samacharsecretary.com

अब स्मार्ट पोर्टल बताएगा MP के किस जिले में कौन-सी बीमारी फैल रही है

 भोपाल  मध्य प्रदेश के जिला अस्पताल अब डिजिटल तकनीक से लैस हो रहे हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने स्मार्ट पोर्टल (स्टेट मानिटरिंग एंड असेसमेंट आन रियल टाइम पोर्टल) को नए स्वरूप में शुरू किया है। शुरुआत राजधानी के जेपी अस्पताल से हो चुकी है और आने वाले समय में सभी जिला अस्पताल इस प्लेटफार्म से जुड़ेंगे। स्मार्ट पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफार्म है, जिसमें मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट और दवाइयों की जानकारी दर्ज होगी। हर मरीज को यूनिक हेल्थ आईडी (यूएचआईडी) नंबर मिलेगा। इस नंबर के आधार पर डॉक्टर तुरंत मरीज की पिछली रिपोर्ट, बीमारियों और उपचार का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे मरीजों को हर बार पुराने पर्चे और कागज लाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग को मिलेगा जिलावार डेटा विशेषज्ञों के अनुसार, पोर्टल से जिलावार बीमारी का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। किस जिले में कौन-सी बीमारी तेजी से फैल रही है, इसका तुरंत पता लगाया जा सकेगा। कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक का विश्लेषण संभव होगा। इससे सरकार को स्वास्थ्य नीतियां बनाने और योजनाओं की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। पोर्टल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है। इसमें गैर-संचारी रोग (एनसीडी), नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम (एनओएचपी), नेशनल प्रोग्राम फार हेल्थ केयर आफ द एल्डरली (एनपीएचसीई), नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनआरसीपी) और नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम (एनएमएचपी) शामिल होंगे। अब इन योजनाओं से जुड़ी जांच, दवाइयों और परामर्श की जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज होगी। पारदर्शिता और सुविधा डिजिटल सिस्टम के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं न केवल पारदर्शी होंगी, बल्कि तेज भी होंगी। डॉक्टर और मरीज दोनों को इससे सुविधा होगी। मरीज का इलाज आसान होगा और अस्पताल प्रशासन के रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। प्रदेशभर में लागू किया जा रहा     पोर्टल पहले से संचालित था, लेकिन इसकी प्रापर मानिटरिंग नहीं हो पा रही थी। कुछ कमियां थीं, इसलिए अब इसे नए स्वरूप में लागू किया जा रहा है। मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं को एक ही प्लेटफार्म पर लाकर इसे 2025 से पूरे प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है। – सलोनी सिडाना, मिशन संचालक, एनएचएम, मप्र  

चौंकाने वाला आंकड़ा: पाकिस्तान में फैक्ट्रियों से अधिक मस्जिद-मदरसे दर्ज

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की इकॉनॉमिक सेंसस रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक देश में मस्जिदों और मदरसों की संख्या फैक्ट्रियों से कहीं ज्यादा है. पाकिस्तान में 6 लाख से ज्यादा मस्जिदें और 36 हजार से अधिक मदरसे मौजूद हैं, जबकि फैक्ट्रियों की संख्या केवल 23 हजार है. यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है जब नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज की दूसरी समीक्षा पर बातचीत कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में कुल 40 मिलियन स्थायी इकाइयों में से 7.2 मिलियन रोजगार संरचनाएं दर्ज की गई हैं, जहां 2023 तक 25.4 मिलियन लोग काम कर रहे थे. इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा सर्विस सेक्टर का है, जिसमें 45% यानी 11.3 मिलियन लोग काम करते हैं. इसके बाद 30% यानी 7.6 मिलियन लोग सोशल सेक्टर में और सिर्फ 22% लोग प्रोडक्शन सेक्टर में कार्यरत हैं. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह आंकड़े इस मिथक को तोड़ते हैं कि इंडस्ट्री ही देश का मुख्य जॉब-क्रिएटिंग सेक्टर है, जबकि असल में सर्विस सेक्टर दुगुना रोजगार देता है. 6.04 लाख मस्जिदें और 36,331 मदरसे रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तान में कुल 7.2 मिलियन दर्ज प्रतिष्ठानों में 2.7 मिलियन रिटेल शॉप्स, 1.88 लाख होलसेल शॉप्स, 2.56 लाख होटल और 1.19 लाख हॉस्पिटल शामिल हैं. एजुकेशन सेक्टर में 2.42 लाख स्कूल, 11,568 कॉलेज, 214 यूनिवर्सिटी, 6.04 लाख मस्जिदें और 36,331 मदरसे दर्ज किए गए. इनमें से ज्यादातर स्कूल सरकारी हैं, जबकि कॉलेजों में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी थोड़ी ज्यादा है. राज्यवार आंकड़े पंजाब में सबसे ज्यादा 58% प्रतिष्ठान हैं. इसके बाद सिंध (20%), खैबर पख्तूनख्वा (15%) और बलूचिस्तान (6%) का स्थान है. इस्लामाबाद कैपिटल रीजन की हिस्सेदारी सबसे कम यानी 1% है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के ज्यादातर बिज़नेस छोटे स्तर के हैं. लगभग 7.1 मिलियन इकॉनॉमिक स्ट्रक्चर्स 1 से 50 लोगों को रोजगार देते हैं. 51 से 250 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान केवल 35,351 हैं और 250 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाले यूनिट्स सिर्फ 7,086 हैं. रिपोर्ट पेश करते हुए योजना मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि "विश्वसनीय डेटा टिकाऊ विकास की रीढ़ है, क्योंकि यह एविडेंस-बेस्ड प्लानिंग और बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है."

मध्यप्रदेश में पराली प्रबंधन की नई पहल, किसानों को धान और गेहूं के अवशेष से होगा फायदा

ग्वालियर  ग्वालियर चंबल अंचल में हुई रिकार्ड वर्षा के बीच धान का रकबा लक्ष्य से अधिक बढ़ गया है। इसके साथ ही पराली की समस्या भी डराने लगी है, क्योंकि पिछले साल देश में सबसे अधिक पराली अंचल के श्योपुर और दतिया में जलाई गई थी। बहरहाल, कृषि विभाग ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। कृषि विभाग ने किसानों को पराली का प्रबंधन सिखाने की योजना बनाई है। योजना कारगर साबित हुई तो किसानों को दोहरा फायदा होगा। यानी पराली की समस्या का समाधान होगा और बुवाई के लिए खेत की बार-बार जुताई से मुक्ति मिलेगी। एक बार में ही खेत की पराली समस्या का हल और बीज की बुवाई भी हो जाएगी। यह काम हैप्पी सीडर मशीन से होगा। कृषि विभाग फिलहाल जिले के 250 किसानों को 250 हेक्टेयर जमीन पर हैप्पी सीडर से पराली प्रबंधन व जुताई का तरीका सिखाएगा। क्या है हैप्पी सीडर मशीन, कैसे होगा पराली की समस्या का हल हैप्पी सीडर एक आधुनिक कृषि मशीन है, जो खासतौर पर पराली (फसल कटने के बाद बचा हुआ डंठल और पुआल) जलाने की समस्या का समाधान करेगी। हैप्पी सीडर को ट्रैक्टर से जोड़ा जाता है। यह पहले खेत में पड़ी हुई पराली को काटकर साइड में फैला देती है। उसी समय मशीन जमीन में गेहूं या अन्य रबी की फसल का बीज बो देती है। इस तरह बिना पराली जलाए सीधे उसी खेत में अगली फसल की बुआई हो जाती है। क्या है कृषि विभाग की पूरी योजना     स्थानीय कृषि विभाग धान की पैदावार करने वाले अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे 250 किसानों को चिह्नित कर रहा है, जिनके पास कम से कम एक हेक्टेयर जमीन हो। धान की फसल होने के बाद इन किसानों के खेतों में हैप्पी सीडर से सीधे पराली को काटकर, खेत जोतकर गेहूं की बुवाई कराई जाएगी।     हैप्पी सीडर मशीन की कीमत 1.5 लाख से 3 लाख रुपये के बीच है। इस पर सरकार 50 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी दे रही है। यदि कोई समूह या समिति इसे खरीदता है, तो सब्सिडी और बढ़ जाती है। कृषि विभाग गांव के उन किसानों को हैप्पी सीडर मशीन खरीदने के लिए प्रेरित कर रही है, जिनके पास ट्रैक्टर हैं। ऐसे होगा किसानों को दोहरा फायदा     कृषि विभाग के सहायक संचालक नरेश मीणा बताते हैं कि धान की कटाई के बाद पराली को जलाने या नष्ट करने के लिए खेत को तैयार किया जाता है। इस तरह बुआई से पहले किसानों को दो से तीन बार जुताई करना होती है। हैप्पी सीडर मशीन पराली की कटाई करेगी और साथ ही गहरी जुताई भी कर देगी। इस तरह किसानों का श्रम और खर्च बचेगा। इसका उपयोग गेहूं की कटाई के बाद नरवाई के प्रबंधन में भी किया जा सकता है।     हैप्पी सीडर से काटकर खेत की मिट्टी में मिलाई गई पराली एक से डेढ़ महीने में जैविक खाद में बदल जाएगी। इससे किसानों को खेतों में खाद भी कम देना होगा। धान का रकबा बढ़ गया     ग्वालियर ही नहीं, श्योपुर आदि जिलों में अच्छी वर्षा की वजह से अन्य फसलों की बुवाई नहीं हो पाई, केवल धान की बुवाई हुई है। इस बार धान का रकबा करीब 15 हजार हेक्टेयर बढ़ गया है। धान की कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या खड़ी होगी। इसलिए किसानों को हैप्पी सीडर मशीन से पराली का प्रबंधन व सीधे गेहूं की बुआई का प्रबंधन सिखाया जाएगा। – आरबीएस जाटव, उप संचालक, कृषि व किसान कल्याण विभाग, ग्वालियर  

जान की परवाह किए बिना ड्यूटी निभाई, हिमाचल की नर्स ने दिखाई बहादुरी

शिमला  हिमाचल प्रदेश में बरसात कहर बरपा रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में पुल और सड़कें बह चुकी हैं और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इसी बीच मंडी जिला की चौहारघाटी से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सबको हैरान कर दिया। वीडियो में स्टाफ नर्स कमला उफनते नाले को पत्थरों पर छलांग लगाकर पार करती नजर आ रही हैं। ड्यूटी पर पहुंचने के लिए जान जोखिम में डाली मंडी जिला की चौहारघाटी की सुधार पंचायत में तैनात स्टाफ नर्स कमला टिक्कर गांव की रहने वाली हैं। कमला ने बताया कि उन्हें रोजाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुधार में ड्यूटी देनी होती है। लेकिन भारी बारिश से क्षेत्र के छह फुट ब्रिज बह चुके हैं, जिससे रोजाना ड्यूटी पर पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में कमला ने जान की परवाह किए बिना उफनते गढ़ नाले को छलांग लगाकर पार किया और समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गईं। उन्हें ड्यूटी के लिए रोजाना करीब चार किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है। लेकिन जान की परवाह किए बगैर उन्होंने उफनते नाले को कूदकर पार किया। तब जाकर वह समय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ड्यूटी के लिए पहुंच पाई। हाल ही में भारी बारिश से चौहारघाटी की सिल्हबुधानी और तरस्वाण पंचायतों में भारी नुकसान हुआ है। यहां कई सड़कें और पुल बह गए हैं। मजबूरी में लोगों को नाले और खड्ड पैदल ही पार करने पड़ रहे हैं। यही कारण है कि नौकरीपेशा लोग भी रोजाना खतरों का सामना करने को मजबूर हैं। बारिश से मंडी में भारी तबाही इस मानसून सीजन में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। यहां बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बीते 30 जून की रात को ही करीब 12 जगह बादल फटने की घटनाएं हुई थीं। हाल ही में सराज क्षेत्र में भी एक महिला और पुरुष नाले को पार करते समय बह गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। प्रदेशभर में बंद पड़ी 338 सड़कें राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार को प्रदेशभर में 338 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से बंद हैं। इनमें मंडी जिला में 162, कुल्लू में 105 और कांगड़ा में 21 सड़कें शामिल हैं। कुल्लू जिले का नेशनल हाईवे 305 भी कई जगह बंद पड़ा है। इसके अलावा 172 बिजली ट्रांसफार्मर और 133 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। मानसून सीजन में अब तक 295 मौतें प्रदेश में 20 जून से शुरू हुए मानसून सीजन ने गहरे जख्म दिए हैं। अब तक 295 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें मंडी में 48, कांगड़ा में 47, चंबा में 35 और शिमला में 27 लोग शामिल हैं। इसके अलावा 37 लोग अभी भी लापता हैं और 350 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। 2,976 मकान क्षतिग्रस्त, 391 दुकानें गिरीं आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अब तक 2,976 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें 658 पूरी तरह ढह गए हैं। 391 दुकानें और 2,685 पशुशालाएं भी नष्ट हो चुकी हैं। 1,821 पालतू पशु और 25,755 पोल्ट्री पक्षी मारे गए हैं। प्रदेश को अब तक 2,326 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 1,306 करोड़ और जलशक्ति विभाग को 753 करोड़ का नुकसान हुआ है। 26 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 23 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 24 से 26 अगस्त तक भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट रहेगा। बीते 24 घंटों में सोलन के नालागढ़ और हमीरपुर के नादौन में 60-60 मिमी, जोगिंद्रनगर में 50 मिमी और जतौन बेरेज में 40 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में मिले 56,414 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

कॉन्क्लेव में हुए 3 एमओयू प्रदेश के लिये होंगे महत्वपूर्ण माइनिंग से है कटनी की पहचान विकास में किसान और जवान की तरह उद्योगपति का भी है योगदान हमारी संस्कृति शोषण की नहीं दोहन की है, जिओ और जीने दो प्रदेश में हैं उद्योग हितैषी नीतियां, उद्योग अनुरूप वातावरण उद्योगपति निवेश का बड़े से बड़ा सपना देखें, मध्यप्रदेश सरकार है उनके साथ प्रदेश में मेजर और माइनर मिनरल्स के साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स भी क्षेत्रवार इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के बाद अब हो रही है सेक्टरवाइज कॉन्क्लेव प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को बनाएंगे नंबर वन राज्य मानवता से जीने का नाम ही है राम राज्य भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनिज संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश कभी किसी से पीछे नहीं रहा है। अब नई परिस्थितियों और संभावनाओं के अनुरूप हम मध्यप्रदेश को देश के माइनिंग स्टेट के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का यही सही समय है। आप मध्यप्रदेश में अपना उद्योग लगाईए, बड़े सपने देखिए, इन्हें पूरा करने में हम आपकी हर संभव मदद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से अपील की कि दिल खोलकर मध्यप्रदेश में बेहिचक निवेश कीजिए, हम आपको निराश नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कटनी में आज हुई कॉन्क्लेव में मिले निवेश प्रस्ताव यह दर्शाते है कि देश के विभिन्न अंचलों के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी में आयोजित मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 में खनन क्षेत्र के उद्योगपतियों और खनन उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में खनिजों की खोज और खनन क्षेत्र में नई संभावनाओं को एक्सप्लोर करने की दिशा में यह आयोजन बहुत सफल रहा है। कटनी कॉन्क्लेव से सरकार को आठ माइनिंग कम्पनियों द्वारा 56 हजार 414 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ये निवेश प्रस्ताव हमें और बेहतर करने की नई ऊर्जा देकर उत्साहित भी करते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज, प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया। शासन ने खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ भी एमओयू किया। इसी तरह खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए राज्य शासन ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन किए गए हैं। यह एमओयू मध्यप्रदेश के खनिज क्षेत्र को ऊँचाइयां प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारे धर्म में तांबे का महत्व सोने-चांदी से अधिक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एक विजनरी लीडर हैं। उन्होंने हर वर्ग की जरूरतों को पूरा करते हुए गुजरात में विकास का जो मॉडल खड़ा किया, आज हम सभी उससे परिचित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गो माता हमें दूध उपलब्ध कराती है और बच्चे को भी पिलाती है। भारतीय संस्कृति की धारा दोहन की है, शोषण की नहीं। दुनिया के बड़े-बड़े देश अपना माल खपाने के लिए चालाकी का रास्ता अपना रहे हैं। आज हमारे उद्योगपति आगे बढ़ रहे हैं। उद्योगपति अपने साथ दूसरों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। आइए मध्यप्रदेश से जुड़िए, यहां पर्याप्त लैंड बैंक, बिजली, पानी है। प्रदेश में शीघ्र ही एयर कार्गो की सुविधा भी मिलेगी और दो मेट्रोपोलिटन सिटी भी बनने जा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कटनी में खनिज का भंडार है। अब तो क्रिटिकल मिनरल्स भी मिल रहे हैं। पन्ना में हीरे मिलते हैं तो कटनी में भी सोना मिल सकता है। राज्य सरकार ने सभी सेक्टर्स के विकास के लिए पारदर्शी नीतियां लागू की हैं। पहले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कीं, अब सेक्टर आधारित कॉन्क्लेव कर रहे हैं। आगामी 27 अगस्त को उज्जैन में स्प्रिरीचुअल कॉन्क्लेव हो रही है और ग्वालियर में भी 31 अगस्त को टूरिज्म कॉन्क्लेव होगी। राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। जब भारत 2047 तक विकसित देश बनेगा तो प्रदेश की परिस्थितियां भी  बदल जाएगी। राज्य सरकार ने युवाओं के प्रशिक्षण के लिये कई योजनाएं बनाई हैं। कटनी को 25 अगस्त को बड़ी सौगात मिलने वाली है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल शुरू किए जा रहे हैं। राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज खोलने पर 1 रुपए में 25 एकड़ जमीन देगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष 25 अगस्त को 4 मेडिकल कॉलेजों के लिए एमओयू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग के लिए 29 तरह की अनुमतियों को कम करके मात्र 10 कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने श्रम कानून में बदलाव करते हुए महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी है। प्रदेश सरकार की नीतियों से आज दूसरे राज्य भी सीख ले रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का नंबर-1 राज्य बने, इसके लिए तेज गति से कार्य हो रहे हैं।  इनके बीच हुए एमओयू कॉन्क्लेव में राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज , प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया। डॉ. चंद्र शेखर सिंह एचओडी क्रिटिकल मिलरल्स, श्री बिरांची दास डायरेक्टर एचआरएसएसईएल, श्री फ्रैंक नोबेल ए डायरेक्टर एंड जीडीएम एमपी स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन और प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने एमओयू का आदान-प्रदान किया। यह समझौता दुनिया की सबसे बड़ी खनन कंपनी और राज्य खनन अन्वेषण एजेंसियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां देगा। खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ और खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन हुआ। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उघोगपतियों से किया वर्चुअल संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में श्री राजीव मुंद्रा (कोलकाता) , श्री जेपी अग्रवाल (श्रीलंका), श्री विवेक भाटिया (दिल्ली), श्री वी.साईंराम (कोचीन), श्री थॉमस चेरियन (हैदराबाद) से उनकी निवेश योजनाओं एवं अनुभव को लेकर वर्चुअल संवाद किया। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि … Read more

280 कांग्रेस नेताओं ने थामा भाजपा का दामन, रायसेन में राजनीतिक समीकरण बदले

भोपाल भाजपा की रीति नीति से प्रभावित होकर शनिवार को रायसेन जिले के 280 कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के समक्ष भाजपा प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। रायसेन जिले के उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के बरेली ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश उपाध्याय, जिला यूथ कांग्रेस महामंत्री आदित्य स्थापक, सेक्टर अध्यक्ष राजेश पचौरी, माखन धाकड़, अशोक घनघोरिया, सुरेश धामले (सेवानिवृत्त डीएसपी), रामकिशोर राजोरिया, नवनीत भार्गव (वकील) सहित 280 से अधिक कांग्रेस कार्यकताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।   सभी को पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर मिस्ड काल के माध्यम से पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। बरेली ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रहे उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की पूछ-परख नहीं होती। कांग्रेस में फील्ड नहीं, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वालों का होता है सम्मान     इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हम सब मिलकर भाजपा परिवार के साथ-साथ देश को बढ़ाने का कार्य करेंगे। भाजपा में कोई कार्यकर्ता छोटा-बड़ा नहीं होता।     सबको सम्मान मिलता है। छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिल जाती है और वो उसे ईमानदारी से निभाता है।     आप सभी ने दिल से कांग्रेस का कार्य किया होगा, लेकिन कांग्रेस में जमीनी कार्यकर्ताओं का मूल्यांकन नहीं होता।     वहां पर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वालों का मूल्यांकन होता है और फील्ड में काम करने वालों को नजरअंदाज किया जाता है।     इसलिए कांग्रेस का परिवार रोज घट रहा है और भाजपा का परिवार बढ़ रहा है।

टैरिफ तनाव और डाक सेवा रोक के बीच भारत की रणनीति

वाशिंगटन  अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगने के बाद नियमों में बदलाव भी हो रहा है. अब भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. भारत 25 अगस्‍त से अमेरिका के लिए ज्‍यादातर डाक सर्विस को बंद कर देगा. यह कदम अमेरिकी सरकार की ओर से 30 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश के बाद आया है, जिसमें 800 अमेरिकी डॉलर तक के आयातित सामानों पर टैरिफ छूट वापस ले ली गई है.  अमेरिकी सरकार के नियम के तहत 29 अगस्त से, अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी सामान इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमी पॉवर एक्‍ट (IEEPA) टैरिफ इंफ्रा के तहत सीमा शुल्क को आकर्षित करेंगे. हालांकि 100 अमेरिकी डॉलर तक की वस्‍तुएं टैरिफ छूट के तहत रहेंगी.    अमेरिकी आदेश के अनुसार, इंटरनेशनल डाक नेटवर्क के माध्‍यम से माल पहुंचाने वाले एयलाइंस या अमेरिकी सीमा शुल्‍क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) की ओर से अप्रूव अन्‍य पार्टी को भी डाक शिपमेंट पर टैरिफ वसूलने और उसका पेमेंट करना आवश्‍यक है. इस संबंध में CBP ने 15 अगस्‍त को एक दिशानिर्देश भी जारी किया है, लेकिन अभी टैक्‍स कलेक्‍शन और उसे भेजने की व्‍यवस्‍था जैसी कई चीजें अभी तय नहीं हुई हैं.  क्‍यों भारत ने रोकी डाक सर्विस जिस कारण अमेरिका जाने वाली एयरलाइंस ने परिचालन और तकनीकी तैयारी की कमी का हवाला देते हुए 25 अगस्त, 2025 के बाद डाक खेप स्वीकार करने में असमर्थता व्यक्त की है. इन सभी वजहों को ध्‍यान में रखते हुए डा‍क विभाग ने 25 अगस्‍त से अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक वस्‍तुओं की बुकिंग अस्‍थायी तौर से रोकने का फैसला किया है. लेकिन अभी 100 अमेरिकी डॉलर तक के डाक भेजे जा सकते हैं.  स्‍पष्‍टीकरण के बाद ही फिर शुरू होगी सर्विस  पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सीबीपी और यूएसपीएस से आगे स्पष्टीकरण मिलने के बाद, इन छूट प्राप्त श्रेणियों को अमेरिका में स्वीकार और भेजा जाता रहेगा. वहीं डाक विभाग सभी हितधारकों के साथ समन्वय में उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जल्द से जल्द सेवाओं को सामान्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. 

भीषण सड़क दुर्घटना से कोहराम: टेंपो के परखच्चे उड़ने से 5 लोगों की गई जान

पीलीभीत पीलीभीत जिले के जहानानाबाद क्षेत्र में शनिवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हुआ। कार और टेंपो की टक्कर से टेंपो में सवार मासूम समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जहानाबाद सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने घायलों का उपचार शुरू किया। हादसा जहानाबाद क्षेत्र के बिसेन गांव के पास हरिद्वार नेशनल हाईवे पर हुआ। राहगीरों के अनुसार टेंपो पीलीभीत की ओर से आ रहा था। टेंपों में करीब 10 लोग सवार थे। इस दौरान अमरिया की ओर से आई कार से टेंपो की आमने-सामने की भिंड़त हो गई। जोरदार टक्कर में टेंपो क्षतिगस्त होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। चीख पुकार के बीच मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। चालक कार छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर जहानाबाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को जहानाबाद सीएचसी ले जाया गया। जहां मासूम समेत पांच लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल पांच अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचायतनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी। हादसे में इनकी हुई मौत हादसे में नगर पंचायत नौगवां पकड़िया निवासी राजदा (45 वर्ष) पत्नी अल्ताफ, उनकी दो वर्षीय नातिन हमजा पुत्री सुल्तान, जानिसार पुत्र जागीर शाह निवासी पश्चिम बंगाल, टेंपो चालक विजय (30 वर्ष) पुत्र लीलाधर निवासी खमड़िया दलेलगंज और फरीदा की मौत हुई है। घायलों में मृतक मासूम की मां मुस्कान, फरजंद अली, सहरीना व फैजुल आदि शामिल हैं। इनका उपचार चल रहा है। अस्पताल पहुंचे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पांच लोगों की मौत हुई है। बाकी लोग घायल हैं। उनका उपचार चल रहा है। एक गंभीर घायल को बरेली रेफर किया गया है। 

इंद्रेश कुमार का कांग्रेस पर हमला: देश को तोड़ा, बचा भारत स्वतंत्रता के नाम पर सौंपा

नई दिल्ली आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि "संघ जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं." इंद्रेश कुमार के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में भारत के विकास में आरएसएस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संघ के कार्यों की सराहना करना, उनके मुताबिक, एक बड़ा संकेत है. आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व ने स्वतंत्रता के लिए कुछ नहीं किया, वे उनके पूर्वज थे. जैसे हमारे पूर्वजों ने भी स्वतंत्रता संग्राम लड़ा. सच यह है कि कांग्रेस ने देश का बंटवारा किया और जो बचा, उसे स्वतंत्र घोषित किया गया." इंद्रेश कुमार ने हिमालय की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हिमालय केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पोषण करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कभी चीन, कभी पाकिस्तान और कभी पश्चिमी ताकतें हिमालय के सांस्कृतिक संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करती हैं.  बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा, दलाई लामा वापस जाएंगे! आरएसएस नेता ने कहा, "हिमालय परिवार इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि हिमालय की सुरक्षा हो, वह भारत को सुरक्षा का आश्वासन दे और चीन के अतिक्रमण से मुक्त हो. हमारा लक्ष्य है कि कैलाश मानसरोवर को चीन के कब्जे से मुक्त कराएं." इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा और दलाई लामा वहां वापस लौटेंगे. साथ ही, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर उत्तर-पूर्व को संकट में न डाले. ऑपरेशन सिंदूर और भारत की स्थिति इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान और चीन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान, अमेरिका और चीन को सबक सिखाया. उन्होंने कहा, "भारत ने पाकिस्तान में बने चीनी एयरबेस तबाह कर दिए, जिन्हें भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था. चीन कुछ नहीं कर पाया. पाकिस्तान को मिले तुर्की के ड्रोन्स भी नष्ट कर दिए गए." आरएसएस नेता ने दोहराया कि भारत ने केवल आतंकी और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, नागरिकों को नहीं. साथ ही, उन्होंने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी कोई मध्यस्थ था, न है, न होगा. उन्होंने कहा, "पीओके वापस लेना ही बाकी है और हम इसे भी पूरा करेंगे. आज भारत अमेरिका, चीन, रूस और यूरोप के बराबर खड़ा है. भारत दुनिया से संघर्ष खत्म करेगा और शांति और सद्भावना लाएगा."  

जापान दौरे पर CM साय: डीप स्पेस मिशन से सीखे अनुभव, अंतरिक्ष क्लस्टर परियोजना को मिलेगी मजबूती

  रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जापान दौरे का आज दूसरा दिन है. उन्होंने राजधानी टोक्यो में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर आयोजित  ‘डीप स्पेस – टू द मून एंड बियॉन्ड’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष नवाचारों का यह समृद्ध अनुभव, राजनांदगांव में भारत सरकार के सहयोग से स्थापित होने वाले अंतरिक्ष निर्माण क्लस्टर को सशक्त दिशा प्रदान करेगा. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है. टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा. इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे. दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे. वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है. इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे. यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है. मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं.