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सहमति बनते ही चर्चा में सीट शेयरिंग, जानें चिराग पासवान का संभावित हिस्सा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं अंतिम चरण में हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) (जद(यू)) में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन गई है। दोनों पार्टियों को 243 सीटों में से प्रत्येक को 100-105 सीटें लड़ने को मिल सकती हैं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) (एलजेपी (आरवी)) ने 40 सीटों की मांग की है, लेकिन उसे करीब 20 सीटें ही मिलने की संभावना है। बाकी सीटें जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) (एचएएम (एस)) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को दी जा सकती हैं। जद(यू) की बराबरी की मांग 2020 के विधानसभा चुनाव में जद(यू) ने 115 और बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था। तब विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने 11 और एचएएम (एस) ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा। बीजेपी ने 74 सीटें जीतीं, जबकि जद(यू) को 43 सीटों से संतोष करना पड़ा। इस बार जद(यू) बीजेपी के बराबर सीटें चाहता है, क्योंकि उसका मानना है कि उसकी 10% वोट हिस्सेदारी, खासकर अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) में, उसे गठबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। एक वरिष्ठ एनडीए नेता ने कहा, 2020 में एलजेपी ने जद(यू) के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर उसका नुकसान किया। इस बार नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है, और जद(यू) बीजेपी से कम सीटों पर समझौता नहीं करेगा।   चिराग पासवान की बढ़ती मांग एलजेपी (आरवी) ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पांचों सीटें जीतकर और 29 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल कर अपनी ताकत दिखाई थी। चिराग पासवान 40 सीटों की मांग कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी इसके ​लिए राजी नहीं है। एक बीजेपी नेता ने कहा कि एलजेपी के पांच सांसद हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में स्थानीय कारक और जमीनी ताकत ज्यादा मायने रखती है। 20 सीटें उनके लिए उचित हैं। 2020 में एलजेपी ने 135 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल एक सीट (मटिहानी) जीती और 5.66% वोट हासिल किए। तब उसने जद(यू) के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर 27 सीटों पर उसे नुकसान पहुंचाया। वीआईपी का संभावित पलटवार मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) जो अभी महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) का हिस्सा है के एनडीए में शामिल होने की अटकलें हैं। अगर वीआईपी एनडीए में आती है, तो सीट बंटवारे का समीकरण बदल सकता है। 2020 में वीआईपी ने एनडीए के साथ 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वीआईपी का निषाद समुदाय में प्रभाव है, जो पूर्वी बिहार में महत्वपूर्ण वोट बैंक है। नीतीश के नेतृत्व पर दांव एनडीए की रणनीति नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने पर केंद्रित है। जद(यू) का कहना है कि नीतीश का ईबीसी और कुर्मी समुदाय में प्रभाव एनडीए की जीत के लिए जरूरी है। दूसरी ओर, चिराग पासवान ने नीतीश सरकार के कानून-व्यवस्था रिकॉर्ड की आलोचना कर सीटों के लिए दबाव बनाया है। एलजेपी (आरवी) का लक्ष्य लंबे समय में 15% वोट हिस्सेदारी हासिल करना है। जातिगत समीकरण और स्थानीय मुद्दे बिहार में जातिगत समीकरण और स्थानीय मुद्दे, जैसे बेरोजगारी और पलायन, चुनाव को जटिल बनाते हैं। एनडीए अपनी सामाजिक गठबंधन रणनीति (ऊंची जातियां, गैर-प्रमुख ओबीसी, और दलित) के साथ मजबूत स्थिति में है। लेकिन, अगर सीट बंटवारे में छोटे सहयोगी नाराज होते हैं, तो नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में युवा और पिछड़े वर्गों को लुभाने की कोशिश कर रहा है।

IMD की चेतावनी: 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट अगले 14 घंटे के लिए

भोपाल  मध्यप्रदेश में ग्वालियर के ऊपर से गुजर रही मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से फिर से जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश हुई है और श्योपुर और सतना जिलों में तो लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगह बाढ़ के हालात बन गए हैं। रविवार को भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मंदसौर सहित अन्य जिलों में बारिश हुई है। वहीं इस बीच रविवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 29 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी है। इन जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने रविवार को अगले 24 घंटों (सोमवार सुबह 8.30 बजे तक ) के लिए जो ताजा बुलेटिन जारी किया है उसमें 29 जिलो में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में अथिभारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह जिलों में भारी बारिश की संभावना के कारण येलो अलर्ट जारी किया है।   अगले 48 घंटों में बनेगा नया सिस्टम मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अभी मध्यप्रदेश में अलग अलग सिस्टम एक्टिव होने से अच्छी बारिश हो रही है और ये सिलसिला अगले दो-तीन तक जारी रहेगा। मौसमी प्रणालियों की बात की जाए तो उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ समुद्र तल से बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज और उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। तो वहीं अगले 48 घंटों के दौरान ओड़िशा-पश्चिम बंगाल के तटों से दूर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। उफान पर नदिया बाढ़ के हालत बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश सीधी में हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण डिंडौरी और मंडला में नर्मदा नदी का रौद्र रूप नजर आ रहा है। श्योपुर में कूनो नदी में बाढ़ के कारण गांवों में पानी भर गया है और गांवों में फंसे लोगों को एनडीईआरएफ की टीम ने वोट से रेस्क्यू किया है।

गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण: कार्यशाला के आज तीसरे दिन नागरिकों ने उत्साह से भाग लिया

भोपाल पर्यावरण विभाग की संस्था एप्को के लोकप्रिय ग्रीन गणेश अभियान के अंतर्गत चार दिवसीय ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला 22 से 25 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 2.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक निरंतर चलाई जा रही है। कार्यशाला में नागरिक उत्साह से भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में मिट्टी एवम् प्राकृतिक रंग निशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैंl प्रतिभागी अनुभवी मूर्तिकारों के मार्गदर्शन में मूर्ति अपने हाथों से बनाना सीख रहे हैं तथा स्वनिर्मित गणेश प्रतिमा निशुल्क अपने घर ले जा रहे हैंl एप्को की चार दिवसीय इस ग्रीन गणेश मूर्ति निर्माण कार्यशाला के आज तीसरे दिन आम नागरिकों ने अपने बच्चों के साथ उत्साह से भाग लियाl कार्यशाला में आज लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपने हाथों से निर्मित प्रतिमा निशुल्क घर ले कर गएl कार्यशाला में अब तक लगभग 750 प्रतिभागियों द्वारा अपने हाथों से ग्रीन गणेश की प्रतिमा का निर्माण किया जा चुका हैl कार्यशाला के कार्यक्रम समन्वयक श्री राजेश रायकवार द्वारा प्रतिभागियों को इस अभियान के उद्देश्यों से परिचित कराते हुए पर्यावरण प्रदूषण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी दी गईl मूर्ति को प्राकृतिक रंगों से सजाने के साथ उनका विसर्जन घर पर ही करने का संकल्प लेने के लिये प्रेरित भी किया गयाl मूर्ति बनाने के लिए एप्को के वास्तुविद श्री कमलेश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षक सर्व श्री मनीष, महेंद्र, शिवलाल, सुनील, राकेश एवम् राजेंद्र द्वारा प्रतिभागियों की सहायता की।  

इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रिश्ता योजना

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि "रिश्ता" योजना न केवल युवाओं के कौशल को निखारने का माध्यम है, बल्कि प्रदेश एवं देश की अवसंरचना विकास यात्रा में उनके योगदान को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। यह योजना, इंडस्ट्री रेडी दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगी। मंत्री श्री परमार ने रविवार को शुजालपुर स्थित मां शारदा सांदीपनि विद्यालय में, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ किए गए "रिश्ता (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment)" योजना के पोस्टर का विमोचन किया। योजना का उद्देश्य : युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना “रिश्ता” योजना का पूरा नाम, "रिक्रूटिंग इंडस्ट्रीज सपोर्टिंग हॉलिस्टिक ट्रेनिंग विथ एलाइनमेंट" (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment) है। यह योजना, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल (Skill Development) देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। रिश्ता योजना, एक उद्योग-आधारित कौशल विकास योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसका मुख्य लक्ष्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर, उन्हें "हाईवे कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर" में अवसर दिलाना है। यह योजना "एसजीएसआईटीएस, इंदौर" और "PATH India Ltd" के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत "सिविल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए सर्वेइंग (Surveying) एवं , क्वॉलिटी एश्योरेंस/क्वॉलिटी कंट्रोल (Quality Assurance/Quality Control) (QA/QC) जैसे पाठ्यक्रम और "मैकेनिकल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए कंस्ट्रक्शन मैकेनिकल स्किल्स (Construction Mechanical Skills) पर केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि 225 घंटे (75 दिन) होगी और कक्षाएँ शाम के समय आयोजित की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हो सकें। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें उद्योग में इंटर्नशिप, प्रायोगिक अनुभव और 50% से अधिक प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध होगी। "रिश्ता योजना की मुख्य बातें, लाभ एवं प्रभाव" रिश्ता योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को तकनीकी, व्यावसायिक और उद्यमिता (Technical, Vocational & Entrepreneurship Training) प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उद्योगों, स्टार्टअप्स और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था रहती है। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल लैब्स के अवसर मिलते हैं ताकि वे केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकें। योजना में विशेष ध्यान ग्रामीण एवं वंचित वर्गों पर भी दिया गया है ताकि उन्हें भी समान अवसर मिल सकें।। इस योजना में विद्यार्थियों एवं युवाओं को, निःशुल्क या कम शुल्क पर प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और रोजगार के अवसर मिलते हैं। शैक्षणिक संस्थानों का, उद्योगों से जुड़ाव बढ़ता है और विद्यार्थियों की प्लेसमेंट दर सुधरती है। उद्योग जगत को, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन मिलता है। बेरोज़गारी घटती है और आर्थिक प्रगति होती है, इससे समाज एवं देश को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। “रिश्ता योजना” का लाभ मुख्य रूप से युवाओं को है, लेकिन इसका सकारात्मक प्रभाव उद्योग, शिक्षा संस्थान और पूरे समाज पर पड़ता है। इस अवसर पर एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक डॉ. नितेश पुरोहित, आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर डॉ. संतोष विश्वकर्मा, होलकर साइंस कॉलेज इंदौर के एचओडी डॉ प्रदीप शर्मा, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा, माँ शारदा सांदीपनि विद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. रजनीश त्रिवेदी एवं डॉ. शिवपाल मेवाड़ा सहित विभिन्न प्रशिक्षक, शिक्षकगण, विद्यार्थी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – लोन चुकता होते ही बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से हो जाएगी मुक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों के हित में ही राष्ट्र का हित निहित है। लघु और कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग कर हम इन उद्योगों के विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हमारे उत्कर्ष को दर्शाता है। उद्योगों के विकास के लिए हमें पूरे देश के परिदृश्य में सोचना होगा। सभी जगह समान रूप से उद्योग लगाने होंगे, तभी संतुलित विकास हो सकेगा। देश हित में हम सब मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उद्योगों को विस्तार देने के लिए उद्योगपतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमने समाज के सभी वर्गों का बराबर ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लघु उद्योग भारती के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु उद्योग भारती के करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय भवन 'उद्यम सेतु'का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर लोकार्पण किया।लोकार्पण अवसर पर लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन और स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ लघु उद्योग भारती के नए ब्रोशर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार का संस्थागत या बैंक लोन चुकता होते ही संबंधित बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से मुक्त हो जाएगी। इस प्रावधान का लाभ हम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उद्योगों (एमएसएमई इंडस्ट्री) को भी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना और इससे जुड़ी सभी कठिनाइयों का समुचित हल भी निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम एमएसएमई उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रकार की अनुमतियां को समयबद्ध कार्य योजना की अनुरूप समय-सीमा में देने का प्रावधान करने जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्रदेश में नया आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए भी नीति से प्रावधान अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। आईआईटी इंदौर में शोध कार्यों के लिए देशी और विदेशी शिक्षण संस्थानों के स्टडी सेंटर के लिए हमारी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लघु उद्योगों के साथ हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करना होगा। इसी से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विरासत से विकास का सबसे सटीक उदाहरण भारतीय लघु उद्योग ही हैं। यह कारोबार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आशा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार हैं। जैसे शरीर की मजबूती रीढ़ पर टिकी होती है, वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती लघु उद्योगों पर टिकी है। लघु उद्योग सिर्फ कारखाने नहीं हैं, ये रोज़गार के सबसे बड़े निर्माता हैं। एमएसएमई वह पुल है, जो मेहनतकश हाथों को बड़े बाज़ारों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत में 6 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें एक बड़ा योगदान लघु उद्योगों का ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" का आव्हान हमें बताता है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े -बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घर-घर की चौखट से चलने वाले छोटे उद्योगों से ही निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज को मैक्सिमम स्पोर्ट देने की बात कहीं है, जिससे ये सभी उद्योग मैक्सिमम ग्रोथ हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती से जुड़े लघु उद्योगपति केवल मुनाफे के लिए काम नहीं करते, गौरव, परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। आप हर छोटे उद्यमी की आवाज़ बन रहे हैं। आप संगठन में शक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगपति "दाम कम, दम ज्यादा" मंत्र के साथ अपनी विश्वसनीयता बनाएं, एक बार जो आपका प्रोडक्ट खरीदे, वो बार-बार खरीदें। तकनीकी से जुड़ें, मार्केटिंग सीखें, ऑनलाइन बाजार से जुड़ें। अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स बेवसाइट से जोड़कर लोकल से ग्लोबल बनाएं। कौशल भारत अभियान और नई शिक्षा नीति इस दिशा में बड़ा कदम है। छोटे उद्योगों के केंद्र में हमारी मातृशक्ति है। लाड़ली बहनों की भागीदारी से न सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ती है, साथ ही समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी खुलता है। लघु उद्योग ही स्वदेशी का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित और आत्मनिर्भर होगा, उसमें लघु उद्योगों की भूमिका सबसे बड़ी होगी।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो समाज संगठित होकर कार्य करता है, वह इतिहास बनाता है। कीर समाज को भगवान श्रीराम की चरण रज प्राप्त हुई और समाज बंधुओं ने भगवान श्रीराम को भवसागर पार करवाया। उस समाज ने बदले में भगवान श्रीराम से कुछ नहीं मांगा। बस जीवन की वैतरणी पार करने का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज की एक राज्य स्तरीय पंचायत शीघ्र ही राजधानी में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से उज्जैन में हुए कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज ने भगवान श्रीराम को मनुष्य के बजाय भगवान के रूप में पहचाना था। आज समाज प्रगति के मार्ग पर है। शिक्षा के प्रसार और नशा मुक्ति जैसे रचनात्मक कार्यों से समाज जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जीवन में मुख्यमंत्री के रूप में प्राप्त सेवा के इस अवसर का श्रेय कीर समाज सहित ऐसे सभी समाज बंधुओं के आशीर्वाद को देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अधोसंरचना विकास और शिक्षा के प्रोत्साहन के कार्य कर रही है। जहां मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, वहीं छात्रवृत्ति पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म मिलने से शिक्षा अर्जन आसान बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महासम्मेलन में उपस्थित अनेक बहनों से संवाद भी किया और लाड़ली बहना योजना सहित अन्य योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीर समाज को संस्कृति के पर्व मिलकर मनाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सामाजिक मेलजोल और आध्यात्मिक चेतना के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने के प्रयासों और महासम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रारंभ में कीर समाज के महासम्मेलन में प्रदेश कार्यकारिणी के शपथ समारोह और विचार विमर्श के सत्र हुए। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महासम्मेलन को मां पूरी बाई कीर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गया प्रसाद कीर, समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री कोमल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबोधित भी किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं

बागवानी संवर्धन और फ्लॉवर डेकोरेशन को बढ़ावा दे रही हमारी सरकार उज्जैन में समाज की धर्मशाला निर्माण के लिए देंगे सहायता राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं। इनमें निहित असीमित प्रतिभाओं को निखारना और आगे बढ़ाना हम सबका दायित्व है। बच्चों और युवाओं की प्रतिभाएं ही देश को विकास पथ पर आगे ले जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चे खूब पढ़े-लिखें और अपना भविष्य संवारें, सरकार हर घड़ी उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रायमरी कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हमारी सरकार छात्रवृत्ति दे रही है। सबके रोजगार की व्यवस्था भी हम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम 1 लाख पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। अगले पांच साल में 2.50 लाख शासकीय पदों पर भर्ती करेंगे। पुलिस की भर्तियां भी जारी हैं। इस साल 7500 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। पुलिस की भर्ती के लिए अलग से पुलिस भर्ती बोर्ड भी बनाया जा रहे हैं। अगले तीन साल में हर साल 7500 पदों पर भर्ती कर हम पुलिस विभाग के सभी रिक्त पदों की पूर्ति कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल स्थित हिन्दी भवन में फूल माली समाज के 16वें राज्यस्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले फूल माली समाज के प्रतिभाशाली एवं मेधावी विद्यार्थियों को मंच से प्रशस्ति-पत्र और सम्मान निधि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल-माली समाज के व्यवसाय को बढ़ाने के लिए हमारी सरकार पुष्प कलाकारी (फ्लॉवर डेकोरेशन) को बढ़ावा दे रही है। अभी हाल ही में जन्माष्टमी में सरकार ने सभी श्री कृष्ण मंदिरों में पुष्प सज्जा के लिए आकर्षक पुरस्कार भी घोषित किए। उन्होंने कहा कि पुष्प और संस्कार दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिस तरह फूल सभी को प्रिय हैं, उसी प्रकार फूल-माली समाज भी सबका प्रिय है। खेती-किसानी और बागवानी का चोली-दामन का साथ है। किसान खेत में परिश्रम करता है और फूल माली समाज बागों में। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवानी संवर्धन के लिए भी राज्य सरकार अनेक कदम उठा रही है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फूल माली समाज ने अपने परिश्रम, लगन और कर्मठता से एक अलग पहचान बनाई है। समाज के बच्चों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा से न केवल प्रदेश, बल्कि देश-विदेश में भी नाम रोशन किया है। ऐसे होनहारों का सम्मान करना वास्तव में हम सबके लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं को कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी से अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वे बड़ा करने का सपना देखें। सपने पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार हमेशा उनके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार समाज के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वरोजगार, व्यवसाय के साथ पुष्प श्रृंगार कला को और अधिक संवर्धन पर ध्यान दे रही है। राज्य सरकार सबका साथ-सबका विकास के साथ-साथ सबका विश्वास-सबका प्रयास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। विकास की धारा से किसी भी समाज को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूलमाली समाज के प्रतिनिधियों द्वारा पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के मांग-पत्र पर उज्जैन में समाज के लिए धर्मशाला निर्माण के लिए सहायता राशि दिए जाने और समाज की राष्ट्रीय विभूतियों को भारत रत्न दिए जाने के लिए समर्थन की मांग की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में समाज की धर्मशाला के निर्माण के लिए हर संभव सहायता देने की बात कही। स्वागत उद्बोधन में फूल माली समाज के प्रादेशिक पदाधिकारी श्री हरिनारायण माली ने बताया कि समाज का यह 16वां प्रतिभा सम्मान समारोह है। समाज की गतिविधियों के विस्तार के लिए सरकार का साथ चाहिए। समारोह में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, समाजसेवी श्री रविन्द्र यति, श्री जी.पी. माली, श्री हरिनारायण माली, श्री भगवान भाई माली, श्रीमती शांति, श्री गीता प्रसाद,श्री नरेन्द्र राहुल सहित समाज के अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में समाजजन एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री

  – गुरुओं की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा हमारा दायित्व – सीएम योगी – सीएम योगी ने कहा- इतिहास में वही जाति और कोम जीवित रही है जो अपने पूर्वजों के शौर्य और पराक्रम को जीवन का हिस्सा बनाती है – गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान की सराहना की गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास में वही जाति और कौम जीवित रहती है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को जीवन का हिस्सा बनाती है। सिख गुरुओं ने सदैव सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता, त्याग और बलिदान देश की आत्मा में आज भी जीवित है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पर्यटन विकास कार्यों, गुरुद्वारा भवन के नए स्वरूप और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के प्रथम प्रकाश पर्व पर आयोजित समागम में मुख्यमंत्री ने गुरुवाणी सुनी और संगत के बीच शामिल हुए। गुरुद्वारा समिति की ओर से उन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज तक, हर गुरु ने सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि  जब भी भारतीय संस्कृति पर संकट आया, सिख गुरुओं ने आगे बढ़कर अपने बलिदान से उसे बचाया। सीएम योगी ने विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान के 350वें वर्ष में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ ही समय पूर्व मुख्यमंत्री आवास से नगर कीर्तन और कीर्तन पाठ के जरिए इस आयोजन की शुरुआत हुई। इसी तरह गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश पर्व पर भी मुख्यमंत्री आवास पर पहली बार गुरुवाणी का आयोजन हुआ था। चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहाकि जब उन्हें लालच दिया गया कि इस्लाम स्वीकार कर लो, तो जीवन और रियासत दोनों सुरक्षित रहेंगे, लेकिन उन्होंने झुकने के बजाय बलिदान का मार्ग चुना। छोटे साहिबजादों को दीवार में चुनवाकर शहीद कर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए दृढ़ निष्ठा दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही बलिदान आज हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 दिसंबर को पूरे देश में ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने का एक ऐतिहासिक निर्णय है। गुरुद्वारों में सुविधाओं का हुआ विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पैडलेगंज का यह गुरुद्वारा वर्षों से सिख संगत का आस्था केंद्र रहा है। पहले यहां सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब पर्यटन विभाग और सरकार की मदद से इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। अब यहां श्रद्धालुओं के लिए गुरुवाणी पाठ, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम और बेहतर सुविधाओं के साथ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा केवल किसी जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होता। यहां आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होता है। यही सिख परंपरा और गुरुवाणी का वास्तविक संदेश है। सीएम योगी ने सिख परंपरा के प्रति जताई कृतज्ञता सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर के प्रमुख तीन गुरुद्वारों जटा शंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज को बेहतर स्वरूप देने का कार्य किया गया है। यह सिख गुरु परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता और श्रद्धा का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि  आज का दिन हमारे लिए पवित्र इसलिए भी है कि 421 वर्ष पूर्व इसी दिन गुरु ग्रंथ साहिब जी को हरमंदिर साहिब में स्थापित कर उन्हें गुरु के रूप में स्वीकार किया गया। यह परंपरा आज भी पूरे विश्व में आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया। आज हमारा दायित्व है कि उनकी शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। सीएम योगी ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान को सराहा सीएम ने गोरखपुर में सिख समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिख समुदाय को एकजुट करने का अवसर है। उन्होंने लखनऊ में अपने नियमित गुरुपर्व आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर में इस तरह के आयोजन में शामिल होना उनके लिए विशेष सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने देश और सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनकी प्रेरणा से हमें देश और धर्म के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करना है।  इस दौरान सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास समेत गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ सदस्य व सिख समुदाय के कई गणमान्य मौजूद रहे।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की पहल, मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिका के द्वारा हाल ही में भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर कार्रवाई की गई। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि भारत रूस से लगातार तेल खरीद रहा है इसके कारण यह युद्ध अनवरत जारी है। इन तमाम आरोप प्रत्यारोपों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की खबरें सामने आई। वहीं, अब भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत यात्रा की बात कही है। इसके अलावा, यूक्रेन ने एक बार फिर रूस के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में भारत की अधिक सक्रिय भूमिका की अपील की है। भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने शनिवार को एएनआई से बात करते हुए कहा कि रूस के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए यूक्रेन भारत को संभावित शांति वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखता है। भारत-यूक्रेन के बीच बढ़ी बातचीत पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर बोलते हुए कहा कि 2023 से यूक्रेन और भारत के बीच बातचीत में वृद्धि हुई है, जिसका उन्होंने स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान की भी सराहना की कि भारत युद्ध में तटस्थ नहीं है, बल्कि दृढ़ता से शांति, कूटनीति और राजनीतिक संवाद का समर्थन करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में दोनों देशों के बीच यह बातचीत जारी रहेगी। जेलेंस्की जल्द आएंगे भारत जेलेंस्की की भारत यात्रा के बारे में पूछे जाने वाले पर राजदूत ने कहा, 'दोनों देश यात्रा की तारीख और वार्ता के विषय को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जल्द ही इसका ऐलान कर दिया जाएगा।' भारत-यूक्रेन के पुराने संबंध यूक्रेनी राजदूत ने 'द वीक' में एक लेख लिखकर भारत-यूक्रेन संबंधों के बारे में चर्चा की है। उन्होंने लिखा, ''यूक्रेन के तीन राष्ट्रपतियों ने भारत का आधिकारिक दौरा किया, जबकि भारत के दो राष्ट्रपतियों ने यूक्रेन का दौरा किया। 2021 तक यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से पहले द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3.4 अरब तक पहुंच गया था।'' भारत यात्रा के दौरान क्या होगी बात उन्होंने कहा, ''एक लंबे विराम के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री के बीच पहली बैठक नवंबर 2021 में ग्लासगो में जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। मई 2023 से ऐसी बैठकें और टेलीफोन वार्ता नियमित हो गई हैं। 23 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खोला। इसने रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दोनों लोकतंत्रों के नेताओं की आकांक्षा की पुष्टि की। आज, दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और राजनयिक मिशन इस साझा उद्देश्य को लागू करने के लिए लगन से काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत की आगामी यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी के लिए एक रोडमैप पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।'' राजदूत ने एएनआई से बातचीत में आगे कहा, “हम यूक्रेन में शांति-निर्माण प्रक्रिया में भारत की अधिक भागीदारी की उम्मीद करते हैं। मेरा मानना है कि हमारी सभी बैठकें इस बात पर चर्चा का हिस्सा होंगी कि भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस के साथ राजनीतिक बातचीत में कैसे शामिल हो सकता है। विशेष रूप से रूस और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को ध्यान में रखते हुए हमें इसकी उम्मीद है।”

टोक्यो-ओसाका रूट पर बुलेट ट्रेन में सीएम साय ने किया सफर

रायपुर  जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्व प्रसिद्ध बुलेट ट्रेन का अनुभव लिया. सीएम साय टोक्यो से ओसाका तक बुलेट ट्रेन में यात्रा करते नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस यादगार सफर का वीडियो भी शेयर किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में जापान दुनिया का अग्रणी देश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत भी बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से कार्य कर रहा है. इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन आधुनिक भारत की नई पहचान बन चुकी है. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है. टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा. इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे. दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे. वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है. इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे. यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है. मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं.