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‘गर्व से स्वदेशी’ बने भारत, मनसुख मांडविया का बड़ा संदेश

नई दिल्ली केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन की अध्यक्षता की। इसमें भारत ने खेल क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में नीति आयोग, वाणिज्य मंत्रालय, डीपीआईआईटी, फिक्की, सीआईआई, एमएसएमई और खेल उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का उद्देश्य भारत की खेल सामग्री निर्माण क्षमता के लिए एक नया रोडमैप तैयार करना था। अपने 'एक्स' हैंडल पर इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने लिखा, "युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल एक वैश्विक खेल शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, बल्कि विश्वस्तरीय भारत निर्मित खेल सामग्री का हब बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।" उन्होंने लिखा, "मंत्रालय, राष्ट्रीय खेल महासंघों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की गई, जो एक दूरदर्शी नीति तैयार करेगी और इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को साकार करने का मार्ग खोलेगी। खेल के मैदानों से लेकर पोडियम तक, अब गर्व से स्वदेशी की ओर बढ़ने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का समय आ गया है।" भारत का खेल सामग्री क्षेत्र 2024 में करीब 42,877 करोड़ रुपये का है। साल 2027 तक इसके 57,800 करोड़ रुपये और 2034 तक 87,300 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह क्षेत्र देश में पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, जिनमें अधिकतर मेरठ, जालंधर, लुधियाना और दिल्ली-एनसीआर के एमएसएमई क्लस्टर्स में कार्यरत हैं। भारत एशिया में तीसरा सबसे बड़ा खेल सामग्री निर्माता है। दुनिया में भारत 21वां सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत ने 2023–24 में खेल सामग्री 90 से अधिक देशों को निर्यात की। सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और फ्रांस में किया जा रहा है, जबकि दक्षिण अफ्रीका, यूएई, कनाडा और स्वीडन में नए अवसर बढ़ रहे हैं।

ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ

नोएडा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा पहुंचे। दोनों नेताओं ने सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रक्षा उपकरण एवं इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती रक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए अत्याधुनिक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। भारत 1947 से लगातार चुनौतियों का सामना करता आ रहा है और 'ऑपरेशन सिंदूर' ने युद्ध के नए दौर में देश की सामर्थ्य और शक्ति का प्रदर्शन किया है। आपके पास ताकत है तो दुनिया आपके सामने नतमस्तक होती है। शास्त्र और शस्त्र दोनों का बेहतर समन्वय होगा तो शांति कायम होगी। उन्होंने शेर और बकरी का उदाहरण देते हुए कहा कि शेर सामर्थ्य और राज दोनों का प्रतीक है। सीएम योगी ने महाराणा प्रताप की वीरता का भी उल्लेख किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां संचालित हैं। राज्य सरकार ने साढ़े 12 हजार एकड़ भूमि डिफेंस कॉरिडोर के लिए उपलब्ध कराई है, जिसमें आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट और कानपुर शामिल हैं। साथ ही लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट स्थापित की गई है, जिसने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ की मुस्कुराहट तब और बढ़ेगी जब वहां से ब्रह्मोस मिसाइल दुश्मन पर निशाना साधेगी। उन्होंने नई ड्रोन यूनिट को बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि यूपी सरकार देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह यूनिट देश को समर्पित है और डिफेंस सिस्टम में साइंटिफिक रिवॉल्यूशन का प्रतीक है। 2017 में महज 10 लोगों के साथ कंपनी की शुरुआत हुई थी और आज 3,600 से ज्यादा वैज्ञानिक व इंजीनियर यहां काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका या चीन का कोई भी डिफेंस सिस्टम इस कंपनी के बने ड्रोन को डिटेक्ट नहीं कर सकता। इसे देश की सबसे इनोवेटिव एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सिस्टम दुश्मन में दहशत पैदा करने वाला है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था इतनी खराब थी कि यहां उद्योग लगाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन अब सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि विरोध झेलने के बावजूद भारत ने हमेशा नई राह बनाई है। मात्र 14 महीनों में इस कंपनी और डीआरडीओ के बनाए प्रोडक्ट्स 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस्तेमाल हुए। संकल्प, साहस और विज्ञान के मेल से ही यह संभव हो पाया और सेना के जवानों की वीरता का भी जिक्र किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है

म.प्र. की पर्यटन नीति भा रही है निवेशकों को पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने 7 निवेशकों को जारी किये एलओए 60 करोड़ से अधिक का होगा निवेश और रोजगार सृजन अधिकांश निवेशकों ने होटल रिसॉर्ट में दिखाई रूचि 75 करोड़ से अधिक के विरासत कार्यों का हुआ शिलान्यास शिल्पकारों के लिए वेबसाइट और ग्वालियर किले की कार्ययोजना का हुआ विमोचन निवेश के लिए हो रहे सर्वांगीण प्रयासों से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों और हितधारकों से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है। पर्यटन से राष्ट्रीय आय तो बढ़ती ही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन और तीर्थाटन, ये हमारे देश और विशेषकर मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। मध्यप्रदेश, देश का दिल है। प्रदेश की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ही पर्यटन विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। राज्य सरकार समावेशी प्रयासों के जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़कर पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर पर्यटन कॉन्क्लेव में साढ़े तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदाय किये गये, इससे 60 करोड़ से अधिक का निवेश और बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार से प्रदेश न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि ‘आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आज राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर ग्वालियर में पहली बार रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव हो रहा है। ग्वालियर देश की राजधानी के करीब का क्षेत्र है। यहां राजा मानसिंह तोमर के काल में बना ऐतिहासिक किला दुनिया में पहचान रखता है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है। बड़े-बड़े सत्ताधीशों को बुरे समय में इसी किले में बंदी बनाकर रखा गया। इस कठिन दौर में ग्वालियर में एक आध्यात्मिक आत्मा का प्रकटीकरण हुआ। मुरैना के मितावली के चौंसठ योगिनी मंदिर के डिजाइन के आधार पर वर्ष 1912 में दिल्ली में संसद भवन का निर्माण हुआ। यह दुनिया भर में लोकतंत्र का सबसे आकर्षक भवन है। अब नए संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो पहली बार चीता देखते हैं, वो आश्चर्यचकित हो जाते हैं। चीता गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सह अस्तित्व और साहचर्य भाव नजर आता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय, ग्वालियर के भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। जीवाजी विश्वविद्यालय में पीएम उषा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए भी बड़ी धनराशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर अंचल को भी कई सौगातें मिल रही हैं। ग्वालियर के राजा मानसिंह किले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए इंडिगो कंपनी द्वारा अपने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड (सीएसआर कोष) से 100 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी पूरी दुनिया को देश की विरासतों और पर्यटन केंद्रों के बारे में बता रहे हैं। वे 'मेक इन इंडिया', 'मेड इन इंडिया', 'वोकल फॉर लोकल' और 'स्वदेशी अपनाओ' अभियान के जरिए देश के नागरिकों को स्वदेशी से स्वाबलंवन की ओर प्रवृत्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर की रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उद्योगपति श्री सचिन गुप्ता ने 1000 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा अन्य निवेशकों एवं उद्योग समूहों की ओर से कुल 3500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को इस कान्क्लेव के माध्यम से मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह कॉन्क्लेव 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' की तैयारियों का हिस्सा है। टूरिज्म सैक्टर के लिए यह महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रविवार (31 अगस्त) को मुरैना जिले को अनेक सौगातें मिलेंगी। मुरैना के पीपरसेरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से हाइड्रोजन कारखाने का शिलान्यास किया जा रहा है। कॉन्क्लेव में होटल एवं रिसोर्ट के लिए प्राप्त हुए निवेश प्रस्‍ताव कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर–चंबल और सागर संभाग में निवेश की इच्छा जताकर पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 भूमियों के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट (LOA) प्रदान किए। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन भूमियों पर होटल, रिसॉर्ट और ईको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। श्री अरूण तिवारी को 40 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटी के लिये गांधी सागर मंदसौर और हेमाबर्डी धार में, श्री यश जैन को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने रहीपुरा बुराहनपुर में, श्रीमती स्मृति मुकुल थोराट, मेसर्स श्री साईं वेयर हाउस एण्ड एग्रो सर्विस को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने बिजाना शाजापुर में, श्री अमित उपाध्याय को 25 कक्षों का होटल/ रिसॉर्ट बनाने के लिये कागपुर विदिशा में, श्री संजय पाव को 22 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटीज के लिये गांधी सागर मंदसौर में और श्री विकास नेमा/प्रवीण … Read more

ITR फाइलिंग पर नया अपडेट: ₹3 लाख कमाने वालों के लिए क्या है नियम?

नई दिल्ली  जिन लोगों का आयकर ऑडिट नहीं होता, उनके लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 है। अब केवल तीन हफ्ते बचे हैं और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस बारे में SMS रिमाइंडर भेजना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग की ओर से भेजे जा रहे SMS में लिखा है- अब तक 3 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं! कृपया 15.09.25 से पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर AY 2025-26 के लिए अपना आईटीआर दाखिल और ई-वेरिफिकेश करें। सालाना सैलरी 3 लाख रुपये हो तब? ऐसे में अब सवाल है कि किसके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। क्या उन लोगों के लिए भी रिटर्न फाइल करना जरूरी है जिसकी सालाना सैलरी 3 लाख रुपये तक है? नांगिया एंड कंपनी एलएलपी की कार्यकारी निदेशक संजोली माहेश्वरी ने कहा- वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आय सीमा टैक्सपेयर की कुल आय और चुने गई टैक्स रिजीम यानी पुरानी या नई टैक्स रिजीम पर आधारित है। ईटी की खबर में संजोली माहेश्वरी ने कहा- यदि टैक्सपेयर की कुल आय मूल छूट सीमा से अधिक है तो टैक्सपेयर को अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना चाहिए। नई टैक्स व्यवस्था के लिए मूल छूट सीमा 3 लाख रुपये और पुरानी टैक्स व्यवस्था के लिए 2.5 लाख रुपये है। किस तरह के होते हैं फॉर्म आईटीआर फॉर्म एक (सहज) और आईटीआर फॉर्म चार (सुगम) सरल फॉर्म हैं जो बड़ी संख्या में छोटे तथा मध्यम करदाताओं की जरूरतों के अनुरूप हैं। सहज को ऐसे व्यक्ति दाखिल कर सकते हैं, जिसकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक हो और जो वेतन, एक मकान की संपत्ति, अन्य स्रोतों (ब्याज) तथा कृषि आय से 5,000 रुपये प्रति वर्ष तक की आय प्राप्त करता हो। सुगम को ऐसे व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) और कंपनियों द्वारा दाखिल किया जा सकता है, जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक हो और व्यवसाय से और कोई पेशेवर आय हो। आईटीआर-2 उन व्यक्तियों और एचयूएफ द्वारा दाखिल किया जाता है जिनकी आय, व्यवसाय या पेशेवर लाभ या प्राप्ति से नहीं होती है।  

राजवाड़ा मार्केट इंदौर: सराफा से लेकर अन्य व्यापारी भी रात 10 बजे तक करेंगे कारोबार

इंदौर  राजवाड़ा क्षेत्र के बाजार में अब देर रात तक चहल-पहल रहेगी। सराफा व्यापारियों के साथ आते हुए क्षेत्र के अन्य बाजारों ने भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखने की घोषणा कर दी है। एक सितंबर से इस पर अमल होगा। राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा के बाद अपने सदस्य व्यापारियों के लिए सूचना जारी कर दी है। व्यापारी एसोसिएशनों द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में त्योहार और क्षेत्र के व्यापार को बढ़ाने को निर्णय का कारण बताया गया है। हालांकि असल कारण फुटपाथ व दुकानों के सामने कब्जे रोकना माना जा रहा है। सराफा में लग रही चाट-चौपाटी के खिलाफ चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने असहयोग आंदोलन छेड़ रखा है। ओटलों पर किराएदारी बंद करने के बाद सराफा बाजार में दुकानें रात 10 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन ने बैठक के बाद इस पर सहमति जताई है। एसोसिएशन के सदस्य 600 गारमेंट कारोबारियों के साथ अन्य 300 दुकानदार भी देर रात तक दुकानें खुली रखने के लिए तैयार हो गए हैं। सराफा व्यापारी कैविएट दायर करेंगे सराफा चाट चौपाटी के खिलाफ मुहिम चला रहे चांदी-सोना व्यापारी कानूनी तौर पर भी अपना पक्ष मजबूत करने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि व्यापारियों पर कदम पीछे खींचने और दुकानें नौ बजे तक बंद करवाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इस बीच व्यापारी गुमाश्ता कानून का हवाला देकर कह रहे हैं कि उन्हें रात 11 बजे तक दुकानें खुली रखने की छूट है, ऐसे में कोई भी जल्द बंद करने का दबाव नहीं बना सकता। चौपाटी वालों के अदालत जाने या ऐसी किसी अन्य याचिका पर एक पक्षीय आदेश से सुरक्षा के लिए सराफा व्यापारियों ने हाई कोर्ट में कैविएट दाखिल करने की तैयारी भी कर ली है। कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन भी समर्थन में कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन ने इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के साथ समन्वय कर साझा निर्णय लिया है कि आगामी दिनों में त्योहारों का सीजन रहेगा। ऐसे में वो भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखेंगे। इस दौरान राजवाड़ा-कृष्णपुरा तक क्षेत्र को पूरी तरह व्यवधान मुक्त रखने, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी और नगर निगम के अतिक्रमण व्यवस्था को चाक-चौबंद पुख्ता प्रबंधन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को व्यापारी पत्र भी लिखेंगे। दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है     त्योहार का सीजन आ गया है। ऐसे में दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है। हमारा लक्ष्य है कि आम नौकरीपेशा लोग काम से फ्री होकर रात को बाजार में खरीदारी के लिए आ सकें। इसके लिए हम अभी से प्रचार अभियान चलाएंगे। – अक्षय जैन, अध्यक्ष, इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन एक सितंबर से रात 10 बजे तक खुला रहेगा बाजार     रात तक दुकानें खुली रखने के निर्णय में हमारी एसोसिएशन साथ है। राजवाड़ा के साथ कृष्णपुरा के सभी रेडीमेड गारमेंट्स संस्थान एक सितंबर से रात 10 बजे तक सेवाएं देंगे। – विजेंद्रसिंह चौहान, अध्यक्ष, कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन  

MP टूरिज्म में लगेगा 3500 करोड़, नए डेस्टिनेशन और सुविधा से बढ़ेगी चमक

ग्वालियर  मध्यप्रदेश का टूरिज्म अब और फलेगा-फूलेगा। खासकर ग्वालियर पर्यटन के नक्शे पर अपनी अलग ही पहचान बनाएगा। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में पर्यटन की बेहतर व्यवस्था होगी। जो लोग यहां घूमने आएंगे उन्हें रहने की 5-7 स्टार सुविधा मिलेगी। दरअसल, उद्योगपतियों-निवेशकों को मध्यप्रदेश निवेश के लिए आकर्षित कर रहा है। इसी कड़ी में निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल-सागर संभाग में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। निवेशक इस क्षेत्र में 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर सकते हैं। उद्योगपतियों ने निवेश की यह इच्छा 30 अगस्त को ग्वालियर में आयोजित 'ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव' में जताई। उनके इस निवेश से टूरिज्म में इजाफा होगा, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होगी।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है। इस तरह उन्होंने इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। आज पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 जमीनों के लिए 6 निवेशकों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट जारी किए गए हैं। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन जमीनों पर होटल, रिसॉर्ट और इको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में दिखेंगे सुखद परिणाम सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में ग्वालियर की धरती पर 25 से अधिक प्रमुख इन्वेस्टर्स, देशभर से 125 से अधिक ट्रैवल-टूर ऑपरेटर, 500 से अधिक हितधारक और स्थानीय कलाकार शामिल हुए हैं। इन सभी के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। इसके भविष्य में निश्चित ही अच्छे और सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। आज का दिन बेहद खास है। यहां पहली ही बार हो रही रीजनल कॉन्क्लेव जबरदस्त रही। ग्वालियर के पास आगरा, मथुरा, दिल्ली है। ग्वालियर देश की राजधानी का सबसे नजदीकी केंद्र है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से देखें तो मथुरा-वृंदावन का नजदीकी क्षेत्र है। ग्वालियर का ऐतिहासिक महत्व है। राजा मानसिंह का किला और उसकी अपनी गाथा विशेष है। ऐसा लगता है  जैसे स्वर्ग को कोई टुकड़ा यहां किले के रूप में आसमान से आ गया हो।  ग्वालियर का इतिहास समृद्ध है। बड़े-बड़े सत्ताधीश बुरे समय में यहां के किले की जेल में ही बंदी बनाए गए।  ग्वालियर वह जगह है जहां बुरे दौर में भी आध्यात्मिक ताकतों का प्रकटीकरण हुआ। मितावली-पड़ावली का चौंसठ योगिनी का मंदिर असल में हमारी पुरानी लोकसभा के भवन की प्लानिंग है। जब 1912 में दिल्ली बनी तो संसद का निर्माण किया गया। अब नई संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। हमारे यहां चीते गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सहअस्तित्व नजर आता है। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर में सौगात मिल रही है। इंडिगो कंपनी ने सीएसआर के माध्यम से ग्वालियर किलों के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि दी है। प्रधानमंत्री मोदी दुनिया में देश की विरासत और पर्यटन केंद्रों को आगे बढ़ा रहे हैं। मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया के माध्यम से स्वदेशी और स्वाबलंवन के लिए काम कर रहे हैं।  इतिहास और विरासत है प्रदेश की पहचान प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश में पर्यटन का केंद्र बने, इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के पास आइडियाज का भंडार है और उन्हें जमीन पर उतारने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश को भी विकसित होना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सरकार हर सेक्टर के विकास पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में वाइल्ड लाइफ की विविधता हैं। एमपी टाइगर स्टेट, चीता स्टेट और घड़ियाल स्टेट भी है। सांची के स्तूप, भीम बैठिका और खजुराहो के मंदिर यूनेस्को की स्थाई सूची में शामिल हैं। 15 स्थल अस्थायी सूची में दर्ज हैं। जबकि देशभर में यूनेस्को की विश्व धरोहरों की संख्या 62 है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई पर्यटन नीति लागू की गई है। निवेशकों को सर्व सुविधाएं देते हुए रेड कारपेट बिछाकर आकर्षित किया जा रहा है। निवेशक मध्य प्रदेश आएं आपको कोई परेशानी नहीं होगी। मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली अवॉर्ड मिला हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, जंगल, पर्यटन, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में देश का महत्वपूर्ण राज्य है और प्रदेश दुनिया में आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में प्रदेश में उद्योग और निवेश का वातावरण बना है। प्रदेश में संभागीय स्तर पर छोटे शहरों में आयोजित रीजनल कॉन्क्लेव से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल देंगे। निवेशकों का रुझान प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करेगा। प्रमुख सचिव, पर्यटन-संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने इतिहास और विरासत के लिए पहचान रखता है। प्रदेश में 750 से अधिक संरक्षित केंद्र हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में प्रदेश की एक चौथाई से अधिक 18 साइट शामिल हैं। ग्वालियर विश्व के 54 चिह्नित शहरों में शामिल है। ग्वालियर को सांस्कृतिक महत्व से क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक घोषित किया गया है। यह शहर तानसेन और बैजू बावरा के लिए जाना जाता है। प्रदेश का 30 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से आच्छादित है। प्रदेश में 12 नेशनल पार्क हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में हैं। हाल ही में श्योपुर क्षेत्र में चीतों को दोबारा बसाया गया है। उनका कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग, भगवान राम और कृष्ण के फुट प्रिंट यहां हैं। मां नर्मदा के सौंदर्य देखने के लिए लोग आते हैं। उन्होंने … Read more

गर्मी का असर! भारत-पाक सहित एशिया कप मैचों की टाइमिंग में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  अमीरात क्रिकेट बोर्ड ने शनिवार को घोषणा की कि संयुक्त अरब अमीरात में भीषण गर्मी के कारण आगामी एशिया कप के 19 में से 18 मैचों का शुरू होने का समय मूल कार्यक्रम से आधे घंटे पीछे कर दिया गया है। संशोधित समय के अनुसार अब मैच स्थानीय समयानुसार शाम 6.30 बजे (भारतीय समयानुसार रात 8 बजे) शुरू होंगे। इस बार टी-20 प्रारूप में आयोजित होने वाला यह महाद्वीपीय टूर्नामेंट नौ से 28 सितंबर तक दुबई और अबू धाबी में खेला जाएगा।   सितंबर में जब टूर्नामेंट खेला जाएगा तो दिन के दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और देर शाम तक ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इतनी भीषण गर्मी में खेलने से बचने के लिए क्रिकेट बोर्डों ने मैचों के समय को थोड़ा आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। प्रसारकों से यह अनुरोध किया गया और उन्होंने बदलावों पर सहमति जताई। इसका मतलब है कि सभी दिन-रात्रि मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होंगे। इस बदलाव से अप्रभावित एकमात्र मैच टूर्नामेंट का एकमात्र दिन का मैच है, जोकि यूएई और ओमान के बीच होने वाला मुकाबला है। ये मैच 15 सितंबर को अबू धाबी के जायेद क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। अफगानिस्तान और हांगकांग 9 सितंबर को अबु धाबी में आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलेंगे। ईसीबी ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा, ‘‘एशिया कप 2025 के 19 मैचों में से 18 के शुरू होने का समय अपडेट कर दिया गया है। ये मैच अब स्थानीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होंगे।’’ बयान के अनुसार, ‘‘सोमवार, 15 सितंबर को यूएई और ओमान के बीच मैच स्थानीय समयानुसार दोपहर बाद चार बजे शुरू होगा। यह टूर्नामेंट का दिन में खेले जाने वाला एकमात्र मैच होगा।’’ एशियाई क्रिकेट परिषद ने इससे पहले जो कार्यक्रम जारी किया था उसके अनुसार मैच स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू होने थे।  

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल : ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का होगा शुभारंभ ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी नई उड़ान, ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम से बढ़ेगी जागरूकता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल, ‘दीदी के गोठ’ से अब हर गांव तक पहुँचेगी सशक्तिकरण की आवाज ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई दिशा और पहचान 31 अगस्त को दोपहर 12:15 बजे सभी आकाशवाणी केंद्रों से प्रसारित होगा कार्यक्रम बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur) पर भी उपलब्ध रहेगी,आकाशवाणी के बिलासपुर केंद्र से इस प्रसारण को 103.2 मेगा हर्ट्ज सुना जा सकेगा साथ ही लाइव स्ट्रीमिंग www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-Bilaspur के जरिए भी लोग कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों का विशेष संदेश कार्यक्रम के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।      दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी। कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूती हासिल की बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी  बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि दूसरी महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।      इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।

ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी

शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र बनेगा शक्तिशाली- सीएम योगी ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी  रक्षा मंत्री और सीएम योगी ने गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई किया लोकार्पण  यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षा उपकरणों के लिए पहले हमे दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, अब ऐसा नहीं होगा- मुख्यमंत्री – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है- मुख्यमंत्री – लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक नहीं पहुंची- सीएम योगी गौतमबुद्ध नगर   रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर में रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई, एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र मजबूत होता है और यूपी रक्षा उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह नोएडा को डिफेंस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज की बढ़ती हुई चुनौतियों को देखते हुए रक्षा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का सामना करने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन निर्माण के साथ एयरक्राफ्ट इंजन एंड डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी विकसित की गई है। पहले हमें दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, डाटा कैप्चर कर दुश्मन हमें पंगु बनाने की कोशिश करता था। अब ऐसा नहीं होगा।  ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत के सामर्थ का एहसास कराया- सीएम योगी उन्होंने कहा कि 1947 से भारत विभिन्न युद्धों का सामना करता रहा है। प्रत्येक युद्ध का पैटर्न बदलता रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने युद्ध के एक नए दौर में प्रवेश किया, जिसने भारत के सामर्थ्य का एहसास दुनिया को कराया। लेकिन इसने हमें भविष्य की चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा भी दी। हम सभी जानते हैं कि ताकत हो तो दुनिया नतमस्तक होती है। सीएम योगी ने गुरु द्रोणाचार्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनसे पूछा गया कि आप शस्त्र क्यों धारण कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा- 'अग्रत: चतुरो वेदा: पृष्‍ठत: सशरं धनु:'। शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे शास्त्र चिंता प्रवर्तते। शस्त्र और शास्त्र के बेहतर समन्वय से राष्ट्र शक्तिशाली होता है। शांति मांगने से नहीं, ऐसी स्थिति में अगला व्यक्ति शांति की अपील करता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने भी कहा था- वीर भोग्या वसुंधरा। रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा यूपी- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले से समृद्ध रहा है। यहां 9 ऑर्डिनेंस फैक्ट्री पहले से कार्यरत हैं, जो रक्षा उत्पादन में योगदान दे रही हैं। डिफेंस पीएसयूज़ उत्तर प्रदेश में पहले से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की चुनौतियों को देखते हुए दो नए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग केंद्र दिए, जिसमें एक यूपी को मिला। हम 6 नोड्स- अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में विकास कर रहे हैं। अब तक 12.5 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध कराई गई है। जितनी भी सुविधा चाहिए, यूपी सरकार उपलब्ध कराएगी। सीएम योगी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल का केंद्र लखनऊ में बनाया है। अब लखनऊ ब्रह्मोस मिसाइल के रूप में भी जाना जाता है। लखनऊ की मुस्कुराहट तब तक अधूरी थी, जब तक मिसाइल की गूंज दुश्मन के कानों तक न पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने अपनी क्षमता दिखाई। इसी तरह DDL का केंद्र झांसी में, AK 203 अमेठी में और एस्कॉर्ट हरदोई में कार्यरत हैं। रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का हुआ उद्घाटन  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया, जहां अत्याधुनिक ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद एयरक्राफ्ट इंजन और डिफेंस एयरोस्पेस टेस्ट फेसिलिटी का लोकार्पण हुआ, जो रक्षा क्षेत्र में परीक्षण और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों ने ड्रोन प्रदर्शनी का दौरा किया, जहां विभिन्न प्रकार के ड्रोन के मॉडल और उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।  इस दौरन सीडीएस जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, सांसद महेश शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि व रक्षा विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच

प्रदेश को 4 नए आटोमेटिक टेस्ट स्टेशन की सौगात प्रदेश में कुल एटीएस की कुल संख्या हुई 14 ,वाहनों की सुरक्षा और प्रदूषण मानकों की होगी जांच ऑटोमेटिक टेस्ट स्टेशन (एटीएस) के जरिये और पारदर्शी होगी प्रक्रिया योगी सरकार द्वारा किया जा रहा एटीएस का विस्तार , लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर व मीरजापुर में नए एटीएस लखनऊ  योगी सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 04 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है। वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह सिलसिला जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रहा है। नियमानुसार समस्त आरसी रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी/परिवहन आयुक्त द्वारा ही निर्गत किए गए हैं। आरसी प्राप्त 04 नए एटीएस (RC दिनांक 26-08-2025), प्रदेश में संख्या हुई 14  1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ 2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा 3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर 4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। नीति/प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु (SOP के अनुरूप) जनपद-वार सीमा: किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं। First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में एक तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 एटीएस अनुमन्य हैं। भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारंभिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए। वित्तीय/दस्तावेजी शर्तें: 50,000 रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क। 5,00,000  रुपये की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह), वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि। ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य, CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण, AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत की जाती है।  पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन। जनहित में एटीएस के लाभ एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है। इससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है और पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है। रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है तथा राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं। एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बनें। परिवहन विभाग एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें। ब्रजेश नारायण सिंह,  परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश