नौकरानी से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद: पूर्व प्रधानमंत्री के पोते प्रज्वल की पहचान बनी कैदी नंबर 15528

बेंगलुरु पूर्व JDS सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना बेंगलुरू की अग्रहारा सेंट्रल जेल में कैदी नंबर 15528 बन गए हैं। रेवन्ना ने शनिवार को जेल में अपनी पहली रात बिताई। बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को प्रज्वल रेवन्ना को नौकरानी से रेप केस में उम्र कैद की सजा सुनाई। सांसदों/विधायकों की स्पेशल कोर्ट के जज संतोष गजानन भट ने रेवन्ना पर 11.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। इसमें से 11.25 लाख रुपए पीड़ित को दिए जाएंगे। जेल अधिकारियों ने बताया कि सजा सुनाए जाने के बाद शाम को रेवन्ना का मेडिकल चेकअप करवाया गया। इस दौरान वह मेडिकल स्टाफ के सामने रोता रहा। हालांकि, इस दौरान उसने किसी से कोई बात नहीं की। मेडिकल चेकअप के बाद उसे जेल लाया गया, जहां उसे कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया। फार्महाउस में काम करने वाली 47 साल की महिला ने FIR दर्ज कराई थी रेवन्ना के परिवार के फार्महाउस में काम करने वाली 47 साल की महिला ने पिछले साल अप्रैल में रेवन्ना ​​​​​​के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इसमें रेवन्ना पर 2021 से कई बार रेप करने और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर वीडियो लीक करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने 18 जुलाई को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी। रेवन्ना के खिलाफ रेप, ताक-झांक, आपराधिक धमकी और अश्लील तस्वीरें लीक करने सहित कई धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। उसके खिलाफ रेप के कुल 4 मामले दर्ज हैं। इनमें से यह पहला केस है, जिसमें उसे दोषी ठहराया गया है। रेवन्ना के 2 हजार से ज्यादा वीडियो क्लिप सामने आए थे पिछले साल, रेवन्ना के सोशल मीडिया पर 2,000 से ज्यादा अश्लील वीडियो क्लिप सामने आए थे। 2024 के लोकसभा चुनावों में रेवन्ना ने कर्नाटक की हासन संसदीय सीट पर दूसरी बार चुनाव लड़ा था, लेकिन वह अपनी सांसदी नहीं बचा सका। उसके खिलाफ दर्ज मामलों के बाद JDS ने उसे पार्टी से निलंबित भी कर दिया था। प्रज्वल रेवन्ना पर पुलिस-डॉक्टर-कार्यकर्ता-मेड समेत 50 से रेप का आरोप, सिर्फ 4 विक्टिम सामने आईं प्रज्वल रेवन्ना, हासन से सांसद और कर्नाटक की सबसे ताकतवर पॉलिटिकल फैमिली से उभरता लीडर। दादा एचडी देवगौड़ा राज्यसभा सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री, पिता एचडी रेवन्ना विधायक और पूर्व मंत्री, चाचा एचडी कुमारस्वामी विधायक और पूर्व CM, भाई सूरज MLC। 24 अप्रैल, 2024 की सुबह इस परिवार की छवि पर सबसे बड़ा धब्बा लगा।

राष्ट्रपति भवन में PM मोदी और द्रौपदी मुर्मू की मुलाकात, जानिए अंदरूनी चर्चा का एजेंडा

नई दिल्ली रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिससे यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित की है। इस चुनाव से पहले राजनीतिक हलकों में चर्चा जोरों पर है। 7 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, और प्रत्याशी 21 अगस्त तक अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। इस चुनाव के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।   पीएम मोदी और राष्ट्रपति की मुलाकात राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक फोटो शेयर करते हुए यह जानकारी दी कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। हालांकि, बैठक के दौरान हुई चर्चा के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि यह मुलाकात कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आधारित थी। बिहार विधानसभा चुनाव पर चर्चा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच इस मुलाकात में एक और अहम मुद्दा उठाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात में बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभ्यास पर चर्चा की गई। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर संसद में लगातार गतिरोध बना रहा था, और यह मुलाकात इसी पृष्ठभूमि में हुई। बिहार विधानसभा चुनाव में वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। वोटरों के नामों का सही तरीके से पंजीकरण और वोटिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने कई बार सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बीच एक विस्तृत चर्चा हुई, जिससे आगे आने वाली चुनाव प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के संकेत मिल रहे हैं।

9वीं कक्षा में ITI शुरू, 10वीं होते ही विदेश भेजे जाएंगे छात्र—MP सरकार ने खोली अंतरराष्ट्रीय नौकरी की राह

भोपाल  मध्यप्रदेश में पहली बार अब कक्षा 9वीं के साथ आईटीआई होगी। इसका फायदा यह होगा कि 10 वीं पास करने के साथ ही स्टूडेंट के हाथ में नौकरी होगी। अब उसे नौकरी नहीं करनी है तो दूसरा ऑप्शन 12वीं तक डिप्लोमा करने का रहेगा। इतना ही नहीं स्टूडेंट सीधे इंजीनियरिंग के सेकंड ईयर में एडमिशन ले सकेंगे। इसकी शुरुआत इसी सत्र से हो गई है। 10वीं पास करते ही विदेश में नौकरी के अवसर मिलेंगे। रूस ने 1.5लाख जॉब ऑफर किए है। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को ड्युअल अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट आठ ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। इसमें ईवी मैकेनिक ट्रेड के तहत स्टूडेंट इलेक्ट्रिक व्हीकल की ट्रेनिंग ले सकेंगे तो प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, मेसन, ड्रेस डिजाइन, स्विंग टेक्नोलॉजी, वायरमैन के साथ रेफ्रिजरेशन एंड एसी ट्रेड में आईटीआई कर सकेंगे। ट्रेंड विद्यार्थियों को रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। एक साथ करा सकेंगे दो कोर्स राज्य ओपन स्कूल के डायरेक्टर प्रभातराज तिवारी बताते हैं, एनसीवीईटी ( नेशनल काउंसिल फाॅर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) ने देश के पांच बोर्ड को "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" के रूप में मान्यता दी है। इसका मतलब है कि ये बोर्ड अब एनसीवीईटी के साथ मिलकर व्यवसायिक प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान कर सकते हैं। यह पहल छात्रों को अधिक विकल्प और अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। "ड्युअल अवार्डिंग बॉडी" का मतलब है कि ये बोर्ड न केवल अपने पारंपरिक प्रमाण पत्र जारी करेंगे, बल्कि एनसीवीईटी के साथ मिलकर भी प्रमाण पत्र जारी करेंगे. इससे छात्रों को दोहरी मान्यता प्राप्त होगी और उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ओपन बोर्ड अब एक बार में दो कोर्स करा सकेगा जिसमें स्टूडेंट 9वीं और 10 वीं की पढ़ाई जारी रखते हुए आईटीआई भी कर सकेंगे। इसे दोहरा सर्टिफिकेट कोर्स नाम दिया गया है। इसके तहत न केवल 9वीं और 10 वीं की परीक्षा हो जाएगी, बल्कि वे आईटीआई भी कर सकेंगे। इसके बाद 11–12 वीं करते हुए डिप्लोमा पूरा हो जाएगा। 10 वीं के बाद ही नौकरी का ऑफर इसके तहत दो साल की पढ़ाई के बाद ही स्टूडेंट हाई स्कूल पास हो जाएगा तो उसके साथ ही दो साल का आईटीआई डिप्लोमा भी कर सकेगा। इसके बाद स्टूडेंट के पास विकल्प रहेगा कि वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है या नौकरी। पारिवारिक स्थिति और अपनी रुचि के अनुसार स्टूडेंट नौकरी का विकल्प भी चुन सकेंगे, जिसमें बोर्ड मदद करेगा। यदि विद्यार्थी आगे पढ़ाई करना चाहता है तो 11 वीं और 12 वीं के साथ डिप्लोमा पूरा कर सकते हैं। स्टूडेंट के पास विदेश जाने का मौका इस योजना के तहत पास होने वाले ट्रेंड विद्यार्थियों को दूतावास के माध्यम से रूस में नौकरी का मौका भी मिल सकेगा, जहां वे सर्विस करके अपने हुनर के बदले एक से डेढ़ लाख रुपए महीने तक की कमाई कर सकेंगे। तिवारी बताते हैं कि ओपन स्कूल के रूस स्थित भारतीय दूतावास से चर्चा हो गई है। चर्चा में रूस में डेढ़ लाख मेसन (राजमिस्त्री) की जरूरत बताई गई है। शिक्षामंत्री के विधानसभा क्षेत्र से शुरुआत प्रदेश में इस योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत गाडरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सांईखेड़ा में होने जा रही है। सांईखेड़ा के शासकीय स्कूल में आठों ट्रेड के लिए लैब स्थापित की जा रही है। यह स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह की विधानसभा क्षेत्र में है। इसके साथ इस मॉडल आईटीआई में 100 स्टूडेंट के रुकने की व्यवस्था भी होगी। यहां एक्सपर्ट थ्योरी के साथ–साथ लगातार प्रैक्टिकल की ट्रेनिंग भी देंगे। ऑनलाइन टीचिंग, 15–15 दिन की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पायलट प्रोजेक्ट के तहत विधानसभा क्षेत्र के 300 से अधिक स्कूलों के विद्यार्थियों को 9वीं–10 वीं के साथ आईटीआई करने का मौका मिलेगा। इसकी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से स्कूली विषयों के साथ कराई जाएगी, वहीं प्रैक्टिकल नॉलेज के लिए साल में दो बार 15–15 दिन आईटीआई में रहकर प्रैक्टिकल का मौका मिलेगा। स्टूडेंट मॉडल आईटीआई बिल्डिंग के छात्रावास में रहकर ट्रेनिंग ले सकेंगे। 15–15 दिन के दो सत्रों में स्टूडेंट अधिक ट्रेनिंग ले सकेंगे। इसके लिए हर दिन 12– 12 घंटे का ट्रेनिंग शेड्यूल बनाया गया है। फीस नहीं भरने वाले भर सकेंगे बॉन्ड आईटीआई की फीस जहां 25 हजार होती है, वहीं स्टूडेंट पढ़ाई के साथ 15 हजार रुपए में आईटीआई कर सकेंगे। इस योजना का प्रारूप बनाते समय इस बात की व्यवस्था भी की गई है कि आर्थिक रूप अक्षम होने के चलते कोई तकनीकी कौशल सीखने से वंचित ना हो। योजना के तहत ऐसी व्यवस्था की गई है कि फीस नहीं भर सकने वाले स्टूडेंट से एक बॉन्ड भरवाया जाएगा। बॉन्ड भरने वाले स्टूडेंट से पढ़ाई पूरी होने के बाद एक साल काम कराया जाएगा जिससे फीस की प्रतिपूर्ति हो जाएगी। मल्टी एंट्री, मल्टी एग्जिट पॉलिसी भी है योजना केवल फीस के मामले में लचीली नहीं है, बल्कि पूरी पॉलिसी को इस तरह बनाया गया है कि विद्यार्थी इसमें अलग–अलग स्तर पर प्रवेश लेकर और निकलने के विकल्प चुन सकते हैं। इसे मल्टीपल एंट्री एवं मल्टीपल एग्जिट नाम दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए इस योजना को तैयार किया गया … Read more

WCL में पाकिस्तान टीम बैन, PCB ने लगाया आरोप- टूर्नामेंट में नहीं बची निष्पक्षता

लाहौर साउथ अफ्रीका चैम्पियंस ने पाकिस्तन चैम्पियंस को हराकर वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 टूर्नामेंट जीत लिया. 2 अगस्त (रविवार) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए फाइनल में साउथ अफ्रीकी टीम ने 9 विकेट से जीत हासिल की. साउथ अफ्रीका चैम्पियंस को जीत के लिए 196 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 16.5 ओवर में ही हासिल कर लिया. साउथ अफ्रीका चैम्पियंस की खिताबी जीत के हीरो दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स रहे. एबी डिविलियर्स ने 60 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 120 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और सात छक्के शामिल रहे. डिविलियर्स 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुने गए. फाइनल में पाकिस्तान चैम्पियंस की हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक बड़ा फैसला लिया है. पीसीबी ने अब निकट भविष्य में वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ लीजेंड्स टूर्नामेंट में पाकिस्तानी टीम के भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है. बोर्ड का कहना है कि टूर्नामेंट के आयोजकों का रवैया पक्षपातपूर्ण और डबल स्टैंडर्ड वाला रह, खासकर इंडिया चैम्पियंस के सेमीफाइनल से हटने के बाद जिस तरह से WCL ने प्रतिक्रिया दी. बोर्ड की तरफ से और क्या कहा गया? बोर्ड की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "पीसीबी ने मोसिन नकवी की अध्यक्षता में आयोजित अपनी 79वीं गवर्निंग बोर्ड की बैठक में WCL की निंदनीय कार्यप्रणाली की समीक्षा की. टूर्नामेंट में जानबूझकर मुकाबले से हटने वाली टीम को अंक दिए गए, जो खेल की भावना और निष्पक्षता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ रहा. WCL की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्तियों में 'खेल के जरिए शांति' जैसी बातों को राजनीतिक और व्यावसायिक हितों के अनुसार तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया." बता दें कि WCL में विवाद की शुरुआत तब हुई, जब इंडिया लीजेंड्स ने बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ लीग मुकाबला खेलने से इनकार कर दिया. इसके बाद सेमीफाइनल में भी इंडिया चैम्पियंस और पाकिस्तान चैम्पियंस का आमना-सामना होना तय था, लेकिन भारतीय टीम ने मुकाबले से अपना नाम वापस ले लिया. इसके चलते पाकिस्तानी टीम फाइनल में पहुंच गई. PCB की वर्चुअली आयोजित बैठक में बोर्ड के कई सदस्य शामिल रहे. इनमें सुमैर अहमद सैयद, सलमान नसीर, जहीर अब्बास, जाहिद अख्तर जमान, सज्जाद अली खोखर, जफरुल्लाह जदगल, तनवीर अहमद, तारिक सरवर, मोहम्मद इस्माइल कुरैशी, अनवार अहमद खान, अदनान मलिक, उस्मान वहला और मीर हसन नकवी का नाम शामिल था.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के रघुनंदन गार्डन में रक्षाबंधन कार्यक्रम में हुए शामिल

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मैं जहां भी हूं बाबा श्रीमहाकाल और आप सभी लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से हूं। लाड़ली बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश में विकास के सभी कार्य तेजी से हो रहे हैं। सनातन संस्कृति के सभी त्यौहार हमें जोड़ने का कार्य करते हैं और पारिवारिक संबंध मजबूत करते हैं। रक्षाबंधन के त्यौहार पर जब बहनों के साथ भांजे भांजी का घर में आगमन होता है तो घर की रौनक और भी बढ़ जाती है। रक्षा-सूत्र केवल धागा नहीं एक संकल्प है बहन की रक्षा का, सहयोग का और स्वप्नों को साकार करने का। भगवान कृष्ण को द्रौपदी ने रक्षा-सूत्र बांधा, भगवान श्रीकृष्ण ने राखी का मान रखना सिखाया। भगवान श्रीकृष्ण ने सभी कर्तव्यों में बहन द्रौपदी की हर समय, हर परिस्थिति में रक्षा की। भगवान शिव की शक्ति माता पार्वती भी प्रकृति को कष्ट होने पर माँ कालिका का रूप लेकर कष्टों का निवारण करती हैं। इसी प्रकार लाड़ली बहनें भी प्रदेश और समाज के सभी कष्टों का निवारण करती हैं। बहनों, बुआ और बेटियों से ही पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक समृध्दि होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन स्थित रघुनंदन गार्डन में रविवार को लाड़ली बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मनों को यह बता दिया कि हम बहनों के सिंदूर की रक्षा के लिए कृत-संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहनों का सशक्तिकरण करने के लिए लखपति दीदी और ड्रोन दीदी आदि योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुनिया के सभी देशों में केवल भारत ही है जहां त्यौहार को रिश्तों से जोड़कर सामूहिक जीवन जीने की शैली सिखाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार बहनों के जीवन में समृध्दि लाने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार बहनों के उत्थान के लिए सदैव कार्य करती रहेगी। लाड़ली बहनाओं को वर्तमान में 1250 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है उसे बढ़ाकर भाईदूज से 1500 रूपये किये जाएंगे। बहनों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शासन द्वारा संपूर्ण मदद की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से कारखानों में कार्य करने वाली हर बहन को 5 हजार रुपए की राशि दस वर्ष तक प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत लाड़ली बहनों को झूला झुलाकर की। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कन्या-पूजन भी किया गया। इस अवसर पर कन्याओं को स्कूल बैग और पुस्तकें भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा की और उनसे राखी बंधवाई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लाड़ली बहनों ने हस्तनिर्मित बड़ी राखी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में लाड़ली बहनों का आभार ‘’फूलों का तारों का, सबका कहना है; एक हजारों में मेरी बहना है’’ गीत गाकर प्रकट किया। रक्षाबंधन कार्यक्रम में बडी संख्या में लाड़ली बहनें, महापौर मुकेश टटवाल, सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, रवि सोलंकी, पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय बोले – प्रधानमंत्री की विशेष पहल से बस्तर समेत प्रदेश भर में रेल सेवाओं का बढ़ा दायरा

रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का हुआ भव्य शुभारंभ रायपुर से जबलपुर तक का आरामदायक सफर 08 घंटे में होगा पूरा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ेगी संपर्क सुविधा पिछले एक दशक में रेलवे बजट में 21 गुना वृद्धि, 32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित रायपुर-जबलपुर ट्रेन से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।               मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़  की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।  पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर  की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।        इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे  तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।          गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में दी जायेगी 250 रूपये अतिरिक्त राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तोहफा: रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मिलेंगे 250 रुपये अतिरिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर विशेष उपहार उज्जैन की "बेस्ट लाइफ स्टाइल" कम्पनी की बहनों ने बांधी मुख्यंमंत्री को राखी आने वाले समय में 4 हजार बहनों को मिलेगा कम्पनी में रोजगार उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 07 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जायेगी, जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है। यह राशि प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए से अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की बेस्ट लाइफ स्टाइल कंपनी में वर्तमान में 1500 बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में 4 हजार बहनों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए सरकार कंपनी को नवीन जगह दे रही है, जहां बहनों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बेस्ट लाइफस्टाइल कंपनी उज्जैन में कार्यशील बहनों द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभा सिंटेक्स भी 7 हजार से अधिक बहनों को रोजगार दे रही है और यह बहने अपनी कार्य कुशलता से ऐसे उत्पाद बना रही हैं, जो सीधे अमेरिका को निर्यात किया जा रहा है। कंपनी ने 11 लाख यूनिट कपड़े बनाकर अमेरिका को निर्यात किये है, आने वाले समय में यह कंपनी 20 लाख यूनिट बनाकर निर्यात करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एकसी कर्मशील बहनों के चरणों में प्रणाम है, बहनें मेरे लिए सब कुछ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के कपड़ा मिलो से पहले में 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलता था, वर्तमान में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है और आने वाले समय में यह संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की उद्योग धंधे उज्जैन में आ रहे हैं। निवेशक हमारे प्रदेश के प्रति आकर्षित हो रहे हैं, निवेश कर रहे हैं हमें रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। यह देश-विदेश में हमारे लिए सम्मान की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहने हमारे लिए ईश्वर की एक सौगात है। त्यौहारों का राजा रक्षाबंधन है, इस त्यौहार में बहने अपने भाइयों के लिए सब कुछ निछावर कर देती है। प्यार, सम्मान, दुलार और दूसरे परिवार में जाकर उनका सम्मान भी बढ़ाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी बहनों को इस बात का भी ध्यान रखना है कि यह कंपनी लगातार कार्य करती रहे और इस कंपनी में अपने समर्पण के साथ काम करें। इस कंपनी से हमें रोजगार मिलता है जीवन यापन का साधन मिल रहा है तो हमें भी समर्पण के साथ काम करना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार इस कंपनी की बहनों को 5 हजार रूपये प्रदान कर रही है ऐसी भी और कई योजनाएं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सरकार और बेहतर काम करने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कंपनी की बहनों ने राखी बांधी और तिलक लगाया। मुख्यमंत्री ने बहनों को उपहार प्रदान किए। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि, अधिकारी सहित हजारों की संख्या में लाड़ली बहने उपस्थित रही।  

राम मंदिर को उड़ाने की धमकी से हड़कंप, संदिग्ध मैसेज से मचा हंगामा

अयोध्या/बीड महाराष्ट्र के बीड जिले से एक चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है जहां अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी बीड के शिरूर कसार इलाके के एक युवक को सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम पर मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को पाकिस्तान के कराची का निवासी बताया है और इस साजिश में शामिल होने के लिए एक लाख रुपये देने की पेशकश की है। इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ विवाद, फिर मिली धमकी शिरूर पुलिस के अनुसार यह घटना तब हुई जब युवक इंस्टाग्राम पर एक वीडियो देख रहा था। इसी दौरान एक पाकिस्तानी अकाउंट से कमेंट में विवाद शुरू हुआ। बातचीत आगे बढ़ी तो संदिग्ध ने युवक से कहा कि वह अयोध्या के श्रीराम मंदिर को आरडीएक्स से उड़ाना चाहता है और इस काम के लिए उसे 50 लोगों की जरूरत है। धमकी देने वाले ने कहा कि जो भी इस काम में मदद करेगा उसे एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। उसने युवक को यह भी कहा कि अगर वह खुद यह काम नहीं कर सकता तो किसी और का नंबर दे सकता है। धमकी भरा ऑडियो भी आया सामने इस मामले में एक धमकी भरा ऑडियो क्लिप भी सामने आया है जिसमें संदिग्ध कहता है, 'सोच के बताओ, हमारे साथ दो, मुंह खोल तुझे अमाउंट चाहिए। हमें अयोध्या का मंदिर आरडीएक्स से उड़ाना है। पचास बंदे चाहिए। आरडीएक्स पहुंच जाएगा। एक-एक लाख मिल जाएंगे बंदे को काम करने का। अगर तू नहीं कर सकता तो किसी का नंबर दे सकता है…'। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क शिरूर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर प्रवीण जाधव ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की साइबर सेल सहित अन्य एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ने खुद को कराची का निवासी बताया है लेकिन वह सच में पाकिस्तान का नागरिक है या नहीं इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण और सुरक्षा को देखते हुए इस धमकी को बेहद गंभीर माना जा रहा है। पुलिस ने धमकी भरे इंस्टाग्राम अकाउंट और ऑडियो क्लिप की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।  

उत्तर प्रदेश हादसा: श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो नहर में गिरी, 11 की मौत, परिवार में कोहराम, सीएम योगी ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में भीषण हादसा हो गया। यहां एक बोलेरो अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, एक लापता है। जबकि, तीन लोगों को बचा लिया गया है। मरने वालों में नौ लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसा इटियाथोक के बेलवा बहुता नहर पुल पर हुआ। बोलेरो सवार सभी लोग पृथ्वीनाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। ये लोग मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव के रहने वाले थे। गाड़ी में 15 लोग सवार थे। पानी में डूबने से 11 की मौत हो गई। जबकि, एक लापता है। सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना का संज्ञान लेकर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। घायलों के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. प्रशासनिक टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं. एक्स पर शेयर एक पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा, 'जनपद गोंडा में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. इस दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.' बारिश बनी काल बताया जा रहा है कि हादसे के समय हल्की बारिश हो रही थी। नहर के किनारे की सड़क फिसलन भरी थी और बेहद संकरी भी। बोलेरो को साइड से गुजारने की कोशिश के दौरान अचानक वाहन फिसलकर नहर में पलट गया। वाहन पानी में पूरी तरह डूब गया। इससे सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। चश्मदीदों ने बताया भयावह मंजर स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 6.00 बजे एक जोर की आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि बोलेरो नहर में समा चुकी थी। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। बाद में प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला।   मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनडीआरएफ की टीम, पुलिस बल और स्थानीय गोताखोरों ने शवों की तलाश शुरू की। अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं। एक व्यक्ति की तलाश अब भी जारी है, जबकि तीन लोग किसी तरह बाहर निकलकर बच गए। मृतकों की पहचान के प्रयास जारी घटना में मृत श्रद्धालुओं की शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। गांव में पसरा मातम सीहागांव में जैसे ही यह खबर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। एक ही गांव के 11 लोगों की मौत से हर आंख नम है। परिवारों में चीख-पुकार मची है। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। मृतकों के घरों में रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल और घटनास्थल दोनों जगह उमड़ रही है। डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। राहत व बचाव कार्य जारी है। मृतकों के परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी। लापता व्यक्ति की खोज के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय टीम लगातार प्रयास कर रही है। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। हादसे की जांच कराई जा रही है। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे के कारणों की सही जानकारी मिल सके।  

जबलपुर-रायपुर और रीवा-पुणे ट्रेन शुरु होने से मध्यप्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय रेलवे गढ़ रही है नए-नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग के लिए माना आभार जबलपुर-रायपुर और रीवा-पुणे ट्रेन शुरु होने से मध्यप्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नया भारत विश्व में अपनी अलग पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। भावनगर से अयोध्या नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत अत्यंत सुखद है। इससे भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के साथ संबंध का स्मरण भी हो रहा है। प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण से ही दुनियाभर में भारत की पहचान बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस और रीवा-पुणे (हडपसर) एक्सप्रेस के शुभारंभ कार्यक्रम में उज्जैन से वर्चुअली शामिल हुए और संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज रेल कनेक्टिविटी के मामले में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से सीधे जुड़ रहा है। जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस और रीवा-पुणे (हडपसर) एक्सप्रेस के शुभारंभ से यात्रियों के साथ व्यापार-व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। बघेलखंड अंचल के रीवा में टाइगर सफारी और मैहर शक्तिपीठ की मां शारदा देवी के दर्शन सुलभ हो पाएंगे। इसी प्रकार संस्कारधानी जबलपुर और भेड़ाघाट आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। भारतीय रेलवे ने गत 11 वर्ष में उल्लेखनीय प्रगति की है। इलेक्ट्रिफिकेशन का शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2025-26 में 2 लाख 65 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है। जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से पड़ोसी राज्य के साथ कनेक्टिविटी और बढ़ जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रेलवे के साथ भावनात्मक जुड़ाव है। यह देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन से केंद्र सरकार ने 10-11 वर्ष में रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य किए हैं। नई ट्रेनों की शुरुआत, आधुनिक कोच निर्माण और रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार रेलवे के अभूतपूर्व कार्य हैं। रीवा से पुणे की कनेक्टिविटी बढ़ रही है। जबलपुर और रायपुर के बीच नई ट्रेन से जनजातीय अंचल को लाभ मिलेगा। गत 11 साल में 34 हजार किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक बनाए हैं। प्रतिदिन 12 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जा रहा है और 1300 स्टेशनों का नव निर्माण किया जा रहा है, यह दुनियाभर के विकसित देशों में अपने आप में अलग स्थान रखता है। वंदेभारत जैसी नई ट्रेन चलाई जा रही हैं। देश में 8 अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू की जा चुकी हैं, इसमें वंदेभारत जैसी सुविधाएं कम किराये पर दी जा रही है। नमो भारत, आसपास के दो शहरों की कनेक्टिंग ट्रेन हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे की सूरत बदलने का संकल्प लिया है। वैष्णव ने कहा कि पोरबंदर से राजकोट नई ट्रेन जल्द शुरू करेंगे। राणावाद स्टेशन पर नई कोच मेंटेनेंस फैसिलिटी विकसित करेंगे।सारडिया से बांसजालिया नई रेल लाइन बिछाएंगे। मुंबई से अहमदाबाद के बीच जल्द ही बुलेट ट्रेन की भी शुरुआत होगी। यह ट्रेन मात्र 2 घंटे 13 मिनट में गंतव्य तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का माना आभार केंद्रीय रेल मंत्री वैष्णव ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार मानते हुए कहा कि उनका सहयोग रेल नेटवर्क के विस्तार में निरंतर प्राप्त हो रहा है। डबल इंजन की सरकार होने से कोई भी प्रकल्प अधिक समय लंबित नहीं रह पाता है। नए रेल संचालन के शुभारंभ कार्यक्रम में अनेक मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और नागरिक प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से शामिल हुए। प्रारंभ हुई नई रेल सेवाओं से 4 राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के मध्य बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिसका इन चारों राज्यों के नागरिकों को परिवहन और व्यापार-वाणिज्य की दृष्टि से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जबलपुर से रायपुर, रीवा से पुणे और भावनगर से अयोध्या के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रारंभ होने से रेल नेटवर्क के विस्तार में नया आयाम जुड़ा है।