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आतंकवाद पर PM मोदी के तीखे तेवर, PAK को मिली सख्त नसीहत

बीजिंग  शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर सीधा हमला बोला और पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. खास बात यह रही कि मोदी का यह भाषण उस वक्त हुआ जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी वहीं मौजूद थे. क्या बोले पीएम मोदी? पीएम मोदी ने कहा, 'हाल ही में हमने पहलगाम में आतंकवाद का बहुत ही घिनौना रूप देखा. इस दु:ख की घड़ी में, जो मित्र देश हमारे साथ खड़े रहे, मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं. यह हमला केवल भारत की अंतरात्मा पर ही आघात नहीं था, यह मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश, हर व्यक्ति को खुली चुनौती थी. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है, क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुलेआम समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है?' 'SCO को लेकर भारत की नीति के तीन स्तंभ' प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में SCO को लेकर भारत की नीति के तीन स्तंभ बताए- S यानी Security (सुरक्षा), C यानी Connectivity (कनेक्टिविटी) और O यानी Opportunity (अवसर). उन्होंने कहा कि सुरक्षा, शांति और स्थिरता विकास की नींव हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद इस राह की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं.  मोदी का भाषण सुन उड़ा शहबाज के चेहरे का रंग उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद पर किसी भी तरह के डबल स्टैंडर्ड स्वीकार्य नहीं होंगे और सभी देशों को एकजुट होकर इसका हर रूप में विरोध करना होगा. पीएम मोदी जब आतंकवाद पर भाषण दे रहे थे तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके सामने ही बैठे थे. जैसे ही पीएम ने पहलगाम हमले का जिक्र किया शहबाज के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं.

मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता तथा तत्परता आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा पारा में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनके पुनर्वास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राशन, बर्तन और कपड़े जैसे आवश्यक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को आवश्यकता अनुसार मकान की मरम्मत अथवा नए मकान निर्माण के लिए सहायता राशि समय पर देने के निर्देश दिए। श्री साय ने कलेक्टर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से हुई फसल क्षति, पशुधन हानि सहित अन्य नुकसानों का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समय पर समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया मुख्यमंत्री साय ने यहाँ लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। साय ने बाढ़ प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच, बीमारों के उपचार और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के बारे में मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने तक बाढ़ प्रभावितों को शिविर में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के बाद संभावित उल्टी-दस्त तथा अन्य जलजनित मौसमी बीमारियों पर निरंतर निगरानी रखने और बचाव हेतु पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने आमजन को पीने के शुद्ध पानी का उपयोग करने, स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

प्रकृति और‍विज्ञान के संतुलन पर केन्द्रित भारतीय परम्पराओं का गौरवपूर्ण प्रतीक है वैदिक घड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करेगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रकृति और‍विज्ञान के संतुलन पर केन्द्रित भारतीय परम्पराओं का गौरवपूर्ण प्रतीक है वैदिक घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और ऐप का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के मोबाइल में डाउनलोड करवाया विक्रमादित्य वैदिक क्लॉक ऐप मुख्यमंत्री निवास पहुंची शौर्य स्मारक से आरंभ हुई भारत का समय-पृथ्वी का समय रैली मुख्यमंत्री निवास में स्थापित की गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतवर्ष ने अपने ज्ञान से सम्पूर्ण ब्रह्मांड को अलौकिक किया है। कालगणना की पद्धति 300 साल पहले तक हमारे देश से दुनिया तक जाती थी। भारतीय संस्कृति का प्रत्येक पहलु प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। विरासत-विकास-प्रकृति और तकनीक के संतुलन का प्रकटीकरण विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राजा भोज पर यूट्यूब सीरीज के फोल्डर और खगोल विज्ञान पर फिल्म सीडी का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के नवनिर्मित द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मंत्रोच्चार के बीच अनावरण किया। इस अवसर पर शौर्य स्मारक से आरंभ हुई 'भारत का समय-पृथ्वी का समय' रैली मुख्यमंत्री निवास पहुंची। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में शामिल युवाओं का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के ऐप का लोकार्पण, राजा भोज पर निर्मित यू-ट्यूब सीरीज के फोल्डर का विमोचन और खगोल विज्ञान पर केन्द्रित फिल्म की सीडी का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक घड़ी के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आहवान किया और उपस्थित युवाओं से मोबाइल में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप भी डाउनलोड करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर वैदिक घड़ी भेंट की गई। भारतीय कालगणना में ऋतुओं के प्रभाव का विशेष महत्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सनातन संस्कृति के व्रत, त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर नहीं आते, उनकी गणना में ऋतुओं का प्रभाव शामिल है। सावन-भादो-कार्तिक माह का प्रभाव हम सब अपने जीवन में अनुभव कर रहे हैं। पूर्णिमा और अमावस्या का समुद्र पर प्रभाव ज्वार-भाटा से आंका जा सकता है, इससे हमारी तिथियों की सत्यता भी प्रमाणित होती है। मानसिक रोगियों पर अमावस्या और पूर्णिमा का प्रभाव चिकित्सा शास्त्र भी स्वीकार करता है। मानव शरीर संरचना में 70 प्रतिशत जल का अंश है, जो अमावस्या और पूर्णिमा पर प्रभावित होता है। इसी का परिणाम है कि मानसिक चिकित्सालयों को अमावस्या और पूर्णिमा पर विशेष सतर्कता बरतने के स्थाई निर्देश हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में समय की गणना सूक्ष्मतम स्तर तक की गई है। सनातन संस्कृति में सूर्योदय से सूर्योदय तक की गणना का विधान है। इस प्राचीन गणना में 30 मुहूर्त हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में विभिन्न सिद्धांतों पर विचार-विमर्श के लिए कोई बंधन या दंड नहीं है, जबकि कालगणना पर वैचारिक मतभेद के कारण मृत्युदंड देने का उद्धरण पश्चिम के इतिहास में मिलता है। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का हैं जीवंत उदाहरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खगोलीय अध्ययन के लिए सूर्य से बनने वाली छाया के आधार पर सूर्य की गति की गणना की गई। उन्होंने बताया कि भारत का केन्द्र उज्जैन है और उज्जैन का केन्द्र वर्तमान में डोंगला में स्थित है। डोंगला का प्रसंग भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा से जुड़ता है। संभवत: डोंगला के इस महत्व से ही भगवान श्रीकृष्ण का आगमन हुआ था। पंचांग भारतीय कालगणना की शुद्धता और सटीकता का जीवंत उदाहरण हैं। पंचांग के विद्वान चंद्रग्रहण, सूर्यग्रहण, तिथि, नक्षत्र, वार, व्रत, त्यौहार और मुहूर्तों की जानकारी वर्तमान में भी त्वरित रूप से उपलब्ध कराते हैं। प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास के द्वार पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री निवास केवल मुख्यमंत्री का नहीं, अपितु सभी प्रदेशवासियों की धरोहर है। प्रदेशवासियों द्वारा दिया गया अधिकार और लोगों का भरोसा ही हमारी सरकार का आधार है। भारतीय संस्कृति के अतीत के गौरवशाली पृष्ठों का प्रकटीकरण हमारा दायित्व है। इसी का परिणाम है कि हमारी कालगणना का केन्द्र उज्जैन है, परंतु कालगणना की पद्धति की जानकारी प्रदेश की राजधानी में हो, इसके लिए प्रयास करते हुए विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना भोपाल में की गई। भारतीय कालगणना की पद्धति की जानकारी का वैश्विक रूप से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिक घड़ी के ऐप के माध्यम से हम अपने मोबाइल में वैदिक घड़ी का संचालन कर सकते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा और संस्कृति विभाग के इस आयोजन में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम आजादी के अमृतकाल में चल रहे हैं। पूरी दुनिया का समय बदल रहा है, पश्चिम के बाद अब पूर्व का समय आया है। प्रधानमंत्री मोदी विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए हैं प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दृष्टिकोण को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। उन्हीं के प्रयासों से वर्ष 2014 में दुनिया के अंदर यूनेस्को के माध्यम से योग को पुनर्स्थापित किया गया। भारत का ज्ञान, कौशल और विशेषता केवल भारत के लिए नहीं है, यह समूची मानवता के लिए है। भारत का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए इस भाव से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम निरंतर सक्रिय और अग्रसर हैं। सुशासन के उच्चतम मापदंडों के आधार पर वर्तमान व्यवस्थाओं का हो रहा है संचालन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुशासन के आधार पर ही विक्रमादित्य काल वर्तमान समय तक याद किया जाता है। सुशासन के इन्हीं उच्चतम मापदंडों के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्तमान में व्यवस्थाओं का संचालन हो रहा है। उनके प्रत्येक निर्णय से देश … Read more

सरकार का खजाना भर गया, GST से आया ₹1.86 लाख करोड़ — अब तक का तगड़ा उछाल

नई दिल्ली सरकार ने सोमवार को जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े शेयर किए, जो राहत भरे हैं. सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें, तो अगस्त महीने में कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो बीते साल की समान अवधि की तुलना में 6.5 फीसदी ज्यादा है. बता दें कि अगस्त 2024 में 1.75 लाख करोड़ रुपये रहा था. वहीं बात इससे पिछले महीने की करें, तो जुलाई 2025 में जीएसटी संग्रह से सरकार के खजाने में 1.96 लाख करोड़ रुपये आए थे.  रेवेन्यू में जोरदार उछाल का असर सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू राजस्व में उछाल की वजह से अगस्त में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक पर पहुंच गया. बीते महीने ये रेवेन्यू 9.6 फीसदी बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात कर 1.2 फीसदी की गिरावट के साथ 49,354 करोड़ रुपये रह गया. जीएसटी रिफंड पर नजर डालें, तो साल-दर-साल 20 फीसदी घटकर 19,359 करोड़ रुपये रह गया. अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन के अब तक के सबसे बड़े आंकड़े पर नजर डालें, तो ये इस साल अप्रैल महीने में रहा था, जब सरकार के जीएसटी संग्रह से 2.37 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. ये जीएसटी के लागू होने के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन था.  गौर करने वाली बात है कि जोरदार जीएसटी कलेक्शन का ये आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जबकि दो दिन बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक होने वाली है. इसमें जीएसटी रिफॉर्म के तहत टैक्स स्लैब की संख्या को कम करने, जीएसटी रेट्स को युक्तिसंगत बनाने पर चर्चा होने वाली है.  देश में जीएसटी में बदलाव की तैयारी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म को लेकर ऐलान किया था. उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि सरकार अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लेकर आ रही है और इससे आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम होगा. उन्होंने इसके दिवाली से पहले लागू होने की उम्मीद जताई थी. नई जीएसटी व्यवस्था में कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए सिर्फ दो दरें, 5% और 18%, लागू करने का प्रस्ताव है. जीओएम की मंजूरी, 3-4 सितंबर को बैठक  बीते 20 और 21 अगस्त को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) की नई दिल्ली में हुई बैठक में दो टैक्स स्लैब के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 12% और 28% जीएसटी स्लैब को खत्म करने पर सहमति जताई गई. इसमें शामिल सदस्यों ने 5% और 18% जीएसटी स्लैब के प्रस्ताव को मंजूर किया. हालांकि, सरकार को इस जीएसटी रिफॉर्म ससे करीब 40,000 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान की आशंका है. अब जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर को होने वाली है, जिसमें इस मुद्दे पर अंतिम मुहर लगेगी. 

बैंक डकैती का मास्टरमाइंड पकड़ा गया! जबलपुर इसाफ बैंक लूट की गुत्थी सुलझी

जबलपुर  खितौला थानान्तर्गत हुई बैंक डकैती के मास्टरमाइंड को पुलिस ने साथी के साथ बिहार से गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड बैंक डकैती के आरोप में दो माह पूर्व ही रायगढ़ जेल से छूटा था। उसने देश के विभिन्न जिलों में एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती की वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड के पास से तीन किलो सोना बरामद किया है। बैंक डकैती में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गया का रहने वाला है आकाश दास जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक डकैती के मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास को गया, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन किलो सोना बरामद किया। बाकी का सोना अन्य सदस्यों को बांटना बताया है। यह जगहों पर की है बैंक डकैती वह बैंक डकैती का शातिर मास्टरमाइंड है। उसने साल 2011 से 2025 तक सासाराम, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ सहित अन्य स्थानों पर एक दर्जन से अधिक बैंक डकैती को वारदात को अंजाम दिया है। वह विगत 18 जून को जमानत पर रायगढ़ जेल से रिहा हुआ था। इसके दो माह बाद ही अपने साथियों के साथ खितौला बैंक डकैती को अंजाम दिया। 3 राज्यों की पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा  मामले में जबलपुर पुलिस आरोपी रईस लोधी को पहले ही पकड़ चुकी है। इसी की निशानदेही पर राजेश दास की तलाश की जा रही थी। इसके लिए बिहार-झारखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट किया गया था। बिहार पुलिस को दो दिन पहले पता चला कि आरोपी गया में है। उसकी निगरानी करते हुए जबलपुर पुलिस को सूचना दी गई। वहां पहुंचने के बाद जबलपुर, झारखंड और बिहार पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। जबलपुर पुलिस दोनों आरोपियों को गया से लेकर सोमवार सुबह 11 बजे जबलपुर पहुंची। इन आरोपियों से अब बाकी के 11 किलो 800 ग्राम गोल्ड और 5 लाख रुपए कैश के बारे में पूछताछ की जा रही है। बिहार पुलिस की मदद से गिरफ्तार जबलपुर एसपी ने बताया कि गैंग के सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास को बिहार पुलिस की मदद से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की थी। उसी से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि उसके रुकने के लिए डोभी में व्यवस्था की गई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दबिश देकर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 11 अगस्त को हुई थी लूट गौरतलब है कि खितौला थानान्तर्गत स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा में सोमवार 11 अगस्त की सुबह 8.50 बजे हेलमेट पहनकर पहुंचे तीन युवकों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। लॉकर में रखे लगभग 15 किलो सोना और 5 लाख रुपए लेकर फरार हो गए थे। घटना के समय फाइनेंस बैंक में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद थे। आरोपी युवकों ने 20 मिनट में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने जांच के बाद बैंक डकैती में शामिल तीन स्थानीय और एक दमोह निवासी युवक को गिरफ्तार किया था। जेल में हुई थी प्लानिंग दरअसल, पाटन निवासी रईस मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में छत्तीसगढ रायगढ़ जेल में बंद था। इस दौरान उसकी दोस्ती डकैती के आरोप में जेल में बंद बिहार गैंग से हुई थी। जेल में ही रईस और बिहार गैंग के सदस्यों ने बैंक डकैती की योजना तैयार की थी। दोस्त के नाम पर बाइक फायनेंस करवाई रईस ने अपने साथी हेमराज के नाम पर नई मोटरसाइकिल फाइनेंस करवाई थी। जिनका उपयोग घटना में किया गया। बैंक डकैती की घटना को अंजाम देने के बाद बिहार गैंग के पांचों आरोपी इंद्राना स्थित मकान में पहुंचे थे। रईस और हेमराज ने उन्हें सुरक्षित दमोह तक पहुंचाया था। दमोह में रईस के साथी विकास चक्रवर्ती ने उनके खाने की व्यवस्था ढाबे में करवाई और कोलकाता एक्सप्रेस से झारखंड जाने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की। राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना  राजेश अंतरराज्यीय 'दास गैंग' का सरगना है। उसकी गिरफ्तारी के बाद भी लूटा गया पूरा सोना बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ साथी बाकी सोना लेकर फरार हो गए हैं। वारदात के बाद से ही जबलपुर क्राइम ब्रांच और जिला बल की कई टीमें आरोपियों के पीछे लगी थीं। आईजी प्रमोद वर्मा ने गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। इंद्रजीत ने बताया राजेश दास का ठिकाना एमपी पुलिस को सफलता उस समय मिली जब बिहार और झारखंड की पुलिस ने दास गिरोह के सदस्य इंद्रजीत दास को गया जिले के गुरुवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंद्रजीत ने बताया कि गिरोह का सरगना राजेश रवि दास है और वह गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र में छिपा है। एमपी पुलिस ने बिहार और झारखंड पुलिस के साथ मिलकर गया में घेराबंदी की और मुख्य सरगना राजेश दास को पकड़ा। पूछताछ में उसने जबलपुर में डकैती करना स्वीकार किया। आपस में बांटा सोना-पैसा, खेत में छिपाया  आरोपी ने बताया कि लूटे गए रुपए और गोल्ड आपस में बांट लिए थे। राजेश को 3 किलो सोना और 50 हजार कैश मिले थे। जबकि लूट का बाकी सामान अन्य सदस्यों ने बांट लिए। आरोपी ने एक खेत में जेवर छिपाए थे, जिसे जब्त कर लिया गया है। बिहार का हार्डकोर डकैत, 12 शहरों में केस आरोपी राजेश दास मूल रूप से गया का रहने वाला है। वह बिहार का हार्डकोर डकैत है। उस पर 2011 से 2025 के बीच सासाराम, गया, जमुई, पुरुलिया और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) सहित 12 शहरों में बैंक डकैती और डकैती के मामले दर्ज हैं। वह डकैती के मामले में रायगढ़ जेल में बंद था और 18 जून को ही छूटा था। इसी जेल में चोरी के आरोप में बंद रहे जबलपुर के रईस लोधी से उसकी मुलाकात हुई थी और वहीं खितौला बैंक डकैती की योजना बनी थी। हथियारबंद बदमाशों ने की थी बैंक में वारदात  11 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हथियारबंद डकैत हेलमेट पहनकर बैंक में घुसे थे और कट्‌टा दिखाकर धमकाते हुए 15 मिनट में 14 किलो 800 ग्राम सोना, 5 लाख 70 हजार रुपए नकद लेकर भाग गए थे। मामले में पाटन उडना … Read more

वैदिक घड़ी का शुभारंभ: सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी समय की गणना, सीएम बोले- यही है असली भारतीय पद्धति

भोपाल   राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण और ऐप लॉन्च किया। इस घड़ी की खासियत है कि यह सूर्य की गति के साथ चलती है और सूर्योदय से नए दिन की शुरुआत करती है। इस मौके पर शौर्य स्मारक से युवाओं का बाइक व पैदल मार्च निकाला गया, जो मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचा। वहां “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल” विषय पर युवा संवाद हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह केवल घड़ी नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टि का आधुनिक स्वरूप है। वैदिक घड़ी हमारी संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगी।   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से जुड़े मोबाइल ऐप का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- 'अगर हम मंत्रियों को एक-एक घड़ी भेंट कर दी जाए तो हम भी अपने घरों में इसे स्थापित कर सकें।' वर्ष की गणना छह ऋतुओं के आधार पर की गई  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए, क्योंकि रात 12 बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। हमारे इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया के आधार पर समझा और परिभाषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे व्रत-त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर पर नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग पर आधारित हैं। वर्ष की गणना भी तिथियों और छह ऋतुओं के आधार पर की गई है।  सीएम ने कहा कि ये भारत का समय है…। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अब मोबाइल ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध है। इसे डाउनलोड कर आप अपने फोन पर हर उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री निवास के बाहर भी वैदिक घड़ी स्थापित की गई है।  सूर्योदय से होना चाहिए दिन की गणना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे सभी त्योहार अंग्रेजी तिथियों के आधार पर नहीं आते। वर्ष की गणना भी तिथियों और छह ऋतुओं के आधार पर की गई है। इसलिए समय की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए। रात 12 बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। हमारी प्राचीन गणना पद्धति में 60 सेकेंड का मिनट नहीं, बल्कि 30 घंटे में 30 मुहूर्त माने जाते हैं। यह कोई बंधन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की धरोहर और विचार का विषय है। उन्होंने कहा कि अतीत के इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया से समझा जाता था। भारत का सेंटर पॉइंट उज्जैन माना गया है, लेकिन यह भी समय के साथ दोलायमान हुआ और 32 किमी दूर डोंगला तक पहुंचा। भगवान श्रीकृष्ण भी समय गणना का केंद्र खोजने डोंगला के पास नारायणा गांव आए थे, जहां उनके साथ बलराम और सुदामा भी मौजूद थे। सीएम ने आगे कहा कि 10 हजार साल पहले सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण कब हुआ था, इसकी गणना आज का कंप्यूटर भी नहीं कर पाएगा, लेकिन हमारी वैदिक काल गणना तुरंत सटीक जवाब देती है। सावन के महीने में छाता लेकर चलने की परंपरा भी इसी अनुभवजन्य गणना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ग्रह, नक्षत्र और तिथियों के आधार पर जीवन के सभी निर्णय तय किए जाते थे। हमने विधानसभा में भी यही परंपरा अपनाने का प्रयास किया है- रात में भी काम हो सकता है, लेकिन अमावस्या के दिन अवकाश होना चाहिए। पश्चिम का समय जब तक था, तब तक था। अब पूर्व का समय आया है। दुनिया में भारत की अच्छाइयों को लेकर जाने का यही समय सही समय है। 2014 में सरकार बनाने के 6 महीने में ही पीएम मोदी ने दुनिया मे योग को पुर्नस्थापित करने का काम किया। भारत का ज्ञान कौशल समूची मानवता के लिए है। ये घड़ी भारत की हलचल दुनिया को दिखा रही है। सबकी गति अलग- अलग है लेकिन हमारी ज्ञानगंगा की धारा और आगे तक जाए। हम सब इस घड़ी का उपयोग करते हुए इसकी चर्चा करेंगे। सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा- मोबाइल ऊपर करके क्यूआर कोड से घड़ी डाउनलोड करो। CM ने सबके मोबाइल की टॉर्च ऑन करवाई। भरतीय पंचांग ऋतुओं और प्रकृति से जुड़ा हुआ  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लोकार्पण एवं युवाओं से संवाद कार्यक्रम में कहा कि  काल गणना और वैदिक पद्धति हमारी वैज्ञानिक और सांस्कृतिक धरोहर है। अंग्रेजी तिथियां बदलती रहती हैं, लेकिन भारतीय पंचांग ऋतुओं और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। सावन-भाद्रपद की वर्षा, क्वार-कार्तिक की ऋतु चक्र- सभी तिथि आधारित गणना का प्रमाण हैं। चंद्रमा और समुद्र के ज्वार-भाटा से लेकर मनुष्य के शरीर पर अमावस्या–पूर्णिमा का प्रभाव वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। भारतीय गणना पद्धति में दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक माना जाता है, न कि रात 12 बजे से। 30 मुहूर्त, 24 घंटे और समय की संरचना भारतीय काल गणना की अद्वितीय प्रणाली है। सीएम हाउस मेरा नहीं, प्रदेश की जनता का  सीएम ने कहा कि हमारे यहां विचार व्यक्त करने और सत्य के आधार पर सुधार करने की स्वतंत्रता रही है, यही हमारी संस्कृति की ताकत है। उज्जैन भारत का काल गणना का केंद्र है, जो खगोलीय दृष्टि से प्रमाणित है। पंचांग और वैदिक गणित की सटीकता को दुनिया भी स्वीकार कर रही है, कंप्यूटर जहां असफल हो जाए वहां हमारे ज्योतिषी सही उत्तर दे सकते हैं। मुहूर्त का अर्थ केवल शुभ-अशुभ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन और प्रकृति के अनुकूल आचरण भी है। सीएम हाउस मेरा नहीं, प्रदेश की 9 करोड़ जनता का है। भारत के समय की नई परिभाषा लिखी जा रही इस दौरान भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि आज से भारत के समय की नई परिभाषा लिखी जा रही है। उन्होंने कहा- 'जब हम मां की कोख में आते हैं तो ईश्वर प्रारब्ध पहले ही लिख देता है। मुख्यमंत्री जी ने वैदिक घड़ी लगवाकर वास्तव में भारत के समय की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक कदम उठाया है।' हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म हिंदू संस्कृति में हुआ है। यह घड़ी हमें काल गणना की वैदिक परंपरा से जोड़ेगी और भारत को सोने की चिड़िया बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री निवास विरासत का साक्षी बन रहा मंत्री कृष्णा गौर ने कहा- … Read more

चीन में नजर आई मोदी-पुतिन की बॉन्डिंग, कार राइड ने बनाया मजबूत रिश्ता

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा बेहद ही खास रहा. यहां वह एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए पहुंचे थे लेकिन कई पहलुओं से उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक रही. पीएम मोदी ने यहां अपने "प्रिय दोस्त" व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं की दोस्ती और आपसी बातचीत की देश-विदेश में चर्चा है. खास बात ये है कि पुतिन और मोदी ने एक ही कार में ट्रैवल भी किया. SCO समिट स्थल से होटल तक की यात्रा के दौरान यह दिलचस्प वाकया सामने आया. दरअसल, राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी के साथ एक ही कार से जाने की इच्छा जताई. इसके लिए उन्होंने लगभग 10 मिनट तक इंतजार किया. इसके बाद दोनों नेता पुतिन की 'Aurus' कार में बैठे और कई मुद्दों पर चर्चा की. होटल पहुंचने के बाद भी दोनों नेताओं ने कार में ही लगभग 45 मिनट तक बातचीत जारी रखी. इसके बाद करीब एक घंटे तक औपचारिक द्विपक्षीय बैठक भी हुई. इससे पहले एससीओ समिट स्थल पर भी मोदी-पुतिन की दोस्ती की एक शानदार झलक सामने आई, जहां दोनों नेता चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी खड़े होकर आपसी चर्चा करते देखे गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय चीन दौरे पर थे, जहां उन्होंने तियानजिन में आयोजित शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट में हिस्सा लिया. इनके अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. पीएम मोदी ने अपने दौरे को "प्रोडक्टिव विजिट" बताया और कहा कि उन्होंने यहां भारत का "अहम वैश्विक मुद्दों" पर रुख स्पष्ट किया है। पीएम मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता चीन दौरे पर पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ आर्थिक, वित्तीय और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की और इन संबंधों में लगातार हो रही प्रगति पर संतोष जताया. पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि यूक्रेन संघर्ष का जल्द से जल्द अंत होना "मानवता की पुकार" है. रूस के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना 'प्रिय मित्र' कहकर संबोधित किया. इसके जवाब में पीएम मोदी ने भी पुतिन से कहा कि "मैं हमेशा महसूस करता हूं कि आपसे मिलना एक यादगार अनुभव होता है." पुतिन ने आगे कहा कि भारत और रूस के बीच की "विशेष और रणनीतिक साझेदारी" लगातार मजबूत हो रही है और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रही है। एससीओ समिट में भारत का रुख SCO समिट में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में "डबल स्टैंडर्ड" छोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ना "मानवता के प्रति कर्तव्य" है. पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह न सिर्फ भारत की अंतरात्मा पर हमला था बल्कि हर उस राष्ट्र के लिए खुली चुनौती है जो मानवता में विश्वास करता है. प्रधानमंत्री ने SCO के लिए "S से सिक्योरिटी, C से कनेक्टिविटी और O अपॉर्चुनिटी" के रूप में एक नया फुल-फॉर्म भी पेश किया। पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को समिट के इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने ट्रेड और इन्वेस्टमेंट संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया ताकि ग्लोबल कॉमर्स को स्थिर किया जा सके. उन्होंने बॉर्डर से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की और इसे "फेयर सॉल्यूशन" की दिशा में सुलझाने पर सहमति जताई. साथ ही दोनों देशों ने कई साझा चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। SCO समिट का भारत के लिए महत्व SCO समिट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित कई विश्व नेता मौजूद थे. पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर सभी को एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि आतंकवाद सिर्फ किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के खिलाफ खतरा है। एससीओ समिट के बाद पीएम मोदी का संदेश चीन दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "चीन की एक उपयोगी यात्रा का समापन, जहां मैंने SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और कई विश्व नेताओं के साथ बातचीत की. साथ ही, भारत के रुख को अहम वैश्विक मुद्दों पर स्पष्ट किया." उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, चीनी सरकार और वहां की जनता को समिट के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद भी दिया। भारत-चीन के बीच सामान्य हो रहे संबंध प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हुआ जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों में सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और भारत के खिलाफ उनकी लगातार आलोचनाओं ने इस तनाव को और गहरा दिया है. ऐसे में चीन और रूस के साथ भारत के रिश्ते और ज्यादा अहम माने जा रहे हैं। होटल पहुंचने पर भी कार से नहीं उतरे, 50 मिनट तक करते रहे बातचीत  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी ऑरस लिमोजीन कार में लिफ्ट दी। दोनों नेता SCO समिट से इतर द्विपक्षीय वार्ता के लिए तय जगह तक साथ पहुंचे। रूस के राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन वेस्तीएफएम के अनुसार, पुतिन की लिमोजीन से होटल पहुंचने के दौरान रास्ते में दोनों नेताओं के बीच बातचीत जारी रही। होटल में दोनों नेता अपनी अपनी टीम के सदस्यों के साथ एक-दूसरे से मिलने वाले थे। हालांकि, होटल पहुंचने पर वे रूसी राष्ट्रपति की लिमोजीन से नहीं उतरे और 50 मिनट तक बातचीत करते रहे। रिपोर्ट में बताया गया कि पुतिन ने खुद मोदी के साथ कार में जाने की इच्छा जताई थी। बाद में, क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव का बयान आया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने कार में लगभग एक घंटे तक आमने-सामने की बातचीत की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिमोजीन के अंदर अपनी और रूस के राष्ट्रपति की एक तस्वीर भी साझा की। मोदी ने कहा, ‘एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति पुतिन और मैं द्विपक्षीय बैठक स्थल पर साथ-साथ पहुंचे। उनके साथ बातचीत हमेशा सार्थक होती है।’ क्यों बेहद खास रही बातचीत मॉस्को में जानकारों का कहना है कि मोदी और पुतिन के बीच शायद यह सबसे विशेष बातचीत थी, जिसमें … Read more

आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है – विधायक अग्रवाल

महासमुंद : तीन दिवसीय प्रशिक्षण का विधायक सम्पत अग्रवाल ने किया शुभारम्भ आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है – विधायक अग्रवाल जिले में 308 ग्रामों में क्रियान्वित किया जाएगा आदि कर्मयोगी अभियान – जिला सीईओ नंदनवार महासमुंद जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु “आदि कर्मयोगी” नामक नई पहल की गई है। इस अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ आज बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय सहित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स, जनजाति समुदाय के प्रतिनिधि, विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक श्री सम्पत अग्रवाल ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान वास्तव में एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय आंदोलन है। जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास दूरदर्शी आव्हान का प्रतीक है तथा विकसित भारत के व्यापक रूपरेखा है। उन्होंने कहा कि आज ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण जिसमें जिले के जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ और उनकी समस्याओं को नजदीक से जानने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निश्चित ही यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजाति कार्यक्रम में अब योजनाएं उनके समग्र विकास के लिए बनेंगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि पहले योजनाएं ऊपर से नीचे की ओर आती थी। इस कार्यक्रम में अब योजनाएं धरातल पर बनेगी और इसका क्रियान्वयन के लिए जनसमुदाय भी आगे आएंगे। उन्होंने बताया धरती आबा जनभागीदारी अभियान के तहत जनजाति गौरव वर्ष के एक भाग के रूप में आदि कर्मयोगी अभियान के लिए रणनीति बनाई गई। जिसमें जनजाति समुदायों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिले में इस अभियान की सफल क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य योजना तैयार की जा रही है।   ज्ञात है कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के पांचों विकासखण्ड से 50 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान प्रेरणादायक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इसके पूर्व जिले की 6 अधिकारियों को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह प्रशिक्षण 1 से 3 सितम्बर तक जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) के लिए 9 अलग अलग मंत्रालयों के 11 प्रकार के कार्यों से संतृप्ति का कार्य किया जा रहा है। जनमन योजना अंतर्गत जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार के 77 बसाहटों के 940 परिवारों (3306 जनसंख्या) को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता, जाति प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही सामुदायिक उत्थान हेतु प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। वहीं धरती आबा अभियान अंतर्गत जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। अभियान के तहत विकास कार्यों को तीन स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। जिसमें पहला आदि कर्मयोगी तैयार करना। इनमें राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। दूसरे क्रम में आदि सहयोगी की टीम बनाई जाएगी। जिसमें शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, युवा नेता, सामाजिक मुखिया आदि जो ग्राम स्तर पर योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। तीसरे क्रम में आदि साथी,  वे हितग्राही जिन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिया जाना है। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन निर्देशानुसार करने कहा है।

रायपुर : नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोकथाम के लिए राज्य भर में कार्रवाई लगातार जारी

रायपुर दवाओं का दुरुपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। औषधि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई कर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में की गई कार्रवाइयों में कई स्थानों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित औषधियां जब्त की गईं और आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया।    हाल ही में पंडरिया जिला कबीरधाम में प्रतिबंधित औषधि की अवैध बिक्री की सूचना पर छापा मारकर इसकी 200 स्ट्रिप जब्त की गई। वहीं रायपुर में कोडीन फॉस्फेट युक्त औषधियों की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करते हुए दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और इनसे 120 नग औषधियां बरामद की गयी। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।        गरियाबंद जिले के कोपरा में चन्दन मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर प्रतिबंधित नशीली दवाओं के क्रय विक्रय रिकॉर्ड में अनियमितता पायी गयी। इसके पश्चात दुकान संचालक के विरूद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।      महासमुंद में नगर पालिका कार्यालय में मेडिकल संचालकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें नशामुक्त महासमुंद अभियान पर चर्चा हुई और सभी दवा विक्रेताओं ने समाज को नशे की बुराई से बचाने के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक में ये चर्चा की गयी कि नशे के आदि लोग अक्सर दवाइयों का गलत उपयोग करते हैं, जिससे अपराधों में वृद्धि होती है। सभी से अपील है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में किसी भी प्रकार से सहयोग न करें।         औषधि विभाग द्वारा  जागरूकता गतिविधियां भी लगातार संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बेमेतरा जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आमजन को नशा पान से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला कोंडागांव, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर,  एवं राजनांदगांव मे भी औषधि निरीक्षकों द्वारा समाज में नशीली दवायों के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में जागरूकता लाने के उद्देश्य से शासकीय विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजन किये गए व युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए शपथ दिलाई गयी।        एम्स रायपुर के सेंट्रल फार्मेसी स्टोर का राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के अधिकारियों एवं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के प्रतिनिधियों द्वारा,  सीडीएससीओ मुंबई से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड,  पुणे की कुछ दवाइयों का विधिक सैंपल लिया गया। ये नमूने निर्धारित विधिक प्रक्रियाओं के अनुसार एकत्र किए गए हैं तथा परीक्षण एवं विश्लेषण हेतु अग्रेषित किए जाएंगे, ताकि दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित की जा सके।

गोल्ड प्राइस में ऐतिहासिक उछाल, 1 लाख 5 हजार पार; चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

इंदौर  सोने और चांदी की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है. एक ओर जहां एमसीएक्स पर गोल्ड रेट ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बार 1,05,729 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया हाई लेवल छुआ है, तो वहीं चांदी की कीमतों ने भी तगड़ी छलांग लगाई है और ये कीमती धातु 1,24,990 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है. न केवल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज, बल्कि घरेलू मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है.  एमसीएक्स पर सोने-चांदी में उछाल एमसीएक्स पर 3 अक्टूबर की एक्सपायरी वाले सोने का भाव सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को 1,03,899 रुपये पर ओपन हुआ और फिर दोपहर 12 बजे के आस-पास ये उछलकर 1,05,729 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गया. इसमें 1830 रुपये प्रति 10 ग्राम की जोरदार तेजी दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना ही नहीं, बल्कि चांदी का भाव भी खूब उछला और ये 3000 रुपये प्रति किलो के आसपास उछाल के साथ 1,24,990 रुपये के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई.   घरेलू मार्केट में भी चमका सोना न केवल एमसीएक्स पर, बल्कि घरेलू मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी आई है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स पर नजर डालें, तो 29 अगस्त को 24 कैरेट सोने का भाव 1,02,388 रुपये प्रति 10 ग्राम था, लेकिन सोमवार की सुबह ये 1,04,792 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. मतलब सोना 2,404 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया. वहीं इस साल सोने की कीमतों में अब तक 28,630​ रुपये की तेजी आ चुकी है.  बात चांदी के घरेलू मार्केट में दाम की करें, तो ये भी सोने की तरह ही चढ़े हैं. बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 29 अगस्त शुक्रवार को एक किलो चांदी का भाव 1,17,572 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो कि सोमवार को खुलने के साथ ही 1,23,250 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गया. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो चांदी झटके में 5,678 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई.  जीएसटी और मेकिंग चार्ज से बढ़ती है कीमत गौरतलब है कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स की वेबसाइट पर अपडेट किए जाने वाले सोने चांदी के रेट देशभर में समान रहते हैं, लेकिन जब आप सर्राफा दुकान पर आभूषण खरीदने के लिए जाते हैं, तो फिर इस पर लागू होने वाले 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज को जोड़ने के बाद इसकी कीमत बढ़ जाती है. बता दें कि विभिन्न शहरों में मेकिंग चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं.  एक्सपर्ट ने बताई तेजी के पीछे ये वजह  बात करें, सोने और चांदी की कीमतों में आए इस जोरदार उछाल के पीछे की वजह के बारे में, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा पॉलिसी रेट कट की आशंका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को लेकर जारी अनिश्चितताओं के चलते सोने और चांदी के दाम में ये उछाल देखने को मिल रहा है. रिपोर्ट में एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी के हवाले से कहा गया है कि टैरिफ से जुड़ी चिंताएं बढ़ने और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अनसुलझे मुद्दे सोने के भाव को लगातार बढ़ा रहे हैं. रुपये में गिरावट भी भारतीय बाजारों में सोने को और महंगा करने में अहम रोल निभा रही है. उन्होंने अनुमान जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में गोल्ड रेट 1,00,000 रुपये से 1,05,000 रुपये के दायरे में ही रह सकते हैं.