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यूपी में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए जरूरी नया नियम, CM योगी ने किया सख्त निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक करने के मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर आप बाइक या स्कूटी पर बिना हेलमेट पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, तो आपको पेट्रोल नहीं मिलेगा। कब से शुरू हुआ ये नियम? सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, 1 सितंबर यानी आज (1 सितम्बर) सोमवार से पूरे उत्तर प्रदेश में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। अभियान का मकसद क्या है? इस अभियान का उद्देश्य किसी को सजा देना नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि हेलमेट पहनना जरूरी है और यह आपकी जान बचा सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि लोग लापरवाही ना करें और हेलमेट पहनने की आदत डालें। कौन-कौन देखेगा अभियान की निगरानी? हर जिले में जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग इसकी निगरानी कर रहे हैं। सूचना विभाग लोगों को इस बारे में जागरूक करेगा। लखनऊ में आज पहला दिन? लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर पहले ही पोस्टर और बोर्ड लगा दिए गए थे। पंप कर्मियों ने लोगों से कहा कि 'हेलमेट पहनिए, तभी पेट्रोल मिलेगा।' बहुत से लोग नियम मानते नजर आए, लेकिन जो बिना हेलमेट पहुंचे उन्हें वापस लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील सीएम योगी ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि 'पहले हेलमेट, फिर ईंधन।' इसका मकसद सिर्फ आपकी सुरक्षा है। हेलमेट से आपकी जान बच सकती है।

जिम में ड्रग्स डोज़ देने का खुलासा, पुलिस पकड़ने से पहले संचालक हुआ फरार

भोपाल  भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्करी, रेप-ब्लैकमेलिंग और जमीन कब्जाने के गिरोह से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी चाचा शाहवर और भतीजे यासीन मछली के गुर्गों से भोपाल के एक फेमस जिम का संचालक मोनिस खान सबसे ज्यादा ड्रग्स खरीदता था।  इसका खुलासा 18 जुलाई 2025 को सबसे पहले गिरफ्तार किए गए सैफउद्दीन ने पूछताछ में किया था। मोनिस जिम संचालन करने से पहले फिटनेस ट्रेनर भी रह चुका है। क्राइम ब्रांच ने मेमोरेंडम के आधार पर मोनिस को आरोपी बनाया है, लेकिन केस में नाम आने के बाद वह मलेशिया भाग गया। अब पुलिस उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में है। सैफउद्दीन की ही निशानदेही पर मछली चाचा-भतीजे अरेस्ट सैफउद्दीन की ही निशानदेही पर पुलिस ने शाहवर और यासीन की गिरफ्तारी की थी। पूछताछ में उसने दोनों से ड्रग लेकर बेचने की बात स्वीकार की थी। तब मेमोरेंडम में पुलिस ने चाचा और भतीजे को आरोपी बना दिया था। इसकी जानकारी इन दोनों को नहीं थी। 21 जुलाई को घेराबंदी कर अलग-अलग जगहों से टीम ने चाचा-भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। यासीन के मोबाइल से नाबालिग किशोर, युवक और युवतियों को टॉर्चर करते वीडियो मिले थे। जिसके बाद उसके खिलाफ रेप पॉक्सो और धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग थानों में दर्ज की गईं। बेन नाम के नाइजीरियन से अंशुल खरीदता था एमडी चाचा-भतीजे की निशानदेही पर पुलिस ने पुराने बदमाश अंशुल सिंह उर्फ भूरी को गिरफ्तार किया। शाहवर और यासीन इसी से ड्रग खरीदते थे। अंशुल ने पूछताछ में बताया था कि वह बेन नाम के नाइजीरियन नागरिक से एमडी ड्रग खरीदकर भोपाल लाता था और पार्टियों में खास ग्राहकों को बेचा करता था। यासीन और शाहवर भी उसके ग्राहक थे। सैफउद्दीन से ड्रग खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे सैफउद्दीन ने ही पूछताछ में इस बात का भी खुलासा किया था कि कोहेफिजा और चूना भट्‌टी में स्थित जिम का संचालन करने वाले मोनिस खान और जहांगीराबाद के उमेर पट्‌टी भी ड्रग की तस्करी करते हैं। ये लोग उससे नशे का सामान लेकर आगे बेचने का काम करते थे। मोनिस इस ड्रग्स को अपने जिम में आने वाली युवतियों सहित युवकों को वजन कम कराने की दवा बताकर बेचता था। अरेरा कॉलोनी निवासी विशाल उर्फ सावन और अशोका गार्डन निवासी लारिब उर्फ बच्चा भी सैफउद्दीन से ड्रग खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे। शाहिद मछली को सालाना 30 हजार कारतूस की लिमिट ड्रग्स तस्करी के बाद भोपाल के मछली परिवार का कनेक्शन अब शूटिंग की आड़ में कारतूसों की हेराफेरी से भी जुड़ गया है। जांच के दौरान पता चला है कि मछली परिवार के बुधवारा निवासी शाहिद अहमद पिता शरीफ अहमद का आपराधिक रिकॉर्ड है। इसी वजह से उसके तीन गन लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। शाहिद मछली को 2012 में लाइसेंस मिला था। उसके पास तीन हथियार 0.32 बोर रिवॉल्वर, 12 बोर सेमी-ऑटोमैटिक गन और 30.06 राइफल (विदेश से खरीदी गई) थे। उसे सालाना 30 हजार कारतूस की लिमिट मिली थी। शाहिद ने किसी शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया जांच में सामने आया कि शाहिद ने किसी शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया। न इस आधार पर कारतूस खरीदे। उसने सिर्फ आत्मरक्षा के लिए जरूरी कारतूस खरीदे। जिला प्रशासन के मुताबिक मछली परिवार से जुड़े कुल 5 लोगों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। शाहिद के अलावा सोहेल, शहरयार, शफीक और शावेज के नाम पर भी शस्त्र लाइसेंस थे। इन पर कुल 8 हथियार दर्ज थे।

खास है वैदिक घड़ी: CM मोहन यादव आज करेंगे भोपाल में अनावरण

 भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल में एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहे हैं। वे दुनिया की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और इसके मोबाइल ऐप का लोकार्पण करेंगे। यह घड़ी भारतीय काल गणना की प्राचीन परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर समय को एक नए अंदाज में पेश करती है। इस घड़ी की खासियत हम आपको बता रहे हैं। 24 घंटे नहीं, 30 मुहूर्त का अनोखा समय विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पारंपरिक 24 घंटे की घड़ी से पूरी तरह अलग है। यह भारतीय वैदिक काल गणना पर आधारित है, जिसमें दिन को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है। इस घड़ी में सूर्योदय को शून्य और सूर्यास्त को 15 मुहूर्त माना जाता है। हर मुहूर्त लगभग 48 मिनट का होता है, जो भारतीय पंचांग के हिसाब से दिन और रात के समय को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह घड़ी न केवल समय बताती है, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक गहराई को भी दर्शाती है। कैसे काम करती है यह घड़ी? विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय पंचांग और वैदिक काल गणना की प्राचीन पद्धति को आधार बनाकर संचालित होती है। यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है, जिससे समय की गणना प्रकृति के चक्रों के साथ संनादित रहती है। इसका मोबाइल ऐप उपयोगकर्ताओं को 3179 विक्रम पूर्व (श्रीकृष्ण के जन्म) से लेकर 7000 वर्षों से अधिक का विस्तृत पंचांग उपलब्ध कराता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत और त्योहारों की दुर्लभ जानकारी शामिल है। इसके अलावा, यह धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभ और अशुभ मुहूर्तों की जानकारी देता है, साथ ही अलार्म की सुविधा भी प्रदान करता है। यह ऐप वैदिक समय के साथ-साथ आधुनिक समय (GMT और IST), मौसम की जानकारी जैसे तापमान, हवा की गति और आर्द्रता को भी प्रदर्शित करता है। खास बात यह है कि यह 189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे इसे विश्व स्तर पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है। भारतीय संस्कृति का गौरवपूर्ण प्रतीक विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अद्भुत मेल है। इसकी शुरुआत पहली बार 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, जिसे देश-दुनिया में खूब सराहा गया। यह घड़ी भारत की प्राचीन काल गणना को पुनर्जनन देती है, जो विश्व की सबसे विश्वसनीय और वैज्ञानिक पद्धतियों में से एक मानी जाती है। यह न केवल समय को मापने का एक नया तरीका है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर ले जाने का एक प्रयास भी है।

मध्य प्रदेशवासियों को बड़ी राहत, अब सस्ती होगी बिजली

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने की तैयारी कर ही है। इस दिशा में बिजली कंपनियों की माली हालत में सुधार, सब्सीडी में कमी, शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य लेकर राज्य सरकार ने पांच वर्ष की एक कार्य योजना बनाई है। सरकार ने बिजली कंपनियों की बिल दक्षता, संग्रहण दक्षता, पारेषण हानि और सब्सीडी कम करके वर्ष 2028 -29 में पांच प्रतिशत की दर घटाने का लक्ष्य रखा गया है यानी सरकार की कार्ययोजना सफल हुई तो चुनावी साल में बिजली सस्ती भी हो सकती है। इस प्लान के तहत अगले वर्ष यानी 2026- 27 में टैरिफ में एक प्रतिशत वृद्धि का विकल्प रखा गया है। वहीं, वर्ष 2027-28 में बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं करने की भी तैयारी है। कंपनियों ने 4107.18 करोड़ का घाटा बताया, तब महंगी हुई 3.46 प्रतिशत बिजली वैसे तो बिजली कंपनियों को करीब छह हजार करोड़ का फायदा है, लेकिन उन्होंने 4107.18 करोड़ का घाटा बताते हुए बिजली के मौजूदा टैरिफ में 7.52 फीसदी इजाफा करने की मांग की है। बिजली कंपनियों ने साल 2025-26 के लिए 58744.15 करोड़ के राजस्व की आवश्यकता बताई है। कंपनी के मुताबिक प्रचलित दरों पर 54636 करोड़ का राजस्व मिलेगा। इससे बिजली कंपनियों को 4107.18 करोड़ का नुकसान होगा। इसकी भरपाई के लिए कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाने की मांग की है। फिर भी नियामक आयोग ने 3.46 प्रतिशत बिजली दरें बढ़ाने की मंजूरी दी थी। 2023-24 के अनुसार घाटे में नहीं थी कंपनियां मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियां वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुसार घाटे में नहीं थी, बल्कि उनकी आय और खर्च बराबर ही थे। हालांकि, 2025-26 के लिए बिजली दरों को बढ़ाने की मांग की गई है। 2022-23 में राज्य की वितरण उपयोगिताओं का कुल घाटा 57,223 करोड़ रुपये था, जो कि 2021-22 के 26,947 करोड़ रुपये से बढ़कर था। वहीं बिजली कंपनियों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 54,637 करोड़ रुपये की आय हुई और उतना ही खर्च हुआ। विद्युत दरों में कमी लाने नियमित होगी समीक्षा विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार, तकनीकी और वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों में कमी तथा उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2028-29 तक विद्युत दरों में वर्ष-दर-वर्ष कमी लाने के लिए पांच वर्षीय (वित्तीय वर्ष 2024-25 से वित्तीय वर्ष 2028-29 तक) लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विद्युत वितरण कंपनी एवं मैदानी स्तर पर इन लक्ष्यों के अनुरूप आंतरिक लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और कार्ययोजना बनाकर इनकी प्राप्ति के लिए समुचित कार्रवाई की जाएगी। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी एवं विभाग द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

शिकायत लेकर पहुंचे, मुस्कान लेकर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया 'जनता दर्शन' प्रदेश भर से आए हर फरियादी के पास पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सभी की समस्याएं सुनीं, अफसरों को निराकरण का दिया निर्देश छोटे बच्चों से भी आत्मीयता से मिले मुख्यमंत्री लखनऊ  अपनी फरियाद लेकर सितंबर की पहली सुबह मुख्यमंत्री आवास पहुंचे फरियादी मुस्कान लेकर लौटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश भर से 50 से अधिक फरियादी आए। मुख्यमंत्री सभी के पास पहुंचे, उनकी समस्या जानी और प्रार्थना पत्र लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी की समस्याओं का निराकरण हो और हर पीड़ित से फीडबैक भी लिया जाय। अभिभावकों के साथ आये छोटे बच्चों से भी मुख्यमंत्री आत्मीयता से मिले। हालचाल जाना और चॉकलेट भी दी।  निश्चिंत होकर घर जाइये, आपकी हर समस्या का होगा समाधान   मुख्यमंत्री हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे, समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि निश्चिंत होकर घर जाइये, आपकी समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक की समस्याओं का समाधान कर खुशहाल उत्तर प्रदेश बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है।  अधिकारियों को निर्देश-निस्तारण करें और फीडबैक लें सीएम ने 'जनता दर्शन' में आए लोगों की बात सुनी। पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले आए, जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। 15 मामले जमीन, छह पुलिस, 4 मामले नाली, सड़क, खड़ंजे तथा 4 मामले आर्थिक सहायता से जुड़े भी आये। वहीं बेटी की शिक्षा, स्थानांतरण, आवास आदि के लिए भी सीएम के समक्ष लोगों ने गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने सभी को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बच्चों को कराया अपनत्व का अहसास  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा-पुचकारा। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। कुछ बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान किया और पढ़-लिखकर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य बनाने का आशीर्वाद दिया।

सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी

महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी कुछ जिलों की अप्रिय घटनाओं पर सीएम सख्त, पुलिस कप्तानों से ली कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री योगी ने शारदीय नवरात्र से मिशन शक्ति का नया चरण, जिलों को अभी से तैयारी के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उदासीनता या ढिलाई मिली तो कठोर कार्रवाई तय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाई जाएं। प्रत्येक संवेदनशील स्थल, बाजार, शिक्षण संस्थान और सार्वजनिक स्थान पर उनकी उपस्थिति और गश्त निरंतर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं छात्राओं को निर्भय वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है, इस पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ जिलों से प्राप्त अप्रिय घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस कप्तानों से मामले में अब तक हुई कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएँ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी शारदीय नवरात्र से ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देने के लिए अभी से सभी जिलों को तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता, सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को सुनिश्चित करना है।

तीन नेताओं की हाथों में हाथ की तस्वीरें, ट्रंप का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं!

नई दिल्ली/ तियानजिन चीन के तियानजिन में सोमवार सुबह नए वर्ल्ड ऑर्डर के तीन दिग्गजों की मुलाकात हुई. SCO मीटिंग के दौरान आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मेजबान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन मिले. तीन नेताओं की गर्मजोशी भरी मुलाकात की ये तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है.  तियानजिन में सोमवार सुबह 11 बजे महाशक्तियों का महामिलन देखने को मिला. इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है. इस वीडियो में राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और राष्ट्रपति पुतिन पीएम मोदी के आस-पास खड़े हैं. इस दौरान पीएम मोदी सेंटर में घिर रहे हैं. तीनों राष्ट्राध्यक्ष अपने ट्रांसलेटर के साथ हल्के-फुल्के माहौल में बात कर रहे हैं.  इस दौरान इन तीनों नेताओं की भाव-भंगिमा काफी पॉजिटिव दिख रही है.  मुलाकात की इन तस्वीरों को जारी करते हुए पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर तस्वीरें शेयर की हैं. उन्होंने लिखा, "तियानजिन में बातचीत जारी! एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान." एक दूसरे पोस्ट में पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की तस्वीरें जारी की है और कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा आनंददायक होता है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 20 से अधिक विश्व नेताओं की उपस्थिति में वर्ल्ड ऑर्डर में 'धमकाने' वाले व्यवहार की कड़ी आलोचना की.  शी जिनपिंग ने एससीओ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन पर प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की. उन्होंने कहा कि एससीओ देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्थाएं 30 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच रही हैं और इस संगठन का वैश्विक आर्थिक प्रभाव बढ़ रहा है. शी ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक नए केंद्र के साथ-साथ शीघ्रता से एक एससीओ विकास बैंक के निर्माण का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि एससीओ के अन्य सदस्य देशों में चीन का निवेश पहले ही 84 बिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है. उन्होंने कहा कि सभी एससीओ सदस्य "मित्र और साझेदार" हैं. शी ने सदस्यों से मतभेदों का सम्मान करने, रणनीतिक संचार बनाए रखने, आम सहमति बनाने और एकजुटता को मजबूत करने का आग्रह किया.  उन्होंने कहा कि संयुक्त सहयोग सभी संस्कृतियों को "समृद्धि और सद्भाव में फलने-फूलने" का अवसर देता है.  चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि एससीओ सदस्यों को गुट बनाकर धमकी देने वालों को और टकराव पैदा करने वालों का विरोध करने की जरूरत है. जिनपिंग ने एक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था का समर्थन किया जिसमें संयुक्त राष्ट्र वैश्विक शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए. शी ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच बहुपक्षवाद और सहयोग पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन ने क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. जिनपिंग ने कहा कि चीन जरूरतमंद एससीओ सदस्य देशों में आजीविका में सुधार के लिए 100 लघु-स्तरीय परियोजनाओं को लागू करने की योजना बना रहा है. 

सरकारी स्कूलों के लिए बजट जारी, मिलेगा नया खाना खाने का सामान

सिंगरौली  मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मध्यान्ह भोजन अब नए बर्तनों में दिया जाएगा। राज्य शासन की ओर से बर्तन खरीदने के लिए जिलेवार राशि जारी कर दी गई है। बता दें कि, प्रदेश के कुल 69,051 हजार स्कूलों में पढ़ने वाले 51,75,194 बच्चों के लिए बर्तन खरीदने 91,06,75,000 रुपए जारी किए गए हैं। सिंगरौली जिले में 2.09 करोड़ रुपए के बर्तन इस आवंटन के बाद खरीदे जाएंगे। राज्य समन्वयक ने जारी किए आदेश इस संबंध में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के राज्य समन्वयक दिनेश जैन ने आदेश जारी कर दिए हैं। जिलावार विद्यालयवार राशि जारी करते हुए जिला पंचायत सीईओ नवीन बर्तन खरीदी संबंधी निर्देश भी जारी किए गए हैं। जिला पंचायत की एमडीएम सेल से मिली जानकारी के अनुसार इसके पहले वर्ष 2010 के लगभग नये बर्तन खरीदे गए थे। लिहाजा अब 15 साल बाद स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के लिए नये बर्तनों की खरीदी होगी।   बर्तन खरीदने के लिए शाला स्तर पर समिति गठित की जाएगी। जिसमें शाला प्रबंधन समिति, प्रधानाध्यापक, स्वसहायता समूह के अध्यक्ष व सचिव शामिल होंगे। जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या 50 के लगभग हैं। उन्हें 10 हजार रुपए, 51 से 150 छात्र संख्या वाले विद्यालय को 15 हजार, 151 से 250 छात्र संख्या वाले विद्यालयों को 20 हजार एवं 251 से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों को 25 हजार रुपए बर्तन खरीदने के लिए दिए जाएंगे। ये बर्तन मिलेंगे राज्य शासन की ओर से जारी की गई राशि से स्टील की 3 खंड वाली थाली, स्टील की चम्मच, दाल और सब्जी परोसने के लिए स्टील के भगोने, पानी पीने के लिए स्टील के गिलास सहित कई अन्य बर्तन दिए जाएंगे। 

पहलगाम का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने SCO में आतंकवाद पर चेताया

शंघाई चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई शिखर सम्मेलन का आज (1 सितंबर, 2025) दूसरा दिन है. इस समिट में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शामिल होने पहुंचे हैं. चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट चल रहा है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन के दौरे पर हैं. रविवार को तियानजिन में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. अब आज सोमवार को इस समिट का सबसे अहम सत्र हुआ, जिसमें सभी सदस्य देशों के नेता साझा हितों और चुनौतियों पर चर्चा की. समिट के आखिर में साझा प्रेस नोट पर दुनिया की नजर है, जिसमें यह पता चलेगा कि सभी देशों ने किन मुद्दों पर चर्चा की, किन मुद्दों पर सहमति बनी और आने वाले समय में उनका फोकस क्या होगा.  अलास्का समिट में यूक्रेन शांति का रास्ता- पुतिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक के विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा. मैं मास्को के इस रुख को दोहराता हूं कि यूक्रेन में संकट किसी 'आक्रमण' के कारण नहीं, बल्कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों द्वारा समर्थित कीव में तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में बनी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है.' एससीओ समिट की आज अहम बैठक हो रही है। तमाम बड़े देशों ने इसमें हिस्सा लिया है। कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है, राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी मंथन हो रहा है। पीएम मोदी भी आज राष्ट्रपति पुतिन से मिलने जा रहे हैं, वहां भी कई मुद्दों पर चर्चा संभव है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी बातचीत हो सकती है। माना जा रहा है कि कई मुद्दों पर सहमति बनेगी। पीएम मोदी की रविवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी द्विपक्षीय बैठक हुई थी। कई सालों बाद हुई इस बैठक में भारत-चीन रिश्तों पर खास फोकस किया गया। दोनों ही नेताओं ने आपसी साझेधारी की अहमियत को समझा और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की बात कही। अब डिप्लोमेसी के उस चैप्टर के बाद आज दूसरा चैप्टर शुरू होने जा रहा है।  पुतिन ने भारत और चीन का जताया आभार शंघाई सहयोग परिषद (SCO) के मंच से रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मैं यूक्रेन में संकट को हल करने के लिए चीन और भारत के प्रयासों की सराहना करता हूं.  : हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की- मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है. हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है. मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं."  SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है- मोदी शंघाई सहयोग संगठन के मंच से पीएम मोदी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है. संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए चार नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. हम इस सुधारोन्मुखी सोच का स्वागत करते हैं. आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद केवल किसी किसी देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक साझा चुनौती है. कोई देश, कोई समाज, कोई नागरिक इससे खुद को सुरक्षित नहीं समझ सकता. इसलिए, भारत ने आतंकवाद से लड़ाई में एकता पर ज़ोर दिया है. भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की. हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई. इसमें मिले समर्थन के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं.'   PM मोदी ने नए अवसरों के बारे में एससीओ नेताओं को बताया पीएम मोदी ने कहा कि अवसर का मतलब सहयोग और सुधार दोनों है. 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान एससीओ में नई ऊर्जा और विचार लाए गए. स्टार्ट-अप्स और इनोवेशन, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध धरोहर जैसे नए विषयों को सहयोग में शामिल किया गया. भारत का प्रयास रहा कि एससीओ सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहे बल्कि आम लोगों, युवा वैज्ञानिकों, विद्वानों और स्टार्ट-अप्स तक पहुंचे. लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने के लिए मोदी ने सुझाव दिया कि एससीओ के तहत एक "सभ्यतागत संवाद मंच" बनाया जाए, जहां प्राचीन सभ्यताओं, कला, साहित्य और परंपराओं को वैश्विक मंच पर साझा किया जा सके. PM मोदी ने कनेक्टिविटी बढ़ाने पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी सिर्फ व्यापार ही नहीं बल्कि विश्वास और विकास के दरवाजे भी खोलती है. इसी सोच के साथ भारत चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी पहलों पर काम कर रहा है. इनके जरिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया से कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सकता है. भारत का मानना है कि हर कनेक्टिविटी के प्रयास में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए. यह एससीओ चार्टर के मूल सिद्धांतों में भी शामिल है. ऐसी कनेक्टिविटी, जो संप्रभुता को दरकिनार करे, वह विश्वास और महत्व दोनों खो देती है. PM मोदी ने आतंकवाद पर बिना नाम लिए पाकिस्तान को घेरा पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का आधार सुरक्षा, शांति और स्थिरता है. लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस राह में बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद किसी एक देश की सुरक्षा चुनौती नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है. कोई भी देश, कोई भी समाज और कोई भी नागरिक इससे सुरक्षित नहीं रह सकता. भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एकता पर जोर दिया है. एससीओ-आरएटीएस (SCO-RATS) ने इस दिशा में अहम योगदान दिया है. इस वर्ष भारत ने "अल-कायदा" और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ संयुक्त सूचना अभियान की अगुवाई की. हमने कट्टरपंथ से निपटने और समन्वय बढ़ाने के लिए संयुक्त कदमों का प्रस्ताव रखा. साथ ही, आतंकवाद … Read more

छात्रों के लिए खुशखबरी, दीन दयाल स्पर्श योजना में मिलेगा 6000 रुपए सालाना

कटनी  भारतीय डाक विभाग ने फिलाटेली छात्रवृत्ति योजना दीन दयाल स्पर्श योजना वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन पत्र मंगाए हैं। योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों में से प्रत्येक कक्षा के 10-10 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को 6000 रुपए की वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर तक निर्धारित की गई है। अंकित बिलैया ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का विद्यालय के फिलाटेली क्लब का सदस्य होना अनिवार्य है। यदि किसी विद्यालय में फिलाटेली क्लब नहीं है तो स्कूल क्लब खाता खोलकर विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी किसी भी डाकघर में सक्रिय फिलाटेली जमा खाता खुलवाकर सीधे आवेदन कर सकते हैं। बिना खाता खोले गए आवेदन पर विचार नहीं होगा। यह छात्रवृत्ति केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों के नियमित छात्रों को दी जाएगी। पात्रता के लिए छात्र का विगत परीक्षा परिणाम कम से कम 60 प्रतिशत होना चाहिए, वहीं अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यार्थियों को 5 प्रशित की छूट दी जाएगी।   दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया बिलैया ने बताया कि पहले स्तर पर लिखित क्विज परीक्षा 28 सितंबर को आयोजित होगी। इसमें 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे जिनमें समसामयिकी, इतिहास, भूगोल, विज्ञान, खेल/संस्कृति से 5-5 प्रश्न, स्थानीय फिलाटेली से 10 और राष्ट्रीय फिलाटेली से 15 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा अवधि एक घंटा होगी और इसके लिए प्रवेश पत्र द्वारा स्थान व समय की सूचना दी जाएगी। परीक्षा में आने-जाने का कोई यात्रा भत्ता नहीं मिलेगा। दूसरे स्तर में क्विज में चयनित विद्यार्थियों को फिलाटेली प्रोजेक्ट प्रस्तुत करना होगा। यह प्रोजेक्ट 9 नवंबर तक जमा करना होगा, जिसके विषय अलग से सूचित किए जाएंगे।   आवेदन पत्र नजदीकी डाकघर से प्राप्त किए जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रवर अधीक्षक डाकघर, जबलपुर संभाग, जबलपुर के पते पर भेजना अनिवार्य है। लिफाफे पर स्पष्ट रूप से दीन दयाल स्पर्श छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2025-26 अंकित करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना संबंधी जानकारी भारतीय डाक विभाग की वेबसाइट या संबंधित प्रवर अधीक्षक, अधीक्षक डाकघर से प्राप्त की जा सकती है।