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साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को क्लीनचिट, मालेगांव केस में नहीं मिला दोष साबित होने का सबूत, विधर्मियों का मुंह हुआ काला

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने मालेगांव धमाके में एनआईए की अदालत से मिली क्लीनचिट को सनातनियों की जीत बताया है तो यह भी कह दिया कि 'विधर्मियों का मुंह काला' हो गया। उन्होंने 'हिंदूराष्ट्र' की मंशा भी जाहिर की है। अदालत ने साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित सभी सात आरोपियों को 17 साल बाद बरी कर दिया। साध्वी प्रज्ञा ने उनकी गिरफ्तारी के बाद 'भगवा आतंकवाद' जैसे गढ़े गए शब्दों को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने इसमें दूसरे धर्म के सभी लोगों को भी लपेट लिया। साध्वी ने शुक्रवार रात एक्स पर लिखा, 'भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद के जन्मदाता कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह हुआ काला। भगवा ,हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का हुआ बोलबाला बहुत-बहुत बधाई।' साध्वी ने अपनी पोस्ट के साथ जय हिंदूराष्ट्र, जय श्री राम का नारा लगाया। भोपाल की पूर्व सांसद ने इससे पहले एक्स पर एक भगवा झंडे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'भगवा चिर विजयी ध्वज….' झंडे के नीचे राष्ट्र जयघोष लिखा हुआ है। बचपन से ही हिंदुत्व की विचारधारा के लिए समर्पित साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक बम धमाके के केस में गिरफ्तार किया गया था। आरोप लगाया गया था कि जिस बाइक पर विस्फोटक रखा गया था वह साध्वी के नाम रजिस्टर्ड थी। लेकिन अदालत ने कहा कि सबूतों से यह साबित नहीं हो पाया। साध्वी प्रज्ञा ने अपने पोस्ट में लिखा कि भगवा आतंकवाद और हिन्दू आतंकवाद की अवधारणा गढ़ने वाली कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह काला हुआ, भगवा, हिंदुत्व और सनातन की विजय पर समस्त सनातनियों और देशभक्तों का बोलबाला। बहुत-बहुत बधाई। जय हिन्दू राष्ट्र, जय श्रीराम। विज्ञापन एनआईए कोर्ट से मिली राहत गौरतलब है कि वर्ष 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाके में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ली थी और साध्वी प्रज्ञा समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। मामले की करीब 16 साल तक चली सुनवाई के बाद, विशेष एनआईए अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा। कोर्ट के फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भगवा आतंकवाद का नैरेटिव एक राजनीतिक साजिश था और उसका आज पटाक्षेप हो गया है। कौन-कौन थे आरोपी?  मामले में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी पर आतंकवाद और आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप लगे थे। इन सभी पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मुकदमा चला है, जिनमें हत्या, साजिश, सांप्रदायिकता फैलाना, और आतंक फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच की और कोर्ट से आरोपियों को उनके अपराध के अनुसार सजा देने की मांग की थी।  मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोटक में धमाका होने से 6 लोगों की मौत हो गई थी और 101 अन्य लोग घायल हो गए थे। इस मामले के आरोपियों में ठाकुर, पुरोहित, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल थे। हिंदू आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ‘हिंदू आतंकवाद’, और ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। अब अदालत के फैसले के बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस से जवाब मांगा जा रहा है।

9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को मिली 20 हजार 500 करोड रुपए की राशि

भारत बनेगा विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के बैंक खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त हस्तांतरित की 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को मिली 20 हजार 500 करोड रुपए की राशि पीएम मोदी ने वाराणसी से किसानों को भेजी सम्मान निधि भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हमारी सरकार निरंतर किसानों की खुशहाली के लिए काम कर रही है। वर्ष 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत हुई थी। योजना के तहत पौने चार लाख करोड रुपए किसानों के बैंक खातों में जमा किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरण के कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने 20वीं किस्त के रूप में 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों को 20 हजार 500 करोड रुपए की सम्मान राशि का हस्तांतरण किया। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और किसान कल्याण पर केंद्रित 2,183 करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है किसान सम्मान निधि योजना : मंत्री कंषाना मध्यप्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना कृषि उपज मंडी करोंद में पीएम किसान दिवस में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअली शामिल हुए। मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई थी। इसके तहत किसानों को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने के लिए साल भर में 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदाय की जाती है। आज 2 अगस्त का दिन हम सभी के लिये फिर खुशहाली लेकर आया है क्योंकि आज के दिन को हम पीएम किसान दिवस के रूप में मना रहे हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिनका नारा है सबका साथ सबका विकास के साथ देश को आगे बढ़ा रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि की 20 वी किश्त के रूप में भारत के लगभग 9 करोड़ 70 लाख किसानों को 20 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि में से मध्यप्रदेश के 87 लाख 93 हजार किसानों को 7 हजार 39 करोड की राशि बनारस से सीधे उनके खातों में डाली जा रही है। इससे पहले किसान सम्मान निधि से 10 हजार करोड़ किसानों को 3.69 लाख करोड़ की राशि दी जा चुकी है। मंत्री कंषाना ने कहा कि यह सम्मान निधि किसानों के लिए आर्थिक सक्षमता ही नहीं बल्कि उनका सम्मान भी है। आज 2 अगस्त 2025 को देश के सभी राज्यों में राज्य स्तर, जिला स्तर, विकास खण्ड स्तर, एवं ग्राम पंचायत स्तर पर भी पीएम किसान दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में हम सभी एकत्रित हुये हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने देश एवं प्रदेश को मजबूत बनाने की दिशा में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए अपील की। कार्यक्रम में सचिव कृषि निशांत बरबड़े, संचालक अजय गुप्ता, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान सम्मिलित हुए। 

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी की पुष्पांजलि अर्पित, सेंट्रल हॉल में हुआ कार्यक्रम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल की जयंती पर शनिवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष तोमर की पहल स्वागत योग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश गठन के बाद पहले मुख्यमंत्री रहे पं. रविशंकर शुक्ल ने प्रदेश के विकास के लिए आधारभूत रूप से जो कार्य आरंभ किया, उस नींव पर ही प्रदेश के वर्तमान स्वरूप ने आकार लिया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा राज्य के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती पर उन्हें स्मरण करने की परम्परा आरंभ करने की पहल स्वागत योग्य है। राज्य के विकास में इन पुण्यात्माओं के योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराने में उनके स्मरण का यह नवाचार सहायक होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने भी की मीडिया से चर्चा विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश के श्रद्धेय मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों के योगदान का स्मरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ। प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री श्रद्धेय पं. रविशंकर शुक्ल जी के जीवन और संघर्ष से हम सभी प्रेरणा लेते हैं। आज उनकी जयंती है, उन्हें स्मरण कर ईश्वर से यही प्रार्थना है कि हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने की शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें।  

CM मोहन यादव की निवेशकों को बड़ी राहत, 100 करोड़ पर 30 करोड़ की सब्सिडी की घोषणा

सीहोर  सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सीहोर जिले के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 1600 करोड़ की लागत वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र भी वितरित किए और सभी को अपनी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि मध्यप्रदेश में 100 करोड़ के निवेश पर सरकार 30 करोड़ की सब्सिडी देगी। अगर कोई अगर कोई 40 लाख की गौशाला खोलता है तो 10 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने की ये बड़ी घोषणाएं  सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जिले के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में 1600 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाली 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने भूमि आवंटन के आशय पत्र वितरित भी किए। कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि मध्यप्रदेश में 100 करोड़ का निवेश करने पर प्रदेश सरकार 30 करोड़ की सब्सिडी देगी। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक कारखाना लगाने पर सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी, भूमि सहित अन्य छूट दी जा रही है..साथ ही इसमें काम करने वाली महिलाओं को को प्रति माह 6000 और पुरुषों को 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि 10 साल तक दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कृषि क्षेत्र में सीहोर के किसानों को बड़ा लाभ देने के लिए जल्द ही एक लाख मीट्रिक टन सब्जियों की खरीद व्यवस्था शुरू होगी, जिससे दो लाख से अधिक किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इसके अलावा पॉवर ट्रांसफर इकाई की स्थापना भी जिले में रोजगार के नए अवसर खोलेगी। इसी के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में ‘वृंदावन ग्राम’ स्थापित होंगे। 40 लाख की गौशाला खोलने पर 10 लाख का सरकारी अनुदान मिलेगा। उन्होंने बताया कि गाय का दूध खरीदने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू किया जा रहा है। सीहोर में लगेगा राज्य स्तरीय कृषि मेला कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें सीहोर, देवास, उज्जैन और सोनकच्छ जैसे क्षेत्रों की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि 12 से 14 अक्टूबर तक सीहोर में राज्य स्तरीय कृषि मेला आयोजित किया जाएगा जिसमें देशभर के उद्योगपति, किसान और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में लगातार विकास कर रहा है और बहन-बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगारोन्मुखी उद्योगों की स्थापना पर न सिर्फ उद्योगपतियों को विशेष छूट देगी, बल्कि महिला और पुरुष कर्मचारियों के लिए मासिक अनुदान भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मध्यप्रदेश से जो एक बार जुड़ता है, वह जीवनभर के लिए जुड़ जाता है’।  

‘2020 में जेटली ने धमकाया?’ राहुल गांधी के बयान पर उठा सवाल, BJP ने याद दिलाई मौत की तारीख

 नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयान ने एक बार फिर सियासी भूचाल ला दिया है. शनिवार को कांग्रेस के वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को लेकर ऐसा दावा कर दिया, जिसे भाजपा ने 'फेक न्यूज' करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब अरुण जेटली का निधन 2019 में हो गया तो वह राहुल गांधी से मिलने 2020 में कैसे आ गए? लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के इस दावे पर कि दिवंगत पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था, डीडीसीए प्रमुख रोहन जेटली ने शनिवार को कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि उनके पिता का निधन इन कानूनों के लागू होने से पहले ही हो गया था। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था। कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे।" एक्स पर एक पोस्ट में, रोहन जेटली ने लिखा, "राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था। कृषि कानून 2020 में लागू हुए थे। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता के स्वभाव में किसी को भी विरोधी विचार के लिए धमकाना नहीं था। वह एक कट्टर लोकतांत्रिक व्यक्ति थे और हमेशा आम सहमति बनाने में विश्वास रखते थे।" उन्होंने आगे लिखा, "अगर ऐसी कोई स्थिति आती, जैसा कि राजनीति में अक्सर होता है, तो वह सभी के लिए पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र और खुली चर्चा का आह्वान करते। वह ऐसे ही थे और आज भी उनकी यही विरासत है। मैं राहुल गांधी से कहता हूं वे उन लोगों के बारे में बोलते समय सचेत रहें जो हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के साथ भी कुछ ऐसा ही करने की कोशिश की, उनके अंतिम दिनों का राजनीतिकरण किया, जो भी उतना ही घटिया था। दिवंगत आत्मा को शांति मिले।'' इससे पहले दिन में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि एनडीए सरकार ने दिवंगत केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पहले लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ने की कोशिश करने पर उन्हें धमकाने के लिए भेजा था। राहुल गांधी ने कहा, "मुझे याद है कि जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा था, 'अगर आप सरकार का विरोध करते रहेंगे और कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ते रहेंगे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।' मैंने उनकी तरफ देखा और कहा, ''मुझे नहीं लगता कि आपको पता है कि आप किससे बात कर रहे हैं।'' दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान कहा, "मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, वो (अरुण जेटली) अब नहीं हैं, इसलिए मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए लेकिन फिर भी कहूंगा, अरुण जेटली जी को मुझे मिलने और धमकी देने के लिए भेजा गया था." राहुल ने कहा कि जेटली जी ने मुझसे कहा, "अगर तुम इस रास्ते पर चलते रहे, सरकार का विरोध करते रहे और कृषि कानूनों पर हमसे लड़ते रहे, तो हमें तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी. मैंने जवाब दिया कि मुझे नहीं लगता कि आपको अंदाजा है कि आप किससे बात कर रहे हैं. हम कांग्रेस वाले हैं, डरते नहीं हैं, झुकते नहीं हैं. हमें तो अंग्रेज नहीं झुका पाए." भाजपा का पलटवार: फर्जी बयानों से दूर रहें राहुल राहुल गांधी के इस बयान पर सबसे तीखा जवाब आया बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की ओर से. उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, 'Fake News Alert!' उन्होंने आगे लिखा, "राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि अरुण जेटली ने उन्हें 2020 में लाए गए कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था. लेकिन तथ्य यह है कि अरुण जेटली का निधन 24 अगस्त 2019 को हो गया था, जबकि कृषि कानूनों का मसौदा पहली बार 3 जून 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया गया था और ये कानून सितंबर 2020 में पास हुए." अमित मालवीय ने आगे कहा, "ऐसे में यह दावा सरासर झूठा और भ्रामक है कि जेटली जी ने उन्हें किसी बात के लिए संपर्क किया. यह साफ है कि राहुल गांधी एक बार फिर टाइमलाइन को तोड़-मरोड़ कर अपनी राजनीतिक कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं." पिता की आत्मा को शांति से रहने दें: रोहन जेटली अरुण जेटली के बेटे और दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "राहुल गांधी अब यह दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने कृषि कानूनों को लेकर उन्हें धमकी दी थी. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे. और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरे पिता कभी किसी को किसी विचार के विरोध के लिए धमकाने वाले नहीं थे. वह एक सच्चे लोकतांत्रिक व्यक्ति थे जो हमेशा संवाद और सहमति में विश्वास रखते थे." उन्होंने आगे कहा, "मैं राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि जो अब हमारे बीच नहीं हैं, उनके बारे में बोलते समय थोड़ी संवेदनशीलता दिखाएं. उन्होंने मनोहर पर्रिकर जी के अंतिम दिनों को भी राजनीति से जोड़कर अपमानजनक हरकत की थी." हर बात में झूठ, कांग्रेस कब सुधरेगी: अनुराग ठाकुर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी की हर बात झूठ है. हर साल झूठ बोलते हैं, वो सुधर नहीं सकते. रोज एक नया झूठ. कांग्रेस कब तक झूठ की राजनीति करेगी? अरुण जेटली बड़े नेता थे. उनका निधन 2019 में हुआ और कृषि कानून 2020 में संसद में आया. कितने झूठ बोलेंगे राहुल गांधी? जब जेटली जी 2019 में ही गुजर गए, तो वो उनसे 2020 में मिलने कैसे आ सकते हैं? राहुल गांधी को अरुण जेटली के परिवार … Read more

पहलगाम हमले का लिया बदला, PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को महादेव को किया समर्पित

 लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर पहुंच गए हैं, जहां वह कुछ देर में करीब 2,183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त भी जारी की. बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन से पहले सावन के महीने में उनका ये दौरा पूर्वांचल के विकास को नई दिशा देगा. इस मौके पर पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'आज मैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार काशी आया हूं. जब 22 अप्रैल पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. 26 निर्दोष लोगों की बेहरमी से हत्या कर दी गई. उनके परिवार की पीड़िता उन बच्चा का दुख और उन बेटियों की वेदना, मेरा मन बहुत दुख से भर गया था. तब मैं बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना कर रहा था कि उन्हें ये दुख सहन करने की शक्ति दे. मैंने जो वचन दिया था वो भी पूरा हुआ ये महादेश के आशीर्वाद से पूरा हुआ है.' साथियों इन दिनों जब काशी में गंगा जल लेकर जाते हुए शिव भक्तों की तस्वीरें देखने का अवसर मिल रहा है और खास कर जब हमारे यादव बंधु बाबा का जलाभिषेक करने निकलते हैं तो वो बहुत ही मनोरम दृश्य होता है. आज काशी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है. इस बारे में बोलते हुए पीएम ने कहा, 'जब काशी से धन जाता है तो वो अपने आप में प्रसाद बन जाता है. 21 हजार करोड़ रुपये किसाने के खाते में जमा कर दिए हैं.' पीएम ने कहा कि पहले के सरकारों में किसानों के नाम पर एक घोषणा भी पूरी होना मुश्किल थी, लेकिन बीजेपी सरकार जो कहती है वो करके दिखाती हैं. आज पीएम किसान सम्मान निधि सरकार के पक्के इरादों की उदाहरण बन गई है. किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की, जिसके तहत देशभर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों को 20,500 करोड़ सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए. इसके बाद पीएम ने दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित किए. पीएम ने दृष्टिबाधित छात्रा बबली को लो विजन का चश्मा भेंट किया और छात्रा से बातचीत की. इसके बाद पीएम ने संतोष कुमार पांडे व्हीलचेयर प्रदान की.  इन प्रमुख परियोजनाओं का PM करेंगे उद्घाटन     वाराणसी-भदोही सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण (269.10 करोड़)     मोहनसराय-अडलपुरा मार्ग पर ROB का निर्माण (42.22 करोड़)     PAC रामनगर में बहुउद्देशीय सभागार (2.54 करोड़)     CSR के तहत 8 मिट्टी घाटों का पुनर्विकास (22 करोड़)     कालिका धाम मंदिर पर्यटन विकास (2.56 करोड़)     लालपुर स्टेडियम में हॉकी मैदान का पुनर्निर्माण (4.88 करोड़)     तिलमापुर में रंगीला दास कुटिया के पास घाट का निर्माण (1.77 करोड़)     पशु जन्म नियंत्रण और डॉग केयर सेंटर (1.85 करोड़)     53 विद्यालय भवनों की मरम्मत (7.89 करोड़)     कैंसर अस्पतालों में अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना (73.30 करोड़)     जल जीवन मिशन के तहत 47 पेयजल योजनाएं (129.97 करोड़)     दुर्गाकुंड का जीर्णोद्धार (3.40 करोड़)  

प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में उम्रकैद की सजा, कोर्ट ने ठोका 5 लाख का जुर्माना

बेंगलुरु कर्नाटक की बेंगलुरु कोर्ट ने जेडीएस से निष्कासित पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप के मामले में दोषी करार देने के बाद उम्रकैद की साल की सजा सुनाई है। एक दिन पहले बेंगलुरु की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को दोषी करार दिया था। जन प्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना को हासन जिले के होलेनरसीपुरा स्थित एक फार्महाउस में घरेलू नौकरानी से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नौकरानी की उम्र 47 साल थी। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना के ऊपर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पिछले साल प्रज्वल रेवन्ना के सेक्स टेप की पेनड्राइव सुर्खियों में आई थी। इसके बाद उनके महिलाओं के साथ वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने अपनी घरेलू सहायिका के साथ रेप के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्‍वल रेवन्‍ना पर अदालत ने 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अदालत ने प्रज्‍वल रेवन्‍ना को अधिकतम सजा सुनाई है. प्रज्‍वल रेवन्‍ना को 48 साल की महिला के यौन उत्‍पीड़न से जुड़े मामले में यह सजा सुनाई गई है. यह महिला घरेलू सहायिका थी. उनके खिलाफ यौन उत्‍पीड़न और इस कृत्य का वीडियो प्रसारित करने का भी आरोप लगाया गया था. हासन जिले के होलेनरसीपुरा में रेवन्ना परिवार के फार्महाउस में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली महिला ने आरोप लगाया था कि प्रज्वल रेवन्ना ने 2021 से उसके साथ बार-बार रेप किया. साथ ही इस दौरान रिकॉर्डिंग भी की और धमकी दी कि अगर उसने किसी को भी अपने किए के बारे में बताया तो वह वीडियो जारी कर देगा. पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी हासन से जेडीएस के सांसद रह चुके प्रज्वल रेवन्ना को पिछले सात 31 मई को अरेस्ट किया गया था। रेवन्ना की गिरफ्तारी बड़े पैमाने पर महिलाओं के साथ अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद हुई थी। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। इसके बाद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ पीड़ित महिलाओं ने रेप के दर्ज कराए थे। रेवन्ना को बेंगलुरु की कोर्ट ने पहले मामले में सजा सुनाई है। कोर्ट में जब रेवन्ना को दोषी करार दिया गया तो परिवार की तरफ से कोई मौजूद नहीं रहा। प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। 2144 पेज की चार्जशीट कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने पिछले साल अगस्त में जांच के बाद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ 2144 पेज की बड़ी चार्जशीट दाखिल की थी। यह यौन उत्पीड़न और रेप के मामलों के लिए की गई थी। प्रवज्ल रेवन्ना ने घर में काम करने वाली महिलाओं का यौन शोषण किया था। प्रज्वल रेवन्ना के तमाम महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में 26 अप्रैल को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इस घटनाक्रम ने कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला दिया था। सियासी बवंडर के बीच जहां रेवन्ना विदेश चले गए थे। 31 मई को जर्मनी से लौटने पर उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अरेस्ट किया गया था। कैसे खुला मामला प्रज्वल रेवन्ना का पूरा कांड साल 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान खुला। 24 अप्रैल 2024 की सुबह हासन स्टेडियम के रनिंग ट्रैक पर सैकड़ों पैन ड्राइव मिले। जिसमें पूर्व सांसद से जुड़े 3 हजार सेक्स क्लिप थे। देखते ही देखते अश्लील वीडियो कर्नाटक सहित देश भर में वायरल होने लगे। रेवन्ना का ताल्लुक देश के बड़े सियासी परिवार से है। जनता दल सेक्युलर नेता एचडी देवेगोड़ा देश के प्रधानमंत्री रहे। चाचा कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। पिता राज्य में कद्दावर मंत्री रहे। रेवन्ना खुद हासन सीट से सांसद रहा। लिहाजा मामले ने तुरंत राजनीतिक तूल पकड़ लिया। लोकसभा चुनाव होने के कारण जनता दल सेक्युलर और उसकी सहयोगी पार्टी BJP पर कांग्रेस व अन्य दलों ने जमकर हमला बोला। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कर्नाटक पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई। अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद एक बाद एक करके 50 से अधिक युवतियां व महिलाएं सामने आई। उन्होंने रेवन्ना के दुराचार की बात देश के सामने रखी। रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। कर्नाटक पुलिस ने आरोपी रेवन्ना के खिलाफ 4 मामले दर्ज किए। रेप केस में नाम आने पर जर्मनी भाग गया रेवन्ना मामले का वीडियो सामने आने के बाद आरोपी प्रज्ज्वल रेवन्ना को गिरफ्तार करने के लिए कर्नाटक पुलिस पर दवाब बढ़ने लगा। गिरफ्तारी के डर से प्रज्ज्वल जर्मनी भाग गया। 31 मई 2024 को वह भारत लौटा। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कर्नाटक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हासन सीट से करना पड़ा हार का सामना यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद देवेगौड़ा परिवार की सियासी रसूख पर भी बट्टा लग गया। रेवन्ना हासन सीट से हार गया। कांग्रेस के श्रेयस पटेल ने जीत दर्ज की। साड़ी में मिला शुक्राणु, खुद के बनाए वीडियो से फंसा पीड़िता प्रज्ज्वल के यहां काम करती थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि साल 2021 में प्रज्ज्वल ने दो बार उसका रेप किया। पूर्व सांसद के कृत्य की पुष्टि रेप पीड़िता के साड़ी से हुई। पीड़िता की साड़ी से प्रज्ज्वल का DNA मिला। पीड़िता ने कहा कि जब उसका वीडियो वायरल हुआ तो वह पुलिस के पास पहुंची। पीड़िता ने 28 अप्रैल 2024 को रेवन्ना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का रेप वाला वीडियो भी पुलिस के हाथ लगा। फॉरेंसिक की जांच में वीडियो फुटेज में दिख रहा व्यक्ति और रेवन्ना एक ही शख्स है। इसकी पुष्टि हुई। दोषी साबित होती फूट-फूटकर रोने लगा रेवन्ना बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट के जज संतोष गजानन भट ने 1 अगस्त को जैसे ही प्रज्वल के दोषी होने का फैसला सुनाया, कर्नाटक के सबसे ताकतवर परिवार से आने वाला प्रज्वल फूट-फूटकर रोने लगा। पीड़िता की ओर से केस लड़ने वाले वकील अशोक नायक ने कहा कि विक्टिम का बयान बहुत मजबूत था। यह केस चार साल पुराना था। इसलिए भी आरोपी दोषी साबित करना जटिल था। नायक ने कहा कि सबूत और पीड़िता के गवाह के आधार पर कोर्ट ने रेवन्ना को दोषी पाया। भारत में रेप के मामले … Read more

मुख्यमंत्री साय की दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग, बस्तर और विकास एजेंडे पर मंथन

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद शनिवार सुबह रायपुर लौट आए। इस दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। दौरा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विकास, बस्तर की पहचान और बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार जैसे अहम विषयों पर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि दिल्ली दौरे में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा आलाकमान से हुई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विजन "अंजोर@2047", राज्य के राज्योत्सव, और अगले छह महीनों तक चलने वाले आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सीएम साय ने बस्तर ओलंपिक को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इसे 'खेलो इंडिया ट्राइब गेम्स' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे बस्तर को नई सांस्कृतिक और खेल पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलताएं इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार दिल्ली दौरे की एक और अहम उपलब्धि रही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत। सीएम साय ने कहा कि थोड़ा इंतजार कीजिए, बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान से इस विषय पर गहन चर्चा हुई है और संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नए मंत्रियों का शपथग्रहण हो सकता है। सीएम साय ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय कुल 12 मंत्रियों ने शपथ ली थी। लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद दो मंत्री पद रिक्त हो गए, जिन्हें भरने की कवायद कई बार शुरू होकर भी अधूरी रह गई थी। अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल जाएगा।  

किसानों को मिली राहत! पीएम मोदी ने ट्रांसफर की 20वीं किस्त, ऐसे करें स्टेटस चेक

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानि शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एकदिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे कुल 2183.45 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. यह उनका काशी का 51वां दौरा होगा. वहीं इस दौरान वह पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत देश भर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. PM मोदी ने आज बनारस से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त को योग्य किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। इन सभी किसानों के खाते में 2000 रुपये भेज दिए गए हैं। बता दें, सरकार की तरफ से 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आधार कार्ड के जरिए चेक कर सकते हैं बैलेंस पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सबसे पहले PM Kisan की वेबसाइट पर जाएं। उसके बाद वहां Beneficiaey Status पर क्लिक करें। अब आपका आधार नंबर और अकाउंट नंबर माना जाएगा। आप दोनों में से किसी एक को भर कर आगे बढ़ें। Get Data पर क्लिक करते ही लाभार्थी की सूची दिख जाएगी। साथ ही पेमेंट्स के डीटेल्स सामने आ जाएंगे। नहीं आया है पैसा तो क्या करें? जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आया है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। सबसे पहले वो चेक कर लें कि उन्होंने ई-केवाईसी करवाई है या नहीं। अगर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले इसे पूरा करें। बता दें, सरकार की तरफ से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। हर साल मिलते हैं 6000 रुपये पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की योजना है। इसकी पहली किस्त 2019 में ट्रांसफर की गई थी। उसके बाद से ही योग्य किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये की तीन किस्त एक साल में ट्रांसफर की जाती है। इन किसानों को हर साल सरकार की तरफ से 6000 रुपये मिलते हैं। कौन-कौन से किसान उठा सकते हैं इसका फायदा 1- भारतीय नागरिक होना चाहिए। 2- खेत होना चाहिए। 3- छोटे या फिर सीमांत किसान होने चाहिए। 4- 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने नहीं होने चाहिए। 5- इनकम टैक्स फाइल नहीं करते हों। कैसे करें पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन 1- सबसे पहले https://pmkisan.gov.in 2- New Farmer Registration पर क्लिक करें। 3- अपना आधार नबंर और Captcha लिखें। 4- डीटेल्स भरने के बाद YES पर क्लिक करें। 5- पूरे फॉर्म को भरें उसके बाद Submit पर क्लिक करें। किसी भी सहायता या शिकायत के लिए पीएम किसान की हेल्प लाइन नंबर 155261 या फिर 011-243300606 पर फोन करें।

अगस्त-सितंबर में मेघ करेंगे जमकर बरसात, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार

नई दिल्ली मानसून की बारिश से देश के अधिकांश हिस्सों में हाहाकार मचा है। खासतौर पर हिमालयी राज्यों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। पिछले दिनों से जारी भारी बारिश और भूस्खलन के चलते जगह-जगह रास्ते टूटने से अमरनाथ यात्रा 3 सितंबर तक रोक दी गई है। जम्मू-कश्मीर के साथ ही हिमाचल प्रदेश में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई रास्ते बंद हो गए हैं। कई मैदानी राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फिलहाल, कोई राहत भी नजर नहीं आ रही क्योंकि मौसम विभाग ने पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से लेकर पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अगले सात दिन भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में आज भी बारिश की संभावना श्रीनगर में अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों ही मार्गों से अमरनाथ यात्रा दो दिन और स्थगित कर दी गई है। दोनों मार्गों पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं। जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से लगातार दूसरे दिन तीर्थयात्रियों की आवाजाही स्थगित रही। इस वर्ष अब तक 4.05 लाख से अधिक यात्री पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू संभाग में भी कई रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। धुंध के कारण कई दिनों से कटड़ा-सांझीछत हेलिकॉप्टर सेवा बाधित रही। भूस्खलन के कारण बुधवार रात उधमपुर में जखैनी से हाईवे को दूसरी लाइन पर घंटों डायवर्ट करके वाहनों को भेजना पड़ा। बसंतगढ़-रामनगर मार्ग पर मलबे के कारण तीसरे दिन भी आवाजाही बंद रही। शनिवार को भी केंद्र शासित प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। हिमाचल में 6 तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर और आसपास के पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना जताई है। इस दौरान 2 और 3 अगस्त को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मेघालय और 3 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश और बिहार में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 6 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण राज्य में 283 मार्ग अभी भी बंद हैं। इनमें चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। लाहौल और स्पीति जिले में मशेरन नाला में बाढ़ के कारण मनाली-लेह राजमार्ग को बंद करना पड़ा है। राज्य आपका संचालन केंद्र ने बताया कि 314 बिजली ट्रांसफार्मर और 221 जल आपूर्ति योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। झारखंड में घर गिरा, बच्चे की मौत झारखंड के दुमका जिले में भारी बारिश के कारण शुक्रवार सुबह एक घर के गिर जाने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई और उसकी 14 वर्षीय बहन घायल हो गई। यह घटना हंसडीह थाने के बामनखेटा गांव में हुई। स्थानीय लोगों ने बच्चों को मलबे से निकाला। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसकी बहन को इलाज के लिए देवघर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   राजस्थान के धौलपुर में मिनी ट्रक बहा राजस्थान के कई जिलों में भी पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। इससे नदी-नाले उफान पर हैं। शुक्रवार को धौलपुर जिले में उफनती पार्वती नदी में एक मिनी ट्रक बह गया। इसमें उसके ड्राइवर और खलासी के मारे जाने की आशंका है। अभी तक दोनों लापता हैं और उनकी तलाश चल रही है। खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी इलाके में बाइक सवार एक युवक की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। एहतियात के तौर पर नागौर जिले में प्रशासन ने लूनी नदी के जसनगर पुलिया पर लगभग छह इंच पानी भर जाने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-458 को बंद कर दिया है। भारी बारिश के कारण 16 जिलों में शुक्रवार को स्कूल भी बंद रहे।   दक्षिण-पश्चिम मानसून का दूसरा चरण होगा सक्रिय भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी अगस्त और सितंबर माह के लिए राहतभरी भविष्यवाणी की है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून का दूसरा चरण देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा लेकर आएगा। हालांकि पूर्वोत्तर और कुछ अन्य क्षेत्रों में कम बारिश की आशंका भी जताई गई है। प्रशांत और हिंद महासागर में समुद्री परिस्थितियों का अध्ययन इस पूर्वानुमान का आधार है। अगस्त-सितंबर की अवधि के दौरान देश भर में सामान्य से अधिक वर्षा 31 जुलाई को जारी आईएमडी के मासिक पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगस्त-सितंबर की अवधि के दौरान देश भर में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। विभाग ने इस बारिश को लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 106% से अधिक बताया है। यानी यह सामान्य वर्षा से भी बेहतर हो सकती है। हालांकि देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश का अनुमान है, लेकिन पूर्वोत्तर भारत, मध्य भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीपीय इलाकों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों 2021से 2025 में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में लगातार सामान्य से कम बारिश हुई हैऔर इस क्षेत्र में वर्षा में गिरावट का दीर्घकालिक रुझान देखा जा रहा है। अगस्त-सितंबर की वर्षा का औसत और संभावित वितरण 1971 से 2020 तक के आंकड़ों के आधार पर अगस्त-सितंबर में औसतन 422.8 मिमी वर्षा होती है।आईएमडी का अनुमान है कि अगस्त 2025 के दौरान बारिश एलपीए के 94% से 106% के बीच रह सकती है। हालांकि पूर्वोत्तर, पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी भारत और पश्चिमी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा का अनुमान है।