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चीन-पाक की बढ़ी टेंशन! भारत लाने जा रहा है जर्मनी से पनडुब्बियां

नई दिल्ली थल और वायु के बाद भारत अब समुद्र में भी अपनी ताकत को बढ़ाने में जुट गया है। भारत ने प्रोजेक्ट-75 को मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट- 75 इंडिया के तहत जर्मनी के साथ 70 हजार की डील को मंजूरी दी है। प्रोजेक्ट 75 इंडिया के तहत भारत जर्मनी के सहयोग से छह एडवांस सबमरीन को देश में विकसित करेगी। इस प्रोग्राम में प्राइवेट सेक्टर भी शामिल है, जिसमें नौसेना के सबमरीन प्रोडक्शन सेंटर के सहयोग से लार्सन एंड टुब्रो ) की प्रमुख भूमिका होने की उम्मीद है। भारत दो परमाणु सबमरीन्स पर भी काम कर रहा है। इस कॉन्ट्रैक्ट के अगले छह महीने के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य न सिर्फ अपनी सबमरीन्स के फ्लीट में विस्तार करना है। साथ ही कंवेंसनल सबमरीन के निर्माण में भारत की स्वदेशी क्षमता को मजबूत करना है। एक रिपोर्ट के अनुसार, छह महीने से ज़्यादा समय तक रुके रहने के बाद, केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) को प्रोजेक्ट 75 इंडिया (पी-75आई) के तहत छह एडवांस सबमरीनंस के निर्माण के लिए जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) के साथ औपचारिक बातचीत शुरू करने की मंज़ूरी दे दी है। डिफेंस से जुड़े अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि इस महीने के अंत तक बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अब डिफेंस मिनिस्ट्री और एमडीएल को इस प्रोजेक्ट के लिए बातचीत शुरू करने की मंज़ूरी दे दी है और इस महीने के अंत तक यह प्रोसेस शुरू होने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट 75आई का क्या है लक्ष्य? रक्षा मंत्रालय ने जनवरी में सरकारी स्वामित्व वाली एमडीएल को इस कार्यक्रम के लिए अपने रणनीतिक साझेदार के रूप में चुना था। इसके तहत जर्मनी के सहयोग से भारत में सबमरीनंस का निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट की विशेषताए     एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम वाली छह कंवेंशनल सबमरीनंस।     जर्मन AIP तकनीक सबमरीनंस को तीन हफ्ते तक पानी के अंदर रख सकती है।     इसे भारत की स्वदेशी सबमरीन निर्माण क्षमता बढ़ाने और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।     रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना अंतिम सरकारी मंज़ूरी से पहले छह महीने की बातचीत का लक्ष्य बना रहे हैं। क्यों जरूरी है प्रोजेक्ट? भारत के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के टॉप अधिकारियों ने जर्मन कंपनी के साथ छह एडवांस सबमरीन को भारत में ही निर्माण करने का यह फैसला भारतीय सबमरीन प्रोग्राम और उसकी भविष्य की आवश्यकताओं की समीक्षा और एक उच्च स्तरीय बैठक करने के बाद लिया है। प्रस्तावित सबमरीन्स को एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्सन (AIP) सिस्टम्स से भी लैस किया जाएगा, जिससे यह सबमरीन तीन हफ्ते तक पानी के अंदर बिना किसी समस्या के रह सकेंगी। इस एडवांस फीचर से भारतीय नौसेना की ताकत में और ज्यादा इजाफा होगा। न्यूक्लियर सबमरीन प्रोग्राम P-75I के साथ-साथ, भारत दो परमाणु सबमरीन्स पर भी काम कर रहा है। इस प्रोग्राम में प्राइवेट सेक्टर भी शामिल है, जिसमें नौसेना के सबमरीन प्रोडक्शन सेंटर के सहयोग से लार्सन एंड टुब्रो ) की प्रमुख भूमिका होने की उम्मीद है। सरकार इस सेक्टर में उनके महत्व को समझते हुए, परमाणु और कंवेंशनल दोनों सबमरीन प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने के विकल्प तलाश रही है। टीकेएमएस के साथ बातचीत से भारत में नेक्स्ट जेन की कंवेंशनल सबमरीन प्रोडक्शन की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है। रक्षा सूत्रों ने एएनआई को बताया कि सरकार न केवल इन नावों को हासिल करने की इच्छुक है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए स्वदेशी डिजाइन और निर्माण विशेषज्ञता भी विकसित करना चाहती है।  इस कॉन्ट्रैक्ट के अगले छह महीने के अंदर पूरा होने की उम्मीद है।

जिंदा जलाने वाला दरिंदाः पुलिस एनकाउंटर में विपिन भाटी घायल, पैर में लगी गोली

नोएडा  ग्रेटर नोएडा में अपनी पत्नी निक्की को दहेज के लिए जिंदा जलाने वाला आरोपी विपिन पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है। सिरसा चौराहे के पास उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।  इसके बाद उसको गिरफ्तार कर लिया गया है l बता दें कि विपिन ने अपनी पत्नी निक्की को ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाकर हत्या कर दी थी इसको लेकर दो दिनों से मामला सुर्खियों में हैl पुलिस ने निक्की के पति विपिन के अलावा उसके जेठ और सास ससुर को भी मुख्य आरोपी बनाया गया है। विपिन ने मासूम बच्चे के सामने पत्नी निक्की की आग लगाकर हत्या की थी और फरार हो गया था। यह है पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के कासना कोतवाली इलाके के सिरसा गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की क्रूरता से हत्या कर दी गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को बर्बरता से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने पर महिला की बहन उसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले गई, दो अस्पताल बदले, लेकिन इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। दिल दहलाने वाली घटना के बाद मृतका महिला की बहन और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।  रूपबास गांव के रहने वाले भिकारी सिंह ने बताया कि उनकी पुत्री कंचन (29) और निक्की (27) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और उसके भाई विपिन से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और सभी सामान दिया था लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपये की मांग करने लगे।     शादी के बाद से ही पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर लगातार 35 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की मांग पूरी करने के लिए एक और कार भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। दोनों बहनों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थे। कई बार पंचायत कर समझौता किया। लेकिन आरोपियों ने समझौते को नहीं माना। वहीं, मृतका निक्की की बड़ी बहन कंचन का आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम करीब 5:30 बजे उसकी सास दया और देवर विपिन ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोप है कि सास दया ने अपने हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लिया और विपिन को पकड़ाया। विपिन ने पीड़ित की बहन निक्की के ऊपर डाल दिया। साथ ही बहन के गले पर हमला किया। बर्बरता से उसे पीटा गया। जिसके बाद उनकी बहन बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसे जिंदा जला दिया।    उसने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। कंचन ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान कंचन ने मारपीट और आग लगाते हुए आरोपियों का वीडियो बना लिया। आनन-फानन निक्की को इलाज के लिए पहले फोर्टिस फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के वक्त कंचन का पति रोहित भाटी और ससुर सत्यवीर भी मौके पर मौजूद थे। कंचन की शिकायत पर पुलिस ने नामजद चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है।   

रक्षा क्षेत्र में बड़ी सफलता: भारत ने किया एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली का सफल उड़ान परीक्षण

नई दिल्ली भारत ने एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन समेत उद्योग जगत को इसके लिए बधाई दी। जानकारी के मुताबिक, डीआरडीओ ने 23 अगस्त को करीब 12:30 बजे ओडिशा के तट पर एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (आईएडीडब्ल्यूएस) का पहला उड़ान परीक्षण किया। क्या है एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली या आईएडीडब्ल्यूएस? आईएडीडब्ल्यूएस एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें सभी तुरंत वार या पलटवार करने वाली स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (क्यूआरएसएएम), उन्नत अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस) मिसाइलें और एक उच्च शक्ति वाली लेजर-आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (डीईडब्ल्यू) शामिल हैं। 'सफल उड़ान परीक्षण के लिए सभी को बधाई' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ओडिशा के तट पर किए गए IADWS का पहले सफल उड़ान परीक्षण के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'IADWS एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें सभी स्वदेशी त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (QRSAM), उन्नत अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) मिसाइलें और एक उच्च शक्ति लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEW) शामिल हैं।' 'क्षेत्रीय रक्षा को मजबूत करेगा IADWS' उन्होंने आगे लिखा, 'मैं IADWS के सफल विकास के लिए DRDO, भारतीय सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को बधाई देता हूं। इस अनूठे उड़ान परीक्षण ने हमारे देश की बहुस्तरीय वायु रक्षा क्षमता को स्थापित किया है। यह दुश्मन के हवाई खतरों के खिलाफ महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय रक्षा को मजबूत करेगा।'

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

तत्परता और संवेदनशीलता से करें जन समस्याओं का निस्तारण : सीएम जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं मुख्यमंत्री का अधिकारियों को निर्देश, जन समस्याओं के निराकरण में न हो हीलाहवाली गंभीर बीमारियों के इलाज में भरपूर मदद करेगी सरकार : सीएम योगी गोरखपुर, शनिवार दोपहर बाद गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता से किया जाए। इसमें कोई हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। सीएम ने कहा कि ने जनता की हर समस्या के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित किए जाएगा। सबकी बात सुनने के बाद प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। जनता दर्शन में कई जिलों के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताने पहुंचे थे। आगरा से आई एक महिला ने आवास की समस्या बताई। सीएम योगी ने उसे भरोसा दिलाया कि शासन की योजना के तहत आवास की व्यवस्था की जाएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ पहुंचीं थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन बच्चों को प्यार-दुलार करते हुए चॉकलेट और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

पंजाब का दर्दनाक हादसा: LPG टैंकर ब्लास्ट में 7 लोगों की मौत, कई जिंदगी और मौत से जूझ रहे

होशियारपुर पंजाब के होशियारपुर के मंडियालां गांव के पास हुए एलपीजी टैंकर विस्फोट की वजह से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। घटना के बाद इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती किए गए लोगों में से रविवार सुबह तक दो और लोगों ने अपनी जान गंवा दी। मरने वालों का आंकड़ा अब 7 पर पहुंच गया है। इस हादसे में अभी 30 से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। पंजाब सीएम ने हादसे के तुरंत बाद घटना का संज्ञान लेते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "जिला होशियारपुर के गांव मंडियालां में देर रात एलपीजी गैस से भरे एक टैंकर के फटने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में लोगों की दर्दनाक मौत होने की भी खबर है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। पंजाब सरकार इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी और घायलों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।" आपको बता दें मडियालां गांव जालंधर-होशियारपुर हाईवे के पास स्थित है। शुक्रवार देर रात यहां पर एलपीजी भरे ट्रक की एक पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। इससे टैंकर में भरी एलपीजी गैस में ब्लास्ट हो गया। रिसाव की वजह से यह गैस पूरे गांव में फैल गई और अपने घरों में सो रहे लोगों को जिंदा ही जला दिया। इस हादसे में दो लोगों की तुरंत ही मौत हो गई थी, जबकि बाकी लोगों को इलाज के लिए ले जाया गया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से भड़की की उसने पल भर में ही सब कुछ अपने में समा लिया। लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला।  

भक्ति की मिसाल: इंदौर का परिवार 11 वर्षों से मुफ्त बांट रहा मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं

इंदौर अहिल्या की नगरी में भक्तों को बिना मोल भाव से एक परिवार पुणे की साडू की माटी से बने गणेश मूर्तियां दे रहा है। परिवार की भक्ति की अनूठी पहल एक दो दिन नहीं बल्कि पिछले 11 वर्ष से चलाई जा रही है। परिवार के छोटे-बड़े सभी पांच सदस्य मूर्ति निर्माण गुड़ी पड़वा पर पुणे से मिट्टी मंगवाकर विघ्न हर्ता की अनूठी आराधना में जुट जाते है। भक्तों ने दक्षिणा गणेश का नाम दिया इस परिवार की इस भक्ति को देख भक्तों ने उनके द्वारा बनाए जा रहे गणेश को दक्षिणा गणेश का नाम दिया है। आज के समय में पाई-पाई के लिए आप धापी मची हुई है, लेकिन यह न्यू राजाराम नगर स्कीम नंबर 51 में रहने वाला यह परिवार श्रद्धा के अनुरूप मिली दक्षिणा के बदले बगैर किसी मोल भाव के गणेश मूर्तियां दे रहा है।   इनकी संख्या भी हर वर्ष 500 से ऊपर जाती है। मूर्ति ले जाने वाले लोग अपनी इच्छा के अनुरूप मूर्ति के बदले मूर्ति के स्थान पर रख देता है। पर्यावरण हितैषी मूर्तियां सुंदर मूर्तियां संदीप पडोले को बनाता है। अपनी मन पसंद की मूर्ति पसंद कर अपनी श्रद्धा के मुताबिक दक्षिणा रख, लकड़ी के पाठ पर रख सम्मान के साथ अपने घर चले जाते हैं। पहल शुरू की तब जागरूकता का अभाव मूर्ति बनाने वाले संदीप किशोर पडोले बताते है कि जब हमने माटी के गणेश की मूर्ति बनाना शुरू की तो उस समय माटी के मूर्ति बनाने को लेकर लोगों में जागरुकता का अभाव था। उस समय हमने पुणे से इंदौर साढू की माटी और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर एक से बढ़कर एक गणेश मूर्तियां तैयार करना शुरू की। इसमें शुरुआत में हमने पांच के करीब शुरुआत की थी। इसमें पिता किशोर, पत्नी मनीषा पडोले, बेटा नैतिक और भाई अमित हाथ बटा रहे है। ऐसी हुई इसकी की शुरुआत परिवार के सदस्य बताते है कि इसकी शुरुआत व्यवसायिक नहीं की गई। 11 साल पहले उन्होंने अपने माटी के गणेश बनाए, पास की आंटी को पसंद आए, वो ले गई। इसके बाद चार प्रतिमाएं बनाई वो भी आस पास के लोग गणेश उत्सव के लिए स्थापित करने के ले गए। इसके बाद उत्साह बढ़ा और मूर्तियां बनाना शुरू की। हमारे द्वारा बनाए गए मूर्तियां का नाम लोगों ने खुद ही दक्षिणा गणेश रख दिया। इस प्राप्त दक्षिण का उपयोग सेवा कार्य के लिए किया जाता है।

नई कार लेना हुआ आसान, 1.4 लाख तक घटे दाम और कम होगी मासिक किस्त

नई दिल्ली फेस्टिवल सीजन में सरकार का प्‍लान GST रिफॉर्म करना है और लोगों को टैक्‍स छूट करके बड़ी राहत देना है. सरकार के जीएसटी में सुधार वाले प्रस्‍ताव को मंत्र‍ियों के समूहों (GoM) ने मंजूर कर द‍िया है, लेकिन अंतिम फैसला काउंसिल की तरफ से लिया जाएगा. वहीं काउंसिल की अगली बैठक 3 से 4 सितंबर को होने वाली है.  नए GST रिफॉर्म के तहत माना जा रहा है कि 90 फीसदी वस्‍तुओं की कीमतों में कटौती हो सकती है. खासकर कार के दाम ज्‍यादा कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है. ऐसे में अगर आप भी कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको थोड़ा इंतजार करना चाहिए. एक रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कार कीफायती दाम पर मिल सकते हैं, अगर जीएसटी में प्रस्‍ताव के मुताबिक बदलाव किए गए तो…  कार पर टैक्‍स इतना हो सकता है नोमुरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के मंत्रिसमूह (GoM) ने दो-स्तरीय GST ढांचे का समर्थन किया है, आवश्यक वस्तुओं के लिए 5% और मानक वस्तुओं के लिए 18%.  इस बदलाव से छोटी कारों और दोपहिया वाहनों पर GST 28% से घटकर 18% हो सकता है, जबकि बड़े वाहनों पर 43-50% से घटकर 40% हो सकता है.  1.4 लाख रुपये तक सस्‍ती हो सकती है कार  नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इसका सीधा परिणाम ये होगा कि कार की कीमतें 1.4 लाख रुपये तक कम हो सकती हैं और मासिक किस्तें 2,000 रुपये से अधिक कम हो सकती हैं.  मान लीजिए आप मारुति वैगन-R खरीदने की योजना बना रहे हैं. इसकी मौजूदा ऑन-रोड कीमत ₹7.48 लाख घटकर ₹6.84 लाख हो सकती है. वहीं मंथली EMI ₹1,047 कम हो सकती है. ब्रेजा या हुंडई क्रेटा जैसे मॉडल की कीमतों में भी मामूली कटौती और कम मासिक बचत देखने को मिलेगी, क्‍योंकि ये अभी ये हाई जीएसटी बैकेट में शामिल हैं.  दोपहिया वाहन भी पीछे नहीं हैं. होंडा एक्टिवा ₹7,452 सस्ती हो सकती है, जिससे आपकी ईएमआई लगभग ₹122 कम हो जाएगी. रॉयल एनफील्ड क्लासिक खरीदने पर आपको लगभग ₹18,000 की शुरुआती बचत हो सकती है.  Cars  पुरानी ऑन-रोड प्राइस (₹) नई ऑन-रोड प्राइस (₹) प्राइस में गिरावट (₹)  पुरानी ईएमआई (₹)  नई ईएमआई (₹)  ईएमआई ड्रॉप (₹) वैगन आर 748,228 684,426 63,802 12,281  11,234 1,047 बैलेनो  890,566 814,626  75,940 14,617 13,371  1,246 डिजायर 945,500 864,876 80,624  15,519 14,195 1,323 बोलेरो नियो 1,390,131  1,252,179  137,952  22,817 20,552 2,264 Brezza 1,156,229 1,116,359 39,870  18,977 18,323   654 क्रेटा 1,611,957 1,556,372   55,585  26,457  25,545  912 एक्सयूवी7ओओ 2,181,345 2,063,434 117,911 35,803 33,868  1,935 एक्टिवा 95,385  87,933   7,452  1,566    1,443  122 क्लासिक350   226,613 208,909 17,704  3,719  3,429  291 ऑटो सेक्‍टर्स में आएगी तेजी नोमुरा ने कहा है कि इससे सिर्फ वाहनों की कीमतों में ही कटौती नहीं होगी, बल्कि ऑटो सेक्‍टर्स को भी मजबूती मिलेगी. उम्‍मीद है कि अगर जीएसटी कटौती लागू हो जाती है तो इस साल डिमांड में 5 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. बड़ी कारों और SUV खरीदारों को सबसे ज्‍यादा लाभ हो सकता है, क्‍योंकि इस सेगमेंट में डिमांड खूब रही है. हालांकि, अल्ट्रा-लो एंट्री सेगमेंट में खरीदारों की बाढ़ आने की उम्मीद न करें, क्‍योंकि उपभोक्ता प्राथमिकताएं फीचर-पैक, स्टाइलिश वाहनों की ओर बढ़ गई हैं. 

दमोह के 3 गांवों ने आपसी सहमति से शराबबंदी का फैसला, तोड़ा तो जेब ढीली

दमोह   शराब को सामाजिक बुराई का दर्जा दिया गया है. दमोह में 3 गांव के लोगों ने मिलकर इस बुराई को दूर करने का फैसला किया है. ग्रामीणों ने आपसी सहमति से गांव में पूरी तरह से शराबबंदी का फैसला लिया है. इस फैसले को कड़ाई से लागू कराने के लिए इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि शराब की वजह से कई घर-परिवार बर्बाद हो गए. गांव में आए दिन शराब पीकर मारपीट की घटनाएं सामने आती हैं. इस पर लगाम लगाने के लिए ये फैसला लिया गया है. दमोह के 3 गांवों में शराबबंदी का निर्णय विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा दमोह में शराबबंदी के लिए मुहिम चलाई जा रही है. जिसमें भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयास अब रंग ला रहे हैं. संगठन के प्रयासों से 2 दिन के भीतर जिले के 3 ग्राम पंचायत आनू, हलगज और मुराड़ी में सर्वसम्मति से शराबबंदी का निर्णय लिया गया. इस मौके पर जनप्रतिनिधियों के अलावा स्थानीय थाने की पुलिस भी मौजूद थी. ग्रामीणों की सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय पंचायत में फैसला लिया गया कि तीनों गांवों में शराब, गांजा सहित सभी प्रकार के नशे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. जो भी व्यक्ति इस फैसले का उल्लंघन करेगा, जैसे शराब पीकर गांव में आएगा, गांव में शराब बेचेगा या किसी भी प्रकार का नशा करने या दूसरों को करने के लिए प्रेरित करेगा, उस पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. ग्रामीणों ने नारा लगाकर इस बुराई को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया. ग्रामीणों की सर्वसम्मति से लिया गया फैसला ग्राम पंचायत मुड़ारी के सरपंच प्रतिनिधि मुकेश सिंह ने बताया "हमारे गांव में जो गांजा, शराब और अन्य नशीले पदार्थ बिक रहे हैं उन्हें बंद करना है. इससे गांव में बहुत परेशानियां हो रही हैं. शराब पीकर लोग गाली गलौज भी करते हैं. जिसके बाद सभी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया और प्रस्ताव पारित किया है कि गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए." आनू की ग्राम सभा में पहुंचे बांदकपुर चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा में कहा कि "यह एक अच्छी पहल है. इस सामाजिक बुराई को दूर होना चाहिए. ग्रामीण और उनकी मुहिम में पुलिस का पूरा सहयोग है. पहले भी पुलिस ने सहयोग किया है अभी भी करेगी." शराब पीकर गाली गलौज करने पर 5 हजार का जुर्माना भगवती मानव कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश लोधी ने कहा कि "शराब ने घर परिवार में कोहराम मचा रखा है. जिस परिवार में बाप-बेटे शराब पीते हैं, वहां मारपीट होती है लड़ाई-झगड़े होते हैं. वहां का वातावरण खराब हो गया है. इससे जब लोग परेशान हो गए तो इसके लिए सभी जाति धर्म के लोगों ने निर्णय लिया कि शराब बंदी की जाए. इसके लिए शराब पीकर गाली-गलौज करने वालों पर 5000 और 11000 रुपए का जुर्माने का प्रावधान रखा गया है." मध्य प्रदेश के कई गांवों में लागू है शराबबंदी इससे पहले भी बीते महीने दमोह की हटा तहसील के बंधा गांव में ग्रामीणों ने आपसी सहमति से शराबबंदी का निर्णय लिया था. इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के कई गांव में इसी तरह शराबबंदी का फैसला लिया गया है. बुरहानपुर के चौंड़ी और जम्बूपानी गांव में शराब बैन है. जबलपुर की तिन्हेटा तहसील के 6 गांवों में शराबबंदी लागू है. निवाड़ी के किशोरपुरा गांव में शराब बैन है. इसके अलावा भी प्रदेश में ऐसे कई गांव हैं जहां ग्रामीणों ने आपसी सहमति से गांव में शराब पीने और बेचने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है.

तेल नहीं, अब चुंबक है नया सोना! भारत के पास मिला खजाना, चीन की दबदबे पर लगाम

नई दिल्ली रेयर अर्थ मिनरल्‍स की वजह से वर्ल्ड वॉर तक हो सकती है. इसके दम पर चीन ने पूरी दुनिया का टेटुआ दबा रखा है. जिससे रिलेशन खराब होता है, उसे रेयर अर्थ मिनरल्‍स नहीं देता है. इससे स्‍मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक कार तक की मैन्‍यूफैक्चरिंग प्रभावित होती है. भारत के साथ संबंध जब पटरी से उतरा तो चीन ने इस अमूल्‍य खजाने के एक्‍सपोर्ट को लिमिटेड कर दिया, जिसका असर साफ तौर पर देखा गया. रेयर अर्थ मिनरल्‍स पर फिलहाल चीन की मोनोपोली यानी एकाधिकार है. अमेरिका से लेकर भारत तक इसके लिए चीन पर निर्भर हैं. क्‍लाइमेट चेंज को देखते हुए फॉसिल फ्यूल्‍स (जैसे पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स और कोयला आदि) के दिन लदने वाले हैं. इलेक्‍ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स का बोलबाला बढ़ने वाला है, जिसकी तस्‍वीर दिखने भी लगी है. इलेक्ट्रिक कार के बढ़ते बाजार से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. इसके अलावा स्‍मार्टफोन आज लोगों के जीवन का अ‍हम हिस्‍सा बन चुके हैं. रेयर अर्थ मिनरल्‍स के बिना इनकी मैन्‍यूफैक्‍चरिंग संभव नहीं है और चीन का इसपर एकाधिकार है. लिहाजा, यह पूरी तरह से चीन पर निर्भर है कि किस देश में इस तरह की इंडस्‍ट्री फलेगी-फुलेगी. लेकिन, अब एक शुभ समाचार सामने आया है. रेयर अर्थ मिनरल्‍स के रिजर्व के मामले में भारत का तीसरा स्‍थान है और एक अनुमान के अनुसार देश में 70 लाख टन ऐसे म‍िनरल्‍स हैं अनुमान है कि चीन की जमीन में 4.4 करोड़ टन रेयर अर्थ मिनरल्‍स हैं. दूसरे नंबर पर कौन है? जी हां…दूसरे नंबर पर ब्रिक्‍स का ही एक और मेंबर कंट्री ब्राज़ील है. अनुमान है कि ब्राज़ील की जमीन में 2.1 करोड़ टन रेयर अर्थ दबे हैं यानी इस गेम में ब्राज़ील दुनिया का बड़ा खिलाड़ी बन सकता है, क्योंकि आने वाला टाइम तो इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ही दिख रहा है. पेट्रोल डीजल के जमाने लदने वाले हैं. सऊदी अरब से लेकर कतर वगैरह सब आगे की प्‍लानिंग कर रहे हैं, जब उनके तेल से कमाई के दिन खत्म होने वाले हैं. पहले देखते थे कि किस देश के पास कितना तेल का भंडार है. अब जमाना आएगा रेयर अर्थ के भंडार का. इस मामले में फिलहाल चीन बेताज बादशाह है. ब्राज़ील के पास दूसरा सबसे बड़ा भंडार है. आपको पता है कि इस मामले में तीसरे स्‍थान पर कौन है. अपना भारतवर्ष. देश में करीब 70 लाख टन रेयर अर्थ मिनरल्‍स होने का अनुमान है. भारत के लिए गेम चेंजर भारत में रेयल अर्थ मिनरल्‍स अभी भंडार ही हैं. जमीन में ही हैं. इसको निकालना, साफ़ करना, रिफ़ाइन करना, फिर उसके मैगनेट बनाने के लिए पूरा सिस्टम तैयार करना पड़ेगा. अच्‍छी बात यह है कि भारत अब इस काम में लग गया है. इसमें टाइम तो लगेगा. चीन कई साल से ऐसा कर रहा है और शुरू में तो कोई देश उतना सस्ता और उतनी क्षमता की रिफाइनिंग कर भी ना पाए, लेकिन लगे रहना पड़ेगा. एक सरकारी घोषणा आपने सुनी होगी. भारत नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन शुरू कर रहा है. ये उसी काम का मिशन है. इसमें कुछ साल लगेंगे. तब तक चीन से ही लेना होगा. अब चुंबक का आया जमाना! कैसे धरती में दबी ताकत से पूरी दुनिया का टेंटुआ दबा रहा चीन तेल के खेल से पूरी दुनिया अच्छी तरह वाक़िफ है. 70 के दशक में अरब देशों ने दिखा दिया था कि तेल पर कंट्रोल मतलब पूरी दुनिया पर दबाव. लेकिन अब ज़माना बदल गया है. खेल का नया खिलाड़ी है ‘रेयर अर्थ मिनरल‘ और नया सुपरपावर बन बैठा है चीन. रेयर अर्थ मिनरल्स आखिर हैं क्या? ये कोई जादुई चीज़ नहीं, बल्कि 17 धातुओं का एक समूह है. जैसे लोहा या तांबा होता है, वैसे ही ये भी खनिज हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि इन्हें जमीन से निकालना और रिफाइन करना बेहद मुश्किल और महंगा काम है. लंबे समय तक इनका कोई बड़ा इस्तेमाल नहीं था. लेकिन जैसे ही इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक गाड़ियों का जमाना आया, इनकी कीमत आसमान छूने लगी. असली ताकत चुंबक की इन रेयर अर्थ मिनरल्स से बनते हैं सुपर मैगनेट. ये छोटे से पुर्जे दिखने वाले मैगनेट आज पूरी टेक्नोलॉजी की रीढ़ हैं. – स्मार्टफोन में – इलेक्ट्रिक गाड़ियों में – टीवी स्क्रीन में – हवाई जहाज के इंजन में – बिजली के टर्बाइन में खासकर इलेक्ट्रिक कारें इन चुंबकों के बिना असंभव हैं. मतलब इलॉन मस्क की टेस्ला हो या कोई और कंपनी, अगर रेयर अर्थ मैगनेट न मिले तो उनका काम खत्म. चीन कैसे बना राजा? 30-40 साल पहले चीन ने दूरदर्शिता दिखाई. उसने देखा कि इलेक्ट्रॉनिक्स का जमाना आने वाला है. उसने बड़े पैमाने पर खदानें खोलीं, रिफाइनिंग प्लांट लगाए और चुंबक बनाने की फैक्ट्रियां खड़ी कर दीं. नतीजा ये हुआ कि आज दुनिया का 90% रेयर अर्थ रिफाइनिंग चीन में होती है और 60-70% खदानें भी वहीं हैं. इतना ही नहीं, चीन ने म्यांमार, अफ्रीका और पाकिस्तान के बलूचिस्तान तक में खदानों पर कब्जा कर लिया है. यानी सिर्फ अपने देश ही नहीं, दूसरे देशों की जमीन से भी रेयर अर्थ निकालकर अपने कंट्रोल में कर लिया. बाकी दुनिया क्यों फंसी? अमेरिका जैसे देश पहले खुद खनन करते थे. लेकिन चीन ने इतने सस्ते दाम पर चुंबक बेचना शुरू किया कि बाकी देशों ने खदानें बंद कर दीं. 2002 में अमेरिका ने अपना बड़ा प्लांट ही बंद कर दिया. सबको लगा चीन से खरीदना आसान है. लेकिन जब इलेक्ट्रिक कारों का दौर आया तो चीन ने सप्लाई रोककर सबका टेंटुआ दबा दिया. भारत और दुनिया की स्थिति आज चीन के पास अनुमानित 4.4 करोड़ टन रेयर अर्थ मिनरल का भंडार है. दूसरे नंबर पर ब्राज़ील है 2.1 करोड़ टन के साथ. तीसरे नंबर पर आता है भारत, जहां करीब 70 लाख टन का भंडार है. फर्क बस इतना है कि चीन 40 साल से इस धंधे में है और भारत अभी शुरुआत कर रहा है. भारत ने ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन’ लॉन्च किया है. लक्ष्य साफ है- अपने भंडार को निकालना, रिफाइन करना और खुद मैगनेट बनाना. लेकिन इसमें वक्त लगेगा. तब तक चीन से लेना ही मजबूरी है. आने वाला समय कैसा होगा? जैसे कभी तेल पर कंट्रोल रखने वाले अरब देश पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करते थे, वैसे ही … Read more

महिलाओं के लिए बड़ी खबर: सर्वाइकल कैंसर से बचाव को सरकारी अस्पतालों में जल्द मिलेगी HPV वैक्सीन

आगरा  उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की प्रो. डॉ. रुचिका गर्ग ने चौंकाने वाले आंकड़े बताये हैं. भारत में तेज़ी से फ़ैल रहा सर्वाइकल कैंसर बेहद जानलेवा साबित हो रहा है. पूरे विश्व की तुलना में भारत अकेला 25% तक इस बीमारी को झेल रहा है. सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक बीमारी है. सर्वाइकल कैंसर को  बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से भी जाना जाता है. सर्वाइकल कैंसर बच्चेदानी के निचले हिस्से गर्भाशय ग्रीवा में होता है. डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि यह सर्वाइकल कैंसर आम तौर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण की वजह से होता है, जो यौन संपर्क के दौरान फैलता है. उन्होंने यह भी बताया कि अब इससे बचाव के लिए बाजार में  वैक्सीन  उपलब्ध हो चुकी है. यह टिका महिलाओं को समय रहते लगवा लेना चाहिए. बच्चेदानी के बचाव के लिए इस टीके को लगवाना बहुत जरुरी हो गया है. सर्वाइकल कैंसर से हर 7 मिनट में 1 महिला की हो रही है मौत सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विभाग की प्रो. डॉ. रुचिका गर्ग ने चौकाने वाले आंकड़े बताये. उन्होंने कहा कि यह कैंसर इतना खतरनाक है कि प्रत्येक 7 मिनट के अंदर 1 महिला अपनी जान गंवा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि हर साल बच्चेदानी के मुंह का कैंसर ( सर्वाइकल कैंसर ) से लगभग 1 लाख से अधिक महिलाओं को मृत्यु हो रही है. डॉ. गर्ग ने कहा कि पूरे विश्व में सर्वाइकल कैंसर के केस में 25 प्रतिशत की भागीदारी भारत की महिलाओं की है. सर्वाइकल कैंसर को कोई भी महिला हल्के में ना लें. समय रहते इसका टिका लगवाने से इससे बचा जा सकता है. सर्वाइकल कैंसर आखिर महिलाओं में क्यों फ़ैल रहा है… डॉ. रुचिका गर्ग ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर (बच्चे दानी के मुँह का कैंसर) आम तौर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण की वजह से होता है, जो यौन संपर्क के दौरान फैलता है. डॉ ने यह भी बताया कि यौन संचारित संक्रमणों के संपर्क में आने की संभावना अधिक होना जैसे उदाहरण के तौर पर, कम उम्र में पहली बार यौन क्रिया करना, एक से अधिक यौन साथी के साथ संबध बनाना. डॉ. रुचिका ने कहा कि अत्यधिक मात्रा में मौखिक गर्भ निरोधकों जैसे जन्म नियंत्रण की दवाएं का सेवन करना भी एक मुख्य कारण है. सर्वाइकल कैंसर के बचाव… डॉ. रुचिका गर्ग बताती है कि यह केवल ऐसा कैंसर है जिसे वैक्सीन के माध्यम से खत्म किया जा सकता है.  उन्होंने यह भी कहा कि जितनी कम उम्र की बच्चियों को यह वैक्सीन लगावाया जाये उतना ही बेहतर यह काम करेगी. डॉ. रुचिका ने बताया कि इस वैक्सीन को लेकर जो गाइडलाइन बनी हुई उसके तहत जैसे 9 से 14 वर्ष तक की बच्चियों को यह टिका लगवाना चाहिए. यह उम्र इस टिके के लिए सबसे उत्तम मानी गई है. इसके अतिरिक्त 26 साल तक की महिला भी इस वैक्सीन को लगवा सकती है. डॉ. गर्ग ने कहा कि यदि 26 तक उम्र की महिलाएं इस टिके को नही लगवा पाईं हैं तो वह 45 साल तक की उम्र तक इसे लगवा सकती हैं. उन्होंने यह भी कहा की 26 से अधिक उम्र की महिलाएं टिका लगवाने से पहले अपनी डॉ. से सलाह लेकर ही इसको लगवा सकती है. सर्वाइकल कैंसर के लक्षण क्या हैं, कैसे इससे बचा जा सकता है… डॉ. रुचिका गर्ग ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण बेहद सामान्य है, जिस कारण शुरुआत में इसे आसानी से पहचाना नहीं जा सकता है. डॉ. रुचिका ने कहा कि कुछ कारणों से इसकी पहचान कि जा सकती है जैसे, सफ़ेद पानी आना, गंदा बदबूदार पानी आना, पति से संबध के बाद ब्लडिंग होना यह लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें. डॉ. ने बताया कि इसे जाँच के माध्यम से भी पहचाना जा सकता है. उन्होंने कहा कि पांच पांच साल के अंतराल में HPV टेस्ट करा सकते है. उन्होंने बताया किपपनिकोलाउ (Pap) परीक्षण से भी महिला अपना टेस्ट करवा सकती है. डॉ. रुचिका ने बताया कि यह टेस्ट एस एन मेडिकल कॉलेज में निशुल्क किया जा रहा है. जल्द सरकारी अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी सर्वाइकल वैक्सीन… डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि सर्वाइकल वैक्सीन अभी एसएन मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं है. सर्वाइकल वैक्सीन बाज़ारो में उपलब्ध है. डॉ. ने कहा कि इस वैक्सीन को सरकारी अस्पतालों में आने के लिए बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन सरकार जल्द सरकारी अस्पतालों में छोटी बच्चियों को लिए निशुल्क उपलब्ध करवा सकती है.